मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण, जंगल कटाई और पानी की किल्लत को देखते हुए BMC से पर्यावरण और जल प्रबंधन के लिए वैधानिक समिति बनाने की मांग की है।

मुंबई: शहर में बढ़ते प्रदूषण, अनियंत्रित जंगल कटाई और जल संकट को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। वार्ड क्रमांक 54 के नगरसेवक Ankit Sunil Prabhu ने 17 फरवरी 2026 को Brihanmumbai Municipal Corporation के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ‘वैधानिक समिति’ गठित करने की मांग की है।

पर्यावरण संतुलन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत

नगरसेवक अंकित प्रभू ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई में बढ़ता वायु प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल औपचारिक योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को आक्रामक और सुनियोजित कदम उठाने होंगे ताकि मुंबई को प्रदूषणमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी

अंकित प्रभू ने यह भी बताया कि महानगरपालिका के अलग-अलग विभाग पर्यावरण से जुड़े काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनमें आपसी तालमेल और नियोजन की भारी कमी है।

प्रस्तावित ‘वैधानिक समिति’ में प्रशासनिक अधिकारी, लोकप्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि सभी विभाग मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक फैसले ले सकें।

उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम से मुंबई के कार्यक्षेत्र में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी नीति बनाई जा सकती है।

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मुंबई में गहराता पानी संकट

नगरसेवक प्रभू ने तेजी से बढ़ती आबादी और उससे पैदा हो रही पानी की गंभीर किल्लत का मुद्दा भी उठाया है।

उन्होंने कहा कि केवल नए जल स्रोत खोजने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है।

मुंबई में हर साल गर्मियों के दौरान पानी संकट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, जिसे देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की मांग की है।


बर्बाद हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर

अपने प्रस्ताव में अंकित प्रभू ने खास तौर पर मल-निस्सारण और बर्बाद हुए पानी (सीवेज जल) के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर दिया है।

उनका कहना है कि यदि बर्बाद हुए पानी का शुद्धिकरण कर उसका पुन: उपयोग किया जाए, तो पीने के पानी की काफी बचत की जा सकती है। इससे भविष्य में पानी किल्लत की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपील

नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने प्रशासन से अपील की है कि उनके इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाए और मुंबई को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।

उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


FAQ

Q1: किसने वैधानिक समिति बनाने की मांग की है?
वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने यह मांग की है।

Q2: यह मांग किस संस्था से की गई है?
यह मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर की गई है।

Q3: समिति बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संकट के समाधान के लिए समन्वित नीति बनाना।

Q4: पानी संकट को लेकर क्या सुझाव दिया गया है?
सांडपानी के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।

Q5: यह प्रस्ताव कब दिया गया?
17 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।


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