मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शन के दौरान नाबालिगों की भागीदारी पर NHRC ने जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस समेत चार संस्थाओं से रिपोर्ट मांगी है।
मुंबई: शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में नाबालिगों की कथित भागीदारी को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने जांच शुरू की है। आयोग ने मुंबई पुलिस आयुक्त, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), X Corp और महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास विभाग से एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
NHRC के समक्ष दाखिल शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन में नाबालिगों को इस तरह शामिल किया गया, जिससे उनकी मौजूदगी पुलिस कार्रवाई को प्रभावित कर सकती थी। आयोग ने पुलिस को बच्चों को प्रदर्शन में लाए जाने की परिस्थितियों और आयोजकों की भूमिका की जांच करने को कहा है।
कथित चैट और सोशल मीडिया सामग्री भी जांच में
शिकायत में प्रदर्शन से पहले कुछ ग्रुप या चैट में नाबालिगों की भागीदारी को लेकर चर्चा होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता सतीश वैद Sewa Nyaya Utthan Foundation में Head of Intervention हैं।
शिकायत में सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और वीडियो का भी उल्लेख है। इनमें एक बच्चे को भीड़ के ऊपर उठाए जाने का दृश्य होने का दावा किया गया है। NHRC ने संबंधित डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने पुलिस से यह जांच करने को कहा है कि बच्चों को प्रदर्शन में किस परिस्थिति में लाया गया और इसमें आयोजकों या अन्य लोगों की क्या भूमिका थी। यदि जांच में संज्ञेय अपराध सामने आता है तो कानून के अनुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
चार संस्थाओं से मांगी गई रिपोर्ट
मुंबई पुलिस को प्रदर्शन में नाबालिगों की भागीदारी और आयोजकों की भूमिका की जांच करनी है।
MeitY को डिजिटल सामग्री से जुड़े पहलुओं पर कार्रवाई की जानकारी देनी है। X Corp से संबंधित फोटो, वीडियो, पोस्ट और उपलब्ध डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा गया है।
महाराष्ट्र के महिला एवं बाल विकास विभाग को बच्चों की देखभाल, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
NHRC ने बाल संरक्षण कानूनों, जिसमें Juvenile Justice Act के प्रावधान भी शामिल हैं, के संभावित उल्लंघन की जांच करने को कहा है।
CJP आयोजकों के खिलाफ पहले से FIR
शिवाजी पार्क प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने CJP के आयोजकों और 400 से 500 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी।
FIR में गैरकानूनी जमावड़ा, सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवहेलना, यातायात में बाधा और बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल जैसे आरोप शामिल हैं।
FIR में अभिजीत दीपके, सौरव दास, प्रनय आहिर, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे, आफरीन नवाज, सौम्या कोर्डे, अंकित भारद्वाज, विजय मलांगी और योगेश इंगले समेत अन्य CJP सदस्यों के नाम दर्ज किए गए हैं। शिकायत के स्तर पर रत्ना सिंह का नाम भी सामने आया था।
प्रदर्शन के दौरान 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत
प्रदर्शन के दौरान ठाणे निवासी 75 वर्षीय गोपालकृष्ण सुब्बैया पिल्लई की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें सुश्रुषा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार डॉक्टरों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है। इस मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज की गई है।
शिवाजी पार्क सिटिजंस फोरम ने इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत देकर CJP के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। यह शिकायत अलग से जांच के अधीन है।
CJP का अगला प्रदर्शन 10 अक्टूबर को
CJP नेता अभिजीत दीपके ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा की है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रस्तावित है।
मुंबई प्रदर्शन से जुड़े मामलों में फिलहाल पुलिस जांच और NHRC की कार्रवाई जारी है। नाबालिगों की भागीदारी को लेकर लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
