Category: Mumbai News

  • महिला पुलिस अधिकारी से छेड़छाड़ बीजेपी नेता को पड़ा भारी, पुलिस ने किया एफआईआर दर्ज

    महिला पुलिस अधिकारी से छेड़छाड़ बीजेपी नेता को पड़ा भारी, पुलिस ने किया एफआईआर दर्ज

    पुणे शहर के एक बीजेपी नेता पर महिला पुलिस अधिकारी के साथ छेड़छाड़ के मेमले में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के चलते नेता को पार्टी से इस्तीफा देना पड़ा। चित्रा वाघ ने भी की कड़ी कार्रवाई की मांग.. BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र:
    पुणे में एक महिला पुलिस अधिकारी से छेड़छाड़ करने के आरोप में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पुणे इकाई के एक पदाधिकारी के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुणे पुलिस ने इसकी जानकारी दी। आरोपी प्रमोद कोंधरे भाजपा की पुणे इकाई के महासचिव के पद पर हुआ करता था जब उसने अपराध को अंजाम दिया। हालांकि केस दर्ज होने के बाद प्रमोद कोंधरे के एक वरिष्ठ सहयोगी ने बताया कि कोंधरे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

    घिनौनी हरकत

    पुलिस ने बताया कि घटना सोमवार को शनिवार वाड़ा इलाके में एक चाय की दुकान के पास हुई थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी प्रमोद कोंधरे ने कथित रूप से महिला अधिकारी से दुर्व्यवहार किया और महिला अधिकारी का यौन उत्पीड़न करते हुए किसी को भी शर्म आ जाए ऐसी घिनौनी हरकत की। BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

    सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद

    अधिकारी ने बताया, सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से कथित घटना का पता चला और महिला अधिकारी ने भी कोंधरे पर अनुचित कृत्य में शामिल होने का आरोप लगाया। हमने महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और यौन उत्पीड़न से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 75 के तहत मामला दर्ज किया है। BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

    कड़ी कार्रवाई की मांग

    इस बीच, भाजपा के नगर अध्यक्ष धीरज घाटे ने कहा कि कोंधरे ने अपना इस्तीफा दे दिया है और पार्टी ने इसे स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा, पत्र में कोंधरे ने कहा कि उनके खिलाफ जांच पूरी होने तक उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया जाना चाहिए। हमने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) चित्रा वाघ ने कोंधरे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। BJP leader had to pay heavily for molesting a woman police officer, police filed an FIR

  • अपनी परिस्थितियों से तंग आकर माता-पिता ने नवजात बच्ची को छोड़ा

    अपनी परिस्थितियों से तंग आकर माता-पिता ने नवजात बच्ची को छोड़ा

    पनवेल में एक आश्रम के बाहर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। टोकरी में इस बच्ची के साथ एक चिट्ठी भी मिली। इसे पढने के बाद लोगों का दिल छलक गया। कईयों ने बहा दिए आंसू.. Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी बम्बई से सटे नवी मुंबई के पनवेल इलाके से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां तक्का नामक परिसर में स्थित स्वप्नालय आश्रम के बाहर फुटपाथ पर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पाई गई है। रात के सन्नाटे में किसी ने इस मासूम बच्ची को एक प्लास्टिक की टोकरी में दूध की बोतल, सेरेलैक और कुछ कपड़ों के साथ छोड़ दिया था। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    बच्ची के साथ एक चिट्ठी भी लोगों को बरामद हुई है। अंग्रेजी में लिखी इस चिट्ठी को जिसने भी पढ़ा, उसका दिल भर आया। चिट्ठी पढ़ने वालों ने बताया, कि यह कोई क्रूरता नहीं, बल्कि मां-बाप की मजबूरी है जो इस नवजात बच्ची को ऐसे सूनसान में छोड़कर जाना पड़ा है। मां-बाप के दिल की इस टीस ने सभी की आंखों में आंसू ला दिया। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    चिट्ठी में क्या लिखा था?

    मौके पर बच्ची के पास से मिली चिट्ठी उनके परिवार की बेबसी की कहानी बयां कर रही थी। चिट्ठी में बच्ची के माता-पिता ने अंग्रेजी में लिखा था, कि “हमें बहुत दुख है, कि हमें यह करना पड़ रहा। हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है। हम इस बच्ची का मानसिक और आर्थिक रूप से पालन-पोषण नहीं कर सकते। प्लीज इसे किसी के साथ न जोड़ें या मामले को बढ़ाएं नहीं। हम नहीं चाहते कि वह उन मुश्किलों का सामना करे, जो हमें झेलनी पड़ रही हैं। हम आपसे बिनती करते हैं, कि इसकी जिंदगी को बचाएं। हम उम्मीद करते हैं, कि एक दिन हम इसे वापस ले सकेंगे। हम उसके करीब हैं। हमें माफ करें।” Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    चश्मदीदों ने क्या कहा?

    स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची के रोने की आवाज सुनकर कुछ लोग दौड़े और बास्केट में लिपटी हुई नवजात को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत पनवेल शहर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को अपने कब्जे में लिया और उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत स्थिर है, और उसे अलीबाग में आगे की मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    समाज से सवाल ?

    इस घटना ने हमारे समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति रही होगी, जहां माता-पिता को अपने ही कलेजे के टुकड़े को छोड़ने का इतना कठोर फैसला लेना पड़ा होगा? सोचकर ही दिल कमजोर पड़ जाता है। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह सोचकर ही आंखें नम हो जाती है कि कोई मां-बाप अपनी बच्ची को इस तरह छोड़ने को मजबूर कैसे हुए होंगे? हमें समाज के रूप में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ करना होगा।” Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    उस चिट्ठी में लिखा हर शब्द माता-पिता के दर्द और उनकी मजबूरी को बयां करता है। जहां पुलिस बच्ची के माता-पिता की तलाश में जुटी है, वहीं समाज के सामने यह सवाल है कि क्या हम ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए तैयार हैं? Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

  • मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

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    गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने 6 चोरी के ट्रक समेत 2 लोगों को गुजरात और औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है। ये गिरोह ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। हालही में इन लोगों ने 8 जून को रात के अंधेरे में एक 10 टायर टाटा कंपनी का ट्रक चूरा लिया था। जिसकी जांच में पुलिस को पता चला कि बदमाशों ने गुजरात के सुरत ग्रामीण में ट्रक को छुपाया हुआ है। मुंबई पुलिस जब गुजरात पहुची तो और भी घटनाओं का खुलासा पेश होता चला गया। जिसमें पुलिस मुंबई से गुजरता फिर औरंगाबाद से राजस्थान तक चली गई और अबतक 6 ट्रकों को मुंबई वापस ले आई। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    कैसे हुआ खुलासा?

    वनराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरिष बने ने बताया कि 8 जून को लगभग रात के 1 बजे गोरेगांव पूर्व के घास बाजार के पास सीमेंट गोदाम से 10 चक्का टाटा कंपनी का ट्रक क्रमांक MH50N2086 चोरी होने की शिकायत मिली थी। इसमें गु.र.क्र. 226/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई तो हमें तकनीकी जांच से पता चला कि ट्रक सुरत के एक ग्रामीण भाग में खड़ा हुआ है। तुरंत हमने गुजरात पुलिस की सहायता ली जो वहां के जंखवाव पुलिस थाने से संपर्क करवाया। तुरंत हमने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे, बंकट तळेकर, पुलिस हवलदार येवले, पुलिस सिपाही पाटील की एक टीम तैयार की और गुजरात के लिए रवाना कर दिया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    गुजरात में क्या हुआ?

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    वनराई पुलिस थाने में क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र पोस्टुरे ने बताया कि जब हमारी टीम गुजरात पहुची तो उनका संपर्क जंखवाव पुलिस थाने से कराया गया। जिनकी मदद से हमारी टीम सुरत के ग्रामीण इलाके में जाकर छापामारी की और वहां से 44 वर्षीय आरोपी नर्सिंग रामस्वरूप सिंह और चोरी के ट्रक को हिरासत में लिया और उसे मुंबई ले आई। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी इंदौर के मैकेनिक नगर का रहने वाला है। इससे हमे पता चला कि जब यह इंदौर का रहने वाला मुंबई और गुजरात में कनेक्शन बना सकता है तो यह अकेला नही होगा और इसने और भी कई कांड किए होंगे। हमने जब इसके रिकॉर्ड की पडताल की तो पूरे महाराष्ट्र मे और भी 7 अलग-अलग मामले का खुलासा हुआ और कड़ी पूछताछ में उसने गिरोह के मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख का पता बताया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    जावेद की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे से मिली जानकारी के मुताबिक 10 जून को गिरोह का मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख को औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ अहमदनगर के तोफखाना पुलिस थाने में दो अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा नाशिक के आडगांव पुलिस थाना और येवला शहर पुलिस थाना और धुळे के मोहाडी नगर पुलिस थाना, औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस थाना के साथ तळोजा पुलिस थाने में अपराध दर्ज है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    राजस्थान से मिले 5 ट्रक

    पुलिस ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच मे पता चला कि इन लोगों ने और भी 5 ठिकानों पर ट्रक और भारी वाहनों को चोरी कर छिपाया हुआ है। फिर से वही पुलिस की टीम पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे की नेतृत्व में राजस्थान रवाना हुआ। राजस्थान के बांसवाडा जिला, डोंगरपुर जिला और सलुंम्बर जिला के अलग-अलग ठिकानों से पुलिस ने 5 वाहनों को हस्तगत किया और उसे मुंबई ले आए। वनराई पुलिस और अधिक मामले की तहकीकात कर रही है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

  • महाराष्ट्र में NCP शरद पवार गुट ‘हिंदी थोपे जाने’ के खिलाफ मोर्चे का समर्थन करेगी।

    महाराष्ट्र में NCP शरद पवार गुट ‘हिंदी थोपे जाने’ के खिलाफ मोर्चे का समर्थन करेगी।

    महाराष्ट्र में मातृभाषा के संरक्षण में शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकारी नीतियों के खिलाफ 5 जुलाई को विरोध मोर्चे का समर्थन किए जाने का ऐलान किया है। शुक्रवार को पार्टी नेता ने इसकी घोषणा कर दी। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) ने शुक्रवार को कहा कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से महाराष्ट्र में स्कूली पाठ्यक्रम में हिंदी को ‘थोपे जाने’ के खिलाफ पांच जुलाई को होने वाले विरोध मोर्चे का समर्थन करेंगे। पार्टी नेता ने इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से पांच जुलाई को विरोध मोर्चे में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    उद्धव और राज ने मिलाया हाथ

    राज्य सरकार द्वारा नयी शिक्षा नीति के तहत तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने की योजना के खिलाफ यह विरोध आयोजित किया जा रहा है। आप को बता दें कि भाषा विवाद पर 5 जुलाई को उद्धव और राज ठाकरे की संयुक्त रैली होने जा रही है। मराठी मुद्दे को लेकर 20 साल बाद दोनों मंच पर साथ नजर आएंगे। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    राकांपा शरद पवार गुट की घोषणा

    शिक्षा नीति के तहत पहली कक्षा से हिंदी को अनिवार्य बनाना शामिल किया गया है। राकांपा शरद पवार गुट की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख जयंत पाटिल ने एक खुले पत्र में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा, कि उनकी पार्टी क्षेत्रीय हितों के मामलों में महाराष्ट्र के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    शरद पवार ने क्या कहा?

    इसके पहले पार्टी प्रमुख शरद पवार ने भी ठाकरे भाइयों को समर्थन देते हुए कहा, कि “महाराष्ट्र में कक्षा 1 से हिंदी अनिवार्य नहीं की जानी चाहिए। अगर कोई नई भाषा शुरू की जानी है तो उसे कक्षा 5 के बाद ही शुरू किया जाना चाहिए।” In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    सरकार ने लिया यू टर्न

    दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने इसी साल अप्रैल में हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बना दिया था। विरोध के बाद उन्होंने फैसले में बदलाव किया। कक्षा 1 से 5वीं तक पढ़ने वाले स्टूडेंट्स तीसरी भाषा के तौर पर हिंदी के अलावा भी दूसरी भारतीय भाषाएं चुन सकते हैं। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    महाराष्ट्र में मराठी भाषी आबादी का मुद्दा

    एनसीपी शरद पवार गुट के महाराष्ट्र अध्यक्ष पाटिल ने कहा कि इस कदम का शिक्षाविदों, अभिभावकों, भाषाविदों एवं कार्यकर्ताओं ने विरोध किया है और वे सभी दलील दे रहे हैं कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चे की मातृभाषा में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में मराठी भाषी आबादी हिंदी सहित कई भाषाओं को सीखने के खिलाफ नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, कि लेकिन प्राथमिक स्तर पर हिंदी को थोपना हमें अस्वीकार्य है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, कि “अगर तीन-भाषा नीति का इस्तेमाल मातृभाषा को दरकिनार करने के लिए किया जा रहा है, तो मराठी भाषी समुदाय एकजुट होकर ऐसे कदमों का विरोध करेगी।” In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

    मराठी भूमिका की रक्षा

    शरद पवार गुट के नेता ने इस मुद्दे को भाषाई और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ा बताते हुए पार्टी पदाधिकारियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से पांच जुलाई को विरोध मोर्चे में बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है।पाटिल ने कहा कि इस मोर्चे का उद्देश्य स्कूली शिक्षा में मराठी भाषा की भूमिका की रक्षा करना है। In Maharashtra, NCP Sharad Pawar faction will support the front against ‘imposition of Hindi’.

  • दिल्ली-मुंबई हाईवे सरकार ने बनाए ‘अपना घर’, सफर के दौरान इसमें लोगों को मिलेगी सुविधाएं

    दिल्ली-मुंबई हाईवे सरकार ने बनाए ‘अपना घर’, सफर के दौरान इसमें लोगों को मिलेगी सुविधाएं

    दिल्ली-मुंबई हाईवे के कॉरिडोर पर चार अपना घर बन चुके हैं। हर 30 किलोमीटर पर हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप, टॉयलेट, ईवी चार्जिंग स्टेशन और अपना घर विश्राम केंद्र बनाए जा रहे हैं। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने दिल्ली मुंबई हाईवे पर आपको कई जगहों पर ‘अपना घर’ नाम से इमारतों का निर्माण कर रही है। इन इमारतों को हाईवे पर चलने वाली गाड़ियों की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल लंबी दूरी के हाईवे पर नींद आने की वजह से सड़क दुर्घटना बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब ट्रक ड्राइवरों को ढाबे के पीछे या सड़क के किनारे सोने की जरूरत न पड़े, इसलिए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ‘अपना घर’ नाम से आधुनिक और सुरक्षित रेस्ट एरिया तैयार किया गया है। यहां उन्हें आराम करने, नहाने, खाना बनाने और नींद पूरी करने के लिए घर जैसा माहौल मिलेगा। हालांकि इसके लिए किमत अदा करनी पडेगी। लेकिन इसका किराया बहोत ही ज्यादा कम होने वाला है। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    नींद की वजह से होती हैं दुर्घटना

    भारत में हर साल करीब 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें से लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है। 70% हादसे ड्राइवर की थकान और नींद पूरी न होने की वजह से होते हैं। लंबी दूरी पर चलने वाले ट्रक ड्राइवर अक्सर बिना आराम किए चलते रहते हैं। इसकी वजह से उनकी सेहत पर असर पड़ता है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। NHAI कोटा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया, कि “ट्रक ड्राइवर लगातार सफर करते हैं और ठीक से सो नहीं पाते। इसके कारण सड़क दुर्घटना होती है। इसी के कारण अपना घर योजना की शुरुआत की गई, ताकि वे सुरक्षित जगह पर आराम कर सकें और हादसे से बच सकें।” The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    अपना घर में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?

    • 8 घंटे के लिए ठहराव – सिर्फ 112 रुपए
    • एसी रूम और सीसीटीवी की निगरानी
    • टीवी और मनोरंजन की सुविधा
    • कपड़े धोने और सुखाने का इंतजाम
    • किचन-जहां ड्राइवर खुद खाना बना सकते हैं।
    • साफ-सुथरा टॉयलेट और बाथरूम
    • कीमती सामान रखने के लिए लॉकर की सुविधा

    अगर ड्राइवर खुद खाना नहीं बनाना चाहते तो पास के ढाबे में सिर्फ 130 रुपए में भरपेट थाली मिलेगी। इसमें सब्जी, दाल, रोटी, चावल, सलाद, पापड़ और अचार शामिल रहने वाला हैं। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

    कहां-कहां बने हैं अपना घर?

    फिलहाल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे के कॉरिडोर पर चार ‘अपना घर’ बन चुके हैं। हर 30 किलोमीटर पर हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप, टॉयलेट, ईवी चार्जिंग स्टेशन और अपना घर विश्राम केंद्र बनाए जा रहे हैं। योजना है कि भविष्य में हर नेशनल हाईवे और बड़े ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर इसे लागू किया जाएगा। The government has built ‘Apna Ghar’ on the Delhi-Mumbai highway, people will get facilities in it during the journey

  • महाराष्ट्र में जनता के पैसों की बर्बादी, एक बार में खा गए 27 लाख रुपये का खाना।

    महाराष्ट्र में जनता के पैसों की बर्बादी, एक बार में खा गए 27 लाख रुपये का खाना।

    महाराष्ट्र में जनता के पैसों को बर्बाद किए जाने को लेकर राजनैतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। पिछले दिनों महाराष्ट्र विधान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चांदी की प्लेटों में खाना परोसा गया था। जिसका 27 लाख रुपये खर्च आया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    नेशनल डेस्क: मुंबई के विधान भवन में बीते कुछ दिनों पहले संसद की अनुमान समिति की ‘हीरक जयंती’ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन पर खाने-पीने को लेकर भारी-भरकम खर्च किया गया। जिसको लेकर घमासान बहस छिड़ गई है। इस आयोजन में परोसे गए भोजन की कीमत, आलिशान मेहमान नवाज़ी और जिस थाली में खाने को परोसा गया? इन सबके चलते आम लोगों के टैक्स के पैसों से 27 लाख रुपये का खर्च अब राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    समाजसेवक विजय कुंभार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसको लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पोस्ट में कहा, कि “यह वही समिति है, जो सादगी और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की बात करती है। लेकिन वही समिति खुद 27 लाख रुपये सिर्फ खाने पर खर्च कर दिए।” कुंभार ने इसे जनता के पैसों की बर्बादी बताया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    गटक लिया जनता के पैसे

    विजय कुंभार ने अपनी पोस्ट में विस्तार से लिखते हुए बताया, कि मुंबई के विधान भवन में पूरे देश से आए बजट समिति के सदस्यों के लिए “राजाओं जैसे दावत” का आयोजन किया गया। इस दावत में प्रति व्यक्ति लागत 4,500 रुपये बताई गई है। खाने को चांदी की प्लेटों में परोसा गया, जिनकी प्रति प्लेट कीमत 550 रुपये बताई जा रही है। करीब 600 मेहमानों के लिए कुल खर्च 27 लाख रुपये हो गया। कुंभार ने कटाक्ष करते हुए कहा, यह वही समिति है जो सादगी का पाठ पढ़ाती है लेकिन खुद जनता के पैसों की बर्बादी कर गटक रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    600 मेहमानों के ठाठ-बाठ

    विजय कुंभार ने आगे कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से 600 मेहमान (अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारी) शामिल हुए थे। उनके स्वागत में विधान भवन के बाहर 40 फुट ऊंचा बोर्ड लगाया गया, मानो यह कोई शाही स्वागत समारोह मनाया जा रहा हो। अध्यक्षों और सदस्यों के लिए होटल ताज पैलेस में ठहरने की सुविधा की गई और बाकि अधिकारियों के लिए होटल ट्राइडेंट में व्यवस्था की गई थी। इतना ही नहीं विधान सभा परिसर में मलमल के कपड़े से डाइनिंग मंडप बनाए गया। बड़े-बड़े झूमर लगाए गए और हॉल से लेकर डाइनिंग एरिया तक लाल कालीन बिछाई गई। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    कुंभार ने सवाल उठाया, कि इस शाही व्यवस्था को देखकर आम आदमी के टैक्स के पैसे को इस तरह लूटने वाले इन समूहों को शर्म कैसे नही आई? क्या जनता के पैसों को इस तरह बर्बाद करने वाले वाकई किफायत की भाषा समझते हैं? यह सवाल अब हर नागरिक के मन में पनपने लगा है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    महाराष्ट्र में दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला’

    इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर सबसे बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक ने सरकार पर “दोहरे मानदंड” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास गरीबों के लिए कोई पैसा नहीं है लेकिन साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीतिक अभिजात वर्ग पर खर्च करने में कोई संयम नहीं दिखा रहा है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस भोज समारोह को लेकर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है, कि “महाराष्ट्र में हो रहे भ्रष्टाचार की तुलना दुनिया के किसी भी घोटाले से नहीं की जा सकती। यह बहुत ही उच्च स्तरीय घोटाला है।” Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    आप को बता दें कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में आर्थिक व्यवस्था को लेकर किफायती और सार्वजनिक धन के सदुपयोग पर लगातार बहस चल रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

  • गरीब न पढ़े अंग्रेजी ताकि आगे न बढे न सरकार गिरे

    गरीब न पढ़े अंग्रेजी ताकि आगे न बढे न सरकार गिरे

    • बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ
    • शिक्षा को व्यापार की तरह चलाया जा रहा माफियाओं के हाथों
    • पचास हजार के ऊपर सरकारी स्कूल बंद
    • हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां
    • निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें
    • दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार
    • सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..
    • 18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित
    • गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक
    • उत्तर प्रदेश के 70 प्रतिशत इंजीनियर बेकार
    • देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के…!
    • धर्म की सियासत चमकाने में व्यस्त बीजेपी सरकार
    • बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद
    • पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की बूंद जैसा
    • मुफ्त राशन प्रचार में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन का खर्च
    • विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार
    • 95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र

    मुंबई: बीजेपी के कथित चाणक्य अमित शाह ने अंग्रेजी नहीं पढ़ने की वकालत की है। लेकिन सबसे पहले उन्हें अपने बेटे को जिसे बीसीसीआई का सेक्रेटरी दबाव में बनाया है, इससे कहें कि अंग्रेजी न बोले। इसके साथ ही अपनी सरकार के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को पार्टी से बाहर करें जो विदेश से पढ़कर आए हैं क्योंकि वहां अंग्रेजी ही पढ़ाई जाती है। साथ ही उन मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को भी जिनके बेटे, बेटियां विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे और जो वहां सेटल्ड हो चुके हैं।

    देश के सारे कॉन्वेंट स्कूल बंद कर दें। सीबीएससी जिसमें अंग्रेजी मीडियम से शिक्षा दी जाती है उसकी मान्यताएं खत्म कर दें। संसद में अंग्रेजी बोलने, सेक्रेटरियो द्वारा अंग्रेजी बोलने लिखने की मनाही कर दें। यहां तक कि संसद में अंग्रेजी बोलने वालों को बरखास्त कर दें। तब आम गरीब आदमी या देशवासियों से अंग्रेजी पढ़ने को मना करें।
    लेकिन अब कोई छात्र किस मीडियम में पढ़ेगा। किस भाषा में बात करेगा सरकार इस पर रोक कैसे लगा सकती है?

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    बीजेपी सरकार ने सौंप दिया शिक्षा को माफियाओं के हाथ

    एक तो वैसे ही बीजेपी सरकार ने शिक्षा को माफियाओं के हाथों में सौप दिया है, जिसे व्यापार की तरह चलाया जा रहा है। मनमानी फीस की वसूली की जा रही है। स्कूल बैग, जूता, मोजा और किताबें वह भी प्राइवेट स्कूलों की जिनका मूल्य चार सौ से कम नहीं है। उसमें भी कमीशन मिलता है। तमाम प्राइवेट स्कूलों में न लाइब्रेरी है, न कंप्यूटर हाल और ना ही साइंस लैब।

    फिर भी स्कूलों को दो चार लाख रुपए लेकर मान्यताएं दी जा रही है, जहां शिक्षा के नाम पर नील बटा सन्नाटा है। ट्यूशन पढ़ने के लिए बच्चों पर दबाव डाला जाता है। सरकार जिसका दायित्व है कि निःशुल्क शिक्षा देना।नहीं दे रही। तमाम सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। स्कूलों को मर्च किया जा रहा दूर के स्कूलों में।

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    हाईकोर्ट ने रद्द की शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां

    शिक्षक आंदोलन रत हैं। बिजली कर्मचारी आंदोलन रत हैं, लेकिन बीजेपी सरकारें दो कार्य कर रही। अब तक पचास हजार से ऊपर तक के सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। शिक्षकों की मनमानी नियुक्तियां किए जाने पर हाईकोर्ट ने सारी नियुक्तियां रद्द कर दी हैं। वहीं शिक्षा निःशुल्क देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें। प्राइवेट स्कूलों की सालाना फीस लाखों में रखी गई है।

    उसके अलावा हर वर्ष एडमिशन फीस और तमाम तरह की फीस की वसूली की जा रही है। यहां तक कि फीस जमा नहीं कर पाने वाले छात्रों को गेट से ही घर लौटाया जा रहा। केंद्र सरकार की नाक के नीचे दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल द्वारा तीन साल में हजारों रुपए बढ़ा दिए जाने और छात्रों के घर लौटाए जाने के कारण अभिभावकों को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ा था।

    दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के शासन में बच्चों को दिया गया शिक्षा का अधिकार

    दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के शासन में बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिया गया। अगर पांच दस वर्ष जीवित रहते तो शिक्षा को समवर्ती सूची से निकालकर समूचे देश में एक ही शिक्षा पद्धति लागू कर देते। पाठ्यक्रम भी एक होते ताकि असमय स्थल परिवर्तन का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। छः से चौदह वर्ष आयु तक शिक्षा का अधिकार देने के बाद उनकी योजना कॉलेज और विश्वविद्यालयों में भी निःशुल्क शिक्षा का अधिकार दे देते। लेकिन देश का दुर्भाग्य उनकी मृत्यु की साजिश रची गई।जिससे उनका शिक्षा को लेकर सारी योजना ही बंद हो गई।

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    सरकारों का लोकलुभावन नारा ‘पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया’ ..

    अब तो सरकारें सारे के सारे सरकारी स्कूल बंद करने पर तुली हुई हैं। हमारी सरकारों ने नारे बड़े लोकलुभावन दिए थे, कि “पड़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया” लेकिन कार्य उसके ठीक विपरित किए जा रहे हैं। भारी भरकम फीस के कारण लाखों छात्र पांचवीं और आठवी कक्षा के बाद स्कूल छोड़ने के लिए बाध्य हो जाते हैं। प्राइवेट स्कूलों कॉलेजों में पढ़ा पाना देश के नब्बे प्रतिशत लोगों के बूते में नहीं है।

    18℅ की GST लगाकर सरकार ने किया आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित

    शिक्षा पर 18% की जीएसटी लगाकर सरकार ने आम आदमी के बच्चों को शिक्षा से वंचित कर दिया है। कैसे पड़ेगा इंडिया और कैसे बढ़ेगा इंडिया?
    देश में एक भी कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसा नहीं है जो दुनिया के टॉप दो सौ विश्वविद्यालयों में स्थान पा सके। इसका कारण है शिक्षा मद में केंद्र सरकार द्वारा कटौती।

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    गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी न पढाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक

    अंग्रेजी भाषा अंतरराष्ट्रीय भाषा है। अंग्रेजी पढ़े लिखे छात्रों को ही खुद अपने ही देश में प्राइवेट जॉब मिल पाता है। बिना अंग्रेजी के कहीं भी कोई पूछता तक नहीं है। विदेश जाने, उच्च शिक्षा प्राप्ति अथवा जॉब पाने के लिए अंग्रेजी टेस्ट अनिवार्य है। ज्ञान विज्ञान की समस्त पुस्तकें अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए अरबों खरबों रूपये व्यय करने होंगे। बिना अंग्रेजी ज्ञान के कोई भी विदेश जाकर उच्च शिक्षा या नौकरी या व्यवसाय कर ही नहीं सकता। ऐसे में गृहमंत्री अमित शाह का अंग्रेजी नहीं पढ़ाने का बयान देश की तरक्की के लिए बाधक है।केंद्रीय मंत्री को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।

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    निःशुल्क शिक्षा देने के अपने दायित्व से भाग रही सरकारें

    जबकि शिक्षा को व्यापार करने की छूट कदापि नहीं दी जानी चाहिए। सरकार का दायित्व है, कि सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देने की व्यवस्था करना। लेकिन सरकार अपने दायित्व पालन से भाग रही है। निःशुल्क शिक्षा प्रशिक्षण देकर प्रति परिवार एक रोजगार के संसाधन जुटाना सरकार का दायित्व है। जब नब्बे प्रतिशत बच्चे पढ़ेंगे नहीं तो आगे कैसे बढ़ेंगे। शिक्षा का स्तर इतना नीचे गिर चुका है कि उत्तर प्रदेश के सत्तर प्रतिशत इंजीनियर बेकार हैं। उन्हें ज्ञान ही नहीं है कि प्राइवेट शिक्षा संस्थान प्रैक्टिकल कहां करते हैं? बिना प्रेक्टिकल के ज्ञान कैसे आयेगा?

    देश में लाखों कॉलेज विश्वविद्यालय नेताओं या उनके रिश्तेदारों के हैं जिनका लक्ष्य दौलत अर्जित करना है। इसीलिए सरकार शिक्षा को माफियाओं के हाथों सौंप चुकी है। सरकार डरती है कि कहीं शिक्षा व्यवसाय पर नकेल कसी गई तो उसके लोग ही सरकार गिरा देंगे। सत्ता बचाने के लिए देश के एक सौ चालीस करोड़ लोगों के जीवन से खिलवाड़ करना सरकार को शोभा नहीं देता। शायद यही वजह है, कि सरकार को चुनाव जीतने के लिए धर्म, नफरत का सहारा लेना पड़ रहा है। अपने वादों को जो कभी पूरे ही नहीं किए सरकार ने, वोट मांगने की हिम्मत ही नहीं है। इसलिए धर्म की सियासत चमकाने का कार्य कर रही सरकार।

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    बीजेपी शासित राज्य मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 60℅ सरकारी स्कूल बंद

    सिर्फ़ दो बीजेपी शासित राज्यों मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में ही 60% सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। दोनों राज्यों के दो करोड़ बच्चे चौथी या आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं। महंगाई इतनी बढ़ गई है, कि पांच किलो मुफ्त राशन गर्म तवे पर पानी की भी बूंद जैसा नहीं है। माता पिता मेहनत करते हैं। महीने में आठ से दस दिन मजदूरी मिलती है शेष दिन फांका कटता है। परिवार का पेट भरे कि बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में महंगी शिक्षा लेने भेजें?

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    95℅ जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र

    दरअसल पांच किलो मुफ्त राशन का प्रचार करने में राशन खर्च से अधिक विज्ञापन खर्च आ जाता है। विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकारें नहीं चाहती कि अस्सी करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठ पाएं। ऊपर से अंग्रेजी नहीं पढ़ाने की वकालत? यह वकालत वे लोग करते हैं जो कभी अंग्रेजों की दलाली करते और गांधी के आंदोलन को कुचलने के लिए वायसराय को खत लिखा करते थे। आज उन्हीं की औलादें सत्ता में आई हैं, तो देश को निरक्षर रखने के तमाम उपाय करते रहते हैं। विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था चंद पूंजीपतियों की है जबकि सच तो यह है कि देश की 95% आबादी बीजेपी शासन में हैंड टू माउथ हो चुकी है।

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    विज्ञापनों और कथित धर्म आस्था और हिंदुत्व के नाम पर टिकी बीजेपी सरकार

    इतने टैक्स तो लुटेरे अंग्रेजों ने भी नहीं लगाए थे जितनी हिंदुत्ववादी सरकार टैक्स लगाकर 95% जनता को गरीबी रेखा के नीचे रखने का षडयंत्र करती है। गरीबी झेली है। गरीब मां का बेटा हूं। बर्तन माजती थी मां कहने वाले पीएम दिन में पांच ड्रेस वह भी लाखों के बदलते रहते हैं। नेहरू पर आरोप लगाने वाले सोचें कहां राजा भोज कहां गंगू तेली। नेहरू परिवार आजादी के पहले से ही संपन्न रहा था। उनकी बराबरी तो क्या पैरों की धूल बराबर आज कोई नेता नहीं। हर मोर्चे पर नाकाम सरकार केवल विज्ञापनों, व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी के द्वारा ब्रेन वाश करके मूर्ख बनाती और धर्म आस्था के नाम पर वोट मांगती सरकार।

  • महाराष्ट्र में 5 महीने में 30,000 से अधिक लोग लापता, मुंबई में सबसे ज्यादा

    महाराष्ट्र में 5 महीने में 30,000 से अधिक लोग लापता, मुंबई में सबसे ज्यादा

    महाराष्ट्र में पुलिस रिकार्ड के मुताबिक एक चौकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां औरतन रोजाना 200 से अधिक लोग गायब हो रहे हैं। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में अचानक लापता होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले 5 महीने में पूरे राज्य में 30,000 से अधिक लोग लापता हो गए हैं।
    पुलिस के आंकड़ों के हवाले से पता चला है कि लापता होने वालों में मुंबई शहर को सबसे अव्वल बताया जा रहा है। राज्य में और शहरों के मामले में मुंबई सबसे आगे है, जहां जनवरी से मई के बीच में 3475 लोग गायब हुए हैं। जो कुल मामलों का 10 प्रतिशत से अधिक मालूम होता है। जबकि यह आंकड़े पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    रोज लापता हो रहे 200 लोग

    खबरों के मुताबिक, राज्य में पिछले 5 महीने में 30,113 लोग, यानी रोजाना औसतन 200 लोग गायब हो रहे हैं।
    लापता लोगों के मामले में मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर ठाणे का नंबर सामने आ रहा है। जहां 5 महीन में 2,003 लोगों की गुगशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वैसे भी यहां अक्सर लापता व्यक्तियों की संख्या ज्यादा होती है। इसके बाद तीसरे स्थान पर अहिल्याबाई नगर बताया जा रहा है, जो आबादी में बेहद कम है। लेकिन यहां 1411 गुमशुदगी के मामले दर्ज हैं।More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    लापता लोगों में महिलाएं अधिक

    सबसे अधिक गुमशुदगी के मामले मुंबई, ठाणे और अहिल्या नगर के बाद पुणे और नासिक ग्रामीण में हैं। पुणे में 1,364 और नासिक में 1,338 लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज हैं। ये राज्य के शीर्ष-5 शहर हैं, जहां लापता व्यक्तियों की संख्या अधिक है।
    लापता कुल 30,113 लोगों में 12,467 पुरुष और 17,646 महिलाएं हैं। इसमें नाबालिग शामिल नहीं है क्योंकि उनका केस अपहरण में दर्ज किया जाता है। फरवरी में लापता लोगों की संख्या कम है, जबकि मार्च में 17 प्रतिशत बढ़ी है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    गुमशुदा होने के क्या कारण हो सकते हैं?

    पुलिस रिकार्ड में दर्ज मामलों के मुताबिक, लापता होने के अलग-अलग कारण होते हैं। इन लापता लोगों में खुद से घर छोड़ने वाले, मानसिक बीमारी, मानव तस्करी और प्राकृतिक आपदा में गायब लोग शामिल हैं। इनका पता लगाने के लिए पुलिस तकनीक का सहारा ले रही है। साथ ही सार्वजनिक सहयोग को भी बढ़ा रही है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

  • अब मुंबई की सड़कों से हटेंगे बेकार, कबाड़ और लावारिश गाड़ियां, बीएमसी ने शुरू की सख्त कार्रवाई

    अब मुंबई की सड़कों से हटेंगे बेकार, कबाड़ और लावारिश गाड़ियां, बीएमसी ने शुरू की सख्त कार्रवाई

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका अब सड़कों पर खड़े बेकार, टूटे-फूटे लावारिश गाडिय़ों पर कार्रवाई करते हुए कबाड़ में बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पुलिस की मदद से एक्शन लेने के बीएमसी कमिश्नर ने आदेश दे दिए हैं। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

    मुंबई: शहर की सड़कों पर खड़े बेकार, टूटे-फूटे और लावारिश गाड़ियों को अब तुरंत हटाया जाएगा। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कमिश्नर भूषण गगराणी ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे वाहनों को तुरंत हटाकर उनकी सही तरीके से नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू करें। मुंबई जैसे बड़े शहर में लावारिश और कबाड़ गाड़ियों को सड़कों के किनारे खड़े रहने से ट्रैफिक में परेशानी होती है। आम लोगों को पैदल चलने में भी दिक्कत होती है। इसी वजह से बीएमसी ने यह फैसला लिया है कि अब ऐसे वाहनों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

    ट्रैफिक में रुकावट और लोगों को परेशानी

    पत्रकारों से एक ख़ास बातचीत में भूषण गगराणी ने कहा कि सड़कों को साफ और अड़चन मुक्त बनाना बीएमसी की प्राथमिकता है। बीएमसी ने मई 2025 से हर वॉर्ड में बाहरी एजेंसियों को नियुक्त किया गया हैं जो बीएमसी अधिकारियों के साथ मिलकर बेकार और भंगार गाड़ियों की पहचान कर रहे हैं और उन्हें हटाने के लिए प्रोसिजर चालू कर दिया हैं। अब इस काम में तेजी लाने के लिए सभी को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

    सिर्फ जुर्माना नहीं, मकसद है सड़कें खाली करना – मुंबई बीएमसी

    भूषण गगराणी ने कहा कि “हमारा उद्देश्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि सड़कों को बेकार वाहनों और कबाड़ से मुक्त करना है ताकि मुंबई के लोग आराम से चल-फिर सकें।” Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

    क्या-क्या हटेगा?

    टूटे-फूटे, छोड़े हुए वाहन, बेकार स्क्रैप और कबाड़, सड़क पर छोड़ी गई अनाधिकृत चीजें।

    आगे क्या होगा?

    पुलिस की मदद से चलाए जाएंगे विशेष अभियान, हर वॉर्ड में एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा जो बीएमसी, पुलिस और ठेकेदारों के बीच तालमेल बनाएगा, जिन लोगों ने सड़क पर वाहन या कबाड़ छोड़ा है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। अब बीएमसी ने सड़कों को साफ और सुगम बनाने के लिए कमर कस ली है। अगर आपके इलाके में कोई बेकार वाहन या कबाड़ सड़क पर पड़ा है, तो वह जल्द ही हटाया जाएगा। इस कदम से मुंबई की ट्रैफिक और सफाई व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। Now useless, junk and abandoned vehicles will be removed from the roads of Mumbai, BMC has started strict action

  • पोते ने कैंसर पीड़ित दादी को मुंबई के कूड़े दान में फेंका

    पोते ने कैंसर पीड़ित दादी को मुंबई के कूड़े दान में फेंका

    मुंबई के गोरेगांव पूर्व आरे कॉलोनी के एक कूड़े के ढेर से एक बुजुर्ग दादी को पुलिस ने बरामद किया है जो त्वचा कर्करोग से पीड़ित है और वो बोल भी नही सकती। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

    मुंबई: गोरेगांव से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना प्रकाश में आ रही है। यहां एक स्किन कैंसर से पीड़ित एक 60 वर्षीय बुजुर्ग दादी को उनके ही पोते ने आरे कॉलोनी के कूड़े के ढेर में फेंक दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने बुजुर्ग महिला को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया और फिलहाल उनका कूपर अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस बुजुर्ग महिला का नाम यशोदा गायकवाड़ बताया जा रहा है जो बोल नहीं सकती। सिर्फ पोता-पोती ही कहती रहती है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

    पुलिस करेगी तकनीकी जांच

    आरे कॉलोनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटिल ने बताया, कि बुढ़ी दादी बोल नही पाती ऐसे में हमारे लिए उसका सही पता लगाना और उनके परिवार के सदस्यों का पता लगाना चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी मिली है कि यशोदा गायकवाड़ अपने पोते के साथ मालाड इलाके में रहती थी। वृद्ध महिला मालाड़ और कांदीवली ऐसे दो जगहों का पता बता रही है। हो सकता है इनमें कही उसके परिवार वाले रहते हो। दादी ने यह भी बताया कि उनका पोता उन्हें यहा छोड़ गया था। हालांकि पुलिस संबंधित पोते का नाम और पता जानने के लिए तकनीकी जांच पर ध्यान केंद्रित कर रही है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

    सीसीटीवी की जांच

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटिल ने यह भी बताया, कि आरे पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और बुजुर्ग महिला के पोते और परिवार के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन भी किया गया है। हालांकि जिस जगह बुजुर्ग महिला को छोड़ा गया था वहां कोई सीसीटीवी कैमरे नही लगे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दादी मां का फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai

    कूपर अस्पताल के डीन डॉ. सुधीर मेढेकर ने बताया कि महिला की हालत फिलहाल स्थिर है और उनकी नाक और गाल पर अल्सर जैसा कैंसरनुमा घाव है। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच में बेसल सेल कार्सिनोमा (Basal Cell Carcinoma) की आशंका जताई गई है। Grandson throws his cancer-stricken grandmother in a garbage dump in Mumbai