कांदिवली में हफ्ता वसूली के आरोप में बड़ी कार्रवाई, 37 केस वाले यमेश दरेकर पर MCOCA; दो गिरफ्तार, मुख्य आरोपी फरार, जानिए पूरा मामला और अब आगे क्या होगा ?
मुंबई: कांदिवली पूर्व के पोईसर इलाके में हफ्ता वसूली और मारपीट के आरोप में मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। समता नगर पुलिस के मुताबिक, यमेश दिलीप दरेकर उर्फ दादा और उसकी कथित टोली के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम यानी MCOCA के तहत कार्रवाई की गई है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी यमेश दरेकर अभी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 15 जून 2026 की रात करीब 12:30 बजे पोईसर, कांदिवली पूर्व में हुई एक गंभीर मारपीट की घटना से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, फिर्यादी ए.बी.के. ने कथित तौर पर हफ्ता नहीं दिया था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने उसके कपड़े उतारकर गालीगलौज की और लोहे की रॉड, लकड़ी के स्टंप और लात-मुक्कों से मारपीट की।
आरोप है कि यमेश दिलीप दरेकर उर्फ दादा ने फिर्यादी को जान से मारने की धमकी भी दी और उसके सिर पर लोहे की रॉड से हमला किया। इस हमले में उसे गंभीर चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद भी आरोपियों ने इलाज के लिए जमा हुए नागरिकों को धमकाते हुए जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद समता नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, इस केस में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की गई है।
दो आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश जारी
इस मामले में रोहित कृष्णप्रताप सिंह, उम्र 33 वर्ष और सागर अनिल राठोड, उम्र 22 वर्ष को 15 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया था। दोनों फिलहाल न्यायालयीन हिरासत में हैं।
पुलिस के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी यमेश दिलीप दरेकर उर्फ दादा अभी फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
यमेश दरेकर के खिलाफ पहले से 37 गंभीर मामले
पुलिस के मुताबिक यमेश दरेकर को गंभीर अपराधों में शामिल आरोपी बताया जा रहा है। समता नगर पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ कुल 37 मामले दर्ज हैं।
इन मामलों में हत्या की कोशिश, जान से मारने की धमकी, जबरन चोरी, घातक हथियार का डर दिखाकर चोरी, गली गलौज और मारपीट, विनयभंग, गंभीर चोट पहुंचाना, आपराधिक षड्यंत्र, घर में अतिक्रमण और दूसरे गंभीर अपराधों का उल्लेख है।
पुलिस के अनुसार, यमेश दरेकर के खिलाफ इससे पहले समता नगर पुलिस स्टेशन के माध्यम से दो बार MPDA के तहत स्थानबद्ध करने और दो बार तडीपारी की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
रोहित सिंह और सागर राठोड पर भी गंभीर मामले
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी रोहित कृष्णप्रताप सिंह भी यमेश दरेकर की कथित टोली का सदस्य है। उसके खिलाफ समता नगर पुलिस स्टेशन में कुल 13 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इनमें जबरन चोरी, गालीगलौज और मारपीट, गंभीर चोट पहुंचाना, जान से मारने की धमकी और घर में अतिक्रमण जैसे अपराधों का उल्लेख है।
दूसरा आरोपी सागर अनिल राठोड भी इसी कथित टोली का सदस्य बताया गया है। उसके खिलाफ दो मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस ने बताया, कि साल 2023 में उसके खिलाफ BNS की संबंधित धारा के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई थी।
MCOCA की कार्रवाई क्यों हुई?
पुलिस के मुताबिक, यमेश दरेकर और उसकी कथित टोली अलग-अलग गंभीर अपराधों के जरिए इलाके में दहशत और वर्चस्व कायम कर आर्थिक फायदा हासिल करने की कोशिश कर रही थी। इसी आधार पर पुलिस ने इस मामले को संगठित अपराध की दिशा में देखा।
पुलिस उपायुक्त, परिमंडल-03, मुंबई गजानन शिवलिंग राजमाने के मार्गदर्शन में MCOCA के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया। यह प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा गया, जिसके बाद संबंधित मंजूरी मिलने पर यमेश दरेकर और उसकी कथित टोली के खिलाफ MCOCA के तहत कार्रवाई की गई।
मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस आयुक्त कैलास बर्वे कर रहे हैं।
MCOCA लगने के बाद अब क्या होगा?
MCOCA के तहत कार्रवाई होना इस मामले में एक गंभीर कानूनी कदम है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आरोपी दोषी साबित हो चुके हैं। अब मामले में पुलिस की आगे की जांच, जरूरी कानूनी प्रक्रिया और अदालत में होने वाली कार्यवाही महत्वपूर्ण रहेगी।
मुख्य आरोपी यमेश दरेकर अभी फरार है, इसलिए पुलिस के सामने उसकी गिरफ्तारी भी एक अहम कदम है। वहीं गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामलों और मौजूदा केस में उनकी कथित भूमिका की जांच आगे जारी रहेगी।
पोईसर-कांदिवली के लोगों के लिए यह मामला क्यों अहम है?
हफ्ता वसूली का आरोप सिर्फ एक व्यक्ति से पैसे मांगने तक सीमित नहीं रहता। अगर किसी इलाके में धमकी, मारपीट और दबाव का माहौल बनता है तो इसका असर आम लोगों, छोटे कारोबारियों, दुकानदारों, ठेलेवालों और दूसरे स्थानीय लोगों की सुरक्षा की भावना पर पड़ सकता है।
मुंबई में 2025 के दौरान extortion के 314 मामले दर्ज हुए थे, जबकि 2024 में 199 मामले दर्ज हुए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन मामलों में सिर्फ पारंपरिक organised gang extortion ही शामिल नहीं था; sextortion और local goons द्वारा builders, contractors और hawkers से protection money मांगने जैसे मामले भी सामने आए थे। इसलिए हर extortion case को organised gang activity मानना सही नहीं है।
पोईसर का मौजूदा मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि पुलिस ने यमेश दरेकर और उसकी कथित टोली के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, कथित लगातार आपराधिक गतिविधियों और मौजूदा मामले को देखते हुए MCOCA के तहत कार्रवाई की है।
फिलहाल पुलिस का फोकस फरार मुख्य आरोपी यमेश दरेकर को पकड़ने और मामले की आगे की जांच पूरी करने पर है। इस कार्रवाई के बाद पोईसर-कांदिवली इलाके में कथित हफ्ता वसूली और संगठित अपराध से जुड़े मामलों पर पुलिस की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।
