मुंबई मालाड ATM फ्रॉड: 7 ग्राहकों के ₹45,500 चोरी, फरहान अली गिरफ्तार

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मुंबई के मालाड में ATM कैश ट्रैपिंग से सात खाताधारकों के ₹45,500 चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने फरहान अली को गिरफ्तार कर फरार साथी की तलाश शुरू की।

मुंबई: मालाड पश्चिम स्थित पद्मानगर इलाके में एटीएम से नकदी चोरी के मामले में बांगुर नगर पुलिस ने फरहान अली जाफर अली को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर एटीएम के नकदी निकालने वाले हिस्से में प्लास्टिक पट्टी लगाकर सात खाताधारकों के कुल 45,500 रुपये चुराए। पुलिस ने आरोपी के पास से 10,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया गया चार पहिया वाहन बरामद किया है। मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

यह घटना 25 अक्टूबर 2026 को मालाड पश्चिम के पद्मानगर इलाके में स्थित एक बैंक के एटीएम केंद्र पर हुई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने दिनभर में 20 से 25 बार एटीएम सेंटर पर जाकर कथित तौर पर नकदी चोरी की। फरहान अली को 1 नवंबर को मालाड से गिरफ्तार किया गया।

एटीएम में प्लास्टिक पट्टी लगाकर की नकदी चोरी

आरोपियों ने एटीएम के नकदी वितरण वाले हिस्से में नीले रंग की प्लास्टिक पट्टी लगाई थी। इस वजह से मशीन से पैसे निकालने वाले ग्राहकों का लेनदेन पूरा हो जाता था और उनके खाते से रकम भी कट जाती थी, लेकिन नकदी बाहर नहीं निकल पाती थी।

ग्राहक इसे एटीएम की तकनीकी खराबी समझकर बिना नकदी लिए केंद्र से चले जाते थे। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर वापस आकर प्लास्टिक पट्टी हटाते और मशीन में फंसी नकदी निकाल लेते थे। फिर उसी पट्टी को दोबारा लगाकर अगले ग्राहक को निशाना बनाया जाता था।

इस तरह आरोपियों ने एक ही दिन में सात खाताधारकों को निशाना बनाकर 45,500 रुपये की कथित चोरी की।

बैंक मैनेजर की शिकायत से सामने आया मामला

मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक आलोक कुमार रामबाबू शर्मा को सूचना मिली कि एटीएम के नकदी निकालने वाले हिस्से पर नीले रंग की प्लास्टिक पट्टी लगाई गई है। इससे मशीन के साथ छेड़छाड़ होने का संदेह पैदा हुआ।

इसके कुछ समय बाद बैंक मैनेजर को एक ग्राहक की शिकायत भी मिली कि एटीएम से पैसे निकालने के दौरान उसके खाते से रकम कट गई, लेकिन नकदी नहीं मिली।

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इसके बाद आलोक कुमार रामबाबू शर्मा एटीएम केंद्र पहुंचे और मशीन का निरीक्षण किया। जांच के दौरान उन्हें एटीएम के साथ छेड़छाड़ किए जाने की जानकारी मिली। बैंक मैनेजर की शिकायत के आधार पर बांगुर नगर पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

फरहान अली गिरफ्तार, साथी की तलाश जारी

डीसीपी पुरुषोत्तम कराड, उत्तर क्षेत्र-1 और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयवंत पवार के मार्गदर्शन में एपीआई संदीप उबाले ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने फरहान अली जाफर अली को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने साथी की मदद से एटीएम धोखाधड़ी को अंजाम देने की बात स्वीकार की। हालांकि, मामले में शामिल दूसरा आरोपी अभी फरार है।

पुलिस ने आरोपी के पास से 10,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया गया चार पहिया वाहन बरामद किया है। बरामद रकम पूरी चोरी की राशि है या उसका एक हिस्सा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

मुंबई में एटीएम कैश ट्रैपिंग के मामले चिंता का विषय

एटीएम में नकदी फंसाकर चोरी करने की इस तकनीक को कैश ट्रैपिंग कहा जाता है। इसमें एटीएम के नकदी वितरण हिस्से के साथ छेड़छाड़ करके ग्राहकों को नकदी मिलने से रोका जाता है। ग्राहक के खाते से रकम कटने के बाद आरोपी मशीन में फंसी नकदी हासिल कर लेते हैं।

मुंबई और नवी मुंबई में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मालाड, भांडुप, वाशी और तलोजा में एटीएम से नकदी फंसाकर चोरी करने के मामले पुलिस की जांच में सामने आए हैं। इन घटनाओं में एटीएम के नकदी वितरण हिस्से में प्लास्टिक पट्टी, टेप या अन्य उपकरण लगाकर ग्राहकों की नकदी रोकने का तरीका सामने आया था।

एटीएम से पैसे नहीं निकलने पर ग्राहक क्या करें?

यदि एटीएम से नकदी निकालते समय खाते से पैसे कट जाते हैं, लेकिन मशीन से नकदी नहीं मिलती, तो ग्राहक को तुरंत बैंक में शिकायत दर्ज करनी चाहिए।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार, असफल एटीएम लेनदेन में बैंक को निर्धारित समय सीमा के भीतर रकम वापस करनी होती है। RBI के निर्देशों के मुताबिक, असफल लेनदेन का स्वतः रिवर्सल अधिकतम T+5 कैलेंडर दिनों में होना चाहिए। निर्धारित समय के बाद रकम वापस नहीं होने पर लागू नियमों के तहत ग्राहक को प्रतिदिन 100 रुपये का मुआवजा मिल सकता है।

ग्राहकों को एटीएम से नकदी नहीं मिलने पर लेनदेन का एसएमएस, बैंक स्टेटमेंट, एटीएम केंद्र का पता और शिकायत संख्या सुरक्षित रखनी चाहिए। यदि एटीएम में किसी प्रकार की संदिग्ध पट्टी या उपकरण दिखाई देता है, तो उसे स्वयं हटाने के बजाय बैंक और पुलिस को सूचना देनी चाहिए।

पुलिस की जांच जारी

बांगुर नगर पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है। साथ ही जांच की जा रही है कि फरहान अली और उसका साथी मुंबई के अन्य एटीएम केंद्रों पर भी इसी तरह की धोखाधड़ी में शामिल थे या नहीं।

पुलिस के सामने अब फरार आरोपी की गिरफ्तारी, चोरी की पूरी रकम का पता लगाने और अन्य संभावित मामलों में आरोपियों की भूमिका की जांच करना महत्वपूर्ण है।

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