Category: Haryana

Read the latest Haryana news, top headlines and live updates from Chandigarh, Gurugram, Faridabad, Panipat, Hisar and across the state. Stay informed with coverage on politics, crime, government schemes, business, education, agriculture, sports and major events, only on Indian FastTrack.

  • 10वीं पास ने यूट्यूब से सीख कर साइबर ठगों को Server दिए, 17.42 लाख की ठगी के बाद खुला 1,100 लोगों का नेटवर्क

    10वीं पास ने यूट्यूब से सीख कर साइबर ठगों को Server दिए, 17.42 लाख की ठगी के बाद खुला 1,100 लोगों का नेटवर्क

    मुंबई में ₹17.42 लाख की MGL ठगी की जांच में 1,100 VPS users का नेटवर्क सामने आया। पुलिस ने हरियाणा से 10वीं पास आरोपी को गिरफ्तार किया।

    मुंबई: ₹17.42 लाख की साइबर ठगी की जांच करते-करते मुंबई पुलिस ऐसे सर्वर नेटवर्क तक पहुंच गई, जिसके करीब 1,100 users सामने आए हैं। इस मामले में मुंबई पुलिस की साउथ रीजन साइबर पुलिस ने हरियाणा के भिवानी खेड़ा से 32 वर्षीय प्रवीण हुकुम चंद को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 10वीं पास प्रवीण ने YouTube और ऑनलाइन tutorials से RDP और VPS की तकनीक सीखी और बाद में server किराये पर देने का काम शुरू किया।

    जांच में सामने आया है कि उसके customers से जुड़े कुछ मोबाइल नंबर पहले से लगभग 30 cybercrime complaints में दर्ज हैं। अब Crime Branch यह पता लगाने में जुटी है कि इन 1,100 users में कितने लोग वास्तव में cyber fraud से जुड़े थे और प्रवीण को उनकी गतिविधियों की जानकारी थी या नहीं।

    ₹17.42 लाख की ठगी से खुली server की कड़ी

    इस पूरे मामले की शुरुआत एक MGL Gas Bill Update वाले fraud से हुई। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित को Mahanagar Gas Limited के नाम से message भेजा गया और bill update करने के नाम पर एक APK install करने के लिए कहा गया।

    APK मोबाइल में install होने के बाद उसमें मौजूद malware ने फोन की sensitive information तक पहुंच बनाई। इसी दौरान करीब ₹17.42 लाख की बैंकिंग ठगी हुई।

    साउथ रीजन साइबर पुलिस ने जब इस मामले की technical investigation शुरू की तो फर्जी APK के पीछे इस्तेमाल हो रहे server का IP address सामने आया। इसी digital trail को आगे बढ़ाते हुए जांचकर्ता server provider Hostinger तक पहुंचे और वहां से मिली जानकारी के आधार पर VPS operation का connection प्रवीण हुकुम चंद तक पहुंचा।

    YouTube से सीखी RDP-VPS की तकनीक

    पुलिस के मुताबिक, प्रवीण ने computer या IT की कोई formal technical education नहीं ली थी। उसने YouTube videos और internet पर उपलब्ध tutorials से web development, Remote Desktop Protocol यानी RDP और Virtual Private Server यानी VPS चलाना सीखा।

    इसके बाद उसने rdpwale.in नाम से website शुरू की और VPS तथा RDP services उपलब्ध कराने लगा। पुलिस का आरोप है कि customers से KYC या पहचान की पर्याप्त जानकारी लिए बिना server उपलब्ध कराए जाते थे। जांच के मुताबिक, अलग-अलग configurations के लिए ₹1,699 से ₹13,199 महीने तक charge किया जाता था।

    Server का इस्तेमाल सिर्फ website चलाने के लिए नहीं हुआ?

    पुलिस की जांच में आरोप है कि प्रवीण से लिए गए कुछ VPS का इस्तेमाल malicious APK चलाने वाले operators ने command-and-control यानी C2 server की तरह किया।

    सरल भाषा में समझें तो ऐसे server को fraudsters अपने malware और compromised मोबाइल के बीच communication के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे संक्रमित फोन से मिलने वाला sensitive data attacker तक पहुंच सकता है।

    Cyber forensic expert Nishant Salunkhe के मुताबिक, ऐसे fraudulent APK SMS, notifications और accessibility जैसी permissions का गलत इस्तेमाल करके OTP और दूसरी sensitive जानकारी हासिल कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि OTP को technically crack करने के बजाय compromised device से intercept किया जा सकता है। APK, उसके permissions, network connections और server infrastructure की जांच से investigators fraud की पूरी digital chain को समझ सकते हैं।

    1,100 customers का मतलब 1,100 cyber criminals नहीं

    इस मामले का सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि प्रवीण से server लेने वाले करीब 1,100 लोगों में वास्तव में कितने cybercrime में शामिल थे।

    पुलिस ने अभी सभी customers को cyber criminals घोषित नहीं किया है। जांच में सिर्फ इतना सामने आया है कि इन customers से जुड़े कुछ mobile numbers लगभग 30 NCRP cybercrime complaints में दिखाई दिए हैं।

    Crime Branch अब इन 1,100 users को अलग-अलग cybercrime cases से match कर रही है। साथ ही subscription के जरिए प्रवीण को मिली रकम, customer details, server logs और IP addresses की भी जांच हो रही है।

    rdpwale.in पर आज भी दिख रही हैं RDP services

    जांच के बीच rdpwale.in की public website भी उपलब्ध है। Website पर RDP plans ₹699 महीने से शुरू होते दिख रहे हैं। अलग-अलग plans में Windows Server, dedicated/private IP और full admin access जैसी सुविधाएं दी गई हैं। Website के “About RDPWALE” हिस्से में इसे “Owned by Praveen” बताया गया है और Bhiwani, Haryana का address दिया गया है।

    यहां एक महत्वपूर्ण अंतर भी सामने आता है। पुलिस की रिपोर्ट में उस समय उपलब्ध कराई गई services की कीमत ₹1,699 से ₹13,199 महीने बताई गई है, जबकि current public website पर ₹699, ₹899 और ₹1,499 जैसे plans दिखाई दे रहे हैं। इन दोनों pricing details के बीच अंतर का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

    MGL के नाम पर पहले भी हो चुकी है बड़ी ठगी

    यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब मुंबई में MGL के नाम पर fake APK वाले कई cyber fraud cases सामने आ चुके हैं।

    अप्रैल 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ एक महीने में 100 से ज्यादा MGL consumers और applicants से करीब ₹2.7 करोड़ की ठगी की गई थी। Victims में 26 से 83 साल तक के लोग शामिल थे। Fraudsters gas connection बंद होने या bill update नहीं होने का डर दिखाकर APK download करवाते थे।

    यानी इस मामले में ₹17.42 लाख की एक ठगी सिर्फ एक isolated incident नहीं थी। इसी तरह के APK-based fraud में पहले भी लोगों के मोबाइल और banking information को निशाना बनाए जाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

    Laptop और mobile से खुलेगा आगे का राज

    पुलिस ने प्रवीण के पास से laptop और mobile phone जब्त किया है। अब इन devices से customer records, server logs, payment details, IP addresses और communications की जांच की जा रही है।

    सबसे अहम सवाल यह है कि प्रवीण को अपने servers के इस्तेमाल की जानकारी कितनी थी। पुलिस यह भी जांच रही है कि उसने जानबूझकर cybercrime operators को infrastructure दिया या customers की गतिविधियों को नजरअंदाज किया।

    अगर server logs और payment records से customers का connection अलग-अलग cyber fraud cases से साबित होता है, तो यह जांच सिर्फ एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। 1,100 users की mapping से देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे cybercrime cases के बीच नई कड़ियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल इन सभी connections की जांच जारी है और आरोपों का अंतिम निष्कर्ष जांच तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

  • Faridabad Teacher Murder: स्कूल गेट पर शिक्षिका की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; जांच में बड़े खुलासे

    Faridabad Teacher Murder: स्कूल गेट पर शिक्षिका की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; जांच में बड़े खुलासे

    फरीदाबाद के निजी स्कूल में शिक्षिका की हत्या के मामले में आरोपी गिरफ्तार। पुलिस जांच में सामने आई कथित साजिश, पहले की शिकायतें, CCTV और पूरे मामले की टाइमलाइन पढ़ें।

    फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में एक निजी स्कूल के बाहर शिक्षिका की दिनदहाड़े हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्कूल परिसर के बाहर हुई इस वारदात का CCTV वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया। पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों के भीतर 21 वर्षीय आरोपी अमित को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से शिक्षिका का पीछा कर रहा था और उसने पहले से हत्या की योजना बनाई थी।

    faridabad-teacher-murder-accused-arrested-school-cctv
    हमले की सीसीटीवी फुटेज की तस्वीर

    पति का नाम लेकर स्कूल गेट तक बुलाया

    पुलिस जांच के अनुसार आरोपी सोमवार सुबह चेहरे पर कपड़ा बांधकर स्कूल पहुंचा। उसने स्कूल स्टाफ से खुद को शिक्षिका के पति का परिचित बताते हुए उन्हें बाहर बुलाने के लिए कहा। जैसे ही शिक्षिका स्कूल गेट पर पहुंचीं, आरोपी ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पूरी घटना कुछ ही सेकंड में घटित हुई और स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

    CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

    घटना स्कूल परिसर में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में आरोपी लगातार चाकू से हमला करता दिखाई देता है। शोर सुनकर स्कूल के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। बीच-बचाव करने की कोशिश करने वाले एक अधिकारी पर भी आरोपी ने हमला किया।

    अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ दिया दम

    हमले के तुरंत बाद शिक्षिका को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    दो साल से कर रहा था पीछा

    पुलिस और परिजनों के मुताबिक आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से शिक्षिका को परेशान कर रहा था। शिक्षिका ने पहले भी उसके खिलाफ छेड़छाड़ और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद आरोपी का उत्पीड़न पूरी तरह नहीं रुका और आखिरकार उसने इस वारदात को अंजाम दिया।

    पहले से रची थी हत्या की साजिश

    जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी ने घटना से करीब दो महीने पहले ही हत्या की योजना बना ली थी। उसने इसी उद्देश्य से चाकू खरीदा था और मौके की तलाश कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करने की बात भी पुलिस ने कही है।

    परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

    मृतक शिक्षिका विवाहित थीं और उनके दो छोटे बच्चे हैं। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार आरोपी की हरकतों की शिकायत की थी। पति ने आरोप लगाया कि यदि शुरुआती शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई होती तो शायद यह घटना टाली जा सकती थी।

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    दिनदहाड़े स्कूल परिसर तक आरोपी का पहुंच जाना और शिक्षिका को बाहर बुलाकर हमला कर देना स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी है। कई लोगों ने स्कूलों में विजिटर वेरिफिकेशन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त बनाने की मांग की है।

    पुलिस क्या कह रही है?

    पुलिस का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। मामले में उपलब्ध CCTV फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और आरोपपत्र मजबूत साक्ष्यों के आधार पर अदालत में पेश किया जाएगा।

  • कांवड़ यात्रा 2026: ट्रैफिक, सुरक्षा, रूट और भीड़ की पूरी तस्वीर, अगले 10 दिनों में क्या बदलने वाला है?

    कांवड़ यात्रा 2026: ट्रैफिक, सुरक्षा, रूट और भीड़ की पूरी तस्वीर, अगले 10 दिनों में क्या बदलने वाला है?

    कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड में ट्रैफिक डायवर्जन, पुलिस सुरक्षा, भीड़, बंद रास्ते और यात्रियों पर असर की पूरी रिपोर्ट पढ़िए।

    कांवड़ यात्रा 2026: अगले 10 दिनों में देश के करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है असर

    सावन शुरू होते ही कांवड़ यात्रा 2026 ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की सड़क व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। हरिद्वार, गंगोत्री और गौमुख से गंगाजल लेने के लिए लाखों श्रद्धालु सड़कों पर उतर चुके हैं। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर ट्रैफिक प्रतिबंध लागू हो चुके हैं, हजारों पुलिसकर्मी तैनात हैं और कई शहरों में रूट डायवर्जन शुरू हो गया है।

    लेकिन यह खबर सिर्फ धार्मिक यात्रा की नहीं है। इसका सीधा असर उन करोड़ों लोगों पर पड़ने वाला है जो रोजाना ऑफिस, स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट के लिए इन्हीं रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।

    सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगले कुछ दिनों में ट्रैफिक, सुरक्षा और आम लोगों की जिंदगी पर इसका कितना असर पड़ सकता है।

    कांवड़ यात्रा शुरू होते ही दिल्ली से हरिद्वार तक बदली ट्रैफिक व्यवस्था

    कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 11 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रतिबंध लगाए गए हैं।

    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जीटी रोड के कई हिस्सों पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है, जबकि कुछ रास्तों को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित कर दिया गया है।

    इसके अलावा, दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग और गंगा नहर मार्ग पर 4 अगस्त से 12 अगस्त के बीच सामान्य वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

    प्रशासन ने लोगों को पहले से वैकल्पिक रास्ते तय करने की सलाह दी है।

    सिर्फ श्रद्धालु नहीं, इन करोड़ों लोगों पर भी पड़ेगा असर

    कांवड़ यात्रा का असर सिर्फ कांवड़ियों तक सीमित नहीं रहने वाला है। सबसे ज्यादा प्रभाव इन शहरों और इलाकों पर पड़ सकता है—

    • दिल्ली
    • नोएडा
    • गाजियाबाद
    • मेरठ
    • मुजफ्फरनगर
    • हरिद्वार
    • ऋषिकेश
    • देहरादून
    • बागपत
    • शामली

    इन शहरों से हर दिन लाखों लोग नौकरी, व्यापार और शिक्षा के लिए सफर करते हैं। ट्रैफिक डायवर्जन की वजह से कई जगहों पर यात्रा का समय बढ़ सकता है।

    किन लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हो सकती है?

    ऑफिस जाने वाले कर्मचारी

    सुबह 7 बजे से 11 बजे और शाम 5 बजे से 9 बजे तक सबसे ज्यादा दबाव रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।

    स्कूल और कॉलेज के छात्र

    कई स्कूल बसों और निजी वाहनों के रूट बदल सकते हैं। माता-पिता को सुबह निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देखना चाहिए।

    पर्यटक

    हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और मसूरी जाने वाले पर्यटकों को अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।

    ट्रक और मालवाहक वाहन चालक

    भारी वाहनों पर प्रतिबंध की वजह से कई ट्रकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

    रेलवे और बस यात्री

    रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर अतिरिक्त भीड़ देखने को मिल सकती है।

    दिल्ली पुलिस ने कांवड़ियों के लिए बनाए आठ विशेष रूट

    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कांवड़ियों की सुरक्षा और यात्रा को सुचारु बनाने के लिए आठ अलग-अलग रूट तय किए हैं।

    इसके साथ ही दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रैफिक और सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में ट्रैफिक दबाव और बढ़ सकता है।

    35 हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन और AI कैमरों से होगी निगरानी

    उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के लिए 35 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है।

    इसके अलावा—

    • ड्रोन कैमरे
    • हजारों CCTV कैमरे
    • AI निगरानी प्रणाली
    • ATS और STF टीमें
    • बम निरोधक दस्ते
    • इंटेलिजेंस यूनिट

    को भी अलर्ट पर रखा गया है।

    मुजफ्फरनगर और हरिद्वार जैसे संवेदनशील इलाकों में चौबीस घंटे निगरानी की जा रही है।

    हरिद्वार में बढ़ रही भीड़, प्रशासन ने शुरू की विशेष तैयारी

    हरिद्वार में कांवड़ यात्रा शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

    हर की पौड़ी, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई है और लगभग एक हजार अतिरिक्त सफाईकर्मियों को तैनात किया है।

    अधिकारियों का अनुमान है कि शिवरात्रि से पहले अंतिम तीन दिनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल सकती है।

    इस बार सोशल मीडिया और वीडियो मॉनिटरिंग पर भी खास नजर

    इस बार प्रशासन सिर्फ सड़कों की निगरानी नहीं कर रहा है, बल्कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल भी बनाई गई है।

    कांवड़ यात्रा से जुड़े वीडियो, ट्रैफिक अपडेट और अफवाहों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।

    यही वजह है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी वीडियो की पुष्टि किए बिना उसे साझा न करने की सलाह दी गई है।

    सरकार और प्रशासन ने क्या इंतजाम किए हैं?

    • 24 घंटे कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
    • अतिरिक्त बस सेवाएं शुरू की गई हैं।
    • मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस तैनात की गई हैं।
    • जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है।
    • पुलिस की बाइक पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है।
    • सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल बनाई गई है।
    • आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।

    अगले 10 दिन क्यों हैं सबसे महत्वपूर्ण?

    प्रशासन के अनुसार, अभी यात्रा की शुरुआत हुई है। सबसे ज्यादा भीड़ शिवरात्रि से पहले के अंतिम दिनों में देखने को मिल सकती है।

    4 अगस्त से 12 अगस्त के बीच ट्रैफिक दबाव अपने चरम पर पहुंच सकता है। ऐसे में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस लगातार लोगों से अपील कर रही है कि घर से निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें।

    घर से निकलने से पहले ये 7 काम जरूर करें

    • ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर देखें।
    • Google Maps पर वैकल्पिक रास्ता चेक करें।
    • अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
    • मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें।
    • रेलवे और बसों की स्थिति पहले से जांच लें।
    • जरूरी दस्तावेज साथ रखें।
    • आपातकालीन नंबर सेव रखें।

    Official Sources

  • दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टूरिस्ट बस पलटी, कई यात्री फंसे; राहगीरों ने शीशे तोड़कर बचाई जान

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टूरिस्ट बस पलटी, कई यात्री फंसे; राहगीरों ने शीशे तोड़कर बचाई जान

    हरियाणा के नूंह में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी टूरिस्ट बस पलट गई। कई लोग बस में फंस गए, जिन्हें राहगीरों ने शीशे तोड़कर बाहर निकाला।


    हरियाणा : नूंह जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी एक टूरिस्ट बस पलट गई। हादसे के बाद बस के दरवाजे जाम हो गए, जिससे कई यात्री अंदर फंस गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया।

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अचानक पलटी टूरिस्ट बस

    हरियाणा के नूंह (Nuh) जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यात्रियों से भरी एक टूरिस्ट बस अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना के बाद बस के मुख्य दरवाजे खुल नहीं सके, जिससे कई यात्री अंदर ही फंस गए।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद राहगीरे और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार राहत कार्य तेजी से चलाया गया और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना की विस्तृत जांच जारी है।

    delhi-mumbai-expressway-tourist-bus-accident-haryana-nuh-news.jpg
    हादसे की तस्वीर

    राहत कार्य में स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिका

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। चूंकि बस के दरवाजे जाम हो चुके थे, इसलिए अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे।

    ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों ने बिना समय गंवाए बस के शीशे तोड़े और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस और राहत दल भी मौके पर पहुंच गए।

    एक्सप्रेसवे पर लगा लंबा जाम

    हादसे के बाद दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दुर्घटनाग्रस्त बस को हटाने और यातायात सामान्य करने के लिए पुलिस तथा संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की। कुछ समय बाद ट्रैफिक को धीरे-धीरे सुचारु कराया गया।

    पुलिस क्या कह रही है?

    पुलिस के अनुसार दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हादसा चालक की लापरवाही, वाहन में तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ। अधिकारियों ने बताया कि घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

    मुख्य तथ्य

    बिंदुजानकारी
    घटनाटूरिस्ट बस पलटी
    स्थाननूंह, हरियाणा
    सड़कदिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
    स्थितिकई यात्री बस में फंसे
    बचावशीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला
    ट्रैफिकएक्सप्रेसवे पर जाम

    इस हादसे से क्या सीख मिलती है?

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के सबसे तेज रफ्तार राजमार्गों में शामिल है। ऐसे मार्गों पर वाहन चालकों के लिए निर्धारित गति सीमा का पालन करना, पर्याप्त आराम के बाद वाहन चलाना और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक माना जाता है। हाल के महीनों में भी इस एक्सप्रेसवे पर कई सड़क हादसे सामने आए हैं, जिनमें चालक की थकान और नियंत्रण खोना प्रमुख कारणों में शामिल रहे हैं।

    FAQ

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हादसा कहां हुआ?

    हरियाणा के नूंह जिले में।

    यात्रियों को कैसे बचाया गया?

    बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया।

    क्या हादसे के कारणों की पुष्टि हो गई है?

    नहीं। पुलिस जांच कर रही है।

    क्या ट्रैफिक प्रभावित हुआ?

    हां, कुछ समय तक लंबा जाम लगा रहा।

    क्या सभी यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार राहत दल और स्थानीय लोगों ने सभी फंसे यात्रियों को बाहर निकाल लिया।

  • NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak: मोबाइल में मिला बड़ा सीक्रेट!

    NEET Paper Leak मामले में CBI ने लातूर के RCC संचालक को गिरफ्तार किया। मोबाइल में पेपर मिलने से जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

    मुंबई: देशभर में चर्चा का विषय बने NEET UG Examination Paper Leak मामले में अब महाराष्ट्र का लातूर भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) ने लातूर के चर्चित ‘रेणुकाई करिअर सेंटर’ (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि लीक हुआ NEET पेपर सीधे उनके मोबाइल फोन में मिला था। इसी खुलासे के बाद पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

    NEET Paper Leak में कैसे हुआ बड़ा खुलासा?

    NEET Paper Leak

    CBI अधिकारियों के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर को 17 मई 2026 की शाम पुणे से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी NEET पेपर लीक करने वाले संगठित नेटवर्क का सक्रिय हिस्सा था।

    जांच में जो बातें सामने आईं, वे बेहद गंभीर मानी जा रही हैं:

    • परीक्षा से पहले ही प्रश्न और उत्तर हासिल किए गए
    • 23 अप्रैल 2026 को पेपर आरोपी तक पहुंच चुका था
    • मोबाइल फोन में लीक प्रश्नों के डिजिटल सबूत मिले
    • परीक्षा के बाद डेटा डिलीट करने की कोशिश की गई
    • लाभार्थी छात्रों के नाम बताने से आरोपी ने कथित तौर पर बचने की कोशिश की

    मोबाइल फोन बना जांच का सबसे बड़ा सबूत

    CBI ने 14 मई को लातूर स्थित आरोपी के घर पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में NEET UG परीक्षा के प्रश्न और संबंधित सामग्री बरामद हुई।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि डिजिटल ट्रेल इस पूरे नेटवर्क की सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकती है। फिलहाल मोबाइल डेटा रिकवरी और चैट हिस्ट्री की जांच जारी है।

    कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?

    शिवराज रघुनाथ मोटेगावकर लातूर के शिक्षा क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम माने जाते हैं। वे Renukai Career Center (RCC) से जुड़े हुए थे।

    लातूर लंबे समय से मेडिकल और इंजीनियरिंग कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है। ऐसे में इस मामले ने राज्य के कोचिंग सेक्टर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

    CBI ने आरोपी पर कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें शामिल हैं:

    • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
    • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act)
    • सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024

    जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पर:

    • धोखाधड़ी
    • आपराधिक साजिश
    • राष्ट्रीय परीक्षा में गड़बड़ी

    जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

    क्या छात्रों तक पहुंचा था लीक पेपर?

    CBI को शक है कि लीक प्रश्न कई छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचाए गए थे। हालांकि अब तक लाभार्थियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

    सूत्रों के अनुसार एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

    • कितने छात्रों तक पेपर पहुंचा
    • इसके बदले कितने पैसे लिए गए
    • क्या दूसरे राज्यों तक भी नेटवर्क फैला था

    Maharashtra Coaching Network भी जांच के दायरे में

    इस मामले के बाद महाराष्ट्र के कई निजी कोचिंग नेटवर्क भी जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं। विशेष रूप से मेडिकल एंट्रेंस कोचिंग से जुड़े संस्थानों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

    मुंबई और पुणे में भी कुछ डिजिटल कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं।

    छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता

    NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है। ऐसे में पेपर लीक की खबर ने लाखों छात्रों और अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है।

    सोशल मीडिया पर कई लोग परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं।


    FAQ

    Q1. NEET Paper Leak मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?

    CBI ने लातूर के RCC संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है।

    Q2. जांच में सबसे बड़ा सबूत क्या मिला?

    आरोपी के मोबाइल फोन में कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र से जुड़े डिजिटल सबूत मिले।

    Q3. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?

    उन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया।

    Q4. क्या छात्रों को भी पेपर पहुंचाया गया था?

    CBI को संदेह है कि पेपर कई छात्रों तक पहुंचाया गया था, जांच जारी है।

    Q5. इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

    पूरे मामले की जांच CBI कर रही है।


    NEET Paper Leak मामले में लातूर कनेक्शन सामने आने के बाद जांच अब और गंभीर हो गई है। मोबाइल फोन से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच एजेंसियों को बड़ा आधार दिया है। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल देशभर के छात्र और अभिभावक इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।

    Official / Relevant Links

  • Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Gas Crisis के बीच बड़ा फैसला: अब घरों के लिए Kerosene मिलेगा, मोदी सरकार का ऐलान

    Iran crisis और global oil supply impact के बीच Modi Government ने घरेलू इस्तेमाल के लिए kerosene supply बढ़ाने का फैसला लिया। जानिए कौन-कौन से राज्यों में मिलेगा फायदा।

    नई दिल्ली: दुनिया में बढ़ते Energy Crisis और ईरान से जुड़े तनाव के बीच नरेंद्र मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है।

    मुंबई स्टाइल में बोले तो – “अब गैस की टेंशन थोड़ी कम होने वाली है भाई!”

    रविवार को केंद्र सरकार ने ऐलान किया कि घरेलू जरूरतों के लिए kerosene distribution rules में ढील दी जाएगी, ताकि लोगों को खाना बनाने और रोशनी के लिए परेशानी न हो।

    Middle East Crisis का सीधा असर

    मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान संकट के चलते global oil supply पर असर साफ दिख रहा है।

    सप्लाई चेन डिस्टर्ब
    fuel prices में उतार-चढ़ाव
    LPG availability पर दबाव

    इसी को ध्यान में रखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने kerosene supply बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है।

    क्या है सरकार का नया फैसला?

    सरकार ने पेट्रोलियम से जुड़े safety और licensing rules में temporary relaxation दिया है।

    इसका मकसद:

    • आम लोगों को तुरंत राहत
    • fuel shortage से बचाव
    • rural और गरीब इलाकों में energy access बढ़ाना

    इन 21 राज्यों/UTs में मिलेगा फायदा

    सरकार ने साफ किया है कि यह सुविधा देश के 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी:

    • दिल्ली (NCT)
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • पंजाब
    • दादरा और नगर हवेली और दमन-दीव
    • पुडुचेरी
    • आंध्र प्रदेश
    • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
    • राजस्थान
    • उत्तर प्रदेश
    • गोवा
    • गुजरात
    • उत्तराखंड
    • लक्षद्वीप
    • जम्मू-कश्मीर
    • लद्दाख
    • तेलंगाना
    • हिमाचल प्रदेश
    • नागालैंड
    • मध्य प्रदेश
    • सिक्किम

    👉 यानी देश के बड़े हिस्से में अब kerosene आसानी से उपलब्ध होगा।

    Petrol Pump से भी मिलेगा Kerosene

    नई व्यवस्था के तहत अब:
    सरकारी तेल कंपनियां (Oil PSUs)
    Petrol Pumps और retail outlets

    के जरिए भी kerosene बेच सकेंगी।

    यह सुविधा अगले 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    इससे फायदा:

    • लंबी लाइन से छुटकारा
    • पास के पंप से ही kerosene मिलेगा
    • supply shortage कम होगी

    डीलर कितना स्टॉक रख सकेंगे?

    सरकार ने dealers को भी राहत दी है:

    हर retail unit पर
    2500 लीटर तक kerosene stock रखने की अनुमति

    इससे:

    • supply chain मजबूत होगी
    • emergency में तुरंत availability मिलेगी

    कानून में क्या प्रावधान है?

    यह फैसला पेट्रोलियम अधिनियम 1934 और 2002 के नियमों के तहत लिया गया है।

    इन कानूनों में सरकार को special situations में
    rules relax करने का अधिकार होता है

    और अभी के global crisis को देखते हुए इसी power का इस्तेमाल किया गया है।

    आम जनता को क्या फायदा?

    इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत मिलेगी:

    गरीब परिवार
    ग्रामीण इलाके
    जहां LPG पहुंच कम है

    अब वे:

    • kerosene से खाना बना सकेंगे
    • lighting की जरूरत पूरी कर सकेंगे
    • LPG price hike से बच पाएंगे

    Related Links (जानकारी के लिए)

    • Ministry of Petroleum Official Updates
    • Energy Crisis Global News
    • LPG vs Kerosene Usage Guide

    (लेटेस्ट अपडेट के लिए PIB India, Indian Oil, BPCL जैसी आधिकारिक साइट्स देखें)


    FAQ

    Q1. क्या अब हर जगह kerosene मिलेगा?
    नहीं, फिलहाल 21 राज्यों और UTs में ही यह सुविधा लागू होगी।

    Q2. क्या petrol pump पर kerosene मिलेगा?
    हां, अब petrol pumps और retail outlets पर भी मिलेगा।

    Q3. यह सुविधा कितने समय के लिए है?
    अभी के लिए 60 दिनों तक लागू रहेगी।

    Q4. एक डीलर कितना kerosene स्टॉक कर सकता है?
    अधिकतम 2500 लीटर।

  • IPL 2026: आज से शुरू, RCB vs SRH ओपनर, पूरा शेड्यूल और डिटेल्स एक क्लिक में

    IPL 2026: आज से शुरू, RCB vs SRH ओपनर, पूरा शेड्यूल और डिटेल्स एक क्लिक में

    IPL 2026 Full Guide in Hindi – Schedule, Teams, Squads, Venues, Match Timings, Tickets, Live Streaming, TV Channels, Format, Groups & More. Complete IPL 2026 details.

    मुंबई: अरे भाई, क्रिकेट का सबसे बड़ा त्योहार फिर से आ गया! IPL 2026 आज 28 मार्च से बेंगलुरु के M Chinnaswamy Stadium में शुरू हो रहा है। पहला मुकाबला defending champion RCB vs SRH के बीच रात 7:30 बजे खेला जाएगा। इस बार पूरा सीजन 31 मई तक चलेगा और कुल 74 मैच खेले जाएंगे।

    ipl-trophy

    IPL 2026 Dates & Schedule Overview

    • Start Date: 28 March 2026
    • Final: 31 May 2026 (Bengaluru)
    • Total Matches: 74
    • League Matches: 70 (28 मार्च – 24 मई)
    • Playoffs: Qualifier 1, Eliminator, Qualifier 2, Final (dates pending)

    Match Timing (India Time)

    • Afternoon Match: 3:30 PM IST
    • Evening Match: 7:30 PM IST

    IPL 2026 Tickets कैसे खरीदें?

    टिकट लेने के लिए ये प्लेटफॉर्म यूज कर सकते हो:

    • BookMyShow
    • District by Zomato
    • Team Official Websites & Apps

    Tip: मुंबई में Wankhede मैच के टिकट जल्दी sold out हो जाते हैं, जल्दी बुक करो!

    IPL 2026 Format – कैसे चलेगा टूर्नामेंट

    • 10 टीम्स, हर टीम 14 मैच खेलेगी
    • Top 4 टीम्स playoffs में जाएंगी
    • Top 2 → Qualifier 1
    • 3rd vs 4th → Eliminator
    • Winner Eliminator vs Loser Q1 → Qualifier 2
    • Winner Q2 → Final

    IPL 2026 Groups (नया ट्विस्ट)

    Group A:
    CSK, KKR, RR, RCB, Punjab Kings

    Group B:
    MI, SRH, GT, DC, LSG

    इस बार same group एक बार और दूसरे group दो बार भिड़ेंगे – नया format!

    IPL 2026 Venues (13 Stadiums)

    • Mumbai – Wankhede Stadium
    • Delhi – Arun Jaitley Stadium
    • Ahmedabad – Narendra Modi Stadium
    • Chennai – Chepauk
    • Bengaluru – Chinnaswamy
    • Kolkata – Eden Gardens
    • Hyderabad – Uppal Stadium
    • Jaipur, Lucknow, Guwahati, Dharamsala, Raipur, Chandigarh

    Live TV & Streaming Details

    • TV Broadcast: Star Sports Network (12 languages)
    • Live Streaming: JioHotstar

    Hindi, English, Marathi, Tamil, Telugu सहित 12 भाषाओं में commentary उपलब्ध।

    Top Teams & Squads Highlights

    हर टीम में इस बार बड़े बदलाव और स्टार प्लेयर्स शामिल:

    • Mumbai Indians: Hardik Pandya, Rohit Sharma, Bumrah
    • CSK: Dhoni, Ruturaj Gaikwad, Jadeja
    • RCB: Virat Kohli, Rajat Patidar
    • KKR: Ajinkya Rahane, Narine
    • SRH: Pat Cummins, Ishan Kishan
    • LSG: Rishabh Pant, KL Rahul
    • GT: Shubman Gill, Rashid Khan

    पूरी squads ऊपर दी गई हैं – कोई भी खिलाड़ी miss नहीं!

    IPL 2026 Full Schedule Highlights (Top Matches)

    • 28 March – RCB vs SRH
    • 29 March – MI vs KKR
    • 30 March – RR vs CSK
    • 5 April – RCB vs CSK
    • 23 April – MI vs CSK (El Clasico)
    • 10 May – RCB vs MI
    • 24 May – Last League Matches

    Total 70 league matches – पूरा schedule ऊपर दिया गया है।

    IPL History – Champions List

    • 2025 – RCB
    • 2024 – KKR
    • 2023 – CSK
    • 2022 – GT

    Most Titles:

    • CSK – 5
    • MI – 5
    • KKR – 3

    Useful Links


    FAQ – IPL 2026

    Q1. IPL 2026 कब शुरू हो रहा है?
    28 मार्च 2026 से

    Q2. IPL 2026 Final कब है?
    31 मई 2026

    Q3. IPL 2026 कहाँ देखें लाइव?
    Star Sports (TV) और JioHotstar (Online)

    Q4. कुल कितने मैच होंगे?
    74 मैच

    Q5. मुंबई में मैच कहाँ होंगे?
    Wankhede Stadium

  • 2016 Encounter Case: मुंबई कोर्ट ने हरियाणा के 5 पुलिसकर्मियों समेत 7 आरोपियों को किया बरी

    2016 Encounter Case: मुंबई कोर्ट ने हरियाणा के 5 पुलिसकर्मियों समेत 7 आरोपियों को किया बरी

    Mumbai Court Verdict: 2016 Sandeep Gadoli Encounter Case में 5 Haryana Cops और 2 अन्य आरोपी बरी। Andheri East होटल एनकाउंटर केस में बड़ा फैसला।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर से एक बड़ा Encounter Case Verdict सामने आया है। साल 2016 के चर्चित Sandeep Gadoli Encounter Case में कोर्ट ने हरियाणा पुलिस के 5 कर्मियों समेत कुल 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। यह मामला मुंबई के अंधेरी ईस्ट के एक होटल में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर से जुड़ा था।

    Sandeep-Gadoli-Encounter-Case
    संदीप गदोली की फाइल तस्वीर

    कोर्ट का बड़ा फैसला

    मुंबई की सेशन कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत काले ने सभी आरोपियों को Section 302 (murder) समेत अन्य धाराओं से बरी कर दिया।
    कोर्ट ने सबूतों के आधार पर आरोप साबित न होने पर यह फैसला सुनाया। हालांकि विस्तृत आदेश अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।

    क्या था पूरा मामला

    यह घटना 7 फरवरी 2016 की है, जब गुरुग्राम पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने गैंगस्टर संदीप गडोली को अंधेरी ईस्ट के एक होटल में मुठभेड़ में मार गिराया।
    गडोली पर ₹1 लाख का इनाम था और उसके खिलाफ 1999 से अब तक 40 से ज्यादा FIR दर्ज थीं।

    किन-किन पर थे आरोप

    इस मामले में पुलिस ने कुल 8 लोगों को आरोपी बनाया था, जिनमें:

    • 5 हरियाणा पुलिसकर्मी
    • गडोली की कथित गर्लफ्रेंड दिव्या पाहुजा
    • उनकी मां
    • गैंगस्टर का राइवल वीरेंद्र गुज्जर

    शामिल थे।

    आरोपी पुलिसकर्मियों में

    • प्रद्युमन यादव (तत्कालीन सब-इंस्पेक्टर)
    • विक्रम सिंह
    • जितेंद्र यादव
    • दीपक काकरान
    • परमजीत अहलावत

    के नाम शामिल थे।

    साजिश का आरोप क्या था

    प्रोसिक्यूशन के मुताबिक, गैंगस्टर वीरेंद्र गुज्जर की गडोली से पुरानी दुश्मनी थी।
    आरोप था कि उसने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर गडोली को जाल में फंसाया।

    बताया गया कि दिव्या पाहुजा के जरिए गडोली को होटल में बुलाया गया और फिर उसे फर्जी एनकाउंटर में मार दिया गया।

    कैसे किया गया एनकाउंटर

    प्रोसिक्यूशन ने दावा किया कि आरोपियों ने होटल में illegal firearms का इस्तेमाल कर गडोली को गोली मारी और बाद में खुद को बचाने के लिए झूठे सबूत पेश किए।

    सबूत और गवाह

    इस केस में प्रोसिक्यूशन ने

    • 43 गवाह
    • CCTV फुटेज
    • कॉल रिकॉर्ड
    • बैलिस्टिक रिपोर्ट

    जैसे मजबूत तकनीकी सबूत कोर्ट के सामने पेश किए थे, ताकि यह साबित किया जा सके कि यह एक planned conspiracy murder था।

    दिव्या पाहुजा केस का अपडेट

    इस केस की अहम कड़ी मानी जा रही दिव्या पाहुजा की 2024 में हरियाणा के एक होटल में हत्या हो गई थी।
    वह उस समय जमानत पर बाहर थीं। उनकी मौत के बाद उनके खिलाफ केस स्वतः समाप्त (abated) हो गया।

    बचाव पक्ष का क्या कहना था

    आरोपियों के वकील विलास नाइक और विग्नेश अय्यर ने कोर्ट में कहा कि
    यह पूरा मामला “false and malicious allegations” पर आधारित है।

    डिफेंस के मुताबिक, यह केस गडोली के परिवार के दबाव में दर्ज कराया गया था, जिन पर खुद extortion और murder जैसे गंभीर केस चल रहे हैं।

    Related Links


    FAQ

    Q1. संदीप गडोली कौन था?
    वह एक कुख्यात गैंगस्टर था, जिस पर ₹1 लाख का इनाम था और 40 से ज्यादा केस दर्ज थे।

    Q2. यह एनकाउंटर कब हुआ था?
    7 फरवरी 2016 को अंधेरी ईस्ट के एक होटल में।

    Q3. कोर्ट ने आरोपियों को क्यों बरी किया?
    सबूतों के आधार पर आरोप साबित नहीं हो सके।

    Q4. दिव्या पाहुजा का क्या हुआ?
    2024 में हरियाणा के एक होटल में उनकी हत्या हो गई थी।

  • Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    Petrol-Diesel Panic? कंपनियों ने कहा – कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें

    India में petrol diesel shortage की अफवाहों पर IOC, BPCL और HPCL का बड़ा बयान। Fuel supply पूरी तरह stable, panic buying से बचने की अपील। जानिए latest fuel price और पूरा अपडेट।

    नई दिल्ली: भारत में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर चल रही अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान जारी किया है। Indian Oil Corporation (IOC), Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited ने साफ कहा है कि देश में fuel shortage जैसी कोई स्थिति नहीं है।

    कंपनियों ने अफवाहों को बताया गलत

    IOC ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही खबरें “भ्रामक” हैं और इससे लोगों में बेवजह चिंता पैदा हो रही है। BPCL ने इन रिपोर्ट्स को “completely unfounded” बताया और कहा कि भारत के पास petrol, diesel, crude oil और ATF का पर्याप्त स्टॉक है। HPCL ने भी कहा कि petrol, diesel और LPG की सप्लाई पूरी तरह stable है।

    West Asia तनाव के बीच भी सप्लाई मजबूत

    यह बयान ऐसे समय आया है जब West Asia में युद्ध चौथे हफ्ते में है और Strait of Hormuz से गुजरने वाले oil tankers की आवाजाही सीमित हो गई है। इसके बावजूद भारत में fuel supply पर कोई असर नहीं पड़ा है।

    Panic Buying से बचने की अपील

    तेल कंपनियों ने लोगों से खास अपील की है कि वे panic buying न करें। कंपनियों के मुताबिक, ऐसी अफवाहें सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं और अनावश्यक दबाव बना सकती हैं।

    Fuel Prices में नहीं हुआ बड़ा बदलाव

    26 मार्च के हिसाब से:

    • दिल्ली: Petrol ₹94.77 / Diesel ₹87.67
    • मुंबई: Petrol ₹103.50 / Diesel ₹90.03

    Regular petrol और diesel की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    हालांकि, पिछले हफ्ते premium petrol की कीमत करीब ₹2 प्रति लीटर और industrial diesel की कीमत ₹22 प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।

    Premium Fuel का असर बहुत कम

    कंपनियों के अनुसार premium petrol का इस्तेमाल कुल उपभोक्ताओं के 5% से भी कम लोग करते हैं, इसलिए इसका आम जनता पर ज्यादा असर नहीं पड़ता।

    Diversified Sourcing से मजबूत सप्लाई

    भारत 40 से ज्यादा देशों से crude oil खरीदता है, जिसमें Russia और Iran जैसे देश भी शामिल हैं। इसी diversified sourcing की वजह से supply stable बनी हुई है और कीमतों को नियंत्रित रखा जा सका है।

    सरकारी जानकारी और अपडेट


    FAQ

    Q1. क्या भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी है?
    नहीं, तेल कंपनियों ने साफ किया है कि कोई shortage नहीं है।

    Q2. क्या fuel prices बढ़ने वाले हैं?
    अभी regular petrol और diesel की कीमतें स्थिर हैं।

    Q3. Panic buying क्यों नहीं करनी चाहिए?
    इससे supply chain पर दबाव पड़ता है और artificial shortage बन सकता है।

    Q4. West Asia war का भारत पर असर पड़ेगा?
    अभी तक भारत की diversified sourcing के कारण कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।

  • Mumbai Crime: तली हुई मछली के शक में दोस्त की हत्या, बाद में पता चला चूहों ने खाई थी मछली

    Mumbai Crime: तली हुई मछली के शक में दोस्त की हत्या, बाद में पता चला चूहों ने खाई थी मछली

    Mumbai Murder Case: Goregaon में तली हुई मछली गायब होने के शक में दो दोस्तों ने 35 वर्षीय Afser की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में पता चला कि मछली इंसान नहीं बल्कि चूहों ने खा ली थी। Vanrai Police ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    मुंबई: Goregaon इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला और दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां तली हुई मछली गायब होने के शक में दो दोस्तों ने अपने ही साथी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। बाद में जांच में पता चला कि जिस मछली को लेकर विवाद हुआ था, उसे किसी इंसान ने नहीं बल्कि चूहों ने खा लिया था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगों को हैरान कर दिया है।

    24 फरवरी की रात हुई यह खौफनाक घटना

    पुलिस के अनुसार यह घटना 24 फरवरी को Goregaon, Mumbai में हुई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय अफसर (Afser) के रूप में हुई है।9

    उस दिन अफसर अपने दो दोस्तों सुरेश और राजेश रामेशनाथ उर्फ “Nepali” के साथ अपने फ्लैट में बैठा हुआ था। तीनों ने मिलकर मछली पकाई और शराब पीते हुए समय बिताया। खाना तैयार होने के बाद तीनों वहीं बैठते-बैठते सो गए।

    रात में रसोई में पहुंच गए चूहे

    जब तीनों दोस्त सो रहे थे, उसी दौरान रसोई में रखी तली हुई मछली को चूहों ने खा लिया।

    सुबह जब सुरेश और राजेश की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि पैन का बर्तन पूरी तरह खाली है। उन्हें लगा कि अफसर ने रात में उठकर सारी मछली खा ली है।

    मछली को लेकर शुरू हुआ विवाद

    मछली गायब होने की बात पर तीनों के बीच बहस शुरू हो गई। शुरुआत में यह सिर्फ कहासुनी थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला गंभीर हो गया।

    दोनों दोस्तों को शक था कि अफसर ने अकेले ही सारी मछली खा ली, जिस वजह से उनका गुस्सा बढ़ता गया।

    लात-घूंसों से हमला, फिर पत्थर से सिर कुचल दिया

    पुलिस के अनुसार बहस के दौरान सुरेश और राजेश ने अफसर को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया।

    मारपीट इतनी ज्यादा हो गई कि आरोपियों ने लात-घूंसों से हमला करने के बाद पत्थर से उसका सिर कुचल दिया। इस हमले में अफसर की मौके पर ही मौत हो गई।

    हत्या के बाद हरियाणा भाग गए आरोपी

    हत्या करने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और हरियाणा की तरफ भाग गए।

    इसके बाद मुंबई के Vanrai Police Station में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू कर दी।

    बिना मोबाइल और पहचान के आरोपियों को पकड़ना था मुश्किल

    पुलिस के लिए यह केस काफी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि आरोपियों के पास न मोबाइल फोन था और न कोई पहचान पत्र।

    जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में रहने वाले करीब 50 कबाड़ बीनने वालों (scrap collectors) से पूछताछ की। इसी पूछताछ से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    ऐसे पकड़े गए दोनों आरोपी

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुरेश को हरियाणा के कैथल (Kaithal) से गिरफ्तार किया।

    वहीं दूसरा आरोपी राजेश रामेशनाथ उर्फ “Nepali” को मालाड़ के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

    तीनों करते थे कबाड़ का काम

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अफसर, सुरेश और राजेश तीनों कबाड़ (scrap collection) का काम करते थे और अक्सर साथ में रहते थे।

    जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी राजेश का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।

    आरोपी पर पहले भी गंभीर केस दर्ज

    पुलिस के अनुसार राजेश पर पहले भी हत्या और रंगदारी (extortion) जैसे गंभीर मामलों में शामिल होने के आरोप लग चुके हैं।

    फिलहाल पुलिस ने अफसर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    छोटी गलतफहमी का बड़ा अंजाम

    मुंबई का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि शक और गुस्सा इंसान को कितना खतरनाक बना सकता है।

    अगर उस समय थोड़ी समझदारी दिखाई जाती, तो शायद आज अफसर जिंदा होता। एक मामूली गलतफहमी ने एक इंसान की जिंदगी खत्म कर दी।


    FAQ (Frequently Asked Questions)

    Q1. Goregaon murder case में मृतक कौन था?
    मृतक की पहचान 35 वर्षीय अफसर (Afser) के रूप में हुई है।

    Q2. हत्या की वजह क्या थी?
    आरोपियों को शक था कि अफसर ने सारी तली हुई मछली खा ली, जबकि बाद में पता चला कि मछली चूहों ने खाई थी।

    Q3. इस मामले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
    इस केस में दो आरोपी — सुरेश और राजेश रामेशनाथ उर्फ Nepali गिरफ्तार हुए हैं।

    Q4. आरोपियों को कहां से पकड़ा गया?
    सुरेश को हरियाणा के कैथल से और राजेश को एक रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया।

    Q5. केस की जांच कौन कर रहा है?
    इस मामले की जांच Vanrai Police, Mumbai कर रही है।