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Bombay High Court ने Shilpa Shetty और उनके पति Raj Kundra की Phuket ट्रिप के लिए विदेश यात्रा की अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने गंभीर मामलों की लंबित जांच का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया।
डिजिटल डेस्क मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस Shilpa Shetty और बिज़नेसमैन Raj Kundra की तीन दिन की फैमिली वेकेशन ट्रिप के लिए दी गई अर्जी को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने खारिज कर दिया है। कपल ने कोर्ट से Thailand के Phuket जाने की परमिशन मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने साफ इनकार कर दिया।
गंभीर केस का हवाला देते हुए अर्जी खारिज
इस केस की सुनवाई चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंकड की बेंच ने की। सरकार के वकील ने कहा कि जब तक Economic Offences Wing (EOW) की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक विदेश यात्रा की इजाज़त नहीं दी जा सकती।
केस बिज़नेसमैन Deepak Kothari की शिकायत पर दर्ज हुआ था।
आरोप है कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा ने उनकी कंपनी में 60 करोड़ रुपये निवेश करने के लिए कहा और फिर पैसा डाइवर्ट कर लिया।
कोर्ट ने कहा कि ऐसे “गंभीर आरोप” लंबित रहने के दौरान विदेश यात्रा की परमिशन देना उचित नहीं है।
Lookout Circular (LOC) रहेगा लागू
Mumbai Police की Economic Offences Wing ने पहले ही कपल के खिलाफ Lookout Circular (LOC) जारी कर रखा है। इसका मतलब है कि बिना कोर्ट की अनुमति के वे विदेश नहीं जा सकते।
राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी ने दलील दी थी कि:
राज कुंद्रा को बिज़नेस के लिए बार-बार विदेश जाना पड़ता है।
शिल्पा शेट्टी की भी विदेश में प्रोफेशनल कमिटमेंट्स रहती हैं।
विदेश यात्रा पर रोक लगाना उनके Fundamental Rights का उल्लंघन है।
जानकारी के मुताबिक, Raj Kundra पहले भी EOW के सामने पेश हो चुके हैं और उनसे पूछताछ की गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी। तब तक LOC लागू रहेगा और कपल विदेश यात्रा नहीं कर पाएगा।
❓ FAQ Section
Q1. Shilpa Shetty और Raj Kundra को Phuket जाने की परमिशन क्यों नहीं मिली? Ans: Bombay HC ने कहा कि उनके खिलाफ गंभीर आर्थिक अपराध के केस पेंडिंग हैं, इसलिए विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती।
Q2. यह केस किसकी शिकायत पर दर्ज हुआ है? Ans: बिज़नेसमैन दीपक कोठारी ने शिकायत की थी कि कपल ने उनकी 60 करोड़ रुपये की इन्वेस्टमेंट का गलत इस्तेमाल किया।
Q3. क्या Lookout Circular अभी भी लागू है? Ans: हाँ, LOC जारी रहेगा और दोनों बिना कोर्ट की अनुमति विदेश नहीं जा सकते।
Q4. अगली सुनवाई कब होगी? Ans: अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।
मुंबई वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) पर पोइसर मेट्रो स्टेशन के पास सीमेंट मिक्सर ट्रक पलटने से सुबह भारी ट्रैफिक जाम लग गया। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने 2 घंटे बाद स्थिति सामान्य की।
मुंबई: गुरुवार सुबह पोइसर मेट्रो स्टेशन (सामतानगर) के नीचे बने सर्विस रोड पर अचानक एक सीमेंट मिक्सर ट्रक पलट गया। ट्रक के पलटते ही वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे (WEH) के नॉर्थबाउंड लेन पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। कई मोटर चालकों को डाइवर्जन लेकर लंबा रास्ता तय करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। वीडियो में दिखा कि विशाल ट्रक अपनी साइड पर पलटा पड़ा है और उसके कारण सर्विस रोड लगभग ब्लॉक हो गया। गाड़ियां धीरे-धीरे किनारे से निकल रही थीं। गनीमत रही कि इस एक्सीडेंट में कोई गंभीर घायल या मौत की खबर नहीं है।
मुंबई ट्रैफिक पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मुंबई ट्रैफिक पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और गाड़ियों का रूट डायवर्ट कर जाम कम करने की कोशिश की। पुलिस ने X (ट्विटर) पर सुबह अपडेट देते हुए लिखा: 👉 “Traffic Movement Is Slow At Poisar Metro Station Service Road (Samtanagar) North Bound Due To Mixer Overturned.”
करीब दो घंटे की मेहनत के बाद क्रेन से ट्रक को हटाया गया और सड़क साफ कर दी गई। पुलिस ने बाद में दूसरा अपडेट देते हुए बताया कि “अब ट्रैफिक क्लियर है।”
मिक्सर उलटल्यामुळे पोईसर मेट्रो स्टेशन सर्व्हिस रोड (समतानगर) येथे उत्तरेकडे जाणारी वाहतूक संथ गतीने सुरू आहे. Traffic Movement Is Slow At Poiser Metro Station Service Road (Samtanagar) North Bound Due To Mixer Overturned. #MTPTrafficUpdate
शिंदे सेना के दशहरा मेलावा के कारण अतिरिक्त ट्रैफिक डायवर्जन
इसी बीच, मुंबई पुलिस ने लोगों को शाम को एक और ट्रैफिक डायवर्जन अलर्ट दिया है। गोरेगांव के NESCO Exhibition Centre में शाम 6 बजे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गट का दशहरा मेलावा होने वाला है।
इसके चलते 5 बजे से रात 10 बजे तक कई रास्तों पर ट्रैफिक कर्ब्स लगेंगे:
Mrinaltai Gore Junction से NESCO Gap तक एंट्री बंद।
राम मंदिर से NESCO की तरफ राइट टर्न बंद।
NESCO सर्विस रोड पर Hub Mall से Jaycoach Junction तक ट्रैफिक कंट्रोल।
वाहनों के लिए डाइवर्जन भी तय किए गए हैं ताकि लोग JVLR और WEH की तरफ आसानी से जा सकें।
यह हादसा बताता है कि मुंबई जैसी मेट्रो सिटी में एक छोटा सा एक्सीडेंट भी सुबह की पीक ऑवर ट्रैफिक को घंटों तक प्रभावित कर सकता है। मुंबई ट्रैफिक पुलिस लगातार अपील कर रही है कि ड्राइवर बड़े ट्रक और मिक्सर मशीन चलाते वक्त सावधानी बरतें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: हादसा कहां हुआ? 👉 हादसा प्वाइसर मेट्रो स्टेशन (सामतानगर) के नीचे WEH सर्विस रोड पर हुआ।
Q2: हादसे में कितनी देर ट्रैफिक जाम रहा? 👉 करीब दो घंटे तक हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार थमी रही।
Q3: क्या इस एक्सीडेंट में कोई घायल हुआ? 👉 गनीमत रही कि किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है।
Q4: मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने क्या कदम उठाए? 👉 पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर ट्रक हटवाया और गाड़ियों का रूट डायवर्ट किया।
Q5: आज शाम को ट्रैफिक डायवर्जन क्यों रहेगा? 👉 गोरेगांव NESCO Exhibition Centre में शिंदे गट का दशहरा मेळावा है, जिसके कारण ट्रैफिक डायवर्जन होगा।
मुंबई पवई में 56 वर्षीय वकील और पूर्व फ्लाइट अटेंडेंट शालिनी देवी की हत्या से सनसनी। घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाओं की मदद करने वाली शालिनी खुद पति की हिंसा की शिकार बनीं। पुलिस ने उनके पति को गिरफ्तार किया।
मुंबई: अंधेरी पूर्व के पवई इलाके में 56 साल की वकील शालिनी देवी अपने फ्लैट में मृत पाई गईं। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या का आरोप उनके अलग रह रहे पति पर है। शालिनी पहले एयर होस्टेस रह चुकी थीं और बाद में लॉ पढ़कर वकालत करने लगीं।
घरेलू हिंसा से महिलाओं को न्याय दिलाने वाली वकील खुद बनी शिकार
शालिनी देवी साल 2012 में मशहूर वकील फ्लाविया एग्नेस के संगठन मजलिस से जुड़ी थीं। यह संगठन घरेलू हिंसा और यौन शोषण झेल रही महिलाओं को कानूनी और सामाजिक सहारा देता है। चार साल तक वह यहां काम करती रहीं और कई महिलाओं को शेल्टर और मदद दिलाई।
सहकर्मियों का दर्द
मजलिस की डायरेक्टर एडवोकेट ऑड्री डी’मेलो ने कहा,
“ये बहुत ही परेशान करने वाली खबर है। किसी दोस्त की मौत सुनना ही मुश्किल होता है, लेकिन इस तरह से… बेहद दर्दनाक।”
सहकर्मियों को याद है कि शालिनी कई बार ऑफिस में रुक जाती थीं क्योंकि घर जाने से डर लगता था। बावजूद इसके, वह अपने बेटे के लिए पति के साथ रिश्ते को संभालना चाहती थीं।
अक्सर घरेलू हिंसा झेल रही महिलाएं समाज में चुप रहती हैं। शालिनी भी शायद उसी परिस्थिति में थीं। डी’मेलो के मुताबिक, “घर की सच्चाई बताना आसान नहीं होता। लोग सोचते हैं कि बदनामी होगी। यही सबसे बड़ी मुश्किल है।”
दोबारा शादी और रिश्ते की कड़वी हकीकत
तलाक के बाद भी शालिनी ने अपने पति से दोबारा शादी की। सहकर्मियों के मुताबिक, उन्होंने साफ कहा था कि वह ये सब अपने बेटे के लिए कर रही हैं। लेकिन दूसरी बार भी रिश्ता टूट गया और पति अलग रहने लगा।
हत्या की जांच जारी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पति उसी दिन घर आया था। शालिनी का बेटा, जो जल्द शादी करने वाला है, हमेशा मां के साथ खड़ा रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या की वजह तलाश रही है।
चेतावनी संकेतों की अनदेखी
डी’मेलो ने कहा,
“रिश्तों में हिंसा हमेशा शब्दों से शुरू होती है और बाद में शारीरिक हिंसा में बदल जाती है। ये संकेत अचानक नहीं आते, हमेशा पहले से नजर आते हैं। लेकिन हम रिश्ते में रहते हुए उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।”
महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
इस घटना के बाद महिला कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं कि क्या घरेलू हिंसा के मामलों में समझौते की सलाह देना सही है? डी’मेलो ने कहा, “हर बार जब मैं किसी महिला से पूछती हूं कि क्या वह घर लौटना चाहती है, अब मेरे दिमाग में यही सवाल आएगा—क्या वह मारी जाएगी?”
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: शालिनी देवी कौन थीं? 👉 वह पूर्व फ्लाइट अटेंडेंट थीं जिन्होंने लॉ पढ़कर वकालत शुरू की। उन्होंने मजलिस नामक NGO के साथ महिलाओं को न्याय दिलाने का काम किया।
Q2: उनकी हत्या कब और कहां हुई? 👉 पवई (मुंबई) के उनके फ्लैट में शनिवार को उनका शव मिला।
Q3: हत्या का आरोप किस पर है? 👉 उनके अलग रह रहे पति पर हत्या का आरोप है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
Q4: शालिनी देवी किन मुद्दों पर काम करती थीं? 👉 वह घरेलू हिंसा, यौन शोषण और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों पर काम करती थीं।
Q5: इस घटना से समाज को क्या संदेश मिलता है? 👉 कि घरेलू हिंसा की अनदेखी खतरनाक हो सकती है और रिश्तों में मौजूद चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
प्रियंका चोपड़ा ने मुंबई में Bvlgari Serpenti Infinito Exhibition में ₹1.67 लाख की चमचमाती ड्रेस और शानदार Bvlgari ज्वेल्स पहनकर सबका ध्यान खींचा। जानिए उनके स्टाइल और फैशन लुक की पूरी डिटेल।
मुंबई: बॉलीवुड की देसी गर्ल और ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों भारत दौरे पर हैं और हर दिन अपने फैशन लुक से सुर्खियाँ बटोर रही हैं। हाल ही में उन्होंने मुंबई के Bvlgari Serpenti Infinito Exhibition में शिरकत की और इस मौके पर उनका हॉलिवुड स्टाइल अवतार सबके लिए चर्चा का विषय बन गया।
₹1.67 लाख की ग्लिटरिंग मिडी ड्रेस
इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में प्रियंका ने ऑस्ट्रेलियन लग्ज़री ब्रांड Maticevski की बरगंडी कलर की ग्लिटरिंग मिडी ड्रेस पहनी।
इस आउटफिट में मेटालिक शिमर फैब्रिक का इस्तेमाल किया गया था।
ड्रेस का डीप V-नेकलाइन और बॉडी-हगिंग फिटिंग ने इसे और ज्यादा ग्लैमरस बनाया।
कमर पर ड्रेप और रुच्ड डिटेलिंग ने आउटफिट में एलिगेंस का टच दिया।
ब्रांड की वेबसाइट के मुताबिक इस ड्रेस की कीमत करीब $1,880 यानी ₹1.67 लाख है।
प्रियंका के दोनों लुक्स—एकदम देसी और एकदम वेस्टर्न—फैन्स को खूब पसंद आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल हो रही हैं और फैशन क्रिटिक्स ने भी उनकी तारीफ की है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. प्रियंका चोपड़ा ने मुंबई इवेंट में कौन सी ड्रेस पहनी थी? A1. उन्होंने ऑस्ट्रेलियन लग्ज़री ब्रांड Maticevski की बरगंडी मिडी ड्रेस पहनी थी।
Q2. इस ड्रेस की कीमत कितनी है? A2. ब्रांड की वेबसाइट के अनुसार, इसकी कीमत करीब ₹1.67 लाख है।
Q3. प्रियंका ने अपने लुक को किस ज्वेलरी से कम्प्लीट किया? A3. उन्होंने Bvlgari के डायमंड नेकलेस, हूप इयररिंग्स, ब्रैसलेट और रिंग पहने।
Q4. दुर्गा पूजा पंडाल में प्रियंका का लुक कैसा था? A4. उन्होंने पर्पल कलर का सलवार सूट पहना था जिसकी कीमत ₹32,890 बताई जा रही है।
मुंबई मंत्रालय के बाहर 70 वर्षीय बुजुर्ग ने आत्मदाह की कोशिश की। नवी मुंबई में काजू फैक्ट्री से हो रही आवाज़ की समस्या को लेकर कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की। घटना से प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: मंगलवार शाम मंत्रालय (Mantralaya) के बाहर एक नाटकीय घटना ने सभी को हिला कर रख दिया। नवी मुंबई के कोपारखैराने इलाके में रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग ने प्रशासन की लापरवाही से परेशान होकर आत्मदाह करने की कोशिश की। बुजुर्ग का आरोप है कि उनके घर के पास 24 घंटे चलने वाली काजू पॉलिशिंग फैक्ट्री की मशीनों से लगातार शोर होता है, जिसकी वजह से वे और आसपास के लोग काफी समय से परेशान हैं।
उन्होंने कई बार नवी मुंबई महानगरपालिका (Navi Mumbai Municipal Corporation – NMMC) और स्थानीय प्रशासन से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक-हार कर उन्होंने मंत्रालय के बाहर खुद को आग लगाने का प्रयास किया। हालांकि वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें तुरंत रोक लिया और पुलिस को सौंप दिया।
मंत्रालय के बाहर शाम 4:55 बजे हुई घटना
पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार शाम करीब 4:55 बजे की है। बुजुर्ग ने मंत्रालय के गेट के पास खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की कोशिश की। सुरक्षा गार्ड्स ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया और आत्मदाह की कोशिश नाकाम कर दी।
बाद में उन्हें मरीन ड्राइव पुलिस (Marine Drive Police) के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद बुजुर्ग को चेतावनी देते हुए नोटिस के साथ छोड़ दिया।
नवी मुंबई की फैक्ट्री से परेशान थे बुजुर्ग
बुजुर्ग का कहना है कि कोपारखैराने (Koparkhairane) इलाके में उनके घर के पास कई काजू पॉलिशिंग फैक्ट्रियां चल रही हैं। ये फैक्ट्रियां 24 घंटे काम करती हैं और लगातार मशीनों का शोर होता रहता है।
उनका आरोप है कि लगातार इस शोर से उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है और नींद तक पूरी नहीं हो पाती। उन्होंने कई बार नवी मुंबई नगर निगम और स्थानीय अधिकारियों से लिखित व मौखिक शिकायत की, लेकिन किसी ने उनकी परेशानी पर ध्यान नहीं दिया।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
यह घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। नवी मुंबई जैसे विकसित शहर में अगर एक बुजुर्ग को अपनी समस्या के समाधान के लिए मंत्रालय जाकर आत्मदाह की कोशिश करनी पड़े, तो यह स्थानीय शासन की नाकामी को दर्शाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ एक बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके के नागरिक इन फैक्ट्रियों से परेशान हैं। लेकिन उद्योग और व्यापार से जुड़े दबाव के कारण अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
पुलिस और प्रशासन की सफाई
मरीन ड्राइव पुलिस का कहना है कि बुजुर्ग ने सिर्फ विरोध दर्ज कराने के लिए ऐसा कदम उठाया। उन्हें समझाया गया है कि इस तरह का तरीका खतरनाक है और किसी भी स्थिति में कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए।
दूसरी ओर नवी मुंबई प्रशासन का कहना है कि शिकायतें मिली थीं, लेकिन फैक्ट्री मालिकों को नोटिस देकर भी कोई असर नहीं हुआ। अब नई कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
नागरिकों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फैक्ट्रियों के लगातार शोर और प्रदूषण से जीना मुश्किल हो गया है। कई लोग नींद की समस्या और मानसिक तनाव की शिकायत कर चुके हैं।
नागरिकों का आरोप है कि फैक्ट्री मालिक राजनीतिक रसूखदार हैं, इसलिए उन पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाती।
सोशल मीडिया पर बहस
जैसे ही मंत्रालय आत्मदाह की कोशिश की खबर फैली, सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ देना शुरू कर दीं। कई लोगों ने इसे प्रशासन की असंवेदनशीलता बताया, तो कुछ ने कहा कि बुजुर्ग की आवाज़ को गंभीरता से लेना चाहिए।
ट्विटर (X) पर कई यूज़र्स ने लिखा कि अगर एक आम आदमी की शिकायत को महीनों तक नजरअंदाज किया जाएगा, तो लोग मजबूरी में ऐसे कदम उठाने पर मजबूर हो जाएंगे।
एक्सपर्ट की राय
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की समस्या नहीं है। यह सिस्टम की उस कमजोरी को दिखाती है, जहां आम नागरिक की आवाज़ सरकारी फाइलों में दबकर रह जाती है।
एनवायरनमेंट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फैक्ट्री एरिया को रिहायशी इलाकों के पास चलाना गलत है। इससे लोगों की सेहत और पर्यावरण दोनों पर असर पड़ता है।
समाधान क्या हो सकता है?
नवी मुंबई प्रशासन को तुरंत फैक्ट्री मालिकों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
उद्योगों को रिहायशी इलाके से बाहर शिफ्ट किया जाए।
पर्यावरण और शोर प्रदूषण के नियमों को सख्ती से लागू करना होगा।
नागरिकों की शिकायतों के समाधान के लिए तेज शिकायत निवारण तंत्र बनाना होगा।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. मंत्रालय के बाहर आत्मदाह की कोशिश किसने की? Ans: नवी मुंबई के कोपारखैराने निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग ने यह कदम उठाया।
Q2. बुजुर्ग ने आत्मदाह की कोशिश क्यों की? Ans: उनके घर के पास 24 घंटे चलने वाली काजू फैक्ट्रियों से होने वाले शोर और प्रशासन की लापरवाही के कारण।
Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की? Ans: मरीन ड्राइव पुलिस ने बुजुर्ग को पकड़कर पूछताछ की और नोटिस देकर छोड़ दिया।
Q4. नवी मुंबई प्रशासन ने क्या कहा? Ans: प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्रियों को नोटिस भेजा गया था, लेकिन अब और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Q5. क्या इलाके के अन्य लोग भी परेशान हैं? Ans: हाँ, कई स्थानीय निवासियों ने भी शोर प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत की है।
मुंबई के मालाड इलाके में 14 वर्षीय बच्चे ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने ADR दर्ज किया और परिवार व दोस्तों से पूछताछ जारी है। मौत की वजह साफ नहीं।
मुंबई: मालाड (Malad) इलाके में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। सिर्फ 14 साल का स्कूली बच्चा अपने घर में फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने जब बच्चे को देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मॉलाड पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आत्महत्या की वजह अब तक साफ नहीं
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि आखिर बच्चे ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया। पुलिस ने मोबाइल फोन को जब्त कर लिया है और उसकी चैट्स व कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।
परिजनों और दोस्तों से पूछताछ जारी
मॉलाड पुलिस ने इस घटना को फिलहाल Accidental Death Report (ADR) के तहत दर्ज किया है। पुलिस बच्चे के दोस्तों और परिवार से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उसने हाल ही में किसी परेशानी या तनाव के बारे में बात तो नहीं की थी।
इस घटना के बाद पूरे मॉलाड इलाके में गम और सनसनी का माहौल है। पड़ोसी और जानने वाले स्तब्ध हैं कि इतनी छोटी उम्र में बच्चा ऐसा कदम कैसे उठा सकता है।
बच्चों में बढ़ता तनाव और समाज की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में बच्चों पर पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया का असर और अकेलापन उन्हें मानसिक रूप से कमजोर बना रहा है। माता-पिता और स्कूलों को चाहिए कि वे बच्चों से लगातार संवाद करें और उनकी परेशानियों को गंभीरता से लें।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में अफवाहें फैलाने से बचें और परिवार को भावनात्मक सहयोग दें। साथ ही, बच्चों में अगर कोई असामान्य बदलाव दिखे तो तुरंत काउंसलिंग कराएं।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: मॉलाड में आत्महत्या करने वाले बच्चे की उम्र कितनी थी? Ans: बच्चा सिर्फ 14 साल का था और स्कूल में पढ़ाई कर रहा था।
Q2: क्या बच्चे ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा है? Ans: नहीं, पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
Q3: पुलिस ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं? Ans: पुलिस ने Accidental Death Report दर्ज की है और मोबाइल फोन व दोस्तों-परिवार से पूछताछ कर रही है।
Q4: इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है? Ans: बच्चों से संवाद, मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान और काउंसलिंग से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।
Q5: यह घटना कब और कहां हुई? Ans: यह घटना मंगलवार को मुंबई के मॉलाड इलाके में हुई।
दिंडोशी विधानसभा वार्ड क्र. 37 में पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘नमो नेत्र संजीवनी’ अभियान के तहत भव्य नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में भाजपा की ओर से दिंडोशी विधानसभा (वा. क्र. 37) में ‘नमो नेत्र संजीवनी’ अभियान के तहत एक बड़े नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस आयोजन का नेतृत्व नगरसेविका प्रतिभा हेमंत शिंदे और हेमंत शिंदे ने किया। इस कार्यक्रम में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी आंखों की मुफ्त जांच करवाई।
भाजपा नेताओं के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
इस नेत्र शिविर का आयोजन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधायक जैसे अतुल भातखळकर, रविंद्र चव्हाण, आशीष शेलार, प्रविण दरेकर, राजहंस सिंह, अभिजीत सावंत, ज्ञानमुर्ति शर्मा, संतोष मेढेकर, प्रतिक कर्पे, प्रीति साटम, डॉ. केयुर भाग्यश्री और स्वरुप प्रमाणिक प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
नागरिकों की भारी भागीदारी
शिविर में सैकड़ों नागरिकों ने अपनी आंखों की जांच करवाई। इस दौरान नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने मरीजों की जांच की और जरूरत पड़ने पर आगे के इलाज की सलाह भी दी। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी होते हैं।
आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर पूरा सहयोग दिया। शिविर संपन्न होने के बाद आयोजकों ने सभी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
‘नमो नेत्र संजीवनी’ अभियान का महत्व
भाजपा की यह पहल सिर्फ स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि समाज सेवा और जनकल्याण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य है –
आम जनता को नेत्र संबंधी बीमारियों की जांच उपलब्ध कराना
जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज और सलाह देना
आंखों की देखभाल को लेकर जागरूकता फैलाना
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. नमो नेत्र संजीवनी अभियान क्या है? 👉 यह भाजपा की एक सामाजिक पहल है, जिसके जरिए आम लोगों के लिए मुफ्त नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं।
Q2. दिंडोशी विधानसभा में यह शिविर कब आयोजित हुआ? 👉 यह शिविर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया।
Q3. शिविर में किसने नेतृत्व किया? 👉 शिविर का नेतृत्व नगरसेविका प्रतिभा हेमंत शिंदे और हेमंत शिंदे ने किया।
Q4. इस कार्यक्रम में कौन-कौन से नेता मौजूद थे? 👉 भाजपा के कई बड़े नेता जैसे देवेंद्र फडणवीस, अमित साटम, आशीष शेलार, प्रविण दरेकर, अतुल भातखळकर और अन्य नेता मौजूद रहे।
Q5. शिविर से नागरिकों को क्या लाभ हुआ? 👉 नागरिकों ने मुफ्त में आंखों की जांच करवाई और डॉक्टरों से इलाज व देखभाल की सलाह भी पाई।
अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Ltd पर ED की बड़ी कार्रवाई। मुंबई और इंदौर में 6 ठिकानों पर छापेमारी, विदेशी मुद्रा कानून उल्लंघन (FEMA) मामले में जांच जारी।
मुंबई: कारोबारी जगत में आज एक बार फिर से हलचल मच गई जब एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने इंडस्ट्रियलिस्ट अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Limited (R-Infra) के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। मुंबई और इंदौर में एक साथ 6 जगहों पर छापेमारी की जा रही है। यह पूरा मामला कथित रूप से विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन और विदेश में अवैध धन भेजने से जुड़ा बताया जा रहा है।
ED की छापेमारी से मचा हड़कंप
ED अधिकारियों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने मंगलवार सुबह से ही मुंबई और इंदौर के 6 ठिकानों पर रेड शुरू की। इनमें से कुछ दफ्तरों से लेकर निजी प्रॉपर्टीज भी शामिल हैं। जांच का फोकस इस बात पर है कि रिलायंस इंफ्रा के जरिए विदेशों में अवैध तरीके से धन ट्रांसफर तो नहीं किया गया।
मामला क्या है?
ED की ये कार्रवाई दरअसल FEMA यानी Foreign Exchange Management Act के उल्लंघन से जुड़ी है। आरोप है कि रिलायंस इंफ्रा के जरिए करोड़ों रुपए की रकम विदेशों में भेजी गई और उसकी जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या संबंधित एजेंसियों को ठीक तरीके से नहीं दी गई। इस मामले में पहले से ही कुछ वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट्स सामने आ चुकी थीं। अब ED ने कार्रवाई करते हुए छापेमारी शुरू कर दी है।
अनिल अंबानी की Reliance Group बीते कई सालों से आर्थिक मुश्किलों में फंसी रही है। खासकर रिलायंस कम्युनिकेशंस और उससे जुड़ी कंपनियों के कर्ज के मामले पहले ही काफी सुर्खियों में रह चुके हैं। अब Reliance Infrastructure पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ED यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर कंपनी ने अपनी फॉरेन डीलिंग्स में किस तरह के नियम तोड़े और कितना पैसा विदेश भेजा गया।
छापेमारी के दौरान क्या मिला?
हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी कोई बड़ा खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, ED टीम ने कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त किया है। इसमें कंपनी के अकाउंट्स, फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन और ईमेल्स शामिल हो सकते हैं। जानकारी ये भी मिल रही है कि एजेंसी कुछ शेल कंपनियों और विदेशी खातों की भी जांच कर रही है जिनके जरिए कथित रूप से पैसे ट्रांसफर किए गए।
अनिल अंबानी का बयान क्या है?
फिलहाल अनिल अंबानी या Reliance Infrastructure की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि कंपनी ED की जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
ED की जांच का दायरा और बढ़ सकता है
ED की इस रेड को सिर्फ शुरुआत माना जा रहा है। अगर छापेमारी में पुख्ता सबूत मिलते हैं तो आने वाले दिनों में अनिल अंबानी समेत कंपनी के कई टॉप एग्जीक्यूटिव्स से पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा, मामला कोर्ट तक भी पहुंच सकता है।
अनिल अंबानी और विवादों का पुराना रिश्ता
अनिल अंबानी का नाम इससे पहले भी कई विवादों में आ चुका है।
राफेल डील विवाद के दौरान उनका नाम काफी चर्चा में रहा।
उनकी कंपनियों पर भारी-भरकम कर्ज चढ़ा और कई बार उन्हें कोर्ट में भी पेश होना पड़ा।
अनिल अंबानी को 2019 में लंदन कोर्ट ने भी संपत्ति और कर्ज मामले में तलब किया था।
अब Reliance Infrastructure पर यह नई कार्रवाई उनके लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है।
क्या है FEMA कानून?
Foreign Exchange Management Act (FEMA) भारत का वो कानून है जिसके जरिए विदेशों में पैसे भेजने और वहां से पैसे लाने पर निगरानी रखी जाती है। अगर कोई कंपनी या व्यक्ति बिना नियमों का पालन किए विदेशी करेंसी में ट्रांजेक्शन करता है, तो ये गंभीर अपराध माना जाता है और ED जैसी एजेंसियां सीधे जांच में उतर जाती हैं।
आर्थिक जगत में चर्चा का माहौल
इस खबर के सामने आने के बाद मुंबई के बिजनेस सर्कल में खलबली मच गई है। कई लोग मान रहे हैं कि अगर यह मामला गंभीर साबित हुआ तो अनिल अंबानी की कंपनियों की स्थिति और खराब हो सकती है। वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस कार्रवाई का असर स्टॉक मार्केट और खासकर रिलायंस इंफ्रा के शेयरों पर भी दिख सकता है।
मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा
जैसे ही खबर आई, सोशल मीडिया पर #AnilAmbani और #EDRaid ट्रेंड करने लगे। लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे बिजनेस फ्रॉड पर सख्त कार्रवाई बता रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक एंगल से भी जोड़ रहे हैं।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. ED ने छापेमारी कहां की? 👉 मुंबई और इंदौर में कुल 6 ठिकानों पर।
Q2. मामला किससे जुड़ा है? 👉 अनिल अंबानी की Reliance Infrastructure Limited और कथित FEMA उल्लंघन से।
Q3. क्या अनिल अंबानी से पूछताछ होगी? 👉 अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन सबूत मिलने पर संभव है कि उन्हें बुलाया जाए।
Q4. FEMA कानून क्या है? 👉 यह विदेशी मुद्रा लेन-देन को नियंत्रित करने वाला भारतीय कानून है।
Q5. क्या पहले भी अनिल अंबानी विवादों में रहे हैं? 👉 हां, राफेल डील, कर्ज मामले और लंदन कोर्ट में पेशी जैसे विवादों में उनका नाम रहा है।
नवी मुंबई पुलिस ने बेलापुर इलाके के एक स्पा में चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान 15 महिलाओं को बचाया गया और स्पा मालिक समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
नवी मुंबई: बेलापूर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नवी मुंबई के बेलापुर इलाके में चल रहे एक स्पा में देह व्यापार का धंधा पकड़ा गया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और छापा मारकर 15 महिलाओं को आज़ाद कराया। इनमें से कुछ महिलाएं महाराष्ट्र की तो कुछ दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात और नेपाल की रहने वाली हैं।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
27 सितंबर को नवी मुंबई पुलिस को खबर मिली कि बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में सेक्स रैकेट चल रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक भेजा और पूरे मामले की पुष्टि की। जैसे ही पुलिस को सबूत मिले, तुरंत स्पा पर छापा मारा गया।
15 महिलाओं की छुड़ाई गई
छापेमारी में पुलिस को हैरान करने वाला सच पता चला। अंदर 15 महिलाएं मौजूद थीं जिन्हें देह व्यापार में धकेला गया था। पुलिस ने उन सभी को रेस्क्यू किया और सुरक्षित जगह शिफ्ट किया।
इस कार्रवाई में 32 साल के स्पा मालिक और 42 साल के क्लीनर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) के तहत मामला दर्ज किया है।
मुंबई में सेक्स रैकेट का बढ़ता जाल
मुंबई और नवी मुंबई में कई बार स्पा सेंटर, मसाज पार्लर और ब्यूटी सैलून की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के मामले सामने आते रहते हैं। पुलिस लगातार ऐसे रैकेट पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बावजूद यह अवैध कारोबार पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा।
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. नवी मुंबई में सेक्स रैकेट कहां पकड़ा गया? 👉 बेलापुर इलाके के एक स्पा सेंटर में।
Q2. पुलिस ने कितनी महिलाओं को आज़ाद कराया? 👉 पुलिस ने 15 महिलाओं को छुड़ाया जिनमें से कुछ महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की हैं, जबकि एक महिला नेपाल की है।
Q3. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया? 👉 पुलिस ने स्पा मालिक और क्लीनर को गिरफ्तार किया है।
Q4. आरोपी पर कौन से कानून लगाए गए हैं? 👉 IPC की धाराओं और ITPA (अनैतिक व्यापार रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
Q5. क्या मुंबई में ऐसे रैकेट आम हैं? 👉 हां, मुंबई और नवी मुंबई में कई बार ऐसे स्पा और मसाज पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट पकड़े जाते हैं।
मुंबई लोकल ट्रेन में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और स्टंटबाजी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बोरीवली रेलवे स्टेशन पर आरोपी युवक ने महिला डिब्बे की ओर अश्लील इशारे किए और चलती ट्रेन में स्टंट किया। वीडियो वायरल होने के बाद GRP ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मुंबई: शहर की लोकल ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। बोरीवली स्टेशन से छूटते ही एक युवक लगेज डिब्बे के दरवाजे पर खड़ा होकर स्टंट करने लगा। इसी दौरान उसने महिला डिब्बे की तरफ देखकर अश्लील इशारे किए और छेड़छाड़ की हरकतें कीं।
यह पूरा मामला ट्रेन में मौजूद एक यात्री ने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आते ही GRP हरकत में आई और आरोपी को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी।
शिकायत और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायतकर्ता महिला यात्री विरार से अंधेरी की ओर दादर फास्ट लोकल में सफर कर रही थी। बोरीवली स्टेशन से ट्रेन रवाना होते ही यह घटना हुई। महिला ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
वीडियो के आधार पर पुलिस ने फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की। 29 सितंबर को बोरीवली आरपीएफ की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा (35) है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है। पूछताछ में उसने अपने अपराध को कबूल कर लिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मुंबई लोकल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर से दिखाती है कि मुंबई लोकल ट्रेनों में स्टंटबाजी और छेड़छाड़ जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। GRP और RPF की मौजूदगी के बावजूद ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है। सोशल मीडिया पर लोग रेलवे पुलिस से निगरानी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
⚡ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1: बोरीवली स्टेशन की घटना में आरोपी कौन है? Ans: आरोपी का नाम नथू गोविंद हंसा है, जो गुजरात के वलसाड का रहने वाला है।
Q2: आरोपी को कैसे पकड़ा गया? Ans: GRP ने वायरल वीडियो, फेस रिकग्निशन सिस्टम और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को पहचान कर गिरफ्तार किया।
Q3: घटना कब हुई? Ans: यह घटना 29 सितंबर की शाम करीब 6:40 बजे हुई।
Q4: आरोपी पर क्या कार्रवाई हुई? Ans: आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
Q5: क्या मुंबई लोकल ट्रेनों में ऐसे मामले पहले भी हुए हैं? Ans: हां, पहले भी स्टंटबाजी और छेड़छाड़ के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।