Malad Drain Accident: 4 दिन बाद मिला योगेश का शव, NDRF की बड़ी तलाश खत्म

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Malad Drain Accident में मालाड ईस्ट के योगेश वर्मा का शव 4 दिन बाद बरामद हुआ। NDRF और पुलिस के सर्च ऑपरेशन की पूरी जानकारी पढ़ें।

मुंबई: मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच मालाड पूर्व के तानाजी नगर में नाले में बह गए 38 वर्षीय योगेश शिवकुमार वर्मा का शव आखिरकार चार दिन बाद बरामद कर लिया गया। पुलिस, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और अन्य बचाव एजेंसियों ने कई घंटों तक चले संयुक्त अभियान के बाद बुधवार सुबह शव को खोज निकाला।

यह घटना एक बार फिर मुंबई में मानसून के दौरान खुले और तेज बहाव वाले नालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

कैसे मिला योगेश वर्मा का शव?

कुरार पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 6 बजे सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया। बचाव दल ने उस स्थान से तलाश शुरू की, जहां 5 जुलाई की रात योगेश वर्मा बारिश के तेज बहाव वाले नाले में गिर गए थे।

रेस्क्यू टीम ने पूरे स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के बहाव का पीछा किया, जो आगे चलकर मालाड पश्चिम के एवरशाइन नगर के पास स्थित खाड़ी (Creek) से जुड़ता है।

करीब 11:30 बजे बचाव दल को खाड़ी में योगेश का शव मिला। यह जलमार्ग आगे अक्सा बीच की दिशा में जाता है।

कुरार पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुशीलकुमार गायकवाड़ ने शव मिलने की पुष्टि की।

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मृतक योगेश शिवकुमार वर्मा की फाइल तस्वीर

अब आगे क्या होगी कानूनी प्रक्रिया?

शव मिलने का स्थान बांगुर नगर पुलिस स्टेशन की सीमा में आने के कारण स्थानीय पुलिस ने Accidental Death Report (ADR) दर्ज की है।

इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिद्धार्थ अस्पताल भेजा गया है।

बांगुर नगर पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयवंत पवार ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना कैसे हुई थी?

पुलिस जांच के अनुसार, यह हादसा 5 जुलाई की रात मालाड पूर्व के तानाजी नगर इलाके में हुआ था।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, योगेश वर्मा बारिश के दौरान नाले के किनारे चल रहे थे। इसी दौरान उनकी चप्पल तेज बहाव वाले पानी में बह गई। चप्पल निकालने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नाले में गिरकर तेज पानी के साथ बह गए।

स्थानीय लोगों ने क्या आरोप लगाए?

घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जिस नाले में हादसा हुआ वहां लंबे समय से पर्याप्त सुरक्षा रेलिंग नहीं लगी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि—

  • इस रास्ते का इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में लोग करते हैं।
  • स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं।
  • कई बार प्रशासन से सुरक्षा रेलिंग लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई स्थायी कार्रवाई नहीं हुई।

निवासियों का मानना है कि यदि नाले के किनारे उचित सुरक्षा व्यवस्था होती तो इस हादसे को टाला जा सकता था।

Mumbai Monsoon में क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे हादसे?

इस वर्ष मुंबई में लगातार भारी बारिश के दौरान नाले, मैनहोल और जलभराव से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान लोगों को:

  • तेज बहाव वाले नालों के किनारे चलने से बचना चाहिए।
  • पानी से ढके रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
  • प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स और चेतावनी संकेतों का पालन करना चाहिए।

मालाड के तानाजी नगर में हुई यह दुखद घटना मुंबई में मानसून के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को फिर सामने लाती है। चार दिन तक चले संयुक्त सर्च ऑपरेशन के बाद योगेश वर्मा का शव बरामद कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु (ADR) दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं स्थानीय लोग नाले के किनारे स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

FAQ Section

Q1. मालाड में नाले में बहने वाले व्यक्ति का नाम क्या था?

उत्तर: मृतक की पहचान 38 वर्षीय योगेश शिवकुमार वर्मा के रूप में हुई।

Q2. शव कब बरामद हुआ?

उत्तर: बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे सर्च ऑपरेशन के दौरान शव बरामद किया गया।

Q3. शव कहां मिला?

उत्तर: मालाड पश्चिम के एवरशाइन नगर के पास स्थित खाड़ी (Creek) में शव मिला।

Q4. किस एजेंसी ने सर्च ऑपरेशन चलाया?

उत्तर: कुरार पुलिस और NDRF ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया।

Q5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?

उत्तर: बांगुर नगर पुलिस ने ADR दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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