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  • दो बातें न्याय और अवसरवाद की: पेट्रोल-डीजल की लूट से लेकर दलितों पर अत्याचार तक — सवालों में घिरी सरकार और मायावती की चुप्पी

    दो बातें न्याय और अवसरवाद की: पेट्रोल-डीजल की लूट से लेकर दलितों पर अत्याचार तक — सवालों में घिरी सरकार और मायावती की चुप्पी

    भारत में पेट्रोल और रसोई गैस के बढ़ते दामों पर जनता सवाल उठा रही है। वहीं दलितों पर हो रहे अत्याचारों पर बसपा सुप्रीमो मायावती की चुप्पी भी चर्चा में है। सरकार की नीतियों और विपक्ष की चुप्पी पर उठे दो बड़े सवाल।

    मुंबई: भारत में लगातार बढ़ते पेट्रोल और रसोई गैस के दामों ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घटे हैं, तो घरेलू बाजार में राहत क्यों नहीं मिल रही? वहीं दूसरी ओर, दलितों पर हो रहे अत्याचार और दलित अधिकारियों की आत्महत्याओं जैसे गंभीर मामलों पर बसपा सुप्रीमो मायावती की चुप्पी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में जनता के बीच दो बड़े सवाल गूंज रहे हैं — एक न्याय और लूट के नाम पर सरकार की नीतियों पर, और दूसरा अवसरवाद की राजनीति पर।

    💸 पहली बात – पेट्रोल-डीजल के नाम पर लूट, जनता परेशान

    देश में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं जबकि सरकार दावा करती है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम घटे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि भूटान में पेट्रोल ₹65 लीटर है और भारत में ₹105।

    केंद्र सरकार भारत से पेट्रोल और डीजल भूटान जैसे देशों को सस्ता भेजती है, जबकि अपने ही नागरिकों पर टैक्स का बोझ बढ़ाती है।
    असल में, विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल भारत में मात्र ₹35 प्रति लीटर पड़ता है, बाकी रकम टैक्स और सेस के रूप में जनता से वसूली जाती है।

    🏦 कांग्रेस के जमाने में तेल महंगा, लेकिन जनता पर बोझ कम

    कांग्रेस सरकार के वक्त जब कच्चा तेल $110 प्रति बैरल था, तब पेट्रोल ₹65 और रसोई गैस ₹550 में मिलती थी।
    आज कच्चा तेल सिर्फ $70 प्रति बैरल है, फिर भी पेट्रोल ₹105 और गैस ₹1200 से ऊपर क्यों है?

    सरकार ने हाल ही में ₹200 कम करके राहत का ढोंग किया, लेकिन असल में यह जनता को बेवकूफ़ बनाने की कोशिश लगती है।

    ⚙️ एथेनॉल की मिलावट – जनता के साथ धोखाधड़ी?

    सरकार बिना जनता को बताए पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिला रही है, और उसे उसी रेट पर बेच रही है।
    यह फैसला जनता के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है क्योंकि एथेनॉल के कारण वाहनों की माइलेज घट रही है, और इंजन पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक अगस्त में वाहन रखरखाव खर्च 28% था, जो अक्टूबर में बढ़कर 52% हो गया है।
    पुरानी गाड़ियां एथेनॉल के लिए बनी ही नहीं हैं, लेकिन सरकार ने शुद्ध पेट्रोल (Pure Petrol) का विकल्प ही खत्म कर दिया है।

    🚘 नेताओं के शाही काफिले और जनता की जेब पर वार

    जनता हर दिन महंगे पेट्रोल से परेशान है, लेकिन नेता और मंत्री सरकारी वाहनों में शाही अंदाज़ में घूम रहे हैं।
    कई नेता 20-25 गाड़ियों के काफिले में जनता के टैक्स का पेट्रोल उड़ाते हैं और खुद को जनता का सेवक कहते हैं।

    क्या यही है लोकतंत्र? जनता को त्याग करने की सलाह देने वाले नेता खुद ऐश कर रहे हैं।

    🧾 सरकार को जवाब देना होगा – एथेनॉल मिलावट से किसे फायदा?

    जनता का आरोप है कि एथेनॉल से जो मुनाफा हो रहा है, उसका फायदा मंत्रियों के बेटों और निजी कंपनियों को मिल रहा है
    क्या जनता का गला घोंटकर बेटों को अरबपति बनाना जनसेवा है? सरकार ने बिना पूर्व सूचना पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर पारदर्शिता की हत्या की है।

    दूसरी बात – मायावती की चुप्पी और दलितों पर अत्याचार

    जहां एक ओर देश में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती पर चुप्पी साधने के आरोप लग रहे हैं।

    दलित IAS अफसर आत्महत्या कर रहे हैं, गरीब दलितों की पीट-पीट कर हत्याएं हो रही हैं, लेकिन मायावती का कोई बयान सामने नहीं आता।

    ⚖️ राजनीति या अवसरवाद? बीजेपी की तारीफ में व्यस्त मायावती

    बीजेपी सरकार, खासकर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की मायावती बार-बार प्रशंसा करती हैं।
    कभी भाजपा को कोसने वाली मायावती आज भाजपा की मौन सहयोगी बन चुकी हैं।

    वहीं, इंडिया एलायंस संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन मायावती हर सीट पर चुनाव लड़कर विपक्ष को कमजोर कर रही हैं।

    💬 दलितों के मुद्दों पर मायावती की खामोशी क्यों?

    डॉ. आंबेडकर और कांशीराम की विचारधारा पर राजनीति करने वाली मायावती आज उन्हीं के नाम पर राजनैतिक सौदेबाजी कर रही हैं।
    राहुल गांधी जहां हर दलित पीड़ित परिवार से मिल रहे हैं, वहीं मायावती मौन साधे हैं।

    राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि मायावती की चुप्पी उनकी अवैध संपत्ति बचाने की रणनीति है।
    उन्हें डर है कि अगर उन्होंने सरकार के खिलाफ बोला तो सीबीआई और ईडी उनके पीछे लग जाएगी।

    🗣️ जनता पूछ रही है – क्या यही लोकतंत्र है?

    जब आम जनता महंगाई से कराह रही है, और दलित समाज अन्याय झेल रहा है, तब बड़े नेता और सरकार दोनों मौन हैं।
    जनता पूछ रही है —

    “क्या अब लोकतंत्र सिर्फ सत्ता और धन बचाने का माध्यम बन गया है?”


    FAQ सेक्शन

    Q1. भूटान में पेट्रोल सस्ता और भारत में महंगा क्यों है?
    👉 भारत में टैक्स और सेस बहुत ज्यादा है, जिससे कीमतें 100 रुपए पार हैं।

    Q2. क्या एथेनॉल मिलावट से वाहनों को नुकसान होता है?
    👉 हां, खासकर पुरानी गाड़ियों में माइलेज घटती है और पार्ट्स जंग लगते हैं।

    Q3. मायावती दलित मुद्दों पर चुप क्यों हैं?
    👉 राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, वे सरकार से टकराव से बचना चाहती हैं।

    Q4. क्या सरकार जनता को सस्ते तेल का फायदा देती है?
    👉 नहीं, सरकार कम कीमत पर कच्चा तेल खरीदकर भी टैक्स बढ़ाकर जनता को राहत नहीं देती।

    Q5. क्या एथेनॉल मुनाफा राजनीतिक परिवारों को जा रहा है?
    👉 आरोप यही हैं कि एथेनॉल कंपनियों से राजनीतिक संबंध जुड़े हैं।

  • इंडियन आर्मी 55th TES जुलाई 2026 भर्ती: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, ₹56,100 तक सैलरी – ऐसे करें आवेदन

    इंडियन आर्मी 55th TES जुलाई 2026 भर्ती: 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, ₹56,100 तक सैलरी – ऐसे करें आवेदन

    इंडियन आर्मी ने 55वीं टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। 12वीं (PCM) पास युवा इस भर्ती के तहत ऑफिसर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। सैलरी ₹56,100 से शुरू, कोई फीस नहीं, और ट्रेनिंग के साथ इंजीनियरिंग डिग्री भी मिलेगी।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: भारतीय सेना ने देशभर के युवा, अविवाहित और टेक्नोलॉजी के प्रति उत्साही उम्मीदवारों के लिए 55वीं टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES – 55) का नोटिफिकेशन जारी किया है।
    अगर आपने 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) विषयों के साथ 60% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं और JEE (Mains) 2025 दिया है, तो ये भर्ती आपके लिए है।

    आवेदन की तारीखें:

    • आवेदन शुरू: 14 अक्टूबर 2025
    • अंतिम तिथि: 13 नवंबर 2025

    📋 भर्ती का पूरा विवरण

    भर्ती का नाम: 10+2 Technical Entry Scheme (TES-55)
    कुल पद: 90
    पोस्ट: ऑफिसर ट्रेनिंग कैडेट
    स्थान: पूरे भारत में
    सैलरी/स्टाइपेंड: ₹56,100/- प्रतिमाह से शुरुआत

    🎓 पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

    शैक्षणिक योग्यता:

    • उम्मीदवार ने 10+2 परीक्षा PCM विषयों के साथ कम से कम 60% अंकों के साथ पास की हो।
    • उम्मीदवार ने JEE (Main) 2025 में भाग लिया हो।

    आयु सीमा:

    • उम्मीदवार की आयु 1 जुलाई 2026 तक 16.5 से 19.5 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
    • जन्म तिथि: 2 जनवरी 2007 से 1 जनवरी 2010 (दोनों दिन सहित)।

    💪 मेडिकल और फिजिकल स्टैंडर्ड

    सभी उम्मीदवारों को भारतीय सेना के मेडिकल और फिजिकल फिटनेस स्टैंडर्ड्स को पूरा करना अनिवार्य है।
    इसमें लंबाई, वजन, दृष्टि परीक्षण, और सामान्य स्वास्थ्य जांच शामिल होती है।
    विस्तृत जानकारी के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मेडिकल गाइडलाइंस देख सकते हैं।

    💰 सैलरी और भत्ते – सम्मान के साथ शानदार कमाई

    TES के अंतर्गत चयनित कैडेट्स को ट्रेनिंग के दौरान ₹56,100/- प्रति माह का स्टाइपेंड मिलेगा।
    कमिशनिंग के बाद उम्मीदवार को लेवल 10 पे-स्केल (₹56,100 – ₹1,77,500) में पदोन्नति मिलेगी।

    अन्य भत्ते:

    • महंगाई भत्ता (DA)
    • यूनिफॉर्म व किट मेंटेनेंस भत्ता
    • रेंट व हार्डशिप अलाउंस (पोस्टींग लोकेशन के आधार पर)
    • मेडिकल और ट्रैवल भत्ते

    नए कमीशंड लेफ्टिनेंट की CTC लगभग ₹17–18 लाख सालाना होती है।

    🧭 चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    भारतीय सेना TES भर्ती के लिए तीन चरणों की प्रक्रिया अपनाती है:

    स्टेज 1: आवेदन की शॉर्टलिस्टिंग

    उम्मीदवारों को JEE Mains Common Rank List (CRL) के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।

    स्टेज 2: SSB इंटरव्यू (5 दिन)

    चयनित उम्मीदवारों को प्रयागराज, भोपाल, बेंगलुरु या जालंधर के किसी एक चयन केंद्र पर SSB इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

    • पहला चरण: Officer Intelligence Rating (OIR) टेस्ट और Picture Perception & Discussion (PPDT)
    • दूसरा चरण: साइकोलॉजिकल टेस्ट, GTO टास्क, और पर्सनल इंटरव्यू

    स्टेज 3: मेडिकल टेस्ट

    SSB में सफल उम्मीदवारों की मेडिकल जांच सेना अस्पताल में की जाएगी।

    🧾 आवेदन प्रक्रिया – Step-by-Step गाइड

    1. भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – joinindianarmy.nic.in
    2. Online Application” टैब पर क्लिक करें।
    3. रजिस्ट्रेशन करें और अपनी जानकारी भरें।
    4. 10वीं, 12वीं मार्कशीट और JEE (Main) 2025 स्कोर अपलोड करें।
    5. सबमिट करने से पहले सभी जानकारी जांचें।
    6. फॉर्म सबमिट कर प्रिंट निकाल लें।

    👉 इस भर्ती के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है।

    📅 महत्वपूर्ण तिथियां

    इवेंटतिथि
    आवेदन शुरू14 अक्टूबर 2025
    आवेदन समाप्त13 नवंबर 2025
    SSB इंटरव्यू (अनुमानित)फरवरी/मार्च 2026

    ❓FAQ सेक्शन

    Q1: क्या TES 55 भर्ती के लिए फीस देनी होगी?
    नहीं, इस भर्ती के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है।

    Q2: क्या लड़कियां इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकती हैं?
    नहीं, TES योजना केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवारों के लिए है।

    Q3: क्या JEE (Mains) देना जरूरी है?
    हां, TES-55 के लिए JEE (Main) 2025 में भाग लेना अनिवार्य है।

    Q4: चयन प्रक्रिया कितनी लंबी होती है?
    पूरा चयन (शॉर्टलिस्टिंग, SSB और मेडिकल) आमतौर पर 3-4 महीने का समय लेता है।

    Q5: ट्रेनिंग कहाँ होती है?
    सफल उम्मीदवारों को Indian Military Academy (IMA), देहरादून में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

  • स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ के पहले आंदोलन को बड़ी सफलता, महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल ने कर्मचारियों की मांगे मानीं

    स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ के पहले आंदोलन को बड़ी सफलता, महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल ने कर्मचारियों की मांगे मानीं

    मुंबई के सानपाड़ा स्थित महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल मुख्यालय के बाहर स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने कर्मचारियों के वेतन बकाया को लेकर तीव्र आंदोलन किया। शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में हुआ यह आंदोलन सफल रहा। मंडल ने 4 महीने का बकाया भुगतान और वैकल्पिक नियुक्ति की मांगें मानीं।

    मुंबई: सानपाड़ा इलाके में बुधवार को महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल के मुख्यालय के बाहर स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने जोरदार आंदोलन किया।
    एमटीएनएल (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) में कार्यरत करीब 400 सुरक्षा कर्मियों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला था, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे थे।

    💰 कर्मचारियों की चार महीने की तनख्वाह बकाया

    कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने दिवाली के त्योहार में घर चलाने की चिंता थी। महासंघ के अध्यक्ष और शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर ने बताया कि इससे पहले एमटीएनएल प्रशासन के साथ बैठक में दो महीने का वेतन जारी किया गया था, लेकिन अब फिर चार महीने का वेतन लंबित है।
    महासंघ के कार्याध्यक्ष सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में इस बार आंदोलन को नई दिशा दी गई।

    🗣️ अध्यक्ष अशोक डोके के साथ हुई अहम बैठक

    आंदोलन के दौरान महासंघ के सरचिटनीस अरुण मोरे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षा मंडल के अध्यक्ष अशोक डोके से मुलाकात की।
    बैठक में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी —

    1. एमटीएनएल की सुरक्षा सेवा बंद करने की नोटिस जारी की जाएगी।
    2. कर्मचारियों को 4 महीने के लिए ₹15,000 अग्रिम राशि दी जाएगी।
    3. जो कर्मचारी एमटीएनएल में कार्य नहीं करना चाहते, उन्हें अन्य संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा।

    इन तीनों मांगों को मंडल ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।

    🙌 नेतृत्व और उपस्थिति

    इस आंदोलन में महासंघ के उपाध्यक्ष शिवप्रसाद भामरे, देवा कदम, दीपक काळिंगण, मिलिंद पंडित, विजय परब, सचिन कदम, निलेश बुरुणकर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
    यह महासंघ का पहला बड़ा आंदोलन था, जिसे जबरदस्त सफलता मिली।

    🎉 कर्मचारियों ने जताया आभार

    महासंघ के नेता सुदर्शन मोरे, प्रदीप रावराणे और प्रमोद पवार ने सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा,

    “यह हमारी एकजुटता की जीत है। अब हमें अपने हक के लिए आवाज उठाने से डर नहीं लगता।”


    FAQ सेक्शन

    Q1. यह आंदोलन किस संगठन ने किया?
    यह आंदोलन स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने किया, जो शिवसेना की अंगीकृत संगठन है।

    Q2. कर्मचारियों की क्या मुख्य समस्या थी?
    एमटीएनएल में काम करने वाले सुरक्षा कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला था।

    Q3. आंदोलन के बाद क्या निर्णय हुआ?
    महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल ने 15,000 रुपये अग्रिम और वैकल्पिक नियुक्ति सहित तीन मुख्य मांगें स्वीकार कीं।

    Q4. किन नेताओं ने आंदोलन का नेतृत्व किया?
    गजानन कीर्तिकर, डॉ. श्रीकांत शिंदे और महासंघ के सरचिटणीस अरुण मोरे ने नेतृत्व किया।

    Q5. आंदोलन का परिणाम क्या रहा?
    महासंघ के पहले ही आंदोलन को बड़ी सफलता मिली और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हुआ।

  • एकनाथ शिंदे का बड़ा फैसला: अब बिल्डरों को देना होगा 3 साल का किराया पहले ही, पुनर्विकास प्रोजेक्ट में रहिवासियों की सुरक्षा के लिए नई नीति तैयार

    एकनाथ शिंदे का बड़ा फैसला: अब बिल्डरों को देना होगा 3 साल का किराया पहले ही, पुनर्विकास प्रोजेक्ट में रहिवासियों की सुरक्षा के लिए नई नीति तैयार

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुनर्विकास परियोजनाओं में रहिवासियों की सुरक्षा के लिए नई नीति का ऐलान किया। अब किसी भी प्रोजेक्ट की शुरुआत से पहले बिल्डरों को तीन साल का किराया अग्रिम जमा कराना होगा। यह कदम अधूरे प्रोजेक्ट्स और किराए में देरी जैसी समस्याओं को रोकने के लिए उठाया गया है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स में रहिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नई नीति पर काम शुरू किया है।
    उपमुख्यमंत्री और गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि अब डेवलपर्स को प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले तीन साल का किराया अग्रिम जमा करना अनिवार्य होगा।

    उन्होंने कहा कि कई बार बिल्डर सोसाइटी के रहिवासियों को बाहर निकालकर प्रोजेक्ट शुरू करते हैं, लेकिन किराया नहीं देते या निर्माण अधूरा छोड़ देते हैं। इससे रहिवासी महीनों, कभी-कभी सालों तक किराए के लिए भटकते रहते हैं।

    💬 शिंदे बोले — “अब कोई बिल्डर रहिवासियों को धोखा नहीं दे पाएगा”

    ठाणे में कोंकण विभाग के 5,000 से ज्यादा म्हाडा फ्लैट्स के लॉटरी वितरण कार्यक्रम के दौरान शिंदे ने कहा,

    “कई बिल्डर पुनर्विकास के नाम पर रहिवासियों को बाहर निकालते हैं, लेकिन न तो किराया देते हैं, न ही प्रोजेक्ट पूरा करते हैं। अब यह बंद होगा। बिल्डर को तीन साल का किराया पहले जमा करना होगा और उसकी प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता की जांच भी की जाएगी।”

    उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार रुके हुए पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    🏘️ सरकार का लक्ष्य — 35 लाख नए घर, ₹50 लाख करोड़ का निवेश

    शिंदे ने बताया कि राज्य सरकार आने वाले पांच वर्षों में ₹50 लाख करोड़ निवेश जुटाकर 35 लाख घरों का निर्माण करने की योजना पर काम कर रही है।
    इसके लिए सरकार ने सरकारी एजेंसियों और निजी बिल्डरों के बीच संयुक्त निवेश मॉडल (PPP) अपनाने का फैसला किया है, ताकि प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों।

    👵 वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष आवास नीति

    एकनाथ शिंदे ने बताया कि म्हाडा अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष हाउसिंग पॉलिसी पर काम कर रहा है — यह देश में अपनी तरह की पहली नीति होगी।
    साथ ही सरकार कार्यरत महिलाओं, मिल मजदूरों और प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ती दरों पर किराये के घर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

    💰 क्यों जरूरी है 3 साल के किराए का प्रावधान

    राज्य में कई सोसायटियों के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट अधूरे या अटके हुए हैं, जिससे रहिवासियों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है।
    नई नीति के तहत तीन साल का किराया जमा कराने से —

    • रहिवासियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी,
    • प्रोजेक्ट के बीच में फंसने का खतरा कम होगा,
    • और डेवलपर पर जवाबदेही तय होगी।

    ❓FAQ सेक्शन

    Q1. नई पुनर्विकास नीति के तहत क्या बदलाव किए गए हैं?
    👉 अब किसी भी बिल्डर को प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले तीन साल का किराया अग्रिम जमा कराना होगा।

    Q2. यह नीति क्यों लाई जा रही है?
    👉 ताकि प्रोजेक्ट अधूरे न रहें और रहिवासियों को किराए की देरी या ठगी से बचाया जा सके।

    Q3. इस नीति की घोषणा किसने की?
    👉 महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे में एक कार्यक्रम में यह घोषणा की।

    Q4. सरकार का अगला हाउसिंग लक्ष्य क्या है?
    👉 राज्यभर में 35 लाख नए घर बनाना और ₹50 लाख करोड़ का निवेश जुटाना।

    Q5. क्या इस नीति से म्हाडा प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ेगा?
    👉 हाँ, म्हाडा अब वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष हाउसिंग योजनाएं लाने जा रहा है।

  • गोरेगांव के पी-साउथ विभाग में जनता दरबार: मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने 150 शिकायतें मौके पर सुलझाईं, बड़ी संख्या में नागरिकों ने लिया हिस्सा

    गोरेगांव के पी-साउथ विभाग में जनता दरबार: मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने 150 शिकायतें मौके पर सुलझाईं, बड़ी संख्या में नागरिकों ने लिया हिस्सा

    मुंबई के गोरेगांव स्थित मनपा पी-दक्षिण विभाग में आयोजित जनता दरबार में उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने करीब 400 शिकायतों में से 150 का समाधान मौके पर किया। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा पदाधिकारी और बीएमसी अधिकारी भी मौजूद रहे।

    मुंबई: गोरेगांव मनपा पी-दक्षिण विभाग में बुधवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की बड़ी भीड़ उमड़ी। लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए सुबह से ही विभाग कार्यालय पहुंचे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने की।

    नागरिकों ने पानी की समस्या, सड़क मरम्मत, नाले की सफाई, स्ट्रीट लाइट और बीएमसी संबंधित कई मुद्दे रखे, जिन पर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया।

    Janta-Darbar-in-P-South-ward-of-Goregaon-Minister-Mangal-Prabhat-Lodha-resolved-150-complaints-on-the-spot

    🧾 400 में से 150 शिकायतों का निपटारा मौके पर

    कार्यक्रम के दौरान कुल 400 से अधिक शिकायतें सामने आईं। इनमें से करीब 300 शिकायतों पर चर्चा हुई और 150 शिकायतों का निवारण मौके पर ही कर दिया गया।
    मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नागरिकों से कहा कि “आपके हर मुद्दे का समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनता दरबार का उद्देश्य ही यही है कि लोग बिना किसी दिक्कत के सीधे अपनी बात रख सकें।”

    👥 कार्यक्रम में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी

    जनता दरबार में कई प्रमुख नेता और अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें विधायक विद्या ठाकुर, भाजपा उत्तर-पश्चिम जिलाध्यक्ष ज्ञानमूर्ति शर्मा, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष अभिजीत राणे, बीएमसी उपायुक्त सौ. भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त श्री अजय पाटने, पूर्व नगरसेवक हर्ष पटेल, दीपक ठाकुर, प्रीति सातम, संदीप पटेल और श्रीकला पिल्लै शामिल थे।

    इन सभी ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    🏗️ जनता दरबार से नागरिकों को मिली राहत

    जनता दरबार के जरिए नागरिकों को अपनी समस्याओं का समाधान पाने का सीधा मंच मिला।
    स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होती है और छोटे-छोटे मुद्दे भी बिना चक्कर लगाए हल हो जाते हैं।

    ❓FAQ सेक्शन

    Q1. जनता दरबार कहां आयोजित किया गया था?
    👉 गोरेगांव स्थित मनपा पी-दक्षिण विभाग कार्यालय में।

    Q2. कार्यक्रम में किसने अध्यक्षता की?
    👉 उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने।

    Q3. कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और कितनी सुलझाई गईं?
    👉 कुल 400 शिकायतें आईं, जिनमें से 150 का निवारण मौके पर हुआ।

    Q4. कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद थे?
    👉 विधायक विद्या ठाकुर, अभिजीत राणे, ज्ञानमूर्ति शर्मा, सौ. भाग्यश्री कापसे और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

    Q5. नागरिकों की मुख्य समस्याएं क्या थीं?
    👉 पानी की कमी, सड़क मरम्मत, नाले की सफाई और स्ट्रीट लाइट की दिक्कतें प्रमुख थीं।

  • मुंबई के गोरेगांव में रिहायशी इमारत में आग, दो लोग धुएं से बेहोश — Kokilaben अस्पताल में भर्ती

    मुंबई के गोरेगांव में रिहायशी इमारत में आग, दो लोग धुएं से बेहोश — Kokilaben अस्पताल में भर्ती

    मुंबई के गोरेगांव इलाके में बुधवार सुबह एक सात मंजिला इमारत में आग लग गई। हादसे में दो लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए। दमकल विभाग ने करीब 20 मिनट में आग पर काबू पा लिया। दोनों को Kokilaben अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    मुंबई: बुधवार तड़के गोरेगांव पश्चिम (Goregaon West) इलाके में स्थित Atul Cooperative Housing Society Ltd की दूसरी मंजिल पर आग लग गई।
    यह घटना सिद्धार्थ नगर (Siddharth Nagar) में सुबह करीब 3:53 बजे की है। जैसे ही आग लगी, पूरे फ्लैट में धुआं फैल गया और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।

    दमकल विभाग की तेज़ कार्रवाई, 20 मिनट में आग पर काबू

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (Mumbai Fire Brigade) की टीम मौके पर पहुंची।
    दमकल कर्मियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और करीब 4:15 बजे तक आग पूरी तरह बुझा ली।
    सौभाग्य से आग ज्यादा फैलने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।

    दो लोग धुएं से बेहोश, Kokilaben अस्पताल में भर्ती

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में 65 वर्षीय रमीला साहा और 40 वर्षीय क्रुनाल साहा धुएं की वजह से बेहोश हो गए।
    दोनों को तुरंत Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत स्थिर (Stable) है।

    इलेक्ट्रिक वायरिंग और फर्नीचर में लगी आग

    फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार, आग फ्लैट के बेडरूम में लगी थी, जो इलेक्ट्रिक वायरिंग, एयर-कंडीशनर यूनिट, फर्नीचर, गद्दे, और किताबों तक सीमित रही।
    कई घरेलू सामान जलकर खाक हो गए।
    हालांकि, फायर टीम की तेज़ कार्रवाई से आग इमारत के अन्य हिस्सों में नहीं फैल पाई।

    आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं

    फिलहाल आग लगने के सही कारण का पता नहीं चल पाया है।
    BMC और फायर ब्रिगेड के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।
    संभावना है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो, लेकिन अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    इसी दिन क्रॉफर्ड मार्केट में भी लगी थी आग

    यह बुधवार का दूसरा बड़ा आगजनी का मामला था।
    इससे पहले दक्षिण मुंबई के Crawford Market के एक दुकान में भी आग लगी थी।
    हालांकि दोनों ही घटनाओं में किसी की जान नहीं गई, लेकिन लगातार आग की घटनाओं ने शहरवासियों को चिंता में डाल दिया है।


    FAQ सेक्शन (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. गोरेगांव में आग कब लगी थी?
    👉 बुधवार सुबह करीब 3:53 बजे, सिद्धार्थ नगर की एक सात मंजिला बिल्डिंग में आग लगी थी।

    Q2. क्या इस हादसे में कोई घायल हुआ है?
    👉 हां, दो लोग – रमीला साहा (65) और क्रुनाल साहा (40) धुएं से बेहोश हुए, लेकिन दोनों की हालत अब स्थिर है।

    Q3. आग कैसे लगी थी?
    👉 फिलहाल कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है।

    Q4. आग कहां तक फैली थी?
    👉 आग फ्लैट के बेडरूम तक सीमित रही और दमकल विभाग ने 20 मिनट में बुझा दी।

    Q5. क्या यह आज की पहली आग की घटना थी?
    👉 नहीं, इससे पहले सुबह Crawford Market में भी आग लगी थी।

  • Naval Dockyard Mumbai Apprentice Recruitment 2025: नौसेना डॉकयार्ड मुंबई में 286 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती शुरू, ऐसे करें आवेदन

    Naval Dockyard Mumbai Apprentice Recruitment 2025: नौसेना डॉकयार्ड मुंबई में 286 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती शुरू, ऐसे करें आवेदन

    Naval Dockyard Mumbai Apprentice Recruitment 2025 के तहत मुंबई नौसेना डॉकयार्ड में 286 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती शुरू हो गई है। आवेदन 26 अगस्त से 16 सितंबर तक ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। जानें पात्रता, सैलरी, चयन प्रक्रिया और आवेदन की पूरी जानकारी।

    मुंबई: नौसेना डॉकयार्ड (Naval Dockyard Mumbai) ने साल 2025 के लिए अप्रेंटिस भर्ती अभियान (Apprentice Recruitment 2025) की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत कुल 286 पदों को भरा जाएगा, जिसमें आईटीआई (ITI) और नॉन-आईटीआई (Non-ITI) दोनों कैटेगरी की ट्रेड शामिल हैं।

    यह भर्ती उन युवाओं के लिए सुनहरा मौका है जो भारतीय नौसेना में करियर बनाना चाहते हैं और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं।

    Naval Dockyard Mumbai क्या है और यह भर्ती क्यों खास है

    नौसेना डॉकयार्ड मुंबई भारतीय नौसेना का प्रमुख मरम्मत और रखरखाव केंद्र है। यहाँ देश के बेड़े (Fleet) के जहाज़ों की मरम्मत और मेंटेनेंस होता है।
    इस भर्ती के जरिए डॉकयार्ड का उद्देश्य है — युवा उम्मीदवारों को तकनीकी प्रशिक्षण (Technical Training) देना और उन्हें भविष्य के स्किल्ड टेक्नीशियन (Skilled Technician) के रूप में तैयार करना।

    यह प्रशिक्षण Apprentices Act, 1961 के तहत संचालित किया जाएगा।

    रिक्त पदों का विवरण (Naval Dockyard Mumbai Vacancy 2025)

    ट्रेड का नामपदों की संख्या
    Electrician37
    Electronics Mechanic21
    Mechanic Diesel26
    Welder (G&E)21
    Marine Engine Fitter10
    Mason17
    Crane Operator19
    Rigger9
    Mechanic Ref & AC11
    Painter2
    अन्य ट्रेड्स113

    कुल पद – 286

    योग्यता (Eligibility Criteria)

    📘 शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification):

    • ITI ट्रेड्स के लिए: संबंधित ट्रेड में ITI (NCVT/SCVT) पास होना चाहिए।
    • Non-ITI ट्रेड्स (Crane Operator): 10वीं पास।
    • Non-ITI ट्रेड्स (Rigger): 8वीं पास।

    🎂 आयु सीमा (Age Limit):

    • न्यूनतम उम्र: 14 वर्ष (नॉन-हैज़र्डस ट्रेड्स)
    • न्यूनतम उम्र: 18 वर्ष (हैज़र्डस ट्रेड्स)

    सैलरी और फायदे (Naval Dockyard Apprentice Salary & Benefits)

    सभी अप्रेंटिस को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड (Stipend) मिलेगा।
    इसके अलावा, ट्रेनिंग के दौरान उम्मीदवारों को मिलेगा:

    • आधुनिक उपकरणों पर काम करने का मौका
    • अनुभवी प्रोफेशनल्स से ट्रेनिंग
    • ट्रेनिंग पूरी होने पर National Apprenticeship Certificate (NAC)

    सफल अभ्यर्थियों को आगे चलकर नौसेना डॉकयार्ड में स्थायी नौकरी में प्राथमिकता मिल सकती है।

    चयन प्रक्रिया (Selection Process)

    पहला चरण – लिखित परीक्षा (Written Exam):

    • कुल अंक: 100
    • विषय:
    • जनरल साइंस – 35 अंक
    • गणित – 35 अंक
    • सामान्य जागरूकता – 30 अंक
    • समयावधि: 2 घंटे
    • नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।
    • पेपर हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में होगा।

    दूसरा चरण – डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट

    लिखित परीक्षा पास करने के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट होगा।

    सिलेबस की झलक (Naval Dockyard Syllabus 2025)

    विषयमुख्य टॉपिक्स
    सामान्य विज्ञानभौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान, कंप्यूटर बेसिक्स
    गणितHCF, LCM, प्रतिशत, समय और दूरी, बीजगणित
    सामान्य ज्ञानकरंट अफेयर्स, संविधान, खेल, विज्ञान, अर्थव्यवस्था

    कैसे करें आवेदन (How to Apply Online)

    1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – [Naval Dockyard Mumbai Official Portal]
    2. “Apprentice Recruitment 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. नाम, ईमेल, मोबाइल से रजिस्टर करें।
    4. लॉगिन करके फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज अपलोड करें।
    5. सबमिट करने से पहले सभी जानकारी चेक करें।
    6. फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट लें।

    📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ:

    • आवेदन प्रारंभ: 26 अगस्त 2025
    • आवेदन समाप्त: 16 सितंबर 2025
    • परीक्षा तिथि: अक्टूबर 2025 (संभावित)
    • ट्रेनिंग प्रारंभ: 1 दिसंबर 2025

    कोई आवेदन शुल्क नहीं (No Application Fees)

    सभी उम्मीदवारों के लिए आवेदन फ्री है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Naval Dockyard Mumbai Apprentice Recruitment 2025 के लिए आवेदन कब तक है?
    👉 26 अगस्त से 16 सितंबर 2025 तक।

    Q2. इस भर्ती में कितने पद हैं?
    👉 कुल 286 पद हैं।

    Q3. आवेदन शुल्क कितना है?
    👉 कोई आवेदन शुल्क नहीं है।

    Q4. कौन आवेदन कर सकता है?
    👉 ITI पास उम्मीदवार और कुछ ट्रेड्स में 8वीं या 10वीं पास भी आवेदन कर सकते हैं।

    Q5. ट्रेनिंग कहाँ होगी?
    👉 मुंबई स्थित Naval Dockyard में।

  • मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट में देर रात आग, दो घंटे की मशक्कत — कोई घायल नहीं

    मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट में देर रात आग, दो घंटे की मशक्कत — कोई घायल नहीं

    देर रात मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट में लगी आग को मुंबई फायर ब्रिगेड ने दो घंटे की मशक्कत के बाद बुझा दिया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, जबकि कई इलेक्ट्रॉनिक सामान और स्टॉक जलकर राख हो गए।

    मुंबई: दक्षिण मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट (Crawford Market) के पास बुधवार तड़के एक कॉमर्शियल शॉप में आग लग गई।
    यह घटना महात्मा ज्योतिबा फुले मार्केट के पास हुई, जहाँ ग्राउंड फ्लोर की एक सिंगल स्टोरी संरचना में अचानक लपटें उठीं।
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मुताबिक, आग की सूचना रात 2:13 बजे मिली थी।

    🚒 फायर ब्रिगेड की तेज़ कार्रवाई, 4 बजे तक आग पर काबू

    मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने आग को लेवल-1 के रूप में वर्गीकृत किया और 2:28 AM पर फायर टेंडर्स और फायरमैन मौके पर पहुँचे।
    करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद, सुबह 4:00 बजे तक आग पूरी तरह बुझा दी गई।
    फायर ब्रिगेड की तेज़ कार्रवाई से आग आसपास की दुकानों तक फैलने से रोकी गई।

    🧯 आग से क्या-क्या जला

    अधिकारियों के अनुसार, आग ग्राउंड फ्लोर तक सीमित रही।
    इस हादसे में इलेक्ट्रिक वायरिंग, LED टीवी, सीलिंग फैन, एयर कंडीशनर, फॉल्स सीलिंग, CCTV कैमरा, लकड़ी का फर्नीचर, पेडिग्री पेट फूड का स्टॉक, और प्लास्टिक शीट्स जल गए।
    कुल प्रभावित क्षेत्र 15 बाय 50 फीट का बताया जा रहा है।

    🚑 कोई घायल नहीं, जांच जारी

    फायर ब्रिगेड और BMC के अनुसार, इस आग की घटना में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है।
    अभी तक आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन प्राथमिक जांच में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
    अधिकारी आग के स्रोत और नुकसान की जांच कर रहे हैं।

    🚗 ठाणे में भी ऑटो कंपनी में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    इसी बीच, ठाणे शहर के शिलफाटा इलाके में MS Auto Company के परिसर में मंगलवार रात आग लग गई।
    आग की सूचना रात 8:20 बजे दी गई थी, जिसके बाद शिल फायर स्टेशन से दो फायर इंजन, एक वाटर टैंकर और एक रेस्क्यू व्हीकल भेजा गया।
    ठाणे नगर निगम आपत्ती व्यवस्थापन विभाग के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कोई घायल नहीं हुआ।
    आग फैलने से रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

    🔍 जांच जारी, अधिकारियों ने कहा — “सावधानी ज़रूरी है”

    दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन फायर डिपार्टमेंट ने नागरिकों को आग से बचाव को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
    बिजली उपकरणों की समय-समय पर जांच, गैस सिलेंडर और वायरिंग की सेफ्टी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. आग कहाँ लगी थी?
    👉 आग क्रॉफर्ड मार्केट, महात्मा ज्योतिबा फुले मार्केट के पास स्थित एक शॉप में लगी थी।

    Q2. आग कब लगी और कब बुझाई गई?
    👉 आग रात 2:13 बजे लगी और सुबह 4:00 बजे तक बुझा दी गई।

    Q3. क्या कोई घायल हुआ है?
    👉 नहीं, किसी के घायल या हताहत होने की जानकारी नहीं है।

    Q4. आग का कारण क्या था?
    👉 फिलहाल कारण का पता नहीं चल सका है, लेकिन इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है।

    Q5. ठाणे में लगी आग की स्थिति क्या है?
    👉 ठाणे के शिलफाटा इलाके में लगी आग पर भी काबू पा लिया गया है, कोई घायल नहीं हुआ।

  • बोरीवली में दर्दनाक हादसा: 7 साल की बच्ची को ऑटो ड्राइवर ने मारी टक्कर और फरार, पैर में फ्रैक्चर

    बोरीवली में दर्दनाक हादसा: 7 साल की बच्ची को ऑटो ड्राइवर ने मारी टक्कर और फरार, पैर में फ्रैक्चर

    मुंबई के बोरीवली वेस्ट इलाके में एक सात साल की बच्ची को तेज़ रफ्तार ऑटो ड्राइवर ने टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। बच्ची के पैर में फ्रैक्चर आया है, पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम, शनिवार (11 अक्टूबर) की दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ। 7 साल की त्रिशा नाम की बच्ची को एक अनजान ऑटो ड्राइवर ने टक्कर मार दी और बिना रुके फरार हो गया।
    घटना गोकुल शॉपिंग सेंटर के पास की है, जहाँ त्रिशा अपनी दादी के साथ थी। हादसे में बच्ची के पैर में गंभीर चोट आई है और उसका इलाज चल रहा है।

    🍲 दादी के भेल स्टॉल पर गई थी बच्ची

    त्रिशा की दादी शारदा बोरीवली वेस्ट इलाके में भेल का स्टॉल चलाती हैं। 11 अक्टूबर को त्रिशा अपनी दादी के साथ स्टॉल पर गई थी।
    करीब दोपहर 3:45 बजे, जब वह सड़क पार कर रही थी, तभी तेज़ रफ्तार से आ रहे एक ऑटो ने उसे टक्कर मारी और ड्राइवर बिना रुके भाग गया।

    🏥 कांदीवली के अस्पताल में भर्ती, पैर में फ्रैक्चर

    घायल त्रिशा को परिजनों ने तुरंत बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल, कांदीवली में भर्ती कराया।
    डॉक्टरों ने बताया कि उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन वह अब खतरे से बाहर है। परिजनों ने बताया कि हादसे के वक्त ऑटो बहुत तेज़ गति से आ रहा था और आसपास के लोग मदद के लिए तुरंत पहुंचे।

    🚔 पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की तलाश जारी

    त्रिशा के पिता ने इस घटना की शिकायत बोरीवली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
    पुलिस ने तेज़ और लापरवाह ड्राइविंग (rash driving) के तहत FIR दर्ज कर ली है और फरार ऑटो ड्राइवर की तलाश जारी है।
    CCTV फुटेज की जांच की जा रही है ताकि आरोपी का पता लगाया जा सके।

    ⚠️ मुंबई में बढ़ रहे हिट-एंड-रन मामले

    मुंबई में बीते कुछ महीनों में हिट एंड रन केसों में तेज़ी आई है।
    स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऑटो और बाइक चालकों की लापरवाही अक्सर हादसों का कारण बनती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत जानकारी दें ताकि दोषी को जल्द पकड़ा जा सके।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. हादसा कब और कहाँ हुआ था?
    👉 यह हादसा 11 अक्टूबर को बोरीवली वेस्ट के गोकुल शॉपिंग सेंटर के पास हुआ।

    Q2. घायल बच्ची की हालत कैसी है?
    👉 बच्ची के पैर में फ्रैक्चर है, फिलहाल वह बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल, कंधिवली में इलाजरत है।

    Q3. क्या पुलिस ने ऑटो ड्राइवर को पकड़ लिया है?
    👉 अभी नहीं, लेकिन पुलिस CCTV फुटेज के ज़रिए उसकी पहचान करने में जुटी है।

    Q4. बच्ची उस वक्त क्या कर रही थी?
    👉 वह अपनी दादी के भेल स्टॉल पर गई थी और सड़क पार करते वक्त हादसा हुआ।

    Q5. पुलिस ने कौन-कौन से चार्ज लगाए हैं?
    👉 पुलिस ने राश ड्राइविंग (Rash Driving) और लापरवाही से चोट पहुँचाने के तहत मामला दर्ज किया है।

  • अब सिर्फ 6 घंटे में मुंबई से गोवा! सफर बनेगा स्मूद और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

    अब सिर्फ 6 घंटे में मुंबई से गोवा! सफर बनेगा स्मूद और टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट

    मुंबई से गोवा का सफर अब सिर्फ 6 घंटे में! मार्च 2026 तक पूरा होने जा रहा मुंबई–गोवा हाईवे देगा तेज़, स्मूद और सुरक्षित यात्रा का अनुभव। कोकण के बीचों, फोर्ट्स और पर्यटन को मिलेगा नया जीवन।

    मुंबई: लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार मुंबई–गोवा हाईवे (NH 66) अपने आखिरी चरण में पहुँच गया है। 466 किलोमीटर लंबे इस हाइवे का काम अब तेज़ी से चल रहा है और मार्च 2026 तक इसके पूरी तरह खुलने की उम्मीद है।
    अब तक जहाँ मुंबई से गोवा पहुँचने में 12–13 घंटे लगते थे, वहीं नया चार लेन वाला एक्सप्रेसवे इस सफर को आधा कर देगा — यानी अब सिर्फ 6 घंटे में आप मुंबई से गोवा पहुँच जाएंगे।

    🏗️ हाईवे का पूरा रूट और तकनीकी बदलाव

    यह हाइवे पनवेल से लेकर सिंधुदुर्ग तक फैला हुआ है और रायगढ़, रत्नागिरी जैसे जिलों से होकर गुजरता है। इसे कोकण एक्सप्रेसवे (Konkan Expressway) के नाम से भी जाना जाएगा।
    इस सड़क पर सैटेलाइट ट्रैकिंग और ANPR (Automatic Number Plate Recognition) आधारित स्मार्ट टोल सिस्टम लगाया जा रहा है। इसका फायदा ये होगा कि टोल बूथ पर गाड़ी रोकनी नहीं पड़ेगी — कैमरे नंबर प्लेट से ऑटोमैटिक पैसे काट लेंगे। इससे समय, ईंधन और जाम – तीनों से राहत मिलेगी।

    ⏳ देरी के कारण और अब तक की प्रगति

    इस प्रोजेक्ट को पहले दिसंबर 2023 में पूरा होना था, लेकिन भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंज़ूरी के कारण देरी हुई। खासकर पनवेल से इंदापुर के बीच का हिस्सा सबसे मुश्किल था।
    अब ये सारे अड़चनें दूर कर ली गई हैं। कर्नाला सेंचुरी के इकोसिस्टम की रक्षा के लिए वहाँ फ्लाईओवर का प्लान भी रद्द कर दिया गया है।

    PWD (लोकनिर्माण विभाग) के मुताबिक, पूरे हाइवे के 10 पैकेजों में काम लगभग अंतिम चरण में है —

    • सिंधुदुर्ग: पैकेज P-9 और P-10 – 99% पूरा
    • रत्नागिरी: P-4 (92%) और P-8 (98%)
    • रायगढ़: P-2 (93%) और P-3 (82%)
      बाकी सेक्शन भी नए कॉन्ट्रैक्टर के ज़रिए तेजी से पूरे हो रहे हैं।

    🌴 पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया जीवन

    इस एक्सप्रेसवे के खुलने से कोकण बेल्ट का टूरिज्म और बिज़नेस दोनों को नई उड़ान मिलेगी।
    गोवा और महाराष्ट्र के बीच का ये रास्ता अब सिर्फ एक सफर नहीं रहेगा, बल्कि एक सीनिक राइड होगी — बीचों, झरनों और किलों के नज़ारों के बीच से गुजरने वाली रोमांचक यात्रा।
    स्थानीय होटल, होमस्टे, ट्रांसपोर्ट और छोटे व्यापारों को भी बड़ा आर्थिक फायदा होगा।

    ⚙️ कनेक्टिविटी से उद्योगों को नई रफ्तार

    लॉजिस्टिक सेक्टर और औद्योगिक कंपनियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। अब माल ढुलाई में समय और लागत दोनों घटेंगे।
    यह सड़क मुंबई की वित्तीय राजधानी को कोकण और दक्षिण भारत से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग बनेगी।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मुंबई–गोवा हाईवे कब तक पूरी तरह खुल जाएगा?
    👉 पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, यह हाईवे मार्च 2026 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा।

    Q2. कुल लंबाई कितनी है?
    👉 हाईवे की कुल लंबाई 466 किलोमीटर है, जो पनवेल से सिंधुदुर्ग तक फैला है।

    Q3. क्या यह टोल रोड होगा?
    👉 हाँ, लेकिन इसमें स्मार्ट टोल सिस्टम (ANPR Technology) रहेगा, जिससे गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा।

    Q4. किसे सबसे ज़्यादा फायदा मिलेगा?
    👉 पर्यटकों, ट्रक ड्राइवरों, स्थानीय व्यापारियों और होटल कारोबारियों को इस हाइवे से सीधा फायदा मिलेगा।

    Q5. इस हाईवे को और क्या नाम दिया गया है?
    👉 इसे कोकण एक्सप्रेसवे (Konkan Expressway) के नाम से भी जाना जाएगा।