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  • गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    मुंबई नॉर्थ वेस्ट के सांसद रवींद्र वायकर ने पी दक्षिण Bmc बैठक में घास बाजार गोरेगांव पूर्व के वृद्धाश्रम निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पानी, ट्रैफिक और आरे सड़क कार्य पर भी बड़ी चर्चा।

    मुंबई: गोरेगांव में पी दक्षिण BMC कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में 30 से ज्यादा ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद रवींद्र वायकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पानी, ट्रैफिक जाम, आरे कॉलोनी सड़क और अन्य लंबित विकास कार्यों पर भी गंभीर मंथन हुआ।

    घास बाजार वृद्धाश्रम निर्माण पर सख्त निर्देश

    सांसद वायकर ने स्पष्ट कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार में रिजर्व जमीन पर बन रहे वृद्धाश्रम का काम तेजी से पूरा किया जाए।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन सहायक आयुक्त पाटणे के साथ मौके पर जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया।

    पूर्व नगरसेवक साधना माने द्वारा इस वृद्धाश्रम का प्रस्ताव दिया गया था, जिसके बाद बीएमसी ने 11 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया।

    पी दक्षिण BMC में संयुक्त बैठक

    गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र के लंबित मुद्दों को लेकर पी दक्षिण bmc (गोरेगांव) कार्यालय में संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में उपायुक्त भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त अनिरुद्ध कुलकर्णी, आरे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिपुरकर, गोरेगांव, दिंडोशी, वनराई और बांगुरनगर पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मौजूद थे।

    इसके अलावा ट्रैफिक शाखा, आरे पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।

    पानी और ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या

    बैठक में 30 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा की गई।

    जीवन ज्योत सोसायटी, अरुणा सोसायटी, निरलॉन, कृष्णा सोसायटी, वसंत गैलेक्सी, ओबेरॉय सोसायटी, बेस्ट नगर, अंकुर सोसायटी समेत कई इलाकों के निवासियों ने पानी की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या उठाई।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि रोजाना की ट्रैफिक समस्या और जल आपूर्ति की अनियमितता से जीवन प्रभावित हो रहा है।

    आरे कॉलोनी सड़क का फेज-1 पूरा

    आरे के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि आरे कॉलोनी की अंदरूनी सड़क का फेज-1 का काम पूरा हो चुका है।

    फेज-2 का काम फिलहाल जारी है और इसे अप्रैल तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया।

    यह परियोजना इलाके के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम मानी जा रही है।

    सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट पर भी निर्देश

    सांसद वायकर ने सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट के लंबित कार्यों को लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित की जाए और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए।

    विकास कार्यों पर फोकस, जनता को राहत का भरोसा

    इस बैठक को गोरेगांव के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्थानीय बुनियादी समस्याओं से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक पर चर्चा हुई।

    सांसद ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए और विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बैठक कहां आयोजित की गई थी?
    पी दक्षिण बीएमसी कार्यालय, गोरेगांव में।

    Q2. मुख्य मुद्दा क्या था?
    घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य को जल्द पूरा करना।

    Q3. कितनी लागत का प्रोजेक्ट है?
    करीब 11 करोड़ रुपये का।

    Q4. आरे कॉलोनी सड़क का क्या अपडेट है?
    फेज-1 पूरा हो चुका है, फेज-2 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।

    Q5. किन समस्याओं पर चर्चा हुई?
    पानी की कमी, ट्रैफिक जाम, हॉस्पिटल और मार्केट के लंबित कार्य।

  • मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने के लिए BMC को चार नए स्थल चुनने पर विचार

    मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने के लिए BMC को चार नए स्थल चुनने पर विचार

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने की मनाही के बाद चार संभावित स्थलों पर पुनर्विचार किया है, जिसमें Sanjay Gandhi National Park, Aarey Milk Colony, Wadala के समीप मैंग्रोव और Gorai शामिल हैं — इन जगहों को मानव आबादी से दूर माना गया है।

    मुंबई: शहर में कबूतरों को दाना खिलाने पर पहले से ही पाबंदी लगाई जा चुकी है। अब BMC ने चार ऐसे स्थानों पर विचार किया है जहाँ भविष्य में नियंत्रित रूप से कबूतरों को खिलाने की अनुमति दी जा सकती है। ये स्थान हैं: SANJAY GANDHI राष्ट्रीय पार्क के आसपास, Aarey Milk Colony क्षेत्र में, एक मैंग्रोव पट्टी Wadala के पास और Gorai। इन स्थानों को इसलिए चुना गया है क्योंकि इन इलाकों में मानव बस्तियाँ बहुत कम हैं। हालांकि, पर्यावरणविद् ने इस दावे पर सवाल उठाया है। इस बीच, जैन समुदाय की एक प्रतिनिधि टोली ने BMC आयुक्त से मिलकर नए कबूतर-आश्रय स्थलों की मांग की है। कोर्ट प्रक्रिया अभी चल रही है।

    पृष्ठभूमि और अब तक का हाल

    • पिछले कुछ महीनों में, BMC ने कबूतर-खिलाने पर सख्ती बढ़ाई है।
    • Bombay High Court ने कबूतर-खिलाने पर पाबंदी बनने की दिशा में कदम उठाए हैं और BMC को यह सुनिश्चित करने कहा है कि जो भी अनुमति हो, वह स्वास्थ्य व स्वच्छता मानकों के अनुरूप हो।
    • कबूतर-खिलाने के स्थानों की तलाश के दौरान, BMC ने बताया कि मुम्बई के घनी आबादी वाले ‘आइलैंड सिटी’ में उपयुक्त जगह मिलना कठिन है।

    नए प्रस्तावित स्थल

    1. Sanjay Gandhi National Park (SGNP) के आसपास
      इस स्थान को इसलिए चुना गया है क्योंकि यह अपेक्षाकृत कम आबादी वाला क्षेत्र है और यहां पक्षियों-पर्यावरण के अनुकूल माहौल माना गया है। स्रोत के अनुसार यह बीएमसी द्वारा विचाराधीन एक क्षेत्र है।
    2. Aarey Milk Colony क्षेत्र
      Aarey में प्रस्तावित स्थल के संबंध में कहा गया है कि यह मानव आबादी से दूर माना गया है, लेकिन पर्यावरणविरोधियों ने इस दावे पर आपत्ति जताई है।
    3. मैंग्रोव पट्टी (मंग्रोव प्लूट) near Wadala
      Wadala के निकट एक मैंग्रोव जंगल को इस सूची में शामिल किया गया है — मौजूदा मानव बस्तियों से दूरी के कारण।
    4. Gorai
      उपरोक्त तीन के अलावा एक विकल्प के रूप में Gorai को भी प्रस्तावित किया गया है क्योंकि वहाँ भी कम-मानव आबादी वाला वातावरण उपलब्ध है।

    पर्यावरण-विरोध व चर्चाएँ

    • पर्यावरणविद् Stalin D (एनजीओ Vanashakti) ने कहा है कि Aarey के क्षेत्र में ट्राइबल समुदाय निवास करते हैं, इसलिए “मानव बस्तियों से दूर” का दावा पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता।
    • जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने BMC आयुक्त से मिलकर नए कबूतर-अश्रयों की मांग की है, क्योंकि उनके धार्मिक विश्वास में कबूतर-खिलाना “जीव दया” का कार्य माना जाता है।

    आगे क्या होगा?

    • BMC ने सभी 25 विभागीय वार्डों के सहायक आयुक्तों को सुझाव देने के लिए कहा है कि वे संभावित स्थल प्रस्तावित करें।
    • प्रस्तावित स्थलों का नगर-स्वास्थ्य, सफाई, मानव-आवासी प्रभाव आदि को देखते हुए मूल्यांकन होगा, और इसकी जानकारी अदालत में भी दी जाएगी क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।
    • यदि अनुमति दी जाती है, तो संभवत: नियंत्रित समय व शर्तों के अंतर्गत कबूतर-खिलाने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य व स्वच्छता संबंधी चिंताएं पूरी हों।

    मुंबई में कबूतरों को दाना खिलाने पर लंबे समय से बने धार्मिक, सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी विवाद को देखते हुए BMC ने नया मार्ग चुनने की कोशिश की है – जहाँ कबूतर-खिलाने की परंपरा और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों को संतुलित किया जा सके। प्रस्तावित चार जगहों में से अंतिम चयन और प्रक्रिया अब आगे तय करनी है।


    FAQ

    Q1. कबूतरो को दाना खिलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है क्या?
    हाँ, BMC ने सार्वजनिक जगहों पर कबूतरों को दाना खिलाने की मनाही लगाई है और जिन स्थानों पर यह पहले हो रहा था उन्हें बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

    Q2. क्यों यह प्रतिबंध लगाया गया है?
    मुख्य रूप से दो कारण हैं – (1) कबूतरों के मल-पक्षियों के अध्ययनों के अनुसार स्वास्थ्य संबंधी जोखिम (जैसे फंगस, एलर्जी) और (2) घनी आबादी वाले इलाकों में स्वच्छता व सफाई का मामला।

    Q3. नए प्रस्तावित स्थल कब लागू होंगे?
    अभी तय नहीं हुआ है। BMC द्वारा सुझाव मांगे जा रहे हैं, तथा अदालत और विभिन्न विभाग इसकी समीक्षा कर रहे हैं।

    Q4. धार्मिक परंपराओं को क्या होगा?
    जैन समुदाय तथा अन्य पक्ष इसके लिए नए नियंत्रित स्थान की मांग कर रहे हैं। BMC ने कहा है कि नए विकल्प तलाशे जाएंगे।

    Q5. अगर कोई पुराने स्थान पर कबूतर-खिलाता है तो क्या होगा?
    अवैध स्थान पर कबूतर-खिलाने पर जुर्माना लगाया जा रहा है – उदाहरण के लिए 500 रुपए का जुर्माना।

  • मुंबई मे एक पति को उसी की पत्नी ने दी दर्दनाक मौत, बेटी ने देख लिया था मां की करतूत

    मुंबई मे एक पति को उसी की पत्नी ने दी दर्दनाक मौत, बेटी ने देख लिया था मां की करतूत

    मुंबई में एक महिला ने अपने पति को प्रेमी की मदद से मौत के घाट उतार दिया। गंभीर रुप से घायल पति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नाबालिग बेटी ने देख लिया था अपनी मां की करतूत, बच्ची के बयान के आधार पर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    मुंबईः गोरेगांव (पूर्व) के आरे मिल्क कॉलोनी में एक ऐसा दर्दनाक वाक्या पेश आया है। जिसमें कथित तौर से 35 वर्षीय तीन बच्चों की मां ने अपने ही पति को अपने प्रेमी की मदद से मौत के घाट उतार दिया। हालांकि पति इलाज के दौरान तडपते हुए भी पत्नी की खोफ से हकीकत छुपाता रहा। लेकिन जब पिता की मौत ही हो गई तो नाबालिग बेटी ने पुलिस को सारी कहानी बयां कर दी। इस पुरे केस में आरे पुलिस की मुख्य भुमिका रही। जवाबों पर संदेह जताते हुए उसने पूछताछ करना जारी रखा। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    पुलिस ने क्या कहा?

    आरे पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटील ने बताया, कि आरे मिल्क कॉलोनी में एक मेकअप आर्टिस्ट भरत लक्षमण अहिरे की इलाज के दौरान मृत्यु हो चुकी है। मामले में मृतक की 35 वर्षीय पत्नी राजश्री अहिरे को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि राजश्री ने षडयंत्र रचकर अपने प्रेमी चंद्रशेखर पडायाची और उसका साथी रंगा के हाथों अपने ही पति की हत्या करवा दी। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

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    गिरफ्तार राजश्री और मृतक भरत अहिरे की फाइल तस्वीर

    पत्नी ने खेला पति के साथ खेल

    पुलिस के मुताबिक, पत्नी के अवैध संबंध के चलते भरत की हत्या हुई है। पिछले महीने जब भरत ने अपनी पत्नी से इस बारे में पूछा, तो उसने भोली बनते हुए चंद्रशेखर द्वारा उस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके बाद भरत ने चंद्रशेखर को फोन किया, जिसने उसे गोरेगांव पूर्व के आरे मिल्क कॉलोनी स्थित एकतानगर, यूनिट नंबर 31 में एक सार्वजनिक शौचालय के पास मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान राजश्री भी अपने पति के साथ मिलने वाली जगह पर भी गई। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    प्रेमी के साथ मिलकर पति को मरवाया

    15 जुलाई की रात जब चंद्रशेखर और रंगा भरत से मिले तो उन्होंने उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। चंद्रशेखर ने उसकी छाती, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर बेतहाशा मुक्का मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक चंद्रशेखर का साथी रंगा हमले के दौरान भरत को पीछे से पकड़ रखा था। हमले के वक्त राजश्री बगल में खड़े होकर तमाशा देखती रही। न तो उसने हस्तक्षेप किया और न ही आवाज़ लगा कर मदद मांगी। इसके बाद जैसे ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर इकट्ठा होने लगे, दोनों हमलावर भाग गए। यहां राजश्री का और एक गुनाह सामने आया। राजश्री अपने पति को अस्पताल ले जाने के बजाय, अपने घर ले गई और तीन दिनों तक बिना किसी इलाज के उसे तड़पता हुआ छोड़ दिया।

    नाबालिग बेटियों ने मांगी मदद

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भरत के दो बेटियां 13 और 5 साल की हैं और एक 3 साल का बेटा है। 13 वर्षीय नाबालिग अपने पिता की बिगड़ती हालत देख सहमी हुई थी। लेकिन जब उसने देखा कि पिता को खून की उल्टियां होने लगीं तो उसने ने रिश्तेदारों को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर भरत की भाभी घर आईं, जहां राजश्री ने दावा किया कि भरत एक बाइक दुर्घटना में घायल हो गया है। आखिरकार उसे मलाड पूर्व के पठानवाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में राजश्री ने वही एक्सिडेंट वाली झूठी कहानी दोहराई, इसपर भरत भी पत्नी के दबाव और डर के कारण उसी के हां में हां मिलाया। जबकि इसकी जानकारी डॉक्टरों ने मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) के तहत पुलिस को रिपोर्ट भेजी। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    बेटी ने देख लिया था अपनी मां की करतूत

    हालांकि पुलिस को बयान में बहुत सी गड़बड़ियां नजर आ रही थी। इसलिए उन्होंने डिटेल में पूछताछ की और भरत के दिए गए बयान के आधार पर बेटी से भी बात की। क्यों कि रिशतेदारों को पहली सूचना बेटी ने दी थी। इसलिए पुलिस को शक हुआ और पूछताछ में बेटी ने बताया कि उसने मार पीट के समय छुपकर सारी घटना देख ली थी। पुलिस ने बताया कि बेटी के बयान के वक्त उसकी मां चुपचाप खड़ी देख रही थी। राजश्री अपने पति को अस्पताल ले जाने के बजाय घर ले आई और उसका इलाज भी नहीं कराया आखिरकार 5 अगस्त को इलाज के दौरान भरत की मृत्यु हो गई। बेटी के दिए गए बयान के आधार पर यह पूरा मामला सामने आया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश चल रही है।

  • सार्वजनिक शौचालय पर परिवार का कब्जा: प्रशासन भी बना ख़ामोश

    सार्वजनिक शौचालय पर परिवार का कब्जा: प्रशासन भी बना ख़ामोश

    हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार सलमान खान ने 2017 में जिस सार्वजनिक शौचालय का उद्घाटन किया था उसे एक परिवार ने कब्जा कर लिया है। घटना मुंबई के गोरेगांव (पूर्व) आरे मिल्क कॉलोनी की है।

    मुंबई: गोरेगांव (पूर्व) के आरे मिल्क कॉलोनी के यूनिट क्रमांक 30 का सार्वजनिक शौचालय कब्जा हो चुका है। साल 2017 में बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने यहां दो सार्वजानिक शौचालयों का उद्घाटन किया था। जिसमें से एक जो फिल्म सिटी के पिछले गेट के पास यूनिट क्रमांक 30 में स्थित है उसकी हालत खस्ता हो गई है। इस सार्वजनिक शौचालय के एक हिस्से पर एक परिवार ने अतिक्रमण कर लिया है, जिसका दावा है कि उसे शौचालय की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया था। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    जमीनी हकीकत

    जब पत्रकार ने घटनास्थल का दौरा किया, तो ललिता राणे नामक एक महिला यहां कपड़े धोती हुई दिखाई दीं, जबकि उनकी एक और रिश्तेदार जानकी नामक वृद्ध महिला शौचालय के महिला खंड में सो रही थीं, जिसे रहने के लिए जगह और सामान रखने के लिए स्टोरेज रुम में बदल दिया गया है। Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    कब्ज़ेदारों ने क्या कहा?

    ललिता ने पत्रकार से बात करते हुए बताया, कि “मेरा जन्म यहीं आरे मिल्क कॉलोनी में हुआ है, और मेरी सास, कमलदेवी राणे, जो पहले शौचालय का रखरखाव संभालती थीं, वह भी इसी इलाके में जन्मी और पली-बढ़ी थीं। दो साल पहले उनका निधन हो गया। बीएमसी ने सालों पहले इस शौचालय का निर्माण कराया था, उसे तोड़ दिया और फिर से बनवाया। सलमान खान भी उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे। अब सालों से बीएमसी ने इसका रखरखाव नहीं किया है। इसलिए इसकी हालत खस्ता हो गई है।

    रखरखाव की समस्या

    उसने ये भी कहा, कि इसमें पानी का कनेक्शन नहीं है और इसे चालू रखने के लिए कोई धनराशि भी नहीं दी गई है। इस इलाके में अक्सर नशेड़ी देखे जाते हैं, जो हमारी जान के लिए खतरा बने रहते हैं। हमने पास में ही एक छोटा सा कुआँ खोदा है, जिसका इस्तेमाल हम नहाने और बर्तन धोने के लिए करते हैं। अगर बीएमसी पानी और रखरखाव के लिए धनराशि उपलब्ध करा दे, तो यह शौचालय फिर से लोगों की सेवा के लिए चालू किया जा सकता है।”

    टूट गये हैं सभी दरवाजे

    उनकी मौसी ने आगे कहा, “हम शौचालय के इस हिस्से का इस्तेमाल सोने और सामान रखने के लिए करते हैं। यहाँ बिजली या पानी का कनेक्शन नहीं है। महिलाओं का सेक्शन असुरक्षित है – सभी दरवाजे टूटे हुए हैं, इसलिए हमें इसे हमेशा के लिए बंद करना पड़ा। हम बीएमसी और सलमान खान से अनुरोध करते हैं कि वे इस मामले को देखें और हमारी मदद करें।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    मिडिया लेंस

    शौचालय ब्लॉक का वह हिस्सा, जिस पर अतिक्रमण नहीं हुआ था, बेहद खराब हालत में था, जहाँ बुनियादी स्वच्छता, पानी की आपूर्ति और यहाँ तक कि दरवाज़े भी नहीं थे। परिसर में गुटखे के पैकेट, शराब की बोतलें और सिगरेट के टुकड़ों से भरा पड़ा था। इसके अलावा, उद्घाटन और उसमें शामिल लोगों का विवरण देने वाली स्मारक टाइल भी गायब था।

    प्रशासन से मरम्मत की मांग

    आरे मिल्क कॉलोनी के शिवसेना (यूबीटी) शाखा प्रमुख संदीप गढ़वे ने कहा, “सलमान खान ने छह रूमों वाले दो सार्वजनिक शौचालयों का उद्घाटन किया था – एक मद्रासपाड़ा में और दूसरा यूनिट 30 में। दुर्भाग्य से, अधिकारियों की उपेक्षा के कारण यूनिट 30 की हालत बेहद खराब हो गई है। एक तरफ एक परिवार ने अतिक्रमण कर उसे घर बना लिया है। पानी, दरवाज़ों और रखरखाव की कमी के कारण दूसरा आधा हिस्सा अनुपयोगी है, जिससे लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आरे के सीईओ और बीएमसी को तत्काल इस शौचालय की मरम्मत करानी चाहिए।”

    रहिवासियों ने क्या कहा ?

    एक निवासी ने कहा, “रात में, फिल्म सिटी गेट के पास के इलाके में नशेड़ी और असामाजिक तत्व अक्सर आते हैं। कोई भी वहाँ जाना नहीं चाहता। एक परिवार ने शौचालय के एक हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया है। लेकिन बीएमसी, आरे के सीईओ और पुलिस इसपर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं करती।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

    एक स्थानीय निवासी विनोद एकनाथ कांबले ने कहा, “शौचालय की सुविधा न होने के कारण हमें सड़क पर या जंगल में पेशाब करने को मजबूर होना पड़ता है। नशेड़ी रात में घूमते रहते हैं। यह हमारे परिवारों के लिए जोखिम भरा है, लेकिन हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। हम लाचार हैं और अपने घरों से दूर स्थित शौचालयों का उपयोग करने को मजबूर हैं।”

    बीएमसी अधिकारी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) उपआयुक्त किरण दिघावकर ने कहा, “आरे मिल्क कॉलोनी और संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) के अंतर्गत आते हैं और इसका प्रशासन आरे के सीईओ द्वारा किया जाता है। मरम्मत या रखरखाव के लिए, सीईओ कार्यालय और ईएसजेड निगरानी समिति से अनुमति लेना आवश्यक होता है। 2017 में जब हमने सार्वजनिक उपयोग के लिए शौचालय ब्लॉक का विकास किया था, तब हमने आरे मिल्क कॉलोनी के सीईओ से अनुमति ली थी। सीईओ की स्वीकृति मिलने के बाद हम सार्वजनिक शौचालय की मरम्मत और रखरखाव कर पाएंगे।”

    शौचालय के बाहर ट्यूबवेल की व्यवस्था

    इस बीच, आई लव मुंबई फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सदस्य राहुल कनाल ने कहा, “हमें उम्मीद है कि अधिकारी इस मुद्दे पर ध्यान देंगे और जल्द से जल्द इसका समाधान करेंगे। आरे सीईओ कार्यालय और वन विभाग से अनुमति संबंधी समस्याओं के कारण, बीएमसी पानी का कनेक्शन नहीं दे पा रही है। इस पर हमने सार्वजनिक शौचालय के बाहर एक ट्यूबवेल की व्यवस्था की थी।” Family takes over public toilet: Administration also remains silent

  • Mumbai: दादी को कचरे की ढेर में फेंकने वाला पोते सहित ऑटो ड्राइवर और एक रिश्तेदार गिरफ्तार

    Mumbai: दादी को कचरे की ढेर में फेंकने वाला पोते सहित ऑटो ड्राइवर और एक रिश्तेदार गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने कचरे के ढेर में बुजुर्ग को फेंकने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि खुद पोते ने कैंसर से पीड़ित दादी को कचरे के ढेर में फेंका और इसमें एक ऑटोरिक्शा ड्राईवर के साथ एक रिश्तेदार ने उसकी मदद की थी। Mumbai: Auto driver and a relative arrested along with grandson for throwing grandmother in garbage heap

    मुंबईः गोरेगांव के आरे कॉलोनी में एक कैंसर पीड़ित दादी को कचरे के ढेर में फेंकने वाले शख्स को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शर्मशार कर देने वाले मामले में पोते के साथ एक रिश्तेदार और एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पोते की पहचान राहुल शेवाले के रुप में हुई है। इसके साथ पुलिस ने रिश्तेदार बाबा साहब गायकवाड़ और ऑटो ड्राईवर संजय कडरेसिम को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि स्किन कैंसर पीड़िता महिला को हॉस्पिटल में भर्ती करने के बजाय उसे जिंदा कचरे के ढेर में फेंक कर फरार हो गए थे। Mumbai: Auto driver and a relative arrested along with grandson for throwing grandmother in garbage heap

    घायल अवस्था में मिली

    जानकारी के मुताबिक, गोरेगांव (पूर्व), आरे कॉलोनी के जंगल में 22 जून को कचरे के ढेर में 60 साल की महिला पुलिस को जख्मी अवस्था में मिली थी। शुरुआती जांच में पता चला कि महिला कांदिवली पूर्व के हनुमान नगर इलाके की रहने वाली थी। पुलिस की जांच में पोते ने बताया कि महिला खुद घर से निकल गई थी। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला के पोते ने ही 22 तारीख की सुबह ऑटो रिक्शा से महिला को आरे कॉलोनी के जंगल में लाया और कचरे में फेक दिया। Mumbai: Auto driver and a relative arrested along with grandson for throwing grandmother in garbage heap

    कूपर अस्पताल में बुजुर्ग का चल रहा इलाज

    आरे पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवीन्द्र पाटील ने बताया, कि जब महिला पुलिस को मिली थी तब वह गंभीर स्थिति में थी। फिलहाल उसे कूपर अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां पर उसका इलाज चल रहा हैं। महिला का नाम यशोदा गायकवाड (60) है और उसको स्किन कैंसर हैं। कूपर अस्पताल के डीन डॉ. सुधीर मेढेकर ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और उनकी नाक और गाल पर अल्सर जैसा कैंसरनुमा घाव है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal Cell Carcinoma) की आशंका जताई गई है। Mumbai: Auto driver and a relative arrested along with grandson for throwing grandmother in garbage heap

    रिश्तेदार और ऑटो ड्राइवर ने की मदद

    बताया जा रहा है कि दादी को कचरे के ढेर में फेंकने के लिए पोता ऑटोरिक्शा ड्राईवर को 400 रुपये दिए थे। आरोप है कि युवक ने रिश्तेदार से मदद ली थी। ऑटो ड्राइवर पर भी बुजुर्ग को कचरे में फेंकने में मदद का आरोप है। Mumbai: Auto driver and a relative arrested along with grandson for throwing grandmother in garbage heap

  • पोते ने कैंसर पीड़ित दादी को मुंबई के कूड़े दान में फेंका

    पोते ने कैंसर पीड़ित दादी को मुंबई के कूड़े दान में फेंका

    मुंबई के गोरेगांव पूर्व आरे कॉलोनी के एक कूड़े के ढेर से एक बुजुर्ग दादी को पुलिस ने बरामद किया है जो त्वचा कर्करोग से पीड़ित है और वो बोल भी नही सकती। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

    मुंबई: गोरेगांव से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना प्रकाश में आ रही है। यहां एक स्किन कैंसर से पीड़ित एक 60 वर्षीय बुजुर्ग दादी को उनके ही पोते ने आरे कॉलोनी के कूड़े के ढेर में फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने बुजुर्ग महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया और फिलहाल उनका कूपर अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बुजुर्ग महिला का नाम यशोदा गायकवाड़ बताया जा रहा है जो बोल नहीं सकती। सिर्फ पोता-पोती ही कहती रहती है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

    पुलिस करेगी तकनीकी जांच

    आरे कॉलोनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटिल ने बताया, कि बुढ़ी दादी बोल नही पाती ऐसे में हमारे लिए उसका सही पता लगाना और उनके परिवार के सदस्यों का पता लगाना चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी मिली है कि यशोदा गायकवाड़ अपने पोते के साथ मालाड इलाके में रहती थी। वृद्ध महिला मालाड़ और कांदीवली ऐसे दो जगहों का पता बता रही है। हो सकता है इनमें कही उसके परिवार वाले रहते हो। दादी ने यह भी बताया कि उनका पोता उन्हें यहा छोड़ गया था। हालांकि पुलिस संबंधित पोते का नाम और पता जानने के लिए तकनीकी जांच पर ध्यान केंद्रित कर रही है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

    सीसीटीवी की जांच

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटिल ने यह भी बताया, कि आरे पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और बुजुर्ग महिला के पोते और परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन भी किया गया है। हालांकि जिस जगह बुजुर्ग महिला को छोड़ा गया था वहां कोई सीसीटीवी कैमरे नही लगे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दादी मां का फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

    कूपर अस्पताल के डीन डॉ. सुधीर मेढेकर ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और उनकी नाक और गाल पर अल्सर जैसा कैंसरनुमा घाव है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal Cell Carcinoma) की आशंका जताई गई है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

  • 40 से भी अधिक चोरी के मामले, कुरार पुलिस ने एक महिला संग 4 चोरों को किया गिरफ्तार

    40 से भी अधिक चोरी के मामले, कुरार पुलिस ने एक महिला संग 4 चोरों को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो घरों का ताला तोड़ कर किमती सामान चुरा लिया करते थे। मलाड़ पूर्व की कुरार पुलिस ने एक महिला संग कुल 4 लोगों को गिरफ्तार कर चोरी के गहने और कैश पैसे बरामद किए हैं।

    मुंबई: मालाड़ पूर्व की कुरार पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है। जो लोगो के घर में घुस कर कीमती सामान चुरा लिया करते थे। पुलिस ने पिंपरी पाडा के एक चोरी की घटना में एक महिला संग कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार 29 वर्षीय आरोपी अब्दुल रफिक हमीद अंसारी उर्प पप्पू खोटा एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में 40 से अधिक अपराधिक मामला दर्ज है। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    दरवाजे का ताला तोड़ा

    कुरार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजीव तावडे ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 मई से 3 जुन के बीच कुरार विलेज, पिंपरी पाडा के अष्टविनायक चाल में चोरी की घटना हुई थी। 38 वर्षीय फरियादी नजीर मुराद खान के अनुसार चोरों ने उसके घर के दरवाज़े पर लगा ताला तोड़ा और घर में रखे 100 ग्राम सोने के गहने, 240 ग्राम चांदी और 80 हजार रुपये कैश लेकर फरार हो गये। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    सीसीटीवी कैमरों की जांच

    पुलिस ने बताया कि 4 जुन को गु.र.क्र. 443/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(3), 331(4), 305 (अ) के तहत मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि मौक-ए वारदात के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और तांत्रिक विश्लेषण के जरिए चोरों का पता लगाया गया। जिसके बाद इन चारों बदमाशों की गिरफ्तारी हुई है। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    चोरों की पहचान

    गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि 29 वर्षीय आरोपी अब्दुल रफिक हमीद अंसारी उर्प पप्पू खोटा बेरोजगार हैं, जो बीएमसी कॉलोनी रुम नंबर 15, वार्ड नंबर 3, संतोष नगर, गोरेगांव पूर्व का रहने वाला है। 25 वर्षीय दिपाली डंपर भुल उर्फ दिपाली विशाल शर्मा इस गिरोह की मेंबर के साथ साथ एक गृहणी है, जो तुलशी निवास बिल्डिंग, साईंनाथ रोड़, रूम नंबर 2, मालाड़ पश्चिम की रहने वाली है। 29 वर्षीय सुरज संजय जाधव रिक्शा चालक है, जो माउली रहिवासी मंडळ, पिंपरी पाडा, कुरार विलेज, मालाड़ पूर्व का रहने वाला है। 25 वर्षीय आकाश चंद्रकांत पवार डिलीवरी बॉय का काम करता है, जो सोनाली बिल्डिंग, रुम नंबर 503, मुंब्रा कॉलोनी दिवा पूर्व, ठाणे जिला का रहने वाला है। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

    40 से भी अधिक मामले दर्ज

    पुलिस ने बताया कि कुरार पुलिस थाना अंतर्गत इस गिरोह ने और भी 3 जगहों पर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। अधिकारी ने कहा, पिंपरी पाड़ा की घटना में चोरी का सारा सामान और कैश पैसे बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार अब्दुल रफिक हमीद अंसारी उर्प पप्पू खोटा एक शातिर अपराधी है इसके खिलाफ कुरार, दिंडोशी और आरे पुलिस थाने में 40 से भी अधिक मामले दर्ज है। पुलिस मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। More than 40 cases of theft, Kurar police arrested 4 thieves along with a woman

  • Mumbai: गोरेगांव पूर्व आरे में झोपड़ा कब्जे को लेकर दो गुटों में विवाद, एक की हत्या, पांच गिरफ्तार।

    Mumbai: गोरेगांव पूर्व आरे में झोपड़ा कब्जे को लेकर दो गुटों में विवाद, एक की हत्या, पांच गिरफ्तार।

    गोरेगांव पूर्व के आरे कॉलोनी, यूनिट नंबर 32 में अवैध झोपड़ी कब्जे को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दो गुटों में तलवार बाज़ी हो गई।जिसमें एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस ने महिलाओं सहित 5 को किया गिरफ्तार। (Mumbai Dispute between two groups over possession of a hut in Goregaon East Aarey, one killed, five arrested)

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व, आरे कॉलोनी के यूनिट नंबर 32 में अवैध झोपड़ी कब्जे को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां दो गुटों के बीच हुई झड़प में फुरखान नामक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महज एक घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में दोनो पक्षों के खिलाफ क्रॉस एफआईआर दर्ज की गई है। (Mumbai Dispute between two groups over possession of a hut in Goregaon East Aarey, one killed, five arrested)

    घटना की जानकारी

    आरे पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील ने बताया, कि यूनिट क्रमांक 32 में जौहरुद्दीन उर्फ ‘बडा कालू’ नामक व्यक्ति द्वारा अवैध झोपड़ियों का निर्माण कर उन्हें बेचा जा रहा था। इस धंधे में उसकी मां रज़िया, भाई असरुद्दीन उर्फ अज्जू और भाभी आफरीन भी शामिल हैं। जौहरुद्दीन उर्फ बडा कालू के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें चोरी, मारपीट, धमकी और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। (Mumbai Dispute between two groups over possession of a hut in Goregaon East Aarey, one killed, five arrested)

    क्रॉस एफआईआर दर्ज

    बताया गया कि बड़ा कालू कुछ समय से तड़ीपार था और हाल ही में इलाके में वापस लौटा। लौटते ही उसने यूनिट नंबर 32 में एक झोपड़ी पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसका फुरखान और उसके साथियों ने विरोध किया। इसी दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि बडा कालू ने फुरखान पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल फुरखान को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके अलावा पुलिस ने फुरखान द्वारा तलवार से हमला करने के मामले में पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है। (Mumbai Dispute between two groups over possession of a hut in Goregaon East Aarey, one killed, five arrested)

    दोनों पक्ष की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस ने बताया कि घटना में नितेश पाल, अरबाज खान, राजेश वाघमारे और सनी राम शामिल हैं। इस विवाद के बीच फुरखान की मृत्यु हो गई है, जबकि सनी राम को जख्मी अवस्था में अस्प्ताल में भर्ती करवाया गया है। मामले में मितेश पाल, अरबाज खान और राजेश वाघमारे को आरे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जबकि पहले मामले में पुलिस ने कालू की मां रज़िया और भाभी आफरीन को भी गिरफ्तार किया है। (Mumbai Dispute between two groups over possession of a hut in Goregaon East Aarey, one killed, five arrested)

    तहकीकात जारी..

    पुलिस ने बडा कालू और उसकी मां रज़िया, भाई असरुद्दीन, भाभी आफरीन और अन्य पर हत्या और हिंसा का मामला दर्ज किया है। पुलिस उपायुक्त स्मिता पाटील के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील और उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मामले की अभी और अधिक तहकीकात जारी है। (Mumbai Dispute between two groups over possession of a hut in Goregaon East Aarey, one killed, five arrested)