अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सिल्वर जीता। मिस्र में 3-1 की जीत, जूनियर विश्व खिताब और LA 2028 ओलंपिक की तैयारी जानें।
मुंबई: भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर भी जीत दर्ज की है। 10 अक्टूबर को मिस्र में CIB Egyptian Squash Open के पहले दौर में उन्होंने हबीबा रिज्क को 3-1 से हराया। अब उनकी नजर अगले मुकाबलों और LA 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन पर है।
18 वर्षीय अनाहत 27 सितंबर को एशियन गेम्स की महिला एकल स्क्वॉश स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। हालांकि, गोल्ड मेडल के मुकाबले में उन्हें मलेशिया की सिवासांगरी सुब्रमण्यम से हार मिली।
मिस्र में कड़े मुकाबले के बाद जीत
अनाहत ने हबीबा रिज्क के खिलाफ शुरुआती दो गेम 11-5 और 11-4 से जीते। रिज्क ने तीसरा गेम 11-5 से जीतकर वापसी की, लेकिन अनाहत ने चौथे गेम में 16-14 से जीत दर्ज करते हुए मुकाबला 3-1 से अपने नाम कर लिया।
चौथे गेम में रिज्क ने चार मैच पॉइंट बचाए, लेकिन अनाहत निर्णायक मौकों पर जीत हासिल करने में सफल रहीं। इस परिणाम के बाद वह टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुंचीं। उनके अगले प्रतिद्वंद्वी के रूप में मिस्र की फय्रूज अबोएलखेर का नाम सामने आया, जो विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर बताई गई हैं।

एशियन गेम्स के फाइनल तक कैसे पहुंचीं अनाहत?
महिला एकल के फाइनल में अनाहत का सामना मलेशिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त सिवासांगरी सुब्रमण्यम से हुआ। सिवासांगरी ने 11-4, 11-4, 11-7 से जीत दर्ज कर गोल्ड मेडल हासिल किया।
फाइनल से पहले अनाहत ने जापान की सातोमी वातानाबे के खिलाफ सेमीफाइनल में शानदार वापसी की थी। शुरुआती दो गेम हारने के बाद उन्होंने तीसरा गेम 12-10, चौथा 11-6 और निर्णायक पांचवां गेम 11-3 से जीतकर मुकाबला 3-2 से अपने नाम किया। इस जीत ने भारत के लिए कम-से-कम सिल्वर मेडल पक्का कर दिया था।
जूनियर विश्व खिताब से एशियन गेम्स तक
जुलाई 2026 में अनाहत ने विश्व जूनियर स्क्वॉश चैंपियनशिप का खिताब भी जीता था। फाइनल में उन्होंने मिस्र की रुकय्या सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराया और यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
इससे पहले वह चार वर्षों तक इस प्रतियोगिता में क्वार्टर फाइनल या सेमीफाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई थीं। अपने आखिरी जूनियर वर्ष में विश्व खिताब जीतने के बाद एशियन गेम्स के सीनियर महिला एकल फाइनल तक पहुंचना उनके करियर का एक और बड़ा पड़ाव रहा।

भारतीय स्क्वॉश ने जीते पांच पदक
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने स्क्वॉश में कुल पांच पदक हासिल किए—दो सिल्वर और तीन कांस्य।
अनाहत ने महिला एकल में सिल्वर और महिला टीम स्पर्धा में कांस्य जीता। अभय सिंह ने पुरुष एकल में रजत पदक हासिल किया। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की जोड़ी ने मिश्रित युगल में कांस्य जीता, जबकि भारत की पुरुष टीम ने भी कांस्य पदक हासिल किया। महिला टीम को हांगकांग के खिलाफ सेमीफाइनल में 1-2 से हार के बाद कांस्य मिला।
LA 2028 ओलंपिक के लिए क्या है अगला लक्ष्य?
स्क्वॉश 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में पहली बार शामिल होगा। एशियन गेम्स में महिला एकल का गोल्ड मेडल ओलंपिक क्वालिफिकेशन का एक अहम अवसर था, लेकिन सिल्वर जीतने के कारण अनाहत को यह सीधा अवसर नहीं मिला। हालांकि, उनके लिए अन्य क्वालिफिकेशन मार्ग उपलब्ध हैं।
अनाहत ने अगले 18 महीनों में ज्यादा से ज्यादा टूर्नामेंट खेलने और PSA रैंकिंग सुधारने का लक्ष्य बताया है। एशियन गेम्स के बाद मिस्र में मिली जीत उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का एक और अवसर है। आगामी टूर्नामेंटों में उनका प्रदर्शन और रैंकिंग में प्रगति ओलंपिक की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी।
