टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के सोनीपत से अमन को गिरफ्तार किया। बैंक खाते में 50 हजार रुपये के लेनदेन की जांच जारी है।
मुंबई: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई क्राइम ब्रांच ने 12वीं गिरफ्तारी की है। हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव से अमन को गिरफ्तार किया गया है। उसके बैंक खाते में 50 हजार रुपये के कथित लेनदेन की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रकम का 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू में हुई फायरिंग से क्या संबंध है।
अमन को पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी कुणाल का दोस्त बताया जा रहा है। मुंबई पुलिस की टीम उसे आगे की पूछताछ के लिए मुंबई लेकर आई है। जांच का मुख्य फोकस अब पैसों के लेनदेन, आरोपियों के आपसी संपर्क और फायरिंग की कथित साजिश में अमन की भूमिका पर है।
अमन के बैंक खाते में 50 हजार रुपये की जांच
जांच से जुड़े इनपुट के मुताबिक, अमन का नाम बैंक खाते में हुए लेनदेन की पड़ताल के दौरान सामने आया। पुलिस यह पता लगाना चाहती है कि उसके खाते में रकम किसने भेजी, पैसे भेजने का उद्देश्य क्या था और क्या इसका संबंध फायरिंग मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों से है।
फिलहाल 50 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर जांच जारी है। केवल खाते में रकम आने से किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका साबित नहीं होती। पुलिस की पूछताछ और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से इस संबंध में आगे की जानकारी सामने आ सकती है।
11 आरोपियों को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत
अमन की गिरफ्तारी से पहले इस मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों को 29 अक्टूबर को मुंबई की विशेष MCOCA अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
इन आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए 10 दिन की हिरासत मांगी थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बीच कथित साजिश, हथियारों की व्यवस्था और आर्थिक लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच की जानी है।
मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के प्रावधान भी लागू किए गए हैं। पुलिस ने कथित संगठित आपराधिक नेटवर्क, आर्थिक लाभ और समाज में डर पैदा करने की आशंका को जांच का हिस्सा बनाया है। अदालत में लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
अनिल पंडित की तलाश, कथित गैंग कनेक्शन की जांच
इस मामले में अनिल पंडित को वांछित आरोपी बताया गया है। पुलिस को संदेह है कि उसका लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध हो सकता है। जांच एजेंसी कथित हमले की योजना, हथियारों की सप्लाई और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
पुलिस ने अदालत में डिजिटल सबूत, वॉइस चैट और मैसेजिंग ऐप पर हुई बातचीत की जांच का भी जिक्र किया है। इन सबूतों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित हमले के निर्देश किसने दिए और इसमें शामिल लोगों की क्या भूमिका थी। अनिल पंडित की कथित भूमिका और गैंग से संबंधों को अभी आरोपों और जांच के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग
यह मामला 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई गोलीबारी से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, टाइगर श्रॉफ फुटबॉल ग्राउंड से निकल रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं। अभिनेता इस घटना में सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए।
घटना के बाद पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में कथित हमलावरों के अलावा हथियारों की सप्लाई, वित्तीय लेनदेन और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
अमन की गिरफ्तारी के बाद अब मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि उसके बैंक खाते में आए 50 हजार रुपये का मामले से कोई सीधा संबंध है या नहीं। साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पहले गिरफ्तार आरोपियों के साथ उसके संपर्क किस प्रकार के थे और क्या इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
