मुंबई में मतदाता सूची पुनरीक्षण के लंबित आवेदनों पर बीएमसी सख्त। 13 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल करें, 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
मुंबई: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के तहत लंबित दावों और आपत्तियों का समय पर निपटारा करने के लिए निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। मतदाताओं के लिए दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।
गुरुवार, 5 नवंबर को हुई इस बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी तथा बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे भी उपस्थित थीं। बैठक का मुख्य उद्देश्य मुंबई में मतदाता सूची पुनरीक्षण के काम की समीक्षा करना और लंबित आवेदनों के निपटारे की प्रक्रिया को तेज करना था।
13 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल करने का मौका
मतदाता सूची के प्रारूप में नाम या अन्य जानकारी को लेकर किसी तरह की गलती होने पर पात्र नागरिक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। निर्वाचन आयोग की ओर से समयसीमा बढ़ाए जाने के बाद महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए 13 नवंबर तक का समय दिया गया है।
इस प्रक्रिया के तहत नाम जोड़ने, हटाने और मतदाता विवरण में सुधार से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। अधिकारियों को इन आवेदनों की जांच कर तय समयसीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
महाराष्ट्र में आवेदनों और नोटिसों के निपटारे की अंतिम समयसीमा 25 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
महाराष्ट्र में 21.7 लाख आवेदन प्राप्त
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान महाराष्ट्र में नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में सुधार के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।
1 नवंबर 2026 तक प्राप्त आवेदनों के आंकड़ों के अनुसार, नाम जोड़ने के लिए 14.10 लाख आवेदन, नाम हटाने के लिए 92,436 आवेदन और मतदाता विवरण में सुधार के लिए 6,75,338 आवेदन प्राप्त हुए थे। इस तरह कुल 21.7 लाख आवेदन दर्ज किए गए।
इसके अलावा, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान पुराने मतदाता रिकॉर्ड से मिलान नहीं होने या अन्य गड़बड़ियों के कारण 1.222 करोड़ मतदाताओं को सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया था। इनमें से 97.16 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन पूरा होने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, सत्यापन पूरा होने और मतदाता सूची में नाम शामिल होने की प्रक्रिया अलग-अलग है। इसलिए मतदाताओं को अपनी जानकारी की जांच करना जरूरी है।
प्रारूप मतदाता सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?
जिन पात्र नागरिकों का नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे नाम जोड़ने के लिए नमूना-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पहले से मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के बावजूद प्रारूप सूची में नाम नहीं मिलने पर भी नाम दोबारा जुड़वाने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
इसके लिए नागरिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका नाम किसी अन्य विधानसभा या संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में पहले से दर्ज नहीं है और वे पंजीकरण की अन्य कानूनी शर्तों को पूरा करते हैं।
मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने के लिए नमूना-7 और मौजूदा विवरण में सुधार या पता बदलने के लिए नमूना-8 का उपयोग किया जा सकता है।
पुनर्विकास और पता बदलने वाले मतदाताओं के लिए जरूरी
मुंबई में पुनर्विकास परियोजनाओं, किराये के मकानों और स्थानांतरण के कारण कई लोगों के आवासीय पते बदलते रहते हैं। ऐसे में मतदाता सूची में पुराने पते की जानकारी दर्ज रह सकती है या नए पते पर नाम शामिल नहीं हो पाता।
इसलिए जिन नागरिकों ने हाल ही में अपना घर बदला है, उन्हें मतदाता सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण जांच लेना चाहिए। खासकर पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत दूसरे स्थान पर रहने वाले परिवारों को इस प्रक्रिया पर ध्यान देना चाहिए।
अधिकारियों को पारदर्शिता के साथ काम पूरा करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में एस. चोक्कलिंगम ने अधिकारियों को दावों और आपत्तियों पर सावधानीपूर्वक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई समयसीमा में पूरी प्रक्रिया को बेहतर तरीके से पूरा किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को जल्दबाजी में काम खत्म करने के बजाय पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सतर्कता के साथ संचालित करने की हिदायत भी दी।
बैठक में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे, डॉ. विपिन शर्मा, अभिजीत बांगर और डॉ. अविनाश ढाकणे उपस्थित थे।
इसके अलावा कोकण विभाग के मतदाता सूची निरीक्षक डॉ. किरण कुलकर्णी, महाराष्ट्र के सह मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोहर पारकर, कर निर्धारण एवं संग्रह विभाग के सह आयुक्त विश्वास शंकरवार और सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
मतदाता अपना नाम कहां जांच सकते हैं?
मुंबई के नागरिक महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांच सकते हैं। इसके अलावा मतदाता सहायता नंबर 1950 पर संपर्क कर निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। 13 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल करने, 25 नवंबर तक आवेदनों का निपटारा करने और 30 नवंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
