डिजिटल डेस्क मुंबई: महाराष्ट्र में अचानक लापता होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले 5 महीने में पूरे राज्य में 30,000 से अधिक लोग लापता हो गए हैं। पुलिस के आंकड़ों के हवाले से पता चला है कि लापता होने वालों में मुंबई शहर को सबसे अव्वल बताया जा रहा है। राज्य में और शहरों के मामले में मुंबई सबसे आगे है, जहां जनवरी से मई के बीच में 3475 लोग गायब हुए हैं। जो कुल मामलों का 10 प्रतिशत से अधिक मालूम होता है। जबकि यह आंकड़े पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai
रोज लापता हो रहे 200 लोग
खबरों के मुताबिक, राज्य में पिछले 5 महीने में 30,113 लोग, यानी रोजाना औसतन 200 लोग गायब हो रहे हैं। लापता लोगों के मामले में मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर ठाणे का नंबर सामने आ रहा है। जहां 5 महीन में 2,003 लोगों की गुगशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वैसे भी यहां अक्सर लापता व्यक्तियों की संख्या ज्यादा होती है। इसके बाद तीसरे स्थान पर अहिल्याबाई नगर बताया जा रहा है, जो आबादी में बेहद कम है। लेकिन यहां 1411 गुमशुदगी के मामले दर्ज हैं।More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai
लापता लोगों में महिलाएं अधिक
सबसे अधिक गुमशुदगी के मामले मुंबई, ठाणे और अहिल्या नगर के बाद पुणे और नासिक ग्रामीण में हैं। पुणे में 1,364 और नासिक में 1,338 लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज हैं। ये राज्य के शीर्ष-5 शहर हैं, जहां लापता व्यक्तियों की संख्या अधिक है। लापता कुल 30,113 लोगों में 12,467 पुरुष और 17,646 महिलाएं हैं। इसमें नाबालिग शामिल नहीं है क्योंकि उनका केस अपहरण में दर्ज किया जाता है। फरवरी में लापता लोगों की संख्या कम है, जबकि मार्च में 17 प्रतिशत बढ़ी है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai
पुलिस रिकार्ड में दर्ज मामलों के मुताबिक, लापता होने के अलग-अलग कारण होते हैं। इन लापता लोगों में खुद से घर छोड़ने वाले, मानसिक बीमारी, मानव तस्करी और प्राकृतिक आपदा में गायब लोग शामिल हैं। इनका पता लगाने के लिए पुलिस तकनीक का सहारा ले रही है। साथ ही सार्वजनिक सहयोग को भी बढ़ा रही है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai
मुंबई: शहर की सड़कों पर खड़े बेकार, टूटे-फूटे और लावारिश गाड़ियों को अब तुरंत हटाया जाएगा। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कमिश्नर भूषण गगराणी ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे वाहनों को तुरंत हटाकर उनकी सही तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू करें। मुंबई जैसे बड़े शहर में लावारिश और कबाड़ गाड़ियों को सड़कों के किनारे खड़े रहने से ट्रैफिक में परेशानी होती है। आम लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कत होती है। इसी वजह से बीएमसी ने यह फैसला लिया है कि अब ऐसे वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action
ट्रैफिक में रुकावट और लोगों को परेशानी
पत्रकारों से एक ख़ास बातचीत में भूषण गगराणी ने कहा कि सड़कों को साफ और अड़चन मुक्त बनाना बीएमसी की प्राथमिकता है। बीएमसी ने मई 2025 से हर वॉर्ड में बाहरी एजेंसियों को नियुक्त किया गया हैं जो बीएमसी अधिकारियों के साथ मिलकर बेकार और भंगार गाड़ियों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें हटाने के लिए प्रोसिजर चालू कर दिया हैं। अब इस काम में तेजी लाने के लिए सभी को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action
सिर्फ जुर्माना नहीं, मकसद है सड़कें खाली करना – मुंबई बीएमसी
टूटे-फूटे, छोड़े हुए वाहन, बेकार स्क्रैप और कबाड़, सड़क पर छोड़ी गई अनाधिकृत चीजें।
आगे क्या होगा?
पुलिस की मदद से चलाए जाएंगे विशेष अभियान, हर वॉर्ड में एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा जो बीएमसी, पुलिस और ठेकेदारों के बीच तालमेल बनाएगा, जिन लोगों ने सड़क पर वाहन या कबाड़ छोड़ा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अब बीएमसी ने सड़कों को साफ और सुगम बनाने के लिए कमर कस ली है। अगर आपके इलाके में कोई बेकार वाहन या कबाड़ सड़क पर पड़ा है, तो वह जल्द ही हटाया जाएगा। इस कदम से मुंबई की ट्रैफिक और सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action
मुंबई: गोरेगांव से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना प्रकाश में आ रही है। यहां एक स्किन कैंसर से पीड़ित एक 60 वर्षीय बुजुर्ग दादी को उनके ही पोते ने आरे कॉलोनी के कूड़े के ढेर में फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने बुजुर्ग महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया और फिलहाल उनका कूपर अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बुजुर्ग महिला का नाम यशोदा गायकवाड़ बताया जा रहा है जो बोल नहीं सकती। सिर्फ पोता-पोती ही कहती रहती है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai
पुलिस करेगी तकनीकी जांच
आरे कॉलोनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटिल ने बताया, कि बुढ़ी दादी बोल नही पाती ऐसे में हमारे लिए उसका सही पता लगाना और उनके परिवार के सदस्यों का पता लगाना चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी मिली है कि यशोदा गायकवाड़ अपने पोते के साथ मालाड इलाके में रहती थी। वृद्ध महिला मालाड़ और कांदीवली ऐसे दो जगहों का पता बता रही है। हो सकता है इनमें कही उसके परिवार वाले रहते हो। दादी ने यह भी बताया कि उनका पोता उन्हें यहा छोड़ गया था। हालांकि पुलिस संबंधित पोते का नाम और पता जानने के लिए तकनीकी जांच पर ध्यान केंद्रित कर रही है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai
सीसीटीवी की जांच
वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटिल ने यह भी बताया, कि आरे पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और बुजुर्ग महिला के पोते और परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन भी किया गया है। हालांकि जिस जगह बुजुर्ग महिला को छोड़ा गया था वहां कोई सीसीटीवी कैमरे नही लगे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दादी मां का फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai
कूपर अस्पताल के डीन डॉ. सुधीर मेढेकर ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और उनकी नाक और गाल पर अल्सर जैसा कैंसरनुमा घाव है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal Cell Carcinoma) की आशंका जताई गई है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai
मुंबई: गोरेगांव के भगत सिंह नगर इलाके में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शराब के लिए पैसे नही देने पर गुस्से में एक पति ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इससे इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने आरोपी पति को महज 2 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया, जबकि वह भागने की पूरी तैय्यार कर चुका था। 25 वर्षीय मृतक महिला का नाम गौसिया वसीम शेख बताया जा रहा है। Mumbai: Drunkard husband strangled to death for not giving him money
पुलिस ने क्या कहा?
बांगूरनगर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल ठाकरे ने बताया, कि घटना लगभग रात 10 बजे की है। गौसिया वसीम शेख और उसके पति वसीम रफीक शेख के बीच सोमवार रात को झगड़ा हुआ था। वसीम ने गौसिया से शराब खरीदने के लिए पैसे मांगे, लेकिन उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। इस पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे हिंसक हो गया। बहस बढ़ने के बाद वसीम ने गुस्से में आकर गौसिया का गला घोंट दिया, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गई। Mumbai: Drunkard husband strangled to death for not giving him money
हत्या का मामला दर्ज
इसके बाद गौसिया वसीम शेख को तुरंत जोगेश्वरी पूर्व के ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही बांगुरनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल ठाकरे ने बताया, कि बांगूरनगर लिंक रोड़ पुलिस थाने में गु.र.क्र. 303/2025 के अंतर्गत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। Mumbai: Drunkard husband strangled to death for not giving him money
पुलिस ने बताया कि आरोपी घटना स्थल से फरार हो चुका था। बांगूरनगर पुलिस ने तुरंत डिटेक्शन टीम के सहायक पुलिस निरीक्षक संजय सरोळकर, सहायक पुलिस निरीक्षक रंधे और एटीसी दल के पुलिस उपनिरीक्षक पियुप टारे को आरोपी का पीछा करने का निर्देश दिया। वैसे ही सायबर विभाग के सहायक पुलिस निरीक्षक विवेक तांबे को आरोपी के तांत्रिक जांच के निर्देश दिए गए। आरोपी बार बार लोकेशन बदल रहा था। लेकिन जैसे ही पुलिस को पता चला कि आरोपी ट्रेन पकड़ने के लिए गोरेगांव के रामनगर रेलवे स्टेशन जा रहा है, मौके पर पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी वसीम रफीक शेख को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल बांगुरनगर पुलिस थाने के अधिकारी मामले की आगे की जांच कर रहे हैं। Mumbai: Drunkard husband strangled to death for not giving him money
मुंबई पुलिस ने कैब ड्राइवर साजिद गुलहसन को गिरफ्तार किया है। उस पर 19 जून को अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक महिला पायलट को गंदी हरकतों के साथ अश्लील छेड़छाड़ का आरोप है। पायलट ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ड्राइवर ने दो अन्य लोगों को कैब में चढ़ने दिया और बाद में उनके साथ गंदी हरकत हुई। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर चिंताजनक मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने 19 जून को एक महिला पायलट के साथ कैब में हुई छेड़छाड़ के आरोप में घाटकोपर पुलिस ने कैब ड्राइवर साजिद गुलहसन को गिरफ्तार किया है। पीड़ित पायलेट एक भारतीय नौसेना अधिकारी की पत्नी हैं। उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding
पुलिस ने रविवार को आरोपी कैब ड्राइवर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उपायुक्त राकेश ओला ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और ड्राइवर के दो और फरार साथियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding
ड्राइवर ने रास्ता बदला
पुलिस के मुताबिक, महिला पायलट का पति फिलहाल नेवी के कोलाबा स्थित आवास में रहता है जबकि पायलट घाटकोपर में रहती हैं। दोनों 19 जून की रात साउथ मुंबई के फोर्ट इलाके में मिले और डिनर के बाद, रात 10:45 बजे महिला ने कैब बुक की। करीब 25 मिनट की यात्रा के बाद, ड्राइवर ने अचानक रास्ता बदल दिया और रास्ते में अपने दो साथियों को कैब में बैठा लिया। इनमें से एक महिला के पास पीछे बैठ गया और दूसरा ड्राइवर के साथ आगे बैठा था। पायलट का आरोप है कि पीछे बैठे व्यक्ति ने उसका हाथ पकड़ लिया और अश्लील हरकत की। जब उसने विरोध करने की कोशिश की, तो दूसरा आदमी जो आगे की सीट पर बैठा था उसने उन्हें चुप रहने की धमकी दी। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding
घटना के दौरान कैब ड्राइवर ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया और चुपचाप गाड़ी चलाता रहा। महिला के मुताबिक, जब कार एक पुलिस चेकिंग पॉइंट के पास पहुंची तो दोनों आरोपी गाड़ी से उतरकर फरार हो गए। बारिश की वजह से महिला लोकेशन को ठीक से पहचान नहीं पाई। घाटकोपर पहुंचने पर जब महिला ने ड्राइवर से इस बारे में पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। अगले दिन, पायलट और उनके पति ने घाटकोपर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई और रविवार को ड्राइवर साजिद गुलहसन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding
पुलिस ने की महिलाओं से अपील
घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ड्राइवर के अतीत की भी जांच कर रही है कि कहीं वह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल तो नहीं रहा है। पुलिस ने अपील की है कि लोग किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और विशेषकर महिलाओं से अनुरोध किया है कि रात के समय यात्रा करते समय सतर्कता बरतें। मुंबई पुलिस का कहना है कि हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding
डिजिटल डेस्क महाराष्ट्र: अमरावती शहर में कुछ सायबर कैफे अश्लील गतिविधियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। पुलिस की छापेमारी में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। इन कैफे में युवक और युवतियों को साथ बैठने के लिए प्राइवेट केबिन मुहैया कराया जा रहा था। इसके बदले कैफे संचालक उनसे प्रति घंटे 200 रुपये वसूल रहे है। ऐसे ही अमरावती के राजापेठ इलाके के कुछ सायबर कैफे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 13 युवक-युवतियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया है। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour
क्या है पूरा मामला ?
ऑनलाइन प्रचलन ने हाल के वर्षों में देशभर में सायबर कैफे की डिमांड बढ़ा दी है। इस बिज़नेस में मुनाफा कमाने के लिए काफी सारे लोग पैसा लगा रहे हैं। लेकिन युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए कारोबारी तरह तरह के हथकंडे भी अपना रहे हैं। जहां युवा वर्ग काम करने, मिलने-जुलने या वक्त बिताने के लिए सायबर कैफ़े जाते हैं। उसी चीज़ का महाराष्ट्र के अमरावती में कुछ सायबर कैफे चालक इस आज़ादी का गलत फायदा उठाकर अश्लील गतिविधियों का अड्डा बन दिए हैं। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour
राजापेठ इलाके में चल रहे ऐसे ही सायबर कैफे पर महाराष्ट्र पुलिस की दामिनी दस्ते ने छापेमारी कि और कई जोड़ों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा। पुलिस ने बताया की पकड़े गए लड़के और लड़कियों को कुछ पूछताछ और कागजी कार्रवाई करते हुए उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। इस घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour
छापेमारी में सामने आया कि इन कैफे में जोड़ों को बैठने के लिए घंटे के हिसाब से केबिन दिए जाते थे, जिनका किराया प्रति घंटे 200 रुपये के आस पास होता था। जहां घंटों तक जोड़े वहां बिना रोक-टोक रहते थे। जब छापेमारी कि गई तो ऐसे ही केबिनों में लाइटें बंद कर युवक-युवतियां मिले थे। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour
शहर में मचा हड़कंप
पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब इन कैफे संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। इस कार्रवाई के बाद से अमरावती के कैफे संचालकों में खलबली मची हुई है।अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि इस तरह की गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी कैफे या प्रतिष्ठान ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 13 boys and girls caught in objectionable condition in cyber cafe, 200 rupees per hour
अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि सीमा शुल्क विभाग की हवाई खुफिया इकाई (AIU) के अधिकारियों को पिछले कुछ दिनों में हवाई अड्डे के दो कर्मचारियों के तस्करी गतिविधियों में शामिल होने की सूचना मिली थी। पुलिस ने दोनों को रोककर उनके थैलों में मोजों के अंदर छिपाकर रखे गए 24 कैरेट सोने के चूर्ण को बरामद किया। जब्त सोने की कीमत 4.24 करोड़ रुपए बताई जा रही है। Gold and drugs worth Rs 16 crore seized at Mumbai Airport, 4 arrested including airport employee
सिंडीकेट की हो रही है जांच
उन्होंने बताया कि पुलिस ने दोनों को रोककर उनके थैलों में मोजों के अंदर छिपाकर रखे गए 24 कैरेट सोने के चूर्ण को बरामद किया। जब्त किए गए सोने का कुल शुद्ध वजन 4.44 किलोग्राम था, जिसका अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 4.24 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दोनों कर्मचारियों को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है, और सोने के स्रोत और सिंडिकेट की संलिप्तता का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है। Gold and drugs worth Rs 16 crore seized at Mumbai Airport, 4 arrested including airport employee
एक अन्य मामले में सीमा शुल्क टीम ने शनिवार को बैंकॉक, थाईलैंड से यात्रा कर रहे दो भारतीय नागरिकों को रोका। अधिकारी ने बताया कि इनकी तलाशी के दौरान मादक पदार्थ जब्त किया गया। जब्त किए गए प्रतिबंधित ड्रग्स का वजन 11.881 किलोग्राम है और इसकी कीमत 11.88 करोड़ रुपए बताई गई है। उन्होंने बताया कि ड्रग्स को ट्रॉली बैग में रखे तकिए के खोल में छिपाकर रखा गया था। उन्होंने बताया कि दोनों को स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS) के तहत गिरफ्तार किया गया है। Gold and drugs worth Rs 16 crore seized at Mumbai Airport, 4 arrested including airport employee
महाराष्ट्र की लाडकी बहनों को अब आर्थिक निर्भर बनाने के लिए उन्हें मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की तरफ से जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज देने की योजना बनाई गई है। बैंक अब उन लाभार्थी महिलाओं को खुद का व्यवसाय करने के लिए लोन देने जा रही है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest
मंत्रालय प्रतिनिधि Ladki Bahin Yojana: राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘लाड़की बहन योजना‘ के तहत अब महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलने जा रहा है। यह योजना मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक द्वारा लागू की जा रही है, जिसे राज्य सरकार की ब्याज सब्सिडी योजना के साथ जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार के चार महत्वपूर्ण महामंडलों के निदेशक और संबंधित विभागों के सचिव मौजूद थे। बैठक के बाद बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने योजना की जानकारी साझा की। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest
बैठक में हुआ फैसला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्षा निवास पर हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। बैठक में चार सरकारी महामंडलों के अधिकारी, संबंधित विभागों के सचिव और मुंबई जिला बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, कि “महिलाओं को बिना ब्याज के कर्ज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।” Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest
मिलेगा ब्याज पर सब्सिडी
आई योजना (पर्यटन महामंडल), अण्णासाहेब आर्थिक विकास महामंडल, भटक्या विमुक्त महामंडल, ओबीसी महामंडल इन सभी चार महत्वपूर्ण महामंडलों को इस योजना में ब्याज सब्सिडी के लिए शामिल किया गया है। इन योजनाओं से महिलाओं को 12% तक ब्याज की भरपाई की जाएगी। फायदा यह होगा कि इससे महिलाओं को ज़ीरो इंटरेस्ट पर लोन मिलेगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest
एक महिला को 1 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 5 से 10 महिलाओं का समूह बनाकर भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। बैंक व्यवसाय की जांच-पड़ताल करने के बाद लोन को पास करेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को मुंबई जिला बैंक में आवेदन करना होगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest
सुरेंद्र राजभर मुंबई: कांदिवली (पश्चिम) स्थित महावीर नगर फेरीवाला संगठन के सभासदों और सदस्यों ने मिलकर संगठन स्थापना दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया। महावीर नगर परिसर के सभी पथ विक्रेता इसमें शामिल हुए। यह संगठन, नेशनल हॉकर्स फेडरेशन और महाराष्ट्र हॉकर्स फेडरेशन के नेतृत्व में बोर्ड अनावरण का उद्घाटन किया।
मौके पर संगठन के मार्ग दर्शक रहे अखिलेश गौड़ ने बोर्ड यानि फलक का अनावरण किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के विधानसभा संघठक संतोष राणे, उप विभाग प्रमुख श्याम मोरे, स्थानीय कार्यकर्ता सुरेश रसाल, महेश गुप्ता और उप शाखा प्रमुख हरेश्याम गौड, राधेश्याम गौड़, विनय लिंबाचिया और अन्य ढेर सारे लोग उपस्थित रहे।
जस्टिस अमित बोरकर और जस्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कहा, कि मुंबई में खुले स्थानों को बनाए रखने का एकमात्र समाधान कानूनों को सख्ती से लागू करना और अतिक्रमण करने वालों – झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को बेदखल करना है। जजों ने आदेश में कहा, “निश्चित रूप से, जनसंख्या दबाव, आर्थिक असमानता और शहरी गरीबी से मुक्त एक आदर्श दुनिया में, इस दृष्टिकोण को मजबूत संवैधानिक समर्थन मिल सकता है। लेकिन यह न्यायालय मुंबई में शहरी जीवन की वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living
परिस्थितियों को समझना होगा
संविधान केवल एक सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं है; यह एक जीवंत ढांचा है, और यह जिन अधिकारों की गारंटी देता है, खासकर अनुच्छेद 21 के तहत, उन्हें वास्तविक, रोजमर्रा की परिस्थितियों के प्रकाश में समझा जाना चाहिए। यह सच है कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। लेकिन यह भी उतना ही सच है, और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है कि आश्रय और पर्याप्त आवास का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित मानव सम्मान और व्यक्तिगत सुरक्षा का एक हिस्सा है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living
हालांकि वह वैध नहीं है पर निंदा नहीं की जानी चाहिए
अपने 191-पृष्ठ के फैसले में, न्यायाधीशों ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोग संविधान के संरक्षण से बाहर नहीं हैं। जस्टिस बोरकर की ओर से लिखे गए आदेश में कहा गया है, “उनके पास भूमि का कानूनी स्वामित्व नहीं हो सकता है, लेकिन उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। जब वे अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता और मजबूरी के कारण भूमि पर कब्जा करते हैं, तो उनके कृत्य की, हालांकि वह वैध नहीं है, निंदा नहीं की जानी चाहिए, बल्कि उसे सहानुभूति के साथ देखा जाना चाहिए। संविधान अपने मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक सिद्धांतों के माध्यम से यह मानता है कि गरीबी और असमानता संरचनात्मक समस्याएं हैं, और राज्य से उन्हें कम करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने के लिए कहता है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living
गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार
जजों ने कहा कि पर्यावरण अधिकारों और आवास अधिकारों को एक दूसरे के विरोधी के रूप में मानने का याचिकाकर्ताओं का तर्क एक गलती होगी। पीठ ने कहा, “दोनों अनुच्छेद 21 का हिस्सा हैं और दोनों ही गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करते हैं। जिस तरह प्रदूषित हवा और पानी मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उसी तरह असुरक्षित, भीड़भाड़ वाले और अस्वास्थ्यकर रहने की स्थिति भी नुकसान पहुंचाती है। हरे-भरे स्थानों की इस तरह से रक्षा करना कानूनन गलत और सिद्धांत रूप में अनुचित होगा, जिससे हजारों परिवार बेघर हो जाएं और उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया या विकल्प न मिलें। इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 21 की रक्षा करने के बजाय उसका उल्लंघन कर सकती है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living
ये टिप्पणियां विकास नियंत्रण एवं संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए की गईं, जो झुग्गी-झोपड़ियों द्वारा अतिक्रमण की गई मूल रूप से आरक्षित खुली भूमि का उपयोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए करने की अनुमति देता है। विनियमन ऐसी भूमि के केवल 65 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति देता है, यदि उक्त भूमि 500 वर्ग मीटर से अधिक है और यह अनिवार्य करता है कि उक्त भूमि का 35 प्रतिशत हिस्सा खुली जगह, पार्क, उद्यान और/या मनोरंजन के मैदान आदि के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living