मुंबई के नॉर्थ कोस्टल रोड का बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने निरीक्षण किया। गोरेगांव, मालाड और चारकोप में पुल, सुरंग और संपर्क मार्गों के काम की समीक्षा की।
मुंबई: मुंबई के नॉर्थ कोस्टल रोड प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों में तेजी लाने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने 19 अक्टूबर को गोरेगांव, मालाड और कांदिवली के विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर अधिकारियों से काम की मौजूदा स्थिति और आगे की योजना की जानकारी ली।
करीब 60 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट नेटवर्क में पुल, कनेक्टिंग रोड और अंडर ग्राउंड सुरंगें शामिल हैं। प्रोजेक्ट का लक्ष्य पश्चिमी उपनगरों में यातायात का दबाव कम करना और वर्सोवा से भाईंदर तक कनेक्टिविटी बेहतर बनाना है।
गोरेगांव में पुल का काम जारी, 38 में से 11 खंभे तैयार
निरीक्षण की शुरुआत दिंडोशी न्यायालय के पास गोरेगांव कनेक्टिंग रोड के उन्नत पुल से हुई। गोरेगांव-मुलुंड कनेक्टिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत दिंडोशी न्यायालय से दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी तक बने उड़ानपुल का काम पूरा हो चुका है। इसे नॉर्थ कोस्टल रोड के कनेक्टिंग रोड से जोड़ा जाना है।
इसके बाद गोरेगांव से ओबेरॉय मॉल के बीच बन रहे पुल का निरीक्षण किया गया। इस हिस्से में कुल 38 खंभों में से 11 का निर्माण पूरा हो चुका है। यहां पानी की पाइपलाइन को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का काम जारी है।
आयुक्त ने निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए काम की गति बढ़ाने और आगे की गतिविधियों की योजना बेहतर तरीके से बनाने के निर्देश दिए।
पुराने वीर सावरकर पुल के ऊपर बनेगा नया उन्नत मार्ग
गोरेगांव में मौजूदा वीर सावरकर उड़ानपुल, जिसे एमटीएनएल पुल भी कहा जाता है, को तोड़े बिना उसके ऊपर नया उन्नत पुल बनाने की योजना है। इसका उद्देश्य पश्चिमी उपनगरों की यातायात व्यवस्था को कोस्टल रोड से जोड़ना है।
इसके बाद ओशिवरा-लोखंडवाला परिसर स्थित प्रोजेक्ट आफिस में अलग-अलग चरणों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी हिस्सों में आपसी तालमेल बनाए रखने और तय समय-सीमा के अनुसार काम आगे बढ़ाने को कहा गया।
लोखंडवाला-मिल्लत नगर और भगतसिंह नगर में काम तेज करने पर जोर
प्रोजेक्ट के पहले हिस्से के तहत लोखंडवाला-मिल्लत नगर चौराहे पर करीब 10 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। यहां पुल की नींव तैयार करने के लिए पाइलिंग का काम शुरू है।
भगतसिंह नगर में ओशिवरा खाड़ी पर बन रहे पुल का भी निरीक्षण किया गया। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि अतिरिक्त कर्मचारियों और जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल कर निर्माण की गति बढ़ाई जाए।
खाड़ी के दूसरी ओर कुछ निर्माण हटाने की जरूरत है। इसके लिए झोपड़पट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के साथ लगातार समन्वय करने को कहा गया है। पुल का काम पूरा होने के साथ भगतसिंह नगर में पुनर्विकास से जुड़ी कार्रवाई भी आगे बढ़ाना जरूरी है, ताकि पुल से उतरने के बाद विकास योजना की सड़क के जरिए नए कनेक्टिंग रोड तक सीधा रास्ता मिल सके।
मालाड के माइंडस्पेस परिसर में निर्माण की बाधाओं की समीक्षा
प्रोजेक्ट के दूसरे हिस्से में मालाड स्थित माइंडस्पेस गार्डन एरिया में पाइलिंग का काम जारी है। कमिश्नर ने यहां प्रस्तावित निर्माण क्षेत्रों, एमडीपी मार्ग, गार्डन की सुरक्षा दीवार और उच्चदाब बिजली लाइन से जुड़ी स्थितियों की जानकारी ली।
निर्माण में आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर करने और अलग-अलग कार्यस्थलों की योजना बनाकर काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इस हिस्से में निर्माण की प्रगति संपर्क मार्गों और आसपास की मौजूदा सुविधाओं से भी जुड़ी हुई है।
चारकोप में दो भूमिगत सुरंगों के लिए खुदाई जारी
माइंडस्पेस से कांदिवली के चारकोप तक उत्तर और दक्षिण दिशा में दो भूमिगत सुरंगें बनाई जानी हैं। प्रत्येक सुरंग की लंबाई करीब 3.9 किलोमीटर होगी। इनके निर्माण के लिए चारकोप में प्रवेश और खुदाई की शुरुआत के लिए बड़ा निर्माण गड्ढा तैयार किया जा रहा है।
इसके लिए करीब 65 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा क्षेत्र निर्धारित किया गया है। यहां खुदाई और पाइलिंग का काम जारी है। कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की स्थिति की समीक्षा की।
चारकोप से गोराई तक 3.78 किलोमीटर का मार्ग
प्रोजेक्ट के पांचवें हिस्से के तहत कांदिवली के चारकोप इंटरचेंज से गोराई इंटरचेंज तक करीब 3.78 किलोमीटर लंबा रोड विकसित किया जा रहा है। कमिश्नर ने यहां भी काम का निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रोजेक्ट के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारियों, मशीनों और तकनीकी संसाधनों की जरूरत के अनुसार व्यवस्था की जाए, ताकि काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो सके।
गोरेगांव में यातायात और निर्माण नियम भी अहम
निर्माण कार्यों के बीच गोरेगांव में सड़क बंद होने और यातायात प्रतिबंधों का मुद्दा भी स्थानीय वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण है। 9 नवंबर तक प्रतिबंध की सूचना सामने आई थी। इसके अलावा, निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को लेकर महानगरपालिका की ओर से ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस दिए जाने का मामला भी सामने आया था।
प्रोजेक्ट के साथ पेड़ों, मैंग्रोव और स्थानीय बस्तियों पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल महानगरपालिका का जोर निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने, सुरक्षा सुनिश्चित करने और विभागों के बीच तालमेल मजबूत करने पर है।
