मुंबई में दो cyber fraud मामलों में senior citizens से ₹14.48 लाख की ठगी का आरोप है। Dahisar Police ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Mumbai Crime News: मुंबई में senior citizens को निशाना बनाकर किए गए cyber fraud के दो अलग-अलग मामलों में Dahisar Police ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में पीड़ितों से कुल ₹14.48 लाख की ठगी का आरोप है। एक मामले में 68 वर्षीय Borivali निवासी को Mahanagar Gas Limited MGL का प्रतिनिधि बनकर फोन किया गया और gas bill update करने के नाम पर APK file install कराई गई। दूसरे मामले में 71 वर्षीय Dahisar महिला को money-laundering case में फंसाने और arrest करने की धमकी देकर ₹4.5 लाख transfer कराए गए।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका इन मामलों तक सीमित थी या इनके पीछे कोई बड़ा cyber fraud network भी सक्रिय है।
₹9.98 लाख की ठगी: MGL अधिकारी बनकर किया फोन
पहला मामला Borivali East में रहने वाले 68 वर्षीय senior citizen से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, 25 जुलाई को उन्हें एक व्यक्ति का फोन आया। उसने अपना नाम Vinay Sharma बताया और खुद को Mahanagar Gas Limited का प्रतिनिधि बताया।
कॉलर ने कथित तौर पर senior citizen से कहा कि उनका gas connection बंद हो सकता है और bill details update करनी होंगी।
इसके बाद उन्हें एक APK file भेजी गई। कथित तौर पर बताया गया कि gas bill की जानकारी update करने के लिए इस application को mobile में install करना जरूरी है।
Senior citizen ने APK install कर ली। इसके बाद पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने उनके mobile और banking activity तक अनधिकृत पहुंच हासिल की और transactions के जरिए उनके बैंक खातों से करीब ₹9.98 लाख निकाल लिए।
Bank transactions ने खोला आरोपियों तक पहुंचने का रास्ता
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कथित money trail को track किया।
पुलिस के अनुसार, करीब ₹3.49 लाख एक Canara Bank account तक पहुंचे, जिसे Aryan Rajesh Gupta (21) से जोड़ा गया।
इसके अलावा करीब ₹2 लाख एक ICICI Bank account में पाए गए, जिसे Ankit Sanjay Tiwari (24) से संबंधित बताया गया।
इसके बाद पुलिस ने Jogeshwari निवासी Aryan Rajesh Gupta और Vasai निवासी Ankit Sanjay Tiwari को गिरफ्तार किया।
पुलिस को आशंका है कि इन bank accounts का इस्तेमाल कथित cyber fraud से प्राप्त रकम को receive और handle करने के लिए किया गया।
Dahisar Police Station में इस मामले में 2 अगस्त को Bharatiya Nyaya Sanhita और Information Technology Act की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
दूसरा मामला: 71 वर्षीय महिला को बनाया ‘Digital Arrest’ का शिकार
दूसरा मामला Dahisar की 71 वर्षीय महिला से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 2 और 3 जुलाई के बीच महिला को ऐसे लोगों के calls आए, जिन्होंने खुद को senior police officials बताया।
इनमें से एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपना नाम Rajesh Mishra बताया और महिला से कहा कि उनके खिलाफ money-laundering का मामला दर्ज हुआ है।
कॉल करने वालों ने कथित तौर पर महिला को arrest करने की धमकी दी। पुलिस के अनुसार, इसके बाद WhatsApp video calls के जरिए महिला को लगातार निगरानी में रहने का दबाव बनाया गया।
आरोपियों ने कथित तौर पर महिला के bank accounts और balances की जानकारी भी हासिल की।
Arrest के डर से महिला ने आरोपियों के निर्देश पर ₹4.5 लाख एक IndusInd Bank account में transfer कर दिए। यह account Mahakal Enterprises से जुड़ा बताया गया है।
Email ID और mobile phone की जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
इस मामले की जांच में पुलिस ने उस bank account और उससे जुड़े email ID की जानकारी हासिल की।
Technical investigation और field-level investigation के बाद पुलिस ने Dhirajkumar Kesaram Prajapati (28) को गिरफ्तार किया।
पुलिस का आरोप है कि ₹4.5 लाख की रकम से जुड़े bank account और email ID का संबंध Prajapati के mobile phone से सामने आया। पुलिस के अनुसार, email ID को उसके mobile phone का इस्तेमाल करके बनाया और access किया गया था।
मामले में पुलिस अब अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है।
दो तरीके, एक निशाना—Senior Citizens
Dahisar Police की इन दो कार्रवाइयों से cyber fraud के दो अलग-अलग तरीके सामने आते हैं।
पहले मामले में fraudsters ने MGL के नाम और gas bill update का सहारा लेकर APK application install कराई।
दूसरे मामले में आरोपियों ने police और money-laundering case का डर पैदा करके महिला से पैसे transfer कराए।
दोनों मामलों में तरीका अलग था, लेकिन senior citizens को भरोसे और डर के जरिए financial fraud का शिकार बनाया गया।
APK File: WhatsApp पर आई तो गलती से भी install न करें
Cyber fraudsters कई बार bank KYC, electricity bill, gas connection, delivery, government service या account update जैसे बहानों का इस्तेमाल कर APK file भेजते हैं।
किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK file को mobile में install नहीं करना चाहिए।
अगर कोई व्यक्ति application install करने का दबाव बनाए, तो पहले संबंधित company या विभाग की official website या customer-care channel से इसकी पुष्टि करें।
‘Digital Arrest’ के नाम पर डराने वालों से रहें सावधान
अगर कोई व्यक्ति phone या video call पर खुद को police अधिकारी बताकर criminal case, money laundering या arrest की धमकी देता है और पैसे transfer करने को कहता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं।
ऐसे मामलों में caller को bank details, OTP, PIN, password या अन्य confidential information नहीं देनी चाहिए।
सबसे जरूरी बात—डर के कारण तुरंत पैसा transfer न करें।
Cyber Fraud हुआ है तो 1930 पर तुरंत शिकायत करें
अगर online financial fraud हो गया है, तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें। National Cyber Crime Reporting Portal के जरिए भी cybercrime report की जा सकती है।
Financial fraud में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है, इसलिए घटना के बाद शिकायत करने में देरी नहीं करनी चाहिए।
Dahisar Police की जांच जारी
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई DCP Gajanan Deshmane, North Division और ACP Jayraj Ranware, Dahisar Division के मार्गदर्शन में की गई।
Dahisar cyber police के API Sandeep Pachangne तथा investigation और cyber teams ने technical और field investigation के जरिए दोनों मामलों की जांच की।
मुंबई पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के कथित links की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास जारी है कि इन cyber fraud मामलों में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण: इस रिपोर्ट में आरोपियों के संबंध में दी गई जानकारी पुलिस जांच और पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोप साबित होना अभी और आगे न्यायिक प्रक्रिया का विषय है।

