Mumbai Building Collapse: मुंबई में एक निर्माणधीन इमारत का हिस्सा गिरने से तीन मजदूरौं की मौत और के ई घायल हो गए है।
इस्माइल शेख मुंबई- मालनपुर के निर्माणाधीन 23 मंजिल की एक इमारत का हिस्सा गिरने पर तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि इस घटना में तीन अन्य मजदूर घायल हो गए। यह हादसा मुंबई के एक बड़े बिल्डर की साइट पर हुआ। (Mumbai Building Collapse)
मुंबई में एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ। एक निर्माणधीन बिल्डिंग के गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य जख्मी हुए हैं। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (Mumbai Building Collapse)
क्या है जानकारी?
मुंबई में यह हादसा नवजीवन बिल्डिंग, हाजीबापु रोड, गोविंद नगर मालाड पूर्व के न्यू लाइफ एसआरए प्रोजेक्ट साइट पर हुआ है। सूचना पर फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मजदूरों को रेस्क्यू किया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा 20 मंजिल पर हुआ। जिस इमारत का हिस्सा गिरा वह कुल 23 मंजिल की है। जानकारी के मुताबिक घायलों का इलाज मालाड के एम डब्लु देसाई अस्पताल में चल रहा है। (Mumbai Building Collapse)
महाराष्ट्र सरकार एक कुटिल साजिश के तहत धारावी प्रकल्प के साथ सरकारी नमक की जमीन भी सौंप दे रही है। इसके खिलाफ मुंबई कांग्रेस प्रमुख एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने आवाज उठाई। (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)
इस्माईल शेख मुंबई– कांग्रेस सांसद एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने बुधवार को महाराष्ट्र सरकार पर धारावी झुग्गी-बस्ती के पुनर्विकास की आड़ में मुंबई महानगर क्षेत्र में पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील 1,500 एकड़ नमक की जमीन अदाणी समूह को सौंपने की ‘कुटिल साजिश’ रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई के लोगों की जमीन हड़पने के लिए इस व्यापारिक समूह का इस्तेमाल किया जा रहा है। (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)
धारावी प्रोजेक्ट ..
धारावी पुनर्विकास प्रोजेक्ट आवासीय एवं कमर्शियल इकाइयों के निर्माण के लिए अदाणी समूह और राज्य सरकार के बीच एक पार्टनरशिप है। पूर्व शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने कांजुरमार्ग क्षेत्र का दौरा करने और अधिकारियों के साथ चर्चा करने के बाद आरोप लगाते हुए कहा, ‘राज्य सरकार ने धारावी पुनर्विकास परियोजना की आड़ में एमएमआरडीए में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील 1,500 एकड़ नमक की जमीन अदाणी समूह को सौंपने की एक कुटिल साजिश रची है।’ (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)
ग्लोबल वार्मिंग का खतरा ..
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि ”भ्रष्ट” सरकार व्यापारिक घराने को लाभ पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने इसके साथ ही गरीब झोपड़ा धारकों के हितों पर आवाज बुलंद करते हुए पात्रता मानदंड की परवाह किए बिना धारावी झुग्गी-बस्ती के सभी निवासियों के पुनर्वास की मांग की है। उन्होंने कहा, ‘मुंबई का भविष्य बिक्री के लिए नहीं है। नमक वाली भूमि के पुनर्ग्रहण से संभावित रूप से बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो सकता है।’ (Maharashtra government’s devious conspiracy gave salt land to Adani)
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धारावी पुनर्वसन प्रकल्प और अदानी समुह
Mumbai Dharavi Redevelopment Project Adani News
धारावी पुनर्विकास प्रकल्प
धारावी पुनर्विकास परियोजना
धारावी पुनर्विकास
धारावी पुनर्वसन प्रकल्प
धरणग्रस्त पुनर्वसन कायदा
पुनर्वसन अधिनियम 1976
महाराष्ट्र प्रकल्पबाधित व्यक्तींचे पुनर्वसन अधिनियम 1999
इस्माईल शेख मुंबई– राज्य में सिर्फ 9 महिनों के भीतर भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज मुकदमे, यहां के सरकारी महकमों के काली कमाई का खुलासा कर रहा है। महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Maharashtra Anti Corruption Bureau) से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक पता चला है कि ज्यादातर रिश्वतखोरी के मामले राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों से संबंधित हैं, इसके बाद पुलिस, पंचायत समिति और जिला परिषद के अधिकारी शामिल हैं। इस साल जनवरी से अगस्त के बीच राज्य में भ्रष्टाचार के 499 मामले दर्ज किए गए हैं। जिनमें 472 रिश्वतखोरी, 22 आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार से जुड़े पांच अन्य मामले शामिल हैं। (Maharashtra 499 cases of corruption registered in the state between January and August)
महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Anti Corruption Bureau) ने खुलासा करते हुए बताया कि रिश्वतखोरी के मामलों में शामिल ज्यादातर 345 अधिकारी तृतीय श्रेणी के सरकारी अधिकारी हैं। इसके बाद 71 द्वितीय श्रेणी के अधिकारी, 46 प्रथम श्रेणी के अधिकारी और 28 चतुर्थ श्रेणी के अधिकारी हैं। 186 रिश्वतखोरी के मामलों में शामिल रिश्वत की रकम 1.49 करोड़ रुपये है। रिश्वत की सबसे अधिक 41.24 लाख रुपये की राशि पुलिस के अधिकारियों से संबंधित है। उसके बाद राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग 21.13 लाख रुपये, जिला परिषद 14.57 लाख रुपये और पंचायत समिति 9.6 लाख रुपये का जब्त किए गए है। (Maharashtra 499 cases of corruption registered in the state between January and August)
नशे में धुत पैसेंजर ड्राइवर से भिड़ गया। जिसके चलते उसने कई लोगों की जान जोखिम में डाल दी। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
इस्माईल शेख मुंबई– BEST (बेस्ट) बस हादसे में कुल 9 लोगों के घायल होने की खबर है। रविवार 1 सितंबर की शाम मुंबई के लालबाग इलाके से गुजर रही एक पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस में सवार यात्री नशे की हालात में ड्राइवर से झगड़ने लगा। ये यात्री नशे में इतना धुत था कि लड़ाई के दौरान उसने बस की स्टीयरिंग को पकड़ लिया, जिसके बाद बस का बैलेंस बिगड़ गया और उसकी चपेट में मोटरसाइकिल और कार के साथ कुछ पैदल यात्री भी आ गए। घटना में 9 लोग घायल हुए है। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
पुलिस ने क्या कहा?
खबर के मुताबिक कालाचौकी पुलिस थाने के अधिकारी ने बताया कि घटना के वक्त बस रूट 66 से होते हुए मुंबई के सायन में रानी लक्ष्मीबाई चौक की ओर जा रही थी। ये बस बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) की एक इलेक्ट्रिक बस थी। शार्ट में कहे तो ‘BSET’ की. BEST, मुंबई की नगर पालिका (BMC) का ही एक भाग है जो शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए सिटी बसें चलाता है। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
क्या है मामला?
रविवार शाम इसी बस में एक यात्री बस ड्राइवर से किसी बात को लेकर बहस करने लगा। यात्री नशे में धुत था। आनन-फानन में उसने बस के स्टीयरिंग को पकड़ लिया। इससे ड्राइवर का बस से नियंत्रण छूट गया। जिसकी वजह से बस से 2 मोटरसाइकिल और एक कार की टक्कर हो गई। इसके अलावा बस की टक्कर से कुछे पैदल भी घायल हो गए। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
3 गंभीर रूप से घायल ..
घटना में कुल 9 लोग घायल हुए जिसमें से 3 की हालत गंभीर है। पुलिस ने बताया, कि सभी घायलों को अलग अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुंबई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की जांच की जा रही है। इसके अलावा कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र में एक और बस की घटना सामने आई थी। खबर के मुताबिक बीते 16 जुलाई के दिन मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे में एक बस और ट्रैक्टर की टक्कर हुई, जिसमें 5 तीर्थ यात्रियो ने अपनी जान गंवाई थी। (Drunken passenger and bus driver fight, 9 injured)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका पिछले एक साल से उन किलों को पुनर्जीवित करने के लिए काम कर रही है जो कभी मुंबई की विशेषता हुआ करती थी। इनमें वर्ली और माहिम किले भी शामिल हैं। मुंबई शहर के संरक्षक मंत्री दीपक केसरकर का विशेष ध्यान .. (9 kilometer corridor and boat ferry between Mahim Fort and Worli Fort)
इस्माईलशेख मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) माहिम और वर्ली किला को पुनरुद्धार के साथ-साथ पर्यटन के लिए भी विकसित कर रही है। मनपा (BMC) के एक अधिकारी ने कहा कि माहिम किला वर्ली किले से जोड़ा जा रहा है। यहां लगभग 9 किलोमीटर लंबाई का एक किला गलियारा बनाने की योजना है। इसके साथ ही योजना के तहत दोनों किलों के बीच नाव फेरी की भी शुरूआत की जाने वाली है। अधिकारी ने यह भी कहा, कि माहिम के फिशरमैन कॉलोनी से वर्ली किले तक और मंत्रालय से बधवार पार्क तक दो जगहों पर वॉक वे बनाने की योजना अंतिम चरण पर हैं। (9 kilometer corridor and boat ferry between Mahim Fort and Worli Fort)
अधिकारी ने कहा, वर्ली और माहिम किले के बीच गलियारा और नाव नौका बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने वाला है। मुंबई में इस तरह का पहला प्रयोग होगा। इसके साथ ही फुटपाथ का भी निर्माण किया जाएगा। करीब 9 किलोमीटर तक वॉकवे पर फुटपाथ का निर्माण पीडब्ल्यूडी, मैरीटाइम बोर्ड, बीएमसी और अन्य सरकारी एजेंसियों की मदद से किया जाने वाला है। इसके लिए सीआरजेड की मंजूरी लेना अभी बाकी हैं। जिसके लिए जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। (9 kilometer corridor and boat ferry between Mahim Fort and Worli Fort)
क्या है योजना?
मंजूरी के बाद प्रस्ताव तैयार कर वॉकवे का काम आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए मनपा (BMC) की ओर से एक कंसल्टेंट भी नियुक्त किया गया। जिसने हाल ही में मनपा (BMC) को एक प्रेजेंटेशन दिया। हेरिटेज लुक को बरकरार रखने की कोशिश की जा रही है। वर्ली किले के पुनरुद्धार के लिए मनपा (BMC) ने इसे अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए कदम उठाया है। किला परिसर में 267 झोपड़े थे। जिनमें लगभग 3000 लोग रहते थे। किले की ढहती दीवारों के कारण आसपास रहने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी। सभी झोपड़े धारकों को यहां से हटाकर किले को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। (9 kilometer corridor and boat ferry between Mahim Fort and Worli Fort)
किले के जीर्णोद्धार और इसे विरासत का दर्जा देने का काम जारी है। पहले चरण में इसका सौंदर्यीकरण किया जा रहा है और इस पर दो करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं। इसके साथ ही किले की विरासत को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा पुरातत्व विभाग की मंजूरी से किले को रोशन किया जा रहा है ताकि रात में भी रोशनी रहे। यहां हरियाली के लिए पौधे भी लगाए जा रहे हैं। यह किला 1675 में पुर्तगालियों द्वारा बनाया गया था, जिसमें पुर्तगाली शैली की झलक आज भी मौजूद है। इस किले का उपयोग अंग्रेज भी किया करते थे। (9 kilometer corridor and boat ferry between Mahim Fort and Worli Fort)
अधिकारी ने कहा कि मुंबई फुटपाथ पर फेरीवालों का कब्जा है, जिससे चलना मुश्किल हो जाता है। हमें उम्मीद है कि वॉक वे बनने से जहां आम लोगों को चलने-फिरने में आसानी होगी, वहीं पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। मुंबई शहर के पालक मंत्री दीपक केसरकर ने मुंबई में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बीएमसी को ऐसी योजना लागू करने का निर्देश दिया है। उसी के तहत वॉक वे बनाने का निर्णय लिया गया है। (9 kilometer corridor and boat ferry between Mahim Fort and Worli Fort)
बांद्रा पश्चिम में बैंडस्टैंड पर तीन से चार किमी का वॉक वे है। कुछ लोग समुद्र की ओर जाने के बजाय इस पैदल मार्ग पर चलने का आनंद लेते हैं। इसी तरह का वॉक वे माहिम फिशरमैन कॉलोनी से वर्ली किले तक बनाया जाएगा। इस वॉक वे पर शानदार लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था और कुछ खुली जगह भी होगी। (9 kilometer corridor and boat ferry between Mahim Fort and Worli Fort)
मुंबई शहर के संरक्षक मंत्री दीपक केसरकर माहिम और वर्ली के बीच के इलाको पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। कहा जाता है, कि माहिम और वर्ली इलाका उद्धव ठाकरे की शिवसेना का गढ़ रहा है। शिवसेना में फूट के बाद एकनाथ शिंदे गुट के मुंबई शहर के संरक्षक मंत्री दीपक केसरकर इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उनका कहना है, कि माहिम और वर्ली के समुद्र तट पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। इस समुद्रतट पर कोलीवाड़ा देखा जा सकता है। यदि यहां बोट फेरी और फोर्ट कॉरिडोर स्थापित किया जाता है, तो इससे मुंबई के कोलीवाड़ा की महिलाओं को पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार पाने में मदद मिलेगी। यहां पर्यटकों को सी फूड आसानी से उपलब्ध होगा। पास के माहिम किले को भी फुटपाथ बनाकर पर्यटन से जोड़ा जाएगा। (9 kilometer corridor and boat ferry between Mahim Fort and Worli Fort)
Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News
वी बी माणिक मुंबई- महानगर पालिका का जनसंपर्क विभाग पूरी तरह भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया है। जनसंपर्क अधिकारी अब बिना टेंडर के अखबारों को विज्ञापन भी जारी नही कर रहे है। कुछ अखबार वाले दैनिक अखबार के नाम पर मनपा से विज्ञापन ले रहे है जिनका अखबार डेली आता ही नहीं है और तो और अखबार मुंबई में नही महराष्ट्र के बाहर छपता है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
यही नहीं मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी इस धोखाधड़ी में शामिल है। जो डीजीपीआर में अपात्र अखबारों को लिस्टेड कर रहे है। क्या राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी इस पर ध्यान देते है? इसमें केंद्र सरकार के लोग भी शामिल है। सबसे बड़ी बात ये है कि ऐसे फर्जी अखबार मालिकों पर कार्रवाई क्यों नही की जाती है? मनपा का जनसंपर्क अधिकारी ऐसे भ्रष्ट कार्यो में पूरी तरह लिप्त है। लेकिन ईमानदारी के साथ केवल लूट और अवैध लेनदेन करने में व्यस्त रहता है। वही मनपा मुख्यालय स्थित पत्रकार रूम में अवैध तरीके से रात 11 बजे तक कुछ कथित पत्रकार अपना अड्डा बनाकर बैठते है। जिस पर जनसंपर्क अधिकारी का पूरा आशीर्वाद है। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
मनपा मुख्यालय शाम 6 बजे बंद हो जाता है। पर कथित पत्रकार रात के 11 बजे तक यहां बैठकर क्या करते हैं? कौन सी खबर का आधी रात में विशलेषण किया जाता है? ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं। ये तो पत्रकार और जनसंपर्क अधिकारी ही बता सकते है। जिम्मेदार जनसंपर्क अधिकारी दोपहर को आते है और शाम को 7 बजे के आसपास चले जाते है। ऐसे अवैध कार्यो पर मनपा आयुक्त लगाम लगाएंगे या इनको लूट पाट करने का आशीर्वाद देंगे। (Mumbai BMC Public Relations Department Office Corruption News)
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NEET PG Result 2024 Live Updates: Consideration competitors! The outcomes for NEET PG 2024 tests are supposed to be pronounced by the Public Leading body of Assessments in Clinical Sciences (NBEMS) at any point in the near future. It is guessed that the outcomes will be out before the current week’s over. Be that as it may, there is no affirmation on the date and time yet. When the outcomes are out, up-and-comers can really take a look at their scores at true sites – natboard.edu.in and nbe.edu.in. The cut-off marks for NEET PG 2024 will be delivered alongside the outcomes. Up-and-comers who will score the base most reduced cut-off just will be announced as effectively qualified.
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The NEET PG 2024 assessment was directed on August 11, 2024. Around 2,28,540 applicants showed up for the assessment which was held in two movements around the same time. For all the inclusion encompassing NEET PG Results 2024, applicants can follow our live updates here:
NEET PG Result Date and Time How to Really look at Neet PG Result Direct Connection at natboard-edu.in: Actually take a look at every one of the LIVE updates here
वी बी माणिक मुंबई- महाराष्ट्र के पुलिस प्रशासन पर राज्य के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पकड़ एकदम खत्म हो गयी है। उसका कारण ये है कि डीसीपी के साथ पुलिस निरीक्षक पार्टी करते है। कोई भी पुलिस निरीक्षक अपने सीनियर अधिकारियों की बात या आदेश का पालन नही करता है। यहाँ तक कि पुलिस आयुक्त गृहमंत्री के कंट्रोल में नही है। आज फिर मिली बोरे से भरी महिला की लाश, मुंबई पुलिस ने शुरू की आरोपी की तलाश। अगर यही हाल रहा तो आने वाले विधानसभा चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ेगा। (Increase in incidents of crimes against women in Maharashtra. Home Minister Devendra Fadnavis loses control over police)
जिस तरह महाराष्ट्र में पुलिस का रवैया चल रहा है। ऐसा लगता है, कि बिहार का जंगल राज चल रहा है। हर दिन नाबालिक बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना घटित हो रही है और पुलिस मूक दर्शक बनी है। शिकायत लेने से घबराती है। या नेताओ के दबाव में कार्रवाई नही करती है। या कोई और बात हो सकती है। पिछले 6 दिनों से दुष्कर्म की घटना में काफी बृद्धि हुई है। अब पुलिस की मानसिकता को बदलने की आवश्यकता है। जिस तरह अन्य राज्यो में बुलडोजर प्रथा चलाई जा रही है। ऐसी प्रथा महाराष्ट्र में क्यों नही चलाई जाती? (Increase in incidents of crimes against women in Maharashtra. Home Minister Devendra Fadnavis loses control over police)
वही स्कूलों कालेजो में बैठे शिक्षक के नाम पर नरपिशाच बने हुए है। इनके ऊपर कार्रवाई क्यों नही की जाती? जो विद्वान होता है वह चरित्रवान नही होता। अब अभिभावकों को डर लग रहा है, कि कही हमारे बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित न हो जाय। प्राइवेट स्कूल किसी नेता या मंत्री का होता है। शिक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव करने की आवश्यकता है। (Increase in incidents of crimes against women in Maharashtra. Home Minister Devendra Fadnavis loses control over police)
ताज़ा मामला मानखुर्द इलाके का है। आज शुक्रवार 23 अगस्त को मानखुर्द में एक महिला की हत्या कर बोरे में लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ऐसा ही अप्रैल महीने मे एक और महिला की लाश बोरे में बरामद हुई थी। दूसरी ओर ठाणे जिले के बदलापुर के स्कूल में छोटी बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न और पुलिस प्रशासन का ढीला रवैया गृहमंत्री फडणवीस का कंट्रोल पुलिस पर न होने का साफ तौर पर सबूत पेश करता है। आम जनों के बीच सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों ने आम जनता में भाजपा के विरुद्ध आवाज उठने शुरू हो गए हैं। यह भारतीय जनता पार्टी के लिए अच्छे संकेत नही है। महिला और बच्चियों की सुरक्षा मे नाकाम प्रशासन के चलते मुख्यमंत्री का “लाडली बहिण योजना” पर भी थू-थू होने लगी है। (Increase in incidents of crimes against women in Maharashtra. Home Minister Devendra Fadnavis loses control over police)
आईपीएस अधिकारी ने ऐसे समय में जम्मू-कश्मीर में अपना पद संभाला है जब जंगल युद्ध में प्रशिक्षित उग्रवादियों के बढ़ते हमलों के मद्देनजर आतंकवाद एक बड़ी चुनौती बन रहा है। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
विशेष संवाददाता नई दिल्ली– गृह मंत्रालय (MHA) ने गुरुवार (15 अगस्त, 2024) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष महानिदेशक (एसडीजी) नियुक्त किया। श्री प्रभात इस वर्ष अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पदभार संभालेंगे। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
गृह मंत्रालय (एमएचए) ने गुरुवार (15 अगस्त, 2024) को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी नलिन प्रभात को जम्मू-कश्मीर पुलिस का विशेष महानिदेशक (एसडीजी) नियुक्त किया। श्री प्रभात इस वर्ष अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का पदभार संभालेंगे। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
क्या है सरकारी आदेश?
गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, कि “आंध्र प्रदेश कैडर से अंतर-कैडर प्रतिनियुक्ति पर एजीएमयूटी (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर में शामिल होने के परिणामस्वरूप, श्री. नलिन प्रभात, आईपीएस (एपी: 1992) को तत्काल प्रभाव से 30.09.2024 तक जम्मू और कश्मीर पुलिस के विशेष महानिदेशक (एसडीजी) के रूप में जम्मू और कश्मीर में तैनात किया जाता है।” (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
आदेश में कहा गया है कि श्री प्रभात को 1 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर के डीजीपी के रूप में भी नियुक्त किया गया है। वह आरआर स्वैन (आईपीएस) का स्थान लेंगे। जो इस साल 30 सितंबर को सेवानिवृत्ति प्राप्त करने पर सेवानिवृत्त होंगे। केंद्र सरकार द्वारा अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने के बाद, श्री स्वैन को 2020 में जम्मू-कश्मीर में पुलिस आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) का अतिरिक्त महानिदेशक नियुक्त किया गया था। श्री स्वैन ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक का पद भी संभाला था। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
कौन है ips Officer नलिन प्रभात?
श्री प्रभात ने ऐसे समय में जम्मू-कश्मीर में अपना पद संभाला है जब जंगल युद्ध में प्रशिक्षित उग्रवादियों के बढ़ते हमलों के मद्देनजर आतंकवाद एक बड़ी चुनौती बन रहा है। इस साल जून से अब तक जम्मू-कश्मीर में 18 से अधिक गोलीबारी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
श्री प्रभात को कश्मीर में विद्रोह में पुराना हाथ माना जाता है, और अतीत में जम्मू-कश्मीर में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों के भीतर सद्भावना अर्जित की थी। वह पहले ही दक्षिण कश्मीर, ऑप्स रेंज और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के श्रीनगर सेक्टर में उप महानिरीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने महानिरीक्षक, कश्मीर, ऑप्स सेक्टर, सीआरपीएफ के रूप में भी कार्य किया है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर के एक पूर्व मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना की थी। उनके काम ने उन्हें आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक, और जम्मू-कश्मीर में पुलिस (विशेष कर्तव्य) पदक और बार अर्जित किया है। (IPS Officer Nalin Prabhat, Jammu and Kashmir News)
भारत 1947 से आज तक कट्टरपंथी विचारों को भोग रहा है। देखिये – भारत-पाकिस्तान, रूस-यूक्रेन, इजराइल-फिलिस्तीन-गांजा और अब बांग्लादेश में कट्टरपंथी जो आतंकवादी हैं। बांग्लादेश का आपस में मरना मारने की शुरुआत हों गई हैं।
The world History (संपादकीय) भारत- सोचने समझने की बात है। कट्टरपंथी सोच क्या है? कट्टरपंथी कोई समाज या कोई धर्म नहीं है। कट्टरपंथी कोई भी हों सकता है जैसे देखा जाए, तो दुनिया में 197 देश हैं सभी देशों में अलग-अलग भाषा, अलग-अलग धर्म के नाम पर लोज जाने जाते हैं और पहचाने जाते हैं। 197 देश में लगभग 5600 से अधिक भाषाएं है और अनेक छोटे-बड़े संख्या के रूप में धर्म के आधार पर लोग अपने जीवन जीते हैं। धर्म क्या है? कैसा है? अपने-अपने स्थान पर स्थित है। धर्म के चलने वाले धर्म गुरु कैसे होनें चाहिए? किन सोच विचार से बने हुए धर्मगुरु हैं? उसी प्रकार से उनको मानने वाले को चाहने वाले उनके शिष्य इस प्रकार से ढल जाते हैं।
बांग्लादेश और पाकिस्तान का कट्टरपंथी सोच क्या है?
बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों दक्षिण एशियाई मुस्लिम बहुल देश हैं। भारत में ब्रिटिश शासन की समाप्ति के बाद, दोनों देशों ने 24 वर्षों तक एक ही राज्य का गठन किया। 1971 में बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के परिणामस्वरूप पूर्वी पाकिस्तान का पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ बांग्लादेश के रूप में अलगाव हुआ। भारत देश से 1947 में पाकिस्तान बना 1971 में बांग्लादेश बना। धर्म के आधार पर दो देश बनाने के उद्देश्य से पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश का गठन हुआ। जबकि धर्म की मानवता एक होनी चाहिए। दुनिया में मनुष्य का एक ही माता – पिता से सभी संसार के मानवों का जन्म हुआ है।
धर्म गुरु किस प्रकार होनें चाहिए?
दुनिया का सबसे पुराना धर्म सनातन धर्म है, यहूदी धर्म, पारसी धर्म, जैन पंथ, बुद्ध पंथ ईसाई धर्म, इस्लाम धर्म, सिख पंथ, इसी प्रकार से दुनिया में ईश्वर परमात्मा भगवान धर्म गुरु को मान कर लोग अपने जीवन जीते हैं। धर्मगुरु का कार्य क्या है? धर्म गुरु को कैसा होना चाहिए? किसी भी धर्म में कोई भी व्यक्ति बड़ा हो या कट्टरपंथी हो उसे एक व्यक्ति या अनेक व्यक्तियों के कारण उसे धर्म पर लोग उंगली उठने लगते हैं। धर्म के लोग उन अधर्मियों के प्रति उंगली नहीं उठाते। क्योंकि अधर्मियों द्वारा कट्टरपंथियों के द्वारा अनेक धर्म को नुकसान पहुंचाना उन लोगों के लिए प्रेरणा दायक हो जाते हैं।
पाकिस्तान और बांग्लादेश में क्या कट्टरपंथियों के कारण आम जनता दुखी है?
पाकिस्तान हो या बांग्लादेश या भारत जैसा दुनिया का एशियाई देश, कृषि देश, वैधकीय देश, शिक्षा से संबंधित देश सदियों से जाना जाता और माना जाता रहा है। मगर भारत देश में शिक्षित लोग भी अशिक्षित बन बैठे हैं। जिस देश में शिक्षा होता है वहां मानवता जाति धर्म से बढ़कर एक सच्चा इंसान का देश कहा जाता है। कुछ अनपढ़, गवार, नशेड़ी, चरसूल्ले, चिलम बाज जैसे लोगों को भाड़े के ट्ट्टू जैसे नेताओं, उसकी अनपढ़ गवारों को अपराधी बनाने में पीछे नहीं हटते। यही कारण है कि बांग्लादेश और पाकिस्तान का आज जो अनपढ़ गवार के रूप में कट्टरपंथी बन बैठे हैं। इस धर्म के लोग शर्मिंदा है दुखी हैं। इसका कारण दो कौड़ी के कट्टरपंथियों की देन हैं। इसी कट्टरपंथियों के कारण चाहे बांगलादेशी चाहे पाकिस्तानी जो अच्छे पढ़े-लिखे लोग हैं स्वयं से दुखी है और शर्मिंदा भी हैं।
जैसे नेहरू और जिन्ना, वैसे इंदिरा और फिरोज गांधी, शेख मुजीबर रहमान..
सनातन भारत के इतिहास दुनिया के पन्नों में आज भी दर्ज है। 1945 के बाद 1947 तक नेहरू और जिन्ना दोनों मिलकर एक प्लान बनाया। दो देश बना दो प्रधानमंत्री बनो और धर्म के नाम पर हिंदू और मुसलमान को लड़ा दो। 1947 में शुरुआती दौर से लेकर अगस्त महीने तक हिंदू मुस्लिम में इन दोनों नेताओं के खेल-खेलकर लाखों हिंदू मुसलमान आपस में मर कट रहे थे। नेहरू और जिन्ना तमाशा देख रहे थे। इसका कारण है, कि दो प्रधानमंत्री बनने का सपना पूरा हो रहा था।
वैसे ही 1971 से लेकर 1972 तक नेहरू की बेटी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी उनकी बहुत करीबी शेख मुजीबुर रहमान, दोनों मिलकर भारत और बांग्लादेश बनाने में जुड़े हुए थे। भारत का राज्य बंगाल में कुछ कट्टरपंथी मुसलमान को उकसाया गया जिससे दंगा फसाद करते रहे। हजारों लाखों की संख्या में हिंदू मुसलमान मरते रहे। इंदिरा गांधी और शेख रहमान बैठकर तमाशा देखते रहे। सपना यह था वह प्रधानमंत्री थी। शेख हसीना के पिता शेख मुजीबर रहमान को भारत के कई राज्य के टुकड़े करके उन्हें राष्ट्रपति बनने का सपना पूरा किया जा रहा था। नेहरू ने जो कार्य किया वहीं उनकी बेटी इंदिरा गांधी ने भी किया। हजारों लाखों की संख्या में महिला, बच्चे, जवान, बुजुर्ग मारे गए, काटे गए। धन दौलत संपत्ति जलाए गए। नुकसान आम जनता का हुआ फायदा इन दोनों नेताओं को होता रहा।
किसी भी देश में मंत्री, नेता और उनका परिवार क्यों नहीं मरते?
आम जनता जिस दिन यूरोप जैसे देश या विदेशियों की तरह शिक्षित और ज्ञानी बुद्धिमान बन जाएंगे। भाड़े के टट्टू की तरह भारत देश में या पाकिस्तान, बांग्लादेश में अनपढ़, गवार, नशेड़ियों को नेता के नाम पर कट्टरपंथी सोच बनाने वाले नेताओं ने खूब फायदा उठाते हैं। देश की जनसंख्या बढ़ाते हुए बेरोजगारी और धर्म के नाम पर अधर्मी लोगों ने अनपढ़, गवारों को अपराधी, आतंकवादी बनाने की कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। आज यही कारण है, कि पाकिस्तान और बांग्लादेश की आम जनता को सोचने की बात है, कि नेता या मंत्री क्यों नहीं मरते और आम जनता ही क्यों मरती हैं। मगर यह नेतागिरी के कट्टरपंथी होते हैं। ऐसे पार्टी के नेता मंत्र फूंक दे और वहां पर दंगे फसाद होना शुरू हो जाता है। मरता कौन है? जैसे आम इंसान मरता है, महिलाएं मरती है, बच्चे मरते हैं, यहां तक कि जानवर भी मरते हैं। मगर कोई मंत्री, नेता और उसका परिवार नहीं मरता। क्योंकि वह देश-विदेश में मौज मस्ती में मस्त हैं और आम जनता भेड़ बकरी की तरह आपस में लड़ मर रहे हैं।
यह कमियां दूर करने के लिए धर्म के सत्य धर्म गुरुओं को उन व्यक्तियों को शिक्षा देने की जरुरत है। ज्ञान दे की आपस में न लड़ें। यह नेता अपने स्वार्थ के लिए देश के साथ भी गद्दारी कर देते हैं आम जनता के साथ क्या नहीं कर सकते हैं। इसलिए हर एक व्यक्ति को जागरूकता लाने की जरूरत है। किसी भी मनुष्य का जन्म हुआ तो उसकी मृत्यु भी होगी। मगर आपस में लड़ना एक दूसरे को मार-काट करके मारना ठीक नहीं है। यह मानवता का घोर हनन हैं। आज की दुनिया में अब मानव की मानवता खत्म होती जा रही हैं।
दुनिया के कट्टरपंथियों के साथ क्या करना चाहिए?
दुनिया में कोई जाती या धर्म नहीं होता। कट्टरपंथी एक गिरी हुई सोच है। आज भी जिससे सनातन धर्म हो इसाई धर्म हो इस्लाम धर्म हो पारसी धर्म हो, यह सभी धर्म आपस में भाईचारा के संबंध से बनाया गया है। अब कुछ-कुछ धर्म से निकलकर कट्टरपंथी विचारधारा बनाकर एक दूसरे पर हमला करना मार-काट करना, लूटपाट करना, एक व्यापार बन गया है। मगर सोचने वाली बात है, जहां लाखों करोड़ों की संख्या होती है। उस देश की, उस राज्य की सरकार क्या करती हैं? क्या सरकार चलने वाले चंद गुंडे और कट्टरपंथ्यों का खात्मा नहीं कर सकते हैं? यही दुनिया की राजनीति है लडो-लडाओ और सत्ता पर शासन करो। मरता कौन है बेगुनाह इंसान जानवर पंछी, इसकी जिम्मेदार कौन आम जनता या अशिक्षित शहर या देश। आज अमेरिका दुनिया में सबसे ज्यादा हथियार बनाकर बेच रहा है। यह अभी तक व्यापार है। हथियार खरीदो, लड़ो, मरो। अगर देखा जाए तो शर्म की बात है। चंद कागज़ के टुकड़े के लिए इंसान इंसान के टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे हैं। इंसान से ज्यादा दुनियाँ में कोई गिरा हुआ जानवर भी नहीं हैं।
आने वाले समय के लिए मानवता को जागाना होगा। मानव-मानव एक समान करना होगा। इसी में दुनिया की भलाई हैं।