दक्षिण कोरिया के पूर्व पॉप स्टार दाऊद किम के यूट्यूब चैनल पर 55 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पिछले दिनों बताया, कि वह दक्षिण कोरिया में मुसलमानों के नमाज पढ़ने के लिए और ज्यादा मस्जिदें बनाना चाहते हैं। अपने फैन्स से इस प्रोजेक्ट के लिए चंदा देने को भी कहा। वहां के लोग मस्जिद बनाने का कर रहे हैं विरोध।
न्यूज़ डेस्क (indian fasttrack news network)
देश विदेश- दक्षिण कोरिया के पूर्व पॉप स्टार (K-Pop Star) एवं यूट्यूबर दाऊद किम इंचियोन में मस्जिद बनाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय लोगों के काफी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। दाऊद किम ने वर्ष 2020 में इस्लाम अपना लिया, जिससे पहले उन्हें के-पॉप स्टार जे किम के नाम से जाना जाता था।
दाऊद किम के यूट्यूब चैनल पर 55 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर पिछले दिनों बताया, कि वह दक्षिण कोरिया में मुसलमानों के नमाज पढ़ने के लिए और ज्यादा मस्जिदें बनाना चाहते हैं। उन्होंने अपने फैन्स से इस प्रोजेक्ट के लिए चंदा देने को भी कहा। (Daud Kim @jaehanKim66 YouTube Channel Korea Now)
दक्षिण कोरिया में कितने है मुसलमान ?
द-कोरिया हेराल्ड के अनुसार, दाऊद किम ने इंचियोन में मस्जिद बनाने के लिए जमीन भी खरीद ली है, जो दक्षिण कोरिया के सोल राजधानी क्षेत्र का हिस्सा है। हालांक इस प्रोजेक्ट में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें लैंड कॉन्ट्रैक्ट, प्रशासनिक बाधाएं, धोखाधड़ी के आरोप और स्थानीय लोगों का विरोध शामिल है। दक्षिण कोरिया में वर्ष 2015 में हुई जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, यहां की 5 करोड़ आबादी में से लगभग 56% अधार्मिक हैं, प्रोटेस्टेंट 19% हैं, इसके बाद कोरियाई बौद्ध (15.5%) और कैथोलिक (8%) हैं। यहां करीब डेढ़ प्रतिशत मुस्लिम भी रहते है, जिनमें से करीब सवा लाख लोग मजदूर हैं, जो मुख्य रूप से यहां उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के मूल निवासी हैं, जबकि 30,000 छात्र और यहां कारोबारी हैं।

मस्जिद बनाने का क्यों हो रहा है विरोध ?
दाऊद किम द्वारा सार्वजनिक रूप से मस्जिद के लिए इंचियोन में जमीन खरीदने की घोषणा करने के बावजूद, जमीन के पिछले मालिक ने कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का अनुरोध किया। इस जमीन के पिछले मालिक ने दक्षिण कोरिया की स्थानीय समाचार चैनल योनहाप न्यूज़टीवी को बताया, ‘मैंने रियल एस्टेट एजेंट से अनुबंध समाप्त करने के लिए कहा है।’
दरअसल इस मस्जिद को लेकर वहां के कुछ स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। उन्हें डर है, कि यहां पर मस्जिद बनने से उनकी प्रॉपर्टी की कीमत गिर जाएगी। द-कोरिया हेराल्ड के अनुसार, किम की प्रस्तावित मस्जिद स्थल के पास गैर-मुस्लिम कोरियाई निवासी इस योजना के सख्त खिलाफ हैं। येओंगजोंग निवासियों के लिए एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर अपनी आपत्तियां पोस्ट की गईं, जिसमें कहा गया कि मस्जिद योजना ‘इलाके में घरों की कीमतें कम कर देंगी।’
दाऊद किम की इस मस्जिद परियोजना में स्थानीय लोगों के विरोध के बाद अब प्रशासनिक बाधाएं भी खड़ी हो गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, कि धार्मिक सभा स्थल बनाने के लिए पूर्व-आवश्यक अनुमति नहीं ली गई।
