मुंबई के राम मंदिर पूर्व में सार्वजनिक शौचालय में दो युवकों की मौत से हड़कंप मच गया। पड़ोसी इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट से chemical fumes आने की आशंका की जांच जारी है।
मुंबई: गोरेगांव पूर्व में राम मंदिर रेलवे स्टेशन के पास शिवशंकर नगर इलाके में रविवार तड़के एक सार्वजनिक शौचालय के अंदर दो युवकों की मौत के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। दोनों युवक शौचालय के अंदर बेहोशी की हालत में मिले। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पास में चल रही इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट से निकले chemical fumes शौचालय तक पहुंचे थे या नहीं। फिलहाल मौत का अंतिम कारण पोस्टमार्टम और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मृतकों की पहचान 18 वर्षीय भाविन देसाई और 24 वर्षीय प्रभाकर धनिवार के रूप में की गई है। दोनों स्थानीय गणपति मंडल से जुड़े थे। शनिवार रात वे मंडल के छह अन्य सदस्यों के साथ खाना खाने गए थे और इसके बाद कुछ समय तक साथ बैठे रहे।
करीब 2:30 बजे शौचालय गए थे दोनों युवक
जानकारी के अनुसार रात करीब 2:30 बजे भाविन देसाई और प्रभाकर धनिवार सार्वजनिक शौचालय गए। काफी समय बीतने के बाद जब दोनों वापस नहीं लौटे तो उनके साथ मौजूद युवकों को चिंता हुई। वे शौचालय के अंदर पहुंचे तो दोनों को बेहोशी की हालत में पाया।
साथियों ने दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों को जोगेश्वरी पूर्व के ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया था और करीब 3:45 से 3:49 बजे के बीच उनकी मौत की पुष्टि हुई।
शौचालय से तेज chemical smell आने की बात
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने शौचालय से तेज chemical smell आने की जानकारी दी। इसी के बाद आशंका जताई गई कि अंदर किसी chemical substance या fumes का प्रभाव हो सकता है।
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि शौचालय के अंदर मौजूद chemical कौन-सा था, उसकी concentration कितनी थी या वह वहां तक किस रास्ते से पहुंचा। अधिकारियों की जांच का एक अहम हिस्सा इसी source की पहचान करना है।
पास की इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट पर क्यों पहुंची जांच?
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि सार्वजनिक शौचालय के ठीक पास चल रही एक छोटी इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट में चल रही प्रक्रिया से chemical fumes निकले थे या नहीं।
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अब्दुल शेख के अनुसार, यूनिट में electroplating process चल रहा था और यह जांच की जा रही है कि वहां से निकले fumes सार्वजनिक शौचालय तक पहुंचे थे या नहीं। यूनिट का मालिक घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
पुलिस ने जांच का हवाला देते हुए दोनों मौतों के लिए यूनिट या उसके मालिक को जिम्मेदार नहीं ठहराया है। पुलिस की जांच यह निर्धारित करेगी कि fumes और मौतों के बीच वास्तव में कोई सीधा संबंध था या नहीं।
कौन-सा chemical था, अभी सबसे बड़ा सवाल
इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि आखिर शौचालय के अंदर कौन-सा chemical या gas मौजूद था।
पुलिस ने बताया कि किसी specific chemical या gas का नाम सामने नहीं आया है। न ही यह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट हुआ है कि शौचालय के अंदर की हवा में किस पदार्थ की मौजूदगी पाई गई या उसकी कितनी मात्रा थी।
BMC, Fire Brigade और MPCB की टीमें मौके पर पहुंचीं
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल यानी MPCB और BMC के वार्ड कर्मचारियों की टीमें मौके पर पहुंचीं।
जांच में सार्वजनिक शौचालय के भीतर की स्थिति के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र और संभावित chemical source की भी पड़ताल की जा रही है।
अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि मौके पर की गई जांच में क्या पाया गया, क्या किसी chemical या gas का sample लिया गया और उसकी laboratory testing से क्या सामने आता है।
सार्वजनिक शौचालय की ventilation पर भी उठेंगे सवाल
घटना के बाद सिर्फ आसपास की industrial activity ही जांच का विषय नहीं है। यह भी देखा जाना जरूरी है कि सार्वजनिक शौचालय की ventilation व्यवस्था कैसी थी और वहां हवा के आने-जाने की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं।
अगर बाहरी fumes किसी तरह अंदर पहुंचे थे, तो यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि शौचालय की संरचना, ventilation, drainage या किसी अन्य रास्ते ने fumes के जमा होने में कोई भूमिका निभाई थी या नहीं।
यही वजह है कि घटना की पूरी जांच में केवल संभावित chemical source ही नहीं, बल्कि public toilet की physical condition और maintenance व्यवस्था को भी देखा जाना महत्वपूर्ण होगा।
पुलिस ने accidental death report दर्ज की
Vanrai Police ने मामले में accidental death report दर्ज की है। पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा काम दोनों मौतों के वास्तविक कारण और chemical exposure की संभावित भूमिका को स्थापित करना है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच से स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इलेक्ट्रोप्लेटिंग यूनिट से निकलने वाले fumes वास्तव में शौचालय तक पहुंचे थे या नहीं और अगर पहुंचे थे तो उनका दोनों युवकों पर क्या प्रभाव पड़ा।
अब जांच के नतीजों पर टिकी नजर
राम मंदिर पूर्व की इस घटना में फिलहाल दो मौतें हो चुकी हैं, लेकिन chemical source और मौत के बीच संबंध अभी जांच का विषय है। किस substance के कारण खतरा पैदा हुआ, वह कहां से आया, शौचालय तक कैसे पहुंचा और क्या किसी नियम या सुरक्षा व्यवस्था का उल्लंघन हुआ था—इन सवालों के जवाब जांच के अगले चरण में सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस, BMC, Fire Brigade और MPCB की जांच के साथ पोस्टमार्टम निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। इन्हीं से यह स्पष्ट होगा कि शिवशंकर नगर के सार्वजनिक शौचालय में दोनों युवकों की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
