Malvani Jagannath Yatra के दौरान पुलिस द्वारा अनुमति रोकने पर श्रद्धालुओं ने विरोध किया। करीब 2 घंटे बाद प्रशासन ने यात्रा को आगे बढ़ाने की मंजूरी दी।
मुंबई: उत्तर मुंबई के मलाड पश्चिम के मालवनी इलाके में गुरुवार को Malvani Jagannath Yatra उस समय विवादों में घिर गई, जब यात्रा शुरू होने के दौरान पुलिस द्वारा अनुमति पर आपत्ति जताए जाने के बाद मौके पर तनाव का माहौल बन गया। अचानक हुए घटनाक्रम से नाराज़ सैकड़ों श्रद्धालु सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। करीब दो घंटे तक चले गतिरोध के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और आयोजकों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद रथ यात्रा को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी गई।
यह मामला अब पूरे उत्तर मुंबई में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी Malad Jagannath Rath Yatra, Malvani News और Mumbai Police Permission जैसे कीवर्ड तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।

क्या है पूरा मामला?
आयोजकों के अनुसार भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा करीब 9 किलोमीटर लंबी थी। यात्रा का प्रारंभ मालवनी नंबर-1 से होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए गांवदेवी मंदिर पर समाप्त होना था।
आयोजन समिति का दावा है कि 11 जुलाई को मुंबई पुलिस ने यात्रा के रूट और आयोजन की लिखित अनुमति जारी की थी। लेकिन यात्रा शुरू होने के समय पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए यात्रा को आगे बढ़ाने पर रोक लगाने की बात कही।
इसी फैसले के बाद श्रद्धालु और आयोजक सड़क पर बैठ गए। कुछ देर में विश्व हिंदू परिषद (VHP), बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
नोट: पुलिस की ओर से इस कथित अनुमति रद्द किए जाने के कारणों पर विस्तृत आधिकारिक बयान समाचार लिखे जाने तक सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया।

करीब दो घंटे तक चला गतिरोध
स्थिति को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
- डीसीपी (DCP)
- एडिशनल सीपी (Additional CP)
- बड़ी संख्या में पुलिस बल
करीब दो घंटे तक आयोजकों और प्रशासन के बीच बातचीत चली। इसके बाद सहमति बनने पर प्रशासन ने रथ यात्रा को आगे बढ़ाने की अनुमति दी।
इसके बाद भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा मालवनी गेट नंबर-1 से गेट नंबर-5 की ओर निर्धारित मार्ग पर रवाना हुई।
बीजेपी नेता विनोद शेलार ने क्या कहा?
इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा मुंबई सचिव विनोद शेलार ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि 11 जुलाई को यात्रा की अनुमति दी गई थी, तो आयोजन के दिन अचानक उसे रोकने की कोशिश क्यों की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसलों से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं।
हालांकि इन आरोपों पर मुंबई पुलिस की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पुलिस का पक्ष क्या है?
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने आयोजकों से बातचीत की और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद यात्रा को आगे बढ़ने दिया।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रारंभिक स्तर पर अनुमति को लेकर विवाद क्यों उत्पन्न हुआ। यदि मुंबई पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी होता है, तो खबर को अपडेट किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का क्या कहना है?
घटनास्थल पर मौजूद कई श्रद्धालुओं का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा निकाल रहे थे और अचानक यात्रा रुकने से भ्रम की स्थिति बन गई।
वहीं प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन
| समय | घटनाक्रम |
|---|---|
| 11 जुलाई | आयोजकों के अनुसार यात्रा की अनुमति जारी |
| यात्रा शुरू | अनुमति पर विवाद और यात्रा रोकी गई |
| विरोध प्रदर्शन | श्रद्धालु सड़क पर बैठे, नारेबाजी |
| लगभग 2 घंटे | प्रशासन और आयोजकों के बीच बातचीत |
| बाद में | यात्रा को आगे बढ़ाने की अनुमति |
मालवनी में Jagannath Rath Yatra के दौरान हुआ यह विवाद उत्तर मुंबई की प्रमुख खबर बन गया है। फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है और यात्रा शांतिपूर्वक आगे बढ़ गई। हालांकि अनुमति को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में यदि मुंबई पुलिस या अन्य प्रशासनिक एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक अपडेट जारी होता है तो खबर को अपडेट किया जाएगा।
FAQ
Q1. मामला कहां का है?
यह घटना मलाड पश्चिम के मालवणी क्षेत्र (उत्तर मुंबई) की है।
Q2. विवाद क्यों हुआ?
आयोजकों का दावा है कि पहले अनुमति दी गई थी, लेकिन यात्रा शुरू होने के समय पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आपत्ति जताई।
Q3. मामला कैसे शांत हुआ?
डीसीपी और एडिशनल सीपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजकों से बातचीत की। लगभग दो घंटे बाद यात्रा को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी गई।
Q4. क्या पुलिस का आधिकारिक बयान आया है?
समाचार प्रकाशित किए जाने तक अनुमति विवाद पर मुंबई पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं था।
Official / Relevant Links
- Mumbai Police: https://mumbaipolice.gov.in
- Maharashtra Police: https://mahapolice.gov.in
- Government of Maharashtra: https://maharashtra.gov.in

