विद्याविहार फ्लाईओवर तैयार, 10 अक्टूबर तक ट्रैफिक के लिए रेडी

vidyavihar-flyover-traffic-update

विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट फ्लाईओवर का मुख्य काम पूरा हो गया है। Noise Barrier समेत अंतिम काम जारी हैं और 10 अक्टूबर तक ट्रैफिक के लिए तैयार होने की उम्मीद है।

मुंबई: विद्याविहार इलाके में ईस्ट-वेस्ट कनेक्टिविटी को बेहतर करने वाले फ्लाईओवर का मुख्य काम पूरा हो गया है। रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को लालबहादूर शास्त्री मार्ग से जोड़ने वाले इस फ्लाईओवर पर अब Noise Barrier समेत कुछ अंतिम काम चल रहे हैं। BMC की तैयारी के अनुसार 10 अक्टूबर 2026 तक फ्लाईओवर को ट्रैफिक के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (प्रकल्प) अभिजीत बांगर ने ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के साथ प्रोजेक्ट साइट का निरीक्षण किया। इस दौरान फ्लाईओवर, दोनों तरफ के Approach Road, आसपास के जंक्शन, Signals और पैदल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। फ्लाईओवर शुरू होने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए BMC और ट्रैफिक पुलिस को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

Noise Barrier का काम अंतिम चरण में

फ्लाईओवर का मुख्य सिविल वर्क पूरा हो चुका है। रंगकाम, सड़क, लाइटिंग और दूसरी जरूरी finishing का काम भी पूरा किया जा चुका है। अब नागरिकों की सुरक्षा और आसपास के इलाके में शोर को नियंत्रित करने के लिहाज से जरूरी Noise Barrier लगाने का काम अंतिम चरण में है।

इसके अलावा फ्लाईओवर के आसपास जरूरत के अनुसार दिशादर्शक फलक, Barricading और Traffic Regulation की व्यवस्था की जाएगी। पीक ऑवर में Approach Road पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ अलग से planning की जा रही है।

30-45 मिनट की यात्रा घटकर 10-15 मिनट होने की उम्मीद

विद्याविहार में रेलवे लाइन के कारण पूर्व और पश्चिम के बीच सीधा सड़क संपर्क नहीं होने से वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है। Peak Hour में इस वजह से यात्रा में करीब 30 से 45 मिनट तक लगने की स्थिति सामने आती रही है।

नया फ्लाईओवर शुरू होने के बाद यह सफर करीब 10 से 15 मिनट तक आने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा विद्याविहार के साथ घाटकोपर और कुर्ला क्षेत्र के वाहन चालकों को मिल सकता है।

हालांकि फ्लाईओवर शुरू होने के बाद ट्रैफिक पूरी तरह खत्म हो जाएगा, ऐसा कहा नहीं जा सकता। असली असर दोनों तरफ के Approach Road और प्रमुख जंक्शन पर ट्रैफिक के दबाव पर निर्भर करेगा। इसी वजह से BMC ने Signals, वाहन वर्दळ, पैदल यातायात और Peak Hour Traffic को ध्यान में रखकर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

करीब 650 मीटर का ईस्ट-वेस्ट कनेक्टर

रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग और लालबहादूर शास्त्री मार्ग को जोड़ने वाला यह फ्लाईओवर करीब 650 मीटर लंबा है। इसमें रेलवे ट्रैक के ऊपर लगभग 100 मीटर का हिस्सा है, जबकि पूर्व दिशा में करीब 220 मीटर और पश्चिम दिशा में करीब 330 मीटर के Approach Road तैयार किए गए हैं।

रेलवे ट्रैक के ऊपर लगाए गए बड़े Steel Girder इस प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके जरिए रेलवे लाइन के ऊपर सड़क संपर्क तैयार किया गया है।

स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भी फायदा

यह प्रोजेक्ट सिर्फ वाहन चालकों के लिए नहीं है। फ्लाईओवर से विद्याविहार रेलवे स्टेशन के पैदल मार्गों तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है।

प्रोजेक्ट के दौरान दोनों तरफ के टिकट खिड़की कक्ष, स्टेशन मास्टर कार्यालय और सीढ़ियों का पुनर्निर्माण किया गया है। रेलवे हद्द में सीढ़ियों के जरिए पैदल मार्ग को आसपास के उपरस्ते से जोड़ने की सुविधा भी तैयार की गई है।

इससे स्टेशन के आसपास पैदल चलने वाले यात्रियों की कनेक्टिविटी में भी सुधार होने की उम्मीद है।

1991 में प्रस्तावित हुआ था प्रोजेक्ट

विद्याविहार ईस्ट-वेस्ट कनेक्टर की कहानी नई नहीं है। यह प्रोजेक्ट 1991 में प्रस्तावित किया गया था। इसके बाद कई वर्षों तक इसकी योजना, टेंडर और जमीन से जुड़ी प्रक्रियाएं चलती रहीं। निर्माण का काम शुरू होने के बाद भी डिजाइन बदलाव, कोविड-19, रेलवे से जुड़े काम, प्रभावित संरचनाओं के पुनर्वास, सड़क चौड़ीकरण और दूसरी तकनीकी बाधाओं के कारण समयसीमा आगे बढ़ती रही।

यानी करीब 35 साल पहले प्रस्तावित हुआ यह कनेक्टर अब जाकर ट्रैफिक शुरू होने के अंतिम चरण में पहुंचा है।

प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ी

प्रोजेक्ट की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 99.98 करोड़ रुपये बताई गई थी। बाद में अलग-अलग बदलाव और अतिरिक्त कामों के कारण इसकी रिपोर्टेड लागत बढ़कर करीब 178.93 करोड़ रुपये तक पहुंची।

लंबे समय से चल रहे इस प्रोजेक्ट में अब मुख्य निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अंतिम तैयारी पर फोकस है।

vidyavihar-flyover
बीएमसी अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण की तस्वीर

ट्रैफिक पुलिस के साथ होगा अंतिम प्लान

पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक-पूर्व विभाग) प्रदीप चव्हाण, महानगरपालिका के मुख्य अभियंता (पूल) राजेश मुळे, उपप्रमुख अभियंता (पूल) नरेश मेघराजानी और संबंधित अधिकारी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

अभिजीत बांगर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फ्लाईओवर शुरू होने के बाद वाहन और पैदल यातायात दोनों सुरक्षित रहें। जरूरत के अनुसार दिशादर्शक फलक, Barricading और ट्रैफिक नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। खास तौर पर अधिक भीड़ वाले समय में फ्लाईओवर के Approach Road पर Traffic Congestion नहीं बढ़े, इसके लिए पहले से planning करने पर जोर दिया गया है।

अब फ्लाईओवर के लिए मुख्य निर्माण चरण लगभग पूरा हो चुका है। Noise Barrier और दूसरी अंतिम व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण इसे सुरक्षित तरीके से ट्रैफिक के लिए शुरू करना होगा।

Ismail Shaikh Avatar
Discover more from  Indian fasttrack news

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from  Indian fasttrack news

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading