Category: Maharashtra

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  • Mumbai Crime: अर्ली मॉर्निंग वर्ली में चली गोली दो की मौत

    Mumbai Crime: अर्ली मॉर्निंग वर्ली में चली गोली दो की मौत

    Mumbai News: मुंबई के वर्ली में एक पारिवारिक विवाद के चलते पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी, फिर इसके बाद खुदकुशी भी कर ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    मुंबई: वर्ली के सिद्धार्थ नगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना ने एक हसते खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। यहां एक पारिवारिक कलह के चलते 62 वर्षीय राजमनोहर नामपिल्ले ने पहले अपनी 58 वर्षीय पत्नी लता की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। रविवार की घटना सिद्धार्थ नगर के पंकज मेंशन सोसायटी की है। Mumbai Crime: Two killed in firing in Worli early morning

    सुबह 6 बजे चली गोली

    वर्ली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक निलेश साळुंखे पाटिल ने बताया, कि वर्ली के पंकज मेंशन सोसायटी में राजमनोहर अपनी पत्नी, बेटे और बहू के साथ रहता था। शनिवार रात पूरा परिवार हर रोज की तरह खाना खाकर सो गया। लेकिन रविवार सुबह करीब 6 बजे राजमनोहर के बेडरूम से दो बार गोलियों की आवाजें सुनाई दीं। जैसे ही उनका 32 वर्षीय बेटा कमरे की ओर दौड़ा, उसने देखा कि मां-बाप खून से लथपथ जमीन पर पड़े हैं।

    पुलिस को मिली सूचना

    इसके बाद चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और वारदात की सूचना पुलिस कंट्रोल को दी। घटना स्थल पर वर्ली पुलिस की टीम पहुंची और मौके का जायजा लेकर दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Mumbai Crime: Two killed in firing in Worli early morning

    बेटे को लेकर होता था विवाद

    पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला, कि राजमनोहर का अपने बेटे से अक्सर विवाद होता था। बताया जा रहा है, कि हर बार पत्नी लता बेटे का पक्ष लेती थीं, जिससे राजमनोहर नाराज रहता था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद भी होता था। कहा जा रहा है कि इसी वजह से राजमनोहर ने लता की हत्या कर खुदकुशी कर ली होगी। Mumbai Crime: Two killed in firing in Worli early morning

    पिस्तौल कहां से आया?

    नामपिल्ले परिवार का आपसी विवाद आख़िरकार इस खौफनाक मोड़ तक जा पहुंचेगा इस बात पर आसपास के लोगों को अब भी विश्वास नही हो रहा है। पुलिस ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्तौल काफी पुरानी है। यह पिस्तौल राजमनोहर के पास कहां से आई, क्या उसके पास इसका वैध लाइसेंस था, इसकी जांच चल रही है।

    आर्थिक मजबूरी भी हो सकती है।

    इस मामले को लेकर वर्ली पुलिस थाने में राजमनोहर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फिलहाल इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या घटना के पीछे कोई आर्थिक तनाव या अन्य कारण भी जिम्मेदार थे, क्योंकि दंपती की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की जानकारी सामने आई है।

  • मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    सेंट्रल रेलवे का कहना है कि कुछ यात्री CSMT की ओर यात्रा कर रहे थे कि तभी वह ठाणे के मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से गिर गए। यात्रियों के गिरने की वजह अत्यधिक भीड़ बताई जा रही है।

    मुंबई: मुंब्रा रेलवे स्टेशन के नजदीक एक बड़ा हादसा हो गया है। चलती ट्रेन से 12 यात्री अचानक पटरी पर गिर पड़े वहीं मौके पर मुंबई से लखनऊ जा रही पुष्पक एक्सप्रेस और कसारा लोकल क्रास हो रही थी। इस घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है। बाकी 6 लोगों का इलाज चल रहा है। सेंट्रल रेलवे का कहना है कि यह हादसा दिवा-कोपर रेलवे स्टेशन के बीच हुआ है।

    सेंट्रल रेलवे ने क्या कहा?

    सेंट्रल रेलवे का कहना है कि कुछ यात्री CSMT की ओर यात्रा कर रहे थे, कि तभी वह ठाणे के मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर ट्रेन से गिर गए। यात्रियों के गिरने की वजह अत्यधिक भीड़ बताई जा रही है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से स्थानीय सेवाएं प्रभावित हुई हैं। रेल प्रशासन के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है।

    ट्रेन से लटक कर यात्रा

    मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में बहुत भीड़ थी, जिस वजह से ये यात्री ट्रेन के दरवाजे पर लटककर यात्रा कर रहे थे। इस घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें यात्रियों को ट्रेन से गिरते देखा जा सकता है। हादसे में घायल यात्रियों को ट्रैक से उठाकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया। सभी गंभीर रूप से घायल यात्रियों के कपड़े भी पूरे फट चूके थे।

    रेलवे बोर्ड ने लिया फैसला

    कसारा जा रही मुंबई CSMT ट्रेन के गार्ड ने बताया कि मुंब्रा स्टेशन के पास पांच यात्री ट्रेन से गिर गए। मृतकों की पहचान की जा रही है। सभी मृतक 30 से 35 साल के बीच के हैं। इस हादसेके बाद रेलवे बोर्ड ने फैसला किया है कि नए रेक में ऑटोमैटिक डोर क्लोजर लगेंगे। ट्रेनों में सभी दरवाजे खुद से बंद होंगे। इसके बाद ऐसे हादसे होने की संभावना नहीं रहेगी।

  • Mumbai: तीन बांग्लादेशी नागरिकों को तीन महीने की कैद, प्रति व्यक्ति 500 रुपये जुर्माने की सजा

    Mumbai: तीन बांग्लादेशी नागरिकों को तीन महीने की कैद, प्रति व्यक्ति 500 रुपये जुर्माने की सजा

    मुंबई स्थित फोर्ट के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मलाड ईस्ट में अवैध रूप से रहने के आरोप में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को दोषी करार देते हुए तीन महीने की कैद और प्रति व्यक्ति 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने उन्हें भारत से निर्वासित करने का आदेश भी दिया है।

    मुंबई: फोर्ट के मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मलाड ईस्ट में अवैध रूप से रहने के आरोप में तीन बांग्लादेशी नागरिकों को दोषी करार देते हुए तीन महीने की कैद और प्रति आरोपी 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने उन्हें भारत से निर्वासित करने का आदेश भी दिया है।

    कहां पकड़े गए थे?

    मिली जानकारी के मुताबिक, 9 जनवरी को मालाड़ पूर्व के कुरार पुलिस स्टेशन की हद में वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर टाइम्स ऑफ इंडिया ब्रिज के नीचे से पुलिस की टीम ने एक बांग्लादेशी पुरुष को पकड़ा गया था। इसके बाद 7 मार्च को मलाड ईस्ट के कुरार गांव में स्थित ओमकार एसआरए बिल्डिंग के गेट के बाहर दो महिलाओं को पकड़ा गया।

    नहीं थे वैध दस्तावेज

    पुलिस जांच के मुताबिक, पकड़े गए बांगलादेशियों के पास भारत में रहने के कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। पूछताछ के दौरान वे दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहे। इसके चलते उन्हें अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया।

    आरोपियों के नाम

    दोषियों की पहचान शुभम सरदार, मेहरुन सरदार और अल्पना सरदार के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी लोग मुंबई में छोटे-मोटे काम कर अपना जीवन यापन कर रहे थे।

    अबतक 33 गिरफ्तार

    कोर्ट के फैसले के अनुसार, तीनों आरोपियों को तीन महीने जेल में रहने के बाद भारत से बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा। मुंबई पुलिस का कहना है कि मुंबई पुलिस परिमंडल-12 अंतर्गत जनवरी 2025 से अब तक अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ 27 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 33 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष भी मुंबई में ऐसे हजारों मामले दर्ज किए गए थे, जो अवैध घुसपैठ और अवैध निवास से संबंधित थे।

  • BMC: मालाड़ के एक रिसॉर्ट सहित 4 अवैध निर्माण ध्वस्त

    BMC: मालाड़ के एक रिसॉर्ट सहित 4 अवैध निर्माण ध्वस्त

    मालाड़ पी उत्तर विभाग अंतर्गत जाली दस्तावेजों के आधार पर बनाए गए 4 अवैध निर्माणों को मनपा प्रशासन ने भारी पुलिस बंदोबस्त के ध्वस्त कर दिया है। जिसमें एक रिसॉर्ट भी शामिल है।

    मुंबई: जाली दस्तावेजों के आधार पर बने अवैध इमारतों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) लगातार तोड़क कार्रवाई कर निस्तो नाबूद कर रही है। इसी कड़ी में मालाड़ पी उत्तर विभाग के अंतर्गत मनोरी गांव में बने चार अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है। जिसमें ‘जिनेवा’ नामक एक रिसॉर्ट भी शामिल है। यह कार्रवाई मनपा परिमंडल-4 की मनपा उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे और पी उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वाल्वी के नेतृत्व में एक अहम अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    44 अवैध निर्माणों पर हुई कार्रवाई

    मनपा सूत्रो एवं अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले साल मढ़ क्षेत्र में कई अवैध निर्माणों को खड़ा करने के लिए फर्जी बिल्डिंग प्लान का इस्तेमाल किया गया था। इसके जवाब में, बीएमसी नियमित रूप से तोड़फोड़ अभियान चला रही है, जिसमें पिछले महीने ही 44 ऐसे अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

    भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच हुई कार्रवाई

    3 से 5 जून के बीच की गई इस नवीनतम कार्रवाई में चार संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। जिसमें एक 6,900 वर्ग फीट, दूसरा 2,300 वर्ग फीट और 150 वर्ग फीट के दो छोटे निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया है। सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच तोड़क कार्रवाई की प्रक्रिया में दो जेसीबी मशीनों और अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। इस तोड़क कार्रवाई से बीएमसी ने साफ कर दिया, कि शहर भर में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। BMC: 4 illegal constructions including a resort in Malad demolished

  • Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे गैर कानूनी करार दिया है। जबकि स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सरकारी ई-सेवा केंद्रों में विभिन्न शैक्षणिक प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के लिए सौ रुपए और पांच सौ रुपए के स्टाम्प पेपर मांगने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, जबकि स्टाम्प पेपर की मांग को रद्द कर दिया गया है तो अनावश्यक लोगों से अधिकारी स्टाम्प पेपर कैसे मांग सकते हैं?

    गैरकानूनी है स्टाम्प पेपर की मांग

    उन्होंने स्टाम्प पेपर की मांग करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसको गैर कानूनी करार दिया है। बावनकुले ने इस संबंध में राज्य के सभी विभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को पत्र भी जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि नागरिकों को अनावश्यक परेशान करने वाले अधिकारियों को माफ नहीं किया जाएगा।

    स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं

    बावनकुले ने कहा कि दो महीने पहले ही विद्यार्थियों, अभिभावकों, पक्षकारों और किसानों को जाति पड़ताल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, रहिवासी प्रमाणपत्र, नॉन क्रिमी लेयर सर्टिफिकेट, राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र के लिए स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। इससे सरकारी कार्यालयों में प्रमाणपत्र और न्यायालय में शपथपत्र जमा करने के लिए स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती है।

    नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट क्या है?

    नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों, शिक्षा और छात्रवृत्तियों में आरक्षण के लाभ लेने में मदद करता है। यह प्रमाणपत्र उन्हें प्रमाणित करता है कि वे ‘क्रीमी लेयर’ (जो अपेक्षाकृत समृद्ध हैं) में नहीं आते हैं, बल्कि वे ‘नॉन-क्रीमी लेयर’ से संबंधित हैं।

    किसे मिला फायदा?

    बावनकुले ने कहा, केवल कागज पर स्वयं-प्रमाणित शपथपत्र जमा करना होता है। उन्होंने कहा, कि स्टाम्प पेपर जमा नहीं करने के फैसले का आर्थिक रूप से कमजोर तबके के नागरिकों को फायदा हो रहा है। लेकिन कई जगहों पर नागरिकों से स्टाम्प पेपर मांगने की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए अधिकारियों को स्टाम्प पेपर मांगना बंद कर देना चाहिए।

  • दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    मुंबई सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिन पर 74 वर्षीय क्लाइंट से 2.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसके पहले भी एड्वोकेट पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के मामले दर्ज हैं।

    मुंबई: सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। खातू पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की रहने वाली 74 वर्षीय महिला क्लाइंट के साथ धोखाधड़ी की है। आरोप है कि विनय कुमार खातू ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जाली आदेश दिखाकर महिला से 2.57 करोड़ रुपये की ठगी की। न्यायालय ने कहा, कि अगर इस मामले में विनय कुमार खातू को जमानत दी जाती है, तो समाज में गलत संदेश जाएगा। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट के खिलाफ कई मामले दर्ज

    सत्र न्यायाधीश वीजी रघुवंशी ने कहा कि यह अदालत खातू के पुराने रिकॉर्ड को नजरअंदाज नहीं कर सकता। पहले भी विनय कुमार खातू पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के दो मामले दर्ज हैं। अगर अदालत खातू के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो यह समाज के लिए गलत संदेश होगा। उन्होंने कहा, “आरोपों की गंभीरता और खातू के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए, मैं उन्हें जमानत नहीं दे सकता।

    वॉट्सएप पर भेजे फर्जी दस्तावेज

    जज ने यह भी कहा कि अगर कोई WhatsApp चैट पर भरोसा करता है, तो उसे यह भी देखना होगा कि आरोपी ने अकाउंटेंट के साथ चैट में हाईकोर्ट से स्टे मिलने की बात कही थी। यह भी साफ है कि जाली आदेशों की तारीख के बाद बड़ी रकम उसके दोस्तों और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी पर आपराधिक विश्वासघात और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    जज ने कहा कि सिविल कोर्ट के फैसले को भी एक मूल्यवान सुरक्षा माना जा सकता है। अदालती फैसले अक्सर कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को बनाते या बदलते हैं। इसलिए, ये फैसले मूल्यवान सुरक्षा की परिभाषा में आते हैं।

    क्या है पूरा मामला ?

    पीड़ित महिला, उर्मिला ताल्यार खान, अलीबाग में एक जमीन के विवाद में फंसी हुई थीं। निचली अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसके बाद ताल्यार खान ने जिला अदालत में अपील की थी। उनके वकील सुनवाई के लिए नहीं आए, जिसके कारण 13 मार्च, 2018 को उनकी अपील खारिज हो गई। उस समय दिल्ली में रहने के कारण, उन्हें इस बारे में 2022 तक पता ही नहीं चला, क्योंकि उनके वकील ने उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी थी। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    दो करोड़ रुपये किया ट्रांसफर

    आरोप है कि ताल्यार खान की मुलाकात एक व्यापारी के जानकार के जरिए विनय कुमार खातू से हुई थी। उन्होंने खातू को छह मामलों के लिए वकील रखा, जिसमें जमीन विवाद की अपील और उनके पति के खिलाफ मुकदमा भी शामिल था। खातू ने कथित तौर पर प्रति मामले 10 लाख रुपये की भारी फीस ली। आरोप है कि उन्होंने अपने दोस्त के खाते से आरोपी से जुड़े लोगों के खातों में 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट ने दी सफाई

    एड्वोकेट विनय कुमार खातू की सलाह पर, उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में दूसरी अपील दायर की, जिसमें चार साल की देरी को माफ करने और स्टे ऑर्डर के लिए आवेदन किया गया था। फिलहाल आरोपों को नकारते हुए, आरोपी ने कहा कि उन्हें 19 अक्टूबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वकील ने कहा कि उनसे कुछ भी बरामद करने की जरूरत नहीं है। सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

  • मुंबई के बिल्डिंगों में घर खाली करने वालों को सरकार देगी ₹20,000 महीना

    मुंबई के बिल्डिंगों में घर खाली करने वालों को सरकार देगी ₹20,000 महीना

    मुंबई की 96 बिल्डिंग को म्हाडा ने खतरनाक घोषित किया है। इन इमारतों में रहने वाले लगभग 2400 परिवारों को घर खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। साथ ही सरकारी फरमान के मुताबिक मकान खाली करने वाले को सरकार प्रति माह 20,000 रुपए किराया देगी।

    मुंबई: महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने मुंबई शहर की 96 सबसे पुरानी इमारतों और खतरनाक घोषित कर यहां रहने वाले 2400 परिवारों को जल्द से जल्द मकान खाली करने को कहा है। दरअसल इस कदम का मकसद बरसात से पहले किसी भी तरह के हादसे को रोकना है। इन इमारतों में रह रहे परिवारो को अपना वैकल्पिक घर ढूंढने के लिए अथॉरिटी हर महीने 20 हजार रुपए मदद करेगी। MHADA ने अपनी वेबसाइट पर सभी 96 बिल्डिंगों की लिस्ट भी जारी कर दी है। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings

    184 निवासियों को घर खाली का नोटिस

    MHADA की वेबसाइट के मुताबिक इन बिल्डिंग में रह रहे 184 निवासियों को घर खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। इनमें से 3 निवासी ट्रांजिट कैंप में चले गए हैं। हालांकि, नोटिस मिलने के बावजूद 176 घर खाली नहीं किए गए हैं। किसी भी निवासी ने रहने के लिए खुद से दूसरी व्यवस्था नहीं की है। बाकी बची इमारतों में रहने वाले लोगों को भी घर खाली करने के निर्देश दे दिए हैं। अथॉरिटी के मुताबि 96 बिल्डिंग में कुल 3162 किरायेदार और निवासी हैं, जिनमें 2577 रहने वाले लोग और 585 दुकानें और ऑफिस शामिल हैं।

    किराये के लिए मिलेंगे प्रति माह 20 हजार रुपए

    MHADA ने घोषणा की है कि जो भी परिवार इन इमारतों में रहते हैं, उन्हें दूसरी जगह पर किराये का घर लेने के लिए 20 हजार रुपए प्रति माह दिया जाएंगा। ये फैसला इस कारण लेना पड़ा क्योंकि अथॉरिटी के अपने ट्रांजिट कैंप में केवल 786 घर ही उपलब्ध है, जो जरूरत से काफी कम है। इस कारण लोगों को आर्थिक मदद देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा संस्था ने 400 नए अस्थाई घर तीन साल की लीज में देने का भी निर्देश दिया है। ये घर 180 से 250 वर्ग फुट के होंगे। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings

    मॉनसून से पहले हुआ सर्वे

    MHADA की यूनिट, मुंबई बिल्डिंग रिपेयर्स एंड रिकंस्ट्रक्शन बोर्ड (MBRRB) ने मॉनसून से पहले एक सर्वे किया था। इस सर्वे में 96 इमारतों को रहने के लिए सबसे असुरक्षित पाया। लोगों की जान का खतरा देखते हुए, अथॉरिटी के सीईओ और उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल ने तुरंत इन इमारतों को खाली कराने का फैसला किया है। उन्होंने घोषणा की थी कि जो भी फैमिली इन इमारतों में रहते हैं उन्हें दूसरी जगह पर किराए का घर लेने के लिए 20 हजार रुपए प्रति महीने की मदद की जाएगी। The government will give ₹20,000 per month to those who vacate their houses in Mumbai buildings

  • मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    • नितीश कुमार के वोटरों में नाराजगी
    • नायडू के वोटर्स में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय
    • दिसंबर में बिहार राज्य का विधानसभा चुनाव
    • राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
    • वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश

    मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं।

    बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग

    वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।

    वक्फ संशोधन कानून का असर

    केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है।

    इसे भी पढ़े:- एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    विधानसभा चुनाव

    ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।

    राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

    उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है।

  • Mumbai: सांसद कोटे से ट्रेन की टिकट लेने की कोशिश, रेलवे पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Mumbai: सांसद कोटे से ट्रेन की टिकट लेने की कोशिश, रेलवे पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Mumbai News: मुंबई में रेलवे टिकट की धोखाधड़ी मामले में सीएसएमटी पुलिस ने एक व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपी ने NCP सांसद सुरेश म्हात्रे के जाली हस्ताक्षर कर सांसद कोटे से रेलवे टिकट प्राप्त करने की कोशिश की। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    Maharashtra News: मुंबई की CSMT रेलवे पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। आरोप है कि सईद एजाज नामक एक व्यक्ति ने सांसद कोटे से रेलवे टिकट हासिल करने के लिए सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी लेटर हेड का इस्तेमाल किया और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित एक जाली सिफारिशी पत्र रेल प्रशासन को प्रेषित किया। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    आप को बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शरद पवार गुट के भिवंडी से सांसद सुरेश म्हात्रे उर्फ बाल्या मामा विदेश यात्रा पर थे। जब रेल प्रशासन ने पूछताछ की तो सांसद के सहायक ने साफ इनकार कर दिया। रेलवे पुलिस ने म्हात्रे के निजी सहायक आकाश पाटिल की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की बाद में सईद एजाज के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    क्या है पूरा मामला?

    रेलवे पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित एक जाली सिफारिशी पत्र के जरिए देवगिरी एक्सप्रेस के दो टिकट सांसद कोटे से हासिल करने की कोशिश की थी। यह पत्र मुंबई से नांदेड़ की यात्रा के लिए 31 मई की तारीख को टिकट मांगने हेतु जारी किया गया था। जो मध्य रेलवे के आरक्षण विभाग के सहायक प्रबंधक को 30 मई को प्राप्त हुआ। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    हाथ से लिखा था सिफारिश पत्र

    उक्त पत्र रेलवे के कन्फर्मेशन ड्रॉपबॉक्स में डाला गया था। इसमें सांसद सुरेश म्हात्रे के नाम और हस्ताक्षर का उपयोग किया गया था। लेकिन रेलवे अधिकारियों को पत्र की भाषा और फॉर्मेट पर शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने सांसद के निजी सहायक आकाश पाटिल से संपर्क किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पत्र हाथ से लिखा गया था, जबकि सामान्यतः सांसद के पत्र उनके सहायक द्वारा टाइप किए जाते हैं। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    कहीं कोई रैकेट तो नही?

    पत्र में सांसद का नाम, सिग्नेचर और आवक-जावक विवरण सभी संदिग्ध पाए गए। पत्र पर जिस तारीख का उल्लेख था, उस दौरान सांसद सुरेश म्हात्रे विदेश में थे और विदेश से लौटने के बाद खुद सांसद ने पुष्टि की कि पत्र और उस पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं। CSMT रेलवे पुलिस ने आरोपी सईद एजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2), 336(3) और 340(2) के तहत FIR दर्ज किया है। रेलवे पुलिस अब यह भी जांच कर रही है, कि आरोपी ने कहीं पहले भी ऐसी कोशिशें की हैं या किसी रैकेट से उसका कोई संबंध है। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

    सांसद कोटे का दुरुपयोग

    भारतीय रेलवे में सांसदों के लिए एक विशेष कोटा होता है, जिसके तहत वे सिफारिश पत्र के जरिए यात्रियों को टिकट दिलवा सकते हैं। इस मामले ने इस व्यवस्था के दुरुपयोग की आशंका को उजागर किया है और रेलवे अधिकारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत पर बल दिया है। फिलहाल आरोपी से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है और रेलवे पुलिस इस मामले को गहराई से खंगाल रही है। Mumbai: Railway police filed FIR for trying to get train ticket from MP quota

  • क्यों वापस लिया गया हर घर सिंदूरबांटने का फैसला?

    क्यों वापस लिया गया हर घर सिंदूरबांटने का फैसला?

    • हर घर सिंदूर योजना
    • सिंदूर प्रतीक है पति के जीवित होने का
    • एजेंडा बना लिया गया है गोदी मीडिया
    • पिछले 60 सालों से पति का इंतजार
    • सेना का अपमान, हिंदू संस्कृति से खिलवाड़
    • शहीदों की पत्नियों को क्या सिंदूर दिया जाएगा?
    • लोगों का सिंदूर छीनने में भाजपा सरकार का बहुत बड़ा योगदान
    • बीजेपी दैत्य है या दानव?
    • भारतीय सेना की गौरव गाथा है ऑपरेशन सिंदूर
    • भाजपा की निंदनीय विचार

    मुंबई: पहलगाम में आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हिंदुओं को टार्गेट किलिंग किया था। दरअसल पाकिस्तान चाहता है भारत में हिंदू-मुस्लिम के बीच दंगे हों तभी तो भारत कमजोर होगा। दुर्भाग्यवश बीजेपी पाकिस्तानी एजेंडे पर ही काम करते हुए जहरीले बोल बोले जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर जो हमारी सेना ने पीओके स्थित आतंकवादियों के अड्डे नष्ट करने के साथ ही सौ से अधिक आतंकवादियों को भी मार गिराया। इसमें मजेदार बात यह है, कि नेतृत्व कर्नल सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह को दिया गया। पाकिस्तान के महत्वपूर्ण हवाईअड्डे भी तहस नहस कर दिए। तुर्की के ड्रोन और चीन के हथियारों का भारतीय फौज ने धुआं निकाल दिया। लेकिन भारतीय जनता पार्टी, सेना को अपमानित करते हुए मोदी को ऑपरेशन सिंदूर का नायक बताते हुए पोस्टर लगाए, साथ ही हर घर शिक्षा रोजगार नहीं पहुंचाने वाले हर घर सिंदूर भेजकर हिंदुओं की भावनाओं का मजाक उड़ाने की सोच ली।

    पिछले 60 सालों से पति का इंतजार

    यह नहीं पता उन्हें कि भारत की हिंदू पत्नियां पति के सिंदूर से अपनी मांग संवारती हैं।बीजेपी के सिंदूर पहुंचाने के मामले में देश में उबाल आ गया और निश्चय किया गया जो भी लुच्चा और लफंगा सिंदूर लेकर आएगा। उसकी जमकर कुटाई होगी। सोशल मीडिया पर देश में नारी के सुहाग चिन्ह को लेकर बीजेपी के खिलाफ भावना उजागर हुई। जिस सिंदूर बांटो अभियान के द्वारा बीजेपी अपना वोट बैंक बढ़ाना चाहती थी, उसी को लेकर धुर विरोध शुरू हो गया। इसमें यह भी लिखा गया, “मोदीजी पहले सिंदूर अपनी पत्नी को भेजे जो पिछले साठ सालों से इंतजार कर रही हैं।”

    हर घर सिंदूर योजना

    वोट बैंक के लिए भाजपा जो न करे, थोड़ा ही है। पहलगाम हो या पुलवामा दोनों ही जगह सुरक्षा देने में बीजेपी सरकार चूक गई थी। नतीजन पहलगाम में 26 महिलाओं के सुहाग उजड़ गए और पुलवामा में चालीस सैनिकों की पत्नियों की मांग के सिंदूर पुछ गए। पाकिस्तान के साथ युद्ध हो या आतंकियों के साथ मुठभेड़ यहां हजारों जवान शहीद हो गए। उनकी पत्नियां विधवा और बच्चे अनाथ हो गए और अब बीजेपी सभी हिंदू घरों में सिंदूर भेजने की योजना पर काम कर रही है।

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    शहीदों की पत्नियों को क्या सिंदूर दिया जाएगा?

    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह इस पर सवाल उठाते हैं। भारतीय हिंदू पत्नियां अपने पति के नाम का ही सिंदूर अपनी मांग में डालती हैं। किसी पराई औरत का सिंदूर अपनी मांग में भरना ही नहीं चाहेगी। न भरती ही भी हैं। संजय सिंह सवाल करते हैं कि क्या पहलगाम में विधवा हुई पत्नियों को सिंदूर भेज पाएंगे? क्या पुलवामा और उरी में शहीद फौजी जवानों की पत्नियों को सिंदूर दिया जा सकता है? क्या भारत पाकिस्तान युद्ध में शहीद 21 जवानों की विधवाओं को सिंदूर भेजा जा सकेगा? संजय सिंह के सवाल भारतीय हिंदू विचारधारा के सवाल हैं। उनका विरोध कर पाना किसी के बूते का नहीं है।

    एजेंडा बना लिया गया है गोदी मीडिया

    हो सकता है, गोदी मीडिया के निर्लज्ज एंकर्स संजय सिंह को हिंदू विरोधी घोषित कर, देशद्रोही भी कह दे। उनको लानत मलामत भेज सकते हैं, क्योंकि उनके मालिक का एजेंडा है बीजेपी सत्ता आरएसएस, बजरंग दल जैसे कथित हिंदू संगठनों से अगर कोई निष्पक्ष पत्रकार सवाल पूछता है तो उसे एंटी हिंदू और देश विरोधी घोषित करने, मुगलों की पैदाइश होने, डी एन ए टेस्ट कराने की बात, दो दो रुपाल्ली के ट्रोलर ट्रोल करने लगते हैं और मोदी विरोधियों को देशद्रोही होने का सार्टिफिकेट देने लगते हैं।

    भारतीय सेना की गौरव गाथा है ऑपरेशन सिंदूर

    सोशल मीडिया में अपने सरकार से कोई सवाल पूछ लिया तो अंधभक्त हो या बीजेपी नेता तुरंत एक्शन मोड में आ जाते हैं और गालियों की बौछार शुरू कर देते हैं। मुगलों की, हलाल की औलाद कहने में उन्हें शर्म नहीं आती। बीजेपी के सवाल को घुमाकर आपको देशद्रोही हिंदू विरोधी बताने लगते हैं। ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की गौरव गाथा है। लेकिन प्रचार तंत्र उसे महत्त्व नहीं देता। सारी उपलब्धियां बीजेपी और मोदी की बताने लगता है।

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    सिंदूर प्रतीक है पति के जीवित होने का

    मुस्लिम स्त्रियां सिंदूर से अपनी मांग नहीं भरती। तमाम ऐसी हिंदू महिलाएं भी मांग में सिंदूर नहीं डालतीं। अन्य हिंदू स्त्रियां अपनी मांग में केवल अपने पति के नाम का सिंदूर डालती हैं। किसी पराए मर्द के नाम का नहीं। सवाल यह भी है, कि देश में करोड़ो हिंदू बेवाएं भी हैं। जिनके पति की मृत्यु के बाद से सिंदूर नहीं डालती। कुल मिलाकर चालीस करोड़ हिंदू पत्नियां अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं। सिंदूर प्रतीक है पति के जीवित रहने का। जिनके पति जीवित नहीं वे सिंदूर क्यों पहनेंगी?

    सेना का अपमान, हिंदू संस्कृति से खिलवाड़

    हर हिंदू परिवार में सिंदूर पहुंचाने की बात उठ रही है। भाजपा ने फौजी उपलब्धियों को अपनी उपलब्धि बताते हुए मोदी की फोटो चस्पा किए हैं जिसमें सेना का चेहरा नहीं है। बीजेपी ने इस पोस्टर के द्वारा सेना को अपमानित किया है और अब हर हिंदू घरों में सिंदूर भेजकर बीजेपी हिंदू संस्कृति से खिलवाड़ करे हुए अपना वोट बैंक बनाना चाहती है।

    लोगों का सिंदूर छीनने में भाजपा सरकार का बहुत बड़ा योगदान..

    संजय सिंह के सवाल सेना का सम्मान करते हैं। उनका कहना कि बीजेपी का कोई लुच्चा लफंगा हिंदू औरतों को ले जाकर सिंदूर देगा?आखिर सिंदूर को लेकर बीजेपी अपना प्रचार क्यों कर रही है। बीजेपी से सवाल है, कि “तुम सिंदूर क्यों भेज रहे हो?” उन्होंने यह भी कहा, कि “अपनी मां भाभी और पत्नी को दूसरे के द्वारा अपने नाम का सिंदूर पहनाकर दिखा दे।”
    दरअसल लोगों का सिंदूर छीनने में भाजपा सरकार का बहुत बड़ा योगदान है। पहलगाम हमले के समय सुरक्षा व्यवस्था क्यों हटा ली गई थी?

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    बीजेपी दैत्य है या दानव?

    आपकी गलती से पुलवामा हुआ। आपने एयरलिफ्ट नहीं दिया। पहलगाम पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था में आप चुके। पांच दर्जन से अधिक हिंदू पत्नियां विधवा बनीं आप की गलतियों से। लेकिन बीजेपी को अपनी गलती स्वीकार ही नहीं होती। दूसरे के श्रम और शौर्य को अपना बताने की आदत हो गई है। बिना श्रम किए भोजन करने वाले दैत्य होते हैं। दूसरों का हक मारने वाले दानव होते हैं। सच कहा जाए तो हिंदू विधवाओं और सेना का अपमान करने वाली बीजेपी को हिंदुत्ववादी और सनातनधर्मी बोलने का अधिकार ही नहीं है।सनातनधर्म स्व नही सर्व में विश्वास रखता है। सनातन मैं नहीं हम कहना सिखाता है। आप तो सेना के पुरुषार्थ को ही छीनकर अपना पुरुषार्थ बताकर वोट की राजनीति कर रहे हैं।

    भाजपा की निंदनीय विचार

    हिंदू विधवाओं को क्या सिंदूर देंगे जिनके पति पुलवामा, पहलगाम और उरी में शहीद हुए? किसी लुच्चे और लफंगे के हाथों का सिंदूर एक भी हिंदू पत्नी स्वीकार नहीं करेगी। किस हैसियत से सिंदूर देने का कुत्सित विचार आया? हर घर सिंदूर पहुंचाने का विचार ही निंदनीय है। ऐसी निकृष्ट सोच वाली पार्टी जिसके मंत्री बहादुर देश की बिटियों को आतंकी की बहन कहता है। सेना के शौर्य का अपमान केवल निहित स्वार्थ वोट के लिए केवल और केवल बीजेपी ही कर और सोच सकती है। सच तो यही है जैसा राहुल गांधी ने संसद में कहा था बीजेपी का हिंदुत्व देश का हिंदुत्व नहीं है बिल्कुल सटीक बैठता है।