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  • India vs Japan T20I: भारत सिर्फ 2 रन से जीता, जापान ने मचाया हड़कंप; 5 ओवर के मैच में आखिरी गेंद तक चला रोमांच

    India vs Japan T20I: भारत सिर्फ 2 रन से जीता, जापान ने मचाया हड़कंप; 5 ओवर के मैच में आखिरी गेंद तक चला रोमांच

    India vs Japan T20I: बारिश से 5 ओवर के हुए मुकाबले में भारत ने जापान को सिर्फ 2 रन से हराया। भारत ने 32/4 बनाए, जापान 30/3 तक पहुंचा।

    India vs Japan T20I: भारत और जापान के बीच 22 सितंबर 2026 को सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड, जापान में खेला गया ऐतिहासिक टी20 इंटरनेशनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। बारिश और गीले मैदान के कारण मैच को घटाकर 5-5 ओवर का करना पड़ा। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 32 रन बनाए, लेकिन जापान ने आखिरी ओवर तक मुकाबला अपने हाथ में बनाए रखा। आखिरकार भारत ने जापान को 30/3 के स्कोर पर रोककर मुकाबला सिर्फ 2 रन से जीत लिया।

    यह दोनों देशों की पुरुष टीमों के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबला था। यह मैच भारत-जापान के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोह से भी जुड़ा था और “Sport 75” पहल के तहत आयोजित किया गया था।

    बारिश के कारण 5 ओवर का हुआ मैच

    मुकाबले के निर्धारित समय में बारिश और गीले आउटफील्ड के कारण काफी समय खराब हुआ। इसके बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला 5-5 ओवर का कर दिया गया।

    भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि जापान के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया।

    जापान के गेंदबाजों ने भारत को रोका

    भारत की शुरुआत बेहद खराब रही। चार्ली हारा-हिंजे ने अभिषेक शर्मा को पहली ही गेंद पर आउट कर दिया। इसके कुछ ही समय बाद इब्राहिम ताकाहाशी ने संजू सैमसन का विकेट हासिल किया।

    इसके बाद बेंजामिन इटो-डेविस ने ईशान किशन को आउट किया और भारत का स्कोर 14 रन पर तीन विकेट हो गया। भारतीय टीम ने पांच ओवर में चार विकेट खोकर 32 रन बनाए।

    भारत की ओर से कप्तान श्रेयस अय्यर ने सबसे ज्यादा 16 रन बनाए। उन्होंने 12 गेंदों का सामना किया। संजू सैमसन ने 7 गेंदों पर 9 रन बनाए। जापान की ओर से चार्ली हारा-हिंजे ने 2 विकेट लिए।

    जापान के सामने 33 रन का लक्ष्य

    भारत के 32/4 के बाद जापान को जीत के लिए 33 रन बनाने थे। इतने छोटे लक्ष्य के बावजूद मुकाबला आसान नहीं था, क्योंकि पिच पर गेंद काफी टर्न हो रही थी।

    जापान की पारी की शुरुआत भी धीमी रही। अक्षर पटेल ने पहले ओवर में लाचलान यामामोटो-लेक को आउट किया। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर ने इब्राहिम ताकाहाशी को पवेलियन भेज दिया।

    आखिरी ओवर में बदल गया पूरा मैच

    जापान ने तीसरे ओवर में वापसी की। कप्तान केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग और बेंजामिन इटो-डेविस ने मिलकर 10 रन बनाए। इसके बाद जापान ने अगले ओवर में भी 6 रन जुटाए।

    अब आखिरी ओवर में जापान को जीत के लिए 8 रन चाहिए थे।

    भारत की ओर से अक्षर पटेल ने अंतिम ओवर संभाला। जापान जीत के बेहद करीब था, लेकिन अक्षर ने दबाव में गेंदबाजी करते हुए उस ओवर में सिर्फ 5 रन दिए। इस तरह जापान की पारी 30/3 पर रुक गई और भारत ने मुकाबला 2 रन से अपने नाम कर लिया।

    श्रेयस अय्यर बने प्लेयर ऑफ द मैच

    श्रेयस अय्यर को उनके 16 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। मैच के बाद अय्यर ने बताया कि पिच पर गेंद काफी ज्यादा टर्न कर रही थी, इसलिए भारतीय बल्लेबाजों के लिए बड़े शॉट खेलना आसान नहीं था। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में सिंगल और डबल लेकर स्कोर आगे बढ़ाने की रणनीति अपनाई।

    अय्यर ने जापान के प्रदर्शन की भी तारीफ की और कहा कि पांच ओवर के मैच में परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। उन्होंने जापान की टीम के रवैये को अच्छा बताया और इस मुकाबले को एशियन गेम्स से पहले भारत के लिए उपयोगी अभ्यास भी माना।

    जापान के कप्तान ने क्या कहा?

    जापान के कप्तान केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग ने मैच के बाद अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि जापान ने दुनिया की शीर्ष टीमों में से एक भारत को आखिरी गेंद तक चुनौती दी।

    जापान की टीम भारत के खिलाफ ऐतिहासिक जीत से सिर्फ कुछ रन दूर रह गई।

    भारत की टी20 क्रिकेट में बड़ी उपलब्धि

    जापान पर मिली यह जीत भारत के लिए एक और रिकॉर्ड के साथ आई। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 जीत पूरी कीं और 200 टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत दर्ज करने वाली पहली टीम बनी। इस आंकड़े में सुपर ओवर से हासिल की गई जीत भी शामिल हैं।

    भारत-जापान के बीच ऐतिहासिक मुकाबला

    यह मुकाबला केवल एक क्रिकेट मैच नहीं था। BCCI और Japan Cricket Association के अनुसार, यह मैच भारत और जापान के राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के समारोह का हिस्सा था।

    india-vs-japan-t20i-india-win-by-2-runs

    “Suzuki Cup” के तहत आयोजित यह मुकाबला “Sport 75” पहल की शुरुआत से जुड़ा था। इसका उद्देश्य भारत और जापान के बीच खेल के माध्यम से लोगों के बीच संपर्क और सहयोग को बढ़ावा देना है।

    ICC के मुताबिक जापान 2005 से ICC का Associate Member है और भारत के खिलाफ यह उसकी पहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भिड़ंत थी।

    अब एशियन गेम्स पर नजर

    भारत और जापान दोनों के लिए यह मुकाबला 2026 एशियन गेम्स से पहले तैयारी का हिस्सा भी था। ICC के अनुसार भारत एशियन गेम्स में पुरुष टी20 प्रतियोगिता में अपने पिछले स्वर्ण पदक को बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ उतरेगा।

    जापान की टीम भी इस मुकाबले के बाद एशियन गेम्स अभियान में आगे बढ़ी। भारत को अपने अभियान में सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला।

    India vs Japan T20I Score

    भारत: 32/4 (5 ओवर)
    जापान: 30/3 (5 ओवर)
    नतीजा: भारत 2 रन से जीता
    प्लेयर ऑफ द मैच: श्रेयस अय्यर — 16 रन
    भारत के प्रमुख गेंदबाज: वॉशिंगटन सुंदर 2/13
    जापान के प्रमुख बल्लेबाज: केंडल काडोवाकी-फ्लेमिंग 12 रन
    मैच: एकमात्र T20I, 22 सितंबर 2026, सानो, जापान

    भारत ने जापान के खिलाफ ऐतिहासिक पहली T20I जीत दर्ज कर ली, लेकिन यह मुकाबला उम्मीद से कहीं ज्यादा कड़ा रहा। बारिश से पांच ओवर का हुआ मैच आखिरी ओवर तक पहुंचा और जापान भारत को परेशान करने में सफल रहा। भारत ने 32 रन का स्कोर बचाकर 2 रन से मुकाबला जीता और इसके साथ ही पुरुष टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी 200वीं जीत भी दर्ज की।

    FAQ

    Q. India vs Japan T20I कौन जीता?
    भारत ने जापान को 2 रन से हराया।

    Q. India vs Japan का स्कोर क्या था?
    भारत ने 5 ओवर में 32/4 बनाए और जापान 5 ओवर में 30/3 बना सका।

    Q. India vs Japan मैच कितने ओवर का था?
    बारिश और गीले मैदान के कारण मैच 5-5 ओवर का किया गया।

    Q. India vs Japan T20I में प्लेयर ऑफ द मैच कौन रहा?
    श्रेयस अय्यर को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    Q. भारत ने 200वीं T20I जीत कब हासिल की?
    भारत ने जापान के खिलाफ 22 सितंबर 2026 को 2 रन की जीत के साथ पुरुष टी20 इंटरनेशनल में अपनी 200वीं जीत पूरी की।

    Official Source

  • IND vs AFG: नितीश रेड्डी के 3 विकेट, सैमसन की तूफानी पारी; भारत ने 2-0 से जीती सीरीज

    IND vs AFG: नितीश रेड्डी के 3 विकेट, सैमसन की तूफानी पारी; भारत ने 2-0 से जीती सीरीज

    IND vs AFG: भारत ने दूसरे टी20 में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर सीरीज 2-0 से जीत ली। नितीश रेड्डी और संजू सैमसन रहे जीत के हीरो।

    नई दिल्ली: भारत ने IND vs AFG दूसरे टी20 मुकाबले में अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली। अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में भारत ने संजू सैमसन की 57 रन की तेज पारी और अभिषेक शर्मा के 39 रन की मदद से 14.5 ओवर में 3 विकेट पर 163 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत में बल्लेबाजों के साथ नितीश कुमार रेड्डी की गेंदबाजी सबसे बड़ा अंतर साबित हुई। उन्होंने तीन ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट लिए और अफगानिस्तान की पारी के मध्य ओवरों में रन बनाने की गति पर लगाम लगा दी।

    नितीश रेड्डी ने अफगानिस्तान की पारी को दिया झटका

    भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। जसप्रीत बुमराह ने शुरुआती ओवर में इब्राहिम जादरान पर दबाव बनाया, जबकि दूसरे ओवर में अर्शदीप सिंह ने रहमानुल्लाह गुरबाज को शून्य पर आउट कर दिया।

    इसके बाद इब्राहिम जादरान ने 37 रन बनाकर पारी संभालने की कोशिश की, लेकिन नितीश रेड्डी ने उन्हें आउट कर अफगानिस्तान की साझेदारी तोड़ी। इसके बाद उन्होंने गुलबदीन नईब को भी पवेलियन भेजा। अंतिम ओवर में नितीश ने राशिद खान का विकेट लेकर अपना तीसरा शिकार पूरा किया।

    अफगानिस्तान की पारी का सबसे कमजोर दौर 7वें से 15वें ओवर के बीच आया। इस दौरान टीम सिर्फ 64 रन बना सकी और उसके पांच विकेट गिर गए। इस दबाव के कारण अफगानिस्तान बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाया।

    मोहम्मद नबी ने 20 और राशिद खान ने 28 रन बनाकर आखिरी ओवरों में टीम को संभाला। दोनों ने 28 गेंदों पर 48 रन की साझेदारी की, जिससे अफगानिस्तान 159 रन तक पहुंच सका।

    संजू सैमसन ने आलोचनाओं का दिया जवाब

    160 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने तेज शुरुआत दी। अभिषेक ने 19 गेंदों में 39 रन बनाए, जबकि सैमसन ने सिर्फ 22 गेंदों पर 57 रन की विस्फोटक पारी खेली।

    सैमसन ने अपनी पारी में 7 चौके और 4 छक्के लगाए। पहले टी20 में केवल 10 रन पर आउट होने के बाद उनकी यह पारी खास रही। उन्होंने अभिषेक के साथ मिलकर भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई और लक्ष्य को काफी आसान बना दिया।

    राशिद खान ने भारत के तीन विकेट लिए और सैमसन, अभिषेक शर्मा तथा कप्तान श्रेयस अय्यर को आउट किया। श्रेयस अय्यर इस मैच में 11 रन ही बना सके। इसके बावजूद भारत की बल्लेबाजी की गहराई इतनी मजबूत रही कि लक्ष्य तक पहुंचने में कोई परेशानी नहीं हुई।

    भारत के लिए सबसे बड़ी खबर नितीश रेड्डी का प्रदर्शन

    इस जीत को सिर्फ सैमसन की 57 रन की पारी तक सीमित करना सही नहीं होगा। नितीश कुमार रेड्डी का 3/24 प्रदर्शन भारत के लिए आगे की टी20 योजनाओं के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

    एक ऐसे मुकाबले में जहां भारत को मध्य ओवरों में विकेट की जरूरत थी, नितीश ने लगातार प्रभाव डाला। उनके प्रदर्शन ने टीम को एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प दिया और अफगानिस्तान की रन गति को उस समय रोका जब पारी तेजी पकड़ सकती थी।

    वरुण चक्रवर्ती की चोट के बीच मिला रवि बिश्नोई को मौका

    दूसरे टी20 में भारत के स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई की वापसी हुई। उन्हें वरुण चक्रवर्ती की जगह मौका मिला था।

    वरुण चक्रवर्ती ताजा साइड स्ट्रेन के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ बाकी टी20 सीरीज से बाहर हो चुके हैं। बीसीसीआई सूत्र के अनुसार MRI में साइड स्ट्रेन की पुष्टि हुई है और उनकी एशियाई खेलों में उपलब्धता पर भी सवाल खड़ा हो गया है।

    वरुण ने पहले टी20 में चार ओवर में सिर्फ 16 रन देकर एक विकेट लिया था। ऐसे में उनका बाहर होना भारत के स्पिन विकल्पों के लिए अहम बदलाव है। एशियाई खेल 28 सितंबर से जापान में होने हैं, जबकि भारत की उससे पहले 22 सितंबर को जापान के खिलाफ टी20 मुकाबला भी निर्धारित है।

    अब तीसरे टी20 में क्या होगा?

    भारत ने दो मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली है, लेकिन तीसरा टी20 अभी बाकी है। यह मुकाबला 17 सितंबर को अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली में खेला जाएगा। तीनों मैच इसी मैदान पर निर्धारित किए गए थे।

    सीरीज जीतने के बाद भारत के सामने अब तीसरे मैच में अपनी बेंच स्ट्रेंथ आजमाने और कुछ खिलाड़ियों को मौका देने का विकल्प रहेगा। वहीं अफगानिस्तान के लिए आखिरी मुकाबला सीरीज को 1-2 पर खत्म करने का मौका होगा।

    दूसरे टी20 ने भारत को सिर्फ एक और जीत नहीं दी है। संजू सैमसन की फॉर्म में वापसी, अभिषेक शर्मा की तेज शुरुआत और नितीश कुमार रेड्डी की प्रभावी गेंदबाजी ने टीम के अगले बड़े टी20 मुकाबलों से पहले कई सकारात्मक संकेत दिए हैं।

  • 20 साल तक पत्नी को Drug कर यौन शोषण, पति ने 60 अपराध कबूले

    20 साल तक पत्नी को Drug कर यौन शोषण, पति ने 60 अपराध कबूले

    20 साल से पत्नी को drug कर यौन शोषण के मामले में पति ने 60 अपराध कबूले। 12 अन्य पुरुषों पर आरोपों का ट्रायल अभी जारी है।

    यूनिट किंगडम: 20 साल से अधिक समय तक अपनी पत्नी को कथित तौर पर drug कर यौन शोषण करने वाले एक व्यक्ति ने अब कुल 60 अपराधों में दोष स्वीकार कर लिया है। सोमवार को अदालत में उसने 45 और आरोपों पर guilty plea किया। इससे पहले वह 15 अपराध स्वीकार कर चुका था। पीड़िता अपने परिवार के सदस्यों के साथ अदालत में मौजूद थी।

    यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि पति के खिलाफ दर्ज अपराधों का सिलसिला 2004 से 2025 तक का बताया गया है। मामले में उससे जुड़े दूसरे पुरुषों पर भी गंभीर यौन अपराधों के आरोप हैं, लेकिन उनके खिलाफ आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं।

    पति ने 45 और अपराधों में कबूला गुनाह

    सोमवार की सुनवाई में आरोपी ने 45 आरोपों में दोष स्वीकार किया। इनमें 21 rape counts, assault by penetration और sexual assault से जुड़े अपराध शामिल हैं। इसके अलावा बिना सहमति अंतरंग तस्वीरें साझा करने और किसी व्यक्ति को stupefy या overpower करने के इरादे से substance देने से जुड़ा अपराध भी शामिल है।

    इससे पहले जून 2026 में उसने 15 अपराध स्वीकार किए थे। इस तरह अब उसके खिलाफ स्वीकार किए गए अपराधों की कुल संख्या 60 हो गई है।

    अभियोजन के अनुसार, पत्नी को ऐसी स्थिति में पहुंचाया जाता था जिसमें वह sexual activity के लिए सहमति देने में सक्षम नहीं रहती थी। मामले से जुड़े आरोपों की अवधि 2004 से 2025 तक बताई गई है।

    यह मामला सिर्फ पति तक सीमित नहीं

    इस मामले में पति के अलावा 13 अन्य पुरुष भी आरोपों का सामना कर रहे हैं। हालांकि सभी आरोपियों की कानूनी स्थिति एक जैसी नहीं है।

    Keith Fotheringham पहले ही चार अपराधों में guilty plea कर चुका है। इनमें rape की साजिश, assault by penetration की साजिश, substance देने की साजिश और assault by penetration शामिल हैं।

    बाकी 12 पुरुष आरोपों से इनकार कर चुके हैं और उनके खिलाफ ट्रायल जारी है। इसलिए उन्हें दोषी कहना अभी कानूनी रूप से सही नहीं होगा।

    यही वजह है कि पति द्वारा 60 अपराध स्वीकार करने को बाकी आरोपियों की guilt का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

    20 साल पुराने मामले में 2025 तक क्या होता रहा?

    अभियोजन के अनुसार पति से जुड़े अपराधों की शुरुआत 2004 तक जाती है। बाद के वर्षों में मामले में दूसरे पुरुषों से जुड़े आरोप भी सामने आए, जिनमें कई आरोप 2018 से 2025 के बीच के बताए गए हैं।

    जून 2026 की सुनवाई में पति ने जिन 15 अपराधों को स्वीकार किया था, उनमें से कुछ अपराध मार्च 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच के थे।

    इससे मामले की गंभीरता केवल किसी एक घटना तक सीमित नहीं रहती। अदालत के सामने दो दशकों से अधिक समय से जुड़े अपराधों का पूरा सिलसिला है।

    बिना सहमति तस्वीरें साझा करने का आरोप भी शामिल

    मामले में sexual assault के अलावा बिना सहमति intimate images साझा करने का अपराध भी शामिल है।

    यह पहलू बताता है कि मामला केवल physical sexual abuse तक सीमित नहीं है। Digital material को साझा करना भी investigation का हिस्सा बना है।

    ब्रिटेन में इसी तरह के मामलों को लेकर online sexual abuse networks और drug-facilitated sexual assault पर कानून प्रवर्तन एजेंसियां अलग से काम कर रही हैं।

    ब्रिटेन में Drug-Facilitated Sexual Assault पर बढ़ी चिंता

    इस मामले का व्यापक महत्व इसलिए भी है क्योंकि ब्रिटेन में authorities drug-facilitated sexual assault को लेकर बड़ी जांच और coordinated response चला रही हैं।

    National Crime Agency और Crown Prosecution Service ने ऐसे मामलों में drug या दूसरे substances के जरिए किसी व्यक्ति की consent देने की क्षमता को प्रभावित करने वाले अपराधों पर कार्रवाई बढ़ाई है। जांच में online networks और दूसरे देशों से जुड़े संभावित links भी सामने आए हैं।

    NCA के अनुसार इस broader investigation में बड़ी संख्या में individuals और investigative leads सामने आए हैं, जिससे अधिकारियों को इस तरह के अपराधों की वास्तविक scale और reporting को लेकर चिंता है।

    Gisèle Pelicot केस से क्यों हो रही तुलना?

    इस मामले की तुलना फ्रांस के चर्चित Gisèle Pelicot case से भी की जा रही है।

    दोनों मामलों में एक महत्वपूर्ण समानता यह है कि महिलाओं के साथ sexual abuse ऐसे समय में किए जाने के आरोप हैं जब वे drugged या unconscious अवस्था में थीं और उनके intimate partners पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के आरोप लगे।

    लेकिन दोनों मामलों को पूरी तरह समान मानना सही नहीं होगा। इस मामले में पति ने अपने खिलाफ 60 अपराध स्वीकार किए हैं, जबकि बाकी 12 पुरुषों के खिलाफ आरोपों पर अदालत का फैसला अभी बाकी है।

    पत्नी की पहचान क्यों नहीं बताई जा रही?

    पीड़िता की पहचान कानूनी कारणों से सार्वजनिक नहीं की गई है। ब्रिटेन में sexual offence victims को आम तौर पर lifelong anonymity मिलती है।

    इसलिए आरोपी का नाम भी प्रकाशित नहीं किया जा रहा, क्योंकि उससे पीड़िता की पहचान सामने आने का खतरा हो सकता है।

    अदालत में सुनवाई के दौरान महिला अपने परिवार के सदस्यों के साथ मौजूद थी।

    अब आगे क्या होगा?

    पति ने अपने खिलाफ 60 अपराधों में दोष स्वीकार कर लिया है, इसलिए उसके द्वारा स्वीकार किए गए अपराधों पर sentencing की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

    लेकिन पूरा मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। अन्य 12 आरोपियों का ट्रायल जारी है, और उनके खिलाफ आरोप अभी अदालत में साबित होना बाकी हैं।

    आने वाले समय में इस मामले में दो महत्वपूर्ण developments पर नजर रहेगी—पति की sentencing और बाकी आरोपियों के खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया।

    यह मामला अब केवल एक परिवार के भीतर हुए लंबे समय के यौन अपराधों तक सीमित नहीं रह गया है। यह drug-facilitated sexual assault, intimate-partner abuse और online sexual exploitation से जुड़ी उन व्यापक चिंताओं को भी सामने लाता है, जिन पर ब्रिटेन की कानून प्रवर्तन एजेंसियां फिलहाल कार्रवाई कर रही हैं।

  • Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की, Ganesh Chaturthi 2026 पर मांगी शांति-समृद्धि

    Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की, Ganesh Chaturthi 2026 पर मांगी शांति-समृद्धि

    Ganesh Chaturthi 2026 पर Singapore Envoy Simon Wong ने Ganapati Sthapana की। जानें 11:02 AM Muhurat, Mumbai Puja Timing और Visarjan की तारीख।

    नई दिल्ली: Ganesh Chaturthi 2026 के मौके पर भारत में Singapore के High Commissioner Simon Wong ने Ganapati Sthapana की तैयारी करते हुए सभी के लिए शांति और समृद्धि की कामना की। Wong ने 14 सितंबर को साझा किए गए संदेश में बताया कि वह 11:02 AM पर Ganpati Sthapana की तैयारी कर रहे थे, जब Madhyahna Puja Muhurat शुरू हो रहा था। उन्होंने लोगों को Happy Ganesh Chaturthi की शुभकामनाएं भी दीं।

    Simon Wong ने Ganesh Chaturthi पर क्या कहा?

    Simon Wong ने Ganapati Sthapana से पहले अपने संदेश में शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि वह निर्धारित Madhyahna Puja Muhurat के दौरान Ganpati Sthapana की तैयारी कर रहे थे।

    उनका यह संदेश ऐसे समय आया जब Ganesh Chaturthi 2026 के अवसर पर भारत के अलग-अलग हिस्सों में घरों, मंदिरों और सार्वजनिक गणेश मंडलों में भगवान गणेश की स्थापना की जा रही है।

    Simon Wong का Ganesh Chaturthi संदेश इसलिए भी चर्चा में आया क्योंकि उन्होंने केवल festival greetings साझा नहीं किए, बल्कि स्वयं Ganapati Sthapana की तैयारी का उल्लेख किया।

    11:02 AM का Ganesh Puja Muhurat क्या है?

    Ganesh Chaturthi 2026 के लिए Chaturthi Tithi 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू हुई और 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी। गणेश पूजा और Ganpati Sthapana के लिए Madhyahna period को महत्वपूर्ण माना जाता है।

    New Delhi में Ganesh Chaturthi 2026 का Madhyahna Puja Muhurat 11:02 AM से 1:31 PM तक है। Simon Wong ने अपनी पोस्ट में इसी 11:02 AM समय का उल्लेख किया था।

    हालांकि, यह पूरे भारत के लिए एक समान समय नहीं है। स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग शहरों में Ganesh Puja Timing में अंतर है। Mumbai में Madhyahna Ganesh Puja Muhurat 11:20 AM से 1:48 PM तक है।

    Ganesh Chaturthi 2026: आज क्या खास है?

    Ganesh Chaturthi इस वर्ष 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जा रही है। यह दिन भगवान गणेश की स्थापना और पूजा के साथ Ganeshotsav की शुरुआत का प्रमुख अवसर है।

    देशभर में भक्त भगवान गणेश की पूजा कर रहे हैं और कई स्थानों पर सार्वजनिक गणेश मंडलों में बड़े स्तर पर आयोजन किए जा रहे हैं। Mumbai में Ganeshotsav का असर सार्वजनिक जीवन पर भी दिखाई दे रहा है।

    Mumbai में Ganesh Chaturthi का क्या असर है?

    Mumbai में Ganesh Chaturthi के कारण 14 सितंबर को स्कूल और कॉलेज बंद हैं। बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए भी holiday है और financial markets भी बंद हैं।

    शहर में गणेश मंडलों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने के कारण कई इलाकों में भीड़ और traffic movement में बदलाव देखने को मिल रहा है। सार्वजनिक जुलूसों और बड़े आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई है।

    Mumbai Police ने Ganeshotsav के दौरान सुरक्षा और crowd management के लिए 16,000 से अधिक personnel तैनात किए हैं। इसमें सात Additional Commissioners of Police, 37 DCPs और 52 ACPs शामिल हैं। बड़े गणेश मंडलों, भीड़ वाले क्षेत्रों और processions पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    Mumbai में Lalbaugcha Raja के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

    Ganesh Chaturthi के पहले दिन Mumbai के प्रमुख गणेश मंडलों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। Lalbaugcha Raja के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं।

    Ganeshotsav के दौरान Mumbai में धार्मिक आयोजनों के साथ राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियों की मौजूदगी भी देखने को मिल रही है। ऐसे में शहर में सुरक्षा और crowd management प्रशासन के लिए प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है।

    Ganesh Visarjan 2026 कब होगा?

    Ganesh Chaturthi के बाद गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन परिवारों और गणेश मंडलों की परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में किया जाता है। कुछ परिवार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या सात दिन बाद विसर्जन करते हैं।

    Anant Chaturdashi 25 सितंबर 2026 को है और यह Ganesh Visarjan का प्रमुख दिन माना जाता है। इस दिन Mumbai समेत कई जगहों पर बड़े पैमाने पर विसर्जन जुलूस निकलेंगे।

    Singapore में भी Ganesh Chaturthi से जुड़े आयोजन

    भारत में Singapore के High Commissioner के तौर पर Simon Wong का Ganapati Sthapana में शामिल होना भारत में उनके सार्वजनिक cultural engagement का एक उदाहरण है। वहीं Singapore में भी Hindu organisations द्वारा Ganesh Chaturthi से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    हालांकि, Simon Wong के इस संदेश को किसी नए India-Singapore agreement या policy announcement के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह मुख्य रूप से Ganesh Chaturthi के अवसर पर उनकी व्यक्तिगत और सांस्कृतिक सहभागिता तथा शुभकामना का सार्वजनिक संदेश है।

    Ganesh Chaturthi 2026 पर Simon Wong का संदेश क्यों चर्चा में है?

    Ganesh Chaturthi 2026 के पहले दिन Simon Wong ने Ganapati Sthapana की तैयारी और Madhyahna Puja Muhurat का उल्लेख करते हुए शांति और समृद्धि की कामना की। उनका 11:02 AM वाला उल्लेख New Delhi के स्थानीय पूजा समय से जुड़ा है, जबकि Mumbai समेत दूसरे शहरों में स्थानीय पंचांग के अनुसार समय अलग है।

    इस तरह Singapore Envoy की Ganapati Sthapana से जुड़ी यह पोस्ट जहां festival की सांस्कृतिक पहुंच को दिखाती है, वहीं Ganesh Chaturthi 2026 की date, Puja Timing और आगामी Visarjan को लेकर लोगों की जानकारी की जरूरत भी सामने आती है।

  • Malaysia vs UAE 1st T20I Result: Khuzaima Tanveer की तूफानी पारी से UAE की 6 विकेट से जीत

    Malaysia vs UAE 1st T20I Result: Khuzaima Tanveer की तूफानी पारी से UAE की 6 विकेट से जीत

    Malaysia vs UAE 1st T20I में UAE ने 145 रन का लक्ष्य 16.5 ओवर में हासिल कर 6 विकेट से जीत दर्ज की। Khuzaima Tanveer बने Player of the Match।

    Malaysia vs UAE 1st T20I Result: कुआलालंपुर के Bayuemas Oval में खेले गए पहले T20I में UAE ने Malaysia को 6 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। Malaysia ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 144/6 रन बनाए, लेकिन UAE ने 145 रन का लक्ष्य 16.5 ओवर में 150/4 बनाकर हासिल कर लिया। मैच के सबसे बड़े हीरो Khuzaima Tanveer रहे, जिन्होंने 29 गेंदों पर नाबाद 68 रन बनाने के साथ गेंदबाजी में भी 2 विकेट लिए।

    Malaysia vs UAE 1st T20I: मैच का पूरा नतीजा

    टीमस्कोरओवरनतीजा
    Malaysia144/620.0पहले बल्लेबाजी
    UAE150/416.56 विकेट से विजेता

    UAE ने 19 गेंद शेष रहते 145 रन का लक्ष्य हासिल किया।

    मैच की जानकारीविवरण
    मुकाबला1st T20I
    टीमेंMalaysia vs UAE
    तारीख14 सितंबर 2026
    मैदानBayuemas Oval, Kuala Lumpur
    Malaysia144/6
    UAE150/4
    परिणामUAE ने 6 विकेट से जीत दर्ज की
    Series स्थितिUAE 1-0 आगे
    Player of the MatchKhuzaima Tanveer

    Khuzaima Tanveer ने पलट दिया पूरा मैच

    UAE की शुरुआत लक्ष्य का पीछा करते हुए आसान नहीं थी। टीम ने बीच में लगातार विकेट गंवाए और एक समय 67/4 के स्कोर पर दबाव में थी। ऐसे समय Khuzaima Tanveer ने Rahul Chopra के साथ मिलकर UAE की पारी को संभाला।

    Khuzaima ने सिर्फ 29 गेंदों में नाबाद 68 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 234 से ज्यादा रहा। Rahul Chopra 25 गेंदों पर 17 रन बनाकर नाबाद रहे।

    UAE के प्रमुख बल्लेबाजरनगेंद
    Khuzaima Tanveer68*29
    Tanish Suri2115
    Rahul Chopra17*25
    Adeeb Usmani124

    पारी का सबसे बड़ा मोड़ 12वां ओवर रहा। Khuzaima ने Vijay Unni के ओवर में लगातार बड़े शॉट लगाते हुए 22 रन बटोरे। इसके बाद UAE की रन गति इतनी तेज हो गई कि Malaysia के गेंदबाज मैच को दोबारा अपने नियंत्रण में नहीं ला सके।

    Malaysia ने 144 रन बनाए, लेकिन मध्य ओवरों में पिछड़ा

    Malaysia ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 144/6 का स्कोर बनाया। टीम के लिए Virandeep Singh ने 30 गेंदों पर 32 रन और Syed Aziz Mubarak ने 17 गेंदों पर 28 रन बनाए।

    Malaysia के प्रमुख बल्लेबाजरनगेंद
    Virandeep Singh3230
    Syed Aziz Mubarak2817
    Muhammad Haziq Aiman2421
    Nazmus Sakib156
    Aqeel Wahid1522
    Sharvin Muniandy13*11

    Malaysia ने शुरुआती छह ओवरों में 60 रन बनाकर अच्छी शुरुआत की थी। हालांकि UAE के गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में महत्वपूर्ण विकेट निकालकर रन गति पर नियंत्रण कर लिया।

    Aayan Afzal Khan की गेंदबाजी रही निर्णायक

    UAE की जीत में Khuzaima की दोहरी भूमिका के अलावा Aayan Afzal Khan की गेंदबाजी का भी बड़ा योगदान रहा। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर तीन विकेट लिए।

    UAE के प्रमुख गेंदबाजओवररनविकेट
    Aayan Afzal Khan4183
    Khuzaima Tanveer4222

    Aayan ने Malaysia के महत्वपूर्ण बल्लेबाज Muhammad Haziq Aiman, Syed Aziz Mubarak और Virandeep Singh को आउट किया। इन विकेटों ने Malaysia की पारी को उस समय रोक दिया जब टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ सकती थी।

    Khuzaima ने भी गेंद से प्रभाव डाला और चार ओवर में 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए।

    UAE ने 19 गेंद पहले खत्म किया रन चेज

    Malaysia के 144/6 के जवाब में UAE ने 150/4 का स्कोर बनाया और 16.5 ओवर में मुकाबला समाप्त कर दिया।

    UAE की शुरुआत Tanish Suri के 21 रन और Adeeb Usmani के तेज 12 रन से हुई। Adeeb ने केवल चार गेंदों का सामना किया।

    बीच में UAE के चार विकेट गिरने के बाद Malaysia को वापसी का मौका मिला, लेकिन Khuzaima और Rahul Chopra की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

    Khuzaima ने अंतिम चरण में बड़े शॉट लगाते हुए UAE को जीत तक पहुंचाया और Player of the Match का पुरस्कार हासिल किया।

    Premier Cup Final के बाद UAE की जीत

    इस जीत का UAE के लिए अतिरिक्त महत्व भी है। टीम हाल ही में ACC Men’s Premier Cup के फाइनल में Nepal से 44 रन से हार गई थी। उस मुकाबले में UAE लक्ष्य का पीछा करते हुए 269 रन पर आउट हो गया था।

    Malaysia के खिलाफ पहले T20I में UAE ने तुरंत जीत हासिल करके सकारात्मक शुरुआत की है। इस मैच में Khuzaima Tanveer का प्रदर्शन विशेष रूप से अहम रहा।

    Malaysia के लिए क्या संकेत?

    Malaysia की बल्लेबाजी में शुरुआत के दौरान तेजी दिखाई दी, लेकिन टीम उस momentum को बड़े स्कोर में नहीं बदल सकी। 60 रन के powerplay के बाद मध्य ओवरों में रन गति कम हुई और UAE को नियमित अंतराल पर विकेट मिलते रहे।

    गेंदबाजी में भी Malaysia UAE के दबाव को लंबे समय तक नहीं संभाल सका। 145 रन का लक्ष्य defend करने के लिए उसे Khuzaima की explosive batting को रोकना जरूरी था, लेकिन 12वें ओवर के बाद मुकाबला तेजी से UAE के पक्ष में चला गया।

    अब दूसरा T20I कब?

    पहले मैच में जीत के साथ UAE तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। दूसरा T20I 16 सितंबर 2026 को Bayuemas Oval, Kuala Lumpur में खेला जाएगा, जबकि तीसरा मुकाबला 17 सितंबर को इसी मैदान पर होगा।

    स्थितिअगला मैच
    SeriesUAE 1-0 आगे
    दूसरा T20I16 सितंबर 2026
    तीसरा T20I17 सितंबर 2026
    VenueBayuemas Oval, Kuala Lumpur
    UAE जीतता हैSeries 2-0 से UAE के नाम
    Malaysia जीतता हैSeries 1-1 से बराबर

    अगर UAE दूसरा T20I जीतता है तो वह सीरीज अपने नाम कर लेगा। Malaysia के लिए अगला मुकाबला सीरीज में वापसी का मौका होगा।

    इसके बाद Malaysia के सामने Asian Games 2026 की चुनौती भी होगी। टीम को 24 सितंबर को Hong Kong और 26 सितंबर को Oman के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। UAE के खिलाफ बाकी दो T20I उसके लिए अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजन को परखने का महत्वपूर्ण मौका होंगे।

    फिलहाल पहले T20I की सबसे बड़ी कहानी Khuzaima Tanveer का all-round प्रदर्शन है। Malaysia के 144/6 के जवाब में UAE ने 16.5 ओवर में 150/4 बनाकर छह विकेट से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

  • मिस्र में महिला टीवी एंकर समेत 12 लोगों को फांसी की सजा, 750 किलो ड्रग्स ने खोला पूरा राज

    मिस्र में महिला टीवी एंकर समेत 12 लोगों को फांसी की सजा, 750 किलो ड्रग्स ने खोला पूरा राज

    मिस्र में टीवी एंकर सारा ख़लीफ़ा समेत 12 को फांसी की सजा मिली। 750 किलो ड्रग्स, हथियार और डिजिटल सबूतों वाले केस में अब अपील होगी।

    मिस्र: टीवी एंकर और निर्माता सारा ख़लीफ़ा समेत 12 लोगों को ड्रग्स बनाने और उसकी तस्करी के मामले में फांसी की सजा सुनाई गई है। काहिरा की आपराधिक अदालत ने शनिवार, 5 सितंबर को यह फैसला सुनाया। अदालत के मुताबिक आरोपियों ने विदेश से नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल मंगाकर सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करने और उन्हें बेचने के लिए एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया था। मामले में 750 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ और उन्हें बनाने की सामग्री जब्त किए जाने की बात सामने आई है।

    सारा ख़लीफ़ा को उनके अपराध और सुरक्षा से जुड़े टीवी कार्यक्रम ‘मिशन इम्पॉसिबल’ के लिए जाना जाता है। वह इस मामले में खुद को निर्दोष बताती रही हैं। उनके वकील ने फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है।

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    सारा खलीफा की उसके स्टूडियो में ली गई फाइल तस्वीर

    सारा ख़लीफ़ा को फांसी की सजा क्यों मिली?

    अदालत के सामने अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि सारा ख़लीफ़ा और अन्य आरोपियों ने एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया था। इस गिरोह पर विदेश से ऐसे कच्चे माल को मंगाने का आरोप था, जिसका इस्तेमाल सिंथेटिक नशीले पदार्थ बनाने में किया जाता था।

    आरोप केवल ड्रग्स रखने या बेचने तक सीमित नहीं थे। अभियोजन के मुताबिक नेटवर्क पर ड्रग्स के निर्माण, तस्करी और बिना लाइसेंस हथियार व गोला-बारूद रखने के आरोप भी थे। अदालत ने इन्हीं आरोपों में दोषी ठहराए गए 12 लोगों को मौत की सजा सुनाई।

    750 किलो से ज्यादा ड्रग्स और दो ठिकानों पर चल रही थी कथित लैब

    मामले की जांच में अधिकारियों ने 750 किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल बरामद करने का दावा किया है। जानकारी के मुताबिक दो अपार्टमेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर ड्रग्स तैयार करने और रखने के लिए किया जाता था।

    जांच में बिना लाइसेंस हथियार और गोला-बारूद भी बरामद होने की बात सामने आई। यही वजह है कि मामला केवल ड्रग्स की बरामदगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे एक संगठित आपराधिक नेटवर्क के रूप में पेश किया गया।

    अदालत में 20 गवाह और डिजिटल सबूत भी पेश किए गए

    अभियोजन पक्ष ने मामले को साबित करने के लिए 20 गवाहों के बयान पेश किए। इसके अलावा अदालत में तकनीकी और डिजिटल सबूत भी रखे गए, जिनमें संदेश, तस्वीरें और वीडियो शामिल थे।

    अभियोजन का दावा था कि ये सबूत आरोपियों की कथित आपराधिक गतिविधियों को जोड़ते हैं। अदालत ने इन्हीं सबूतों और गवाहियों पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया।

    सारा ख़लीफ़ा ने आरोपों पर क्या कहा?

    सारा ख़लीफ़ा ने मामले में अपनी भूमिका से इनकार किया है। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि उन्होंने ड्रग्स पहले कभी नहीं देखे थे और उनका दावा था कि पहली बार उन्हें नशीले पदार्थ तब दिखाई दिए, जब उनकी तस्वीर नशीला पदार्थ विरोधी एजेंसी के कार्यालय में ली गई।

    उनके बचाव पक्ष ने अदालत के फैसले को चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है। फैसले के बाद उनके वकील ने कहा कि वह तय कानूनी समय सीमा के भीतर अपील दाखिल करेंगे।

    28 आरोपियों में 12 को फांसी, बाकी का क्या हुआ?

    यह मामला कुल 28 आरोपियों का था। अदालत के फैसले के मुताबिक:

    • 12 आरोपियों को मौत की सजा
    • 9 आरोपियों को उम्रकैद
    • 7 आरोपियों को बरी

    यानी अदालत ने सभी आरोपियों को एक जैसा दोषी नहीं माना।

    क्या सारा ख़लीफ़ा को अब तुरंत फांसी दी जाएगी?

    नहीं।

    मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी सारा ख़लीफ़ा और अन्य दोषियों के पास कानूनी अपील का रास्ता है। वे मिस्र की सर्वोच्च आपराधिक अपीलीय अदालत, कोर्ट ऑफ कैसैशन, में फैसले को चुनौती दे सकते हैं।

    मौत की सजा से पहले ग्रैंड मुफ़्ती की राय क्यों ली गई?

    मिस्र में मौत की सजा वाले मामलों में अदालत अंतिम फैसला सुनाने से पहले मामले के कागजात देश के ग्रैंड मुफ़्ती के पास भेजती है। अगस्त में सारा ख़लीफ़ा और अन्य आरोपियों के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई थी।

    ग्रैंड मुफ़्ती की राय अदालत के लिए सलाहकारी होती है, बाध्यकारी नहीं। इसके बाद अदालत ने 5 सितंबर को अपना फैसला सुनाया।

    सारा ख़लीफ़ा कौन हैं?

    सारा ख़लीफ़ा मिस्र की टीवी एंकर और मीडिया निर्माता हैं। वह ‘मिशन इम्पॉसिबल’ नाम के कार्यक्रम से चर्चा में आई थीं, जिसमें अपराध और सुरक्षा से जुड़े मामले दिखाए जाते थे।

    ड्रग्स मामले में उनकी गिरफ्तारी अप्रैल 2025 में हुई थी। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और मामला मिस्र के चर्चित ‘ग्रैंड ड्रग केस’ के रूप में सामने आया।

    फांसी की सजा वाले मामले के साथ सारा को दूसरी सजा भी मिली

    5 सितंबर को ही सारा ख़लीफ़ा को एक अलग मामले में 3 साल की कठोर जेल की सजा सुनाई गई। यह मामला एक युवक के साथ कथित मारपीट, उसके कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाने और उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार से जुड़ा था।

    मिस्र की स्थानीय अदालत के मुताबिक इस मामले में दूसरे आरोपियों को भी अलग-अलग अवधि की सजा मिली।

    इस मामले में आगे क्या होगा?

    अब सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम अपील होगा। सारा ख़लीफ़ा के वकील ने साफ कहा है कि मौत की सजा के खिलाफ अपील की जाएगी। इसलिए आने वाले समय में अदालत के सामने यह सवाल होगा कि निचली अदालत का फैसला बरकरार रहता है, बदलता है या मामले में आगे कोई कानूनी राहत मिलती है।

  • नेपाल में 11 दिन बाद चमत्कार, मलबे से आ रही थी आवाज और जिंदा निकली महिला; VIDEO

    नेपाल में 11 दिन बाद चमत्कार, मलबे से आ रही थी आवाज और जिंदा निकली महिला; VIDEO

    नेपाल में 11 दिन बाद मलबे से 64 वर्षीय चंडिका श्रेष्ठ जिंदा मिलीं। परिवार अंतिम संस्कार की रस्में शुरू कर चुका था। जानिए पूरा रेस्क्यू।

    नेपाल: 26 अगस्त की भीषण बाढ़ और भूस्खलन के 11वें दिन नेपाल में ऐसा रेस्क्यू हुआ, जिसने तबाही के बीच उम्मीद जगा दी। नुवाकोट जिले के बेत्रावती बाजार में 64 साल की चंडिका श्रेष्ठ अपने मलबे में दबे घर से जिंदा मिलीं। परिवार उन्हें मृत मान चुका था और अंतिम संस्कार की रस्में भी शुरू कर दी थीं।

    मलबे के अंदर से अचानक आई आवाज

    5 सितंबर को सशस्त्र पुलिस बल की एक टीम बेत्रावती में मलबा हटाने और सड़क से जुड़े काम में लगी थी। इसी दौरान जवानों को एक दबे हुए मकान की तरफ से बेहद धीमी आवाज सुनाई दी।

    बचाव दल ने पहले भी इसी जगह तलाश की थी, लेकिन तब कोई आवाज नहीं मिली थी। इस बार आवाज मिलने के बाद जवानों ने मलबे के बीच रास्ता बनाया और खिड़की तोड़कर घर के अंदर पहुंचे। जैसे-जैसे वे महिला के करीब पहुंचे, आवाज साफ होती गई।

    अंदर 64 वर्षीय चंडिका जिंदा थीं। उन्हें मलबे से बाहर निकालने के बाद नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर से काठमांडू के छाउनी स्थित बीरेंद्र अस्पताल ले जाया गया। बचाव अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर सुमन बीके की टीम कर रही थी।

    बाढ़ में घर करीब 100 मीटर खिसक गया था

    चंडिका जिस मकान में फंसी थीं, वह बाढ़ के तेज बहाव और मलबे के साथ अपनी मूल जगह से करीब 100 मीटर ऊपर की ओर खिसक गया था। घर की साढ़े तीन मंजिलें पूरी तरह मलबे में दब गई थीं, जबकि चौथी मंजिल का एक हिस्सा कीचड़ में फंसा था। इसी हिस्से में चंडिका के जिंदा होने का पता चला।

    चंडिका 26 अगस्त से लापता थीं। उनके साथ घर में मौजूद परिवार के चार अन्य सदस्यों का अभी तक पता नहीं चला है। आठवें दिन परिवार ने उन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार की रस्में शुरू कर दी थीं और कुश से प्रतीकात्मक पुतला भी तैयार किया था।

    11 दिन तक कैसे जिंदा रहीं?

    चंडिका के 11 दिनों तक मलबे के अंदर जीवित रहने की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि इस दौरान उन्हें पानी या भोजन कैसे मिला। इसलिए उनके जीवित रहने को लेकर किसी खास कारण का दावा नहीं किया गया है।

    ऐसे मामलों में मलबे के अंदर सांस लेने लायक हवा और पानी तक पहुंच सबसे अहम होती है। चंडिका के मामले में वास्तविक परिस्थितियां आगे की जानकारी से ही स्पष्ट होंगी।

    नेपाल में दूसरे लोगों को भी जिंदा बचाया गया

    चंडिका के रेस्क्यू से एक दिन पहले ऊपरी त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में करीब 170 मीटर अंदर फंसे दो नेपाली कर्मचारियों को जिंदा निकाला गया था।

    इसके बाद ऊपरी त्रिशूली-1 परियोजना की सुरंग में करीब 225 मीटर अंदर फंसे चीनी नागरिक लू हाईताओ को भी बचाया गया। इन अभियानों में नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की विशेषज्ञ सुरंग-बचाव टीमें काम कर रही हैं। ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया की टीमें भी नेपाल पहुंच चुकी हैं।

    करीब 5 हजार लोग अब भी लापता

    नेपाल के विदेश मंत्रालय के 5 सितंबर के आधिकारिक अपडेट के मुताबिक, आपदा के 11वें दिन तक 13,098 लोगों को बचाया जा चुका था, जबकि करीब 5,000 लोग अब भी लापता थे। इनमें 35 देशों के करीब 600 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक 1,344 शव बरामद किए जा चुके थे।

    कई लापता लोगों का संबंध जलविद्युत परियोजनाओं से है। बेत्रावती के आसपास भी ड्रोन की मदद से शवों की लोकेशन तलाशने और उन्हें निकालने का काम किया गया है। पूरे बचाव अभियान में नेपाली सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के करीब 21,465 जवान लगाए गए हैं।

    घर, सड़क, पुल और बिजली परियोजनाओं को भारी नुकसान

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ और भूस्खलन से 7,570 घर प्रभावित हुए हैं और करीब 32,933 लोग प्रभावित आबादी में शामिल हैं। 48 सरकारी कार्यालय, 55 किलोमीटर सड़क, 37 मोटर योग्य पुल और 68 झूला पुल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

    करीब 1,806 हेक्टेयर कृषि भूमि के अलावा 13 जलविद्युत परियोजनाएं, एक सौर ऊर्जा संयंत्र और दो ट्रांसमिशन लाइनें प्रभावित हुई हैं। प्रभावित जलविद्युत क्षमता करीब 783 मेगावाट बताई गई है।

    नेपाल की इस आपदा में हजारों परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे समय में चंडिका श्रेष्ठ का 11वें दिन मलबे से जिंदा मिलना एक असाधारण रेस्क्यू के साथ उन परिवारों के लिए भी उम्मीद बना है, जिन्हें अभी अपने लोगों के मिलने का इंतजार है।

  • Ox Alpha AI ने मचाया तहलका! बड़े AI Models को दी कड़ी टक्कर, 1M Context और Free Access ने बढ़ाई चर्चा

    Ox Alpha AI ने मचाया तहलका! बड़े AI Models को दी कड़ी टक्कर, 1M Context और Free Access ने बढ़ाई चर्चा

    Ox Alpha AI आखिर क्या है और इतना चर्चा में क्यों आया? जानिए 1M Context, Free Access, Coding Performance और इसके पीछे की पूरी कहानी।

    AI की दुनिया में अचानक चर्चा में आए Ox Alpha AI का राज अब खुल गया है। जिस AI model को शुरुआत में बिना किसी बड़े नाम के users ने इस्तेमाल किया, वह चीन की AI कंपनी Z.ai का GLM-5.3-Flash निकला। शुरुआती preview में इसे free में आजमाने का मौका मिला और coding में इसकी performance ने developers का ध्यान खींच लिया।

    सबसे ज्यादा चर्चा इसकी 1 million-token context क्षमता को लेकर हुई। आसान भाषा में कहें तो यह AI एक साथ बहुत बड़ी मात्रा में information के साथ काम कर सकता है। यही वजह है कि coding, बड़े documents और complex AI tasks के लिए इसे लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी।

    Ox Alpha आखिर था क्या?

    Ox Alpha कोई अलग AI company नहीं थी। Z.ai ने अपने नए AI model को launch से पहले anonymous नाम से test किया था।

    जब यह model सामने आया तो इसके पीछे कौन है, यह साफ नहीं था। लेकिन developers ने इसे coding और दूसरे मुश्किल कामों में इस्तेमाल करना शुरू किया। धीरे-धीरे इसकी performance की चर्चा बढ़ी और लोग जानना चाहते थे कि आखिर इसे बनाया किसने है।

    इसके बाद Z.ai ने बताया कि Ox Alpha असल में उसका GLM-5.3-Flash model है।

    यानी जिस AI को लोग mysterious model समझकर test कर रहे थे, वह चीन की Z.ai का नया model निकला।

    Free Access ने कैसे बढ़ाई चर्चा?

    Ox Alpha के शुरुआती preview की एक खास बात यह थी कि users इसे free में आजमा सकते थे।

    इससे developers को बिना पैसे खर्च किए model की coding और problem-solving ability check करने का मौका मिला। ज्यादा लोगों ने इसे इस्तेमाल किया और इसी वजह से इसकी चर्चा तेजी से फैल गई।

    हालांकि यहां एक जरूरी बात है। Free access Ox Alpha के शुरुआती preview phase से जुड़ा था। अब यही model GLM-5.3-Flash के नाम से officially उपलब्ध है, इसलिए आज इसे सीधे “पूरी तरह free AI” कहना सही नहीं होगा।

    1M Context का फायदा क्या है?

    यही वह feature है जो आम user के लिए भी समझना जरूरी है।

    1 million-token context का मतलब है कि AI बहुत बड़ी मात्रा में information को एक साथ समझकर काम कर सकता है।

    मान लीजिए आपके पास कोई बहुत लंबा document है, बड़ा codebase है या किसी project की बहुत सारी जानकारी है। ऐसे काम में AI को बार-बार छोटे हिस्सों में information देने की जरूरत कम हो सकती है।

    Coding में इसका फायदा खास तौर पर developers को मिल सकता है। पूरा project समझने, पुराने code को देखकर बदलाव करने और लंबे AI workflows में model ज्यादा information को context में रख सकता है।

    Coding में क्यों मचा हंगामा?

    Ox Alpha की शुरुआती popularity का बड़ा कारण इसकी coding performance थी।

    एक शुरुआती test में 10 में से 8 coding tasks solve होने के बाद 80% का आंकड़ा सामने आया। इस result ने model को लेकर काफी चर्चा पैदा की।

    बाद के बड़े tests में performance इससे कम रही। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि Ox Alpha ने सभी AI models को हरा दिया।

    लेकिन coding और AI-agent tasks में इसकी performance ने इसे बड़े AI models के सामने एक serious competitor जरूर बना दिया।

    बड़े AI Models को टक्कर किस वजह से?

    Ox Alpha की ताकत सिर्फ coding तक सीमित नहीं है।

    इसका बड़ा context, complex tasks संभालने की क्षमता और text के साथ image और video को समझने की सुविधा इसे दूसरे AI tools के मुकाबले interesting बनाती है।

    खासकर उन users के लिए जो AI से सिर्फ सवाल-जवाब नहीं, बल्कि लंबे और multi-step काम करवाना चाहते हैं, यह model ज्यादा useful हो सकता है।

    आखिर इसे बनाया किसने?

    Ox Alpha के पीछे चीन की AI कंपनी Z.ai है।

    कंपनी ने पहले इसे anonymous नाम से real users के बीच test किया और बाद में GLM-5.3-Flash के नाम से officially सामने लाया।

    Z.ai ने model के weights भी public किए हैं। इसका फायदा developers को यह मिलता है कि वे compatible setup के साथ model को अपने environment में इस्तेमाल करने की कोशिश कर सकते हैं।

    क्या यह सिर्फ Coding के लिए है?

    नहीं।

    GLM-5.3-Flash text के अलावा images और video को भी समझ सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल सिर्फ programming तक सीमित नहीं है।

    बड़े documents को समझना, information का analysis करना और ऐसे AI tools बनाना जहां अलग-अलग तरह का data इस्तेमाल होता है—इन कामों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

    China के AI chips वाली बात क्यों महत्वपूर्ण है?

    Z.ai ने यह भी दावा किया है कि GLM-5.3-Flash को Chinese-made AI chips पर test किया गया।

    अगर यह capability बड़े scale पर साबित होती है, तो AI industry के लिए यह महत्वपूर्ण development हो सकता है। इसका मतलब होगा कि AI companies model को ज्यादा efficient बनाकर अलग hardware पर भी बड़े workloads चलाने की कोशिश कर सकती हैं।

    हालांकि इस specific claim की पूरी independent confirmation अभी सीमित है, इसलिए इसे Z.ai के दावे के तौर पर ही देखना सही है।

    भारत के users को क्या फायदा?

    भारत में AI coding tools और assistants इस्तेमाल करने वाले developers के लिए यह एक और option है।

    बड़े code, लंबे documents और complex AI tasks पर काम करने वालों को 1M context का फायदा मिल सकता है। वहीं सामान्य users के लिए image, video और बड़े amount of information के साथ काम करने की capability ज्यादा useful हो सकती है।

    यानी Ox Alpha की चर्चा सिर्फ AI developers तक सीमित रहने वाली बात नहीं है। जैसे-जैसे ऐसे models ज्यादा आसानी से उपलब्ध होंगे, इनका इस्तेमाल अलग-अलग तरह के कामों में बढ़ सकता है।

    अब Ox Alpha का क्या होगा?

    Ox Alpha के mysterious model होने का दौर खत्म हो चुका है। अब इसकी पहचान GLM-5.3-Flash के रूप में सामने आ चुकी है।

    शुरुआती free access और coding performance ने इसे तेजी से popular बनाया, लेकिन अब असली test यह होगा कि developers इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं या नहीं।

    अगर इसका बड़ा context, coding performance और दूसरे features real-world कामों में लगातार useful साबित होते हैं, तो GLM-5.3-Flash AI market में अपनी अलग जगह बना सकता है।

    फिलहाल Ox Alpha ने इतना जरूर दिखा दिया है कि किसी नए AI model को popular होने के लिए सिर्फ बड़ा नाम जरूरी नहीं। अगर model practical काम अच्छी तरह करे और users को कुछ ऐसा दे जो दूसरे tools में आसानी से नहीं मिलता, तो वह बहुत कम समय में AI community का ध्यान खींच सकता है।

  • Poonch में पाकिस्तानी ड्रोन, Rajouri में 3 और दिखे; LoC पर Search Operation से बढ़ी हलचल, क्या मिला?

    Poonch में पाकिस्तानी ड्रोन, Rajouri में 3 और दिखे; LoC पर Search Operation से बढ़ी हलचल, क्या मिला?

    Poonch में suspected पाकिस्तानी ड्रोन दिखने के बाद search operation शुरू हुआ। Rajouri में 3 drones की हलचल और suspicious movement से LoC पर alert बढ़ा।

    ताजा अपडेट:

    Poonch और Rajouri के LoC क्षेत्रों में suspected drone activity के बाद security forces का search operation जारी है। Poonch में यह जांच की जा रही है कि drone ने जमीन पर कोई suspicious material तो नहीं गिराया। फिलहाल किसी weapon, narcotics या दूसरे payload की recovery की official confirmation नहीं हुई है।

    जम्मू-कश्मीर: Poonch और Rajouri में सामने आई drone activity ने LoC पर security alert बढ़ा दिया है। Poonch के Mendhar सेक्टर में 28 अगस्त की रात suspected Pakistan-origin drone दिखाई दिया, जबकि इसी दौरान Rajouri के Nowshera सेक्टर से तीन suspected Pakistani drones की movement की जानकारी सामने आई।

    लेकिन इस पूरे मामले में सिर्फ आसमान में दिखाई दिए drones ही चिंता की वजह नहीं हैं। Rajouri में suspicious ground movement की खबरों के बाद security forces ने जमीन पर भी search operation शुरू किया है।

    Poonch में रात 8:05 बजे क्या हुआ?

    28 अगस्त की रात करीब 8:05 बजे Poonch के Mendhar सेक्टर के Balakote इलाके में Behrooti गांव के ऊपर एक suspected drone देखा गया।

    बताया गया कि drone Mangalnar-Dabrote की दिशा में आगे बढ़ा और बाद में Pakistan की तरफ वापस चला गया।

    Drone के वापस जाने के बाद भी security forces ने इलाके की तलाश शुरू कर दी। वजह साफ है—drone वापस चला गया, इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि उसने जमीन पर कुछ छोड़ा ही नहीं।

    इसीलिए आसपास के इलाके में search operation के जरिए संभावित suspicious material की तलाश की जा रही है।

    Rajouri में एक नहीं, तीन drones की हलचल

    Poonch की घटना के बीच Rajouri से सामने आई जानकारी ने security concern और बढ़ा दिया।

    Nowshera सेक्टर के Rumlidhara इलाके में तीन suspected Pakistani drones की movement की रिपोर्ट सामने आई। Security forces ने counter-drone measures activate किए और drones को वापस जाने पर मजबूर किया गया।

    इसके बाद आसपास के इलाके में search operation शुरू किया गया।

    यानी एक ही समय में Poonch और Rajouri के LoC belt में suspected drone activity की दो अलग घटनाएं सामने आईं।

    सिर्फ drone नहीं, जमीन पर भी suspicious movement

    Rajouri के Nowshera इलाके में border fence के पास backpack लिए एक संदिग्ध व्यक्ति की movement देखे जाने की रिपोर्ट है। इसके बाद security forces ने आसपास तलाश शुरू की।

    इसके अलावा Rajouri के Gaibas, Mithiyani, Mogla और Narla इलाकों में दो suspected armed persons देखे जाने की सूचना के बाद भी search operation चलाया गया।

    इस वजह से security agencies को aerial surveillance के साथ ground-level search भी बढ़ाना पड़ा।

    एक नजर में पूरा मामला

    इलाकाक्या हुआ
    Poonch-MendharSuspected Pakistani drone दिखाई दिया
    Balakote-Behrootiरात करीब 8:05 बजे drone movement
    Rajouri-Nowshera3 suspected drones की movement
    RumlidharaCounter-drone measures के बाद search
    Rajouri के कुछ इलाकेSuspicious ground movement की reports
    Poonchसंभावित material की तलाश
    फिलहालSearch और security surveillance जारी

    क्या Poonch वाले drone ने हथियार या drugs गिराए?

    यह इस समय सबसे बड़ा सवाल है, लेकिन इसका जवाब अभी साफ नहीं है।

    Poonch की मौजूदा घटना में weapon, heroin, narcotics या किसी दूसरे payload की recovery की official confirmation सामने नहीं आई है।

    Security forces की search का एक मकसद यही पता करना है कि drone ने जमीन पर कोई suspicious material छोड़ा था या नहीं।

    Drone को लेकर इतनी चिंता क्यों?

    Border areas में drone का इस्तेमाल केवल surveillance के लिए नहीं होता। पिछले मामलों में drones के जरिए weapons और narcotics की cross-border delivery की जांच सामने आ चुकी है।

    इसी वजह से LoC के पास किसी suspected drone की sighting के बाद security forces केवल आसमान पर नजर नहीं रखतीं, बल्कि जमीन पर भी संभावित drop locations की तलाश करती हैं।

    हालांकि Poonch की मौजूदा घटना में यह कहना जल्दबाजी होगी कि drone किसी weapon या drug delivery के लिए आया था। अभी ऐसी कोई पुष्टि नहीं है।

    क्या यह पहली घटना है? नहीं

    Poonch और Rajouri की मौजूदा घटनाओं को समझने के लिए पिछले कुछ हफ्तों की घटनाएं भी महत्वपूर्ण हैं।

    23 अगस्त को Kathua के Hiranagar के Bobiyan इलाके में suspected Pakistan-origin drone देखा गया था। इसके बाद search operation चलाया गया और यह जांच की गई कि कहीं drone से weapons या narcotics तो नहीं गिराए गए। उस search में कुछ suspicious मिलने की पुष्टि नहीं हुई थी।

    16 अगस्त को Hiranagar सेक्टर के Katli गांव के पास भी एक suspected drone मिलने की खबर सामने आई थी, जिसे security team ने कब्जे में लिया था।

    4 अगस्त को Kathua में suspected Pakistani drone activity के बाद search operation शुरू किया गया था। इसी दौरान Poonch में suspected terrorist movement की information के आधार पर security forces ने searches की थीं।

    इससे पहले 27 जुलाई को Samba के Nandpur और Rajouri के Nowshera सेक्टर में suspected Pakistani drone activity के बाद भी search operations शुरू किए गए थे।

    यानी हाल के मामलों में Poonch, Rajouri, Samba और Kathua के border areas से drone alerts और उसके बाद security searches की घटनाएं सामने आई हैं।

    क्या drone surveillance कर रहा था?

    हर drone sighting को हमला या smuggling attempt मानना सही नहीं होगा।

    Security agencies को ऐसे मामलों में कई possibilities देखनी पड़ती हैं—क्या drone सिर्फ surveillance कर रहा था, क्या किसी location की जानकारी जुटाई जा रही थी, क्या कोई material पहुंचाने की कोशिश हुई या क्या इसकी activity किसी ground movement से जुड़ी थी।

    मौजूदा Poonch घटना में इनमें से किसी भी possibility की अभी official confirmation नहीं हुई है।

    Amritsar के मामलों से क्यों जुड़ता है यह angle?

    Drone-based smuggling का खतरा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि Punjab में हाल के मामलों में Pakistan-based handlers से allegedly जुड़े arms और heroin networks की जांच सामने आई है।

    एक मामले में weapons और drone की recovery की जानकारी दी गई थी। NIA की जांच में Pakistan और Australia links को भी खंगालने की बात सामने आई।

    इसका मतलब यह नहीं कि Poonch वाला drone भी हथियार या drugs लेकर आया था। दोनों घटनाओं को सीधे जोड़ने की अभी कोई official confirmation नहीं है।

    लेकिन पुराने मामलों की वजह से border पर drone activity को security agencies गंभीरता से लेती हैं।

    Bayraktar TB2 वाला angle कितना सही है?

    Pakistan की drone capability को लेकर भी हाल में चर्चा रही है। कुछ reports में LoC के पास Turkish-made Bayraktar TB2 drones की deployment के claims सामने आए हैं। ऐसे drones surveillance और reconnaissance के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

    लेकिन Poonch में 28 अगस्त को दिखाई दिए suspected drone को Bayraktar TB2 बताने की कोई verified confirmation अभी सामने नहीं आई है।

    LoC पर इसका असर क्या होगा?

    लगातार drone alerts के बाद border areas में aerial surveillance और counter-drone preparedness बढ़ानी पड़ सकती है।

    अगर drone activity के साथ जमीन पर suspicious movement भी सामने आए, तो security forces को forest और village areas में cordon-and-search operation चलाना पड़ता है।

    इससे security deployment और निगरानी दोनों बढ़ते हैं। Poonch और Rajouri में मौजूदा घटनाओं में यही broader security concern दिखाई दे रहा है।

    अब आगे क्या होगा?

    इस पूरे मामले में अगला बड़ा update Poonch और Rajouri में चल रहे search operations से मिल सकता है।

    अगर search के दौरान कोई suspicious object, weapon, narcotics या दूसरा material मिलता है, तो मामले का security angle और गंभीर हो सकता है।

    अगर कुछ नहीं मिलता, तो फिलहाल मामला suspected drone intrusion और security alert तक सीमित रह सकता है।

    फिलहाल Poonch में drone sighting, Rajouri में तीन drones की reported movement और suspicious ground movement की खबरों के बाद LoC के इस हिस्से में security agencies की निगरानी बढ़ी हुई है।

    अब सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि search operation में क्या सामने आता है और security agencies की तरफ से अगला official update क्या आता है।

  • नेपाल बाढ़ में 320 भारतीय अब भी लापता, 3 हजार लोग Missing; Rescue में सामने आया नया खतरा

    नेपाल बाढ़ में 320 भारतीय अब भी लापता, 3 हजार लोग Missing; Rescue में सामने आया नया खतरा

    नेपाल में फ्लैश बाढ़ के बाद 320 भारतीय अब भी संपर्क से बाहर हैं। करीब 3 हजार लोग लापता हैं। जानिए rescue operation, मौतों और नए खतरे का ताजा अपडेट आज यहां भी।

    काठमांडू: नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश बाढ़ के बाद हालात अभी भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। सबसे बड़ी चिंता उन लोगों को लेकर है, जिनसे हादसे के बाद संपर्क नहीं हो पाया। इनमें कम से कम 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। दूसरी तरफ नेपाल और Tibet को मिलाकर करीब 3 हजार लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आ रही है। ऐसे में rescue operation तेज होने के बावजूद कई परिवारों को अपने लोगों की खबर का इंतजार है।

    नेपाल बाढ़ में 320 भारतीयों का क्या हुआ?

    भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में आई बाढ़ के बाद करीब 320 Indian nationals अब भी contact में नहीं हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा Indian-origin लोगों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

    इसमें कई लोग Kailash Mansarovar Yatra पर गए भारतीय यात्री हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और landslide के बाद कई यात्रियों से संपर्क टूट गया। परिवार अब हेल्पलाइन, अस्पतालों और स्थानीय authorities के जरिए अपने लोगों की जानकारी तलाश रहे हैं।

    एक जरूरी बात यह है कि 320 भारतीयों का मतलब 320 मौतें नहीं है। ये वे लोग हैं जिनसे फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। Rescue और identification operation आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा बदल सकता है।

    चीन की तरफ फंसे भारतीयों का क्या हुआ?

    नेपाल के साथ China side पर भी कई भारतीय यात्री फंसे हुए थे। विदेश मंत्रालय ने बताया था कि करीब 400 भारतीय वहां सुरक्षित और संपर्क में थे। इनमें से 96 लोग जमीन के रास्ते Nepal पहुंच चुके थे, जबकि 21 भारतीयों को सुरक्षित Delhi लाया गया।

    इसके अलावा Nepal में एक hydropower project से जुड़े भारतीयों को भी rescue किया गया है। अलग-अलग rescue operations में भारतीय नागरिकों के सुरक्षित निकलने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

    करीब 3 हजार लोग अब भी Missing

    यह disaster सिर्फ भारतीयों तक सीमित नहीं है। Nepal और Tibet में करीब 3 हजार लोग अब भी missing बताए जा रहे हैं। Reuters के मुताबिक Nepal में 669 और Tibet में 7 लोगों की मौत दर्ज की गई है, यानी कुल मौतों का आंकड़ा 676 तक पहुंच गया है।

    ताजा जानकारी के मुताबिक 3,700 से ज्यादा लोगों को Nepal में rescue किया जा चुका है। लेकिन पहाड़ी इलाकों में मलबा, टूटे रास्ते और संकरी घाटियां search operation को मुश्किल बना रही हैं।

    सबसे मुश्किल तलाश hydropower projects के आसपास चल रही है

    बाढ़ ने Trishuli River corridor में मौजूद hydropower projects को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। Upper Trishuli-1 project के आसपास mud और debris से भरे इलाकों में workers की तलाश की जा रही है। कुछ लोगों के tunnel में फंसे होने की आशंका के चलते rescue teams का फोकस इन जगहों पर भी है।

    इसी वजह से Nepal में rescue operation अब सिर्फ सड़क और गांवों तक सीमित नहीं है। नदी किनारे, मलबे में दबे इलाकों और hydropower tunnels तक search operation बढ़ाया गया है।

    आखिर इतनी खतरनाक बाढ़ आई कैसे?

    26 अगस्त को Nepal-Tibet border के पास अचानक आई flash flood ने कुछ ही समय में बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। तेज पानी के साथ भारी मात्रा में rock, ice और debris नीचे आया, जिससे bridges, roads, buildings और infrastructure को भारी नुकसान हुआ।

    खबर के मुताबिक glacier collapse से शुरू हुए debris flow ने इस disaster को और खतरनाक बना दिया। बाढ़ का असर Bhote Koshi और Trishuli river corridor तक पहुंचा और कई settlements तथा infrastructure इसकी चपेट में आए।

    Kailash Mansarovar यात्रियों पर क्यों पड़ा बड़ा असर?

    इस पूरी घटना में Kailash Mansarovar Yatra का angle सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है। Nepal और Tibet के रास्ते इस समय बड़ी संख्या में भारतीय यात्री यात्रा कर रहे थे। अचानक आई बाढ़ ने कई border routes और access points को प्रभावित कर दिया।

    इसी वजह से कई परिवारों को अपने रिश्तेदारों की आखिरी location तक पता लगाने में भी मुश्किल हुई। कुछ परिवार Nepal पहुंचकर खुद अपने लोगों की तलाश कर रहे हैं।

    क्या rescue operation अब तेज हुआ है?

    खराब मौसम की वजह से rescue operation में रुकावट आई थी, लेकिन अब search and rescue activities फिर से शुरू हो गई हैं। Nepal की तरफ से remote और मुश्किल इलाकों में technical assistance की जरूरत भी बताई गई है।

    India समेत कई देशों से relief material और rescue support पहुंचाया जा रहा है। Helicopters के जरिए लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी सामान पहुंचाने का काम भी चल रहा है।

    लेकिन एक और खतरा सामने है

    बाढ़ के बाद Himalayan region में एक नई lake बनने से भी authorities की चिंता बढ़ी हुई है। फिलहाल इसके water level में कमी आने की बात सामने आई है, लेकिन इसे लगातार monitor किया जा रहा है।

    अगर पानी का दबाव फिर बढ़ता है तो आसपास के इलाकों में दोबारा flood risk पैदा हो सकता है। इसलिए rescue operation के साथ-साथ secondary flood threat पर भी नजर रखी जा रही है।

    अभी सबसे बड़ा सवाल क्या है?

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल उन करीब 320 भारतीयों को लेकर है जिनसे संपर्क नहीं हो पाया है। इनके अलावा Nepal और Tibet में हजारों दूसरे लोग भी missing हैं।

    Rescue teams मलबे, नदी किनारे, remote villages और hydropower sites पर लगातार search कर रही हैं। जैसे-जैसे प्रभावित इलाकों तक पहुंच बढ़ेगी, missing लोगों को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

    फिलहाल परिवारों की नजर एक ही चीज पर है—कहीं से भी फोन आए और पता चले कि उनका अपना इंसान सुरक्षित है।