Category: Mumbai News

Read the latest Mumbai news, top headlines and live updates from across the city. Stay informed with coverage on civic issues, crime, politics, local administration, traffic, weather, business, public transport and major events, only on Indian FastTrack.

  • 5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    5 साल की बच्ची चुराकर 1 लाख 80 हजार में बेचने का खुलासा, 6 गिरफ्तार

    मुंबई के वाकोला पुलिस ने अपहृत 5 वर्षीय बच्ची को पनवेल से बरामद कर लिया। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था। मामले में छह आरोपी गिरफ्तार।

    मुंबई: वाकोला पुलिस ने शनिवार को चौंकाने वाली कार्रवाई करते हुए 5 साल की अपहृत बच्ची को पनवेल से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक ऑटो चालक, बच्ची के मामा-मामी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बच्ची को ₹1.80 लाख में बेच दिया गया था।

    शिकायत के बाद दो दिनों तक चली खोज

    पुलिस के अनुसार, शनिवार दोपहर 12:30 बजे बच्ची की मां ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी बेटी अचानक लापता हो गई है। चूंकि मामला एक नाबालिग बच्ची के अपहरण का था, इसलिए इसे गंभीर अपराध मानते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की गई।

    पुलिस ने 48 घंटे तक लगातार सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी जांच और गुप्त सूत्रों की मदद से ऑटो रिक्शा की पहचान की, जिसमें बच्ची को आखिरी बार देखा गया था।

    पहला सुराग: ऑटो चालक की गिरफ्तारी

    जांच में पता चला कि संदिग्ध ऑटो चालक पनवेल के आसपास चलता है। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार को लतीफ अब्दुल मजीद शेख (52) को गिरफ्तार कर लिया।

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि बच्ची के अपहरण में उसके मामा लॉरेंस निकोलस फर्नांडिस (42) और मामी मंगल दगडू जाधव (38) शामिल थे।

    बच्ची को पहले ₹90,000 और फिर ₹1.80 लाख में बेचा गया

    पुलिस के अनुसार—

    • पहले बच्ची को करण मारुति सानस को ₹90,000 में बेचा गया।
    • बाद में सानस ने बच्ची को दो महिलाओं — वृंदा विनेह चव्हाण (60) और अंजली कोरगांवकर (57) को ₹1.80 लाख में बेच दिया।

    पनवेल से बच्ची बरामद

    पुलिस टीम ने जब पनवेल स्थित घर में तलाशी ली, तो बच्ची सही सलामत मिली। मंगलवार को बच्ची को उसकी मां के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस का बयान

    पुलिस अधिकारी ने बताया—

    “मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हम अपहरण और बच्ची को बेचने की वजह की जांच कर रहे हैं।”


    FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. बच्ची का अपहरण कब हुआ था?

    शनिवार को बच्ची लापता हुई और दो दिनों की जांच के बाद उसे बरामद किया गया।

    2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?

    कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

    3. क्या अपहरण में बच्ची के परिवार वाले शामिल थे?

    हाँ, बच्ची का मामा और मामी भी इस मामले में शामिल थे।

    4. बच्ची कहाँ से बरामद हुई?

    पुलिस ने उसे पनवेल से बरामद किया।

    5. बच्ची को कितने में बेचा गया था?

    पहले ₹90,000 और बाद में ₹1.80 लाख में।

  • मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए संसदीय जांच समिति बनाई

    मुंबई कांग्रेस ने BMC चुनाव के लिए जिलानुसार संसदीय जांच समिति गठित की है, जो उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और पैनल तैयार करने का काम करेगी।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव की तैयारियों को गति देते हुए मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी ने संसदीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का उद्देश्य सभी जिलों में संभावित उम्मीदवारों के आवेदन की पड़ताल करना, उनका मार्गदर्शन करना और अंतिम पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजना है। यह समिति मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश से गठित की गई है। जानकारी कांग्रेस प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक सुरेशचंद्र राजहंस ने दी।

    समिति का मुख्य कार्य

    नई गठित समिति जिलानुसार बैठकों के माध्यम से निम्न कार्य करेगी—

    • उम्मीदवारों के आवेदन की विस्तृत छानबीन
    • जिला अध्यक्षों व जात वैधता समितियों के साथ समन्वय
    • योग्य उम्मीदवारों की सूची और पैनल तैयार करना
    • आवेदन भरने में उम्मीदवारों को मार्गदर्शन
    • उम्मीदवारों की मुलाकात कर अंतिम पैनल वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपना

    जिलावार प्रभारी और सहप्रभारी शामिल

    मुंबई कांग्रेस ने विभिन्न जिलों के अनुसार प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त किए हैं। सूची इस प्रकार है—

    दक्षिण मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक ज्योति गायकवाड़
    • सहप्रभारी: मोहसिन हैदर, आसिफ जकेरिया

    दक्षिण मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: सचिन सावंत
    • सहप्रभारी: सुरेशचंद्र राजहंस, डॉ. किशोर सिंह

    उत्तर मध्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: MLA अस्लम शेख
    • सहप्रभारी: विरेंद्र चौधरी, डॉ. अंजता यादव

    ईशान्य मुंबई जिला

    • प्रभारी: डॉ. अर्जित सिंह मनहास
    • सहप्रभारी: धनंजय तिवारी, एड. राजेश टेके

    उत्तर पश्चिम मुंबई जिला

    • प्रभारी: विधायक अमीन पटेल
    • सहप्रभारी: हाजी बब्बू खान, विष्णु सरोदे

    उत्तर मुंबई जिला

    • प्रभारी: मधु चव्हाण
    • सहप्रभारी: अर्शद आज़मी, क्लाइव डॉयस

    BMC चुनाव के संदर्भ में इसका महत्व

    BMC चुनाव में टिकट चयन हमेशा से कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण मुद्दा रहा है। इस बार पार्टी संगठन उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने की कोशिश कर रहा है। इसी उद्देश्य से संसदीय जांच समिति गठित की गई है, ताकि सभी जिलों में योग्य, मजबूत और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रतिनिधित्व मिले।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    1. संसदीय पडताळणी समिति क्यों बनाई गई है?

    उम्मीदवारों की छानबीन, मार्गदर्शन और अंतिम पैनल तैयार करने के लिए यह समिति गठित की गई है।

    2. समिति में कौन-कौन शामिल हैं?

    मुंबई के विभिन्न जिलों के प्रभारी और सहप्रभारी इसमें शामिल हैं, जैसे MLA अस्लम शेख, अमीन पटेल, ज्योति गायकवाड़ सहित कई वरिष्ठ नेता।

    3. यह समिति क्या काम करेगी?

    उम्मीदवारों के आवेदन की जांच, उनकी मुलाखत, पैनल तैयार करना और वरिष्ठ नेतृत्व को अनुशंसा भेजना।

    4. समिति का गठन किसने किया?

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा एकनाथ गायकवाड़ के आदेश पर समिति बनाई गई है।

    5. क्या यह समिति उम्मीदवारों को आवेदन भरने में मदद करेगी?

    हाँ, जिल्हा समिति के साथ मिलकर यह समिति उम्मीदवारों को पूरा मार्गदर्शन देगी।

  • मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में नए कॉन्स्टेबलों की तैनाती शुरू होने के बाद दो साल से तैनात MSSC के 3,000 गार्ड्स को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। MSSC को 2023 में पुलिस बल की कमी के चलते शामिल किया गया था।

    मुंबई: नए कॉन्स्टेबलों की नियुक्ति मुंबई पुलिस में शुरू होते ही राज्य गृह विभाग ने महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी कॉरपोरेशन (MSSC) के 3,000 गार्ड्स को चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाने का निर्णय लिया है। जुलाई 2023 में मुंबई पुलिस में 7,000 से ज्यादा कॉन्स्टेबलों की कमी को पूरा करने के लिए MSSC गार्ड्स को अस्थायी रूप से तैनात किया गया था। अब ट्रेनिंग पूरी कर चुके नए पुलिस जवान ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं, जिसके बाद MSSC की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

    🔹 2023 में 7,000 से अधिक कॉन्स्टेबलों के पद खाली थे

    कोविड-19 महामारी और बजट संकट के कारण 2019 के बाद से कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही थी। ऐसे में 2023 तक मुंबई पुलिस में 7,076 पद खाली हो गए थे, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग 10% था। सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए MSSC के 3,000 गार्ड्स को अस्थायी आधार पर शामिल किया गया

    🔹 नए कॉन्स्टेबल फोर्स में शामिल होना शुरू — MSSC को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा

    पहला बैच 700 कॉन्स्टेबलों का हाल ही में ड्यूटी पर शामिल किया जा चुका है।
    अगले तीन बैच हर छह महीने में शामिल होंगे।
    इसी अनुरूप MSSC गार्ड्स को भी चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाएगा।

    🔹 MSSC नियमित सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित, लेकिन सड़कों पर भी तैनाती हुई

    MSSC गार्ड्स मूल रूप से सरकारी कार्यालयों, मेट्रो लाइनों जैसी संरक्षित इमारतों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित होते हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें शहर में ट्रैफिक नियंत्रण, चौक और संवेदनशील क्षेत्रों में भी तैनात किया गया था।

    🔹 “आउटसोर्सिंग पुलिस” विवाद भी हुआ था

    MSSC गार्ड्स की नियुक्ति पर विपक्ष ने सरकार पर
    पुलिस सेवाओं को आउटसोर्स करने” का आरोप लगाया था,
    जिससे यह मामला राजनीतिक बहस में भी बदल गया था।

    🔹 आर्थिक प्रस्ताव, अंतिम मंज़ूरी अभी बाकी

    गृह विभाग ने वित्त विभाग की उप-समिति को प्रस्ताव भेजा है —

    • 700 MSSC गार्ड्स की सेवा तुरंत समाप्त
    • बाकी 2,300 गार्ड्स को 11 महीने का विस्तार देने का प्रस्ताव

    अंतिम निर्णय गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति लेगी।


    FAQs

    प्रश्नउत्तर
    MSSC गार्ड्स कब से तैनात थे?जुलाई 2023 से, पुलिस बल की कमी पूरी करने के लिए।
    क्या सभी MSSC गार्ड्स को तुरंत हटाया जाएगा?नहीं, बैच-वाइज हटाया जाएगा, जैसे-जैसे नए कॉन्स्टेबल ज्वाइन करेंगे।
    कितने नए कॉन्स्टेबल शामिल हो रहे हैं?पहला बैच 700 शामिल हो चुका है, और कुछ महीनों में तीन बैच और आएंगे।
    MSSC गार्ड्स को वापस क्यों भेजा जा रहा है?क्योंकि अब कॉन्स्टेबल भर्ती पूरी होकर जवान ड्यूटी में आ रहे हैं।
  • BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस अकेले उतरने पर कायम; महाविकास अघाडी की एकता पर संकट

    BMC ELECTION में कांग्रेस की अकेले लड़ने की घोषणा से महाविकास आघाड़ी (MVA) में असहजता बढ़ गई है। शिवसेना (UBT) की मनसे से नज़दीकी को लेकर कांग्रेस की असहमति सामने आई, जबकि एनसीपी (SP) गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ने के पक्ष में है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को लेकर कांग्रेस के अकेले लड़ने के फैसले ने महाविकास आघाड़ी की एकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस का कहना है कि शिवसेना (UBT) की मनसे के साथ बढ़ती राजनीतिक नज़दीकियां उनके उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकती हैं। हालांकि शिवसेना (UBT) कांग्रेस से पुनर्विचार की अपील कर रही है, जबकि एनसीपी (शरद पवार) मनसे को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की पक्षधर है। इस राजनीतिक खींचतान ने आगामी मनपा चुनावों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है।

    कांग्रेस के फैसले से MVA में हलचल

    मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने साफ कहा है कि कांग्रेस बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। इससे MVA में असहजता बढ़ी है, क्योंकि गठबंधन का मकसद भाजपा को रोकना था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के अकेले लड़ने से वोटों का बंटवारा होगा, जिससे भाजपा को सीधी बढ़त मिल सकती है।

    मनसे को लेकर कांग्रेस की बड़ी चिंता

    कांग्रेस की असहमति की सबसे बड़ी वजह है—
    🔹 शिवसेना (UBT) और मनसे की बढ़ती समीपता
    🔹 उत्तर भारतीय और मुस्लिम वोट बैंक का संभावित नुकसान

    कांग्रेस का मानना है कि मनसे के साथ जुड़ाव उसकी विचारधारा के विपरीत है, क्योंकि मनसे पहले उत्तर भारतीयों के खिलाफ आक्रामक रुख के लिए जानी जाती रही है।

    कांग्रेस में भी दो धड़े, राय में मतभेद

    कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति भी खुलकर सामने आई है।
    एक धड़ा — स्थानीय समीकरण के आधार पर मनसे के साथ गठबंधन का समर्थक
    दूसरा धड़ा — मनसे के साथ किसी भी सूरत में गठबंधन के खिलाफ

    मुंबई के राजनैतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस को जल्द स्पष्ट रुख लेना होगा, वरना गैर-मराठी और गैर-हिंदू वोटों का विभाजन भाजपा के लिए रास्ता आसान बना देगा।

    एनसीपी (SP) एकता के पक्ष में

    एनसीपी (शरद पवार) गठबंधन की मजबूती के लिए MNS को साथ लेकर संयुक्त मुकाबले की वकालत कर रही है। इसी संदर्भ में वर्षा गायकवाड़ की टीम ने शरद पवार से मुलाकात भी की है, लेकिन कांग्रेस अपने निर्णय पर कायम है।

    शिवसेना (UBT) ने किया पुनर्विचार का आग्रह

    उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना कांग्रेस को साथ रखने की कोशिश जारी रखे हुए है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने कहा—
    🔹 “मनसे के साथ गठबंधन को लेकर कांग्रेस की नाराज़गी व्यक्तिगत मामला हो सकता है।”
    🔹 “जनता चाहती है कि शिवसेना और मनसे साथ आएं।”

    दूसरी ओर, मनसे ने MVA में शामिल होने से इनकार करते हुए कांग्रेस को “अमीबा” कहा, जिस पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए “गिरगिट” जैसी टिप्पणी की।

    बीएमसी चुनाव — बड़ा राजनीतिक समीकरण

    • राज्य की 246 नगर परिषद और 42 नगर पंचायतों के चुनाव 2 दिसंबर को
    • बीएमसी के चुनाव जनवरी 2026 में होने की संभावना
    • वर्तमान हालात में भाजपा सबसे मजबूत स्थिति में दिख रही है
    • कांग्रेस के अकेले उतरने से विपक्ष का वोट बैंक टूट सकता है

    FAQ

    प्रश्नउत्तर
    क्या कांग्रेस MVA से अलग हो रही है?नहीं, गठबंधन बरकरार है, लेकिन बीएमसी चुनाव कांग्रेस स्वतंत्र रूप से लड़ना चाहती है।
    कांग्रेस मनसे के साथ क्यों नहीं है?कांग्रेस का कहना है कि मनसे के पुराने रुख से उसके परंपरागत वोटरों को नुकसान हो सकता है।
    क्या विपक्षी वोट बंटेंगे?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फैसले से भाजपा को सीधा लाभ मिल सकता है।
    क्या अंतिम निर्णय बदल सकता है?शिवसेना (UBT) लगातार आग्रह कर रही है, लेकिन इस समय कांग्रेस अपने फैसले पर अडिग है।
  • मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालवनी में अनधिकृत टर्फ पर रोक — नागरिकों के आंदोलन को बड़ी जीत

    मालाड–मालवनी के सार्वजनिक मैदान पर बनाए जा रहे अवैध टर्फ पर प्रशासन ने तत्काल रोक लगा दी है। यह फैसला स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष और आंदोलन के बाद आया।

    मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी गेट नंबर 8 स्थित में बस डेपो के पास, म्हाडा के सार्वजनिक खेल मैदान पर बन रहे अनधिकृत टर्फ को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के संयुक्त आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। लगातार विरोध, शिकायतों और प्रशासनिक स्तर पर किए गए दबाव के बाद टर्फ निर्माण के कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। नागरिकों ने घोषणा की है कि मैदान पूरी तरह बच्चों, खिलाड़ियों और जनता के लिए खुला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    🔹 प्रदर्शन के बाद रोक — आंदोलन बना निर्णायक

    मालाड–मालवनी के खुले सार्वजनिक मैदान पर कुछ लोगों द्वारा चुपचाप टर्फ निर्माण शुरू किया गया था, जिसकी जानकारी मिलते ही नागरिकों ने विरोध दर्ज कराया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, म्हाडा, बीएमसी और सभी संबंधित विभागों को लिखित शिकायत देना शुरू किया और नियमित फ़ॉलोअप लिया।
    इसी फ़ॉलोअप के बाद सरकार ने विवादित टर्फ निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया।

    🔹 धमकियों के बावजूद संघर्ष जारी रखा

    सामाजिक कार्यकर्ताओं को आंदोलन रोकने के लिए कथित तौर पर झूठे फौजदारी मामलों में फंसाने की धमकियाँ भी दी गईं, लेकिन आंदोलनकारियों ने पीछे हटने से इंकार कर दिया। उनके साहस और नेतृत्व से स्थानीय युवाओं का मनोबल बढ़ा और आंदोलन व्यापक हो गया।

    🔹 राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का समर्थन

    आंदोलन की ताकत लोगों के एकजुट होने से और बढ़ी।
    मुख्य रूप से— सामाजिक कार्यकर्ताओं ने म्हाडा कार्यालय और पुलिस स्टेशन में जाकर मजबूती से आपत्ति दर्ज की। संगठनों और नागरिकों के दबाव के बाद प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ा।

    🔹 म्हाडा का सख्त संदेश — ‘एक ईंट भी रखी तो कार्रवाई’

    प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में मैदान पर एक ईंट भी रखी गई तो एमआरटीपी कानून लागू करके तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
    लेकिन इसी बीच नागरिकों ने स्पष्ट कहा है कि—
    📌 मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए वापस खुलने तक संघर्ष जारी रहेगा।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: मालवनी में टर्फ किस वजह से विवाद में था?
    टर्फ सार्वजनिक खेल मैदान पर बिना अनुमति और बिना नोटिस के बनाया जा रहा था, इसलिए स्थानीय लोगों ने उसे अवैध बताया।

    Q2: टर्फ निर्माण पर रोक क्यों लगाई गई?
    नागरिकों व सामाजिक संगठनों के विरोध, शिकायतों और आंदोलन के बाद प्रशासन ने कार्य रोकने का आदेश दिया।

    Q3: क्या यह मामला अब पूरी तरह खत्म हो गया है?
    प्रशासन ने रोक तो लगाई है, लेकिन नागरिकों का कहना है कि मैदान पूरी तरह बच्चों और खिलाड़ियों के लिए खुलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

    Q4: टर्फ शुरू करने वालों पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी?
    प्रशासन के अनुसार, यदि अब मैदान पर कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ तो एमआरटीपी कानून के तहत तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

  • गोरेगांव डबल डेकर ब्रिज पर विवाद: BMC ने IIT-B को नई डिज़ाइन भेजी

    गोरेगांव डबल डेकर ब्रिज पर विवाद: BMC ने IIT-B को नई डिज़ाइन भेजी

    गोरेगांव के वीर सावरकर ब्रिज पर प्रस्तावित डबल डेकर ब्रिज के निर्माण को लेकर विवाद बढ़ा। BMC ने IIT बॉम्बे को नई डिज़ाइन भेजकर तकनीकी मंजूरी मांगी है ताकि मौजूदा फ्लाईओवर तोड़े बिना नया ब्रिज बनाया जा सके। स्थानीय लोगों और नेताओं के विरोध के बाद यह कदम उठाया गया।

    मुंबई: गोरेगांव के वीर सावरकर ब्रिज जंक्शन पर बनने वाले डबल डेकर ब्रिज को लेकर BMC ने नया विकल्प पेश करते हुए IIT बॉम्बे से टेक्निकल अप्रूवल मांगा है। यह डिज़ाइन ऐसी है जिसमें मौजूदा फ्लाईओवर को तोड़े बिना माइंडस्पेस–मालाड कनेक्टर को GMLR (गोरगांव-मुलुंड लिंक रोड) से जोड़ा जा सके। फ्लाईओवर को गिराने के प्रस्ताव का स्थानीय नागरिकों और पक्ष विपक्ष दोनों विधायकों ने कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद BMC ने यह संशोधित प्रस्ताव भेजा है।

    🔹 BMC ने बदल दिया पूरा प्लान — अब मंजूरी IIT-B के हाथ में

    BMC अधिकारियों के अनुसार पहले योजना थी कि मौजूदा वीर सावरकर फ्लाईओवर को तोड़कर उसके स्थान पर एक ही पियर पर आधारित दो-लेवल वाले डबल डेकर ब्रिज का निर्माण किया जाए।
    लेकिन कड़े विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते अब BMC ने नई डिज़ाइन तैयार करवाई है, जिसमें पुराना फ्लाईओवर बने रहने देगा और उसके साथ अलग पियर पर नया डबल डेकर ब्रिज खड़ा किया जाएगा

    अब यह संशोधित डिजाइन IIT बॉम्बे के पास समीक्षा के लिए भेजा गया है।

    🔹 BMC की दुविधा — इंजीनियरिंग आसान या जनता की सहूलियत?

    BMC की इंटरनल रिपोर्ट में साफ लिखा है —
    ✔ अगर पुराना फ्लाईओवर हटाया जाए तो निर्माण सीधा और संरचनात्मक रूप से बेहतर होगा।
    ✔ दोनों लेवल एक ही पियर पर टिकेंगे, जिससे जगह बचेगी।

    लेकिन,
    ✘ फ्लाईओवर बचाने पर दो पियर बनेंगे
    ✘ रोड स्पेस कम होगा — सड़क संकरी हो सकती है
    ✘ मोटरिस्ट को भविष्य में ट्रैफिक प्रेशर झेलना पड़ सकता है

    🔹 स्थानीय लोग और नेता क्यों विरोध कर रहे हैं?

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि:
    ▪ फ्लाईओवर केवल 7 साल पहले ₹27 करोड़ खर्च करके बनाया गया था
    ▪ इसे हटाना जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी होगी
    ▪ गोरेगांव और मालाड में ट्रैफिक का बोझ पहले से भारी है — फ्लाईओवर हटाने से भारी जाम लगेगा

    विरोध की अगुआई कर रहे हैं:
    🟢 बीजेपी MLA विद्या ठाकुर
    🔵 कांग्रेस MLA असलम शेख

    दोनों आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव को देखते हुए किसी भी ऐसे कदम के समर्थन में नहीं आना चाहते जिससे जनता नाराज़ हो।

    🔹 काम जारी है — दिंडोशी साइड पर कंस्ट्रक्शन नहीं रुकेगा

    BMC के अनुसार,
    ✔ दिंडोशी साइड पर जहां से नया कनेक्टर GMLR से जुड़ेगा — काम पहले ही शुरू किया जा चुका है
    ✔ वहां पाइलिंग का कार्य चल रहा है
    ✔ यह हिस्सा सावरकर ब्रिज से लगभग 1 किलोमीटर दूर है
    इसलिए फ्लाईओवर रहे या हटे, दिंडोशी वाला काम नहीं रुकेगा।


    FAQ — गोरगांव डबल डेकर ब्रिज विवाद

    प्रश्नउत्तर
    नया प्रोजेक्ट किस कारण विवाद में है?पुराने फ्लाईओवर को तोड़कर नया ब्रिज बनाने की योजना के कारण।
    BMC ने क्या कदम उठाया?संशोधित डिज़ाइन IIT बॉम्बे को तकनीकी जांच के लिए भेजी।
    स्थानीय लोग और नेता क्यों विरोध कर रहे हैं?फ्लाईओवर हटाने से ट्रैफिक बढ़ेगा और करोड़ों का खर्च बर्बाद होगा।
    क्या निर्माण कार्य बंद हो गया है?नहीं, डिंडोशी साइड पर काम जारी है।
    अंतिम निर्णय कौन करेगा?IIT बॉम्बे की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर BMC निर्णय लेगी।
  • अंधेरी MIDC में केमिकल लीकेज से युवक की मौत, दो ICU में भर्ती

    अंधेरी MIDC में केमिकल लीकेज से युवक की मौत, दो ICU में भर्ती

    मुंबई के अंधेरी MIDC के भंगारवाड़ी इलाके में केमिकल लीकेज हादसे में 21 साल के अहमद हुसैन की मौत हो गई जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल होकर ICU में भर्ती हैं। सोडियम सल्फाइड के अधिक मिश्रण से जहरीली गैस बनने के बाद दम घुटने से हादसा हुआ। MFB और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और NDRF अलर्ट पर है।

    मुंबई: अंधेरी (पूर्व) के MIDC क्षेत्र के भंगारवाड़ी में शनिवार दोपहर केमिकल लीकेज की घटना में 21 वर्षीय युवक की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पानी में सोडियम सल्फाइड की अधिक मात्रा मिलाने से जहरीले धुएं बने, जिनके संपर्क में आने से तीनों बेहोश हो गए। घायल दोनों को हॉली स्पिरिट अस्पताल में ICU में भर्ती किया गया है। दमकल विभाग और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं, जबकि NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।

    A-young-man-died-due-to-chemical-leakage-in-Andheri-MIDC-two-admitted-in-ICU-1

    🔹 हादसा कैसे हुआ — रसायन के गलत मिश्रण से निकले जहरीले धुएं

    पुलिस के अनुसार घटना 22 नवंबर को लगभग 2:30 बजे हुई।
    अंधेरी पूर्व, MIDC सुभाष नगर के भंगारवाडी में नेन्सी मदरसा के सामने अहमद सईदा हुसैन अपने घर में पुराने सामान की सफाई के लिए सोडियम सल्फाइड को पानी में मिलाकर सॉल्यूशन तैयार कर रहा था।
    लेकिन रसायन की मात्रा अत्यधिक होने से जहरीले धुएं (फ्यूम्स) निकलने लगे, जिससे अहमद बेहोश होकर गिर गया।

    उसको बचाने के लिए दो अन्य लोग अंदर गए —
    ▪️ सबा सईदा हुसैन (17)
    ▪️ नौशाद अंसारी (28)
    दोनों भी धुएं की चपेट में आकर बेहोश हो गए।

    🔹 पीड़ितों की स्थिति — एक की मौत, दो ICU में

    हॉली स्पिरिट अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार:
    ☑ अहमद सईदा हुसैन (21) — अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित
    ☑ सबा सईदा हुसैन (17) — ICU में भर्ती, हालत गंभीर लेकिन स्थिर
    ☑ नौशाद अंसारी (28) — ICU में भर्ती, हालत गंभीर लेकिन खतरे से बाहर

    🔹 रेस्क्यू और जांच — MFB सक्रिय, NDRF अलर्ट पर

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) मौके पर पहुंची।
    ✔ सर्च ऑपरेशन किया गया
    ✔ प्रभावित इलाके को सील किया गया
    ✔ रासायनिक गैस के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकाला गया

    भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF को भी अलर्ट पर रखा गया है।

    🔹 पुलिस क्या कह रही है?

    MIDC पुलिस ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि:
    🔸 यह कोई साजिश या उद्योगिक लीकेज नहीं था
    🔸 घरेलू स्तर पर रसायन मिलाने के दौरान गलती से गैस बनी
    🔸 मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट (ADR) दर्ज की जा रही है


    FAQ — अंधेरी MIDC केमिकल हादसे पर

    प्रश्नउत्तर
    हादसा कहाँ हुआ?अंधेरी (पूर्व) के MIDC भांगरवाड़ी इलाके में।
    केमिकल कौन सा इस्तेमाल किया गया था?सोडियम सल्फाइड।
    कितने लोग प्रभावित हुए?तीन — एक की मौत, दो ICU में।
    मौत का कारण क्या था?धुएं के कारण दम घुटने से।
    क्या यह फ़ैक्ट्री लीकेज था?नहीं, घर में रसायन मिलाने के दौरान घटना हुई।
    क्या NDRF तैनात हुई?NDRF को अलर्ट पर रखा गया है।
  • शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    शिवधाम संकुल में नागरिक समस्याओं का दौरा, MLA सुनील प्रभु ने दिए निर्देश

    मालाड पूर्व — शिवधाम संकुल में सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीर्वेज लाइन और भटकते कुत्तों जैसी नागरिक समस्याओं को लेकर MLA सुनील प्रभु ने स्थल निरीक्षण किया। मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए नगरपालिका अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: मालाड (पूर्व) के प्रभाग क्रमांक 44 स्थित शिवधाम संकुल में नागरिकों की बढ़ती समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक सुनील प्रभु ने मंगलवार दोपहर मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मलनिस्सारण लाइन, सड़कों के कंक्रीटीकरण, स्ट्रीट लाइट, भटकते कुत्तों और फायर ब्रिगेड के पीछे बने कबूतरखाने सहित कई मुद्दों पर नागरिकों से चर्चा की और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।

    🔹 सड़क और सीवरेज की खराब स्थिति पर MLA का फोकस

    निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि शिवधाम संकुल के कई अंदरूनी रास्ते टूटे हुए हैं और बरसात के बाद से स्थिति और बिगड़ गई है।
    सीवरेज लाइन की सफाई और मरम्मत पर भी नागरिकों ने शिकायत की।

    👉 इस पर MLA सुनील प्रभु ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • सड़क का कंक्रीटीकरण जल्द पूरा करें
    • सीवरेज लाइन की तुरंत सफाई और मरम्मत शुरू करें
    MLA-Sunil-Prabhu-gave-instructions-to-visit-Shivdham-Complex-to-address-civic-issues-1

    🔹 स्ट्रीट लाइट बंद — दो बड़े हॉलोजन लगाने का आदेश

    स्ट्रीट लाइट बंद होने से रात में अंधेरा और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बनी रहती हैं।
    जब तक सड़क का काम पूरा नहीं होता तब तक MLA ने निर्देश दिया कि
    ✔ दो बड़े हॉलोजन लाइट तुरंत लगाई जाएं।

    🔹 बैरिकेड्स हटाने के निर्देश — नागरिकों को आराम

    ओबेरॉय मॉल के सामने लगे बैरिकेड्स के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ रही थी।
    नागरिकों ने यह मुद्दा उठाया तो MLA ने संबंधित अधिकारियों को आज के आज बैरिकेड्स हटाने का आदेश दिया।

    🔹 म्हाडा पार्क की बदहाल स्थिति पर चर्चा

    संकुल में म्हाडा के अंतर्गत बने उद्यान की देखभाल न होने पर नागरिकों ने नाराज़गी जताई।
    सुनील प्रभु ने आश्वासन दिया कि
    👉 म्हाडा प्रशासन से बात कर उद्यान का नवीनीकरण जल्द करवाया जाएगा।

    🔹 निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे

    इस निरीक्षण के दौरान शिवसेना के कई स्थानीय पदाधिकारी और संकुल की विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधि मौजूद थे —
    शाखा प्रमुख सुभाष धनुका, उपशाखाप्रमुख शैलेश जाधव, अशोक दैने, युवासेना उपशाखाधिकारी आर्यन जाधव, मंगेश चव्हाण, शिवधाम सेवा मंडल के अध्यक्ष रविंद बोभाटे, सचिव जितेंद्र पराडकर ऐसे ही विभिन्न गृहनिर्माण सोसायटी के पदाधिकारी संतोष नाझरे, रामचंद्र म्हापणकर, अरुण वाघ, कुंदन गोस्वामी, सुरेश गोसवी, अनंत ठाकरे, सुनील मोरे, प्रथमेश वेंगुर्लेकर समेत बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल थे।


    FAQ — शिवधाम संकुल नागरिक समस्या दौरे पर

    प्रश्नउत्तर
    दौरा किसने किया?स्थानीय MLA सुनील प्रभु ने।
    मुख्य समस्याएं क्या थीं?टूटी सड़कें, बंद स्ट्रीट लाइट, सीवेज लाइन, भटके कुत्ते, बैरिकेड्स और पार्क की स्थिति।
    क्या अधिकारियों को निर्देश दिए गए?हां, तुरंत मरम्मत और कार्रवाई शुरू करने को कहा गया।
    बैरिकेड हटाने की मांग पर क्या आदेश दिया गया?आज ही हटाने और नागरिकों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश।
    म्हाडा पार्क को लेकर क्या निर्णय लिया गया?नवीनीकरण के लिए म्हाडा के साथ फॉलो-अप करने का आश्वासन।
  • कांदिवली फायरिंग केस सॉल्व, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपी दबोचे

    कांदिवली फायरिंग केस सॉल्व, मुंबई क्राइम ब्रांच ने 5 आरोपी दबोचे

    मुंबई के कांदिवली वेस्ट में प्रॉपर्टी डीलर पर हुई फायरिंग केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने मुख्य साजिशकर्ता राजेश रमैश चौहान और चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद की।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में 40 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर फ्रेडी डी’मेलो पर हुई फायरिंग के मामले को मुंबई क्राईम ब्रांच ने सुलझाते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी राजेश रमेश चौहान ने प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद के चलते चार शूटरों को सुपारी दी थी। चारों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को पुणे के भोर गांव से पकड़ा गया है, जबकि इससे पहले चारकोप पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी थी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    🔹 कांदिवली फायरिंग केस कैसे हुआ सॉल्व

    क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने तकनीकी इन्वेस्टिगेशन, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। शुक्रवार दोपहर सभी शूटर पुणे के भोर गांव में पकड़े गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरी सुपारी राजेश चौहान ने दी थी।

    🔹 मुख्य साजिशकर्ता कौन है?

    मुख्य आरोपी राजेश रमेश चौहान (42), कांदिवली निवासी है। उसका पीड़ित फ्रेडी डी’मेलो से
    🔸 प्रॉपर्टी
    🔸 पैसों के लेन-देन
    को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

    इसी विवाद के चलते चौहान ने डी’मेलो को रास्ते से हटाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को हायर किया।

    🔹 गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची

    आरोपी का नामउम्रपता
    राजेश रमैश चौहान उर्फ दया42कांदिवली
    सुभाष भीकाजी मोहिटे44विरार
    मंगेश एकनाथ चौधरी30भोर (पुणे)
    रोशन बसंतकुमार सिंह उर्फ कृष्णा25काशिगांव, ठाणे
    पहले गिरफ्तार — मुन्ना मयुद्दीन शेख उर्फ गुड्डू35मुंबई

    🔹 सुपारी किलर्स का रोल

    जांच में पता चला कि चौहान ने शूटरों को
    ▪ फायरिंग की प्लानिंग
    ▪ पैसों का ऑफर
    ▪ हथियार की व्यवस्था
    सब कुछ खुद किया।
    पुलिस ने बरामद पिस्टल का टेस्ट भी शुरू कर दिया है।

    🔹 आगे की कार्रवाई

    क्राइम ब्रांच अब यह जांच रही है कि
    🔸 कितने पैसे में सुपारी दी गई?
    🔸 क्या और लोग शामिल थे?
    🔸 हथियार की सप्लाई चेन किसने की?


    ❓ FAQ — कांदिवली फायरिंग केस

    प्रश्नउत्तर
    कांदिवली फायरिंग केस का मास्टरमाइंड कौन है?राजेश रमैश चौहान, जिसने सुपारी दी थी।
    कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?कुल पाँच — चार कॉन्ट्रैक्ट किलर्स और एक मुख्य आरोपी।
    फ्रेडी डी’मेलो पर हमला क्यों किया गया?प्रॉपर्टी और पैसों के विवाद के कारण।
    आरोपियों को कहाँ से पकड़ा गया?चार आरोपियों को पुणे के भोर गांव से पकड़ा गया।
    क्या वारदात में इस्तेमाल हथियार मिला?हाँ, पिस्टल बरामद कर ली गई है।
  • मालाड वेस्ट में हिट एंड रन में बाइक सवार की मौत

    मालाड वेस्ट में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार नारायण सिंह को टक्कर मारकर फरार हो गया। घायल को अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज से पहले ही उनकी मौत हो गई।

    मुंबई: मालाड वेस्ट में बुधवार सुबह एक हिट-एंड-रन हादसे में बाइक सवार की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक ने न्यू लिंक रोड पर टक्कर मारी और घबराकर चालक मौके से भाग निकला। पुलिस के अनुसार मृतक 32 वर्षीय नारायण सिंह मलवनी में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे और अंधेरी ईस्ट में बिल्डिंग वॉटर सप्लाई का काम करते थे। हादसे के बाद बांगुर नगर पुलिस ने ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

    हादसा कैसे हुआ — पुलिस की प्रारंभिक जानकारी

    19 नवंबर की सुबह नारायण सिंह अपनी मोटरसाइकिल से न्यू लिंक रोड से अंधेरी की ओर जा रहे थे।
    टॉयोटा सिग्नल के पास अचानक तेज रफ्तार ट्रक उनकी बाइक से टकरा गई।
    टक्कर इतनी जोरदार थी कि सिंह सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
    हादसे के बाद ट्रक चालक रुकने के बजाय मौके से फरार हो गया।

    हादसे के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नही बच सकी

    तुरंत सूचना मिलने पर पुलिस ने उन्हें तुरंत ट्रॉमा केयर अस्पताल पहुंचाया और घर पर खबर दी।
    पत्नी दक्षा सिंह तुरंत अस्पताल पहुंचीं, लेकिन डॉक्टरों ने सुबह करीब 10:30 बजे नारायण सिंह को मृत घोषित कर दिया।
    परिवार अब सदमे में है — वह दो छोटे बच्चों और पत्नी का सहारा थे।

    केस दर्ज, आरोपी ट्रक ड्राइवर की तलाश जारी

    बांगुर नगर पुलिस ने

    • लापरवाही से वाहन चलाने
    • मौत का कारण बनने
    • और मदद किए बिना फरार होने
      के आरोपों में मामला दर्ज किया है।
      पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और ट्रक की पहचान के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।

    ❓ FAQ — पूछे जाने वाले सामान्य सवाल

    सवालजवाब
    हादसा किस दिन हुआ?19 नवंबर, बुधवार की सुबह।
    हादसा कहाँ हुआ?मालाड वेस्ट, न्यू लिंक रोड, टॉयोटा सिग्नल के पास।
    मृतक कौन थे?नारायण सिंह, जो मलवनी में परिवार के साथ रहते थे।
    दुर्घटना कैसे हुई?तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मारी और ड्राइवर फरार हो गया।
    केस किस थाने में दर्ज है?बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में।
    क्या आरोपी ड्राइवर गिरफ्तार हुआ?पुलिस फुटेज के आधार पर उसकी तलाश कर रही है।