वसई की अन्नपूर्णा गैस एजेंसी में OTP के कथित दुरुपयोग और फर्जी डिलीवरी की जांच। छह लोगों पर केस, स्टॉक और बुकिंग रिकॉर्ड की पड़ताल जारी।
मुंबई: मुंबई से सटे पालघर जिले के वसई में गैस सिलेंडर की कथित हेराफेरी के मामले में अन्नपूर्णा गैस एजेंसी के मालिक, प्रबंधक और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के बिक्री प्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। ग्राहकों के OTP का कथित दुरुपयोग कर फर्जी डिलीवरी दिखाने और गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी किए जाने के आरोपों की जांच जारी है। मामले में एजेंसी के पिछले छह महीने के स्टॉक, बुकिंग और डिलीवरी रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है।
इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब वसई न्यायालय के तीसरे संयुक्त दीवानी न्यायाधीश (कनिष्ठ स्तर) यश काने को बिना गैस सिलेंडर बुक किए ही बुकिंग का मैसेज मिला। इसके बाद उन्होंने आपूर्ति विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
बिना बुकिंग के आया गैस सिलेंडर का मैसेज
28 सितंबर 2026 को न्यायाधीश यश काने के मोबाइल पर LPG सिलेंडर बुक होने का संदेश आया था, जबकि उन्होंने कोई बुकिंग नहीं की थी। इस संदिग्ध मैसेज के बाद उन्होंने वसई के आपूर्ति विभाग को इसकी जानकारी दी।
शिकायत मिलने के बाद आपूर्ति निरीक्षक भागवत सोनार और जिला स्तरीय जांच दल ने वसई स्थित अन्नपूर्णा गैस एजेंसी पर छापा मारकर रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच में ग्राहकों की बुकिंग और वास्तविक डिलीवरी के बीच संभावित गड़बड़ी की पड़ताल की जा रही है।
एजेंसी के रिकॉर्ड में मिलीं अनियमितताएं
जांच के दौरान एजेंसी में डिलीवरी कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका में उनके नामों का रिकॉर्ड नहीं मिला। वहीं, स्टॉक रजिस्टर में पेंसिल से प्रविष्टियां की गई थीं, जिन्हें बाद में बदले जाने की आशंका हो सकती है। दस्तावेजों के संबंध में पूछे जाने पर एजेंसी प्रबंधन की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इन अनियमितताओं के आधार पर जांच दल एजेंसी के कामकाज और गैस सिलेंडरों की आवक-जावक का मिलान कर रहा है। हालांकि, रिकॉर्ड में मिली गड़बड़ियों से अपने आप यह साबित नहीं होता कि सभी संबंधित लोगों ने अपराध किया है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।
छह महीने के स्टॉक और डिलीवरी रिकॉर्ड की जांच
आपूर्ति निरीक्षक भागवत सोनार के अनुसार, एजेंसी के पिछले छह महीने के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसमें स्टॉक रजिस्टर, सिलेंडरों की आवक-जावक, ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग तथा ग्राहकों को की गई डिलीवरी का विवरण शामिल है।
जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कितने मामलों में बुकिंग और डिलीवरी के रिकॉर्ड में अंतर था, कितने ग्राहक प्रभावित हुए और कथित कालाबाजारी किस स्तर तक हुई। फिलहाल प्रभावित ग्राहकों की कुल संख्या और कथित रूप से हेराफेरी किए गए सिलेंडरों की मात्रा स्पष्ट नहीं है।
मामले में एजेंसी के मालिक, प्रबंधक और HPCL के बिक्री प्रबंधक समेत छह लोगों के खिलाफ वसई पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ दर्ज धाराओं, गिरफ्तारी और पुलिस की आगे की कार्रवाई की जानकारी अभी प्राप्त होना बाकी है।
ग्राहकों के OTP का दुरुपयोग कैसे हो सकता है?
LPG डिलीवरी में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का इस्तेमाल ग्राहक तक सिलेंडर पहुंचने की पुष्टि के लिए किया जाता है। सामान्य प्रक्रिया में ग्राहक कोड डिलीवरी के समय साझा करता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य डिलीवरी रिकॉर्ड को सत्यापित करना है।
यदि किसी मामले में बिना वास्तविक डिलीवरी के रिकॉर्ड दर्ज किया गया हो या कोड का गलत इस्तेमाल हुआ हो, तो बुकिंग विवरण, कैश मेमो, DAC रिकॉर्ड और वास्तविक डिलीवरी के बीच मिलान जांच का अहम हिस्सा बन सकता है। हालांकि, वसई मामले में OTP हासिल करने या उसका कथित दुरुपयोग करने का सटीक तरीका अभी स्पष्ट नहीं है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपने गैस सिलेंडर बुक नहीं किया है, लेकिन बुकिंग या डिलीवरी का मैसेज आया है, तो उसे नजरअंदाज न करें। मैसेज का स्क्रीनशॉट और समय सुरक्षित रखें तथा अपनी गैस एजेंसी और संबंधित कंपनी के आधिकारिक ग्राहक सहायता माध्यम से बुकिंग की स्थिति जांचें।
बिना सिलेंडर मिले किसी को भी डिलीवरी OTP या DAC न बताएं। HP Gas के ग्राहक अपनी शिकायत के लिए आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं। यदि मामले में बैंक खाते से पैसे निकलने जैसी वित्तीय साइबर धोखाधड़ी भी हुई है, तो 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
वसई के इस मामले में अब जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि कितने ग्राहकों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिली, कथित कालाबाजारी का वास्तविक पैमाना क्या था और संबंधित लोगों की भूमिका क्या रही। आपूर्ति विभाग की रिकॉर्ड जांच और पुलिस की कार्रवाई से इन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
