Category: National News

  • कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    कॉरपोरेट देता क्यों है चंदा। धंधा है, पर गंदा है।

    • कॉरपोरेट सत्तारुढ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों है?
    • चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भृस्टाचार का मूल है।
    • Electoral Bond ADR Report

    सुरेंद्र राय
    मुंबई:
    अपने देश में चंदा लेना और देना धंधा है पर बहुत ही गंदा है। कॉरपोरेट का काम है अपना बिजनेस ढंग से चलाना। उसे आगे बढ़ाना। फिर प्रश्न उठता है, कि आखिर कॉरपोरेट राजनीतिक दल विशेष रूप से सत्तारूढ़ दल को हजारों करोड़ों का चंदा देते ही क्यों हैं? क्या सरकार उनपर दबाव डालती है? जैसे तीस कंपनियों के पीछे सी बी आई के छापे डलवाकर दबाव बनाया और साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए की प्रोटेक्शन मनी ली गई। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत है और साथ ही सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

    चंदा देश में गंदा काम ..

    चंदा दो। गलत तरीके से काम करते रहो। टैक्स चोरी करते रहों। बस ध्यान रखना चंदा देते रहो। दूसरा पक्ष है सरकार को चंदा दो और सरकार चंदे से कई गुना लाभ कमाने का अवसर देगी। कॉरपोरेट सेक्टर की लगभग पच्चीस लाख करोड़ की बैंक ऋण माफी इसी चंदे के गंदे धंधे का ही परिणाम थी। सुप्रीमकोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैर संवैधानिक बताकर गंदे खेल की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

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    Member of Parliament Election 2024 India

    एस बी आई जो सरकारी बैंक ने चंदे के गंदे धंधे को छुपाने की कोशिश की लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने गर्दन ही मड़ोड दी। कॉर्पोरेट और धनी कर्णवीर जैसा दानी तो होते नहीं। चैरिटी के नाम पर लाल पाई न देने वाले धनवान राजनीतिक दलों को चंदा देते हैं तो वह बिज़नेस में उतनी ही पूंजी लगाते हैं जिसका कई गुना सरकार उन्हें फ़ायदा करती है। यह चंदे का गंदा धंधा ही ऊपरी स्तर पर भ्रष्टाचार का मूल है। (Electoral Bond ADR Report)

    किसने कितना दिया चंदा ?

    चंदा देने की बात करें तो फार्मा से 78.7% , खनन से 18.5% , स्टील से 10.0% , टेलिकॉम से 9% , और सिमेंट उद्योग से 6.1% , प्लास्टिक उद्योग से 0.12% , ऑटो सेक्टर से 0.11% , पेट्रोकेमिकल से 0.02% , पेपर से 0.02% , और ई एम जी सी से 0.01% डोनेशन दिए गए। अकेले फ़रवरी 2024 की बात करें तो बीजेपी को 90%, क्षेत्रीय दलों को 58.2% और कांग्रेस को मात्र 24.2% चंदा मिला। अकेले कोलकाता के संस्थानों में हल्दिया एनर्जी ने 337 करोड़, इसेल माइनिंग एंड इंड्रस्ट्रीज ने 224.5 करोड़ , केवेंटर फुडपार्क इन्फ्रा ने 195 करोड़ , मदनलाल ने 185 करोड़ , और एम के जे इंटरप्राइज में 128 करोड़ रुपए चंदा दिया है। (Electoral Bond ADR Report)

    Electoral Bond ADR Report

    चंदा, Electoral Bond,

    चंदा देने के तरीके भी मजेदार हैं। जैसा कि बॉन्ड खरीदने वालों ने अपने यहां इंट्री की है। वेदांता लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 123 करोड़ और फ़रवरी 24 में 155 करोड़ दिए। भारतीय एयरटेल ने दूसरे व्यय दिखाकर फ़रवरी 23 में 102.5 करोड़ और फ़रवरी 24 में मात्र 30 करोड़ दिए। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 13 करोड़ और फ़रवरी 24 में 25 करोड़ दिए। सिप्ला लिमिटेड ने मिसलेनियस खर्च दिखाकर फ़रवरी 23 में कुछ नहीं तो फ़रवरी 24 में 24.2 करोड़ चंदा दिया। (Electoral Bond ADR Report)

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    टोरेंट पावर लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 27.5 और फ़रवरी 24 में 23 करोड़ दिए। अरबिंदो फार्मा लिमिटेड ने डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 23 में 5.5 करोड़ जबकि फ़रवरी 24 में 21.5 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। द रामको सिमेंट ने सीधे सीधे डोनेशन दिखाकर फ़रवरी 24 में 20 करोड़ के बॉन्ड खरीदे। हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड ने बॉन्ड नहीं लेकर लिगल तरीके से अंडर सेक्सन 182 ऑफ कंपनीज एक्ट 2023 के अनुसार फ़रवरी 24 में 20 करोड़ सीधे सीधे डोनेशन दिया। कॉमेंट सेल्टर से 233 करोड़ के बॉन्ड लिए गए जिसमें वेदान्त और आदित्य बिरला ग्रुप टॉप पर रहा। (Electoral Bond ADR Report)

    सोचने की बात यह है कि सत्ता दल को करोड़ों रूपए बॉन्ड के द्वारा देने पर फ़रवरी 23 और फ़रवरी 24 में उनकी बैलेंस सीट में कितनी वृद्धि और फ़ायदा मिला। जिसकी न्यायिक जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की जरूरत के अलावा सत्ता प्रतिष्ठान को भी सबक सिखाना अपरिहार्य है। (Electoral Bond ADR Report)

  • दहिसर में दहशत का पर्याय बन गई है संगीता विनोद नायर

    दहिसर में दहशत का पर्याय बन गई है संगीता विनोद नायर

    • अपने गुंडो के मदद से कर रही है सरकारी भूखंडों पर मिट्टी की अवैध भरनी..
    • मैंग्रोवस का कर रहे हैं खात्मा .. हो रहा है पर्यावरण को नुकसान..

    सुरेंद्र राय
    मुंबई:
    दहिसर पश्चिम आर.टी.ओ. ऑफिस के पास, फायर ब्रिगेड की गली, श्मशान भूमि के सामने के खाली पड़े क्षेत्रों पर अतिक्रमण कर मिट्टी की भरनी करने का कार्य अवांछित तत्वों द्वारा गुंडागर्दी पूर्ण तरीके से किया जा रहा है। इन खाली पड़े सरकारी भूखंडों पर पर्यावरण संतुलित करने वाले मैंग्रोज के वृक्षों को काटकर गिराने व उसके ऊपर मिट्टी डालकर अवैध भरनी किए जाने का कार्य एक आपराधिक कार्यों को अंजाम देने वाला गिरोह बे-खटके कर रहा है। किंतु, मनपा आर/उत्तर विभाग के अधिकारी कर्मचारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

    दहिसर में दहशत गर्दी का माहौल

    बताया जा रहा है, कि अवैध भरनी करने वाले गिरोह में संगीता विनोद नायर, अनूप नायर, प्रशांत पवार उर्फ बबली पवार एवं कुछ अज्ञात गुंडे शामिल है, जो आसपास के आम नागरिकों के भरनी के बाबत पूछने पर उन्हें डराते धमकाते हैं तथा मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। उक्त तीनों ही बहुत शातिर है। तथा उन पर कुछ पुलिस थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज है। यही कारण है, कि उनके द्वारा की जाने वाली अवैध भरनी व भूखंडों पर अतिक्रमण के विरुद्ध लोग शिकायत करने से घबराते हैं।

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    Election commission News

    बता दें, कि उक्त भरनी गैंग की प्रमुख लीडर संगीता विनोद नायर का पति वर्ष 2019 में परेल के एक ज्वेलर्स अशोक सकरिया से चिंचपोकली रेलवे स्टेशन के पास 55 लाख के स्वर्ण भूषणों की लूट मामले का मुख्य आरोपी है। जिसकी धौंस जमाकर संगीता विनोद नायर दहशत फैलाती है और अपने अवैध कार्यों को अंजाम देती है। वह कुख्यात लुटेरे अयूब अलीमुद्दीन चिकना की दूसरी बीवी है। उसके नाम पर काला चौकी पुलिस थाने में सी आर नंबर 70/ 2019 का मामला दर्ज है।

    दहिसर,
    अवैध भर्नी के साथ संगीता शशि नायर और उसके गुर्गों की तस्वीर

    इसी तरह अनूप नायर पर भी दहिसर पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज है। प्रशांत पवार उर्फ बबली पवार पर कई अपराधिक मामले दर्ज है। उसे तडीपार भी किया गया है, किंतु उसने अपनी तड़ीपरी पर स्टे हासिल कर लिया है। हाल ही में बबली पवार द्वारा महिला पत्रकार नीलम चौहान को धमकाने व अपशब्द के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। घटना के समय उक्त महिला पत्रकार बबली पवार द्वारा कराई जाने वाली अवैध भरनी की रिपोर्टिंग के लिए वीडियो बना रही थी।

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    समाचार यह है कि पत्रकारों और शिकायतकर्ताओं को अपशब्दों द्वारा जानलेवा धमकियां देने और दिलाने वाली संगीता विनोद नायर के गिरोह द्वारा कराई जाने वाली अवैध भरनी के विरुद्ध मनपा आर/ उत्तर के अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जो कानून अपराध है। इसके साथ ही, ना तो महसूल विभाग भरनी की जाने वाली मिट्टी की रॉयल्टी वसूल रही है।

    स्थानीय जनों ने उच्च पुलिस अधिकारियों से अपील की है, कि उक्त संगीता विनोद नायर और उसके गिरोह की दहशत के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करें, ताकि संगीता विनोद नायर व उसके गिरोह की दहशत पर समय रहते रोक लग सकें। अन्यथा पर्यावरण को क्षति तो पहुंचेगी साथ ही संगीता और उसके गिरोह की इलाके में दहशत और बढ़ जाएगी।

  • हर दल का नारा है, सारा सीट हमारा है।

    हर दल का नारा है, सारा सीट हमारा है।

    देश में चुनावी बिगुल बजने की तैयारी जोरों-शोरों से की जा रही है। किसी का टिकट कटा तो किसी ने पाला बदला। समय ही बताएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है।

    वी बी माणिक
    मुंबई
    – समय आ गया चुनावी बिगुल बजने वाला है। सारे योद्धा मल्ल युद्ध की तैयारी में जी-जान से जुट गए है। जिन पहलवानों को टिकट नही मिलने वाला है वह अपने भाग्य की आज़माइश निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अखाड़े में उतरेंगे और अपने दल का सत्यानाश करेंगे। (indian politics and election News)

    सभी राजनीतिक दल अपने सारे हथियारों पर धार देना शुरू कर दिया है। टीवी चैनलों पर ओपिनियन पोल आने शुरू हो गए है। सारे चैनल कौन जीतेगा? कौन हारेगा? इसकी भविष्यवाणी कर रहे है। जो कि परिणाम के बाद सब गलत साबित होता है। इसके साथ ही इन नेताओं की पत्नियां मन्दिरो में जाकर बड़े-बड़े मन्नत चुनाव जीतने के लिए मांग रही है। भले ही पांच वर्ष मंदिर में पूजा नही करती है। बड़े पैमाने पर दल बदल भी शुरू हो गया है। हर जगह चुनावी सभाएं, संपर्क अभियान, भारत जोड़ो यात्रा, लूट हत्या, अपहरण की घटनाएं बढ़ती जा रही है। (indian politics and election News)

    अपराधियों को लोकसभा में घुसाने की तैयारी ..

    अनेको प्रकार के आश्वासन, प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं। इस बार तो कई माफियाओ और अपराधियों को टिकट देकर लोकसभा में भेजने की तैयारी की जा रही है। जन मानस सोच में पड़ गया है कल ये गुंडा इस पार्टी में था अब इसको दूसरी पार्टी ने चुनाव का टिकट दिया? अगर सही मायने में देखा जाय तो करीब 50 प्रतिशत लोग स्वेच्छा से मतदान करना ही नही चाहते 30 प्रतिशत लोग मतदान के दिन अपना घर छोड़कर घूमने निकल जाते है। (indian politics and election News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/10/congress-leader-sanjay-nirupam-angry-at-uddhavs-announcement
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    मुफ्त की शराब ..

    इनके नाम पर फर्जी मतदान करवाया जाता है। बूथ कैप्चरिंग, मतपेटी गायब करना बंदूक की नोक पर बूथ पर पूरी तरह कब्जा करके अपने प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए राजनीतिक पार्टीया पूरी तैयारियां करती है। फिर भी साफ सुथरी चरित्रवान छवि ईमानदार कर्मठ नेता कहलाते है और वोट के लिए नोटों के बंडल के साथ शराब मुफ्त में वितरण करवाना ये सब तैयारियां शुरू हो गयी है। (indian politics and election News)

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    Indian वोट किसे दें ?

    सभी राजनीतिक दल नए-नए हथकंडे अपनाएंगे। अभी भी लोग असमंजस में है, वो किसको वोट दें? किसको न दें? वही दूसरी ओर चुनाव आयोग भी पूरी निष्पक्षता से काम नही करता। सभी उम्मीदवारों की आपराधिक घटनाओं की जाँच करवाना चाहिए जिसके ऊपर एक भी केस विचारसधीन हो या पुलिस में दर्ज हो उसको चुनाव लड़ने से वंचित कर देना चाहिए। पर चुनाव आयोग इस तरह की न्यायिक कार्यवाही कर नही सकता। क्योंकि चुनाव आयोग कोई कार्य, निष्पक्षता से नही करता है। अपने समय पर चुनाव करवाये समय पर सारे कार्य करे ये भी राजनीतिक दलों के हाथ की कठपुतली बने हुए हैं। (indian politics and election News)

    आजकल में ही आचार संहिता लगने वाला है ये सभी दलों को मालूम है। कुछ पार्टीयो ने तो अभी तक अपने प्रत्याशियों का चयन भी नही किया है। सभी प्रत्याशियों के सम्पत्ति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पर चुनाव आयोग ये कभी नही करवाएगा। जो उम्मीदवार पहले जीतकर लोकसभा में रह चुके है। उनकी जाँच काफी गम्भीरतापूर्वक होनी चाहिए, कि इस सांसद के पास इतना धन संपत्ति कहां से आया है। इसके पहले कितना था चुनावी चंदे के चक्कर मे बैंक ही आरोप के कटघरे में खड़ा हो गया। (indian politics and election News)

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    कौन है ईमानदार ?

    अब ईमानदार कौन रह गया? ये सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। जहाँ आचार संहिता लागू हुआ कोई भी आम नागरिक लाख पचास हजार रुपये लेकर नही चल पाएगा। उसको स्थानीय पुलिस परेशान करेगी इसके अलावा ईडी, सीबीआई छापेमारी और तेज हो जाएगी। कुछ पकड़े जाएंगे, कुछ छोड़े जाएंगे। हर पार्टीया दावा कर रही है, कि इस बार सत्ता हमारी आएगी। पर इसका फैसला तो देश का मतदाता करने वाला है। पर नेताओ के दावे बड़े बड़े है काम किसी का नही दिखाई पड़ रहा है। अब आगे चलकर देखना है, कि ऊंट किस करवट बैठता है। (indian politics and election News)

  • Malad: पी/नार्थ वार्ड बना अवैध बांधकाम का अड्डा

    Malad: पी/नार्थ वार्ड बना अवैध बांधकाम का अड्डा

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    • सहायक आयुक्त किरण शिवाजीराव दिघावकर के सलाह और संरक्षण में 43 रुम का अवैध बांधकाम
    • क्या मनपा में एक भी इमानदार बड़ा अधिकारी नहीं है?

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई
    – एक तरफ राज्य के मुखिया ने आदेश दिया है, कि किसी भी क्षेत्र में अवैध बांधकाम ना किया जाए। अवैध निर्माण कै अचानक ढ़ह जाने से राज्य के कई घटनाओं में लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन दूसरी ओर मनपा के वार्ड ऑफिसर और अभियंता, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेश की खुली अवहेलना ही नहीं बगावत करके ढेर सारे गैर कानूनी बांधकाम के निर्माण को शह और संरक्षण देकर मोटी रकम की काली कमाई करते हैं पत्रकार द्वारा निकाली गई गैर कानूनी बांधकाम की वीडियो चिख चिख कर वार्ड ऑफिसर और अभियंता की काली कमाई और अवैध बांधकाम के सबूत दे रही है। मौत के इस खेल की तस्वीर मालवनी इलाके की है। जहां पिछले कई हादसों के नीचे दबकर लोगों की मौत होने की तस्वीरें लोगों ने देखी है। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    कहां हो रहा है अवैध बांधकाम ..?

    विदित हो कि मलाड (पश्चिम), वैति वाडी, मालवनी गांव, सुंदर गली, राम मंदीर के पीछे, मार्वे रोड़, मुंबई- 400095 स्थित ठेकेदार विक्की कमलाकर भंडारी द्वारा 4,500 वर्गफूट के रिक्त भूखंड पर एक दो नहीं अंदाजन 43 रूम के G+2 (तीन मंजिल) की चाली का अवैध निर्माण किया जा रहा है। जिसे गैरकानूनी ढंग से कोई भू माफिया या ठेकेदार नहीं बना सकता जब तक की कोतवाल यानी वार्ड ऑफिसर और अभियंता का वरदहस्त उनके सिर पर न हो। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    https://indian-fasttrack.com/2024/03/09/deadly-attack-on-jewelers-for-money-in-kandivali
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    जांच में सूचना मिली कि पी/नॉर्थ वार्ड के वार्ड ऑफिसर किरण शिवाजीराव दिघावकर और सहायक अभियंता अनिल पुनतांबेकर की सलाह और संरक्षण में 43 रूम के G+2 (तीन मंजिल) रूम की चाली के अवैध बांधकाम कराए जा रहे हैं। यह निर्माण कई करोड़ के हैं। जिसे संरक्षण देने के लिए वार्ड ऑफिसर और सहायक अभियंता के माध्यम से करोड रुपए की रिश्वत ली है। वरना इतने बड़े पैमाने पर गैर कानूनी निर्माण कैसे संभव होता? क्या मनपा में एक भी ईमानदार बड़ा अधिकारी नहीं है ? जो भ्रष्ट मनपा अधिकारियों को पद का दुरुपयोग करने, काली कमाई करने वाले भ्रष्ट मनपा अधिकारियों को सजा दिला सके? अब ऐसे में मुख्यमंत्री जी आपके आदेश की हुक्म उलुदी का मतलब है। आपकी मनपा के अधिकारियों के मन में साख कम हुई है। यह भ्रष्ट मनपा अधिकारी ऐसे ही गैर कानूनी निर्माण कराते रहते हैं। क्योंकि इनको किसी कार्रवाई का डर है ही नहीं। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

    अवैध बांधकाम,
    अवैध निर्माण की तस्वीर

    शुबहा तो आप पर भी किया जा सकता है। क्योंकि आपने इतने गैरकानूनी बांधकाम की ‘ indian fasttrack’ न्यूज़ में प्रकाशित खबरों, पर कभी एक्शन ही नहीं लिया। क्या ऐसा नहीं समझा जाना चाहिए की काली कमाई का हिस्सा आपको और आपके मंत्रिमंडल में शहरी विकास मंत्री तक जरूर पहुंचता होगा? अन्यथा भ्रष्ट मनपा अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया? हम चाहते हैं, कि आप अपनी छवि को बेदाग रखने के लिए सभी वार्डों में कराए गये और कराए जा रहे गैरकानूनी बांधकाम की न्यायिक अथवा विजिलेंस के माध्यम से जांच कराकर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें। अन्यथा लोग ऐसे ही बेरहमी की मौत मरते रहेंगे और तमाशा देखने वाले नोट गिनते रहेंगे। (Mumbai Malad p north bmc Corruption and malvani illegal construction News)

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  • मुंबई के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई नही होगी

    मुंबई के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई नही होगी

    • बीएमसी के पंपिंग स्टेशन में आग लगने से मुंबई के इन इलाकों में पानी की आपूर्ति नहीं।
    • सोमवार शाम को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के पाइस वॉटर पंपिंग स्टेशन में आग लग गई इसके कारण मुंबई के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई। डिटेल्स देखें….

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जो भारत के सबसे बड़े और सबसे लोकप्रिय शहरों में से एक है और कभी न थमने वाला शहर भी कहा जाता है। लेकिन शहर को चलाने वाली बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) की तरफ से मुंबईकरों के लिए बुरी खबर है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के पाइस पंपिंग स्टेशन में सोमवार शाम यानी 26 फरवरी को आग लग गई और इससे महाराष्ट्र की राजधानी के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। यह मनपा द्वारा पाली हिल जलाशय के रिपेयरिंग और पुनर्वास के कारण जल आपूर्ति में कटौती की घोषणा की गई है। समय और प्रभावित क्षेत्रों की सूची पर एक नजर…

    BMC पंपिंग स्टेशन में लगी आग, इन इलाकों में पानी की सप्लाई नहीं

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के पाइस पंपिंग स्टेशन में सोमवार शाम को आग लग गई, जिसके परिणामस्वरूप मुंबई के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति में कटौती हुई। मनपा के एक अधिकारी ने कहा कि आग के कारण पूर्वी उपनगरों और गोलाजी, फॉस्बेरी, रावली और भंडारवाड़ा जलाशयों से पानी की आपूर्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे तक पानी की सप्लाई नहीं होगी।

    पानी की सप्लाई,
    मुंबई के पाइस पंपिंग स्टेशन मैं लगी आग की तस्वीर
    https://indian-fasttrack.com/2024/02/22/annual-turnover-of-rs-15-crore-and-defying-the-government-avirahi-banquet-hall

    दो सप्ताह से पानी की सप्लाई प्रभावित

    उपर्युक्त क्षेत्रों के अलावा जहां 24 घंटे तक पानी की आपूर्ति नहीं होगी, इससे पहले, पाली हिल जलाशय के पुनर्वास के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमस) द्वारा मुंबई में दस प्रतिशत पानी की कटौती की घोषणा की गई थी। मनपा ने कहा है, कि पानी की आपूर्ति कम कर दी जाएगी क्योंकि पाली हिल जलाशय की पुरानी 600-मिमी मुख्य लाइन जो एच/वेस्ट वार्ड के अंतर्गत स्थित है, उसके रिपेयरिंग और पुनर्वास के लिए काम चल रहा है। बीएमसी द्वारा सूचना जारी कर कहा, एच/वेस्ट वार्ड में नियमित पानी की आपूर्ति 11 मार्च (सोमवार) के बाद फिर से शुरू होगी। मनपा प्रशासन निवासियों से इस अवधि के दौरान सहयोग करने और जरूरत के मुताबिक पानी का उपयोग करने का आग्रह किया है। जलापूर्ति में कटौती आज 27 फरवरी से 11 मार्च तक है।

    मुंबई में पानी की कटौती वाले प्रभावित क्षेत्र
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अनुसार मुंबई में इन दो सप्ताह के लिए पानी कटौती से जो क्षेत्र प्रभावित होंगे, वे एच/वार्ड के कई इलाके हैं जिनमें खारदांडा, खार पश्चिम, गजधरबांद, कांटवाड़ी, शेरली राजन, दिलीप कुमार ज़ोन, ज़िग ज़ैग रोड ज़ोन, बांद्रा पश्चिम के कुछ हिस्से, कोल डोंगरी ज़ोन, यूनियन पार्क ज़ोन और पाली हिल ज़ोन शामिल हैं।

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  • Mumbai: फिल्म सिटी के पास दीवार गिरने से दो लोगों की मौत

    Mumbai: फिल्म सिटी के पास दीवार गिरने से दो लोगों की मौत

    मुंबई में गोरेगांव फिल्म सिटी के पास दीवार ढहने से इसकी चपेट में तीन लोग दब गए, दो की मौत एक की हालत गंभीर। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    गोरेगांव पूर्व के फिल्म सिटी (Mumbai Film City) के पास अचानक एक दीवार गिर गई। इसकी चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। बचाव अभियान जारी।

    जानकारी के मुताबिक, घटना मुंबई के उपनगरीय गोरेगांव में फिल्म सिटी (Mumbai Goregaon Film City) के पास हुई है। दीवार गिरने की यह घटना शनिवार की शाम करीब 6.30 बजे की है। यहां आरे कॉलोनी रोड पर फिल्म सिटी के गेट नंबर 2 के पास दीवार गिरी। फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया, कि दीवार लगभग 60 फीट लंबी और 20 फीट ऊंची थी। जिसके अचानक गिरने से मौके पर दो लोगों की दीवार के नीचे दबकर मौत हो गई जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया है।

    Mumbai: फिल्म सिटी के पास दीवार गिरी..

    प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस दौरान आसपास अफरा-तफरी मच गई। गोरेगांव में प्राइम फॉक्स प्रोडक्शन के पीछे फिल्म सिटी गेट नंबर 2 के पास ये दीवार गिरी।
    लोगों ने देखा तो तुरंत दौड़े साथ ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को इसकी सूचना दी। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों ने रेस्क्यू शुरू कर दिया। फायर ब्रिगेड की टीम जब तक पहुंची, तब तक उन लोगों को मलबे से निकाल लिया गया था।

    फिल्म सिटी,
    घटना के बाद रेस्क्यू करते फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की तस्वीर

    इसे भी पढ़े:- अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर एंबुलेंस भी आ गई। इस दौरान घायलों में से दो को 108 एंबुलेंस के साथ आए डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। उनकी पहचान 32 वर्षीय सिंटू मंडल और 45 वर्षीय जयदेव प्रहलाद विश्वास के रूप में हुई है। वहीं घटना में घायल एक व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इसी के साथ पर्क्युसिव रेस्क्यू टूल (पीआरटी) किट की मदद से अब यह पता लगाया जा रहा है, कि कहीं मलबे में कोई और व्यक्ति तो नहीं फंसा है।

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  • भूमाफिया ओमजी कुमावत का सरकारी जमीन का गैरकानूनी कारोबार

    भूमाफिया ओमजी कुमावत का सरकारी जमीन का गैरकानूनी कारोबार

    • मालवनी के नामचीन व्यक्ति का ओमजी कुमावत के पीछे हाथ।
    • सरकारी दफ्तरों मे हेराफेरी करने में फैयाज मयस्कार उर्फ टक्कर का साथ।
    • पुलिस और कानूनी पचड़े से बचने के लिए भाजपा से मिलाया हाथ।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड़ पश्चिम, मालवनी का इलाका समुद्र किनारे होने की वजह से कलेक्टर और मैंग्रोवस की जमीन से भरा पड़ा है। इसी का फायदा उठाकर ओमप्रकाश कुमावत उर्फ ओमजी जैसे भूमाफिया सरकारी जमीन को बेचकर पैसे कमाने का काम कर रहे है। ओमजी कुमावत के खिलाफ़ कई सरकारी जमीन बेचने मैंग्रोवस को दफ़न करने जैसे अनगिनत अपराधिक मामले दर्ज हैं। लेकिन ओमजी कुमावत हमेशा से राजकिय पार्टियों का फायदा उठाकर पुलिस गिरफ्तारी से बच जाता है। हालही में इसने भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा हुआ है उत्तर मुंबई सांसद गोपाल शेट्टी को इसपर विचार करने की जरूरत है।

    भाजपा को मिल सकती है करारी हार ..

    मालवनी का कुख्यात भूमाफिया ओमजी कुमावत एक दल-बदलू नेता है। जो कभी कांग्रेस पार्टी के खेमे में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री असलम शेख के साथ कांग्रेसी कार्यकर्ता के रूप में काम करता था। सरकारी जमीनों को गैरकानूनी बेचना और कुछ पैसे खर्च कर गरीब लोगों को राशन बांटते हुए फ़ोटो खिंचवाने के बल बूते ओमजी लगातार असलम शेख से पार्टी टिकट की डिमांड कर रहा था। ओमजी का आचरण देखते हुए असलम शेख ने कभी भी उसके नगरसेवक बनने के ख्वाब का समर्थन नहीं किया। साथ ही इसके गैरकानूनी कारोबार के खिलाफ हुए पुलिस मुकदमें मे ओमजी कुमावत की कभी भी सहायता नहीं की। फलस्वरूप ओमजी कुमावत पार्टी बदलकर भारतीय जनता पार्टी के उत्तर मुंबई सांसद गोपाल शेट्टी के साथ हाथ मिला लिया है।

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    भूमाफिया ओमजी कुमावत का ख्वाब ..

    ओमजी,
    चुनावी टिकट की चाह में कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ओमजी कुमावत की तस्वीर

    लोगों का कहना है, कि भारतीय जनता पार्टी से भी ओमजी कुमावत की चुनाव लड़ने की मंशा पूरी नहीं होगी। लेकिन सत्ताधारी पार्टी भाजपा और सांसद गोपाल शेट्टी के साथ होने से पुलिस प्रशासन पर आसानी से दबाव बनाकर अपराधिक मामलों में गिरफ्तारी से ओमजी कुमावत बचने में हमेशा कामयाब हो जाता है। लोगों का यह भी कहना है, कि भारतीय जनता पार्टी के उत्तर मुंबई सांसद गोपाल शेट्टी जी को इसपर विचार करने की जरूरत है। ओमजी कुमावत जैसे भूमाफिया को साथ में रखने से पार्टी की गरिमा ही धूमिल होगी। जबकि सांसद गोपाल शेट्टी केंद्र के संसद से लेकर आम जनता के बीच साफ़ सुथरे छवि के धनी हैं। कहीं ऐसा न हो, कि ओमजी कुमावत जैसे भूमाफिया के चलते उनकी गरिमा कलंकित हो जाए। यदि ऐसा हुआ तो भारतीय जनता पार्टी को उत्तर मुंबई सांसद की सीट पर करारी हार का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ऐसी संभावना स्थानिय जनता ने व्यक्त किया है। 

    आप को बता दें, कि ओमजी कुमावत के खिलाफ़ मालवनी पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र. 488/23 के तहत सरकारी कलेक्टर की जमीन हथियाने का अपराधिक मामला दर्ज है। यहां सीटीएस क्रमांक 2670 सर्वे क्रमांक 140 राठौड़ी गांव में जुरासिक पार्क के भीतर सरकारी जमीन को कब्जा करने के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इस जमीन का कुछ तुकडा प्राईवेट जमीन बताकर राधेश्याम गुप्ता को 80 लाख रुपये में ओमजी कुमावत ने बेच दिया है। राधेश्याम गुप्ता एक साधारण व्यापारी होने के कारण जमीन के कागजातों की हेराफेरी से अंजान रहे। लेकिन जब पता चला तो दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ। राधेश्याम गुप्ता के पैसे वापस मांगने पर ओमजी ने पुलिस केस का हवाला बताकर उसे रफा-दफा कर दिया।

    सरकारी जमीनों का मुआयना करते फैयाज मयस्कर उर्फ टक्कर की तस्वीर

    कौन है फैयाज टक्कर ?

    इसी तरह मालाड़ पश्चिम के मार्वे बीच दरिया पार मनोरी गांव के कुछ लोगों को बहला फुसला कर उनकी जमीन हथिया ली है। ओम जी कुमावत सरकारी जमीन के कागजातों में हेरा फेरी करने के लिए मालवनी के एक नामचीन व्यक्ति के जरिए एक खास व्यक्ति फैयाज मयस्कर उर्फ टक्कर को हमेशा के लिए हायर किया हुआ है। फैयाज मयस्कार उर्फ टक्कर के बारे में आपको बता, दें कि यह सरकारी कलेक्टर, तलाठी और तहसीलदार कार्यालय के छोटे से बड़े अधिकारियों को मैनेज करने में कुख्यात है। फैयाज का कहना है कि सरकारी कागजातों में हेरा फेरी को लेकर कोई भी इसका टक्कर नहीं दे सकता। सरकारी अधिकारी भी इसके टक्कर से मात खा जाते हैं।

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    कुछ साल पहले मालवनी अंबोजवाडी के पीछे धारवली गांव में जमीन देने के नाम पर लोगों से पैसे लेकर ठगने का भी फैयाज टक्कर पर आरोप है। जिसको लेकर शिकायतकर्ताओं ने दिंडोशी कोर्ट मे याचिका दायर की है और कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मालवनी का नामचीन व्यक्ति सरकारी और प्राईवेट खाली पड़ी जमीनों का पेपर में हेराफेरी कर कब्जा और बेचने में ओमजी कुमावत का पूरा सहयोग करता है। बताया जाता है, कि फैयाज मयस्कर उर्फ टक्कर मालवनी के इसी नामचीन व्यक्ति का खासमखास बंदा है। जो इसी नामचीन व्यक्ति के इशारे पर सरकारी महकमे के चपरासी से अधिकारी तक को पैसों के बल पर खरीदकर सरकारी कागजातों में हेराफेरी करता है। यदि ऐसा होता रहा तो आम जनता का भरोसा शासन प्रशासन से उठ जाएगा।
    पढ़िए अगले अंक में …

  • अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    अवैध निर्माण में संलिप्त पुरा मनपा का आर/दक्षिण विभाग

    • डीओ. अभय जगताप पर कब पड़ेगी एंटी करप्शन की पैनी नजर ?
    • कब चलेगा मनपा का बुलडोजर?
    • ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं..

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई-
    कंदिवली मनपा आर/दक्षिण विभाग को सर्वाधिक भ्रष्टाचार वार्ड होने का तमगा दिया जाय तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अधिकारी भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हुए हैं। इन्हे किसी भी तरह का डर नही। चाहे जितनी भी खबर अखबार के माध्यम से प्रकाशित होती रहे। इनकी कानों में जूं तक नहीं रेगति। ऐसा कोई सगा नहीं जिसको डी.ओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं की कहावत को चरितार्थ करते हुए खुद ही अवैध बांधकाम कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपये की रिश्वत लेकर उसे स्टे ऑर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। कोर्ट में स्टे के खिलाफ नही बोलता है। जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है।

    ऐसा कोई सगा नहीं जिसको मनपा के डीओ. अभय जगताप ने ठगा नहीं

    ताज़ा मामला कांदिवली (पश्चिम) महाराष्ट्र नगर, एमजी रोड़ से लगकर शर्मा कंपाउंड का है। जहां गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (room) का निर्माण बना लिया जिसके एवज में कथित रूप से लाखों की रिश्वत दी गयी। जबकि परिमंडल-7 की उपायुक्ता भाग्यश्री कापसे, सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डी.ओ.अभय जगताप ने आपस में रिश्वत के पैसे बांट लिए। दिखाने के लिए 354(A) की नोटिस भेज दी गई। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा।

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    सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे ..

    शिकायत कर्ताओं की माने तो…बात बढे नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए सहाय्यक अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया।
    बता दें, कि मनपा अधिनियम 1888 के तहत 354(A) कि नोटिस देने के 24 घंटे के भीतर अवैध बांधकाम पर तोड़क कार्यवाही जरूरी है। लेकिन गैरकानूनी ढंग से रिक्त भूखंड (open plot) पर दो व्यवसायिक गाले और चार मकान (Room) का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क करवाई न करनी पड़े। सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे यानी तोड़क कार्यवाही न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए।
    मनपा आयुक्त इकबाल सिंह चहल, संयुक्त मनपा आयुक्त (विजलेंस), एंटी करप्शन ब्यूरो (मुंबई), से हमारी मांग है, कि आर/दक्षिण, वार्ड के सभी बड़े अधिकारियों के भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक करवाई कराए अन्यथा आपकी शाख पर भी बट्टा लगेगा।

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  • सरकारी जमीन पर पड़े गिद्धों की नजर समुद्र किनारे मैंग्रोवस को कर रहे हैं खत्म

    सरकारी जमीन पर पड़े गिद्धों की नजर समुद्र किनारे मैंग्रोवस को कर रहे हैं खत्म

    • मैंग्रोवस को नष्ट करने से, समुद्री तट की स्थिति बिगड़ सकती है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और चक्रवाती तूफान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
    • चारकोप पुलिस ने किया मामला दर्ज तो अब मालवणी से मैंग्रोवस को खत्म करने की शुरुआत।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    शहर के समुद्र तट पर स्थित मैंग्रोवस के जंगल नष्ट किए जा रहे हैं। जो पर्यावरण और समुद्री जीवन को प्रभावित कर सकते हैं। मालाड़ पश्चिम, मालवणी का कुख्यात भूमाफिया ओमजी कुमावत भरनी माफिया चौरसिया और शिव को साथ लेकर मालवनी चर्च, हिंदू शमशान भूमि के पिछे सर्वे क्र. 27 हिस्सा क्र.1 सीटीएस क्र. 748 की प्लाट से सटा सरकारी जमीन में लगे मैंग्रोवस की झाड़ियों को नष्ट कर रहा है। भूमाफिया ओमजी कुमावत का मकसद बस इस जमीन पर झोपड़पट्टी बनाकर पैसे कमाना है। जब कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार मैंग्रोवस के आसपास  50 मीटर की दूरी पर भरनी या अवैध बांधकाम करना कानूनन अपराध है। इसके तहत आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा सकती है। ऐसा होते हुए भी यहां जमीन मालिक पवन कुमार अग्रवाल को साथ लेकर भूमाफिया ओमजी कुमावत अग्रवाल की जमीन से सटा मैंग्रोवस पर मिट्टी की भरनी कर सरकारी जमीन हथियाने की कोशिश कर रहा है।

    ऐसे ही एक मामले में भूमाफिया ओमजी कुमावत के खिलाफ़ मालवनी पुलिस थाने में गु.र.क्र. 488/23 के तहत अपराधिक मामला दर्ज है। यहां सीटीएस क्रमांक 2670 सर्वे क्रमांक 140 राठौड़ी गांव में जुरासिक पार्क के भीतर सरकारी जमीन को कब्जा करने के खिलाफ केस दर्ज है। मालवानी पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यहां सरकारी जमीन पर दो महले के गाले बनाकर भूमाफिया ओमजी कुमावत ने करोड़ों रुपयों में बेच दिया है। हर बार पुलिस थाने में केस तो दर्ज किया जाता है लेकिन ओमजी कुमावत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश नहीं किया जाता यहां पुलिस प्रशासन कमजोर नज़र आती है। कारण भूमाफिया ओमजी कुमावत पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बनाने में हमेशा कामयाब हो जाता है। इसका खुलासा भूमाफिया ओमजी कुमावत पर दर्ज विभिन्न अपराधिक मामले के बावजूद गिरफ्तारी का न हो पाना साफ दर्शा रहा है।

    बता दे, की ओमजी कुमावत दल बदलू नेता है जो कभी कांग्रेस के खेमे में कार्यकर्ता के रूप में काम करता रहा है। इलेक्शन टिकट की चाह में कांग्रेस से उसे टिकट नहीं मिलने के कारण ओमजी कुमावत ने अब भाजपा का दामन थाम लिया है। भारतीय जनता पार्टी के उत्तर मुंबई सांसद गोपाल शेट्टी के शरण में होने से ओमजी कुमावत को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। ऐसा लोगों का कहना है। बोरीवली तहसीलदार के मंडल अधिकारी आशिष पांडुरंग चव्हाण का कहना है, कि इन भूमाफियाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस नाकाम हो रही है। ओमजी कुमावत के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में सरकारी जमीन कब्जा करने को लेकर लगभग 10 अलग-अलग अपराधिक मामले दर्ज है। लेकिन पुलिस है कि उसे गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश भी नहीं करती। ऐसे में ओमजी जैसे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

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    शहर के आसपास के मैंग्रोवस के जंगल को खत्म करने से कुछ मुख्य प्रभाव जो निम्नलिखित हैं:

    • जलवायु परिवर्तन: मैंग्रोव के जंगल समुद्री तट के किनारे को स्थायी तापमान, तैराव, और तटीय अपशिष्टों के लिए संरक्षण प्रदान करते हैं। इनके नष्ट हो जाने से, समुद्री तट की स्थिति बिगड़ सकती है और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से उदासीनता, जलवायु परिवर्तन, और चक्रवाती तूफान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
    • जल-प्रदूषण: मैंग्रोव जंगल समुद्री तट की प्राकृतिक रक्षा प्रदान करते हैं और जल-प्रदूषण को रोकते हैं। उनके नष्ट हो जाने से, जल-प्रदूषण की संभावना बढ़ सकती है, जो समुद्री जीवन को बाधित कर सकता है और मानव स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है।
    • जीवनसंस्कृति के हानि: मैंग्रोव जंगल विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के लिए आवास का स्थल प्रदान करते हैं और समुद्री जीवन को संभालते हैं। इनके नष्ट हो जाने से, समुद्री जीवन और वन्यजीवों की संख्या में कमी हो सकती है, जो जीवनसंस्कृति के लिए हानिकारक हो सकता है।
    • समुद्री सूर्य और तैरने वाले पक्षियों की संरक्षा: मैंग्रोव के जंगल उन जीवों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं जो समुद्री तट पर रहते हैं, जैसे कि समुद्री सूर्य और तैरने वाले पक्षी। इनके नष्ट हो जाने से, इन पक्षियों की संरक्षा में कठिनाई हो सकती है।
    मैंग्रोवस,
    दलबदलू राजनीतिक नेता एवं भूमाफिया ओमजी कुमावत की तस्वीर

    इसलिए, मैंग्रोव जंगल के नष्ट हो जाने से समुद्र तट की स्थिति बिगड़ सकती है और समुद्री पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव पैदा हो सकते हैं। हाईकोर्ट रिट याचिका क्र. 3246/2004 रूपांतरित जनहित याचिका क्र. 86/2006 दिनांक 6 अक्टूबर 2005 के आदेश में कोर्ट में मैंग्रोवस से 50 मीटर के आसपास विकास काम को नहीं करने का आदेश दिया है जो की भूमाफिया ओमजी कुमावत लगातार न्यायालय के आदेशों को भंग कर रहा है।

    चारकोप पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र. 498/23 में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत 15(1),15(2) के तहत कुल 9 लोगों के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज है। जिसमें भूमाफिया ओमजी कुमावत ने सरकारी मैंग्रोवस की जमीन से सट कर मिट्टी की भरनी और पत्रे के 25 रूमों का अवैध निर्माण किया था। जो, कि सर्वे नंबर 216नगर भू क्रमांक 4, मौजे मालवणी, चारकोप गांव, कांदीवली पश्चिम, बोरीवली, मुंबई है। इस केस में चारकोप पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं की ऐसे स्वाभाविक है कि भूमाफिया के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं।

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    अब ओमजी कुमावत उसी मैंग्रोवस के जंगल को खत्म करने, उस जमीन पर मिट्टी गिराकर भरनी करने और अवैध बांधकाम के जरिए रूम बनाकर बेचने के फिराक में भरनी माफिया चौरसिया और शिव को साथ लेकर मालवनी चर्च, हिंदू शमशान भूमि के पिछे सर्वे क्र. 27 हिस्सा क्र.1 सीटीएस क्र. 748 की प्लाट से सटा सरकारी जमीन में लगे मैंग्रोवस की झाड़ियों को नष्ट कर रहा है। बता दें, कि यह वही मैंग्रोवस के जंगल की जमीन है। जो चारकोप कांदीवली से लेकर मालाड़ के मालवनी इलाके तक फैला हुआ है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब मुंबई शहर प्राकृतिक आपदा के चलते तहस नहस हो जाएगा पुलिस प्रशासन को चाहिए की किसी के भी दबाव में न आकर अपराधियों पर सख्ती से पेश आये जिससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।

  • बृहन्मुंबई महानगर पालिका में भ्रष्टाचार पर कब लगेगी लगाम ?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका में भ्रष्टाचार पर कब लगेगी लगाम ?

    भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास। 5 लाख रुपये लेनदेन की चर्चा, एंटी करप्शन विभाग।

    सुरेन्द्र राय
    मुंबई
    – बृहन्मुंबई महानगरपालिका, आर/ दक्षिण (BMC R/South) विभाग के डिओ (D.O) अभय जगताप और अवैध निर्माण (Illegal construction) के ठेकेदार (Contractor) चंचल यादव के बीच चोली दामन का याराना लगता है। भ्रष्टाचार के तहत विडंबना यह है, कि प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर भी अभय जगताप के भ्रष्ट रवैये पर अपनी चुप्पी साध ली है। जबकि महाराष्ट्र राज्य के मुख्यमंत्री बन चुके एकनाथ शिंदे ने हमेशा ही भ्रष्टाचारियों (Corruption) पर लगाम लगाने की बातें कहीं है। मगर भ्रष्टाचार है कि मनपा (BMC) को कुतर-कुतर कर खाता जा रहा है। आर/दक्षिण विभाग के डिओ अभय जगताप के कारनामे जग जाहिर हो चुके हैं। उक्त डिओ अभय जगताप मनपा और राज्य सरकार द्वारा बनाए गए कानून की धज्जियां उड़ाकर दौलत कमा रहे हैं। (भ्रष्टाचार)

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    मनपा के भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन का रवैया..

    मनपा आर/दक्षिण विभाग के अंतर्गत इमारत व कारखाना विभाग में कार्यरत पद निर्देशित अधिकारी व कार्यकारी अभियंता (प्रभारी डिओ) अभय जगताप और अवैध बांधकाम के ठेकेदार चंचल यादव की साठगांठ से धड़ल्ले के साथ अवैध निर्माण का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है, कि कांदिवली (पूर्व), वडारपाड़ा रोड नंबर 2, लोकमान्य चाल, सागर मेडिकल के सामने G+2 (तीन मंजिला) के व्यवसायिक (Commercial) गाले के अति धोखा दायक अवैध निर्माण को जिस ठेकेदार चंचल यादव द्वारा अवैध रूप से किया गया।

    उस अवैध निर्माण को मनपा आर/दक्षिण के प्रभारी डिओ अभय जगताप का संरक्षण प्राप्त है। जिसमें 5 लाख रुपए के लेनदेन (आर्थिक व्यवहार) की चर्चा है। जो उक्त अवैध बांधकाम की तमाम शिकायतों के बावजूद न तोड़ा जाना प्रमाणित करता है, कि उक्त अवैध निर्माण को भ्रष्ट (Corrupt) डिओ (प्रभारी) अभय जगताप का वरदहस्त प्राप्त है। अब ऐसे में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने का दम भरने वाली एंटी करप्शन (Anti Corruption) विभाग भी कुंभकरण की नींद में सो रहा है ऐसा स्थानीय समाज सेवकों का मानना है। (भ्रष्टाचार)

    भ्रष्टाचार,
    कांदिवली पूर्व अवैध निर्माण की तस्वीर

    अब देखना यह है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त ललित तलेकर कौन सी कार्रवाई करेंगे। याद हो, कि उक्त भ्रष्ट प्रभारी डिओ अभय जगताप द्वारा शासन प्रशासन को हमेशा गुमराह करने का प्रयास करने की चर्चा है। देखना है, कि आर/दक्षिण विभाग के प्रभारी सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner) कौन सी दंडात्मक कार्रवाई करते हैं। (भ्रष्टाचार)

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