टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में तीन मुख्य आरोपी 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में हैं। वहीं कुल 8 गिरफ्तारी, हथियारों की बरामदगी, अतिरिक्त गिरफ्तारियों और कथित गैंग कनेक्शन की जांच जारी है।
मुंबई: अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। तीन मुख्य आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है, जबकि कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े चार अन्य लोगों और एक अतिरिक्त संदिग्ध की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब हथियारों की बरामदगी, हमले के मकसद और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन की जांच कर रही है।
आठ गिरफ्तारियां, हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच
18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर फिरदौस और राहगीर उमेश चव्हाण घायल हुए थे। हमलावर कथित तौर पर बाइक से फरार हो गए थे।
इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों की पहचान फुलसिंह नरेश, रेहान रशीदुद्दीन अंसारी और हृतिक कुमार उर्फ रोशन महतो के रूप में की गई है। बाद की जानकारी में इनके नाम फुल सिंह, रेहान उर्फ सुक्का और रितिक कुर्मी उर्फ रोशन भी बताए गए हैं।

मुंबई पुलिस ने तीनों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ा था। 21 अक्टूबर को मुंबई लाए जाने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने साजिश, हमले के मकसद और हथियारों की बरामदगी के लिए 14 दिन की हिरासत मांगी थी। अदालत ने तीनों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बचाव पक्ष ने लंबी पुलिस हिरासत का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपियों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।
दिल्ली और हरियाणा से चार गिरफ्तारियां, एक अन्य संदिग्ध भी पकड़ा गया
जांच के दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) के रूप में हुई है। कुणाल और सुमित हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि राधा और बबीता उत्तर प्रदेश की निवासी हैं।

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कुणाल ने कथित तौर पर अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस जुटाए थे। सुमित पर उसके साथ जाने का आरोप है, जबकि राधा और बबीता पर हथियार मुंबई पहुंचाने का संदेह है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हथियार किस माध्यम से शूटर्स तक पहुंचे और इस पूरी व्यवस्था को किसने निर्देशित किया।
21 अक्टूबर को हरियाणा के सोनीपत जिले के बरोदा गांव से अंकित नाम के एक अन्य संदिग्ध की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई। उसे मामले की साजिश में शामिल होने के संदेह में पकड़े जाने की बात कही गई है।
इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में कुल आठ गिरफ्तारियों की जानकारी सामने आई है। हालांकि, सभी आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी, संबंधित FIR और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से ही हो पाएगा।
कैब ड्राइवर के फोन कॉल से कोटा तक पहुंची पुलिस
मुंबई क्राइम ब्रांच ने 18 अक्टूबर की फायरिंग के बाद करीब 20 टीमें बनाकर जांच शुरू की थी। घटनास्थल और संभावित भागने के रास्तों के आसपास लगे 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
जांच के दौरान पुलिस को एक पीली पल्सर बाइक का सुराग मिला, जिसका इस्तेमाल हमलावरों के फरार होने में किए जाने का आरोप है। बाइक के मालिक से मिले मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों की पड़ताल की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अंधेरी से लोकल ट्रेन के जरिए बोरीवली पहुंचे और वहां से कैब लेकर सूरत गए। कैब ड्राइवर ने बुकिंग में इस्तेमाल किए गए नंबर पर फोन किया, जिससे जांचकर्ताओं को आरोपियों तक पहुंचने का अहम सुराग मिला। ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि उसने तीन यात्रियों को सूरत रेलवे स्टेशन पर छोड़ा था।
इसके बाद ट्रेन के शेड्यूल, आरक्षण और दूसरी यात्रा संबंधी जानकारियों की मदद से पुलिस ने पता लगाया कि आरोपी पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हुए थे। मुंबई पुलिस ने राजस्थान पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कोटा रेलवे स्टेशन पर तीनों को पकड़ लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए यात्रा के साधन और रास्ते बदलने की कोशिश की थी। पुलिस अब उनके कथित फरार होने के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
हथियारों की बरामदगी अब भी बड़ी चुनौती
21 अक्टूबर को अदालत में पुलिस ने बताया कि फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार अभी बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस ने यह भी दावा किया कि आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन नष्ट कर दिए थे।
हथियारों की सप्लाई से जुड़े संदिग्धों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस को कथित तौर पर इस्तेमाल की गई पिस्तौल और कारतूसों की बरामदगी करनी है। इसके साथ ही जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, डिजिटल बातचीत, वित्तीय लेनदेन और आरोपियों के बीच संपर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
फायरिंग में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक कथित तौर पर हृतिक कुमार उर्फ रोशन महतो ने खरीदी थी। पुलिस के अनुसार, बाइक पहले कई लोगों के हाथों से गुजर चुकी थी और उसका रजिस्ट्रेशन महतो के नाम पर ट्रांसफर नहीं हुआ था। वह रैपिडो राइडर के तौर पर काम करता था।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बाइक किसने उपलब्ध कराई, हथियार कहां रखे गए थे और फायरिंग के बाद आरोपियों को भागने में किसने मदद की।
अनिल पंडित और बिश्नोई गैंग कनेक्शन की जांच
क्राइम ब्रांच अनिल पंडित की कथित भूमिका की जांच कर रही है, जिसे जांचकर्ताओं ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा ऑपरेटिव बताया है।
फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो संदेश और फेसबुक पोस्ट के जरिए घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पुलिस इन संदेशों की प्रामाणिकता और उन्हें प्रकाशित करने वाले लोगों की पहचान की जांच कर रही है।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि रेहान का अनिल पंडित से Signal और Telegram के जरिए संपर्क था। हृतिक कुमार उर्फ रोशन महतो पर पंडित के संपर्क में रहने और कथित शूटर्स के लिए ठहरने, खाने तथा बाइक की व्यवस्था करने का आरोप है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले से पहले टाइगर श्रॉफ की लोकेशन किसने साझा की, आरोपियों को निर्देश किसने दिए और हथियारों की व्यवस्था के लिए पैसे कहां से आए। लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई को इस मामले में मुंबई पुलिस की हिरासत में नहीं बताया गया है।
भुगतान और विदेश भागने की कथित योजना
पुलिस के अनुसार, फुलसिंह और रेहान फायरिंग से करीब 20 दिन पहले हरियाणा के सोनीपत से मुंबई पहुंचे थे। जांचकर्ताओं को संदेह है कि रेहान को हमले की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उसने फुलसिंह को अपने साथ शामिल किया।
मूल जांच संबंधी जानकारी में रेहान को शुरुआती खर्च के लिए 50,000 रुपये दिए जाने के आरोप की पड़ताल का उल्लेख है। दूसरी जानकारी में तीन आरोपियों को 37,000 रुपये दिए जाने का दावा सामने आया है। दोनों रकमों का संबंध और भुगतान करने वाले व्यक्ति की पहचान अभी स्पष्ट किया जाना अभी बाकी है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को बड़ी रकम देने और भारत से बाहर निकलने में मदद करने का वादा किया गया था या नहीं। कुछ जानकारियों में कनाडा जाने की कथित योजना का उल्लेख है, जबकि दूसरी जानकारी में नेपाल के रास्ते फरार होने की आशंका जताई गई है।
बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा पर भी असर
घटना के बाद बॉलीवुड की दूसरी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई। सलमान खान, आमिर खान और रोहित शेट्टी के आवासों के आसपास अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था और गश्त की जारी की गई है । अक्षय कुमार के घर पर बुलेटप्रूफ ग्लास लगाने की जानकारी भी सामने आई है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और किसी कथित गैंग की जिम्मेदारी या हमले के वास्तविक मकसद को अदालत में साबित नहीं किया गया है।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल हैं—फायरिंग में इस्तेमाल हथियार कहां हैं, कथित सप्लाई नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी, हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और क्या इस साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे।
