कोल्हापुर में 23 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा तरन्नुम की मौत के मामले में प्रेमी गिरफ्तार। चैट हिस्ट्री, पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच में सामने आए अहम पहलू जानें।
महाराष्ट्र: कोल्हापुर जिले में 23 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्रा तरन्नुम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में उसके प्रेमी श्रीपाद वडार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को आरोपी के बयानों और मोबाइल चैट हिस्ट्री में ऐसे अंतर मिले, जिनके बाद मामले की जांच हत्या के एंगल से शुरू की गई। आरोपी ने कथित तौर पर दोनों के आत्महत्या करने का फैसला लेने की बात कही थी, लेकिन पुलिस को इस दावे पर संदेह हुआ।
तरन्नुम का शव कोल्हापुर के भुदरगढ़ तालुका में नाईकवाडी जलप्रपात के नीचे गहरी खाई में मिला था। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का आरोप जोड़ा गया है। आरोपी को 15 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
आरोपी के बयानों में क्या अंतर मिला?
पुलिस के अनुसार, श्रीपाद वडार और तरन्नुम पिछले पांच साल से रिलेशनशिप में थे। तरन्नुम की शादी दूसरे युवक से तय होने के बाद दोनों के रिश्ते में तनाव आने की बात सामने आई है। उसकी शादी 12 नवंबर को होने वाली थी।

शुरुआत में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह पानी लेने गया था और वापस लौटने पर तरन्नुम वहां नहीं मिली। बाद में उसने दावा किया कि तरन्नुम फोन पर बात करते समय खाई में गिर गई थी।
इसके बाद आरोपी ने पुलिस को बताया कि दोनों ने साथ में आत्महत्या करने का फैसला किया था, लेकिन आखिरी समय में वह खुद ऐसा करने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
हालांकि, पुलिस को उसके अलग-अलग बयानों पर संदेह हुआ। मोबाइल चैट हिस्ट्री की जांच में भी कथित आत्महत्या समझौते के दावे को समर्थन नहीं मिलने की बात सामने आई।
सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर विवेक पाटील के मुताबिक, चैट में ऐसे संकेत मिले कि तरन्नुम की शादी कहीं और तय होने से श्रीपाद नाराज था। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ी। हालांकि, आरोपी के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
नाईकवाडी जलप्रपात के पास मिला था शव
यह घटना भुदरगढ़ तालुका के पाटगांव के पास नाईकवाडी जलप्रपात क्षेत्र की है। 9 अक्टूबर को हुई कथित घटना के बाद तरन्नुम का शव गहरी खाई में मिला।
दुर्गम इलाके में शव तक पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस ने आंबोली की सह्याद्री रेस्क्यू टीम की मदद ली। शव को खाई से निकालने के लिए करीब चार घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद शव को कोल्हापुर के CPR अस्पताल भेजा गया।
पोस्टमॉर्टम और मोबाइल की जांच अहम
मामले में पोस्टमॉर्टम को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। परिजनों की मांग पर इन-कैमरा पोस्टमॉर्टम और वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने की जानकारी मिली है। हालांकि, पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया और उसकी अंतिम रिपोर्ट के निष्कर्ष अलग-अलग बातें हैं। अंतिम मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही मौत से संबंधित तथ्य सामने आ सकता है।
पुलिस ने आरोपी और तरन्नुम के मोबाइल फोन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए रखे हैं। चैट हिस्ट्री की जांच पहले ही पुलिस के संदेह का अहम आधार बनी है। अब डिजिटल साक्ष्यों, पूछताछ और अन्य उपलब्ध सबूतों को मिलाकर घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

आरोपी पुलिस हिरासत में, स्थानीय लोगों ने की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की मांग
आरोपी श्रीपाद वडार को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 15 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। कोर्ट के अनुसर पुलिस हिरासत का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों की जांच करना है।
इस घटना के बाद गारगोटी में स्थानीय लोगों ने पुलिस थाने तक मार्च निकालकर मामले की फास्ट-ट्रैक सुनवाई की मांग की।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या के अपराध में सजा से संबंधित है। दोष सिद्ध होने पर कानून में मृत्युदंड या आजीवन कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। फिलहाल मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
पुलिस के सामने अब आरोपी के बयानों, मोबाइल चैट, पोस्टमॉर्टम के निष्कर्षों और घटनास्थल से जुड़े सबूतों के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियां स्पष्ट करने की चुनौती है। मामले में आगे की कार्रवाई इन जांच निष्कर्षों और अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
