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मुंबई फिल्म सिटी के बॉलीवुड पार्क ऑफिस में भारत-पाकिस्तान मैच की रात 5 लाख रुपये चोरी हुए। दिंडोशी पुलिस ने तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डुप्लीकेट चाबी से ऑफिस में घुसकर कैश पेटी से पैसे चुराए और चोरी की रकम ड्रग्स व मौज-मस्ती में उड़ाई।
मुंबई: क्रिकेट का जुनून पूरे देश में चरम पर था, जब भारत-पाकिस्तान का मैच चल रहा था। इसी मौके का फायदा उठाते हुए तीन चोरों ने गोरेगांव पूर्व के फिल्म सिटी के बॉलीवुड पार्क ऑफिस में घुसकर लाखों रुपये उड़ा लिए। घटना 14 सितंबर की रात की है, जब पूरा देश टीवी पर मैच देख रहा था।
कैसे हुआ वारदात?
पुलिस जांच में सामने आया कि चोरी करने वाले तीनों आरोपी पहले बॉलीवुड पार्क में काम कर चुके थे। इन्हें अच्छे से पता था कि ऑफिस में कैश कहां रखा जाता है और किस दरवाजे पर कैमरा नहीं लगा है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर आरोपियों ने डुप्लीकेट चाबी से ऑफिस का दरवाजा खोला और सीधा कैश पेटी पर हाथ साफ कर दिया।
5 लाख रुपये में से आधे बरामद
चोरों ने 7 से 14 सितंबर तक जमा हुए करीब 5 लाख रुपये चुराए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों से पकड़ लिया। इनके पास से ढाई लाख रुपये बरामद हुए हैं। बाकी पैसे आरोपियों ने ड्रग्स और मौज-मस्ती में खर्च कर दिए।
आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस तरह हुई है:
हुसैन भट्ट (बस क्लीनर)
अभिषेक परदे (बस कंडक्टर)
एक अन्य अभिषेक (पूर्व कर्मचारी)
पुलिस ने बताया कि चोरी के बाद आरोपी पैसे पब्लिक टॉयलेट के पीछे कचरे में छुपाकर रखते थे।
मुंबई के गोवंडी इलाके में दुर्गा मां की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर कुछ उपद्रवियों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया। मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया। पुलिस ने FIR दर्ज कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया और इलाके में भारी पुलिसबल तैनात कर दिया है।
मुंबई: नवरात्रि के मौके पर जहां पूरे शहर में माता दुर्गा की जयकार गूंज रही है, वहीं गोवंडी इलाके से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अन्नाभाऊ साठे नगर एकता चॉल में रविवार देर रात माता दुर्गा की मूर्ति ले जा रहे भक्तों पर कुछ लोगों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया।
भक्तों को पीटा, मूर्ति खंडित
स्थानीय लोगों के मुताबिक, भक्त जयकारा लगाते हुए मूर्ति ले जा रहे थे। तभी कुछ उपद्रवियों ने पहले उन्हें गाना बजाने से रोका, फिर जयकारा लगाने से मना किया। जब भक्तों ने “जय माता दी” के नारे लगाए, तो आरोपियों ने अचानक हमला बोल दिया। इस दौरान मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया और कई लोग घायल हो गए।
पुलिस की फौरन कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाल लिया। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए FIR दर्ज की और 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इलाके में अतिरिक्त पुलिसबल तैनात कर दिया गया है ताकि हालात काबू में रहें।
श्रद्धालुओं की आपबीती
एक भक्त ने बताया, “हम शांतिपूर्वक मूर्ति ले जा रहे थे। हमने बस जयकारा लगाया था, लेकिन अचानक वो लोग तलवार-डंडे लेकर आ गए और हमें पीटना शुरू कर दिया।” इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव फैल गया, लेकिन पुलिस का कहना है कि अब स्थिति नियंत्रण में है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, “दोनों समुदायों के बीच झड़प हुई थी। देवी की मूर्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।”
❓ FAQ Section
Q1. घटना कहां हुई? 👉 घटना मुंबई के गोवंडी इलाके के अन्नाभाऊ साठे नगर एकता चॉल में हुई।
Q2. भक्तों पर क्यों हमला किया गया? 👉 श्रद्धालुओं का कहना है कि जब उन्होंने “जय माता दी” का जयकारा लगाया तो उपद्रवियों ने तलवार, रॉड और डंडों से हमला कर दिया।
Q3. मूर्ति को क्या नुकसान हुआ? 👉 हां, मूर्ति को खंडित कर दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
Q4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की है? 👉 पुलिस ने FIR दर्ज कर 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और इलाके में भारी पुलिसबल तैनात किया गया है।
Q5. क्या स्थिति अब नियंत्रण में है? 👉 हां, पुलिस के मुताबिक इलाके में फिलहाल शांति है और हालात पूरी तरह काबू में हैं।
बरेली में दिशा पाटनी के घर के बाहर हुई फायरिंग के बाद मुंबई पुलिस ने एक्ट्रेस के बांद्रा स्थित घर की सिक्योरिटी कड़ी कर दी है। गोल्डी बराड़ गैंग ने जिम्मेदारी ली थी। जानिए पूरी खबर।
नेशनल डेस्क मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के मुंबई वाले घर के बाहर पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। यह कदम बरेली पुलिस की रिक्वेस्ट पर उठाया गया है। दरअसल, 12 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे बरेली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित दिशा के पैतृक घर के बाहर फायरिंग हुई थी।
गोल्डी बराड़ गैंग ने ली जिम्मेदारी
फायरिंग के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई जिसमें कुख्यात गोल्डी बराड़ गैंग ने इस वारदात की जिम्मेदारी ली और बॉलीवुड इंडस्ट्री को धमकी दी। हालांकि, किसी को चोट नहीं आई, लेकिन घटना से इलाके में दहशत फैल गई।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई – एनकाउंटर में ढेर
17 सितंबर को गाज़ियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में एनकाउंटर के दौरान दो शूटर – रविंद्र उर्फ कल्लू और अरुण – मारे गए।
इसके बाद 19 सितंबर को पुलिस ने राजस्थान के रामनिवास उर्फ दीपक को मुठभेड़ में घायल कर पकड़ा। वो पहले बरेली जाकर दिशा पाटनी के घर की रेकी (जांच) कर चुका था। उसके साथी अनिल निवासी (हरियाणा) को भी गिरफ्तार किया गया और पिस्टल व कारतूस बरामद किए गए।
मुंबई पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
बरेली पुलिस ने मुंबई पुलिस को अलर्ट किया कि दिशा पाटनी को गैंगस्टर गिरोह से खतरा हो सकता है। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उनके घर के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी है। बांद्रा इलाके में पुलिस चौकसी कड़ी कर दी गई है ताकि किसी तरह का खतरा न हो।
जांच जारी
दिल्ली पुलिस, यूपी एसटीएफ और हरियाणा एसटीएफ मिलकर इस नेटवर्क का पीछा कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि गैंग के बाकी सदस्यों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
❓ FAQ सेक्शन
Q1: दिशा पाटनी के बरेली घर के बाहर कब फायरिंग हुई थी? ➡️ 12 सितंबर की सुबह करीब 4:30 बजे।
Q2: इस फायरिंग के पीछे कौन सा गैंग था? ➡️ गोल्डी बराड़ गैंग ने जिम्मेदारी ली।
Q3: क्या हमलावर पकड़े गए? ➡️ हां, दो बदमाश एनकाउंटर में मारे गए और दो गिरफ्तार हुए।
Q4: दिशा पाटनी के मुंबई घर पर कैसी सिक्योरिटी है? ➡️ बांद्रा स्थित घर के बाहर मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने पाइपलाइन डिविजन अपरेंटिस भर्ती 2025 के लिए 537 पदों पर नोटिफिकेशन निकाला है। ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख अब 28 सितंबर 2025 तक बढ़ा दी गई है। जानें पूरी डिटेल्स – योग्यता, आयु सीमा, स्टाइपेंड और अप्लाई करने का तरीका।
डिजिटल डेस्क मुंबई: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), जो देश की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी और फॉर्च्यून 500 लिस्टेड PSU है, ने पाइपलाइन डिविजन में अपरेंटिस भर्ती 2025 निकाली है। इस भर्ती में कुल 537 पद हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भरे जाएंगे।
👉 पहले आवेदन की लास्ट डेट 21 सितंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दिया गया है।
कितने पद, कहां-कहां?
IOCL की इस भर्ती में पूरे देश में अलग-अलग राज्यों के लिए वैकेंसी निकली है। सबसे ज़्यादा पद गुजरात (84) और पश्चिम बंगाल (64) में हैं। कुछ प्रमुख राज्यों की वैकेंसी इस तरह है:
पश्चिम बंगाल – 64
राजस्थान – 53
उत्तर प्रदेश – 53
ओडिशा – 51
तमिलनाडु – 39
बिहार – 38
महाराष्ट्र – 15
दिल्ली – 14
कुल मिलाकर – 537 पद
कौन कर सकता है अप्लाई? (Eligibility)
इस भर्ती के लिए अलग-अलग ट्रेड और पोस्ट के हिसाब से योग्यता तय है।
Technician Apprentice (Mechanical/Electrical/Instrumentation) → 3 साल का डिप्लोमा
Trade Apprentice (HR/Accountant) → किसी भी विषय में ग्रेजुएशन / कॉमर्स ग्रेजुएशन
Data Entry Operator (DEO) → न्यूनतम 12वीं पास
Domestic DEO (Skill Certificate Holder) → 12वीं + स्किल सर्टिफिकेट
👉 जनरल/OBC/EWS उम्मीदवारों को कम से कम 50% मार्क्स, और SC/ST/PwBD को 45% मार्क्स चाहिए।
👉 SC/ST को 5 साल, OBC को 3 साल और PwBD को 10 साल तक की छूट मिलेगी।
स्टाइपेंड (Salary/Stipend)
सभी चयनित कैंडिडेट्स को Apprentices Act, 1961 के अनुसार मासिक स्टाइपेंड मिलेगा। हालांकि यह पक्की नौकरी नहीं है, लेकिन ट्रेनिंग IOCL जैसी बड़ी कंपनी में होगी, जो करियर के लिए बहुत फायदेमंद है।
सिलेक्शन प्रोसेस (Selection Process)
इस भर्ती में कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।
सिर्फ अकादमिक मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर लिस्ट बनेगी।
टाई होने पर उम्र (बड़ा उम्मीदवार) और फिर 10वीं के नंबर देखे जाएंगे।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल फिटनेस ज़रूरी होगी।
कैसे करें अप्लाई? (How to Apply)
सबसे पहले NATS/NAPS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें (डिप्लोमा/ग्रेजुएट या DEO के हिसाब से)।
फिर IOCL की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन करें।
आवेदन की प्रक्रिया दो स्टेप्स में होगी –
Part-I: बेसिक डिटेल्स भरें और रजिस्ट्रेशन नंबर लें।
Part-II: फोटो, सिग्नेचर, एजुकेशन डिटेल्स और NATS/NAPS नंबर अपलोड करें।
फाइनल सबमिशन के बाद प्रिंटआउट ज़रूर लें।
👉 कोई आवेदन शुल्क (Application Fee) नहीं है।
ज़रूरी डेट्स (Important Dates)
ऑनलाइन आवेदन शुरू – 29 अगस्त 2025
आवेदन की आखिरी तारीख (Extended) – 28 सितंबर 2025
कट-ऑफ डेट (Eligibility Check) – 31 अगस्त 2025
❓ FAQ
Q1: IOCL Apprentice Recruitment 2025 में कितने पद हैं? Ans: कुल 537 पद हैं।
Q2: आवेदन की आखिरी तारीख क्या है? Ans: अब बढ़ाकर 28 सितंबर 2025 कर दी गई है।
Q3: IOCL Apprentice में सलेक्शन कैसे होगा? Ans: सलेक्शन सिर्फ मेरिट (अंक प्रतिशत) के आधार पर होगा, कोई परीक्षा या इंटरव्यू नहीं है।
Q4: योग्यता क्या चाहिए? Ans: डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या 12वीं पास (पोस्ट के हिसाब से)।
Q5: क्या आवेदन शुल्क है? Ans: नहीं, सभी कैंडिडेट्स के लिए आवेदन फ्री है।
मुंबई के कांदिवली इलाके में एक मंदिर के 52 साल के पुजारी ने आत्महत्या कर ली। घटना से कुछ घंटे पहले ही उन पर 19 साल की युवती ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई: कांदिवली (पश्चिम) इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां लालजीपाड़ा गणेश नगर स्थित मंदिर में 52 साल के एक पुजारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके पर किसी भी तरह का सुसाइड नोट नहीं मिला है।
यौन शोषण के आरोप के बाद उठाया कदम
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे पुजारी ने 19 साल की युवती को फोन कर कथित रूप से यौन favours (यौन संबंध की मांग) की थी। युवती ने इस बारे में अपने पिता को बताया और दोनों रात करीब 2 बजे कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें सुबह आने को कहा ताकि शिकायत की लिखित प्रक्रिया पूरी की जा सके।
पुजारी की तलाश और मौत की खबर
शिकायत मिलते ही पुलिस पुजारी की तलाश करने लगी, लेकिन वह कहीं नहीं मिला। सुबह मंदिर से खबर आई कि पुजारी ने पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। यह सुनते ही इलाके में सनसनी फैल गई।
फिलहाल कांदिवली पुलिस ने ADR (Accidental Death Report) दर्ज किया है। पुलिस जांच कर रही है कि पुजारी ने यह कदम मानसिक दबाव में उठाया या कोई और वजह भी थी।
❓FAQ
Q1: पुजारी ने आत्महत्या क्यों की? Ans: शिकायत के मुताबिक, पुजारी पर 19 साल की युवती ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसी दबाव में उसने आत्महत्या कर ली।
Q2: घटना कहां हुई? Ans: यह घटना कांदिवली (पश्चिम) के लालजीपाड़ा गणेश नगर स्थित मंदिर में हुई।
Q3: क्या कोई सुसाइड नोट मिला है? Ans: नहीं, पुलिस को मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
Q4: पुलिस ने अभी तक क्या कदम उठाए हैं? Ans: पुलिस ने ADR दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
Q5: युवती और उसके परिवार ने कब शिकायत की थी? Ans: शुक्रवार रात 2 बजे युवती और उसके पिता कांदिवली पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
Lodha Developers ने Palava (मुंबई क्षेत्र) में 24.34 एकड़ जमीन STT GDC को लगभग ₹499-500 करोड़ में बेची है। ये सौदा Lodha-Maharashtra सरकार के ₹30,000 करोड़ के डेटा सेंटर पार्क योजना से जुड़ा है जिससे 6,000 नौकरियाँ और 2 GW प्लानिंग की जा रही है।
मुंबई: नवी मुंबई के Palava क्षेत्र में Lodha Developers ने Singapore-based ST Telemedia Global Data Centres (STT GDC) को लगभग ₹500 करोड़ में करीब 24.34 एकड़ भूमि बेच दी है। इस जमीन की पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
जमीन का ब्योरा
कुल भूमि: 24.34 एकड़
Lodha Developers ने बेची: 1.74 एकड़
उसकी सहायक कंपनी Palava Induslogic 4 Pvt Ltd ने बेची: 22.60 एकड़
मूल्यांकन राशि: लगभग ₹499-500 करोड़
बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ी पहल
इस सौदे से Lodha की महाराष्ट्र सरकार के साथ हुई MoU (मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग) की योजना को बल मिलेगा, जिसमें Palava में एक ग्रीन इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर पार्क बनाया जाना है।
योजना के अनुसार परियोजना में निवेश होगा ₹30,000 करोड़ का, इससे अनुमानित रूप से 6,000 डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियाँ सृजित होंगी।
पार्क का क्षेत्रफल होगा 370 एकड़, और इसकी क्षमता होगी लगभग 2 गीगावाट बिजली की।
Lodha की रणनीति और महत्व
Lodha Developers ने Palava में बड़े पैमाने पर ज़मीन बँकी (land bank) बनाई हुई है, जिसे अब वो आवासीय, वाणिज्यिक, वेयरहाउसिंग और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के लिए उपयोग कर रही है।
इस तरह की पहल भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और डेटा स्टोरेज / क्लाउड कम्प्यूटिंग / AI आदि क्षेत्रों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने में सहायक होगी।
यह सौदा न सिर्फ Lodha के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि महाराष्ट्र और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए भी एक संकेत है कि कैसे निजी और सरकारी साझेदारी से बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण संभव हो रहा है। यह निवेश न सिर्फ आर्थिक विकास बढ़ाएगा बल्कि पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीन) उपायों के सहारे टिकाऊ मॉडल की नींव भी रखेगा।
FAQ सेक्शन
प्रश्न
उत्तर
इस सौदे में कितने एकड़ जमीन बेचे गए?
कुल 24.34 एकड़ जमीन बेची गई है — जिसमें से Lodha ने 1.74 एकड़ और उसकी सहायक कंपनी ने 22.60 एकड़।
मूल्य कितना था इस ज़मीन का?
लगभग ₹499-500 करोड़।
इस सौदे का उद्देश्य क्या है?
यह सौदा Palava में एक ‘ग्रीन इंटीग्रेटेड डेटा सेंटर पार्क’ के हिस्से के रूप में है, जो महाराष्ट्र सरकार और Lodha द्वारा नियोजित है।
इस डेटा सेंटर पार्क में कुल निवेश कितना होगा?
लगभग ₹30,000 करोड़ निवेश की योजना है।
कुल कितनी नौकरियों की उम्मीद है?
लगभग 6,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियाँ इससे बनेंगी।
डेटा सेंटर पार्क की प्लान की गई बिजली क्षमता क्या है?
नवी मुंबई में 3.753 किमी लंबा नया स्ट्रीट सर्किट बनाया जा रहा है। इस ट्रैक पर दिसंबर 2025 में इंडियन रेसिंग लीग और F4 इंडिया की रेस होगी। पहली बार नवी मुंबई में नाइट रेस का आयोजन होगा।
मुंबई: नवी मुंबई महानगरपालिका (NMMC) और रेसिंग प्रमोशन्स प्राइवेट लिमिटेड (RPPL) ने मिलकर एक नया 3.753 किमी लंबा स्ट्रीट सर्किट बनाने का MoU साइन किया है। यह ट्रैक इस साल दिसंबर में होने वाले इंडियन रेसिंग फेस्टिवल 2025 की मेज़बानी करेगा।
यहां इंडियन रेसिंग लीग (IRL) और F4 इंडिया चैंपियनशिप का फाइनल राउंड आयोजित किया जाएगा।
🌃 नवी मुंबई स्ट्रीट सर्किट पर होगी नाइट रेस
लंबाई: 3.753 किमी
मोड़: 14 टर्न्स
लेआउट: एंटी-क्लॉकवाइज
खासियत: पहली नाइट रेस
आयोजकों के मुताबिक, इस ट्रैक पर दिसंबर 2025 में पहली नाइट रेस होगी। इससे पहले चेन्नई नाइट रेस ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी।
यह सर्किट Palm Beach Road से शुरू होगा और Nerul Lake के किनारे बनेगा। शहर के बीच से गुजरने वाला यह ट्रैक लोगों को मोनाको और सिंगापुर जैसे इंटरनेशनल स्ट्रीट सर्किट्स की झलक देगा।
🏁 महाराष्ट्र सरकार का समर्थन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा:
> “नवी मुंबई स्ट्रीट रेस महाराष्ट्र की मोटरस्पोर्ट जर्नी का ऐतिहासिक पड़ाव है। यह हमारे राज्य की क्षमता दिखाता है कि हम वर्ल्ड क्लास इवेंट आयोजित कर सकते हैं, जो पर्यटन और रोजगार दोनों को बढ़ावा देगा।”
🇮🇳 इंडियन रेसिंग लीग (IRL) – भारत की अपनी मोटरस्पोर्ट्स लीग
इंडियन रेसिंग लीग में 6 सिटी बेस्ड टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें कई मशहूर टीम ओनर्स शामिल हैं –
सौरव गांगुली
जॉन अब्राहम
किच्चा सुदीप
टीमें Wolf GB08 Thunder कारों से रेस करती हैं और हर टीम को भारतीय + विदेशी ड्राइवर + एक महिला रेसर उतारना ज़रूरी है।
मुंबई सहित महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में फेरीवालों पर हो रही पुलिस कार्रवाई और भारी जुर्माने के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने मंत्रालय में अधिकारियों से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने इस मुद्दे को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठाने का भरोसा दिलाया।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य शहरों में फुटपाथ पर रोज़ी-रोटी कमाने वाले फेरीवालों पर बार-बार की जा रही कार्रवाई को लेकर सामाजिक संगठनों ने आवाज़ बुलंद की है। फेरीवालों का कहना है कि मुंबई पुलिस अधिनियम की धाराओं का दुरुपयोग कर उनसे हजारों रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है। इसी मुद्दे पर 18 सितंबर 2025 को मंत्रालय में कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मुलाकात की और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
🚶♂️ फेरीवालों का संघर्ष और परेशानी
मुंबई महानगर और उपनगरों में हज़ारों लोग फेरी लगाकर अपना पेट पालते हैं। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा रोज़ाना किए जाने वाले छापों और कार्रवाई के कारण इनकी ज़िंदगी मुश्किल हो गई है।
एक ही फेरीवाले पर ₹1200 तक का जुर्माना लगाया जाता है।
कई बार दिन में दो-दो बार भी जुर्माना वसूला जाता है।
कई पुलिस कर्मियों पर धारा 102, 115 और 117 का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं।
🏢 मंत्रालय में हुआ प्रतिनिधिमंडल
इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने के लिए महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन, लाल बावटा जनरल वर्कर्स यूनियन, महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय मजदूर संघ, शहीद भगत सिंह हॉकर्स यूनियन मुंबई, महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन सहित कई संगठन एक साथ आए। बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख लोग:
कर्नल प्रकाश रेड्डी
श्री मिलिंद ताम्बड़े
कर्नल सुरेश सावंत
शांताराम जाधव
कर्नल अखिलेश गौड़
इन सभी ने मिलकर फेरीवालों पर हो रहे अन्याय की विस्तृत जानकारी दी और अधिकारियों को ठोस सबूत भी दिखाए।
संगठनों ने मंत्रालयीन अधिकारियों को जो ज्ञापन सौंपा, उसमें मुख्य रूप से यह मुद्दे उठाए गए:
पुलिस द्वारा धारा 102, 115 और 117 का दुरुपयोग।
अनुचित और भारी जुर्माना, जिससे फेरीवालों की रोज़ी-रोटी पर असर।
पुलिसकर्मियों द्वारा एक ही दिन में बार-बार जुर्माना लगाने की घटनाएँ।
गरीब और मेहनतकश तबके पर आर्थिक बोझ।
स्थायी समाधान की ज़रूरत ताकि फेरीवाले सम्मान के साथ जीवन जी सकें।
⚖️ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मंत्रालय के उप सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्टमंडल की बातों को गंभीरता से सुना।
उन्होंने आश्वासन दिया कि यह मुद्दा आगामी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में रखा जाएगा।
अधिकारियों ने माना कि जुर्माना लगाने की प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ियाँ हो सकती हैं।
आगे की कार्रवाई के लिए विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया है।
🗣️ संगठनों की मांग
संगठनों ने साफ कहा कि:
फेरीवालों को रोज़ परेशान करने का सिलसिला बंद होना चाहिए।
मुंबई पुलिस अधिनियम में बदलाव कर फेरीवालों के लिए अलग गाइडलाइन बने।
पुलिस और स्थानीय निकायों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर निगरानी समिति बने।
📊 फेरीवालों की संख्या और अहमियत
सिर्फ मुंबई में अनुमानित 2.5 से 3 लाख फेरीवाले रोज़ाना काम करते हैं।
ये छोटे कारोबार शहर की अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं।
आम जनता को सस्ता सामान और रोज़मर्रा की ज़रूरतें उपलब्ध कराते हैं।
फेरीवालों का कहना है कि अगर उनकी सुरक्षा और कामकाज सुनिश्चित हो तो वे भी टैक्स और रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार हैं।
🛑 लगातार कार्रवाई का असर
फेरीवालों के परिवारों पर आर्थिक संकट।
बच्चों की पढ़ाई पर असर।
छोटे-छोटे कर्ज़ चुकाना मुश्किल।
रोज़ कमाने-खाने वालों की रोज़ी-रोटी खतरे में।
🚨 नतीजा और आगे की राह
यह मुलाकात फेरीवालों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है। अगर विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा होती है और ठोस कदम उठाए जाते हैं तो हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
❓ FAQ – मुंबई में फेरीवालों पर कार्रवाई और मंत्रालय को सौंपा गया ज्ञापन
Q1. फेरीवालों पर बार-बार कार्रवाई क्यों की जा रही है? 👉 स्थानीय निकाय और पुलिस प्रशासन मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 102, 115 और 117 का हवाला देकर कार्रवाई करते हैं। इन धाराओं के तहत फुटपाथ अतिक्रमण और असुविधा को रोकने के लिए प्रावधान है, लेकिन सामाजिक संगठनों का आरोप है कि इन धाराओं का दुरुपयोग हो रहा है।
Q2. एक फेरीवाले पर कितना जुर्माना लगाया जाता है? 👉 फेरीवालों पर नियमित रूप से ₹1200 तक का जुर्माना लगाया जाता है। कुछ मामलों में तो एक ही दिन में दो-दो बार चालान काटा जाता है।
Q3. इस मुद्दे पर मंत्रालय में किन-किन संगठनों ने ज्ञापन सौंपा? 👉 महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन, लाल बावटा जनरल वर्कर्स यूनियन, महाराष्ट्र राज्य राष्ट्रीय मजदूर संघ, शहीद भगत सिंह हॉकर्स यूनियन मुंबई, महाराष्ट्र एकता हॉकर्स यूनियन समेत कई संगठन शामिल रहे।
Q4. सरकार की ओर से क्या आश्वासन मिला है? 👉 मंत्रालयीन अधिकारियों और उप सचिव ने कहा है कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाएगा और विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में इसे उठाने का प्रयास किया जाएगा।
Q5. फेरीवालों की मुख्य मांगें क्या हैं? 👉
अनुचित और बार-बार किए जा रहे जुर्माने को रोका जाए।
मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा 102, 115 और 117 के दुरुपयोग पर रोक लगे।
स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 के तहत फेरीवालों को कानूनी सुरक्षा मिले।
नगर पालिका और पुलिस की ओर से पारदर्शी और न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाई जाए।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने पवई इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से संदिग्ध मोबाइल जब्त किए और मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मुंबई: पवई इलाके में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को एक मोबाइल शॉप में छापामारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों के नाम हैं –
रामप्रसाद सरगुन राजभर (37)
गुलाम रसूल राशिद खान, जो पवई में मोबाइल शॉप चलाता है और टेक्नीशियन भी है।
क्राइम ब्रांच यूनिट 6 को जब पुख्ता सूचना मिली, तो उन्होंने छापा मारकर इस धंधे का खुलासा किया।
📱 IMEI नंबर क्या होता है और क्यों है ज़रूरी?
IMEI (International Mobile Equipment Identity) एक 15 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल फोन की पहचान बताता है।
इससे फोन का असली मालिक और लोकेशन ट्रैक करना आसान होता है।
चोरी हुए या गुम फोन को ट्रेस करने में पुलिस को IMEI बहुत मदद करता है। 👉 लेकिन जब इसका नंबर बदल दिया जाता है, तो मोबाइल की पहचान बदल जाती है और अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
🔍 कैसे पकड़ा गया गिरोह?
क्राइम ब्रांच यूनिट 6 (चेंबूर) की टीम को खबर मिली थी कि पवई के एक मोबाइल शॉप में संदिग्ध तरीके से IMEI नंबर बदला जा रहा है।
पुलिस ने छापा मारते समय पाया कि आरोपी “App Unlock Tool” (गूगल क्रोम के जरिए) इस्तेमाल कर रहे थे।
इस सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल का असली IMEI बदलकर नया नंबर डाला जा रहा था।
छापे में कई संदिग्ध और फर्जी सेकेंड-हैंड मोबाइल बरामद हुए।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया।
उन्हें भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की संबंधित धाराओं में बुक किया गया।
मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें मुंबई कोर्ट में पेश किया गया।
📌 पुलिस अधिकारियों की भूमिका
यह पूरी कार्रवाई पुलिस इंस्पेक्टर भारत घोणे (यूनिट 6, चेंबूर) की देखरेख में हुई। आगे की जांच का जिम्मा पुलिस इंस्पेक्टर सुशांत सावंत की टीम को सौंपा गया है।
⚖️ कानून और IMEI छेड़छाड़ का अपराध
भारत में मोबाइल का IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत इस पर सख्त सज़ा और जुर्माना हो सकता है।
मोबाइल कंपनियों और पुलिस दोनों के लिए यह अपराध ट्रैकिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।
🌐 मुंबई में बढ़ते साइबर क्राइम केस
मुंबई जैसे बड़े शहर में मोबाइल और साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं।
IMEI नंबर बदलने वाले ऐसे गैंग चोरी हुए फोन, ब्लैक मार्केट और धोखाधड़ी में शामिल होते हैं।
कई बार इन मोबाइल का इस्तेमाल बड़े क्राइम (फ्रॉड, स्मगलिंग, ड्रग्स नेटवर्क) में किया जाता है। 👉 इसीलिए पुलिस लगातार इस तरह के नेटवर्क पर नज़र बनाए हुए है।
📊 मोबाइल यूज़र्स के लिए चेतावनी
सेकेंड हैंड फोन खरीदते वक्त हमेशा IMEI नंबर चेक करें।
IMEI चेक करने के लिए *#06# डायल करें।
नकली, ब्लैकलिस्टेड या बदले हुए IMEI वाले फोन पर नेटवर्क सर्विस बंद हो सकती है।
ऐसे फोन खरीदने पर कानूनी पचड़े में फंसने का खतरा रहता है।
📱 IMEI नंबर कैसे चेक करें?
(हर मोबाइल यूज़र के लिए ज़रूरी जानकारी)
अपने मोबाइल पर *#06# डायल करें 👉 IMEI नंबर स्क्रीन पर दिखेगा।
फोन की सेटिंग्स → अबाउट फोन → IMEI में भी यह नंबर मिलता है।
मोबाइल के डिब्बे और बिल पर भी IMEI प्रिंट होता है।
कभी भी सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदते समय IMEI ज़रूर मिलाएं।
⚖️ IMEI छेड़छाड़ पर क्या सज़ा है?
भारत में IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना है गंभीर अपराध।
📌 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होता है।
⛔ अपराध साबित होने पर जेल + भारी जुर्माना हो सकता है।
🚔 IMEI बदलने वाले फोन का इस्तेमाल ब्लैकलिस्ट हो जाता है।
🚨 मुंबई पुलिस की चेतावनी
नकली या बदले हुए IMEI वाले मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI ऑनलाइन चेक करें।
संदिग्ध मोबाइल की तुरंत पुलिस या सर्विस प्रोवाइडर को जानकारी दें।
मुंबई के गोवंडी इलाके में 22 वर्षीय युवक ने गर्लफ्रेंड की लगातार पैसों की मांग और दबाव से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। 8 महीने बाद पुलिस ने गर्लफ्रेंड के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया।
मुंबई: गोवंडी के शिवाजी नगर पुलिस थाने की हद में आने वाले बैगनवाड़ी इलाके में रहने वाले 22 वर्षीय युवक ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। कारण – गर्लफ्रेंड की लगातार पैसों की डिमांड और मानसिक दबाव।
यह घटना जनवरी 2025 में सामने आई थी। करीब आठ महीने की जांच के बाद पुलिस ने अब जाकर गर्लफ्रेंड के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नौकरीपेशा युवक, खुशहाल परिवार
जानकारी के मुताबिक मृतक युवक अपने माता-पिता और बहन के साथ गोवंडी के बैगनवाड़ी इलाके में रहता था।
वह बेलापुर स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता था।
पहले वह अपनी तनख्वाह घर पर देता था।
लेकिन बाद में उसने घर पर पैसे देना बंद कर दिया।
परिवार वालों ने जब वजह पूछी तो उसने कहा कि उसका एक दोस्त पैसों की तंगी में है, उसे पैसे दे रहा है, बाद में वापस मिल जाएंगे।
मां का डेबिट कार्ड और आखिरी दिन
घटना वाले दिन युवक ने अपनी मां का डेबिट कार्ड लिया और करीब ₹25,000 रुपए निकाल लिए। इसके बाद वह घर लौटा और आत्महत्या कर ली।
परिवार को तो अंदाज़ा था कि बेटा तनाव में है, लेकिन असली वजह उन्हें नहीं पता थी।
जब बहन ने मृतक का मोबाइल फोन चेक किया तो सच्चाई सामने आई।
युवक की एक गर्लफ्रेंड थी जिसका नाम शबनम बताया गया है।
चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग से यह साफ हुआ कि वह लगातार उससे पैसे मांग रही थी।
वह युवक पर दबाव डाल रही थी कि घरवालों से दूर होकर सिर्फ उसी के लिए जीए।
परिवार को तब समझ आया कि बेटा मानसिक तनाव में क्यों था।
मां ने दर्ज कराई शिकायत
मृतक की मां ने बेटे की मौत के बाद सीधे शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि शबनम ने उनके बेटे को:
लगातार पैसों के लिए परेशान किया,
महंगे गिफ्ट्स की डिमांड की,
और यहां तक कि उसे परिवार से नाता तोड़ने तक का दबाव डाला।
पुलिस की जांच और केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले की जांच करीब आठ महीने तक की।
सबूत जुटाए गए।
चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग की जांच हुई।
परिवार और दोस्तों के बयान लिए गए।
आखिरकार पुलिस ने आरोपी शबनम के खिलाफ IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत केस दर्ज किया।
पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की राय
पड़ोसियों का कहना है कि यह बेहद दुखद घटना है। “इतना पढ़ा-लिखा, होनहार लड़का सिर्फ पैसों के दबाव में जान दे देगा, किसी ने सोचा नहीं था।”
एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा: “मुंबई में युवाओं पर पहले ही आर्थिक दबाव है। ऐसे में रिश्तों में पैसों की लालच घातक साबित हो रही है। पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
रिश्तों में पैसों का जाल – एक खतरनाक ट्रेंड
विशेषज्ञों के मुताबिक यह कोई पहला मामला नहीं है।
कई बार प्रेम संबंधों में आर्थिक दबाव इतना बढ़ जाता है कि लोग तनाव में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं।
मुंबई जैसे शहर में जहां महंगाई पहले से ही ज्यादा है, वहां ऐसे रिश्ते और भी बोझिल हो जाते हैं।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि: “अगर कोई भी व्यक्ति रिश्ते में बार-बार पैसों की डिमांड करता है, तो यह भावनात्मक शोषण (Emotional Exploitation) की श्रेणी में आता है।”
कानूनी पक्ष
पुलिस ने आरोपी पर IPC की धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया है।
इसमें दोषी पाए जाने पर आरोपी को 10 साल तक की सजा हो सकती है।
साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
वकीलों का मानना है कि अगर आरोपी पर आरोप साबित हो जाते हैं, तो यह केस कानूनी मिसाल बन सकता है।
परिवार की हालत
मृतक के माता-पिता और बहन अब भी सदमे में हैं। मां का कहना है: “बेटे ने कभी हमसे कुछ छुपाया नहीं, लेकिन यह बात उसने नहीं बताई। हमें बहुत देर से सच्चाई का पता चला। अगर पहले जान लेते तो शायद उसे बचा लेते।”
समाज के लिए सबक
यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है।
रिश्तों में पैसों का दबाव जानलेवा हो सकता है।
परिवार और दोस्तों को ऐसे संकेतों पर ध्यान देना चाहिए।
युवाओं को भी चाहिए कि वह मानसिक तनाव की हालत में मदद मांगें, चुपचाप सहन न करें।
📌 1: कानूनी प्रावधान
IPC धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना)
अगर कोई व्यक्ति किसी को आत्महत्या के लिए उकसाता है या मानसिक दबाव डालता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है।
सजा: अधिकतम 10 साल कैद और जुर्माना।
कोर्ट इस मामले को गंभीर मानकर आरोपी पर कठोर कार्रवाई कर सकता है।
📌 2: विशेषज्ञों की राय
मनोवैज्ञानिकों का कहना है:
रिश्तों में लगातार पैसों की डिमांड “इमोशनल ब्लैकमेल” का रूप ले सकती है।
यह मानसिक तनाव और डिप्रेशन का कारण बनता है।
अगर समय रहते मदद ली जाए, तो ऐसी त्रासदियां टाली जा सकती हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का सुझाव:
युवाओं को आर्थिक और मानसिक दबाव से निपटने के लिए परिवार के साथ खुलकर बात करनी चाहिए।
पुलिस और समाज को ऐसे मामलों में ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए।
📌 3: मदद के लिए हेल्पलाइन
👉 अगर आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो तुरंत मदद लें।
किरण हेल्पलाइन (24×7): 1800-599-0019
आसरा हेल्पलाइन: +91-22-27546669 / 27546667
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ या काउंसलर से तुरंत संपर्क करें।