विकासक किरण हेमानी की फाइल तस्वीर
अवैध बिल्डर पर पर्यावरण संतुलित करने वाले पीपल व अन्य उपयोगी पेड़ों को काटने का आरोप
सुरेंद्र राजभर
मुंबई- भ्रष्टाचार का सर्वोच्च केंद्र बन चुकी बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कार्यक्षेत्रों में अवैध रूप से सरकारी भूखंडों पर अतिक्रमण कर भूमाफियाओं ने अवैध रूप से न सिर्फ कंकरीट के जंगल खड़े कर दिए हैं, बल्कि नैसर्गिक वनों को भी नष्ट कर डाला है। ऐसा ही एक ज्वलंत मामला मनपा आर/ दक्षिण के कांदीवली (पश्चिम) में भी उजागर हुआ है। जिसमें भू-माफिया SRA बिल्डर किरण हेमानी ने पवित्र और जनोपयोगी पीपल, मैग्रोज व अन्य पर्यावरण को संतुलित करने वाले पेड़ों को कटवा कर मनपा के भूखंड पर अतिक्रमण कर लिया है।

कांदीवली SRA बिल्डर ..
प्राप्त जानकारी के अनुसार बृहन्मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आर/दक्षिण विभाग के कांदिवली (पश्चिम) में भूमापन क्रमांक 1110, प्लॉट नंबर 164, शिवशक्ति एस.आर.ए. (SRA) नगर सहकारी हाउसिंग सोसाइटी (लिमिटेड), वार्ड नंबर 22, पॉवेल्स लैंड, साईनगर, एमजी क्रॉस रोड नंबर-1 के भूखंड पर, भूमाफिया विकासक किरण हेमानी, प्रबंधक- रमाकांत सांबरे, सोसाइटी के अयोग्य अध्यक्ष- विश्वास धनावड़े, सचिव-विजय मोहिते, कोषाध्यक्ष-चेतन लिंगायत और अन्य एसआरए योजना संख्या के तहत अपने निजी हितों के लिए “पीपल” व अन्य पेड़ों को अवैध रूप से काटने और नष्ट करने के संबंध में कांदिवली पुलिस स्टेशन में एफआईआर क्र• 0591/28-08-2023 क्राइम एवं करप्शन कंट्रोल एसोसिएशन के राष्ट्रीय मीडिया अधिकारी महेश गुप्ता के अथक प्रयासों से दर्ज कराया गया है।
शिकायत में कहा गया है, कि शिकायतकर्ताओं के पास इस बात के सबूत हैं, कि उक्त अवैध निर्माण कर्ता और ऊपर उल्लिखित अन्य आरोपियों ने न केवल एक पीपल के पेड़ को नष्ट कर दिया है, बल्कि उन्होंने उक्त भूखंड पर कई पुराने पीपल और अन्य पेड़ों को भी नष्ट कर दिया है। शिकायत कर्ता ने अनुरोध किया है कि काटे गए अन्य पेड़ों का तत्काल स्थल निरीक्षण किया जाए। पेड़ों की कटाई में शरीक होने वाले दोषियों की भी जांच की जानी चाहिए तथा उक्त दोषी अभियुक्तों को कड़ी सजा देने के लिए विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।
शिकायत कर्ता ने क्राइम एवं करप्शन कंट्रोल एसोसिएशन के राष्ट्रीय मीडिया अधिकारी महेश गुप्ता से अनुरोध किया है कि इसे मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाना चाहिए। साथ ही उक्त मामले में शीघ्र ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी उक्त मामले को दर्ज कराया जाना चाहिए।
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