Category: National News

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  • Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में लगातार पुनर्विकास परियोजनाओं के चलते यहां किराए के पैसों में दोगुना इजाफा हो गया है। लेकिन बिल्डरों को मिली मनमानी छूट से आम आदमी की कमरतोड़ नुकसान हो रहा है। सरकार को इसपर विचार करने की जरूरत है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई (Bombay is the financial capital of the country) में चल रहे घरों के पुनर्विकास कार्यों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। शहर के कई हिस्सों में मकानों के किराए में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। बांद्रा, खार, चेंबूर, कांदीवली, बोरिवली और मालाड़ जैसे इलाकों में किराए 50 से 65 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम लोगों के लिए घर का किराया भरना बेहद मुश्किल हो गया है। साथ ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्रकल्पों में बिल्डरों की मनमानी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिना योजना के पुनर्विकास से बढ़ी परेशानी

    मुम्बई में हजारों पुरानी इमारतों को तोड़कर नई इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इनमें रहने वाले किरायेदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। डेवलपर्स द्वारा अस्थायी आवास के लिए जो किराया दिया जाता है, वह बाजार दर से काफी कम होता है। ऐसे में लोग मजबूरी में महंगे और छोटे घरों में रहने को विवश हो रहे हैं। ऐसे ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (Slum Rehabilitation Authority) के तहत बन रहे परियोजनाओं में भी झोपड़ा धारकों को दिया जाने वाला वैकल्पिक किराए का पैसा बाजार मूल्यांकन के मुकाबले काफी कम होता है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की ढीली नीतियों और पुनर्विकास में बिल्डरों को दी गई खुली छूट ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। कोविड़ महामारी के बाद से घरों की मांग में तेजी आई है, और अब पुनर्विकास की वजह से किराए के मकानों की संख्या घट रही है, जिससे किराए और भी बढ़ रहे हैं। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिल्डरों को फायदा, जनता परेशान

    बांद्रा, खार और सांताक्रुज़ जैसे इलाकों में स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया 25,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 1 बेडरूम हॉल किचिन के लिए 75,000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। प्रॉपर्टी बाजार में रेंटल यील्ड दोगुनी हो चुकी है, जिसका सीधा लाभ बिल्डर्स और मकान मालिकों को मिल रहा है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    क्या आम आदमी के लिए बचेगा कोई विकल्प?

    अगर यही हालात जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में मुम्बई में मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर पाना नामुमकिन हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह पुनर्विकास के लिए ठोस नीति बनाए और किराएदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, वरना यह संकट और भी गहराता जाएगा। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

  • कांदीवली का ग्रोवेल्स मॉल होगा बंद, बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश

    कांदीवली का ग्रोवेल्स मॉल होगा बंद, बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश

    पर्यावरण मंजूरी प्राप्त किए बिना मॉल का संचालन करना गलत है। कंपनी ने 5 मार्च को याचिका डाली थी जिसमें मॉल के संचालन को बंद करने के MPCB के निर्देश को चुनौती दी गई थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    मुम्बई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कांदिवली पूर्व स्थित ग्रोवेल्स 101 मॉल को तुरंत बंद करने का आदेश दे दिया है। पर्यावरण मंजूर प्राप्त किए बिना मॉल का संचालन करने के लिए ग्रोवेल्स 101 मॉल के खिलाफ महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के बंद करने के निर्देश को अदालत ने बरकरार रखा है। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    कंपनी की याचिका

    बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस एमएस सोनक और जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने मॉल का संचालन करने वाली कंपनी ग्रेउर एंड वील (इंडिया) लिमिटेड की याचिका को खारिज कर दी है, जिसमें एमपीसीबी के 5 मार्च के बंद करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    अदालत ने कहा, “पर्यावरण मंजूरी प्राप्त किए बिना निर्मित मॉल का संचालन करना बेहद गंभीर है और स्थापन/ संचालन के लिए सहमति प्राप्त किए बिना ऐसे मॉल का संचालन करना परिस्थितिकी मुद्दे की गंभीरता को बढ़ाता है।” जजों ने कहा कि याचिकाकर्ता कंपनी ने कानूनी आवश्यकताओं की अनदेखा किया और आवश्यक मंजूरी के बिना ही मॉल का निर्माण कार्य आगे बढ़ा दिया। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    तर्क नहीं आया काम

    हालांकि, कंपनी ने तर्क दिया था कि 2016 में एमनेस्टी स्कीम के तहत पर्यावरण मंजूरी के लिए आवेदन किया गया था और ये आवेदन अभी तक लंबित है। लेकिन कोर्ट ने इस बचाव में कोई दम नहीं पाया और बताया कि आवेदन की स्थिति पर कोई स्पष्टता नहीं थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, कि याचिकाकर्ता खुद को कानून से ऊपर मानता है और कहा कि इस तरह के तर्कों के आधार पर पर्यावरण कानून के अनुपालन को विफल नहीं होने दिया जा सकता। याचिकाकर्ता ने मॉल का निर्माण करके कानून को अपने हाथ में ले लिया है, यह कहते हुए अदालत ने फैसला सुनाया कि यह उचित ही है कि बंद करने के निर्देशों को तुरंत लागू किया जाए। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि “हम इस उम्मीद में कोई भी जुर्माना नही लगा रहे हैं कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी। एमपीसीबी को तुरंत अपने बंद करने के निर्देशों को लागू करना चाहिए।” (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

  • बम्बई में ऑटो-टैक्सी चालक नहीं कर पाएंगे अपनी मनमानी, जानें क्या होगा एक्शन?

    बम्बई में ऑटो-टैक्सी चालक नहीं कर पाएंगे अपनी मनमानी, जानें क्या होगा एक्शन?

    Mumbai Auto Taxi News: बम्बई समेत ठाणे और दूसरे शहरी क्षेत्रों के लिए सरकार एक डेडिकेटेड व्हाट्सएप नंबर जारी करेगी। जिस पर मुंबईकर आसानी से ऑटो और टैक्सी चालकों की मनमानी की शिकायत कर पाएंगे। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यह आदेश जारी किया है। (Auto-taxi drivers will not be able to do as they please in Bombay, know what action will be taken)

    मुम्बई: महाराष्ट्र की राजधानी बम्बई समेत इससे जुड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में ऑटो और टैक्सी चालकों की ममनानी को रोकने के लिए सरकार एक व्हाट्सएप नंबर जारी करेगी, ताकि लोगों से ज्यादा किराया वसूलने और सवारी ले जाने से मना करने जैसी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। महाराष्ट्र सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यात्रियों से अपील की है कि वे जारी होने वाले व्हाट्सएप नंबर को अपने मोबाइल में सेव रखें और सफर में होने वाली असुविधा के बारे रिपोर्ट करें। (Auto-taxi drivers will not be able to do as they please in Bombay, know what action will be taken)

    शिवसेना विधायक ने उठाया मुद्दा

    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का ऑटो और टैक्सी चालकों की मनमानी की तरफ शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के विधायक वरुण सरदेसाई ने ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद बांद्रा और खार रेलवे स्टेशन के आसपास रिक्शा और टैक्सी चालकों के मनमानी को देखते हुए बैठक बुलाई गई थी। मोटर परिवहन विभाग के अधिकारियों से चर्चा के बाद प्रताप सरनाईक ने कहा कि पूरे मुम्बई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए एक ही नंबर जारी किया जाएगा। इस पर आने वाली शिकायतों पर एक्शन भी लिया जाएगा। मंत्री ने यहां तक कह दिया कि जरूरत पड़ी तो लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा। (Auto-taxi drivers will not be able to do as they please in Bombay, know what action will be taken)

    अभी अंधेरी के लिए हैं नंबर

    https://indian-fasttrack.com/maharashtra-government-will-give-50-thousand-more-rupees-under-pm-awas-yojan

    मंत्री सरनाईक ने कहा कि मोटर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को एक संयुक्त टीम बनाकर उन क्षेत्रों का नियमित दौरा करना चाहिए, जहां रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों को परेशान किया जाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल अंधेरी क्षेत्र के लिए व्हाट्सएप नंबर 9920240202 जारी किया गया है। सरनाईक ने कहा कि अब पूरे एमएमआर में एक ही नंबर जारी किया जाए, ताकि यात्री अपनी शिकायतें आसानी से संबंधित व्हाट्सएप नंबर पर दर्ज करा सकें। मुम्बई में लाखों की तादाद में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चलते हैं। जिनकी मनमानी को लेकर ज्यादातर यात्री शिकायत ही नही कर पाते। इसको देखते हुए व्हाट्सअप नंबर जारी करने का फैसला किया गया है। (Auto-taxi drivers will not be able to do as they please in Bombay, know what action will be taken)

  • मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। अबतक किसी भी अवैध निर्माण के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार मुम्बई शहर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण के बढ़ते मुद्दे की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति गठित करेगी, राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधान परिषद को सूचित किया। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए मनपा अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    भ्रष्टाचार को बढ़ावा

    खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    समिति का गठण

    सामंत ने कहा, “मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठण किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “समिति का विवरण तैयार कर लिया गया है। जिसमें इसका दायरा और अधिदेश शामिल है, जल्द ही मिडिया के सामने साझा किया जाएगा।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    कहां हुआ है सबसे ज्यादा अतिक्रमण?

    कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

  • Mumbai Airport: मुम्बई हवाई अड्डे पर यात्रियों से वसूला जाएगा यूडीएफ

    Mumbai Airport: मुम्बई हवाई अड्डे पर यात्रियों से वसूला जाएगा यूडीएफ

    एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) वसूल करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से एक्ट्रा टैक्स वसूला जाएगा। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    मुम्बई: एयरपोर्ट से उड़ान भरना अब महंगा होने जा रहा है। मुम्बई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक घरेलू यात्रियों से 325 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 650 रुपये वसूले जाएंगे। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    क्या है जानकारी?

    अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) की सहायक कंपनी और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) की संचालक मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने मंगलवार को कहा कि यात्री सुविधाओं में बदलाव के लिए यह फैसला लिया गया है। अभी प्रस्ताव को हवाई अड्डा आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (AERA) को सौंपा गया है। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    पार्किंग शुल्क का लाभ

    वहीं हवाई अड्डा प्रबंधन ने कहा कि एक ओर यूडीएफ वसूला जाएगा तो दूसरी ओर एयरलाइन लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में लगभग 35 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इस कटौती से मुम्बई से हवाई किराये पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ताकि एयरलाइन्स कंपनियां लागत का बेहतर प्रबंधन कर सकें। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    कितना पैसा वसूलने की है तैयारी ?

    मौजूदा समय में मुम्बई हवाई अड्डे पर प्रति यात्री लाभ (YPP) 285 रुपये है। प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 332 रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने बताया कि अगले पांच साल में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के निर्माण में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। अनुमानित 229 मिलियन यात्रियों से 7,600 करोड़ रुपये का कुल कर वसूला जाएगा। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    बताया जा रहा है बुनियादी ढांचे के विकास के तहत मुम्बई एयरपोर्ट पर टर्मिनल 2 पर घरेलू से घरेलू स्थानांतरण सुविधा, समय प्रदर्शन में सुधार और नया टैक्सीवे जेड का निर्माण, टर्मिनल में प्रवेश पर भीड़ का प्रबंधन करने के लिए ई-गेट्स, मुफ्त अंतर-टर्मिनल कोच स्थानांतरण और फास्टैग-सक्षम पार्किंग समेत यात्री सुविधा के लिए तमाम कार्य कराए जाएंगे। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

  • रमजान के बाद मस्जिद को तोड़ने का आदेश

    रमजान के बाद मस्जिद को तोड़ने का आदेश

    रमजान के खत्म होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे के एक मस्जिद और प्रार्थना गृह को तोड़ने का आदेश दे दिया है। पीछले कुछ दिनों से ठाणे नगर निगम और ट्रस्टियों के बीच विवाद चल रहा था।

    ठाणे: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ठाणे नगर निगम (TMC) को एक अवैध मस्जिद को ध्वस्त करने में असफल रहने पर चेतावनी दी है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों के लिए नागरिकों के बीच कानून का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खता की खंडपीठ ने लोकतांत्रिक राज्य में कानून के प्रवर्तन की अनिवार्यता पर जोर दिया। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    14 अप्रैल को होगा ध्वस्त

    10 मार्च को जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि रमजान के पवित्र महीने के समाप्त होते ही अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 14 अप्रैल रखी गई है। यह निर्णय न्यू श्री स्वामी समर्थ बोरिवडे नामक एक निजी आवास कंपनी की याचिका के जवाब में लिया गया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ठाणे जिले में उनकी संपत्ति पर मस्जिद और उससे संबंधित प्रार्थना कक्ष अवैध रूप से बनाए गए हैं। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    जनवरी में दिया नोटिस

    याचिकाकर्ता के मुताबिक, गाजी सलाउद्दीन रहमतुल्ला अलेह उर्फ परदेशी बाबा ट्रस्ट ने 18,122 वर्ग मीटर की जमीन पर 2013 से अतिक्रमण कर रखा था। ट्रस्ट ने एक ग्राउंड-प्लस-वन बिल्डिंग बनाई थी, जिसमें मस्जिद और प्रार्थना कक्ष दोनों शामिल थे। जनवरी में, टीएमसी ने ट्रस्ट को 15 दिनों के अंदर इस संरचना को तोड़ने का आदेश दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो नगर निगम कार्रवाई करेगा। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    इसके पहले कुछ हिस्सा किया ध्वस्त

    इस महीने की शुरुआत में, टीएमसी ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि कुछ हिस्सों का ध्वस्तीकरण किया गया था। हालांकि, भक्तों के विरोध ने आगे की कार्रवाई में रुकावट उत्पन्न की। टीएमसी के वकील राम आप्टे ने बताया कि अनुयायियों की एक बड़ी संख्या ने अनधिकृत संरचना को पूरी तरह से नष्ट करने में बाधा डाली। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    नगर निगम की लापरवाही

    हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में नगर निगम की प्रारंभिक लापरवाही की निंदा की, जिसने इतनी विशाल अवैध संरचना के निर्माण की अनुमति दी। न्यायाधीशों ने टिप्पणी की, “एक लोकतांत्रिक राज्य में, किसी व्यक्ति या समूह को यह कहने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह देश के कानूनों का पालन नहीं करेगा और किसी भी कारण से इसका विरोध करेगा।” (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    टीएमसी को अदालत का निर्देश

    अदालत ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए नागरिकों में कानूनी अनुपालन के प्रति सम्मान उत्पन्न करने की आवश्यकता पर बल दिया और स्पष्ट किया कि राज्य द्वारा कानून का उल्लंघन और इसके प्रवर्तन में बाधा सहन नहीं की जाएगी। ट्रस्ट द्वारा विध्वंस के खिलाफ कोई आपत्ति न उठाने के संकेत देने के बाद, अदालत ने टीएमसी को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि शेष विध्वंस कार्य रमजान के तुरंत बाद 14 अप्रैल की निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा किया जाए। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

  • MHADA Mumbai Lottery: 12 लाख में 4700 घरों के लिए म्हाडा की बंपर लॉटरी

    MHADA Mumbai Lottery: 12 लाख में 4700 घरों के लिए म्हाडा की बंपर लॉटरी

    Mumbai MHADA Lottery Update: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। BMC अपने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को माहुल में सस्ते घर उपलब्ध करा रही है। घरों की कीमत लगभग 12 लाख रुपये है और इनकी बिक्री लॉटरी के माध्यम से होगी।आवेदन प्रक्रिया शुरू.. (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    मुंबई: दुनिया भर में सपनों के शहर या मायानगरी कहे जाने वाली मुम्बई में हर कोई अपना घर चाहता है, लेकिन मौजूदा घरों की कीमतों और महंगाई के कारण कई लोगों के सपने अधूरे रह जाते हैं। लेकिन, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कर्मचारियों का घर खरीदने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। बीएमसी के सफाई कर्मचारियों को उपनगरीय माहुल क्षेत्र में किफायती घर के लिए म्हाडा ने योजना बनाई है। इन मकानों के लिए जल्द ही लॉटरी निकाली जाएगी और आवेदन प्रक्रिया 17 मार्च से शुरू हो चुका है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    4700 मकानों के लिए लॉटरी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन म्हाडा के तहत अपने कर्मचारियों के लिए आवासीय लॉटरी आयोजित करने जा रहा है। बीएमसी के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाने वाले इन मकानों की कीमत 12 लाख रुपये होने वाली है। एक जानकारी के मुताबिक बीएमसी के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले इन 4700 मकानों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। इसके लिए 17 मार्च यानी सोमवार से ही आवेदन जमा किए जा सकेंगे। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    क्यों किया जा रहा है लॉटरी का आयोजित ?

    मुंबई के माहुल इलाके में 4700 घर बनाए गए हैं और इन घरों की कीमत 12.60 लाख रुपये है और इन घरों को लॉटरी के जरिए बेचा जाएगा। बीएमसी कर्मचारी अब इन मकानों के लिए आवेदन कर सकते हैं। पिछले कुछ दिनों से माहुल में 13,000 से अधिक मकान खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए बीएमसी ने म्हाडा के माध्यम से इन घरों के लिए लॉटरी आयोजित करने का निर्णय लिया है। काफी समय से खाली पड़े रहने वाले इन फ्लैटों के रखरखाव का खर्च नगर पालिका को उठाना पड़ता है, इसलिए इन फ्लैटों को कर्मचारियों को बेचने का निर्णय लिया गया है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं

    दरअसल मुंम्बई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के लिए ये घर बनाए थे। फिर इन्हें BMC को सौंप दिया गया था। अब BMC इन्हें अपने कर्मचारियों को बेचेगी। माहुल में बनी इन इमारतों में स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    BMC कर्मचारियों के लिए बड़ा अवसर

    यदि कोई कर्मचारी घर खरीदने के बाद उसे बेचना चाहे, तो वह पांच साल बाद ऐसा कर सकता है। यह योजना BMC कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अवसर है। मुम्बई जैसे महंगे शहर में अपना घर होना एक सपने जैसा है। BMC ने इस सपने को हकीकत में बदलने का रास्ता खोला है। यदि आप BMC कर्मचारी हैं, या आपके जानने वाले कोई BMC कर्मचारी हैं, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं। यह उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

  • औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब के मकबरे को लेकर हिंदू मुस्लिम की राजनीति महाराष्ट्र में गरमा रही है। पक्ष विपक्ष के अलावा बजरंग दल और धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान समाधि को नष्ट करने पर उतारू हो गये हैं। इसी बीच सरकार ने मकबरे की सुरक्षा बढ़ा दी है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    महाराष्ट्र/औरंगाबाद: औरंगजेब को लेकर विवाद जारी है। इसको लेकर जमकर बयानबाजी भी की जा रही है। इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के खुलताबाद स्थित औरंगजेब की मजार को लेकर राज्य में माहौल गरमा गया है। बजरंग दल ने इस मकबरे को हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान के मिलिंद एकबोटे ने इस समाधि को नष्ट करने की चेतावनी दी है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच जंग छिड़ी हुई है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

    माहौल बिगड़ता देख अब महाराष्ट्र सरकार ने औरंगजेब की मजार पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अब  मजार के आसपास एसआरपीएफ की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है। इसमें 15 पुलिस कर्मी होंगे। जिसमें दो पुलिस अधिकारी भी कब्र की सुरक्षा करेंगे। इसके साथ ही मिलिंद एकबोटे पर 5 अप्रैल तक छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    बजरंग दल का प्रदर्शन

    बजरंग दल ने कहा है कि औरंगजेब का मकबरा हमें हमारी गुलामी, लाचारी और उत्पीड़न की याद दिलाता है। महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द इस कब्र को खोद देना चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि वह स्वाभिमानी हिंदू समुदाय के साथ सड़कों पर उतरेगा। बजरंग दल ने कहा है कि अगर औरंगजेब की कब्र नहीं हटाई गई तो उसी दिन पूरे महाराष्ट्र में सभी तहसीलदार और जिला कलेक्टरों के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    NCP के विधायक ने क्या कहा?

    औरंगजेब के मजार को लेकर पूरे राज्य भर में राजनीति गरमा गई है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, औरंगजेब यहां 27 साल तक शासन नहीं कर सका। औरंगजेब का मकबरा इसका प्रतीक है। अगर आज यह कब्र हटा दी गई तो भविष्य में लोग हंगामा करेंगे। इसलिए रोहित पवार ने राय व्यक्त की है कि प्रतीक के तौर पर उस कब्र को न छूना ही उचित होगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    Maharashtra Aurangabad news
    औरंगजेब के मकबरे के बाहर सुरक्षा की तस्वीर

    कांग्रेस का विरोध

    कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करना छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को मिटाने का एक तरीका है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को स्टंट नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में फडणवीस की सरकार औरंगजेब जैसी क्रूरता से काम कर रही है। गृह विभाग घासीराम कोतवाल की तरह चलाया जा रहा है। औरंगजेब का मकबरा वीरता का नहीं, बल्कि क्रूरता का मकबरा है। वह समाधि भी शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    मुसलमानों को लुभाने का आरोप

    वहीं, भाजपा नेता अतुल भटखलकर ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को सजाने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि विपक्ष औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल बरसाता है। औरंगजेब की कब्र को सजाकर मुसलमानों को लुभाने का काम किया जा रहा है। इसलिए मैं विरोधियों को सिर्फ यही चेतावनी दूंगा कि आपने इतने वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज का सच्चा इतिहास छिपाने का पाप किया है। अब हिंदू समाज जाग गया है। यदि अब से आप औरंगजेब की कब्र को बचाने की कोशिश करेंगे तो हिंदू समुदाय आपको माफ नहीं करेगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

  • होली के दौरान मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    होली के दौरान मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    रत्नागिरी के राजापुर में वार्षिक शिमगा जुलूस के दौरान एक मस्जिद के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला.. (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    महाराष्ट्र: रत्नागिरी के राजापुर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। शरारती लोगों ने मस्जिद का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने नारेबाजी और अवैध रूप से भीड़ लगाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    तनाव निर्माण करने की कोशिश

    रत्नागिरी जिले के राजापुर गांव के कोकण क्षेत्र में होने वाले वार्षिक शिमगा जुलूस के दौरान कुछ शरारती लोगों ने तनाव निर्माण करने की कोशिश की। आप को बता दें कि यहां हर साल जुलूस राजापुर गांव से शुरू हो कर धोपेश्वर मंदिर तक जाता है। जुलूस करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करता है। वहीं जुलूस के दौरान लकड़ी का लंबा तना लेकर चलने की प्रथा है। इसी लकड़ी के तने से मस्जिद के दरवाजा को तोड़ने की कोशिश की गई। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    क्यों तोड़ना चाह रहे थे मस्जिद का दरवाजा?

    जानकारी के मुताबिक, जुलूस जवाहर चौक के पास स्थित मस्जिद के सामने से होकर गुजरता है। इसी दौरान कुछ लोगों ने लकड़ी के लंबे तने को मस्जिद के दरवाजे में लगाकर धकेलने की कोशिश कर रहे थे, शायद उनकी मंशा मस्जिद का दरवाजा तोड़ने की थी। ऐसा कहा जाता है कि लकड़ी का ये तना हर साल जुलूस के दौरान मस्जिद की सीढ़ियों पर रखा जाता है, लेकिन इस बार इससे मस्जिद के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की गई। वहीं इस दौरान लोगों ने नारेबाजी भी की। जिससे तनाव कि स्थित बन गई। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति तो नियंत्रण मे किया। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

  • हलाल के जवाब में मल्हार मटन, होली से पहले शुरु हुई सियासी लड़ाई

    हलाल के जवाब में मल्हार मटन, होली से पहले शुरु हुई सियासी लड़ाई

    महाराष्ट्र से मल्हार सर्टिफिकेट की शुरुआत हुई है। क्या किसी प्रोडक्ट को धार्मिक आधार पर प्रमाण पत्र देना कानूनी है? क्या यह हलाल सर्टिफिकेट के जवाब में नया कारोबारी शुरू किया गया है। नितेश राणे की इस पहल पर सियासी रूख़ जानते हैं। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में हलाल सर्टिफिकेशन के जवाब में मल्हार सर्टिफाइड यानी झटके वाली मीट की दुकानें खुल गई हैं। खासकर इसका ऐलान होली के त्योहार से पहले हुआ है। इस ऐलान के बाद से राजनैतिक गलियारों में हलचल देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने इसका ऐलान किया। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    सख्त हिंदू धार्मिक प्रथाओं का पालन

    मल्हार सार्टिफिकेशन की पहल महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने की है। सर्टिफाइड दुकानों की लिस्ट भी वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसमें बताया गया है कि मल्हार सर्टिफाइड मटन खटीक समुदाय के वेंडर के पास ही उपलब्ध है। वेबसाइट में बताया गया है कि यह प्लेटफॉर्म उन मटन विक्रेताओं को बढ़ावा देता है जो बकरा या भेड़ को काटते के दौरान सख्त हिंदू धार्मिक प्रथाओं का पालन करते हैं। हलाल प्रोडक्ट में भी इस्लामी मान्यताओं का ख्याल रखने का दावा किया जाता है। राणे की इस पहल का एनसीपी नेता जितेंद्र आह्वाड ने आलोचना की है, जबकि शिंदे सेना और बीजेपी ने समर्थन किया है। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता रईस शेख ने इसका स्वागत किया। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    वैचारिक प्रतिस्पर्धा के तौर पर स्थापित करने की कोशिश

    आधिकारिक तौर से मल्हार सर्टिफिकेशन मटन यानी गोश्त का ही किया गया है, जबकि हलाल सर्टिफिकेशन में फूड प्रोडक्ट के अलावा कपड़ा, साबुन, चाय, तेल, शैंपू जैसे उत्पाद शामिल हैं। मल्हार वेबसाइट पर मौजूद दुकानों की संख्या भी गिनी चुनी है, मगर आने वाले कुछ वर्षों में यह सिस्टम गली-मुहल्लों में दिखने लगे तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। यह अभी हलाल के मुकाबले खड़ा नया ब्रांड है, जिसे यह खाने के तौर-तरीकों से अधिक वैचारिक प्रतिस्पर्धा के तौर पर स्थापित करने की कोशिश है। महाराष्ट्र में हलाल बनाम मल्हार के बिजनेस कॉम्पिटिशन और वैचारिक लड़ाई के लिए पर्याप्त स्पेस के तौर पर देखा जा रहा है। डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हस्बेंड्री के अनुसार, बंगाल के बाद महाराष्ट्र मटन खाने में दूसरे नंबर पर है, जहां 11 फीसदी उत्पादन होता है। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    हलाल बनाम झटका मटन की बहस

    भारत में सालाना 640 मीट्रिक टन बकरे के गोश्त की खपत होती है। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना और तमिलनाडु बकरे के मांस के उत्पादन में 75 फीसदी योगदान करते हैं। अगर बकरे के साथ चिकन को भी शामिल कर दिया जाए तो नॉनवेज का मार्केट काफी बड़ा है। हिंदू संगठनों ने हलाल सर्टिफिकेशन को सुनियोजित साजिश करार दिया था। आरोप है कि हलाल का तमगा देने वाली कंपनियां और संगठन कारोबारी मुनाफे के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। राजनीतिक नजरिये से देखें तो इनमें से छह राज्यों में झटका बनाम हलाल पर बहस होती रही है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में ऐसा विवाद ज्यादा नजर नहीं आया है। हिंदू और सिख कम्यूनिटी के लोग झटका मांस की वकालत करते रहे हैं, मगर इसके लिए उनके पास हलाल सर्टिफिकेशन जैसा प्लेटफॉर्म नहीं था। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    हलाल और मल्हार सर्टिफिकेट पर कानूनी विचार

    उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हलाल सर्टिफिकेशन को गैरकानूनी घोषित कर चुकी है, क्योंकि कोई सरकारी एजेंसी इसके लिए प्रमाण पत्र जारी नहीं करती है। यूपी सरकार गैरकानूनी तौर से सर्टिफिकेट जारी करने के लिए हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिंद हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया मुंबई, जमीयत-उलेमा-ए-महाराष्ट्र के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर चुकी है। ऐसे में मल्हार सर्टिफिकेट की वैधता पर सवाल खड़े हैं। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    क्या मल्हार सरकारी योजना है?

    मल्हार सर्टिफिकेशन को भी सरकारी वैधता प्राप्त नहीं है। शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा कि अगर मल्हार सर्टिफिकेट देना सरकार की योजना है तो सीएम को उद्घाटन करना चाहिए था। सरकार बताए कि कंपनी किसकी है। बता दें कि जिस तरह हलाल वाले हरे मुहर को बेरोकटोक शॉपिंग मार्ट से लेकर फाइव स्टार सर्विस तक स्थापित किया गया, उससे मल्हार के लिए रास्ते खुल गए हैं। संभव है कि आने वाले समय में फूड डिलिवर करने वाले होटलों और कंपनियों को बताना पड़े कि मेन्यू में हलाल और मल्हार प्रोडक्ट क्या-क्या हैं? (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    राजनीतिक तौर से संरक्षण और मार्केटिंग हुई तो मल्हार सर्टिफिकेट देने वाली कंपनियां भी पैदा हो जाएंगी, जैसा हलाल प्रोडक्ट को लेकर हुआ है। भारत में करीब 12 कंपनियां हलाल सर्टिफिकेट देती हैं। बीजेपी नेता नीतेश राणे ने मल्हार वेबसाइट की शुरुआत करते हुए कहा कि यह हिंदू मांस विक्रेताओं को एक ही मंच पर लाने की कोशिश है। राजनीतिक नजरिये से देखें तो मल्हार को हलाल के मुकाबले के लिए लाया गया है, जिस पर प्रतिक्रिया आनी अभी और भी बाकी है। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)