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  • विधायक सुनील प्रभु की मांग — आप्पापाडा से पोयसर नदी तक 13.4 मीटर चौड़ा DP रोड ‘वाइटल प्रोजेक्ट’ घोषित किया जाए

    विधायक सुनील प्रभु की मांग — आप्पापाडा से पोयसर नदी तक 13.4 मीटर चौड़ा DP रोड ‘वाइटल प्रोजेक्ट’ घोषित किया जाए

    दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या को देखते हुए विधायक सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आप्पापाडा नर्सिंग होम से पोयसर नदी तक के 13.4 मीटर चौड़े DP रोड को ‘वाइटल प्रोजेक्ट’ घोषित करने की मांग की है।

    मुंबई: मालाड़ पूर्व के दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र में आने वाले आप्पापाडा इलाके में सड़कों की चौड़ाई बहुत कम होने से रोज़ाना ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही है। नागरिकों को ऑफिस या काम के स्थान तक पहुँचने में काफी देरी होती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए विधायक सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आप्पापाडा नर्सिंग होम से पोयसर नदी तक के प्रस्तावित 13.4 मीटर चौड़े विकास नियोजन (DP) रोड को “वाइटल प्रोजेक्ट (Vital Project)” घोषित करने की मांग की है।

    🏙️ आप्पापाडा क्षेत्र में सड़कें संकरी, ट्रैफिक जाम आम

    दिंडोशी के आप्पापाडा, गोकुलनगर और आसपास के इलाकों में सड़कें बेहद संकरी हैं। पश्चिम द्रुतगती महामार्ग (Western Express Highway) से इन इलाकों की दूरी ज्यादा होने के कारण यहां ट्रैफिक जाम रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है। इस कारण लोगों को समय पर ऑफिस या स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

    🏗️ समानांतर रोड से पश्चिम उपनगरों को मिलेगी राहत

    प्रभु ने कहा है कि बोरीवली और लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स जैसे इलाकों से जोड़ने वाला पश्चिम द्रुतगती महामार्ग के समानांतर रोड बेहद ज़रूरी है। इससे न सिर्फ ट्रैफिक लोड कम होगा बल्कि नागरिकों को वैकल्पिक मार्ग भी मिलेगा।

    🌊 पोयसर नदी पुनरुज्जीवन प्रकल्प भी इससे जुड़ा

    आप्पापाडा क्षेत्र में पोयसर नदी पुनरुज्जीवन प्रकल्प (Poisar River Rejuvenation Project) पहले से ही चल रहा है और इसे पहले से ही “वाइटल प्रोजेक्ट” घोषित किया गया है। लेकिन इस प्रकल्प के तहत बनने वाले सांडपानी प्रक्रिया संयंत्र (STP) और मलनिस्सारण वाहिनियां (Drainage pipelines) जैसे महत्वपूर्ण कार्य अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं, क्योंकि वहां तक पहुंचने के लिए सड़क (access road) उपलब्ध नहीं है।

    प्रभु का कहना है कि अगर 13.4 मीटर चौड़ा डीपी रोड तत्काल बनाया गया और उसे वाइटल प्रोजेक्ट घोषित किया गया, तो बीएमसी के इन अधूरे कामों को भी तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

    🏛️ बीएमसी और सरकार से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद

    प्रभु ने मांग की है कि इस सड़क को प्राथमिकता (priority) पर लेकर इसे “वाइटल प्रोजेक्ट” घोषित किया जाए। इससे न केवल बीएमसी के कामों को गति मिलेगी, बल्कि आप्पापाडा और आसपास के क्षेत्रों में नागरिकों को लंबे समय से मिल रही ट्रैफिक की समस्या से भी राहत मिलेगी।


    ❓FAQs

    Q1. आप्पापाडा से पोयसर नदी तक की सड़क क्यों जरूरी है?
    इस क्षेत्र में सड़कें संकरी होने से भारी ट्रैफिक जाम लगता है। नया डीपी रोड बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को सुगम आवागमन मिलेगा।

    Q2. इस रोड को ‘वाइटल प्रोजेक्ट’ घोषित करने की मांग किसने की है?
    दिंडोशी विधानसभा के आमदार सुनील प्रभु ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर यह मांग की है।

    Q3. इससे बीएमसी के कौन-कौन से प्रोजेक्ट पूरे होंगे?
    पोयसर नदी पुनरुज्जीवन प्रकल्प, सांडपानी प्रक्रिया संयंत्र (STP), इंटरसेप्टर और ड्रेनेज पाइपलाइन जैसे कई अधूरे काम पूरे हो पाएंगे।

    Q4. यह रोड किस चौड़ाई का प्रस्तावित है?
    यह विकास नियोजन सड़क 13.4 मीटर चौड़ी प्रस्तावित है।

  • 2028 तक 500 रुपये में एयर टैक्सी का सफर संभव

    2028 तक 500 रुपये में एयर टैक्सी का सफर संभव

    पंजाब के स्टार्टअप Nalwa Aero ने स्वदेशी eVTOL एयर टैक्सी विकसित की है। यह 2028 तक दिल्ली-एनसीआर में शुरू होने की दिशा में है, 10-12 मिनट में 3 घंटे का सफर पूरा कर सकती है।

    नई दिल्ली: एनसीआर में 2028 से एयर टैक्सी सेवा शुरू हो सकती है। पंजाब के मोहाली स्थित स्टार्ट अप Nalwa Aero ने इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) एयर टैक्सी विकसित की है और Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल (DOA) सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया है। इन टैक्सियों से 3 घंटे के सफर को मात्र 10-12 मिनट में पूरा करना संभव होगा एवं शुरुआती किराया लगभग ₹500 रहने का अनुमान है।

    विकास-परिदृश्य

    Nalwa Aero के सीईओ Kuljeet Singh Sandhu के अनुसार, कोविड-19 के दौरान एक मित्र के मेडिकल इमरजेंसी के समय न एयर एम्बुलेंस थी न हेलीपैड। यही कारण बना कि उन्होंने ऐसी मशीन विकसित करने का विचार किया जो कहीं से कहीं वर्टिकल टेक-ऑफ कर सके।

    तकनीकी विशेषताएँ

    • यह टैक्सी 8 रोटर सिस्टम से लैस है, यदि दो फेल भी हों तो सुरक्षित लैंडिंग संभव है।
    • क्रूज स्पीड लगभग 350 किमी/घंटा है, और बैटरी मॉडल में 300 किमी या 90 मिनट की उड़ान संभव है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल मॉडल में 800 किमी तक की रेंज की योजना है।
    • रनवे की जरूरत नहीं; इमारतों की छत या छोटे वर्टिपोर्ट से टेक-ऑफ और लैंडिंग संभव होगी।

    अनुमानित सेवा एवं किराया

    Nalwa Aero ने बताया है कि शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सेवा होगी। उदाहरण-स्वरूप, Indira Gandhi International Airport (IGI) से आनंद विहार, नोएडा, गाजियाबाद या पानीपत तक सड़क से 1-3 घंटे लगते हैं, लेकिन एयर टैक्सी द्वारा यह सफर 10-12 मिनट में पूरा हो सकता है और शुरुआती किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति होगा।

    चुनौतियाँ और आगे का रास्ता

    हालाँकि DOA मिल चुका है, लेकिन व्यावसायिक उड़ान शुरू करने के लिए प्रकार प्रमाणन (type-certification), वर्टिपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग नेटवर्क, वायु-यातायात प्रबंधन तथा परिचालन लागत जैसे कई बिंदुओं पर काम बाकि है।

    भविष्य की दिशा

    Nalwa Aero ने 2028 तक इस सेवा को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली के बाद मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे बड़े मेट्रो शहरों में भी इसे लागू करने की योजना है।


    FAQs

    Q1. एयर टैक्सी सेवा कब शुरू हो सकती है?
    A1. Nalwa Aero ने 2028 तक व्यावसायिक सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

    Q2. इस टैक्सी की उड़ान दूरी और गति क्या होगी?
    A2. बैटरी मॉडल में लगभग 300 किमी रेंज और 90 मिनट का उड़ान समय; क्रूज स्पीड लगभग 350 किमी/घंटा।

    Q3. इसमें किराया कितना रहने का अनुमान है?
    A3. शुरुआती अनुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति हो सकता है।

    Q4. यह सेवा सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में होगी या अन्य शहरों में भी?
    A4. शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च की जाएगी, बाद में मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में विस्तार की योजना है।

  • बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार का बयान: दिव्यांगों को दिए गए “खराब ई-रिक्शा” की होगी जांच

    बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार का बयान: दिव्यांगों को दिए गए “खराब ई-रिक्शा” की होगी जांच

    महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि वह दिव्यांग व्यक्तियों को दिए गए ई-रिक्शों की तकनीकी जांच करवाएगी। कई लाभार्थियों ने आरोप लगाया था कि सरकार की योजना के तहत मिले वाहन “खराब” और “असुरक्षित” हैं।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के समाज कल्याण विभाग की एक योजना के तहत दिव्यांग लोगों को ई-रिक्शा (e-rickshaw) दिए गए थे ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
    लेकिन अब इन वाहनों की गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं।

    लगभग 115 दिव्यांग लाभार्थियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उन्हें जो ई-रिक्शे मिले हैं, वो “खराब हालत में” हैं और चलाने के लायक नहीं हैं।
    इन शिकायतों के बाद कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा — और अब सरकार ने कहा है कि वह तकनीकी जांच कराएगी और रिपोर्ट पेश करेगी।

    ⚙️ योजना की शुरुआत और खर्च

    इस योजना की शुरुआत 10 जून 2019 को समाज न्याय विभाग (Social Justice Department) के एक सरकारी निर्णय (GR) से हुई थी।
    इस योजना के तहत लगभग 800 ई-रिक्शे दिव्यांग व्यक्तियों को 20 करोड़ रुपये की लागत से बांटे गए थे।
    योजना का नाम था —
    “Green Energy Powered Environment-Friendly Mobile Shop for Disabled Persons to Become Self-Reliant”

    लेकिन याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कई वाहन तकनीकी रूप से दोषपूर्ण हैं और इनमें सुरक्षा संबंधी खामियां हैं।

    🧑‍⚖️ कोर्ट में क्या हुआ?

    15 अक्टूबर को जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस संदीश डी. पाटिल की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
    याचिकाकर्ताओं की तरफ से वकील असीम सरोदे और श्रिय आळवे ने कहा कि सरकार ने उन्हें “डिफेक्टिव” यानी खराब वाहन देकर उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।

    उन्होंने यह भी मांग की कि

    • एक स्वतंत्र जांच एजेंसी नियुक्त की जाए,
    • और सरकारी खरीद प्रक्रिया (procurement process) की जांच की जाए ताकि यह पता चल सके कि क्या ई-रिक्शा की खरीद में गड़बड़ी हुई थी।

    🏛️ सरकार और कंपनी का जवाब

    सरकार की ओर से एडिशनल गवर्नमेंट प्लीडर भूपेश सामंत ने कोर्ट को बताया कि
    Maharashtra State Handicapped Finance and Development Corporation (MSHFDC) हर जिले में एक तकनीकी अधिकारी नियुक्त करेगी जो इन ई-रिक्शों की जांच करेगा।

    वहीं, सप्लायर कंपनी Mac Auto India ने भी कहा कि वह सिर्फ इन 115 याचिकाकर्ताओं के नहीं, बल्कि सभी लाभार्थियों के वाहनों की मरम्मत या जांच करेगी।

    कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि वह तकनीकी रिपोर्ट नवंबर 19, 2025 तक पेश करे और इस पूरी जांच में सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट पूरा सहयोग करे।

    🔍 आरोप क्या हैं?

    • याचिकाकर्ताओं ने कहा कि ई-रिक्शे कमज़ोर बॉडी और घटिया पार्ट्स से बने हैं।
    • कई वाहनों की बैटरी और मोटर कुछ ही महीनों में फेल हो गई।
    • सरकार ने बाजार मूल्य से अधिक दरों पर खरीदारी की है।
    • कोई बाद की सर्विस या मेंटेनेंस सपोर्ट नहीं दिया गया।

    📉 अदालत की टिप्पणी

    कोर्ट ने पहले ही 3 अक्टूबर को कहा था कि याचिकाकर्ताओं की शिकायतें गंभीर और सटीक लगती हैं।
    अब अदालत इस बात पर नज़र रखेगी कि सरकार और कंपनी जांच में पारदर्शिता बरतती है या नहीं।

    🪫 दिव्यांगों की पीड़ा

    दिव्यांग लोगों का कहना है कि ये ई-रिक्शे आजीविका का एकमात्र साधन हैं।
    “खराब वाहन” मिलने की वजह से उनकी रोज़मर्रा की कमाई ठप पड़ गई है।
    कई लोगों को कर्ज चुकाने में मुश्किल हो रही है क्योंकि उन्होंने वाहन पर लोन लिया था।


    🧾 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मामला किस बारे में है?
    ➡️ दिव्यांग लाभार्थियों को सरकार की योजना के तहत दिए गए ई-रिक्शे खराब निकले, जिस पर बॉम्बे हाईकोर्ट में मामला चल रहा है।

    Q2. कितने लोगों ने याचिका दायर की है?
    ➡️ लगभग 115 दिव्यांग व्यक्तियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

    Q3. योजना कब शुरू हुई थी?
    ➡️ यह योजना 10 जून 2019 को समाज न्याय विभाग के आदेश से शुरू की गई थी।

    Q4. क्या सरकार ने जांच के लिए हामी भरी है?
    ➡️ हां, महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि वह सभी ई-रिक्शों की तकनीकी जांच करवाएगी।

    Q5. अगली सुनवाई कब होगी?
    ➡️ अगली सुनवाई 19 नवंबर 2025 को निर्धारित की गई है।

  • American Navy को बड़ा झटका: दो महिला पायलट की दर्दनाक मौत, Mount Rainier के पास क्रैश हुआ EA-18G Growler

    American Navy को बड़ा झटका: दो महिला पायलट की दर्दनाक मौत, Mount Rainier के पास क्रैश हुआ EA-18G Growler

    अमेरिकी नौसेना (U.S. Navy) के EA-18G Growler विमान के क्रैश में दो महिला पायलट — Lt. Cmdr. Lyndsay Evans और Lt. Serena Wileman — की मौत हो गई। दोनों नौसेना की ऐतिहासिक महिला उड्डयन टीम का हिस्सा थीं। हादसा Mount Rainier के पास ट्रेनिंग मिशन के दौरान हुआ।

    डिजिटल डेस्क
    अमेरिकी: नौसेना के लिए सोमवार का दिन बेहद दर्दनाक रहा, जब EA-18G Growler फाइटर जेट एक ट्रेनिंग मिशन के दौरान Mount Rainier के पास क्रैश हो गया।
    इस भयानक हादसे में नौसेना की दो महिला पायलट —
    Lt. Cmdr. Lyndsay P. Evans (31) और
    Lt. Serena N. Wileman (31)
    की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों वॉशिंगटन स्थित Naval Air Station Whidbey Island के “Zappers” स्क्वाड्रन से जुड़ी थीं।

    🌲 कठिन इलाका, मुश्किल रेस्क्यू

    विमान का मलबा लगभग 6,000 फीट ऊंचाई पर घने जंगलों में मिला। इलाके की खड़ी ढलान और खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद मुश्किल रहा।
    रविवार को नौसेना ने पुष्टि की कि दोनों महिला अधिकारी शहीद हो चुकी हैं, और मिशन को “सर्च एंड रेस्क्यू” से “रिकवरी ऑपरेशन” में बदल दिया गया।

    Major-setback-for-the-American-Navy-Two-female-pilots-tragically-died-and-the-EA-18G-Growler-crashed

    ✈️ कौन थीं ये दो बहादुर पायलट?

    Lt. Cmdr. Lyndsay Evans

    • 2023 के Super Bowl LVII में पहली ऑल-फीमेल फ्लाईओवर टीम का हिस्सा थीं।
    • महिलाओं के लिए नेवी एविएशन के 50 साल पूरे होने के मौके पर उन्होंने इतिहास रचा था।

    Lt. Serena Wileman

    • 2018 में Naval Aviator के तौर पर कमीशन हुईं।
    • Navy Unit Commendation Medal और Combat Action Ribbon जैसी कई सम्मान अपने नाम किए।

    दोनों ही महिला एविएशन के प्रतीक मानी जाती थीं — जिन्होंने साबित किया कि काबिलियत की कोई जेंडर लाइन नहीं होती।

    🛩️ Navy और सरकार का बयान

    Cmdr. Timothy Warburton, स्क्वाड्रन कमांडर ने कहा —

    “यह हमारे लिए बहुत बड़ा नुकसान है। दोनों पायलट न सिर्फ हमारी टीम का हिस्सा थीं बल्कि Navy परिवार की शान थीं।”

    Washington के गवर्नर Jay Inslee ने नेशनल गार्ड को इलाके में सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया है, जबकि फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसियां क्रैश की वजह पता लगाने में जुटी हैं।

    ⚙️ क्या है EA-18G Growler?

    EA-18G Growler एक $67 मिलियन डॉलर का एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर फाइटर जेट है।
    इसे F/A-18 Super Hornet से विकसित किया गया है और यह दुनिया के सबसे हाई-टेक जेट्स में गिना जाता है।
    2008 से Whidbey Island बेस पर तैनात यह विमान ग्लोबल ऑपरेशंस का अहम हिस्सा रहा है।

    🌟 विरासत जो हमेशा जिंदा रहेगी

    Evans और Wileman सिर्फ पायलट नहीं थीं — वो महिला शक्ति और साहस की मिसाल थीं।
    उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
    उनकी विरासत अब अमेरिकी नौसेना के इतिहास का हिस्सा बन चुकी है।


    🧾 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. हादसा कब हुआ था?
    ➡️ यह हादसा 17 अक्टूबर 2025 को Mount Rainier के पास हुआ।

    Q2. कितने लोग इस हादसे में मारे गए?
    ➡️ इस क्रैश में दो महिला पायलट — Lt. Cmdr. Lyndsay Evans और Lt. Serena Wileman — की मौत हो गई।

    Q3. क्या यह ट्रेनिंग मिशन था या कॉम्बैट ऑपरेशन?
    ➡️ यह एक नियमित ट्रेनिंग मिशन था।

    Q4. क्या हादसे की वजह पता चली है?
    ➡️ फिलहाल जांच जारी है, तकनीकी खराबी या मौसम कारण हो सकते हैं।

    Q5. क्या EA-18G Growler खतरनाक मिशनों के लिए इस्तेमाल होता है?
    ➡️ हां, यह अमेरिका का प्रमुख Electronic Warfare Aircraft है, जो दुनिया के कई ऑपरेशन्स में शामिल रहा है।

  • भारत में सोने का नया युग: रिकॉर्ड दामों ने बदल दी खरीददारी की परंपरा, अब झुकाव निवेश की ओर

    भारत में सोने का नया युग: रिकॉर्ड दामों ने बदल दी खरीददारी की परंपरा, अब झुकाव निवेश की ओर

    भारत में सोने की कीमतें इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं — ₹1.30 लाख प्रति 10 ग्राम। इस तेजी ने दीवाली और धनतेरस पर पारंपरिक ज्वेलरी खरीदने के चलन को बदल दिया है। अब लोग भारी गहनों की जगह गोल्ड कॉइन, बार और डिजिटल गोल्ड में निवेश कर रहे हैं।

    मुंबई: 21 अक्टूबर 2025 — भारत में सोने की कीमतों ने इस साल अब तक का सबसे ऊंचा स्तर छू लिया है। 24 कैरेट गोल्ड का रेट लगभग ₹1,30,860 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है — यानी साल की शुरुआत से अब तक करीब 66% की बढ़ोतरी

    इस भारी उछाल ने न सिर्फ लोगों की जेब पर असर डाला है, बल्कि दीवाली और धनतेरस जैसे त्योहारों की परंपरा को भी पूरी तरह बदल दिया है। अब लोग सोने के भारी गहने कम और गोल्ड कॉइन व बार में निवेश ज्यादा कर रहे हैं।

    🪙 अब गहनों से ज्यादा निवेश पर फोकस

    पहले धनतेरस पर सोने के हार, कंगन और झुमके बिकते थे,
    अब लोग उसी पैसे से 10 या 20 ग्राम के गोल्ड कॉइन ले रहे हैं।

    सोने के रेट 18 अक्टूबर को ₹1,34,800 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गए — पिछले साल के मुकाबले 60% से ज्यादा महंगा।

    हालांकि सोने की बिक्री का वॉल्यूम 10-15% घटा है, लेकिन कुल कारोबार का मूल्य बढ़ा क्योंकि कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं।

    📈 क्यों बढ़ रही हैं सोने की कीमतें?

    • 🌍 वैश्विक तनाव और कमज़ोर अमेरिकी डॉलर
    • 🏦 सेंट्रल बैंकों की गोल्ड खरीदारी में तेजी
    • 💵 ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें
    • 🏠 निवेशकों का भरोसा — सोना सुरक्षित विकल्प

    2025 की शुरुआत से ही अंतरराष्ट्रीय मार्केट में सोने की कीमतें $4,000 प्रति औंस के पार चली गई हैं, और भारत में उसी का सीधा असर देखा जा रहा है।

    🏢 ज्वेलरी कंपनियों पर असर — कौन फायदे में, कौन घाटे में

    🌟 फायदे में रहने वाले ब्रांड्स:

    • Titan Company (Tanishq, CaratLane) – हल्के डिज़ाइन, 9 कैरेट कलेक्शन और इन्वेस्टमेंट गोल्ड कॉइन से मार्केट में टॉप पर।
    • Kalyan Jewellers – शादी सीज़न और फ्रेंचाइज़ मॉडल की वजह से राजस्व बढ़ा।
    • MMTC-PAMP – निवेशक गोल्ड कॉइन और बार की खरीद में बढ़ोतरी से रिकॉर्ड मुनाफा।

    ⚖️ मिश्रित असर वाले ब्रांड्स:

    • Rajesh Exports – रिफाइनिंग में फायदा, लेकिन पारंपरिक ज्वेलरी की बिक्री में गिरावट।
    • PC Jeweller – सोने के दामों से वॉल्यूम घटा, अब डायमंड और सिल्वर पर फोकस।

    📉 नुकसान में:

    • छोटे लोकल ज्वेलर्स – महंगे सोने और घटते ग्राहक आधार से जूझ रहे हैं।
      अब उपभोक्ता भरोसेमंद ब्रांड्स या डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर जा रहे हैं।

    🏦 सोने में निवेश बढ़ा, लोन मार्केट भी गर्म

    • गोल्ड लोन कंपनियां जैसे मुथूट और मनप्पुरम को भारी फायदा —
      सोने की कीमत बढ़ने से लोन की वैल्यू भी बढ़ी
    • ETF और डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म पर रिकॉर्ड इनफ्लो।
    • सरकारी बॉन्ड (SGB) की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।

    💼 सोने की बढ़त का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर

    • भारत के पास लगभग 34,600 टन सोना है — कीमत करीब $3.8 ट्रिलियन
    • कीमतें बढ़ने से घरों की कुल संपत्ति में इज़ाफा।
    • लेकिन सोने का इंपोर्ट बढ़ने से ट्रेड डेफिसिट भी बढ़ा —
      सितंबर 2025 में भारत का ट्रेड घाटा $32.15 बिलियन पहुंच गया।

    सरकार पर अब दबाव है कि इंपोर्ट ड्यूटी कम करे ताकि तस्करी पर लगाम लगे और रुपया संभले।

    🔍 लंबे समय में क्या हो सकता है?

    • 2026 तक सोना ₹1.40–₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
    • सोने का फाइनेंशियलाइजेशन (ETFs, SGBs, डिजिटल गोल्ड) और तेज़ होगा।
    • सिल्वर और डायमंड मार्केट में भी मांग बढ़ेगी — सस्ते विकल्प के रूप में।
    • डिजिटल ज्वेलरी प्लेटफॉर्म नए निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे।

    FAQ सेक्शन

    Q1. 2025 में भारत में सोने का रेट कितना है?
    👉 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,30,860 प्रति 10 ग्राम (अक्टूबर 2025 तक)।

    Q2. लोग अब गहनों की बजाय क्या खरीद रहे हैं?
    👉 अब गोल्ड कॉइन, बार और डिजिटल गोल्ड में निवेश का ट्रेंड बढ़ा है।

    Q3. क्या सोने की कीमत और बढ़ेगी?
    👉 एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 तक सोना ₹1.40–₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।

    Q4. किन कंपनियों को सोने की इस तेजी से फायदा हुआ है?
    👉 Titan, Kalyan Jewellers और MMTC-PAMP जैसी कंपनियों को सीधा फायदा मिला है।

    Q5. क्या इससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है?
    👉 हां, सोने के आयात से भारत का व्यापार घाटा बढ़ गया है और रुपया दबाव में है।

  • RRC NER में 1104 अप्रेंटिस की भर्ती, मौका यूपी के युवाओं के लिए

    RRC NER में 1104 अप्रेंटिस की भर्ती, मौका यूपी के युवाओं के लिए

    रेलवे भर्ती सेल (RRC) नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे, गोरखपुर ने अप्रेंटिस के 1104 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। ITI पास उम्मीदवार 16 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    उत्तर प्रदेश: रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है! नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (NER), गोरखपुर ने Act Apprentice भर्ती 2025 के लिए आवेदन मंगाए हैं। इस भर्ती में कुल 1104 पद हैं और आवेदन 16 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन लिए जाएंगे। अगर आपने ITI किया है और रेलवे में ट्रेनिंग लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो ये आपके लिए बढ़िया मौका है।

    🚉 RRC NER Apprentice Recruitment 2025: ज़रूरी जानकारी

    रेलवे भर्ती सेल (RRC) नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे की यह भर्ती अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत की जा रही है।
    इस प्रोग्राम में कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वो रेलवे या दूसरे टेक्निकल सेक्टर्स में काम के लिए तैयार हो सकें।

    📍 पोस्ट का नाम: Act Apprentice
    📊 कुल पद: 1104
    💰 स्टाइपेंड: सरकारी अप्रेंटिस नियमों के अनुसार
    📍 लोकेशन: उत्तर प्रदेश – गोरखपुर, इज़्ज़तनगर, लखनऊ, गोंडा और वाराणसी
    📅 आवेदन शुरू: 16 अक्टूबर 2025
    📅 लास्ट डेट: 15 नवंबर 2025

    🧾 RRC NER Apprentice Vacancy 2025: कितने पद कहाँ

    यूनिट / वर्कशॉपपदों की संख्या
    मेकैनिकल वर्कशॉप, गोरखपुर390
    सिग्नल वर्कशॉप, गोरखपुर कैंट63
    ब्रिज वर्कशॉप, गोरखपुर कैंट35
    मेकैनिकल वर्कशॉप, इज़्ज़तनगर142
    डीज़ल शेड, इज़्ज़तनगर60
    कैरिज एंड वैगन, इज़्ज़तनगर64
    कैरिज एंड वैगन, लखनऊ जंक्शन149
    डीज़ल शेड, गोंडा88
    कैरिज एंड वैगन, वाराणसी73
    TRD, वाराणसी40
    कुल1104

    🎓 योग्यता और उम्र सीमा (Eligibility Criteria)

    शैक्षणिक योग्यता:

    • कैंडिडेट ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास (कम से कम 50% मार्क्स) किया हो।
    • संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट होना ज़रूरी है।

    उम्र सीमा (Age Limit):

    • न्यूनतम उम्र: 15 साल
    • अधिकतम उम्र: 24 साल (16 अक्टूबर 2025 तक)

    आरक्षण के अनुसार छूट:

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC: 3 साल
    • दिव्यांग (PwBD): 10 साल

    💸 सैलरी नहीं, मिलेगा ट्रेनिंग स्टाइपेंड

    ये भर्ती ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत है, इसलिए सैलरी नहीं बल्कि स्टाइपेंड दिया जाएगा।
    स्टाइपेंड की राशि सरकारी अप्रेंटिसशिप नियमों के हिसाब से तय की जाएगी।
    ये ट्रेनिंग आपके करियर के लिए बड़ी स्किल डेवलपमेंट ऑपर्च्युनिटी है — बाद में रेलवे की दूसरी भर्तियों (जैसे Group D) में फायदा भी मिल सकता है।

    🧾 सेलेक्शन प्रोसेस: बिना एग्ज़ाम, सिर्फ मेरिट से भर्ती

    • इसमें कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।
    • सेलेक्शन 10वीं और ITI के मार्क्स के औसत प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा।
    • मेरिट लिस्ट के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन गोरखपुर में होगा।

    जरूरी डॉक्यूमेंट्स:
    10वीं की मार्कशीट, ITI सर्टिफिकेट, फोटो, सिग्नेचर, कास्ट सर्टिफिकेट (अगर लागू हो), डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट आदि।

    🖥️ आवेदन कैसे करें (Apply Online Guide)

    1. RRC NER की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
    2. “Act Apprentice Recruitment 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें।
    4. “Apply Online” पर क्लिक करें और अपनी बेसिक डिटेल भरें।
    5. लॉगिन करें और बाकी डिटेल्स, एजुकेशन वगैरह भरें।
    6. फोटो व सिग्नेचर अपलोड करें।
    7. फीस भरें (अगर लागू हो)।
    8. सबमिट करने से पहले फॉर्म चेक करें।
    9. सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट निकाल लें।

    📅 जरूरी डेट्स

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू16 अक्टूबर 2025
    आखिरी तारीख15 नवंबर 2025
    डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशनजल्द घोषित होगी

    💳 आवेदन फीस

    कैटेगरीफीस
    General / OBC₹100
    SC / ST / PwBD / महिला उम्मीदवारकोई फीस नहीं

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. RRC NER अप्रेंटिस 2025 में कितने पद हैं?
    👉 कुल 1104 पदों पर भर्ती निकली है।

    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    👉 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    Q3. क्या इसमें कोई परीक्षा होगी?
    👉 नहीं, सेलेक्शन मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा।

    Q4. कौन आवेदन कर सकता है?
    👉 जिसने 10वीं और ITI पास किया हो और उम्र 15 से 24 साल के बीच हो।

    Q5. ट्रेनिंग कहाँ होगी?
    👉 गोरखपुर, इज़्ज़तनगर, लखनऊ, गोंडा और वाराणसी में विभिन्न वर्कशॉप्स में।

  • गोरगांव में पानी की किल्लत पर उद्धव सेना का ‘बाल्टी मोर्चा’, नगर निगम को दी चेतावनी

    गोरगांव में पानी की किल्लत पर उद्धव सेना का ‘बाल्टी मोर्चा’, नगर निगम को दी चेतावनी

    गोरगांव पश्चिम में पानी की किल्लत से परेशान लोगों ने उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के साथ मिलकर ‘बाल्टी मोर्चा’ निकाला। मोर्चे में बड़ी संख्या में नागरिकों ने हिस्सा लिया और BMC को चेतावनी दी कि अगर पानी की समस्या हल नहीं हुई तो आंदोलन और तेज होगा।

    मुंबई: गोरगांव (पश्चिम) में लगातार बढ़ती पानी की किल्लत को लेकर उद्धव ठाकरे गट की शिवसेना (UBT) ने रविवार को एक ज़ोरदार ‘बाल्टी मोर्चा’ निकाला। यह मोर्चा प्रभाग क्रमांक 52 में पानी की कमी के विरोध में संदीप गाढवे की अगुवाई में आयोजित किया गया। इस दौरान नागरिकों ने खाली बाल्टियां लेकर BMC के खिलाफ नारे लगाए और प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं मिला, तो आंदोलन और उग्र होगा।

    💧 ‘पानी आमचा हक्काचा, नाही कोणाच्या बापाचा’ — नारों से गूंजा इलाका

    मोर्चे में शामिल नागरिकों ने “पानी आमचा हक्काचा, नाही कोणाच्या बापाचा!” और “आमच्या मागण्या पूर्ण करा!” जैसे नारे लगाते हुए विरोध जताया।
    आंदोलन के दौरान दीपक परब नामक नागरिक ने BMC के गेट के सामने प्रतीकात्मक रूप से नहा कर प्रशासन पर तंज कसा।

    मोर्चा खत्म होने के बाद संदीप गाढवे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सहायक आयुक्त अजय पाटणे से मुलाकात की और इलाके में चल रही पानी की समस्या पर चर्चा की।

    🏘️ नागरिकों की मुख्य मांगें क्या हैं?

    1. बंगाली कंपाउंड इलाके में कम दबाव से आने वाले पानी की समस्या का तुरंत समाधान किया जाए।
    2. पानी छोड़ने का समय घटाने का निर्णय वापस लिया जाए और पुरानी टाइमिंग बहाल की जाए।
    3. कन्यापाड़ा इलाके में दलालों के ज़रिए नल कनेक्शन के लिए वसूली की जा रही है — उसकी जांच की जाए।
    4. इलाके के बिल्डरों को कैसे और कितना पानी दिया जा रहा है, इसकी गहराई से जांच हो।
    5. आरे कॉलोनी यूनिट 32 का पंप शुरू किया जाए ताकि यूनिट 31 और 32 के नागरिकों को राहत मिल सके।
    6. साईबाबा कॉम्प्लेक्स की साई सदन इमारत में चल रही पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।

    👥 मोर्चे में किसने लिया हिस्सा?

    इस आंदोलन में कई स्थानीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें—
    पूर्व नगरसेविका सुगंधा शेट्टी, दीपक परब, निलाक्षी भाबळ, विनायक ताटे, स्वाती शिर्के, सचिन सावंत, सुभाष जाधव, विजय मांजळकर, कुबेर लाड, शांताराम सावंत, विरेंद्र सोनावने और वर्षा पवार समेत बड़ी संख्या में शिवसैनिक, युवासेना और महिला सेना की कार्यकर्ता मौजूद थीं।

    गोकुलधाम, बंगाली कंपाउंड, कन्यापाड़ा, साईबाबा कॉम्प्लेक्स, आरे कॉलोनी और बंजारी पाड़ा जैसे इलाकों के नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

    🏛️ शिवसेना (UBT) का संदेश प्रशासन को

    संदीप गाढवे ने मीडिया से बातचीत में बताया

    “अब BMC को भी समझना चाहिए कि पानी कोई मेहरबानी नहीं, बल्कि नागरिकों का हक है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो शिवसेना (UBT) सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी।”


    FAQ सेक्शन

    Q1. गोरगांव में उद्धव सेना का बाल्टी मोर्चा क्यों निकाला गया?
    👉 पानी की किल्लत और कम दबाव से पानी आने की समस्या के विरोध में यह मोर्चा आयोजित किया गया।

    Q2. इस आंदोलन का नेतृत्व किसने किया?
    👉 प्रभाग 52 के शाखा प्रमुख संदीप गाढवे ने आंदोलन का नेतृत्व किया।

    Q3. नागरिकों की मुख्य मांग क्या है?
    👉 नियमित और पर्याप्त पानी आपूर्ति शुरू करना और दलालों द्वारा नल कनेक्शन में की जा रही वसूली की जांच करना।

    Q4. प्रशासन से कौन मिला?
    👉 एक शिष्टमंडल ने सहायक आयुक्त अजय पाटणे से मुलाकात की और समस्या पर चर्चा की।

  • मुंबई में मिठी नदी पर बनेगा नया ब्रिज, सायन-कुर्ला-BKC वालों को मिलेगी राहत

    मुंबई में मिठी नदी पर बनेगा नया ब्रिज, सायन-कुर्ला-BKC वालों को मिलेगी राहत

    मुंबई में धारावी के पास मिठी नदी पर नया ब्रिज बनने जा रहा है। पुराने पुल को तोड़कर नया चौड़ा और ऊंचा पुल बनाया जाएगा। करीब ₹303 करोड़ खर्च से बनने वाला ये ब्रिज सायन, कुर्ला और BKC जाने वालों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।

    मुंबई: शहर वालों के लिए खुशखबरी है! धारावी में ड्राइव-इन थिएटर के पास मिठी नदी पर नया ब्रिज बनने वाला है। BMC ने पुराने पुल को तोड़कर नया चौड़ा पुल बनाने का काम शुरू कर दिया है। करीब ₹303 करोड़ की लागत से बन रहा ये ब्रिज दो साल में तैयार होगा। इससे सायन, कुर्ला और BKC की तरफ जाने वाली गाड़ियों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

    🚧 नया मिठी नदी ब्रिज: क्या है प्लान?

    मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) ने पुराने मिठी नदी पुल को तोड़कर नया और मजबूत पुल बनाने का फैसला किया है।
    👉 पुराने पुल की चौड़ाई सिर्फ 9.3 मीटर थी, जिससे ट्रैफिक बार-बार जाम हो जाता था।
    👉 नया ब्रिज होगा 48 मीटर चौड़ा और 108 मीटर लंबा, जिससे बड़े-बड़े व्हीकल भी आसानी से निकल पाएंगे।
    👉 ये ब्रिज धारावी के ड्राइव-इन थिएटर के पास बनेगा, जो सायन-कुर्ला और BKC को जोड़ता है।

    💰 ₹303 करोड़ की लागत, दो साल में पूरा होगा प्रोजेक्ट

    इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹303.95 करोड़ का खर्च आएगा।
    BMC ने इसके लिए नया कॉन्ट्रैक्टर भी फाइनल कर लिया है।
    पूरा काम दो फेज में किया जाएगा।
    पहले फेज में पुराना ब्रिज तोड़ा जाएगा और नदी का चौड़ाई बढ़ाई जाएगी,
    जबकि दूसरे फेज में नया ब्रिज खड़ा किया जाएगा।

    🌊 क्यों जरूरी है नया पुल?

    2005 की मुंबई की बारिश सबको याद है — जब मिठी नदी में पानी भरने से पूरा शहर ठप पड़ गया था।
    उसके बाद डॉ. चितळे कमेटी ने सलाह दी थी कि नदी का चौड़ाई 68 मीटर से बढ़ाकर 100 मीटर किया जाए ताकि पानी का फ्लो ठीक रहे।
    अब उसी रिपोर्ट के हिसाब से ब्रिज की ऊंचाई और चौड़ाई बढ़ाई जा रही है, ताकि भविष्य में न ट्रैफिक जाम हो और न पानी भरने की दिक्कत।

    🚗 किन लोगों को फायदा होगा?

    इस ब्रिज से सबसे ज्यादा फायदा होगा उन लोगों को जो रोज़ सायन, कुर्ला, BKC और बांद्रा की तरफ जाते हैं।

    • ऑफिस टाइम पर लगने वाला जाम कम होगा
    • सिग्नल पर रुकने का टाइम घटेगा
    • नए ब्रिज से ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी और बेहतर बनेगी
    • ट्रक और बसों के लिए भी रास्ता आसान होगा

    ⚙️ कब तक बनेगा ये पुल?

    BMC के मुताबिक, पूरा प्रोजेक्ट दो साल में खत्म करने का टार्गेट है।
    काम चालू होते ही आस-पास के इलाकों में ट्रैफिक डाइवर्जन प्लान भी लागू किया जाएगा ताकि लोगों को ज्यादा दिक्कत न हो।

    📌 प्रोजेक्ट से जुड़ी खास बातें

    पॉइंटडिटेल
    जगहधारावी – ड्राइव-इन थिएटर के पास
    पुल की पुरानी चौड़ाई9.3 मीटर
    नई चौड़ाई48 मीटर
    कुल खर्च₹303.95 करोड़
    टाइमलाइन2 साल
    फेज2 (डिमॉलिशन + कंस्ट्रक्शन)

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. नया ब्रिज कहां बन रहा है?
    👉 धारावी के ड्राइव-इन थिएटर के पास, जहां से सायन-कुर्ला और BKC का रास्ता जाता है।

    Q2. कितना खर्च आएगा?
    👉 लगभग ₹303.95 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है।

    Q3. कब तक तैयार होगा?
    👉 दो साल में काम पूरा करने का टार्गेट है।

    Q4. नया ब्रिज कितना चौड़ा होगा?
    👉 नया पुल लगभग 48 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।

    Q5. किसे सबसे ज्यादा फायदा होगा?
    👉 सायन, कुर्ला, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) की तरफ जाने वालों को सबसे बड़ा फायदा होगा।

  • मालाड में फुटपाथ पर मिली नवजात बच्ची, राहगीर ने बचाई जान

    मालाड में फुटपाथ पर मिली नवजात बच्ची, राहगीर ने बचाई जान

    मुंबई के मालाड में दिवाली की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर छोड़ दिया गया। राहगीर ने उसकी रोने की आवाज़ सुनकर पुलिस को खबर दी। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह फिलहाल सुरक्षित है।

    मुंबई: दिवाली की रात जब पूरा मुंबई शहर रौशनी से जगमगा रहा था, तब मालाड में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में बस के पास छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि एक राहगीर ने उसकी हल्की सी रोने की आवाज़ सुन ली और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे सुरक्षित बताया।

    👶 फुटपाथ पर छोड़ी गई नवजात बच्ची

    मालाड वेस्ट के बैक रोड, बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास ये घटना शनिवार देर रात करीब 11 बजे की है। पुलिस के मुताबिक बच्ची महज एक या दो दिन की लग रही थी और कपड़े में लिपटी हुई थी। उसके शरीर पर चींटियों के काटने के निशान थे, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे कुछ घंटों पहले ही वहां छोड़ा गया था।

    🚓 राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पुलिस ने दी त्वरित मदद

    पुलिस के अनुसार, पास से गुजर रहे एक शख्स ने जब मासूम की रोने की आवाज़ सुनी, तो तुरंत बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित थाने लेकर आई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे साफ कपड़ों में लपेटकर अस्पताल पहुंचाया।

    बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया, “अगर उस राहगीर ने कुछ मिनट देर कर दी होती, तो शायद बच्ची की जान बचाना मुश्किल हो जाता। यह एक चमत्कार जैसा था कि उसकी आवाज़ किसी इंसान तक पहुंच गई।”

    🏥 शताब्दी अस्पताल में इलाज, बच्ची फिलहाल सुरक्षित

    बच्ची को तत्काल शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची में किसी गंभीर चोट के निशान नहीं हैं, और उसका स्वास्थ्य सामान्य हो रहा है।

    📹 CCTV से होगी आरोपी की पहचान

    पुलिस ने इस मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया, “हमने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और इलाके के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पता चल सके कि बच्ची को वहां कौन लेकर आया था।”

    💓 लोगों ने दिखाई अपनापन, कई ने अपनाने की जताई इच्छा

    घटना के बाद कई लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है। सोशल मीडिया पर भी राहगीर और पुलिस की इस इंसानियत की जमकर सराहना हो रही है। एक यूज़र ने लिखा, “दिवाली की रात अगर किसी ने सच्ची रौशनी फैलाई है, तो वो इस मासूम को बचाने वाले हैं।”

    🙏 मानवता की मिसाल बनी मुंबई

    मुंबई अक्सर अपनी तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के लिए जानी जाती है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि इस शहर में इंसानियत अब भी जिंदा है। इस राहगीर और पुलिस टीम की सूझबूझ ने एक मासूम को नया जीवन दिया।


    FAQ सेक्शन:

    Q1. मालाड में नवजात बच्ची कहां मिली?
    ➡ बच्ची मालाड वेस्ट के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में मिली।

    Q2. क्या बच्ची सुरक्षित है?
    ➡ हां, बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।

    Q3. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
    ➡ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    Q4. क्या बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू हुई है?
    ➡ कई लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन फिलहाल वह अस्पताल की निगरानी में है।

  • ठाणे के कलवा में चॉल की स्लैब गिरी, दो लोग घायल; छह फ्लैट खाली कराए गए | मालाड और अंधेरी में आग से मची अफरा-तफरी

    ठाणे के कलवा में चॉल की स्लैब गिरी, दो लोग घायल; छह फ्लैट खाली कराए गए | मालाड और अंधेरी में आग से मची अफरा-तफरी

    ठाणे के कलवा इलाके में 30 साल पुरानी धर्मा निवास चॉल की स्लैब गिरने से दो लोग घायल हो गए। वहीं मुंबई के मालाड और अंधेरी में आग की दो अलग-अलग घटनाओं में कई दुकानें और गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। राहत की बात ये रही कि किसी की जान नहीं गई।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई: महाराष्ट्र के ठाणे और मुंबई में शनिवार को तीन अलग-अलग हादसों ने लोगों को दहला दिया। ठाणे के कलवा इलाके में करीब 30 साल पुरानी धर्मा निवास चॉल की स्लैब अचानक गिर गई, जिसमें दो लोग घायल हो गए। वहीं मुंबई के मालाड और अंधेरी में लगी भीषण आग की दो घटनाओं में कई दुकानें और वाहन जलकर खाक हो गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इन सभी घटनाओं में किसी की जान नहीं गई।

    ठाणे के कलवा में चॉल की स्लैब गिरी, दो लोग घायल

    महाराष्ट्र के ठाणे शहर में शनिवार रात एक बड़ी घटना हुई। कलवा इलाके के वितावा में स्थित 25 से 30 साल पुरानी ‘धर्मा निवास चॉल’ (Dharma Niwas Chawl) की स्लैब अचानक गिर गई। हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत कलवा सिविक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
    ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (TMC) के डिज़ास्टर मैनेजमेंट सेल प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि घटना रात करीब 9 बजे हुई।

    🧱 पुरानी इमारत नहीं थी खतरनाक सूची में

    TMC अधिकारियों के मुताबिक, यह चॉल करीब 20 फ्लैटों की थी, जिसमें 45 से 50 लोग रहते हैं। हादसे के बाद राहत दल मौके पर पहुंचा और 6 फ्लैट खाली कराकर सील कर दिए गए
    सावधानी के तौर पर बिजली सप्लाई काट दी गई ताकि कोई और हादसा न हो।
    अधिकारियों ने बताया कि यह इमारत पहले ‘डेंजरस बिल्डिंग’ की सूची में शामिल नहीं थी, लेकिन अब इसकी हालत का फिर से सर्वे किया जाएगा।

    🚒 मालाड में आग से चार दुकानें जलीं

    इसी बीच मुंबई के मालाड पूर्व के पठानवाड़ी इलाके में शनिवार दोपहर करीब 1 बजे आग लग गई। शुरुआत में यह आग कुछ दुकानों तक सीमित थी, लेकिन बाद में चार से पांच दुकानें जलकर खाक हो गईं।
    घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
    फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां और अन्य राहत दलों ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
    आग में इलेक्ट्रिक वायरिंग, फर्नीचर, और मशीनरी बुरी तरह से जल गई। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है।

    Fire-causes-panic-in-Pathanwadi-Malad

    🔥 अंधेरी में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी आग

    मुंबई के अंधेरी पूर्व में शुक्रवार सुबह 8:10 बजे एक दो मंजिला कमर्शियल कॉम्प्लेक्स (KDN Compound, मिलिट्री रोड, अशोक नगर) में आग लग गई।
    आग इतनी भीषण थी कि इसे बुझाने में छह घंटे से ज्यादा का वक्त लगा।
    फायर ब्रिगेड ने 2:25 बजे दोपहर तक आग पर काबू पाया।
    इस हादसे में एक इलेक्ट्रिक कार, तीन मोटरसाइकिलें, ऑफिस फर्नीचर और अन्य सामग्री जलकर नष्ट हो गईं।
    आग से इमारत का कुछ हिस्सा भी गिर गया। सौभाग्य से, इस घटना में भी कोई घायल नहीं हुआ।

    ⚙️ सरकारी विभाग करेगा जांच

    अधिकारियों ने बताया कि तीनों घटनाओं के बाद संबंधित विभागों ने सुरक्षा जांच शुरू कर दी है।
    कलवा की घटना में TMC कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट आगे की कार्रवाई करेगा, जबकि आग लगने के मामलों में फायर ब्रिगेड ने जांच के आदेश दिए हैं।


    FAQ Section

    Q1. ठाणे के कलवा में स्लैब गिरने की घटना कब हुई?
    शनिवार रात करीब 9 बजे धर्मा निवास चॉल में स्लैब गिरने की घटना हुई।

    Q2. क्या इस हादसे में किसी की मौत हुई है?
    नहीं, हादसे में दो लोग घायल हुए लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई।

    Q3. क्या मालाड और अंधेरी की आग में कोई घायल हुआ?
    नहीं, दोनों आग की घटनाओं में किसी को चोट नहीं आई।

    Q4. आग लगने का कारण क्या था?
    अधिकारियों ने बताया कि अभी दोनों जगहों की आग के कारणों की जांच चल रही है।