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  • कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    कांदिवली (पूर्व) में अवैध फेरीवालों से हलकान जनता – आखिर कब होगी कार्रवाई?

    मुंबई कांदिवली (पूर्व) ठाकुर विलेज इलाके में अवैध फेरीवालों और ऑटो रिक्शा स्टैंड के कारण ट्रैफिक जाम और गंदगी से लोग परेशान। डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ा, नागरिकों ने शिकायतें दर्ज कराई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महानगर में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं। लेकिन यहां की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है सड़क पर कब्जा जमाए हुए अवैध फेरीवाले और ट्रैफिक जाम। कांदिवली (पूर्व) का ठाकुर विलेज और समता नगर इलाका भी इन समस्याओं से बुरी तरह जूझ रहा है।

    यहां अप्पर आयुक्त कार्यालय से लेकर ठाकुर कॉलेज के सामने तक की सड़क पर पचासों फेरीवाले रोजाना अवैध दुकानें लगाते हैं। सड़कें पूरी तरह कब्जाई जाती हैं, जिससे स्थानीय लोग और राहगीर परेशान हैं।

    गंदगी और बीमारी का खतरा

    फेरीवालों के कारण इलाके में गंदगी इतनी बढ़ गई है कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
    लोगों का कहना है कि सड़क किनारे सब्ज़ियां, फल और खाने-पीने का सामान गंदगी के बीच बेचा जाता है। इससे न सिर्फ संक्रमण फैलने का खतरा है बल्कि बच्चों और बुज़ुर्गों की सेहत भी दांव पर लग रही है।

    एक स्थानीय निवासी ने बताया:
    “हर तरफ कचरा और बदबू फैली रहती है। बारिश में तो हालत और खराब हो जाती है। चारों तरफ पानी भरने के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है। अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो इलाके में डेंगू और मलेरिया के केस तेजी से बढ़ेंगे।”

    ऑटो रिक्शा स्टैंड से यातायात ठप

    फेरीवालों के साथ-साथ यहां ऑटो रिक्शा वालों ने भी अपने-अपने अनधिकृत स्टैंड बना लिए हैं।

    • सड़क के दोनों ओर ऑटो खड़े रहते हैं।
    • इससे यातायात बाधित होता है और कभी-कभी तो रास्ता पूरी तरह जाम हो जाता है।
    • लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में दिक्कत आती है।

    एक कॉलेज स्टूडेंट ने शिकायत करते हुए कहा:
    “सुबह-शाम ट्रैफिक इतना बढ़ जाता है कि कॉलेज पहुंचने में आधा घंटा ज्यादा लग जाता है। पुलिस और बीएमसी को रोजाना यह जाम दिखता है, लेकिन फिर भी कोई कदम नहीं उठाया जाता।”

    Kandivali-East-residents-are-worried-about-illegal-hawkers-when-will-action-be-taken-bmc-news

    शिकायतें हुईं लेकिन कार्रवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों ने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं।

    • सहायक आयुक्त, आर/दक्षिण वार्ड
    • डीएमसी संजय कुर्हाडे
    • सहायक आयुक्त मनीष सालवे

    को लिखित में शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    लोगों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ शिकायतें सुनते हैं, लेकिन कार्रवाई करने में बिल्कुल भी रुचि नहीं दिखाते।

    नागरिकों का आक्रोश – जिम्मेदार कौन?

    इलाके के लोगों का कहना है कि

    • जब तक अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक समस्या बनी रहेगी।
    • बीएमसी और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है कि वे मिलकर इलाके को फेरीवालों और जाम से मुक्त कराएं।
    • लेकिन अधिकारियों का रवैया देखकर लगता है कि उन्हें जनता की परेशानी से कोई मतलब नहीं है।

    एक बुज़ुर्ग महिला ने कहा:
    “हमारे घर के सामने रोजाना फेरीवाले दुकान लगाते हैं। गली में चलना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं। आखिर हमें ही क्यों भुगतना पड़ रहा है?”

    खतरनाक हालात – कभी भी हो सकता है हादसा

    स्थानीय लोग डर के साए में जी रहे हैं।

    • जाम की वजह से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी गाड़ियां भी फंस जाती हैं।
    • कहीं भी अनचाही दुर्घटना हो सकती है।
    • भीड़ और अव्यवस्था से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है।

    वरिष्ठ निरीक्षक की जिम्मेदारी

    अब लोगों की नज़रें अतिक्रमण एवं निर्मूलन विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार आवारे पर टिकी हैं।
    लोग उम्मीद कर रहे हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे और इलाके को अवैध फेरीवालों और ऑटो वालों से मुक्त कराएंगे।

    मुंबई के अन्य इलाकों की कहानी भी ऐसी ही

    गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ कांदिवली ही नहीं, बल्कि मुंबई के कई हिस्सों – दहिसर, बोरीवली, मलाड और अंधेरी – में भी यही समस्या देखी जाती है।
    जहां-जहां लोकल ट्रेन स्टेशन और कॉलेज हैं, वहां अवैध फेरीवालों का कब्जा आम बात है।

    इससे साफ है कि यह समस्या सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे मुंबई शहर की है।

    लोगों की मांग – कड़ी कार्रवाई हो

    स्थानीय नागरिकों की मांग है कि:

    1. अवैध फेरीवालों के खिलाफ तुरंत निर्मूलन अभियान चलाया जाए।
    2. ऑटो रिक्शा वालों को सिर्फ निर्धारित स्टैंड पर खड़ा करने का आदेश दिया जाए।
    3. गंदगी साफ करने के लिए बीएमसी की सफाई टीम को रोजाना तैनात किया जाए।
    4. इलाके में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए ताकि दोबारा अवैध कब्जा न हो।

    कांदिवली (पूर्व) का यह मुद्दा आज की मुंबई की असलियत बयान करता है।

    • अवैध फेरीवाले और ऑटो वाले
    • प्रशासन की लापरवाही
    • और आम जनता की परेशानी

    यह सिर्फ एक लोकल समस्या नहीं है, बल्कि एक ऐसा सवाल है जो हर मुंबईकर के दिल में है – “जनता की शिकायतें कब सुनी जाएंगी और कार्रवाई आखिर कब होगी?”

  • Mumbai: 4 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, महिला स्टाफ गिरफ्तार | POCSO Act केस दर्ज

    Mumbai: 4 साल की बच्ची से यौन शोषण का आरोप, महिला स्टाफ गिरफ्तार | POCSO Act केस दर्ज

    मुंबई के एक नामी स्कूल में 4 साल की बच्ची के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। शिकायत पर पुलिस ने एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार किया और अन्य स्टाफ से पूछताछ जारी है। जानें पूरी खबर विस्तार से।

    मुंबई: गोरेगांव इलाके में स्थित एक नामी स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि इसी स्कूल में पढ़ने वाली 4 साल की मासूम बच्ची के साथ कथित रूप से यौन शोषण किया गया। इस मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक महिला स्टाफ को गिरफ्तार किया है।

    घटना कैसे हुई?

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार को बच्ची की दादी उसे रोज़ की तरह स्कूल छोड़कर गई थीं। बच्ची जब घर लौटी तो उसने दर्द की शिकायत की। परिवार को शक हुआ और उन्होंने बच्ची की मेडिकल जांच कराई। जांच में मिली जानकारी के बाद बच्ची के परिजनों ने स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी और फिर पुलिस से संपर्क किया।

    पुलिस की कार्रवाई

    गोरेगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में POCSO Act (Protection of Children from Sexual Offences) के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। प्राथमिक जांच के बाद एक महिला स्टाफ को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी यह साफ नहीं है कि वास्तव में इस महिला स्टाफ की भूमिका कितनी है।

    अन्य स्टाफ से पूछताछ

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने स्कूल की तीन अन्य महिला असिस्टेंट स्टाफ को भी पूछताछ के लिए बुलाया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए हर एंगल से जांच की जा रही है।

    परिवार का गुस्सा और सवाल

    बच्ची के परिवार का कहना है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद स्कूल प्रशासन की प्रतिक्रिया धीमी रही। परिजनों का आरोप है कि अगर प्रशासन तुरंत और सख्ती से कदम उठाता तो शायद स्थिति और साफ हो पाती। अब परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

    समाज में बढ़ती चिंता

    इस घटना ने एक बार फिर से बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर यह माना जाता है कि स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह होती है। लेकिन जब ऐसे मामले सामने आते हैं तो माता-पिता का भरोसा डगमगाने लगता है।

    कानून क्या कहता है?

    भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों के लिए POCSO Act, 2012 बनाया गया है। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के किसी भी बच्चे के साथ हुए यौन अपराध को गंभीरता से लिया जाता है और दोषियों को सख्त सज़ा का प्रावधान है।

    मुंबई पुलिस का बयान

    मुंबई पुलिस ने कहा है कि फिलहाल जांच जारी है और किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। पुलिस ने माता-पिता और आम लोगों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा के मामले में जागरूक रहें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

    परिजनों के लिए जरूरी सुझाव

    • 1. बच्चों से बातचीत करें – छोटे बच्चों को भी सही और गलत छूने की समझ सिखानी चाहिए।
    • 2. स्कूल प्रशासन पर निगरानी रखें – बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और CCTV कैमरों की स्थिति पर नजर रखें।
    • 3. बच्चों की बात को हल्के में न लें – अगर बच्चा किसी तकलीफ या दर्द की शिकायत करे, तो तुरंत जांच करवाएं।
    • 4. लीगल हेल्प लें – किसी भी संदिग्ध मामले में तुरंत पुलिस और वकील से संपर्क करें।
  • मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई में फर्जी पुलिस बनकर लोगों से ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार | नकली पुलिस आईडी और सोने की चेन बरामद

    मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।

    पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।

    कैसे करते थे ठगी?

    पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।

    मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय

    पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।

    पहले से दर्ज हैं 25 मामले

    पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।

    पुलिस की अपील

    मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।

  • मुंबई में बुज़ुर्ग महिला से फर्जी पेंशन स्कीम के नाम पर ठगी, लगभग ₹ 8 लाख का प्रीमियम

    मुंबई में बुज़ुर्ग महिला से फर्जी पेंशन स्कीम के नाम पर ठगी, लगभग ₹ 8 लाख का प्रीमियम

    मुंबई की 69 वर्षीय श्रीमती ललिता मल्होत्रा को एक प्राइवेट इंश्योरेंस एजेंट ने फर्जी पेंशन स्कीम के बहाने लगभग ₹ 7.95 लाख प्रीमियम भरवाकर धोखा दिया। एक साल बाद पेंशन न मिलने पर पुलिस में FIR दर्ज। जानिए पूरा मामला, सावधानियाँ और कानूनी प्रक्रिया।

    मुंबई: मलाड (वेस्ट) क्षेत्र की इक निवासी, ६९ वर्षीय ललिता मल्होत्रा नाम की एक बुज़ुर्ग महिला, पेंशन स्कीम का झांसा देकर लगभग ₹ 8 लाख से कम नहीं की गई राशि एक एजेंट को चुकाने के लिए मजबूर हुई। आरोपी संस्था एक निजी इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि कहलाई जा रही है।

    कैसे हुआ धोखा?

    घटनाविवरण
    पहला संपर्क2023 में, ललिता ने एक पॉलिसी ली 5 साल के लिए, और पहली किश्त के रूप में ₹ 61,350 बैंक चेक से चुकाई गई।
    दूसरी किश्त की दबावजनवरी 2024 में, एजेंट अशिष तिवारी ने दूसरी किस्त भरने के लिए फोन किया। लेकिन महिला ने कहा कि अभी एक वर्ष पूरा नहीं हुआ है, तो नीति बंद़ करना चाहती हैं।
    वादा पेंशन कातिवारी ने कहा कि पॉलिसी में बोनस आ गया है, नीति का मूल्य बढ़ गया है, और यदि बाकी राशि चुकाई जाए तो नवंबर 2024 से पेंशन मिलना शुरू होगी।
    भुगतान की प्रक्रियामई 2024 से फ़रवरी 2025 तक, कुल 12 किश्तों में लगभग ₹ 7,95,000 गूगल पे से तिवारी द्वारा दिए गए बैंक खाते में जमा कराई गईं।
    पेंसन शुरू न होने पर आशंकानवंबर 2024 से पेंशन मिलने का जो वादा था, तिवारी ने वो पूरा नहीं किया। उसने कॉल और मैसेज का जवाब देना बन्द कर दिया।

    शिकायत और कानूनी कार्यवाही

    • ललिता-मल्होत्रा जब पेंशन न मिलने की बात पूछने लगीं, तब एजेंट उनसे बचने लगा। उसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को सूचित किया और मेई 2025 में बंगुर नगर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
    • पुलिस ने मामला जांचा और आशिष तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जैसे कि धोकाधड़ी (cheating), फर्जी आश्वासन देना वगैरह के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

    ⚠️ वरिष्ठ नागरिकों के लिए चेतावनियाँ

    1. जाने-पहचाने एजेंटों या कंपनियों से ही व्यवसाय करें — यदि प्रतिनिधि का नाम, पहचान पत्र, कंपनी का नाम स्पष्ट नहीं हो, तो तुरंत संदिग्ध समझें।
    2. पहले लिखित दस्तावेज़ मांगें — पॉलिसी की पूरी जानकारी, प्रीमियम की राशि, पेंशन की शुरुआत की तिथि आदि सभी चीज़ों का दस्तावेज़ बने।
    3. भुगतान से पहले नीति की शर्तें पढ़ें — फाइन प्रिंट (terms & conditions), बोनस क्लॉज, पॉलिसी की समाप्ति आदि।
    4. लाखों त्वरित उपायों पर न बहकें — “पेंशन अब शुरू होगी”, “बोनस आ गया है”, “थोड़ी बार भुगतान करो” जैसे वादे सदैव सच नहीं होते।
    5. बैंक ट्रांज़ैक्शन्स के दस्तावेज़ सुरक्षित रखें — हर पेमेंट का रिकॉर्ड हो, चाहें चेक हो, ऑनलाइन ट्रांसफर हो या गूगल पे आदि।
    6. परिचित व्यक्ति या परिवार को जानकारी दें — यदि कोई निवेश प्रस्ताव बहुत अच्छा लगे, परिवार को बताएं, किसी भरोसेमंद से राय लें।

    ⚖️ कानूनी प्रक्रिया और क्या हो सकता है आगे

    • पुलिस ने आशिष तिवारी के ख़िलाफ़ बनार जनता न्याय संहिता की धाराएँ लगाई हैं: धोकाधड़ी (cheating), फोटोग्राफ़ी या दस्तावेज़ फर्जीवाड़ा (forgery), आदि।
    • बैंक खाते की जांच की जाएगी कि पैसे कहाँ गए हैं, कौन-से खाते में जमा हुए, और क्या पैसे बरामद हों सकते हैं।
    • यदि साबित हुआ कि एजेंट ने फर्जी वादे किए, तो वह जवाबदेह होगा और आरोपी के खिलाफ FIR, बाद में चार्ज शीट, न्यायालयिक सुनवाई हो सकती है।
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकारी/पुलिस हेल्पलाइन्स हैं जहाँ ऐसे प्रकरण दर्ज कराए जा सकते हैं, साइबर क्राइम सेल को सूचित किया जा सकता है।

    🛡️ वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी अधिकार और बचाव गाइड

    1. कानूनी अधिकार

    • धोखाधड़ी (Cheating): भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 (पूर्व IPC 420) लागू होती है।
    • फर्जी दस्तावेज़ / जाली साक्ष्य: धारा 336 (पूर्व IPC 468, 471) लागू हो सकती है।
    • साइबर अपराध: IT Act की धाराएँ भी लागू हो सकती हैं, जैसे धारा 66D (cheating by personation using computer resources)।
    • वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार: Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा, देखभाल और सहायता मिलती है।

    2. कहाँ शिकायत करें?

    • स्थानीय पुलिस थाने (FIR दर्ज कराना ज़रूरी है)
    • साइबर क्राइम पोर्टल: cybercrime.gov.in
    • हेल्पलाइन नंबर: 1930 (साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन)
    • वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन (मुंबई पुलिस): 1090

    3. बचाव के उपाय

    ✔️ किसी भी पेंशन स्कीम या इंश्योरेंस पॉलिसी को ऑनलाइन वेरिफाई करें।
    ✔️ एजेंट का IRDAI रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें (इंश्योरेंस रेग्युलेटर की वेबसाइट पर उपलब्ध)।
    ✔️ अनजाने खातों में गूगल पे / UPI से बड़ी रकम ट्रांसफर न करें
    ✔️ परिवार के किसी सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति को सभी निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी दें।
    ✔️ हमेशा लिखित एग्रीमेंट / पॉलिसी डॉक्यूमेंट रखें।

    4. अगर धोखा हो जाए तो तुरंत क्या करें?

    1. अपने बैंक और UPI ऐप को कॉल कर “फ्रॉड रिपोर्ट” दर्ज कराएं।
    2. 1930 पर कॉल करें और साइबर पुलिस को सूचना दें।
    3. cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
    4. पुलिस थाने में FIR करवाएं और सारे पेमेंट स्क्रीनशॉट्स, बैंक स्टेटमेंट्स, मैसेजेस सबूत के तौर पर दें।

    👉 यह गाइड न सिर्फ इस केस में बल्कि हर उस स्थिति में काम आएगी, जहाँ बुज़ुर्गों को वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा हो।

    यह मामला एक चेतावनी है कि कैसे बुज़ुर्ग लोग भरोसे के आधार पर आर्थिक नुक़सान उठा सकते हैं, खासकर जब उन्हें समय पर पेंशन या कोई वित्तीय लाभ मिलने का वादा किया जाए। सही जानकारी, दस्तावेज़, और धैर्य ही धोखाधड़ी से बचने की कुंजी है।

  • महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    महाराष्ट्र में 1.8 लाख डॉक्टरों की चेतावनी: एलोपैथी में होम्योपैथिक डॉक्टरों की एंट्री से मचा बवाल

    IMA महाराष्ट्र ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान किया है। होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथिक दवाएं लिखने की इजाज़त देने के सरकार के फैसले पर एलोपैथिक डॉक्टर भड़क उठे हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में मेडिकल सेक्टर में बवाल मचा हुआ है। IMA (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) से जुड़े लगभग 1.8 लाख एलोपैथिक डॉक्टरों ने 18 सितंबर को 24 घंटे की हड़ताल करने का ऐलान किया है। वजह? सरकार का वो फैसला जिससे होम्योपैथिक डॉक्टरों को एलोपैथी की प्रैक्टिस की इजाज़त दी जा रही है।

    📚 क्या है CCMP कोर्स और इसका मतलब?

    Maharashtra-IMA-Strike-Why-are-allopathic-doctors-on-strike
    प्रदर्शन की तस्वीर

    राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (MMC) को निर्देश दिया है कि वो उन होम्योपैथिक डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन शुरू करे जिन्होंने CCMP यानी Certificate Course in Modern Pharmacology को पूरा किया है। ये एक 1 साल का कोर्स है, जिसके बाद होम्योपैथिक डॉक्टर कुछ चुने हुए केसों में एलोपैथिक दवाएं लिख सकेंगे।

    😠 एलोपैथिक डॉक्टर क्यों हैं नाराज़?

    IMA महाराष्ट्र के अध्यक्ष डॉ. संतोष कदम के मुताबिक, ये फैसला न सिर्फ मेडिकल फील्ड की क्वालिटी को गिराएगा बल्कि मरीजों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ है। उनका कहना है कि “हमने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा है और मांग की है कि सरकार 5 सितंबर को जारी GR (Government Resolution) को तुरंत वापस ले।”

    🏥 कौन-कौन हड़ताल में शामिल होगा?

    • सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर
    • मेडिकल कॉलेजों के छात्र
    • BMC और राज्य सरकार से जुड़े डॉक्टर संगठन जैसे MARDA, BMC MARDA
    • Federation of All India Medical Association (FAIMA)

    हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, ताकि मरीजों को ज़रूरी इलाज मिलता रहे।

    ⚠️ आगे क्या होगा? देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

    FAIMA के अध्यक्ष डॉ. अक्षय डोंगरदिवे ने साफ किया है कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया, तो देशभर में आंदोलन शुरू होगा। “हम जनता को इसके जोखिम समझाएंगे और ज़रूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे।”

  • दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    दादर में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया – राज ठाकरे ने मुंबई पुलिस को 24 घंटे में आरोपी पकड़ने का निर्देश

    मुंबई के दादर स्थित शिवाजी पार्क में मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर रेड पेंट फेंका गया। राज ठाकरे ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को निर्देश दिया कि 24 घंटे में आरोपी को ट्रेस किया जाए। CCTV फुटेज की जांच शुरू।

    मुंबई: दादर इलाके में स्थित शिवाजी पार्क के पास लगी मीनाताई ठाकरे की मूर्ति पर बुधवार सुबह किसी अज्ञात शख्स ने रेड पेंट फेंक दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और राजनीतिक माहौल भी गर्मा गया।

    राज ठाकरे का सख्त रुख – “24 घंटे में चाहिए आरोपी”

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे दोपहर को खुद शिवाजी पार्क पहुंचे और घटना स्थल का मुआयना किया। उन्होंने मौके पर मौजूद मुंबई पुलिस अधिकारियों को साफ कहा,
    “हर एक CCTV चेक करो और 24 घंटे के अंदर आरोपी को पकड़ो।”

    राज ठाकरे के साथ पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे और उन्होंने साफ कर दिया कि ये हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    शिवसेना (UBT) भी हुई एक्टिव, मूर्ति की साफ-सफाई कर पहनाया माला

    घटना की खबर मिलते ही शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ता भी तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने मूर्ति को साफ किया और नई माला पहनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी शाम को स्थल पर जाकर अपनी प्रतिक्रिया दी।

    शिवाजी पार्क का महत्व – सिर्फ एक पार्क नहीं, राजनीति का केंद्र

    शिवाजी पार्क सिर्फ एक सार्वजनिक स्थान नहीं है, बल्कि ये महाराष्ट्र की राजनीति का अहम केंद्र रहा है। यहीं पर बाला साहेब ठाकरे की याद में मेमोरियल भी है और मीनाताई ठाकरे की मूर्ति भी उसी क्षेत्र में है। मूर्ति पर हुए इस हमले को राजनीतिक और भावनात्मक रूप से गंभीर माना जा रहा है।

    पुलिस ने दर्ज किया केस, CCTV फुटेज खंगालने का काम शुरू

    शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ IPC की धारा 298 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धार्मिक स्थान को अपवित्र करने से जुड़ी है। पुलिस अब आसपास के सभी CCTV कैमरों की फुटेज चेक कर रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके।

    लोगों में गुस्सा, बोले – वहां तो हमेशा गार्ड होता है!

    स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क में हमेशा एक सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहता है, फिर भी ये हरकत हो जाना हैरान करने वाली बात है। सभी ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

  • मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    मुंबई में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत, महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

    पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की शुरुआत की। जानिए कैसे यह योजना महिलाओं को सेहतमंद और परिवारों को सशक्त बनाएगी।

    मुंबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के खास मौके पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर ईस्ट स्थित रावलपाड़ा पॉलिक्लिनिक में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुंबई में महिला स्वास्थ्य और पोषण पर जोर देते हुए एक नई दिशा में कदम बढ़ाया गया।

    🎯 मुख्य उद्देश्य: महिला स्वास्थ्य और परिवार का सशक्तिकरण

    इस अभियान का मुख्य फोकस महिलाओं की सेहत सुधारने और परिवार को मजबूत बनाने पर है। इस मौके पर पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मध्यप्रदेश के धार जिले से इस राष्ट्रव्यापी पहल का उद्घाटन किया और महिलाओं से अपील की कि वो स्वास्थ्य जांच शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

    🏥 मुंबई में खास आयोजन और सेवाएं

    इस खास अवसर पर मुंबई में बीजेपी विधायक मनीषा चौधरी, बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी, और कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में महिला लाभार्थियों ने हिस्सा लिया।

    👉 मेडिकल कैंप और पोषण किट वितरण:

    • गर्भवती महिलाओं को लगभग 20 किलो की पोषण किट दी गई।
    • खास ध्यान कुपोषित गर्भवती महिलाओं पर दिया गया।
    • स्लम इलाकों में निःशुल्क मेडिकल कैंप्स लगाए गए।

    👉 सैनिटरी पैड वितरण:

    • मनपा स्कूलों की छात्राओं को सैनिटरी पैड दिए गए।
    • यह योजना पूरे मुंबई नगर निगम स्कूलों में चलाई जा रही है।

    🗣️ क्या बोले पीयूष गोयल?

    प्रधानमंत्री जी ने पिछले 50 सालों से देश की सेवा की है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें लंबी उम्र और अच्छा स्वास्थ्य मिले। इस अवसर पर पूरे उत्तर मुंबई में 100 से ज्यादा सेवा कार्य चल रहे हैं – सफाई, हेल्थ कैंप्स, शिक्षा से जुड़े कार्यक्रम और बहुत कुछ।

    उन्होंने यह भी बताया कि स्कूलों और कॉलेजों में ‘स्टैंडर्ड क्लब’ शुरू किया जा रहा है जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलेगी।

    🗣️ विधायक मनीषा चौधरी का बयान:

    यह सिर्फ हेल्थ कैंप नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम है। जो महिलाएं गर्भावस्था में कुपोषित हैं, उन्हें विशेष पोषण किट दी जा रही है।

  • पुजा खेड़कर केस: फरार हुआ परिवार, फोन बंद – नवी मुंबई और पुणे पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

    पुजा खेड़कर केस: फरार हुआ परिवार, फोन बंद – नवी मुंबई और पुणे पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

    पुजा खेड़कर केस में नया मोड़। परिवार के सभी सदस्य मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए हैं और तीन दिन से कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी नहीं किया। नवी मुंबई और पुणे पुलिस ने परिवार को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। पुलिस का मानना है कि परिवार अग्रिम जमानत लेने तक छिपा रह सकता है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: महाराष्ट्र का सबसे बड़ा मुंबई और पुणे में इस समय बर्खास्त IAS अफसर पुजा खेड़कर का केस सुर्खियों में है।
    जहां एक तरफ पुणे पुलिस ने हाल ही में खेड़कर परिवार के घर से एक ट्रक क्लीनर को रेस्क्यू किया था, वहीं अब पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं क्योंकि परिवार अचानक फरार हो गया है

    पुलिस का कहना है कि परिवार ने अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं और कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी नहीं किया है। यानी वह पूरी तरह “ऑफ द ग्रिड” हो चुका है। ऐसे में पुलिस अब सीसीटीवी और टोल नाका फुटेज की मदद से परिवार की लोकेशन तलाशने में जुटी है।

    ⚠️ मामला क्या है?

    • हाल ही में पुणे पुलिस ने पुजा खेड़कर के घर से एक ट्रक क्लीनर को छुड़ाया
    • इसके बाद से ही परिवार पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हुई।
    • लेकिन जांच से पहले ही परिवार अचानक गायब हो गया।

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक:
    “परिवार ने सभी डिवाइस बंद कर दिए हैं। हम अब CCTV और आसपास के इलाकों की जांच कर रहे हैं कि वे किस गाड़ी से फरार हुए।”

    🚨 पुलिस का सर्च ऑपरेशन

    नवी मुंबई और पुणे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

    • दोनों पुलिस टीमें मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
    • CCTV फुटेज, टोल नाका रिकॉर्ड, होटल और लॉज डेटा खंगाला जा रहा है।
    • पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही परिवार तक पहुंच जाएगी।

    पुलिस की चुनौतियां

    1. मोबाइल बंद – डिजिटल ट्रैकिंग असफल।
    2. UPI/ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बंद – बैंकिंग से कोई सुराग नहीं।
    3. बड़ा इलाका – संभावना है कि परिवार महाराष्ट्र से बाहर भी गया हो।

    ⚖️ कानूनी चाल – अग्रिम जमानत की तैयारी

    पुलिस सूत्रों का मानना है कि परिवार का मकसद अभी छिपकर रहना है ताकि वकीलों के जरिए अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) हासिल की जा सके।
    कानून जानने वाले एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस तरह की रणनीति अक्सर बड़े केसों में अपनाई जाती है।

    🕵️‍♂️ जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं:

    • “क्या आम आदमी के केस में भी इतनी देरी होती?”
    • “बड़े अफसर का परिवार होने के कारण पुलिस का रवैया नरम क्यों है?”

    कई यूज़र्स ने कहा कि अगर समय पर गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह केस “कानूनी प्रक्रिया का मजाक” बन सकता है।

    📋 मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक चर्चा

    लोकल और नेशनल मीडिया दोनों जगह इस केस की लगातार कवरेज हो रही है।

    • टीवी चैनलों पर डिबेट चल रही है कि पुलिस परिवार को पकड़ क्यों नहीं पा रही।
    • विपक्षी पार्टियां सरकार पर आरोप लगा रही हैं कि “बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश हो रही है।”
    • जबकि पुलिस का दावा है कि “किसी को भी बचाने का सवाल ही नहीं, सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो रही है।”

    📢 पुलिस का आधिकारिक बयान

    पुलिस अधिकारियों का कहना है:
    “हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं। CCTV, गुप्त सूचना और इंफॉर्मर नेटवर्क की मदद से जल्द ही परिवार तक पहुंचेंगे।”

    📝 अब तक सामने आई अहम बातें

    • परिवार फोन और इंटरनेट से पूरी तरह गायब
    • तीन दिन से कोई बैंकिंग या डिजिटल पेमेंट नहीं।
    • पुलिस का शक कि परिवार बाहरी राज्यों में छिपा हो सकता है
    • कोर्ट में जमानत आवेदन की संभावना

    📌 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पुजा खेड़कर केस में परिवार क्यों फरार हुआ?

    👉 पुलिस का मानना है कि वे कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने तक छिपे रहना चाहते हैं।

    Q2: क्या पुलिस के पास कोई सुराग है?

    👉 हां, पुलिस CCTV और टोल नाका रिकॉर्ड खंगाल रही है।

    Q3: क्या परिवार महाराष्ट्र के बाहर भी गया हो सकता है?

    👉 संभावना है, इसलिए पुलिस ने अन्य राज्यों को भी अलर्ट किया है।

    Q4: जनता इस मामले को कैसे देख रही है?

    👉 सोशल मीडिया पर लोग नाराज हैं और इसे “VIP ट्रीटमेंट” बता रहे हैं।

  • Mumbai Monorail बंद होगी 20 सितंबर से: बड़े अपग्रेड्स और नए ट्रेन रेक्स के लिए MMRDA का ऐलान

    Mumbai Monorail बंद होगी 20 सितंबर से: बड़े अपग्रेड्स और नए ट्रेन रेक्स के लिए MMRDA का ऐलान

    मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेगी। MMRDA ने बताया कि CBTC सिग्नलिंग सिस्टम, नए ट्रेन रेक्स और फ्लेट ओवरहॉल के लिए यह कदम जरूरी है। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

    मुंबई: माया नगरी मुंबई के शहर वासियों के लिए बड़ी खबर है। मुंबई मोनोरेल 20 सितंबर 2025 से पूरी तरह बंद रहेगी।
    मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) ने बताया कि यह बंदी इसलिए जरूरी है ताकि नए ट्रेन रेक्स, एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग और फ्लेट रिफर्बिशमेंट का काम बिना रुकावट पूरा किया जा सके।

    ❓ क्यों बंद की जा रही है मोनोरेल?

    • यह बंदी पूरा 19.74 किमी रूट (चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक) पर लागू होगी।
    • अभी तक अपग्रेड और टेस्टिंग का काम सिर्फ रात में 3.5 घंटे की विंडो में हो रहा था, लेकिन यह टाइम बहुत कम है।
    • अब लगातार 24×7 अपग्रेड वर्क चलेगा ताकि सिस्टम जल्दी से चालू हो सके।

    🔧 कौन-कौन से अपग्रेड होंगे?

    1. नए ट्रेन रेक्स (Rolling Stock)
    • कुल 10 नए ट्रेन रेक्स Make in India प्रोजेक्ट के तहत लाए जा रहे हैं।
    • 8 रेक्स मुंबई पहुँच चुके हैं, 9वां टेस्टिंग में है और 10वां असेंबली में है।
    1. एडवांस्ड CBTC सिग्नलिंग सिस्टम
    • यह पहली बार मुंबई मोनोरेल में लगेगा।
    • सिस्टम हैदराबाद में डिवेलप हुआ है और इसका वर्किंग टेस्ट लगभग पूरा है।
    1. फ्लेट रिफर्बिशमेंट और स्टाफ ट्रेनिंग
    • पुराने रेक्स की पूरी मरम्मत और अपग्रेड होगी।
    • ट्रेनिंग सेफ्टी और ऑपरेशन के हिसाब से होगी ताकि आने वाले मेट्रो प्रोजेक्ट्स में भी फायदा मिले।

    ⚠️ सेफ्टी को लेकर चिंता

    पिछले कुछ महीनों में मोनोरेल में कई तकनीकी खराबियां और हादसे हुए।

    • हाल ही में 17 पैसेंजर बीच ट्रैक पर फंसे थे।
    • 19 अगस्त को बारिश की वजह से दो बड़ी खराबियों में 780 से ज्यादा पैसेंजर घंटों तक फंसे रहे
    • इन्हीं घटनाओं के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।

    📋 जांच कमेटी और सरकार का संदेश

    • MMRDA ने इन फेल्योर की जांच के लिए स्पेशल कमेटी बनाई है।
    • डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा:
      “मुंबईकरों के साथ सहयोग से मोनोरेल को और मजबूत और सुरक्षित बनाया जाएगा।”

    🚉 मुंबई मोनोरेल: इंडिया की पहली और अकेली मोनोरेल

    • 2014 में पहली लाइन शुरू हुई थी (8.26 किमी)।
    • 2019 में रूट बढ़ाकर 19.74 किमी किया गया।
    • अभी सिर्फ 5 एक्टिव रेक्स चल रहे हैं, इसलिए नए रेक्स की बेहद जरूरत है।

    📌 यात्रियों के लिए जरूरी जानकारी

    • आखिरी दिन सर्विस: 19 सितंबर 2025
    • पूरी बंदी: 20 सितंबर 2025 से
    • रूट बंद: चेंबूर से संत गाडगे महाराज चौक (दोनों तरफ)
    • कारण: नए रेक्स, CBTC सिग्नलिंग, फ्लेट ओवरहॉल
  • Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    Aksa Beach to be demolished: एनजीटी ने 2 महीने में तोड़ने का आदेश दिया

    मलाड वेस्ट के Aksa Beach पर महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) द्वारा बनाया गया 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड एनजीटी ने अवैध ठहराया। CRZ नियमों के उल्लंघन पर इसे 2 महीने में गिराने का आदेश। जानिए पूरी रिपोर्ट।

    मुंबई: मलाड वेस्ट में मशहूर Aksa Beach पर महाराष्ट्र सागरी मंडल (MMB) ने 2023 में करीब ₹11.83 करोड़ खर्च करके 600 मीटर लंबा प्रोमेनेड और 4 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया था। लेकिन अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इसे पूरी तरह अवैध मानते हुए 2 महीने के अंदर तोड़ने का आदेश दे दिया है।

    📜 कैसे हुआ विवाद?

    • 2017 में MMB ने बीच पर सीफ्रंट डेवलपमेंट का प्रस्ताव रखा।
    • लेकिन Maharashtra Coastal Zone Management Authority (MCZMA) ने यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया कि यह एरिया Coastal Regulation Zone (CRZ) में आता है।
    • 2019 में MCZMA ने केवल एंटी-इरोशन बंड (Anti-Erosion Bund) बनाने की अनुमति दी, पर शर्त रखी कि बीच पर कॉन्क्रीट या पक्का स्ट्रक्चर नहीं बनेगा।
    • इसके बावजूद 2023 में UCR वॉल और कॉबल स्टोन पाथवे बना दिया गया।

    ⚠️ क्यों पड़ा मुद्दा गम्भीर?

    • यह प्रोमेनेड इंटर-टाइडल ज़ोन (High Tide और Low Tide के बीच का इलाका) में बना है, जो इकोलॉजिकल एरिया माना जाता है।
    • एक्टिविस्ट बांदा कुमार और ज़ोरु बाथेना ने NGT में शिकायत करते हुए कहा कि:
    • प्रोमेनेड बीच को सेडिमेंटेशन से रोक देगा
    • बीच का नैचुरल सैंड डिपॉज़िशन बंद हो जाएगा।
    • लगातार बीच इरोशन (कटाव) बढ़ेगा।
    • सबूत यह भी है कि पिछले साल और इस साल प्रोमेनेड का बड़ा हिस्सा ज्वार से टूटकर बह गया

    ⚖️ NGT का फैसला

    NGT ने माना कि MMB का इरादा लैंड को बाढ़ और कटाव से बचाने का था, लेकिन इसके लिए जो काम हुआ वह CRZ नियमों का सीधा उल्लंघन है।
    इसलिए, 2 महीने के भीतर प्रोमेनेड तोड़ने का आदेश दिया गया है।