Category: Mumbai News

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  • BMC में अनुसूचित जाति आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न

    BMC में अनुसूचित जाति आयोग की समीक्षा बैठक संपन्न

    बीएमसी मुख्यालय में महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग की अहम बैठक हुई। योजनाओं, निधि उपयोग, रिक्त पदों की भरती और सफाई कर्मी आवास पर चर्चा हुई।

    मुंबई: महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग की महत्वपूर्ण बैठक आज बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) मुख्यालय में आयोजित की गई। आयोग के अध्यक्ष आनंदराव अडसूळ ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इसमें बीएमसी द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर तबकों पर किए गए खर्च, अनुसूचित जाति वर्ग के लिए मिलने वाले फंड का उपयोग, और अनुकंपा आधारित प्रकरणों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अडसूळ ने प्रशासन को निर्देश दिए कि बीएमसी में अनुसूचित जाति वर्ग के रिक्त पद जल्द भरे जाएं और पदोन्नति से जुड़े मामलों का निपटारा बिना देर किए किया जाए।

    🔍 बैठक में किन मुद्दों की समीक्षा हुई? — मुख्य बिंदु

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    1️⃣ बीएमसी के योजनागत खर्च और अनुसूचित जाति फंड का आढावा

    बैठक में सबसे पहले उस फंड का विस्तृत विवरण रखा गया जो अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों के लिए योजनाओं, कल्याण कार्यक्रमों और सामाजिक सहायता के तहत बीएमसी को प्राप्त होता है।
    अडसूळ ने कहा कि—

    • फंड का उपयोग समयबद्ध तरीके से हो,
    • योजनाएँ सीधे लाभार्थियों तक पहुँचे,
    • और रिपोर्टिंग पारदर्शी रहे।

    2️⃣ लाड पागे समिति और अनुकंपा नियुक्तियों पर चर्चा

    लाड पागे समिति से संबंधित प्रकरणों, लंबित प्रस्तावों और अनुकंपा पर नियुक्ति मामलों पर भी विस्तृत जानकारी आयोग के सामने प्रस्तुत की गई।
    आयोग ने प्रशासन से कहा कि ऐसी फाइलें लंबित न रहें और निर्धारित समय में निर्णय दिए जाएँ।

    3️⃣ रिक्त पदों की भरती और पदोन्नति—तुरंत कार्रवाई के निर्देश

    अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों के रिक्त पद लंबे समय से खाली हैं।
    अध्यक्ष अडसूळ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि—

    • भर्ती प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जाए
    • और जिन कर्मचारियों की पदोन्नति अटकी हुई है, उनके मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाया जाए।

    4️⃣ सफाई कर्मचारियों के आवास और कल्याण योजनाएँ

    बैठक में बीएमसी द्वारा सफाई कर्मचारियों के लिए चल रही आश्रय (हाउसिंग) योजनाओं की समीक्षा भी की गई।
    आयोग को बताया गया कि—

    • सफाई कर्मचारियों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य चल रहा है।
    • कई परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिया गया है और आगे की प्रक्रिया भी तेज़ है।

    5️⃣ दलित बस्तियों में बीएमसी की सेवाओं की जानकारी प्रस्तुत

    बीएमसी अधिकारियों ने बताया कि दलित वस्तियों में—

    • स्वास्थ्य सुविधा
    • सफाई व्यवस्था
    • पानी
    • सड़कें
    • और आवश्यक नागरिक सुविधाएँ
      नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
      आयोग ने सुझाव दिया कि इन सेवाओं की गुणवत्ता और भी बेहतर की जाए।

    👥 बैठक में उपस्थित अधिकारी

    बैठक में निम्न अधिकारी उपस्थित रहे:

    • सदस्य सचिव — गोरक्ष लोखंडे
    • उपायुक्त (सामान्य प्रशासन) — किशोर गांधी
    • उपायुक्त (विशेष अभियांत्रिकी) — यतीन दळवी
    • उपायुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) — किरण दिघावकर
    • संचालक (अभियांत्रिकी सेवा व प्रकल्प) — पुरुषोत्तम माळवदे
      साथ ही विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद थे।

    FAQ — सवाल और जवाब

    1. यह बैठक किस उद्देश्य से आयोजित की गई थी?

    बीएमसी द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के नागरिकों पर किए गए खर्च, योजनाओं की प्रगति, रिक्त पदों और आवास योजनाओं की समीक्षा के लिए।

    2. बैठक में मुख्य निर्देश क्या दिए गए?

    रिक्त पदों की भर्ती तेज़ करने, पदोन्नति के मामलों को तत्काल निपटाने और योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने के निर्देश दिए गए।

    3. क्या सफाई कर्मचारियों की आवास योजना पर भी चर्चा हुई?

    हाँ, बीएमसी ने बताया कि स्थायी घर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति हो रही है।

    4. क्या आयोग ने दलित बस्तियों की स्थिति पर भी चर्चा की?

    बीएमसी ने दलित बस्तियों में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं की जानकारी दी और आयोग ने इनके सुधार के सुझाव दिए।

    5. बैठक में कौन-कौन अधिकारी मौजूद थे?

    महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग और बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें किशोर गांधी, यतीन दळवी, किरण दिघावकर आदि शामिल रहे।

  • मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़, जल्द खुलेगा नागरिकों के लिए

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स में स्थित विजय सालसकर उद्यान का नवीनीकरण तेज़ी से पूरा हो रहा है। विधायक सुनील प्रभू ने निरीक्षण कर जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया।

    मुंबई: मालाड पूर्व में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय सालसकर उद्यान अब नई चमक के साथ तैयार हो रहा है। स्थानीय नागरिकों की लंबे समय से चल रही मांग और विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद उद्यान का नवीनीकरण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बुधवार को विधायक प्रभू ने मौके पर जाकर काम की प्रगति का निरीक्षण किया और भरोसा दिलाया कि यह उद्यान जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

    उद्यान की स्थिति और नवीनीकरण का सारांश

    मालाड पूर्व के वॉर्ड 36 में स्थित यह उद्यान कई सालों से जर्जर अवस्था में था। न मॉर्निंग वॉक के लिए पर्याप्त जगह, न बच्चों के खेलने की कोई सुविधा—स्थानीय लोग लगातार परेशान थे। विधायक सुनील प्रभू ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से बजट मंजूरी के लिए लगातार फॉलो-अप किया और अब 6,500 वर्गमीटर के इस उद्यान को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

    🏞️ उद्यान में क्या-क्या बदलेगा? — नवीनीकरण की प्रमुख बातें

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    1️⃣ 6500 वर्ग मीटर में आधुनिक सुविधाओं की नई लिस्ट

    विजय सालसकर उद्यान को पूरी तरह से रीडिज़ाइन किया जा रहा है, जिसमें नागरिकों की हर उम्र को ध्यान में रखा गया है।

    ✔ लिटिल किड्स प्ले ज़ोन

    • बच्चों के लिए सुरक्षित रॉक क्लाइम्बिंग गेम
    • नई प्ले-स्ट्रक्चर और ओपन एरिया

    ✔ फिटनेस कॉर्नर

    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • ओपन जिम जैसा अनुभव देने वाली मशीनें

    ✔ वॉकिंग ट्रैक

    • मॉर्निंग वॉकर्स के लिए मजबूत और चौड़ा वॉकवे
    • एंटी-स्किड सरफेस

    ✔ सीनियर सिटिजन कॉर्नर

    • आरामदायक आसन व्यवस्था
    • शांत बैठने और मिलने-जुलने की जगह

    ✔ व्यूइंग गैलरी

    • कॉलोनी को देखते हुए डिजाइन की गई गैलरी
    • परिवारों और बच्चों के लिए आकर्षण

    ✔ हरियाली और साफ-सुथरापन

    • पूरे उद्यान में नई प्राकृतिक घास
    • उद्यान की दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग्स और रंगरंगोटी

    🧑‍⚖️ निरीक्षण के दौरान कौन-कौन मौजूद रहा?

    निरीक्षण दौरे में विधायक एवं विभाग प्रमुख सुनील प्रभू के साथ कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें शामिल हैं:

    • शिवसेना महिला विधानसभा संघटक रीनाताई सुर्वे
    • वॉर्ड 36 के पूर्व नगरसेवक सुनील गुजर
    • रुचिता आरोसकर
    • कृष्णा सुर्वे
    • अशोक राणे
    • अल्पेश चव्हाण
    • बाळा शिरोडकर
    • वामन तिरोडकर
    • सुरेश करपे
    • सुशांत पांचाळ
    • सुशांत पारकर
    • अतुल पाखरे
      …और अन्य शिवसेना पदाधिकारी व कार्यकर्ता।

    विधायक ने अधिकारियों अमोल हितापे और ज्योती तुडस के साथ उद्यान का पूरा निरीक्षण किया और आवश्यक सुझाव भी दिए।


    FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. विजय सालसकर उद्यान कब तक खुलेगा?

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुनील प्रभू ने बताया कि नवीनीकरण लगभग पूरा है और उद्यान जल्द ही नागरिकों के लिए खुल जाएगा।

    2. उद्यान में कौन-कौन सी नई सुविधाएँ मिलेंगी?

    यहाँ बच्चों के लिए रॉक क्लाइम्बिंग, वॉकिंग ट्रैक, एक्सरसाइज उपकरण, सीनियर सिटिजन बैठने की जगह, व्यूइंग गैलरी और नई हरियाली जोड़ी जा रही है।

    3. उद्यान कितनी बड़ी जगह में फैला है?

    पूरा उद्यान करीब 6,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है।

    4. यह उद्यान किस इलाके में स्थित है?

    यह मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स, वॉर्ड 36 में स्थित है।

  • एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    मुंबई में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) के 1200 कर्मचारियों ने बीएमसी में सीधी नियुक्ति की मांग उठाई। ठेकेदार पर वेतन, सुविधाओं और भत्तों में लापरवाही के आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधीन राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) में 2016 से काम कर रहे करीब 1200 कर्मचारियों ने ठेकेदार डी.एस. इंटरप्रायज़ेस को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल करने की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें न वेतनवृद्धि, न पीएफ, न मेडिकल सुविधा और न ही कोरोना काल में मिला भत्ता नही दिया गया है।

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    🔹 क्या है पूरा मामला?

    महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे राज्य में एनयूएचएम चलाया जाता है। मुंबई में यह सभी कर्मचारी बीएमसी के अधीन स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात हैं।

    लेकिन दूसरी महानगरपालिकाओं की तरह सीधे नियुक्ति करने की बजाय बीएमसी ने डी.एस. इंटरप्रायज़ेस नामक ठेकेदार को जिम्मेदारी दी, जिसने निविदा के अनुसार कर्मचारी रखे।

    कर्मचारियों का कहना है कि—

    • 2016 से लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान
    • कोरोना महामारी में राउंड द क्लॉक काम
    • कम वेतन में मुंबई जैसे महंगे शहर में गुज़ारा बेहद मुश्किल
    • ठेकेदार की ओर से किसी भी प्रकार की सहयोग सुविधा नहीं
    • मासिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा खर्च पूरा करना कठिन

    🔹 सुविधाओं को लेकर गंभीर आरोप

    कर्मचारियों ने बताया कि डी.एस. इंटरप्रायज़ेस ने श्रम कानून और कॉन्ट्रैक्ट शर्तों का पालन नहीं किया।

    कर्मचारियों को नहीं मिल रही ये सुविधाएँ—

    • वेतनवृद्धि
    • प्रसूति अवकाश
    • पीएफ (Provident Fund)
    • स्वास्थ्य बीमा योजना
    • कोरोना भत्ता (विशेषकर डेटा ऑपरेटरों के लिए)

    कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना के दौरान कई साथी बीमार हुए, फिर भी प्रशासन और ठेकेदार की ओर से न कोई आर्थिक सहायता और न ही विशेष सुविधा दी गई।

    🔹 ‘मुंबई में इतने कम वेतन में जीना मुश्किल’

    कर्मचारियों का कहना है कि मुंबई जैसे महंगे शहर में इतनी कम तनख्वाह पर परिवार चलाना लगभग नामुमकिन हो रहा है। हर महीने—

    • घर किराया
    • बच्चों की फीस
    • मेडिकल खर्च
    • रोजमर्रा का खर्च

    इन सबके बीच गुज़ारा मुश्किल होता जा रहा है।

    🔹 यूनियन की मांग— बीएमसी में सीधी नियुक्ति

    म्युनिसिपल कर्मचारी कामगार सेना द्वारा उठाई गई मुख्य मांग—

    ठेकेदार हटाकर 1200 कर्मचारियों को बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में सीधे शामिल किया जाए।

    यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों ने हमेशा ईमानदारी से काम किया है, इसलिए उन्हें स्थाई या कम से कम सीधे नगरपालिका ढांचे में शामिल किया जाना चाहिए।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. एनयूएचएम कर्मचारी बीएमसी से क्या मांग कर रहे हैं?

    वे चाहते हैं कि ठेकेदार को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल किया जाए।

    Q2. कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें क्या हैं?

    पीएफ, मेडिकल सुविधा, वेतनवृद्धि, प्रसूति अवकाश और कोरोना भत्ता जैसी मूलभूत सुविधाएँ न मिलना।

    Q3. कितने कर्मचारी इस अभियान के तहत काम करते हैं?

    करीब 1200 कर्मचारी 2016 से लगातार सेवा दे रहे हैं।

    Q4. कोरोना काल में उन्हें क्या दिक्कतें आईं?

    उन्होंने बिना रुके काम किया लेकिन कोरोना भत्ता नहीं मिला, और बीमारी के समय सहायता भी नहीं मिली।

  • विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    विक्रोली पार्कसाइट में बीएमसी ने तीन खतरनाक इमारतें खाली कराईं

    बीएमसी ने विक्रोली पार्कसाइट के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में तीन अतिधोकादायक इमारतें खाली कराईं। कुल 28 इमारतों के पुनर्निर्माण का काम शुरू।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMc) ने विक्रोली पार्कसाइट क्षेत्र में चल रहे 28 इमारतों के बड़े पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत मंगलवार (18 नवंबर 2025) तीन अतिधोकादायक (C-1 श्रेणी) इमारतों को खाली करा दिया। यह पहली बार है जब बीएमसी खुद पूरे प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य संभाल रही है। पहले चरण में 9 इमारतों को खाली किया जाना था, जिनमें से 5 पहले ही खाली हो चुकी थीं।

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    🔹 प्रोजेक्ट का आकार: 28 इमारतें, दो चरणों में काम

    विक्रोली पार्कसाइट इलाके में सभी 28 इमारतें C-1 श्रेणी में आती हैं, जिन्हें नही रहने लायक खतरनाक घोषित किया गया है।

    • कुल प्रभावित इमारतें: 28
    • पहले चरण की इमारतें: 9
    • पहले से खाली की गईं: 5
    • मंगलवार खाली हुईं: 3
    • शेष के लिए कार्रवाई जल्द

    बीएमसी अधिकारी ने बताया कि खाली कराई गई इमारतों का निष्कासन (Demolition) जल्द शुरू किया जाएगा।

    🔹 बीएमसी अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई

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    कार्रवाई बीएमसी आयुक्त तथा प्रशासक भूषण गगराणी के निर्देश पर की गई।
    पूरी प्रक्रिया की निगरानी में शामिल अधिकारी:

    • अतिरिक्त आयुक्त (पूर्व उपनगर): डॉ. अमित सैनी
    • उपायुक्त (परिमंडल-6): संतोषकुमार धोंडे
    • सहायक आयुक्त (एन-वार्ड): डॉ. गजानन बेल्लाळे

    बीएमसी टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर को सुरक्षित तरीके से खाली कराया।

    🔹 67 परिवारों को मिला तात्कालिक आश्रय

    खाली कराई गई तीन इमारतों में कुल 67 भाड़ोत्री रह रहे थे।

    इन्हें भांडुप स्थित ओबेरॉय रियल्टी के PAP क्वार्टर्स में अस्थायी रूप से पुनर्वसित किया गया है।
    बीएमसी का कहना है कि किसी भी भाड़ोत्री को बेघर नहीं छोड़ा जाएगा।

    🔹 पुराने 280 sq ft के बदले मिलेगा 405 sq ft का नया घर

    पुनर्विकास पूरा होने पर भाड़ोत्रीओं को—

    पुराने 280 वर्ग फुट की जगह
    405 वर्ग फुट का नया घर

    विक्रोली पार्कसाइट में ही मालकी हक के साथ दिया जाएगा।

    यह बीएमसी के सबसे बड़े स्वनिर्मित पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स में शामिल है।

    🔹 नए एस-3 विंग में 13 मंज़िलों तक निर्माण पूरा

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    पहले चरण में प्रस्तावित S-3 बिल्डिंग के:

    • कुल मंज़िलें: 23
    • पूरा हुआ निर्माण: 13 मंज़िलें

    बीएमसी का दावा है कि निर्माण कार्य तय समय सीमा में आगे बढ़ रहा है।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. विक्रोली पार्कसाइट में कितनी इमारतों का पुनर्विकास हो रहा है?

    बीएमसी कुल 28 इमारतों का पुनर्विकास कर रही है।

    Q2. मंगलवार को कितनी इमारतें खाली कराई गईं?

    मंगलवार को तीन अतिधोकादायक (C-1) इमारतों को खाली कराया गया।

    Q3. भाड़ोत्रीओं को अस्थायी घर कहाँ दिया गया है?

    उन्हें भांडुप के ओबेरॉय रियल्टी में पीएपी क्वार्टर्स में ठहराया गया है।

    Q4. पुनर्विकास के बाद उन्हें कितना बड़ा फ्लैट मिलेगा?

    पहले के 280 sq ft के बदले 405 sq ft का फ्लैट मिलेगा।

    Q5. निर्माण कार्य कितनी प्रगति पर है?

    S-3 इमारत में 23 में से 13 मंज़िलें बन चुकी हैं।

  • सीनियर सिटीजन को 30% टैक्स छूट का मैसेज फर्जी: BMC ने किया अलर्ट

    सीनियर सिटीजन को 30% टैक्स छूट का मैसेज फर्जी: BMC ने किया अलर्ट

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “ज्येष्ठ नागरिकों को 30% प्रॉपर्टी टैक्स छूट” वाले संदेश को BMC ने फर्जी बताया। निगम ने अपील की—नागरिक वॉर्ड ऑफिस न पहुंचें।

    मुंबई: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे उस संदेश को BMC ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि महाराष्ट्र सरकार के हाउसिंग पॉलिसी 2025 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनकी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 30% टैक्स छूट दी जा रही है। BMC ने साफ कहा है कि नगर निगम अधिनियम 1888 में ऐसी कोई भी प्रावधान नहीं है और वरिष्ठ नागरिक अनावश्यक रूप से वॉर्ड ऑफिसों में भीड़ न लगाएँ।

    सोशल मीडिया पर वायरल मैसेज से बढ़ी वॉर्ड ऑफिसों में भीड़

    पिछले कुछ दिनों से WhatsApp, Facebook और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक संदेश बड़े पैमाने पर वायरल हो रहा था।
    उसमें लिखा था कि “ज्येष्ठ नागरिक को उनकी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 30% प्रॉपर्टी टैक्स छूट मिलेगी”।

    इस संदेश को सच मानकर कई वरिष्ठ नागरिक मुंबई के अलग–अलग BMC वॉर्ड ऑफिसों में जानकारी के लिए पहुंच रहे थे।
    प्रशासन को अचानक बढ़ी भीड़ से दिक्कतें भी हुईं।

    BMC ने दिया स्पष्ट बयान: यह मैसेज 100% फर्जी

    बीएमसी ने प्रेस नोट जारी कर कहा—

    • नगर निगम अधिनियम 1888 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 30% टैक्स छूट का कोई नियम नहीं है।
    • नागरिक ऐसे मैसेज पर विश्वास न करें।
    • किसी भी प्रकार की पूछताछ के लिए वॉर्ड ऑफिस न आएँ, ताकि उन्हें बेवजह परेशानी न झेलनी पड़े।

    प्रशासन ने इसे सोशल मीडिया अफवाह करार दिया है।

    कौन-सी छूट वास्तव में लागू है? BMC ने बताया

    BMC ने सही जानकारी साझा करते हुए कहा—

    ✔ 1. 500 sq ft से कम रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर टैक्स छूट

    1 जनवरी 2022 से मुंबई में 500 वर्ग फुट या उससे कम क्षेत्र वाली रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज को टैक्स में छूट दी गई है।

    ✔ 2. माजी सैनिक और शहीद परिवार को भी छूट

    • पूर्व सैनिक
    • उनकी विधवा
    • शहीद सैनिकों के अविवाहित परिवारजन
      इनकी एक प्रॉपर्टी को टैक्स में छूट मिलती है (शासन के टैक्स को छोड़कर)।

    ✔ वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई अलग से छूट नहीं

    बीएमसी ने दोहराया कि ज्येष्ठ नागरिकों के लिए 30% टैक्स छूट का संदेश पूरी तरह गलत है।


    FAQ सेक्शन

    1. क्या मुंबई में वरिष्ठ नागरिकों को प्रॉपर्टी टैक्स में 30% छूट मिलती है?

    नहीं, बीएमसी ने साफ कहा है कि ऐसा कोई नियम मौजूद नहीं है। वायरल मैसेज पूरी तरह फर्जी है।

    2. क्या इस फर्जी मैसेज के कारण बीएमसी कार्यालयों में भीड़ बढ़ी?

    हाँ, कई वरिष्ठ नागरिक वॉर्ड ऑफिस पहुंच गए थे, इसलिए बीएमसी ने स्पष्टीकरण जारी किया।

    3. वास्तव में मुंबई में किसे टैक्स छूट मिलती है?

    500 sq ft से कम क्षेत्र वाली रिहायशी प्रॉपर्टी को और पूर्व सैनिक/शहीद परिवार को छूट मिलती है।

    4. वरिष्ठ नागरिकों को कोई विशेष टैक्स छूट है?

    नहीं, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से कोई छूट लागू नहीं है।

    5. सही जानकारी कहाँ से लें?

    बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट, प्रेस नोट या वॉर्ड ऑफिस में अधिकृत अधिकारियों से।

  • मुंबई में CNG संकट: GAIL पाइपलाइन नुकसान से सप्लाई ठप

    मुंबई में CNG संकट: GAIL पाइपलाइन नुकसान से सप्लाई ठप

    GAIL की पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने से मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में CNG सप्लाई बुरी तरह प्रभावित। MGL ने कहा—18 नवंबर दोपहर तक सप्लाई बहाल होने की उम्मीद।

    मुंबई: रविवार से शुरू हुआ CNG संकट अब पूरे शहर में असर दिखा रहा है। वडाला स्थित GAIL पाइपलाइन को हुए बड़े नुकसान की वजह से Mahanagar Gas Limited (MGL) का मुख्य City Gate Station बंद हो गया, जिससे कई CNG पंप बंद पड़ गए या बेहद कम प्रेशर पर चल रहे हैं। इससे ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कई बस सेवाएं ठप जैसी स्थिति में आ गईं। MGL ने बताया कि घरेलू PNG सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है और 18 नवंबर दोपहर तक CNG सप्लाई सामान्य होने की संभावना है।

    CNG संकट क्यों हुआ? पाइपलाइन डैमेज ने पूरा सिस्टम बिगाड़ा

    मुंबई के वडाला में स्थित RCF प्लांट के पास GAIL की एक अहम पाइपलाइन को नुकसान पहुंच गया। यह पाइपलाइन सीधे MGL के Wadala CGS (City Gate Station) को गैस सप्लाई करती है।
    जैसे ही यह सप्लाई रुकी—

    • MGL का पूरा CNG नेटवर्क प्रभावित हुआ,
    • शहर के कई CNG स्टेशनों ने ऑपरेशन रोक दिया,
    • और पब्लिक ट्रांसपोर्ट लगभग आधा ठप हो गया।

    MGL के मुताबिक, कुल 389 CNG स्टेशनों में से सिर्फ 225 ही चालू रह पाए।

    घरों में PNG चालू, लेकिन ऑटो-टैक्सी को बड़ा झटका

    MGL ने साफ कहा है कि घरेलू PNG सप्लाई बंद नहीं होगी।
    इसलिए उद्योगों और बड़े कमर्शियल उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ईंधन पर शिफ्ट होने की सलाह दी गई है।

    हालांकि, CNG पर चलने वाले हजारों ऑटो और टैक्सियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
    सुबह से ही कई पंपों पर लंबी लाइनें लगी थीं।

    गोरगांव (वेस्ट) के एक ऑटो ड्राइवर ने बताया—
    “मैं रोज अपने लिए दो–तीन दिन का गैस स्टॉक भरकर रखता हूं, इसलिए थोड़ा चल पा रहा हूं। बाकी ज्यादातर ड्राइवर्स लाइन में फंसे हैं या गाड़ी ही नहीं निकाली।”

    सबर्बन इलाकों में ऑटो लगभग गायब, BEST पर बढ़ा दबाव

    सोमवार सुबह मुंबई के कई इलाकों में स्थिति यह रही—

    • जोगेश्वरी, अंधेरी, मालाड, मुलुंड, ठाणे में ऑटो रिक्शा करीब आधे से भी कम दिखे।
    • नॉन-ओनर ड्राइवर, जो रोज गैस भरते हैं, उन्होंने गाड़ी चलाना बंद किया।
    • कुछ BEST बस रूटों पर भारी भीड़ देखी गई, खासकर BKC, गोरगाांव ईस्ट, और मालाड में।

    BEST पर संकट कम इसलिए आया क्योंकि बस बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
    MGL संचालित CNG बसें 2026 तक पूरी तरह हटने वाली हैं।

    सप्लाई कब ठीक होगी? MGL ने दिया अपडेट

    MGL का कहना है कि—

    • पाइपलाइन नुकसान ठीक होते ही सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
    • 18 नवंबर 2025 दोपहर तक नेटवर्क सामान्य होने की संभावना है।

    Axis Capital के एनालिस्ट आदित्य वेलेकर के मुताबिक,
    “इस घटना का MGL पर बड़ा आर्थिक असर नहीं पड़ेगा।”

    MGL की क्षमता: कितने स्टेशन हैं?

    Q2 FY26 के अनुसार—

    • कुल CNG स्टेशन: 485
    • इस तिमाही में जोड़े गए स्टेशन: 14
    • FY26 में जोड़ने का लक्ष्य: 80 स्टेशन

    FAQ

    1. मुंबई में CNG सप्लाई क्यों बंद हुई?

    वडाला में GAIL की एक मुख्य पाइपलाइन डैमेज होने से MGL का City Gate Station बंद हो गया, जिससे शहरभर में CNG सप्लाई प्रभावित हुई।

    2. सप्लाई कब बहाल होगी?

    MGL ने कहा है कि 18 नवंबर 2025 दोपहर तक सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद है।

    3. घरेलू PNG पर कोई असर पड़ा है?

    नहीं, घरेलू PNG सप्लाई को प्राथमिकता दी गई है और यह बिना रुकावट जारी है।

    4. कौन-कौन से वाहन सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?

    ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और कुछ CNG बसें सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं।

    5. क्या सभी CNG पंप बंद हैं?

    नहीं, MGL के कुल 389 में से 225 CNG पंप चालू रहे, लेकिन कई कम प्रेशर पर चल रहे हैं।

  • मुंबई में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, एम-वेस्ट में डिजिटल सर्वे

    मुंबई में जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, एम-वेस्ट में डिजिटल सर्वे

    मुंबई के एम-वेस्ट वार्ड में जनगणना-2027 की पूर्व जांच शुरू हो गई है। डिजिटल तरीके से घरयादी व घरगणना की प्रक्रिया 30 नवंबर 2025 तक चलेगी। कुल 135 प्रगणक और 22 पर्यवेक्षक क्षेत्र में तैनात किए गए हैं।

    मुंबई: जनगणना-2027 की तैयारी अब तेज़ हो गई है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के एम-वेस्ट विभाग में घरयादी और घरगणना की पूर्व जांच शुरू हो चुकी है। 10 से 30 नवंबर 2025 तक चलने वाली इस प्रक्रिया में पहली बार पूरी जनगणना को डिजिटल फॉर्मेट में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वे के लिए 135 प्रगणक और 22 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जबकि DLM App और HLO App के ज़रिए पूरा डेटा ऑनलाइन कैप्चर किया जाएगा।

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    पूर्व जांच में डिजिटल गणना, BMC ने संभाली जिम्मेदारी

    जनगणना-2027 को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में मुंबई महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एम-वेस्ट वार्ड में घरों की सीमा, बिल्डिंगों की संख्या और परिवारों की जानकारी DLM App और HLO App के ज़रिए दर्ज की जा रही है। इसके लिए CMMS पोर्टल पर रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी की जा रही है, ताकि किसी तरह की त्रुटि न रह जाए।

    135 प्रगणक और 22 पर्यवेक्षक तैनात

    पूर्व जांच के लिए BMC ने एम-वेस्ट वार्ड में 142 घरयादी गट बनाए हैं। हर क्षेत्र में जिम्मेदारी निभाने के लिए कुल 135 प्रगणक और 22 सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं। इन सभी को 6 से 8 नवंबर तक डिजिटल प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि ऐप आधारित सर्वे सुचारू रूप से हो सके।

    राज्यभर में तीन जिलों में हो रही टेस्टिंग

    महाराष्ट्र में जनगणना की यह पूर्व जांच सिर्फ तीन स्थानों पर हो रही है—

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    • मुंबई का एम-वेस्ट वार्ड (आंशिक)
    • जलगांव जिला – चोपड़ा तहसील (आंशिक)
    • कोल्हापुर जिला – गगनबावड़ा तहसील

    ये क्षेत्र नमूना परीक्षण के तौर पर चुने गए हैं, ताकि 2027 में होने वाली राष्ट्रीय जनगणना को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया निरीक्षण दौरा

    पूर्व जांच के कामकाज की समीक्षा हाल ही में एक उच्चस्तरीय बैठक में की गई, जिसमें—

    • महाराष्ट्र सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव (GAD) सीमा व्यास,
    • जनगणना विभाग की महानिदेशक डॉ. निरुपमा डांगे,
    • उप महानिबंधक ए. एन. राजीव,
    • तथा BMC की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शहा शामिल हुईं।

    इस दौरान प्रगणकों के काम की प्रत्यक्ष समीक्षा भी की गई और निर्देश दिए गए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    1. जनगणना 2027 की पूर्वचाचणी क्या है?

    यह जनगणना की वास्तविक प्रक्रिया से पहले की टेस्टिंग है, जिसके जरिए सिस्टम, ऐप, सर्वे प्रक्रिया और फील्ड वर्क का परीक्षण किया जाता है।

    2. यह पूर्वचाचणी मुंबई में कहाँ हो रही है?

    मुंबई में यह प्रक्रिया बृहन्मुंबई महानगरपालिका के एम-वेस्ट वार्ड में चल रही है।

    3. जनगणना पहली बार डिजिटल क्यों की जा रही है?

    डिजिटल प्रक्रिया से डेटा तेजी से और अधिक सटीकता के साथ इकट्ठा होता है, जिससे राष्ट्रीय स्तर की रिपोर्ट बनाना आसान होता है।

    4. कितने कर्मचारी तैनात किए गए हैं?

    कुल 135 प्रगणक और 22 पर्यवेक्षक इस सर्वे में काम कर रहे हैं।

    5. सर्वे कब तक चलेगा?

    10 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक पूर्वचाचणी का फील्ड वर्क चलेगा।

  • सलमान खान ने दिखाई जबरदस्त फ्लेक्सिबिलिटी, शेयर की मजेदार स्ट्रेचिंग फोटो

    सलमान खान ने दिखाई जबरदस्त फ्लेक्सिबिलिटी, शेयर की मजेदार स्ट्रेचिंग फोटो

    सलमान खान ने सोशल मीडिया पर अपनी नई स्ट्रेचिंग फोटो शेयर कर फैंस को चौंका दिया। द-बैंग टूर, फिटनेस रूटीन और उनकी आने वाली फिल्म बैटल ऑफ गलवान को लेकर फिर बढ़ी चर्चा।

    मुंबई: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने एक बार फिर अपनी फिटनेस और फ्लेक्सिबिलिटी दिखाकर सोशल मीडिया पर धमाल मचा दिया। शुक्रवार को सलमान ने दबंग टूर, कतर के दौरान बैकस्टेज से एक मजेदार स्ट्रेचिंग फोटो शेयर की, जिसे देखकर फैंस उनकी फिटनेस पर एक बार फिर फिदा हो गए। फोटो में सलमान अपनी टांगों को स्ट्रेच करते दिख रहे हैं और कैप्शन में सिर्फ लिखा— “Aahhhhaaa”

    सोशल मीडिया पर फैंस का प्यार—‘हीरो’, ‘स्टे स्ट्रॉन्ग’ जैसी प्रतिक्रियाओं की बाढ़

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    फोटो शेयर होते ही इंस्टाग्राम पर कमेंट्स की लाइन लग गई।
    एक यूज़र ने लिखा—“Wow… hero!”
    दूसरे ने कमेंट किया—“Stay strong always.”

    सलमान की यह तस्वीर दबंग टूर में उनकी एनर्जी और फिजिकल फिटनेस को दर्शाती है, जो उम्र के इस पड़ाव पर भी फैंस को हैरान कर देती है।

    पहले भी शेयर की थीं शर्टलेस तस्वीरें, दिखाए थे सिक्स-पैक एब्स

    Salman-Khan-shows-off-his-incredible-flexibility-shares-a-fun-stretching-photo-2

    कुछ दिन पहले सलमान खान ने अपनी वर्कआउट सेशन की शर्टलेस फोटो भी पोस्ट की थी।
    उन्होंने कैप्शन में लिखा था—
    “Kuch haasil karne ke liye kuch chhodna padta hai… yeh bina chhode hai.”

    इन तस्वीरों में सलमान अपनी सिक्स-पैक एब्स और रग्ड फिजीक फ्लॉन्ट करते नजर आए थे, जो सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हुआ।

    फिल्मी मोर्चे पर—‘बैटल ऑफ गलवान’ में सेना के किरदार में नज़र आएंगे सलमान

    सलमान खान जल्द ही निर्देशक अपूर्व लखिया की फिल्म ‘Battle of Galwan’ में भारतीय सेना की वर्दी में दिखेंगे।
    फिल्म 2020 में भारत-चीन गलवान घाटी में हुई झड़प पर आधारित है, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे।

    फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह नज़र आएंगी।
    शूटिंग और तैयारी को लेकर सलमान इन दिनों काफ़ी व्यस्त हैं।


    FAQ

    1. सलमान खान ने कौन सी नई फोटो शेयर की?

    द-बैंग टूर कतर से बैकस्टेज स्ट्रेचिंग करते हुए अपनी एक मजेदार तस्वीर।

    2. फैंस ने क्या प्रतिक्रिया दी?

    फैंस ने “Wow hero”, “Stay strong always” जैसे ढेरों कमेंट किए।

    3. सलमान की अगली फिल्म कौन सी है?

    अपूर्व लखिया की फिल्म बैटल ऑफ गलवान, जिसमें वे भारतीय सेना का किरदार निभाएंगे।

    4. क्या हाल ही में सलमान ने वर्कआउट फोटो भी शेयर की थी?

    हाँ, उन्होंने सिक्स-पैक एब्स वाली शर्टलेस वर्कआउट तस्वीरें भी शेयर की थीं।

  • घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक बदलाव, 6 महीने चलेगी दिक्कत

    घोड़बंदर रोड पर ट्रैफिक बदलाव, 6 महीने चलेगी दिक्कत

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल परियोजना के काम के चलते मुल्लाबाग इलाके में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक बदलाव 11 मई 2026 तक लागू रहेंगे। घोड़बंदर रोड पर रोज बढ़ रही जाम की समस्या और बदली गई रूट डिटेल पढ़ें।

    मुंबई: ठाणे और बोरीवली के बीच डबल टनल प्रोजेक्ट के निर्माण के चलते ठाणे ट्रैफिक पुलिस ने मुल्लाबाग क्षेत्र में करीब छह महीने के लिए बड़े ट्रैफिक बदलाव लागू किए हैं। यह बदलाव 14 नवंबर से 11 मई 2026 तक रहेंगे। घोड़बंदर रोड पर पहले से ही भारी जाम की स्थिति है, और नए रूट बदलाव का असर हजारों यात्रियों पर पड़ने की संभावना है।

    घोड़बंदर रोड पर रोज़ाना जाम, यात्रियों का बुरा हाल

    ठाणे, भिवंडी और कल्याण से बोरिवली की ओर आने और जाने वाले यात्रियों को घोड़बंदर घाट रोड पर पहले से भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। सड़क की खराब हालत और रोज-रोज की जाम से लोग परेशान हो चुके हैं। इसी बीच टनल प्रोजेक्ट के कारण ट्रैफिक स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने वाली है।

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल का काम तेज़, मशीनों की आवाजाही शुरू

    एमएमआरडीए द्वारा बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट का काम मुल्लाबाग, घोड़बंदर रोड की तरफ़ तेज़ी से जारी है। संजय गांधी नेशनल पार्क के नीचे से 11.8 किमी लंबा भारत का सबसे बड़ा और सबसे लंबा डबल टनल बनाया जा रहा है।
    यह टनल पूरा होने पर मौजूदा 60–90 मिनट का सफर घटकर सिर्फ 15 मिनट में पूरा होने का दावा किया गया है।

    6 महीने तक रहेगा ट्रैफिक बदलाव

    ठाणे ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 14 नवंबर से 11 मई 2026 तक रूट बदले रहेंगे।
    मुल्लाबाग इलाके में टनल के निर्माण के लिए भारी वाहन, मशीनें और कंस्ट्रक्शन मटीरियल ले जाने वाले ट्रक लगातार आवाजाही करेंगे, इसलिए सड़क पर सामान्य वाहनों की मूवमेंट में बदलाव किया गया है।

    असली बदलाव क्या है?

    • हिलक्रेस्ट हाउसिंग सोसाइटी से नीलकंठ ग्रीन की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया है।
    • इस क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश सत्या शंकर हाउसिंग सोसाइटी के पास बंद कर दिया गया है।
    • वाहन अब विपरीत दिशा वाली लेन से आवाजाही करेंगे, जिससे इस हिस्से में जाम बढ़ने की संभावना है।

    ट्रैफिक डीसीपी पंकज शिरसाट ने आधिकारिक आदेश जारी किया है।

    यात्रियों को अगले कई महीनों तक परेशानी का अनुमान

    चूंकि मुल्लाबाग रूट पहले से ही घोड़बंदर रोड की कंजेशन का विकल्प माना जाता रहा है, इसलिए यहां ट्रैफिक बदले जाने से दिक्कतें और बढ़ सकती हैं।
    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें और यात्रा समय बढ़ाकर चलें।


    FAQ सेक्शन

    1. ट्रैफिक बदलाव कितने समय तक लागू रहेंगे?

    14 नवंबर 2024 से 11 मई 2026 तक, यानी लगभग छह महीने से भी ज़्यादा।

    2. ट्रैफिक बदलाव किस वजह से किया गया है?

    ठाणे–बोरीवली डबल टनल प्रोजेक्ट के निर्माण, मशीनरी और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण।

    3. कौन-सा रूट बंद किया गया है?

    हिलक्रेस्ट सोसायटी से नीलकंठ ग्रीन की ओर जाने वाला मार्ग बंद किया गया है।

    4. यात्रा पर इसका क्या असर पड़ेगा?

    विपरीत लेन से आवाजाही होने के कारण जाम बढ़ेगा और यात्रा समय ज्यादा लगेगा।

    5. टनल बनने के बाद क्या फायदा होगा?

    ठाणे से बोरीवली का 1 घंटे से अधिक का सफर सिर्फ 15 मिनट में पूरा होगा।

  • बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल बंद

    बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल बंद

    वेस्टर्न रेलवे ने बोरीवली स्टेशन पर खराब सफाई और घटिया गुणवत्ता के कारण दो फूड स्टॉल सील कर दिए। अचानक की गई जांच में खानपान की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। जानें पूरा मामला।

    मुंबई: वेस्टर्न रेलवे ने गुरुवार को बोरीवली स्टेशन पर अचानक जांच के दौरान खराब सफाई और असंतोषजनक खाद्य गुणवत्ता पाए जाने पर दो फूड स्टॉल पर कार्रवाई की। प्लेटफॉर्म 4/5 और 6/7 पर चल रहे इन स्टॉल्स को तुरंत बंद करने का आदेश दिया गया है। यह कार्रवाई मुंबई के पूरे सबअर्बन नेटवर्क में चल रही खाद्य सुरक्षा चेकिंग ड्राइव का हिस्सा है।

    अचानक जांच में मिली गंदगी, स्टॉल तुरंत सील

    वेस्टर्न रेलवे की टीम ने नियमित निरीक्षण के दौरान बोरीवली स्टेशन पर दो फूड स्टॉल्स—M/s Choleshchand Tea Stall (प्लेटफॉर्म 4/5) और Dilip Dilhoud Stall (प्लेटफॉर्म 6/7)—में गंदगी, खराब सफाई और घटिया भोजन की गुणवत्ता पाई।
    निरीक्षण रिपोर्ट “अनसैटिस्फैक्टरी” आने के बाद दोनों स्टॉल्स को तुरंत बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया।

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    मुंबई लोकल नेटवर्क में जारी है सफाई ड्राइव

    अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई किसी एक दिन का मामला नहीं है, बल्कि मुंबई के पूरे लोकल रेल नेटवर्क में चल रहे फूड सेफ्टी ड्राइव का हिस्सा है।
    बोरीवली जैसे हाई-फुटफॉल स्टेशनों पर रोज़ाना लाखों यात्री आते हैं, ऐसे में रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि खाने-पीने की दुकानों में सफाई और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।

    यात्रियों की शिकायतें बनी वजह

    रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यात्रियों की ओर से कई बार स्टेशनों के स्टॉल्स पर महीन सफाई, बदबूदार तेल, बेस्वाद चाय-कॉफी, और खराब पैक्ड आइटम्स की शिकायतें मिलती रही हैं।
    दैनिक चेकिंग से न सिर्फ़ दुकानदारों की जवाबदेही तय होती है, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएँ मिलती हैं।

    स्टॉल्स को दोबारा खोलने से पहले कड़ी जांच होगी

    अधिकारियों ने बताया कि दोनों स्टॉल्स को तभी दोबारा चालू करने की अनुमति दी जाएगी, जब वे रेलवे के सभी तय सेफ्टी और हाइजीन मानकों को पूरा करेंगे।
    रेलवे उनकी कंप्लायंस रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद ही आगे निर्णय लेगा।


    FAQ सेक्शन

    1. बोरीवली स्टेशन पर किन फूड स्टॉल्स को बंद किया गया?

    दो स्टॉल्स—M/s Choleshchand Tea Stall (प्लेटफॉर्म 4/5) और Dilip Dilhoud Stall (प्लेटफॉर्म 6/7)—को बंद किया गया है।

    2. रेलवे ने कार्रवाई क्यों की?

    अचानक जांच में दोनों स्टॉल्स पर खराब सफाई, गंदगी और असंतोषजनक भोजन गुणवत्ता पाई गई।

    3. क्या यह एक नियमित ड्राइव का हिस्सा है?

    जी हाँ, मुंबई के सभी स्टेशनों पर रेलवे द्वारा चलाए जा रहे फूड सेफ्टी ड्राइव के तहत यह कार्रवाई की गई।

    4. स्टॉल कब दोबारा खुलेंगे?

    जब तक वे रेलवे की सभी हाइजीन और गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं कर लेते, उन्हें संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।

    5. क्या यात्रियों से शिकायतें मिली थीं?

    हां, यात्रियों ने पहले भी कई बार खराब क्वालिटी और गंदगी की शिकायतें की थीं। यह कार्रवाई उसी दिशा में उठाया गया कदम है।