टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में रेहान की मां ने दो लाख रुपये के लालच का दावा किया। जानें सोनीपत कनेक्शन, गिरफ्तार आरोपियों और पुलिस जांच के नए अपडेट।
मुंबई: टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में जांच का दायरा बढ़ने के बीच सोनीपत के रेहान की मां शमशीदा ने दावा किया है कि उनके बेटे को पैसों का लालच देकर घर से बाहर बुलाया गया था। मां के मुताबिक, करीब 20 दिन पहले रेहान खाना खा रहा था, तभी एक शख्स उसे बुलाने आया और वह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकल गया। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो पाया।
इस मामले में रेहान समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में कथित तौर पर युवाओं को पैसों और विदेश में बसने का वादा करके अपराध में शामिल करने की आशंका की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, रेहान को जबरन ले जाने या उसे अपराध की पूरी जानकारी नहीं होने की बात की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
खाने की थाली से उठकर गया रेहान, फिर घर नहीं लौटा
हरियाणा के सोनीपत जिले के देवडू गांव में रहने वाली शमशीदा ने बताया कि रेहान घर में खाना खा रहा था, तभी एक व्यक्ति उसे बाहर बुलाने आया। रेहान ने परिवार को बताया कि वह काम से जा रहा है। इसके बाद वह घर से निकल गया, लेकिन वापस नहीं लौटा।
परिवार ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद आने लगा। मां के मुताबिक, घरवालों को यह जानकारी नहीं थी कि रेहान मुंबई पहुंच चुका है। परिवार को उसकी गतिविधियों और कथित फायरिंग की घटना के बारे में बाद में पता चला।
शमशीदा का दावा है कि उनके बेटे को दो लाख रुपये के काम का लालच दिया गया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रकम किसने देने का वादा किया था, काम क्या बताया गया था और रेहान को उस काम की वास्तविक प्रकृति के बारे में कितनी जानकारी थी।
दो लाख रुपये या 35 हजार रुपये, भुगतान को लेकर क्या जानकारी है?
इस मामले में कथित भुगतान को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। रेहान की मां के बयान में दो लाख रुपये के लालच का जिक्र है, जबकि पुलिस जांच से जुड़ी जानकारी में रेहान को कथित तौर पर 35 हजार रुपये और विदेश में बसने का वादा दिए जाने की बात सामने आई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों दावे अलग-अलग परिस्थितियों से जुड़े हैं या इनमें कोई अन्य अंतर है। पुलिस जांच में कथित भर्ती, पैसों के प्रलोभन और आरोपियों के आपसी संपर्क की भूमिका महत्वपूर्ण है।
मां का बयान परिवार का पक्ष सामने रखता है, लेकिन इससे अपने आप यह साबित नहीं होता कि रेहान का अपहरण किया गया था या उसे फायरिंग में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था।
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में क्या हुआ था?
18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी। जहां, पांच से छह राउंड गोलियां चलाई गईं। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने और उनके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सुराग, बाइक और यात्रा से जुड़ी जानकारी की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की गई।
19 अक्टूबर को हरियाणा के रेहान और फूल सिंह तथा बिहार के ऋतिक कुमार को राजस्थान के कोटा में गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के मुंबई से निकलकर सूरत के रास्ते कोटा पहुंचने की बात भी जांच से जुड़ी जानकारी में सामने आई। आरोपियों के पास से गिरफ्तारी के समय हथियार बरामद नहीं हुए।
अनिल पंडित और समीर का नाम जांच में क्यों आया?
जांच में अनिल पंडित का नाम कथित नेटवर्क से जुड़कर सामने आया है। आरोप है कि उसने युवाओं को पैसों और विदेश में बसने के वादे के जरिए अपराध में शामिल करने में भूमिका निभाई।
20 अक्टूबर को समीर नाम के व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई। आरोप है कि उसने रेहान और अन्य आरोपियों का अनिल पंडित से संपर्क कराने में भूमिका निभाई। समीर के परिवार की ओर से उसके मामले में शामिल होने से इनकार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपियों का आपस में संपर्क कैसे हुआ, किसने उन्हें कथित काम के लिए तैयार किया और फायरिंग की योजना बनाने में किसकी क्या भूमिका थी। बिश्नोई गैंग से कथित संबंधों की भी जांच की बात सामने आई है।
क्या टाइगर श्रॉफ ही हमलावरों का निशाना थे?
इस मामले में एक और अहम सवाल यह है कि फायरिंग का मूल निशाना कौन था। जांच से जुड़ी एक जानकारी में दावा किया गया कि टाइगर श्रॉफ कथित तौर पर हमलावरों का मूल निशाना नहीं थे और इससे पहले किसी अन्य प्रमुख बॉलीवुड हस्ती को निशाना बनाने की योजना थी।
इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि कथित योजना क्या थी, निशाना बदलने की वजह क्या थी और इसका फायरिंग की घटना से क्या संबंध था।
फायरिंग के बाद बॉलीवुड हस्तियों की सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद मुंबई में कुछ अन्य फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर भी कदम उठाए जाने की जानकारी सामने आई। सलमान खान और रोहित शेट्टी के घरों के बाहर अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा बढ़ाने और आमिर खान के आवास के आसपास गश्त तेज करने की बात सामने आई। उत्तर प्रदेश के बरेली में दिशा पटानी के परिवार के घर के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई।
इस घटनाक्रम ने फिल्मी हस्तियों की सुरक्षा और धमकियों से निपटने की पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, इन कदमों को अपने आप किसी दूसरे हमले की पुष्टि या पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था की विफलता नहीं माना जा सकता।
मामले में Rapido से जुड़े ऋतिक कुमार को लेकर भी कंपनी का पक्ष सामने आया है। कंपनी ने कहा कि वह 14 अक्टूबर से उसके प्लेटफॉर्म पर सक्रिय राइडर नहीं था। यह स्पष्टीकरण कंपनी की ओर से दिया गया है और इससे अपने आप आरोपी की कथित भूमिका या अपराध में शामिल होने की परिस्थितियां तय नहीं होतीं।
अब पुलिस जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
इस मामले में अब कथित भर्ती करने वालों की भूमिका, आरोपियों के बीच संपर्क, पैसों के लेन-देन और फायरिंग की योजना से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हैं। रेहान की मां के बयान की जांच के साथ यह भी स्पष्ट करना होगा कि घर से निकलने के बाद रेहान कहां-कहां गया और परिवार से उसका संपर्क क्यों टूट गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनकी कानूनी स्थिति, पुलिस हिरासत, अदालत में पेशी और किसी हथियार या अन्य सबूत की बरामदगी से जुड़ी नवीनतम जानकारी भी मामले की दिशा समझने के लिए जरूरी है।
फिलहाल, रेहान की मां का बयान इस केस में परिवार का पक्ष सामने लाता है, जबकि पुलिस जांच का मुख्य सवाल यह है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, आरोपियों को किसने जोड़ा और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका क्या थी। इन सवालों का जवाब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
