
मुंबई के सानपाड़ा स्थित महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल मुख्यालय के बाहर स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने कर्मचारियों के वेतन बकाया को लेकर तीव्र आंदोलन किया। शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में हुआ यह आंदोलन सफल रहा। मंडल ने 4 महीने का बकाया भुगतान और वैकल्पिक नियुक्ति की मांगें मानीं।
मुंबई: सानपाड़ा इलाके में बुधवार को महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल के मुख्यालय के बाहर स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने जोरदार आंदोलन किया।
एमटीएनएल (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) में कार्यरत करीब 400 सुरक्षा कर्मियों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला था, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे थे।
💰 कर्मचारियों की चार महीने की तनख्वाह बकाया
कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने दिवाली के त्योहार में घर चलाने की चिंता थी। महासंघ के अध्यक्ष और शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर ने बताया कि इससे पहले एमटीएनएल प्रशासन के साथ बैठक में दो महीने का वेतन जारी किया गया था, लेकिन अब फिर चार महीने का वेतन लंबित है।
महासंघ के कार्याध्यक्ष सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में इस बार आंदोलन को नई दिशा दी गई।
🗣️ अध्यक्ष अशोक डोके के साथ हुई अहम बैठक
आंदोलन के दौरान महासंघ के सरचिटनीस अरुण मोरे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षा मंडल के अध्यक्ष अशोक डोके से मुलाकात की।
बैठक में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी —
- एमटीएनएल की सुरक्षा सेवा बंद करने की नोटिस जारी की जाएगी।
- कर्मचारियों को 4 महीने के लिए ₹15,000 अग्रिम राशि दी जाएगी।
- जो कर्मचारी एमटीएनएल में कार्य नहीं करना चाहते, उन्हें अन्य संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा।
इन तीनों मांगों को मंडल ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
🙌 नेतृत्व और उपस्थिति
इस आंदोलन में महासंघ के उपाध्यक्ष शिवप्रसाद भामरे, देवा कदम, दीपक काळिंगण, मिलिंद पंडित, विजय परब, सचिन कदम, निलेश बुरुणकर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
यह महासंघ का पहला बड़ा आंदोलन था, जिसे जबरदस्त सफलता मिली।
🎉 कर्मचारियों ने जताया आभार
महासंघ के नेता सुदर्शन मोरे, प्रदीप रावराणे और प्रमोद पवार ने सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा,
“यह हमारी एकजुटता की जीत है। अब हमें अपने हक के लिए आवाज उठाने से डर नहीं लगता।”
❓ FAQ सेक्शन
Q1. यह आंदोलन किस संगठन ने किया?
यह आंदोलन स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने किया, जो शिवसेना की अंगीकृत संगठन है।
Q2. कर्मचारियों की क्या मुख्य समस्या थी?
एमटीएनएल में काम करने वाले सुरक्षा कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला था।
Q3. आंदोलन के बाद क्या निर्णय हुआ?
महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल ने 15,000 रुपये अग्रिम और वैकल्पिक नियुक्ति सहित तीन मुख्य मांगें स्वीकार कीं।
Q4. किन नेताओं ने आंदोलन का नेतृत्व किया?
गजानन कीर्तिकर, डॉ. श्रीकांत शिंदे और महासंघ के सरचिटणीस अरुण मोरे ने नेतृत्व किया।
Q5. आंदोलन का परिणाम क्या रहा?
महासंघ के पहले ही आंदोलन को बड़ी सफलता मिली और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हुआ।
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