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  • राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    राहुल गांधी को लाइव टीवी डिबेट में गोली मारने की धमकी, बीजेपी प्रवक्ता के बयान से मचा बवाल

    केरल में एक टीवी लाइव डिबेट के दौरान बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दे दी। इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया जबकि विपक्ष ने सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

    नेशनल डेस्क
    मुंबई: केरल के एक टीवी चैनल पर डिबेट के दौरान बीजेपी के प्रवक्ता ने खुलेआम कहा कि राहुल गांधी के सीने में गोली मार देनी चाहिए। इस धमकी के बाद विपक्ष आगबबूला हो गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह वही विचारधारा है, जिसने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी।

    आरएसएस और नाथूराम गोडसे का जिक्र

    कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस विचारधारा से ही दूसरा गोडसे पैदा हुआ है। इतिहास गवाह है कि जब महात्मा गांधी की हत्या हुई थी, तब आरएसएस से जुड़े लोग मिठाई बांटते नजर आए थे। अब वही मानसिकता आज भी राहुल गांधी जैसे नेताओं के खिलाफ जहर उगल रही है।

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    मोदी सरकार और नफरत की राजनीति के आरोप

    विपक्ष का आरोप है कि मोदी सरकार और बीजेपी आईटी सेल पूरे देश में नफरत का माहौल फैला रहे हैं। राहुल गांधी लगातार “भारत जोड़ो यात्रा” और “भारत न्याय यात्रा” के जरिए मोहब्बत की बात कर रहे हैं, जबकि बीजेपी के नेता खुलेआम हिंसा की धमकी दे रहे हैं।

    राहुल गांधी क्यों बीजेपी के निशाने पर?

    कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने संसद और चुनाव आयोग में वोट चोरी के सबूत रखे। यही वजह है कि बीजेपी उनसे डर गई है और अब उन्हें चुप कराने के लिए धमकियों का सहारा लिया जा रहा है।

    लद्दाख से लेकर यूपी तक विपक्ष पर हमले

    लेख में यह भी जिक्र आया है कि सरकार विरोधियों पर लगातार शिकंजा कस रही है। छात्रों से लेकर कार्यकर्ताओं तक, हर उस आवाज को दबाया जा रहा है जो सत्ता से सवाल पूछती है। वहीं, बीजेपी नेताओं और समर्थकों को धमकी और हिंसा फैलाने की खुली छूट मिली हुई है।

    कांग्रेस का ऐक्शन प्लान

    अब कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सुझाव दिया गया है कि वे गैर-बीजेपी शासित राज्यों में हर पुलिस थाने में इस धमकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं। उनका कहना है कि जैसे राहुल गांधी के खिलाफ झूठे केस दर्ज होते हैं, वैसे ही यह केस भी दर्ज होना चाहिए।


    ⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: राहुल गांधी को किसने धमकी दी?
    Ans: केरल के एक टीवी डिबेट में बीजेपी प्रवक्ता ने यह धमकी दी।

    Q2: क्या बीजेपी ने इस प्रवक्ता पर ऐक्शन लिया?
    Ans: खबर लिखे जाने तक बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक ऐक्शन सामने नहीं आया है।

    Q3: कांग्रेस का क्या रुख है?
    Ans: कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज पर हमला बताया है।

    Q4: क्या पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है?
    Ans: अब तक केरल पुलिस या सरकार की तरफ से कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।

    Q5: लोग सोशल मीडिया पर क्या कह रहे हैं?
    Ans: सोशल मीडिया पर यूजर्स बीजेपी और केंद्र सरकार पर भड़ास निकाल रहे हैं और कह रहे हैं कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

  • मुंबई कांदिवली हादसा: शिवानी कैटरर्स किचन में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से चौथी मौत, दो की हालत अब भी क्रिटिकल

    मुंबई कांदिवली हादसा: शिवानी कैटरर्स किचन में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से चौथी मौत, दो की हालत अब भी क्रिटिकल

    मुंबई के कांदिवली में शिवानी कैटरर्स की रसोई में सिलेंडर ब्लास्ट से अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 लोग अब भी गंभीर हालत में हैं। फायर NOC और परमिशन के बिना चल रहा था यह किचन।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में हुए भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। सोमवार को शिवानी कैटरर्स की मालकिन शिवानी गांधी (51) ने भी दम तोड़ दिया। उन्हें 70% बर्न इंजरी के बाद एयरोली स्थित नेशनल बर्न्स सेंटर में भर्ती कराया गया था। अब तक कुल 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से चार की मौत हो चुकी है।

    कब और कैसे हुआ सिलेंडर ब्लास्ट?

    यह हादसा 24 सितंबर सुबह 9:05 बजे कांदिवली (पूर्व) के राम किसन मेस्त्री चाल, अकूर्ली क्रॉस रोड नं. 3 पर हुआ।

    • उस समय 7 लोग 10×12 फीट की छोटी यूनिट में काम कर रहे थे।
    • अचानक एलपीजी गैस लीक हुई और सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।
    • सभी लोगों को गंभीर जलन हुई।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस की बदबू पहले से आ रही थी। पीड़ितों ने सिलेंडर को पानी में भी रखा था लेकिन जैसे ही वे वापस किचन में गए, सिलेंडर फट गया और आग की लपटों ने सबको अपनी चपेट में ले लिया।

    रविवार को तीन पीड़ितों ने तोड़ा दम

    हादसे के एक दिन बाद, रविवार को तीन घायलों की मौत हो गई थी।

    • रक्षा जोशी (47) – कस्तूरबा हॉस्पिटल में
    • नीतू गुप्ता (31) – नेशनल बर्न्स सेंटर, एयरोली
    • पूनम (28) – नेशनल बर्न्स सेंटर, एयरोली

    इन तीनों को 80% से 90% तक बर्न इंजरी थी।

    बिना परमिशन और Fire NOC के चल रहा था किचन

    मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने खुलासा किया है कि शिवानी कैटरर्स के पास कोई Fire NOC नहीं थी

    • न तो BMC वार्ड ऑफिस से परमिशन ली गई थी
    • न ही पुलिस से लाइसेंस
    • मात्र 2 दिन पहले ही यह किचन उसी चाल के एक और शॉप से शिफ्ट हुआ था

    यह लापरवाही सीधे तौर पर लोगों की जान लेने का कारण बनी।

    मृतकों और घायलों की जानकारी

    • शिवानी गांधी (51) – मालिक, 70% बर्न (मृतक)
    • रक्षा जोशी (47) – 90% बर्न (मृतक)
    • नीतू गुप्ता (31) – 80% बर्न (मृतक)
    • पूनम (28) – 80% बर्न (मृतक)
    • 2 लोग अब भी गंभीर हालत में हैं।

    हादसे ने उठाए बड़े सवाल

    यह हादसा फिर एक बार यह सवाल खड़ा करता है कि मुंबई में बिना अनुमति और सुरक्षा इंतजाम के कितने छोटे-छोटे यूनिट चल रहे हैं। प्रशासन और BMC की निगरानी में भारी कमी नजर आ रही है।


    FAQ – कांदिवली कैटरिंग किचन फायर हादसा

    Q1: कांदिवली कैटरिंग किचन हादसा कब और कहाँ हुआ था?
    ➡️ यह हादसा 24 सितंबर 2025 की सुबह 9:05 बजे मुंबई के कांदिवली (पूर्व) के राम किसन मेस्त्री चाल, अकरुली क्रॉस रोड नं. 3 पर हुआ।

    Q2: हादसे में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
    ➡️ अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे में घायल हुए 7 लोगों में से 2 अभी भी गंभीर हालत में हैं।

    Q3: हादसे की वजह क्या थी?
    ➡️ हादसा एलपीजी गैस लीक और सिलेंडर ब्लास्ट की वजह से हुआ। पीड़ितों ने सिलेंडर को पानी में रखा था लेकिन जैसे ही वे दोबारा कमरे में लौटे, विस्फोट हो गया और आग फैल गई।

    Q4: हादसे में कौन-कौन लोग मारे गए?
    ➡️ अब तक 4 लोगों की मौत हुई है, जिनमें शिवानी कैटरर्स की मालिक शिवानी गांधी (51), रक्षा जोशी (47), नीतू गुप्ता (31) और पूनम (28) शामिल हैं।

    Q5: हादसे के बाद घायलों का इलाज कहाँ किया गया?
    ➡️ सभी घायलों को पहले एस्की और ओम हॉस्पिटल, बोरीवली में भर्ती किया गया था। बाद में उन्हें नेशनल बर्न्स सेंटर (एयरोली) और कस्तूरबा हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया।

    Q6: शिवानी कैटरर्स किचन के पास क्या Fire NOC थी?
    ➡️ नहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड के मुताबिक इस किचन के पास Fire NOC नहीं थी। न ही BMC वार्ड ऑफिस से अनुमति ली गई थी और न ही पुलिस से लाइसेंस।

    Q7: हादसे के समय किचन में कितने लोग मौजूद थे?
    ➡️ हादसे के समय किचन में कुल 7 लोग मौजूद थे। सभी गंभीर रूप से झुलस गए थे।

    Q8: क्या कैटरिंग यूनिट हाल ही में शिफ्ट हुई थी?
    ➡️ हाँ, हादसे से सिर्फ दो दिन पहले ही शिवानी कैटरर्स ने अपना किचन उसी चाल के दूसरे शॉप से शिफ्ट किया था।

    Q9: क्या इलाके के लोगों को गैस लीक की भनक लगी थी?
    ➡️ हाँ, स्थानीय लोगों और पीड़ितों ने गैस की गंध महसूस की थी। पीड़ित थोड़ी देर के लिए बाहर भी निकल गए थे, लेकिन खतरे को नजरअंदाज कर वापस अंदर जाने पर सिलेंडर ब्लास्ट हो गया।

    Q10: क्या पुलिस या BMC ने अब तक कोई कार्रवाई की है?
    ➡️ हादसे की जांच मुंबई पुलिस और BMC द्वारा की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति चल रहे यूनिट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    Q11: क्या मुंबई में ऐसे और भी अवैध कैटरिंग किचन चल रहे हैं?
    ➡️ विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई में कई छोटे-छोटे कैटरिंग यूनिट, क्लाउड किचन और टिफिन सर्विस बिना Fire NOC और सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं। यह हादसा प्रशासन के लिए चेतावनी है।

    Q12: क्या भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सकता है?
    ➡️ हाँ, अगर हर छोटे-बड़े किचन और कमर्शियल यूनिट को Fire NOC, गैस सेफ्टी चेक और BMC की अनुमति से ही ऑपरेट करने दिया जाए तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।

    Q13: कांदिवली हादसे ने कौन-से बड़े सवाल खड़े किए हैं?
    ➡️ यह हादसा दिखाता है कि:

    • BMC और पुलिस की निगरानी कमजोर है।
    • कई यूनिट बिना अनुमति चल रहे हैं।
    • फायर सेफ्टी को लेकर जागरूकता की भारी कमी है।
  • मुंबई लोकल ट्रेन अपडेट: 10 अक्टूबर तक कई रूट्स प्रभावित, सफर में लगेगा ज्यादा समय

    मुंबई लोकल ट्रेन अपडेट: 10 अक्टूबर तक कई रूट्स प्रभावित, सफर में लगेगा ज्यादा समय

    मुंबई लोकल ट्रेन सर्विस 10 अक्टूबर तक बड़े मेंटेनेंस और ट्रैक अपग्रेडेशन के कारण प्रभावित रहेगी। सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर लाइन पर रूट बदलेंगे, देरी होगी और भीड़ बढ़ेगी। यहां पढ़ें पूरी जानकारी और वैकल्पिक यात्रा प्लान।

    मुंबई: “लाइफलाइन” कही जाने वाली लोकल ट्रेनें इन दिनों बड़े मेंटेनेंस और अपग्रेडेशन के चलते दिक्कत में हैं। सेंट्रल, वेस्टर्न और हार्बर लाइनों पर मरम्मत और सिग्नल सिस्टम मॉडर्नाइजेशन का काम चल रहा है, जिसकी वजह से रोज़ाना लाखों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यह काम 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा।

    disruption इतना बड़ा क्यों?

    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पिछले कई सालों में सबसे बड़ा प्लान्ड डिस्रप्शन है।

    • ट्रैक रिन्यूअल (Track Renewal)
    • सिग्नल मॉडर्नाइजेशन (Signaling Modernization)
    • ब्रिज स्ट्रेंथनिंग (Bridge Strengthening)

    इन अपग्रेड्स से लोकल ट्रेन नेटवर्क और भी मज़बूत और सुरक्षित होगा।

    कौन-कौन सी लाइनें होंगी प्रभावित?

    🚆 Central Line

    • ठाणे से कल्याण के बीच कई सर्विसेज़ कम कर दी गई हैं।
    • पिक ऑवर्स में यात्रियों को सबसे ज़्यादा देरी का सामना करना पड़ेगा।

    🚆 Western Line

    • नॉन-पीक आवर्स में लिमिटेड शेड्यूल पर ट्रेनें चलेंगी।
    • कुछ रूट पर डायवर्जन की वजह से सफर लंबा होगा और भीड़ बढ़ेगी।

    🚆 Harbour Line

    • नाइट ब्लॉक और बीच-बीच में सर्विस सस्पेंड होगी।
    • देर रात घर लौटने वाले यात्रियों को परेशानी होगी।

    वैकल्पिक यात्रा प्लान

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    रेलवे और BMC ने यात्रियों के लिए अलग-अलग विकल्प तैयार किए हैं:

    • BEST बसें: पिक टाइम पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं।
    • मुंबई मेट्रो: वेस्टर्न और सेंट्रल रूट पर मेट्रो का इस्तेमाल बेहतर विकल्प होगा।
    • ऑटो-रिक्शा और कैब: शेयरिंग और ऐप-बेस्ड सर्विसेज़ उपलब्ध होंगी, लेकिन भीड़ और ट्रैफिक का सामना करना पड़ सकता है।

    यात्रियों को क्या दिक्कतें आएंगी?

    • सफर लंबा होगा: ट्रेनों के डायवर्जन और लेट होने की वजह से।
    • 🚉 भीड़ बढ़ेगी: कम ट्रेनों की वजह से पिक टाइम पर ओवरक्राउडिंग होगी।
    • 🌙 देर रात परेशानी: नाइट ब्लॉक्स की वजह से आखिरी ट्रेनें छूट सकती हैं।

    सुरक्षा पर रेलवे का अलर्ट

    यात्रियों से अपील की गई है कि:

    • भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में जबरदस्ती न चढ़ें।
    • फुट ओवरब्रिज का सही इस्तेमाल करें।
    • स्टेशन पर रेलवे स्टाफ के निर्देशों का पालन करें।

    कब तक रहेगी दिक्कत?

    10 अक्टूबर तक यह मरम्मत और अपग्रेडेशन का काम चलेगा। इसके बाद यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और तेज़ सर्विस का फायदा मिलेगा।


    FAQs

    Q1: मुंबई लोकल ट्रेन सर्विस किस तारीख तक प्रभावित रहेगी?
    👉 10 अक्टूबर तक।

    Q2: कौन-कौन सी लाइनों पर असर पड़ेगा?
    👉 Central Line, Western Line और Harbour Line।

    Q3: वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट क्या है?
    👉 BEST बसें, मेट्रो, ऑटो और कैब।

    Q4: यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत कब होगी?
    👉 पिक आवर्स (सुबह और शाम) और नाइट ब्लॉक के दौरान।

    Q5: यह काम क्यों किया जा रहा है?
    👉 ट्रैक रिन्यूअल, सिग्नल मॉडर्नाइजेशन और ब्रिज स्ट्रेंथनिंग के लिए।

  • दादर स्विमिंग पूल में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शख्स को 3 साल की जेल

    दादर स्विमिंग पूल में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ करने वाले शख्स को 3 साल की जेल

    मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने दादर स्विमिंग पूल में 12 और 13 साल की नाबालिग बच्चियों से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई है। केस में सबूत, गवाह और पहचान ने आरोपी को दोषी साबित किया।

    मुंबई: दादर के इलाके में पाँच साल पहले हुई शर्मनाक वारदात में अब अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। 30 साल के आरोपी को स्पेशल जज बी.आर. गारे ने तीन साल की सज़ा सुनाई। आरोपी ने 2020 में स्विमिंग पूल में तैर रही दो नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण किया था।

    घटना कैसे हुई?

    6 मार्च 2020 को 13 साल की एक लड़की दादर के स्विमिंग पूल में तैर रही थी। तभी एक शख्स ने उसके स्विमिंग कॉस्ट्यूम में हाथ डालकर उसकी प्राइवेट पार्ट को दबाया। घबराई हुई बच्ची ने तुरंत ट्रेनर और लाइफगार्ड को बताया।

    इसी दौरान 12 साल की दूसरी बच्ची ने भी उसी आदमी पर आरोप लगाया कि उसने उसके साथ भी छेड़छाड़ की है। दोनों बच्चियों ने तुरंत आरोपी को पहचान लिया।

    FIR और जांच में क्या हुआ?

    पहली बच्ची के पिता ने अगले दिन थाने में FIR दर्ज करवाई। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसकी पहचान गलत हुई है। साथ ही FIR देर से दर्ज होने और CCTV फुटेज न होने पर भी सवाल उठाए।

    लेकिन पुलिस ने कोर्ट में आठ गवाह पेश किए, जिसमें दोनों नाबालिग बच्चियाँ भी शामिल थीं।

    कोर्ट ने क्या कहा?

    जज बी.आर. गारे ने कहा कि बच्चियों का डर और सदमे में होना FIR में हुई एक दिन की देरी का संतोषजनक कारण है। दोनों बच्चियों ने आरोपी को मौके पर और बाद में अदालत में भी पहचान लिया।

    कोर्ट ने माना कि आरोपी ने यौन इरादे से बच्चियों के प्राइवेट पार्ट को छुआ और यह POCSO Act के तहत अपराध है।

    सजा और कानून

    अदालत ने आरोपी को यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ (Sexual Harassment & Assault) के आरोप में दोषी ठहराया और तीन साल की जेल की सजा सुनाई।


    FAQs

    Q1: डाडर स्विमिंग पूल केस कब हुआ था?
    👉 यह घटना 6 मार्च 2020 को हुई थी।

    Q2: इस केस में कितनी बच्चियों ने शिकायत की थी?
    👉 कुल दो नाबालिग बच्चियों (12 और 13 साल) ने आरोपी पर आरोप लगाया।

    Q3: आरोपी को कितनी सजा हुई है?
    👉 अदालत ने आरोपी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है।

    Q4: क्या घटना का CCTV फुटेज था?
    👉 नहीं, पुलिस ने बताया कि पूल में CCTV कैमरे मौजूद नहीं थे।

    Q5: आरोपी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
    👉 आरोपी ने कहा कि पूल में करीब 30 लोग थे और उसे गलत पहचान लिया गया है।

  • मुंबई में झमाझम बारिश: आईएमडी ने जारी किया ‘ऑरेंज अलर्ट’, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    मुंबई में झमाझम बारिश: आईएमडी ने जारी किया ‘ऑरेंज अलर्ट’, कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना

    मुंबई में सोमवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग (IMD) ने आज ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए शहर और उपनगरों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। लोकल ट्रेनें और BEST बसें मामूली देरी के साथ सामान्य चल रही हैं।

    मुंबई: सोमवार (29 सितंबर 2025) की सुबह मुंबई शहर में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। इससे पहले रविवार को शहर के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई थी। मौसम विभाग (IMD) ने सुबह 8 बजे के अपडेट में बताया कि आज शहर और उपनगरों में आसमान बादलों से घिरा रहेगा और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

    🌧️ पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई?

    • आइलैंड सिटी (साउथ मुंबई): 74.85 मिमी
    • ईस्टर्न सबर्ब: 77.89 मिमी
    • वेस्टर्न सबर्ब: 99.44 मिमी
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    रविवार को शहर के कई इलाकों में 100 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज हुई थी। हालांकि सोमवार की सुबह बारिश की तीव्रता थोड़ी कम रही।

    🚉 लोकल ट्रेन और BEST बस सर्विस पर असर

    • सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेनें मामूली देरी से सही, लेकिन सामान्य रूप से चल रही हैं।
    • BEST बसों के रूट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
      इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।

    🌊 हाई टाइड और लो टाइड का समय

    • हाई टाइड: दोपहर 3:27 बजे (3.01 मीटर)
    • लो टाइड: रात 9:36 बजे (1.58 मीटर)

    बारिश और हाई टाइड के मेल से समुद्र किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    🔶 ‘ऑरेंज अलर्ट’ का क्या मतलब?

    IMD ने मुंबई और उपनगरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि आने वाले 24 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और प्रशासन को सावधानी बरतनी होगी।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: ऑरेंज अलर्ट का मतलब क्या होता है?
    👉 ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि अगले 24 घंटे में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

    Q2: क्या मुंबई की लोकल ट्रेनें बारिश में प्रभावित हैं?
    👉 फिलहाल मुंबई लोकल ट्रेनें मामूली देरी के साथ सामान्य रूप से चल रही हैं।

    Q3: अगले 24 घंटे में मुंबई में कितनी बारिश हो सकती है?
    👉 IMD के मुताबिक, कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

    Q4: आज मुंबई में हाई टाइड कब है?
    👉 आज दोपहर 3:27 बजे हाई टाइड है जिसकी ऊंचाई 3.01 मीटर होगी।

  • “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    “राज ठाकरे की हत्या की साजिश नाकाम” – पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का खुलासा

    मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे समय रहते उन्होंने राज ठाकरे की हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया और उनकी जान बचाई।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने एक इंटरव्यू में दावा किया है कि उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की हत्या की साजिश को नाकाम किया था।

    🎯 ‘कोंकण टूर’ के दौरान थी प्लानिंग

    शर्मा ने बताया कि रूटीन सर्विलांस के दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि राज ठाकरे को उनके आगामी कोंकण दौरे के दौरान निशाना बनाया जा सकता है। मामला बेहद गंभीर था, इसलिए उन्होंने तुरंत तत्कालीन जॉइंट पुलिस कमिश्नर मीरा बोरवणकर को अलर्ट किया।

    🚨 समय पर कार्रवाई से बची जान

    सूचना मिलते ही पुलिस ने राज ठाकरे को ब्रीफ किया और उन्हें दौरा रद्द करने की सलाह दी।
    👉 नतीजा यह रहा कि पूरा टूर कैंसिल हो गया और हत्या की साजिश नाकाम हो गई।

    🔫 पहले भी मिल चुकी थी धमकी

    प्रदीप शर्मा ने यह भी याद किया कि साल 2003 में मुलुंड ट्रेन ब्लास्ट केस की जांच के दौरान पाकिस्तानी और कश्मीरी आतंकियों ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास पर हमला करने की प्लानिंग की थी।
    शर्मा खुद उस एनकाउंटर का हिस्सा थे जिसमें तीन आतंकी ढेर हुए।

    👮‍♂️ पुलिस अधिकारियों की चुनौतियाँ

    प्रदीप शर्मा के मुताबिक, ऐसे मामलों में

    • विजिलेंस (निगरानी)
    • टाइमली इंटेलिजेंस
    • और सीनियर अफसरों के साथ कॉर्डिनेशन
      सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. राज ठाकरे पर हमला कब प्लान किया गया था?
    👉 प्रदीप शर्मा के मुताबिक, यह प्लानिंग उनके कोंकण दौरे के दौरान की गई थी।

    Q2. किसने साजिश का खुलासा किया?
    👉 मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा ने सर्विलांस के दौरान यह जानकारी जुटाई।

    Q3. क्या पहले भी ठाकरे परिवार को धमकी मिली थी?
    👉 हाँ, 2003 में आतंकी संगठन ने बालासाहेब ठाकरे के मातोश्री निवास को टारगेट करने की साजिश रची थी।

    Q4. इस खुलासे का ज़िक्र कहाँ हुआ?
    👉 प्रदीप शर्मा ने यह खुलासा NDTV मराठी के इंटरव्यू में किया।

  • मुंबई में IMD का ‘Red Alert’: महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    मुंबई में IMD का ‘Red Alert’: महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

    महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और कोकण के जिलों में IMD ने ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। प्रशासन ने बाढ़, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से निपटने की तैयारी तेज कर दी है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के जिलों में 30 सितंबर तक भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया गया है।

    🚨 बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

    सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने और नदी किनारे के इलाकों की लगातार निगरानी करने के आदेश दिए हैं। घाट वाले इलाकों में भूस्खलन और अचानक आने वाले फ्लैश फ्लड (Flash Flood) का खतरा बना हुआ है।

    🏞️ मराठवाड़ा में तबाही

    20 सितंबर से हो रही लगातार बारिश और नदियों के उफान से मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है।

    • कम से कम 9 लोगों की मौत
    • लाखों एकड़ फसल बरबाद
    • जिलों में सड़कें और ग्रामीण इलाकों का संपर्क टूटा

    मराठवाड़ा के जिलों में औरंगाबाद (छत्रपती संभाजीनगर), जलना, लातूर, परभणी, नांदेड, हिंगोली, बीड और धाराशिव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

    🛑 प्रशासन की तैयारी

    • 24×7 कंट्रोल रूम एक्टिव
    • रेस्क्यू टीम और NDRF की तैनाती
    • निचले इलाकों में अलर्ट
    • लोगों से अपील: घर से बाहर निकलने से बचें

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मुंबई में रेड अलर्ट का मतलब क्या है?
    👉 रेड अलर्ट का मतलब है कि इलाके में अत्यधिक बारिश और बाढ़ का खतरा है। लोगों को यात्रा से बचने और सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी जाती है।

    Q2. कौन-कौन से जिलों में सबसे ज्यादा खतरा है?
    👉 मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में IMD ने रेड अलर्ट जारी किया है।

    Q3. क्या मराठवाड़ा में बारिश से नुकसान हुआ है?
    👉 हाँ, अब तक 9 लोगों की मौत और लाखों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है।

    Q4. सरकार ने क्या तैयारी की है?
    👉 कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिए गए हैं, NDRF की टीमें तैनात हैं और जिलों को अलर्ट रहने को कहा गया है।

  • Malvani Banner Controversy: ‘I Love Muhammad’ होर्डिंग्स हटाने पर नाराज़गी, लोग बोले – “सिर्फ हमें ही क्यों टारगेट किया जा रहा है?”

    Malvani Banner Controversy: ‘I Love Muhammad’ होर्डिंग्स हटाने पर नाराज़गी, लोग बोले – “सिर्फ हमें ही क्यों टारगेट किया जा रहा है?”

    मुंबई के मालाड वेस्ट स्थित मालवणी इलाके में पुलिस ने ‘I Love Muhammad’ बैनर हटाए, जिससे मुस्लिम समुदाय में नाराज़गी फैल गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दिवाली-नवरात्रि और राजनीतिक बैनरों पर कार्रवाई नहीं होती, लेकिन मुस्लिमों को निशाना बनाया जाता है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट, मालवणी इलाके में रविवार को पुलिस ने ‘I Love Muhammad’ लिखे बैनर और होर्डिंग्स हटवा दिए। यह कार्रवाई शहीद अब्दुल हमीद रोड और आसपास के इलाकों में की गई। पुलिस ने स्थानीय युवाओं को चेतावनी दी कि अगर बिना परमिशन फिर से बैनर लगाए गए तो उन पर कानूनी कार्रवाई होगी।

    मुस्लिम समुदाय ने लगाया भेदभाव का आरोप

    बैनर हटाने के बाद इलाके में नाराज़गी देखने को मिली। स्थानीय युवाओं का कहना है कि दिवाली और नवरात्रि जैसे हिंदू त्योहारों के बैनर और राजनीतिक पोस्टर बिना किसी परमिशन के हर जगह लगाए जाते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।

    👉 एक स्थानीय युवक आदिल शेख ने कहा:
    “क्या कानून सिर्फ मुस्लिमों के लिए है? अगर हमारे बैनर हटाए गए हैं तो फिर राजनीतिक और त्योहारों के होर्डिंग्स भी हटाओ। नियम सबके लिए बराबर क्यों नहीं?”

    पुलिस और बीएमसी का क्या कहना है?

    मालवणी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर शैलेन्द्र नागरकर ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा:
    “‘I Love Muhammad’ वाले कई बैनर बिना परमिशन लगाए गए थे, इसलिए हटाए गए।”

    नियमों के मुताबिक:

    • बैनर लगाने के लिए BMC से परमिशन जरूरी है।
    • धार्मिक या संवेदनशील विषय होने पर पुलिस क्लीयरेंस भी जरूरी है।
    • ट्रैफिक सिग्नल के पास लगे बैनरों के लिए RTO की अनुमति चाहिए।

    युवाओं का दावा – हमने परमिशन मांगी थी

    स्थानीय युवाओं का कहना है कि उन्होंने पहले ही BMC को परमिशन के लिए आवेदन दिया था और वह कॉपी पुलिस को भी दिखाई थी।

    👉 सलमान खान, जो इस मुहिम से जुड़े थे, ने कहा:
    “हमने नियम के हिसाब से बीएमसी को अर्जी दी थी। फिर भी पुलिस ने हमें धमकाया। क्या पैगंबर मोहम्मद से मोहब्बत जताना गुनाह है?”

    “समान कानून, समान कार्रवाई चाहिए”

    कुछ निवासियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि पुलिस ने बैनर हटाए और युवाओं को चेतावनी दी। हालांकि, निजी प्लॉट में लगे कुछ होर्डिंग्स को स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से नहीं हटाया गया।

    फिरोज शेख ने कहा:
    “दिवाली और नवरात्रि पर कोई बैनर नहीं छूता, लेकिन मुस्लिमों के बैनर तुरंत हटा दिए जाते हैं। ये भेदभाव है।”

    फरीद खान ने कहा:
    “हम किसी त्योहार या राजनीतिक पोस्टर के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन ट्रीटमेंट सबके लिए बराबर होना चाहिए।”

    पुलिस का जवाब टालमटोल

    जब पुलिस अधिकारियों से पूछा गया कि क्या वे त्योहार और राजनीतिक बैनरों की भी परमिशन जांचते हैं, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इससे स्थानीय लोगों की शंकाएं और गहरी हो गईं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालवणी में पुलिस ने कौन से बैनर हटाए?
    👉 ‘I Love Muhammad’ लिखे बैनर हटाए गए।

    Q2. पुलिस ने बैनर क्यों हटाए?
    👉 क्योंकि बीएमसी और पुलिस की परमिशन नहीं ली गई थी।

    Q3. क्या बीएमसी से परमिशन जरूरी है?
    👉 हां, किसी भी सार्वजनिक बैनर के लिए बीएमसी और संवेदनशील विषयों पर पुलिस की अनुमति जरूरी है।

    Q4. स्थानीय लोगों ने क्या आरोप लगाया?
    👉 उन्होंने कहा कि त्योहार और राजनीतिक बैनर बिना परमिशन लगे रहते हैं, लेकिन मुस्लिमों के बैनरों पर ही कार्रवाई होती है।

    Q5. पुलिस ने राजनीतिक और त्योहारों के बैनरों पर क्या कहा?
    👉 इस सवाल पर पुलिस ने कोई जवाब नहीं दिया।

  • Malad East Firing: मालाड ईस्ट में प्रॉपर्टी विवाद में दोस्त पर गोलीबारी, एक गंभीर घायल

    Malad East Firing: मालाड ईस्ट में प्रॉपर्टी विवाद में दोस्त पर गोलीबारी, एक गंभीर घायल

    मालाड ईस्ट (मुंबई) के पठानवाड़ी इलाके में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक शख्स ने अपने दोस्त पर गोली चला दी। फायरिंग में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी फरार है और कुरार पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: मालाड ईस्ट स्थित पठानवाड़ी इलाके में रविवार सुबह गोलीबारी की घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस के मुताबिक, एक शख्स ने प्रॉपर्टी विवाद के चलते अपने दोस्त पर 1 से 2 राउंड फायरिंग की। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।

    आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटी

    फायरिंग की खबर मिलते ही कुरार पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच, आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

    घटना का कारण – प्रॉपर्टी विवाद

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गोलीबारी की वजह जमीन/प्रॉपर्टी विवाद है। आरोपी और पीड़ित दोनों दोस्त बताए जा रहे हैं, लेकिन प्रॉपर्टी को लेकर उनके बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी विवाद ने अब हिंसक रूप ले लिया।

    इलाके में फैली दहशत

    रविवार सुबह अचानक हुई गोलीबारी से पठानवाड़ी और मालाड ईस्ट के आसपास अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोली चलने की आवाज सुनकर पूरा इलाका सहम गया। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है और आस-पास सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

    आगे की कार्रवाई

    कुरार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है।

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड ईस्ट में फायरिंग कब हुई?
    👉 रविवार सुबह पठानवाड़ी इलाके में यह घटना हुई।

    Q2. गोलीबारी किस वजह से हुई?
    👉 यह घटना प्रॉपर्टी विवाद को लेकर हुई।

    Q3. इस फायरिंग में कौन घायल हुआ?
    👉 आरोपी ने अपने ही दोस्त पर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर घायल हो गया।

    Q4. क्या आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है?
    👉 नहीं, आरोपी फिलहाल फरार है। कुरार पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

    Q5. पुलिस ने कौन से मामले दर्ज किए हैं?
    👉 आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

  • प्रशासन की उदासीनता पर भड़के विधायक सुनील प्रभु, विधानसभा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी

    प्रशासन की उदासीनता पर भड़के विधायक सुनील प्रभु, विधानसभा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी

    महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र में विधायक सुनील प्रभु ने कपात सुझाव दिए थे, जिनका समय पर जवाब न मिलने पर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को पत्र लिखकर प्रशासन की उदासीनता पर नाराज़गी जताई।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा के पावसाली (मानसून) अधिवेशन में शिवसेना विधायक सुनील प्रभु ने नियम 256 के तहत नगरविकास विभाग से जुड़े कुल 8 कटौती सुझाव पेश किए थे। ये सुझाव मालाड पूर्व दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर आधारित थे और सार्वजनिक जनहित के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे थे।

    संसदीय प्रथा के अनुसार, ऐसे सुझावों पर एक महीने के भीतर सरकार की तरफ से लिखित जवाब मिलना ज़रूरी होता है। लेकिन अधिवेशन खत्म हुए पूरे दो महीने बीत जाने के बाद भी नगरविकास विभाग ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है।

    विधानसभा अध्यक्ष को लिखी चिट्ठी

    सुनील प्रभु ने इस लापरवाही पर विधानसभा अध्यक्ष एडवोकेट राहुल नार्वेकर को पत्र लिखकर नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि अगर समय पर जवाब मिलता, तो सदस्य संबंधित मुद्दों पर फॉलो-अप कर जनता को न्याय दिला सकते।

    विधानसभा अध्यक्ष ने पहले भी कई बार इस पर निर्देश दिए हैं कि कटौती सुझावों के जवाब समय पर दिए जाएं, लेकिन प्रशासन की तरफ से इस पर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

    कटौती सुझावों का महत्व

    • ये सुझाव नगरविकास विभाग की योजनाओं और कामों से सीधे जुड़े हुए हैं।
    • दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दे इसमें शामिल हैं।
    • समय पर कार्रवाई होती तो स्थानीय जनता को राहत और पारदर्शिता मिल सकती थी।

    सुनील प्रभु का बयान

    प्रभु का कहना है कि प्रशासन की यह उदासीनता लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और इससे जनता का विश्वास भी कमजोर होता है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से अपील की है कि संबंधित विभाग को सख्त निर्देश दिए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. कटौती सुझाव क्या होते हैं?
    👉 विधानसभा में विपक्षी सदस्यों को बजट की विभिन्न मांगों में कटौती सुझाने का अधिकार होता है, जिन्हें कटौती सुझाव कहा जाता है।

    Q2. इन सुझावों पर सरकार को जवाब कब देना होता है?
    👉 संसदीय प्रथा के अनुसार, एक महीने के भीतर संबंधित विभाग की ओर से लिखित जवाब मिलना अनिवार्य है।

    Q3. सुनील प्रभु ने कितने कटौती सुझाव पेश किए थे?
    👉 कुल 8 कटौती सुझाव, जो नगरविकास विभाग और दिंडोशी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े थे।

    Q4. अब तक प्रशासन का रुख कैसा रहा है?
    👉 दो महीने बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई लिखित जवाब नहीं दिया गया है।