कांदिवली के आर/दक्षिण विभाग में सहायक आयुक्त आरती गोलेकर की कार्यप्रणाली पर शिकायतें, जनसमस्याओं के समाधान और जवाबदेही को लेकर उठी मांग।
मुंबई: कांदिवली स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आर/दक्षिण विभाग की सहायक आयुक्त आरती गोलेकर की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण, अधिकारी से मुलाकात और समस्याओं के समय पर समाधान को लेकर असंतोष की बात सामने आई है। इस मामले में महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर शिकायतों की समीक्षा करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि अपनी समस्याएं लेकर विभागीय कार्यालय पहुंचने वाले नागरिकों को सहायक आयुक्त से मुलाकात करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ें, तो आम लोगों को परेशानी होती है और प्रशासन के प्रति भरोसा भी प्रभावित हो सकता है।
आर/दक्षिण विभाग में सहायक आयुक्त के कार्यालय के बाहर नागरिकों की भीड़ होने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि, वहां पहुंचने वाले लोगों की संख्या, लंबित शिकायतों और उनके निस्तारण में लगने वाले समय के बारे में आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में इन शिकायतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए विभागीय रिकॉर्ड की समीक्षा जरूरी है।
जनसमस्याओं के समाधान को लेकर उठे सवाल
महानगरपालिका की जिम्मेदारी नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई करना भी है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग में शिकायत दर्ज करने, संबंधित अधिकारी तक बात पहुंचाने और समाधान की जानकारी देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
नागरिकों की अपेक्षा है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि किसी मामले के समाधान में समय लग रहा है, तो संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि उसे बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
आर/दक्षिण विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रही शिकायतों के मद्देनजर महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही लंबित जनशिकायतों की स्थिति स्पष्ट करने और नागरिकों से मुलाकात की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा जताई गई है। कुछ लोगों ने सहायक आयुक्त आरती गोलेकर के तबादले की मांग भी उठाई है।
आरती गोलेकर और मनपा प्रशासन के पक्ष का इंतजार
इस मामले में सहायक आयुक्त आरती गोलेकर का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। महानगरपालिका प्रशासन की ओर से भी इन शिकायतों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि महानगरपालिका के वरिष्ठ अधिकारी इन शिकायतों का संज्ञान लेकर क्या कदम उठाते हैं और आर/दक्षिण विभाग में जनसमस्याओं के निस्तारण की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
