Category: Mumbai News

  • मुख्यमंत्री ने किया ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन, कहा- गुलामी की निशानी को हटा दिया।

    मुख्यमंत्री ने किया ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन, कहा- गुलामी की निशानी को हटा दिया।

    Maharashtra News: ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में एक ब्रिज को समर्पित किया। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन कर इसकी जानकारी दी। Chief Minister inaugurated ‘Sindoor Bridge’ and said that the symbol of slavery has been removed.

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर एक ब्रिज का नाम रखा गया है। आज गुरुवार से ही आम जनता के लिए इसका आगाज कर दिया गया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन किया। इसके पहले यह ब्रिज कार्नैक ब्रिज के नाम से जाना जाता था। इस ब्रिज के उद्घाटन के मौके पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा भी मौजूद थे।

    मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने ‘सिंदूर ब्रिज’ के उद्घाटन के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, ‘आज बहुत खुशी की बात है कि मुंबई में ‘सिंदूर ब्रिज’ का उद्घाटन हो रहा है। हम सभी जानते हैं कि पुराना कार्नैक ब्रिज बहुत जर्जर हो गया था, इसलिए उसे तोड़ कर वहां एक नया ब्रिज बनाया गया है। ऐसे में उसे उसी पुराने नाम से उद्घाटन करना हमें गलत लगा। क्यों कि पुराना नाम ब्रिटिश शासन के गवर्नर को समर्पित किया गया था।’Chief Minister inaugurated ‘Sindoor Bridge’ and said that the symbol of slavery has been removed.

    हिन्दुस्तानियों पर अत्याचार

    उन्होंने कहा, ‘ब्रिटिश गवर्नर जिसने हिंदुस्तानियों पर बहुत अत्याचार किया था, खासकर सतारा के प्रताप सिंह राजे और नागपुर के उद्धव राजे को अलग-अलग षड्यंत्र में फंसाने का प्रयास किया था। इतना ही नहीं, कई लोगों को जान से मारने का काम किया, इसलिए हमने अत्याचारी गवर्नर का नाम बदलकर सिंदूर का नाम देने का निर्णय लिया।’ उन्होंने आगे कहा, कि “हम सभी जानते हैं कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतवासियों के मन में बस गया है। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पहली बार अपनी ताकत को दिखाया और पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को खत्म करने का काम किया।”

    स्वतंत्र भारत का अमृतकाल

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के बयानों को भी दोहराया, उन्होंने कहा, ‘पीएम मोदी ने बार-बार यह कहा है कि स्वतंत्रता के अमृतकाल में गुलामियों की निशानी को मिटाकर हमें अपनी निशानियों को तरजीह देनी है। इसी सिलसिले को जारी रखते हुए ये निर्णय लिया गया है।’ बता दें कि यह पुल दक्षिण मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों को जोड़ता है। इस ब्रिज का नाम बंबई प्रांत के पूर्व गवर्नर जेम्स रिवेट कार्नैक के नाम पर रखा गया था, जिसने 1839 से 1841 तक इस पद पर रहा। अब इस पुल का नाम बदलकर ‘सिंदूर ब्रिज’ कर दिया गया है।

  • मुंबई में रुकी हुई बारिश गुरुवार से और भी कम हो जाएगी।

    मुंबई में रुकी हुई बारिश गुरुवार से और भी कम हो जाएगी।

    क्षेत्रीय मौसम विभाग ने बुधवार को मुंबई के लिए अपने बारिश के पूर्वानुमान में एक बार फिर संशोधन किया है। इसके पहले विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी थी।

    मुंबई: शहर के लिए क्षेत्रीय मौसम विभाग का पूर्वानुमान एकबार फिर गलत साबित हुआ है। भारी बारिश की चेतावनी कै बीच बुधवार को एक बार फिर संशोधन किया गया। हालाँकि, हकीकत में, शहर और उपनगरों में दिन भर बूंदाबांदी होती रही। इसके साथ ही मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि जो भारी बारिश नहीं हुई है, वह गुरुवार से और भी कम हो जाएगा।

    इसके पहले मौसम विभाग ने बुधवार को मुंबई शहर और उपनगरों में भारी बारिश की भविष्यवाणी की थी। इसके साथ ही मंगलवार को ठाणे और पालघर में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। दरअसल, बुधवार को बारिश ने विभाग की चेतावनियों को झुठला दिया। मुंबई शहर और उपनगरों के कुछ हिस्सों में सुबह से ही बारिश शुरू थी। भारी बारिश का सामना करने की तैयारी कर रहे मुंबईकरों को दिन भर बारिश का इंतजार करना पड़ा। शहर और उपनगरों के अलग-अलग हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। कुछ इलाकों में दिन भर रुक-रुक कर हल्की बौछारें पड़ीं। इस बीच स्कूल और कार्यालय समय पर खुले रहे।

    वास्तव में बहुत कम हुई बारिश

    पिछले दो-तीन दिनों से बारिश का दौर जारी है। महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों में हर जगह बारिश हो रही है। हालाँकि, मुंबई अभी भी भारी बारिश का इंतज़ार कर रही है। भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद, मौसम विभाग के कोलाबा केंद्र ने बुधवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक 3 मिमी और सांताक्रूज़ केंद्र पर 1 मिमी बारिश दर्ज की।

    मौसम विभाग की भविष्यवाणी

    पिछले कुछ वर्षों से मौसम विभाग के पूर्वानुमान चर्चा का विषय रहे हैं। पिछले दो वर्षों से अधिकांश बरसात को लेकर पूर्वानुमान गलत रहे हैं। सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार, मौसम विभाग के पूर्वानुमानों की सटीकता पचास प्रतिशत भी सही नहीं रही है। आरटीआई से पता चला है कि क्षेत्रीय मौसम विभाग का 2020 और 2024 के बीच मुंबई में भारी बारिश का पूर्वानुमान 46 प्रतिशत सही रहा, जबकि 54 प्रतिशत गलत साबित हुए हैं।

    आरटीआइ से मिली जानकारी

    मुंबई के लिए मौसम विभाग द्वारा दिए गए पूर्वानुमान अक्सर गलत रहे हैं। यह स्पष्ट हो गया है कि अक्सर उन्हें समय पर घोषित नहीं किया गया है। पर्यावरण के जानकारों ने आरटीआइ तहत क्षेत्रीय मौसम विभाग से मुंबई में बारिश को लेकर पूर्वानुमान के बारे में पूछा था। उस समय प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुंबई में 41 प्रतिशत पूर्वानुमान गलत रहे हैं। कभी-कभी पूर्वानुमान से कम बारिश हुई है। इसलिए, यह स्पष्ट है कि मौसम विभाग ने इसकी घोषणा नहीं की है, जबकि 4 प्रतिशत पूर्वानुमान गंभीर है।

  • “मैंने 26/11 को मुंबई को बचाया, राज ठाकरे के योद्धा कहां थे?”

    “मैंने 26/11 को मुंबई को बचाया, राज ठाकरे के योद्धा कहां थे?”

    पूर्व कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया उन कुछ गैर-राजनीतिक आवाजों में से एक हैं जो महाराष्ट्र की राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सामने आए हैं। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    मुंबई: 26/11 के आतंकवाद के खिलाफ अभियान में शामिल एक पूर्व कमांडो ने मराठी भाषा विवाद को लेकर ठाकरे परिवार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया, कि 2008 में जब मुंबई में आतंकवाद हमला हुआ था, तब राज ठाकरे के समर्थक छिपे हुए थे। उस वक्त आतंकवाद से लड़ने वाले वीर योद्धा कहीं और के नहीं बल्कि यूपी बिहार के सैन्यकर्मी थे। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    प्रवीण कुमार तेवतिया उन कुछ गैर-राजनीतिक आवाजों में से एक हैं जो महाराष्ट्र की राजनीति के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर सामने आकर सवाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, भाषा विवाद को लेकर राजनीति करना अच्छी बात नही है। इसके अलावा भी राज्य और देश के हितों पर विचार किया जाना चाहिए। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    कौन है प्रवीण कुमार ?

    मरीन कमांडो फ़ोर्स (MCF), जिसे संक्षेप में MARCOS कहा जाता है, भारतीय नौसेना का एक विशेष बल है। भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडो प्रवीण कुमार तेवतिया उन 26/11 आतंकवादी हमले में आतंकवादीयों की गोलियों के बीच सामना करने वाले एक बहादुर सैनिक है। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    मैने महाराष्ट्र के लिए खून बहाया

    ’26/11 ब्रेवहार्ट: माई एनकाउंटर विद टेररिस्ट्स दैट नाइट’ नामक पुस्तक के लेखक श्री तेवतिया ने कहा, “मैंने 26/11 को मुंबई हमले के दौरान उस वक्त आतंकवादियों का सामना किया था जब हमलावर लोगों को गोलियों से छन्नी कर रहे थे। मैं महाराष्ट्र के लिए खून बहाता हूं और उत्तर प्रदेश से हूं। मैंने ताज होटल को बचाया। राज ठाकरे के तथाकथित योद्धा उस वक्त कहां थे? देश को मत बांटो। मुस्कुराहट के लिए किसी भाषा की जरूरत नहीं होती।” “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    कहां थे राज और उद्धव?

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने अपने दावों को फिर से एक बार दोहराया और कहा कि 26/11 के दौरान आतंकवादियों से लड़ने वाले राज और उद्धव ठाकरे नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के सैन्यकर्मी थे। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    आतंकवाद का सामना किया

    उन्होंने कहा, “वह (राज ठाकरे) खुद, उद्धव ठाकरे और उनका परिवार भी उस वक्त उनसे नहीं मिल पाया। जिन लोगों ने दूसरों को बचाया था, जैसे कि सेना के जवान, वे मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार से थे। मैं वहां था, मैंने स्थिति को संभाला और आतंकवादियों का सामना किया। मैं भी उत्तर प्रदेश से हूं और (पूर्व प्रधानमंत्री) चौधरी चरण सिंह के गांव से आता हूं।” “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह मराठी विरोधी नहीं हैं और कहा कि भाषा को लेकर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।

    मराठी और मराठा योद्धाओं पर गर्व

    उन्होंने कहा, “मुझे मराठी और मराठा योद्धाओं पर गर्व है। ऐसे हारे हुए लोगों को हमें बांटने की इजाजत न दें। भाषा को राजनीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि बेरोजगारी, गरीबी, विकास, उत्पादन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बलात्कार, लंबित अदालती मामले और आतंकवाद हमारे लिए बड़े मुद्दे हैं जिन पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    ठाकरे खेमे की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

    ठाकरे परिवार मराठी विवाद में सबसे आगे रहा है, जिसे राज्य सरकार की स्कूलों के लिए तीन-भाषा शिक्षा नीति ने फिर से हवा दे दी है। ठाकरे परिवार की आलोचना के बाद शिक्षा नीति को वापस ले लिया गया, जिसके बाद एक बड़े सार्वजनिक मिलन समारोह में दोनों नेताओं ने राज्य के मूल मराठी भाषियों पर हिंदी थोपने के लिए भाजपा सरकार की आलोचना की। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

    गैर मराठी भाषियों पर हमला

    दोनों चचेरे भाइयों में से छोटे राज ठाकरे को भाषा विवाद पर कट्टरपंथी रुख अपनाने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके समर्थक मुंबई में गैर-मराठी भाषियों पर हमला और धमकियाँ देते देखे गए हैं। “गुंडागिरी” के आरोपों से घिरे राज ठाकरे का समर्थन उनके चचेरे भाई उद्धव ने किया है, जिन्होंने कहा है कि मराठी लोगों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते हुए गुंडा बनना बेहतर है। “I saved Mumbai on 26/11, where were Raj Thackeray’s warriors?”

  • केंद्रीय मंत्री एवं सांसद पीयूष गोयल के हाथों घरों का आवंटन

    केंद्रीय मंत्री एवं सांसद पीयूष गोयल के हाथों घरों का आवंटन

    मलाड़ पश्चिम के शंकर गली में सड़क निर्माण से प्रभावित 68 झोपड़ा धारकों को केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयुष गोयल के हाथों घरों को आवंटित किया गया। मौका था लोककल्याण कार्यालय में जनता दरबार का, कार्यक्रम देर शाम तक चला। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पी/ उत्तर विभाग अंतर्गत मलाड़ पश्चिम के शंकर गली में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित झोपड़ा धारकों के पुनर्वास की कड़ी में 68 पात्र परिवारों को नए घरों की आवंटन प्रकृया सोमवार को कांदीवली पश्चिम एसवी रोड़ के लोककल्याण कार्यालय में आयोजित किया गया। जिसमें मनपा परिमंडल-4 की उपायुक्त भाग्यश्री कापसे एवं मलाड़ बीएमसी के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी की निगरानी में सांसद पीयुष गोयल के हाथों फ्लैटों की चावीयां आवंटित की गई। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    नागरिकों का अधिकार

    मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि, “हमारा प्रयास है, उत्तर मुंबई के हर नागरिक को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी जीवनयापन का अधिकार मिले। विकास कार्यों से प्रभावित परिवारों को समय पर पुनर्वास देना हमारी प्राथमिकता है, ताकि वे आत्मसम्मान और विश्वास के साथ जीवन जी सकें।” केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ मनपा उपायुक्त भाग्यश्री कापसे और बीएमसी पी/उत्तर विभाग के सहायक आयुक्त कुंदन वळवी ने मंच साझा किया और सोमवार के इस कार्यक्रम में भाजपा के उत्तर मुंबई अध्यक्ष दीपक बाळा तावड़े के साथ पूर्व के कई नगरसेवक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

    जनता दरबार का आयोजन

    इसी दौरान लोककल्याण कार्यालय में जनता दरबार आयोजन किया गया था। इसमें केंद्रीय मंत्री ने लगभग 300 से ज्यादा लोगों की समस्याएं सुनी और समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आदेश दिए। नागरिकों ने अपने घरों के पुनर्विकास, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के भूखंड, कानूनी विवाद में फंसे घर, बिजली पानी जैसी समस्या पर मनपा, वनविभाग, राज्य सरकार जैसे सभी विषयों पर अपने प्रश्न प्रस्तुत किए। सरकारी विभागीय अधिकारियों के साथ यह कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। Allotment of houses by Central Minister and MP Piyush Goyal

  • Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में दिल्ली कनेक्शन; बड़ी अपडेट

    Baba Siddiqui Murder Case: बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में दिल्ली कनेक्शन; बड़ी अपडेट

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    बाबा सिद्दीकी की हत्या (Baba Siddiqui Murder Case) के बाद मुंबई पुलिस ने कुछ हत्यारों को गिरफ्तार किया था। सिद्दीकी की हत्या के पीछे का असली मास्टरमाइंड अभी भी पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है। इस बीच मुंबई पुलिस की जांच में एक बड़ी जानकारी सामने आई है। Baba Siddiqui Murder Case: Delhi connection in Baba Siddiqui murder case; Big update

    मुंबई: Baba Siddiqui Murder Case Delhi Connection: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार गुट के नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जांच के दौरान मुंबई पुलिस को दिल्ली कनेक्शन सामने आने की जानकारी प्राप्त हो रही है। पिछले साल लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुंडों ने बांद्रा इलाके में बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया था। बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद मुंबई पुलिस ने कुछ हत्यारों को गिरफ्तार भी किया। लेकिन हत्या के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है? इसका अभी तक पूरी तरह पता नहीं चल पाया है। इस बीच मुंबई पुलिस की जांच में एक बड़ी जानकारी सामने आई है। Baba Siddiqui Murder Case: Delhi connection in Baba Siddiqui murder case; Big update

    दिल्ली के बुराड़ी से गिरफ्तारी

    बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद उनके मोबाइल नंबर को दूसरे सिम कार्ड पर एक्टिवेट करने की कोशिश की गई है। इस मामले में बांद्रा पुलिस ने दिल्ली से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली के बुराड़ी इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके खिलाफ पहले भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। आरोप है कि बाबा सिद्दीकी के मोबाइल नंबर को दूसरे सिम कार्ड में एक्टिवेट कर के एक कंपनी को ठगने की कोशिश की। Baba Siddiqui Murder Case: Delhi connection in Baba Siddiqui murder case; Big update

    जमानत पर हुआ था रिहा

    संदिग्ध के खिलाफ मुंबई में पहले से ही दो मामले दर्ज हैं। एक मामला चीफ मजिस्ट्रेट कोर्ट में और दूसरा बोरीवली कोर्ट में लंबित है। बोरीवली मामले में कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी थी। जिसके बाद वह अब दिल्ली से बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के सिलसिले में गिरफ्तार हुआ है। Baba Siddiqui Murder Case: Delhi connection in Baba Siddiqui murder case; Big update

    सिद्दीकी की बेटी ने दी पुलिस को सूचना

    बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद आरोपियों ने मोबाइल को दूसरे सिम कार्ड पर एक्टिवेट कर धोखाधड़ी की साजिश रची। इस मामले में कंपनी ने संबंधित व्यक्ति को ई-मेल के जरिए सूचना दी थी कि उसे आवेदन मिल गया है। कंपनी ने ईमेल की सीसी में बाबा सिद्दीकी की बेटी डॉ. अर्शिया का नाम भी डाल दिया था। इससे परिवार को अहसास हुआ कि यह धोखाधड़ी है। डॉ. अर्शिया ने इस संबंध में बांद्रा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल मुंबई पुलिस फिर से हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। Baba Siddiqui Murder Case: Delhi connection in Baba Siddiqui murder case; Big update

  • रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    रानीबाग में आ गए हैं नए मेहमान, अब बढ़ेगा मुंबई चिड़ियाघर का राजस्व

    मुंबई के भायखला स्थित रानीबाग चिड़ियाघर मे झारखंड से घड़ियाल लाए गए हैं। इसको देखने को मिल बच्चों और पर्यटकों की भीड़ लग रही है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने अनुमान लगाया है, कि इससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    मुबई: भायखला सिथित प्रसिद्ध वीरमाता जीजावाई भोसले बॉटनिकल गार्डन और जू (रानीबाग) में हालही में नए मेहमानों की एंट्री हुई है, जिससे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है। रांची के भगवान बरसा मुंडा प्राणी संग्रहालय से चार घड़ियाल यहां प्रशासन द्वारा लाए गए हैं, जो पैंग्विन के साथ मिलकर पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन गए हैं। ये सभी घड़ियाल 6 से 8 साल के हैं। इनके आगमन से रानीबाग में पर्यटकों में खासकर बच्चों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि ये लुप्त हो रही प्रजातियों के प्राणी लोगों को रोमांचक झलक देखने का मौका देंगी। ऐसी जानकारी मनपा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    पक्षियों के बदले मिले घड़ियाल

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    इन घड़ियाल के बदले, रांची चिडियाधर को एक सफेद कॉकटेल और चार ग्रे कॉकटेल पक्षी दिए गए हैं। इन घड़ियालों को देखने के लिए देश में पहली बार ग्लास प्रदर्शनी लगाई गई है। इस खास व्यवस्था के तहत, पर्यटक कांच के माध्यम से मगरमच्छों की पानी के अंदर की गतिविधियों को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं, जो उन्हें एक अनोखा अनुभव प्रदान करेगा। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भायखला चिड़ियाघर में मगरमचछों और घड़ियालों के लिए समर्पित आवास की कमी थी। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

    पर्यटकों में होगी वृद्धि

    मई 2023 में चिडियाघर ने अपनी तरह का पहला अंडरवाटर यूइंग डेक पेश किया था, जो अब इन नए मेहमानों के साथ और भी आकर्षक हो गया है। इस कदम से न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। ऐसी जानकारी मनपा अधिकारियों से प्राप्त हो रही है। New guests have arrived in Ranibagh, now the revenue of Mumbai Zoo will increase

  • भयानक भयंदर हत्याकांड में 13 साल की तलाश हुई ख़त्म, दिल्ली से हुआ गिरफ्तार

    भयानक भयंदर हत्याकांड में 13 साल की तलाश हुई ख़त्म, दिल्ली से हुआ गिरफ्तार

    मिराभायंदर के दर्दनाक हत्याकांड में 13 सालों से फरार गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को पुलिस ने दिल्ली के नया बाजार से गिरफ्तार किया है। खुद की पहचान बदल कल रह रहा था और उसने दूसरी शादी भी कर ली थी। लेकिन एक फोन कॉल ने सारा राज खोल दिया।

    मुंबई: एक दशक से अधिक समय तक फरार रहने के बाद, मुंबई पुलिस ने आखिरकार शहर की सबसे भीषण अनसुलझी हत्याओं में से एक के संदिग्ध को पकड़ लिया। 30 जून को मीरा-भयंदर-वसई-विरार (MBVV) अपराध शाखा के अधिकारियों ने 34 वर्षीय गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को दिल्ली के नया बाजार से गिरफ्तार किया है। इसने रिश्तेदार की हत्या तो की साथ ही उसके गुप्तांग भी कांटकर फरार हो गया था। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    क्रुर हत्या

    चौधरी मई 2012 से अपने करीबी रिश्तेदार, 35 वर्षीय सुरेशकुमार सूर्यनारायण चौधरी की भयंदर (ठाणे) में क्रूर हत्या के लिए वांटेड चल रहा था। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित 28 मई, 2012 को अपने घर में मृत पाया गया था, उसके शरीर पर कई चाकू के घाव थे – जांचकर्ताओं ने कहा, “हत्या इतनी क्रूरता से की गई थी कि आरोपी चाकू घोंपने तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि उसके गुप्तांग को भी कांट दिया था।” 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    पुलिस ने क्या कहा?

    चौधरी की गिरफ़्तारी पुलिस के लिए एक चौंकाने वाली सफलता है। पुलिस का कहना है कि हत्या के तुरंत बाद चौधरी मौके से भाग गया और 13 साल तक पुलिस की पकड़ से बचता रहा। वहां, वह एक नकली पहचान के साथ रह रहा था और यहाँ तक कि उसने दोबारा शादी भी कर ली। एक विशेष MBVV इकाई ने आखिरकार सोमवार को उसे दिल्ली के नया बाज़ार में ट्रैक किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “मीरा-भयंदर वसई-विरार पुलिस की एक टीम ने 2012 की हत्या के मामले में नई दिल्ली से गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को पकड़ लिया है।” हिरासत में, चौधरी को अब नई भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या और अंग-भंग करने के आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।” 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    आरोपी ने किया पूर्व पत्नी को कॉल

    जांचकर्ताओं ने इस बात की जांच की कि इतने सालों बाद चौधरी की पहचान कैसे हुई? उनका कहना है कि यह सफलता एक नियमित सूचना से मिली: चौधरी की पूर्व पत्नी (जो तब से बिहार चली गई थी) को दिल्ली के एक नंबर से लगातार कॉल आ रही थी। तकनीकी खुफिया जानकारी के माध्यम से इन कॉलों का पता लगाकर जासूसों ने उस पर ध्यान केंद्रित किया। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    अवैध संबंध में हुई हत्या

    क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया, कि “हमें तब पता चला कि उसे दिल्ली से कॉल आ रही थी… हमने आरोपी गोविंदकुमार जगतनारायण चौधरी की पहचान एक दुकान से की।” एक बार घेर लिए जाने के बाद, चौधरी ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसे लगता था कि सुरेशकुमार का उसकी पत्नी के साथ संबंध था – एक ऐसा मकसद जिस पर लंबे समय से संदेह था। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि हत्या इस कथित अवैध संबंध को लेकर ईर्ष्या के कारण की गई थी। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    पुलिस की दृढ़ता का प्रमाण

    अब चौधरी सलाखों के पीछे सुरक्षित हैं और उसे लंबे समय से बंद पड़े मामले में सजा का सामना करना पड़ रहा है। कानूनी कार्यवाही लंबित रहने तक उसे हिरासत में रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी “तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण खुफिया सूचनाओं सहित लगातार प्रयासों” का परिणाम है – ठंडे मामलों को सुलझाने में मुंबई पुलिस की दृढ़ता का प्रमाण भी है। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    खौफ का नजारा

    अपराध की भयावह प्रकृति ने लोगों में फिर से खौफ पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासी क्रूरता को याद करते हैं और मीडिया आउटलेट कहानी को फिर से दिखा रहे हैं, यह रेखांकित करते हुए कि कैसे एक पुरानी हत्या भी शहर की अंतरात्मा को झकझोर सकती है। फिलहाल, मुंबई केवल यह देख सकता है कि कैसे कानूनी व्यवस्था एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ खुलती है जो बहुत लंबे समय तक न्याय से बचता रहा हो। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

  • Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    Mumbai: BMC के सरकारी कर्मचारियों को मिली चेतावनी

    सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की आमदनी तो बढ़ा दी गई। लेकिन अब भी ये लोग गरीबी रेखा का हवाला देकर लाभ कमा रहे हैं। इसके खिलाफ सख्त होते हुए बीएमसी ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। Mumbai: BMC government employees received warning

    मुबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने स्थायी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा निर्देश जारी किया है। इसके तहत, जिन भी कर्मचारियों या अधिकारियों के पास केसरी राशन कार्ड हैं, उन्हें अब उसे बदलकर सफेद राशन कार्ड बनवाना होगा। ऐसा नही करने पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    क्यों की जा रही है सख्ती?

    बीएमसी प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों को अपने पास मौजूद राशन कार्ड के रंग की जानकारी अपने विभाग प्रमुख के पास जमा करनी होगी। यह निर्देश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि केसरी राशन कार्ड आर्थिक रूप से कमजोर (EOW) तबके के परिवारों को जारी किया जाता है। इस कार्ड पर लाभार्थियों को गेहं, चावल, चीनी जैसे आवश्यक खाद्यान्न रियायती दरों पर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत योजना का लाभ भी इन्हीं कार्ड धारकों को मिलता है। गौरतलब हैं कि पीले कार्ड गरीब परिवारों के लिए होते हैं, जबकि सफेद कार्ड उच्च आय वर्ग के लिए जारी किए जाते हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    सर्कुलर मे क्या कहा?

    सर्कुलर के अनुसार, राष्ट्रय खाद्य सूरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत सरकार केवल उन्हीं लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। जिनकी वार्षिक आय 59.000 रुपये या उससे कम है। महाराष्टू राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद, बीएमसी के ग्रुप ‘सी’ और ग्रूप ‘डी’ श्रेणी के कर्मचारियों का न्यूनतम मासिक वेतन क्रमशः 18.000 रुपये और 15.000 रुपये है। इस आय-सीमा को देखते हुए, बीएमसी के ये कर्मचारी केसरी राशन कार्ड के लाभ के पात्र नहीं हैं। Mumbai: BMC government employees received warning

    म्यूनिसिपल मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव प्रदीप नारकर ने बीएमसी द्वारा सर्कुलर जारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सर्कुलर में साफ लिखा है कि यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी केसरी राशन कार्ड नही बदलवाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नारकर ने यह भी कहा कि सभी कर्मचारी इस सर्कुलर का पालना करंगे। Mumbai: BMC government employees received warning

  • नकली पासपोर्ट बनाने वाले बिहार के युवक को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नकली पासपोर्ट बनाने वाले बिहार के युवक को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगाकर नकली पासपोर्ट बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को मुंबई पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस वेरिफ़िकेशन में हुआ खुलासा। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई पुलिस थाने में एक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के एप्लीकेशन में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नकली पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि बिहार के रहने वाले एक मुंबई निवासी का जब पासपोर्ट वेरिफिकेशन का आवेदन मिला, तो उसमें जन्म प्रमाणपत्र फर्जी नजर आ रहा था। पूछताछ और जांच में इसका खुलासा हुआ, कि बिहार के एक कंप्यूटर सेंटर से यह फर्जीवाडा किया गया है, जिसके खिलाफ अपराध दर्ज कर बिहार के कुकुराढ़ गांव से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

    बिहार से हुई थी नकली पासपोर्ट की अर्जी

    गोराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश निवटकर ने बताया, कि आरोपी सोमप्रकाश गुप्ता बिहार के कैमूर में भभुआ शहर के गुरुद्वारा के पास एक कंप्यूटर सेंटर चलाता था। वहीं से पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया गया था। मामले की पड़ताल में गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर बिहार के लिए रवाना किया गया था। जहां भभुआ पुलिस थाना की मदद से आरोपी को कुकुराढ़ गांव के कंप्यूटर सेंटर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया, कि अपराध में इस्तेमाल उपकरणों को भी हस्तगत किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

    बिहार पुलिस का मिला सहयोग

    गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल ने बताया कि सोमवार को जब हम बिहार के कैमूर में भभूआ पुलिस थाना पहुंचे तो वहां के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी शिव शंकर कुमार का हमें अच्छा सहयोग मिला। तुरंत उन्होंने भभूआ पुलिस की मदद से सोनहन थाना क्षेत्र के कुकुराढ़ गांव स्थित कंप्यूटर सेंटर में हमारी टीम के साथ छापेमारी करवाई और घटना स्थल पर पंचनामा करने में हमारी मदद की। इसके बाद सारी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर हमें रवाना किया गया। पॉल ने यह भी बताया, कि आरोपी का पिछला रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

  • मराठी नहीं बोल पाने पर MNS कार्यकर्ताओं ने व्यापारी को पीटा, भाजपा नेता ने कहा- मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    मराठी नहीं बोल पाने पर MNS कार्यकर्ताओं ने व्यापारी को पीटा, भाजपा नेता ने कहा- मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    मुंबई के नजदीक ‘हिंदी’ विवाद के बीच मराठी नहीं बोल पाने पर एक व्यापारी की पिटाई का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर व्यापारी की पिटाई करने का आरोप है। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर भारतीय जनता पार्टी ने घटना की निंदा की है। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    मुंबई: महाराष्ट्र में हिंदी और मराठी भाषा को लेकर लगातार विवाद बढ़ाया जा रहा है। यहां सियासती जंग के बीच ज़बरन आम लोगों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। इसी बीच मिराभाईंदर से एक व्यापारी को मराठी नही बोल पाने के कारण पिटाई करने की खबर सामने आ रही है। यहां एक व्यापारी के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के तथाकथित कार्यकर्ता बहस कर रहे थे। मनसे के कार्यकर्ता उस व्यापारी को मराठी बोलने के लिए जोर दे रहे थे। इस दौरान बहस हो गई और व्यापारी की पिटाई कर दी गई। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    महाराष्ट्र में लगातार हो रहे हैं हमले

    महाराष्ट्र में शिक्षा निती को लेकर सरकार के खिलाफ लगातार राजनैतिक पार्टियों द्वारा हमले किए जा रहे हैं। इसी ‘हिंदी’ विवाद के बीच मराठी नहीं बोल पाने को लेकर एक व्यापारी की पिटाई का मामला सामने आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं पर व्यापारी की पिटाई करने का आरोप है। इस घटना का वीडियो वायरल होने पर भारतीय जनता पार्टी ने घटना की निंदा की और कहा किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नही है और मानवता की सीमा को न भूलें। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    किस बात है विवाद?

    जानकारी के मुताबिक, मुंबई में मिराभाईंदर इलाके में एक व्यापारी के साथ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के तथाकथित कार्यकर्ता बहस कर रहे थे। इस दौरान का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा गया कि मनसे के कार्यकर्ता उस व्यापारी को मराठी बोलने के लिए कह रहे थे। इसी दौरान व्यापारी ने कहा, कि मराठी सीखनी पड़ेगी। साथ ही उसने कहा कि महाराष्ट्र में सभी भाषाएं बोली जाती हैं। इसपर मनसे कार्यकर्ताओं ने दबंगई दिखाते हुए पीटना शुरू कर दिया। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    चुनाव को लेकर बना मुद्दा

    महाराष्ट्र सरकार में मंत्री योगेश कदम ने कहा, पिछले कई महीनों से हिंदी और मराठी भाषा को लेकर विवाद चल रहा है। कुछ लोग आगामी नगर निगम चुनावों को ध्यान में रखते हुए इसे मुद्दा बना लिए हैं। उन्होंने कहा, कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। हमारे राज्य में मराठी भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। हमारी सरकार मराठी भाषा का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    मानवता की सीमा को नहीं भूलें

    इसी घटना को लेकर भाजपा नेता नरेंद्र मेहता ने कहा, “मराठी हमारी गौरव है, लेकिन मानवता की सीमा को नहीं भूलें!” उन्होंने एक पुराने वीडियो को भी साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि मीरा-भायंदर इलाके में मराठी में बातचीत करने से इनकार करने पर एक व्यापारी की पिटाई कर दी गई। महाराष्ट्र में मराठी भाषा हमारी पहचान, संस्कृति और गौरव का हिस्सा है। मराठी का प्रचार और प्रसार भी जरूरी है- लेकिन ये प्यार, समझ और सहिष्णुता के साथ किया जाना चाहिए। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity

    कार्रवाई की मांग

    नरेंद्र मेहता ने कहा, “किसी व्यक्ति की भाषा के चयन के कारण मनसे कार्यकर्ताओं की ओर से की गई यह हिंसक घटना उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करती है और महाराष्ट्र की सहिष्णु परंपरा को आघात पहुंचाती है। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं और मेरा स्पष्ट रुख है, कि संबंधित सुरक्षा विभागों को इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और उचित कार्रवाई करनी चाहिए। MNS workers beat up a businessman for not being able to speak Marathi, BJP leader said- don’t forget the limits of humanity