Category: Mumbai News

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  • मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई में 100 से ज़्यादा चोरी करने वाला कुख्यात चोर गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी करने वाले कुख्यात चोर मोनू उर्फ़ आज़न खान को गिरफ्तार किया। मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर व मिठाई दुकानों को निशाना बनाने वाला यह आरोपी सिर्फ़ कैश चुराता था। पढ़ें पूरी खबर।

    मुंबई लंबे समय से फरार चल रहे 38 वर्षीय अजान खान उर्फ़ मोनू को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जो शहर में 100 से ज़्यादा दुकानों में सेंधमारी कर चुका है। यह आरोपी सिर्फ़ नकदी चुराता था और चोरी के तुरंत बाद ड्रग्स और फिज़ूलखर्ची में पैसे उड़ा देता था। पुलिस की 10 दिन की निगरानी के बाद उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा गया।

    मोनू का अनोखा चोरी करने का तरीका

    पुलिस के मुताबिक, मोनू की चोरी करने की शैली बाकी चोरों से अलग थी। वह सिर्फ़ उन दुकानों को निशाना बनाता था जहां नकदी मिलने की संभावना अधिक हो—जैसे मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर शॉप, मिठाई की दुकानें, किराना स्टोर व छोटी दुकानें। खास बात यह थी कि वह ज्वेलरी, मोबाइल फोन या कोई कीमती सामान नहीं चुराता था। चोरी में हाथ लगते ही वह पूरा पैसा ड्रग्स और पार्टी में खर्च कर देता था और फिर दो दिन तक गायब रहता था।

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    कई इलाकों की पुलिस कर रही थी तलाश

    मोनू मलवानी क्षेत्र में रहता था, लेकिन परिवार के साथ नहीं रहता था। मुंबई के कांदिवली, मालाड और बांगुर नगर में उसने कई चोरी की वारदातें की थीं। कई पुलिस टीमें एक साल से उसकी तलाश में थीं, लेकिन वह हर बार बच निकलता था।

    10 दिन तक पुलिस ने की लगातार निगरानी

    DCP संदीप जाधव और ACP नीता पाडवी के मार्गदर्शन में सीनियर इंस्पेक्टर करण सोनकवडे, असिस्टेंट इंस्पेक्टर हेमंत गीते और सब-इंस्पेक्टर नितिन साटम की टीम ने आरोपी पर करीब 10 दिन तक लगातार नज़र रखी।

    CCTV फुटेज में सामने आया कि वह हर रात लगभग 2.30 बजे मार्वे रोड, स्थित मालवनी कब्रिस्तान के पास वाले सिग्नल से गुजरता है। पुलिस टीम उसकी रूटीन मूवमेंट का पीछा करते हुए शनिवार की रात उसे पकड़ने में सफल रही।

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    रंगे हाथों गिरफ्तार, चोरी की बाइक भी बरामद

    शनिवार देर रात पुलिस ने उसे एक दुकान का शटर उठाते समय रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच में पता चला कि जिस बाइक से वह घूमता था वह भी मटुंगा इलाके से चोरी की गई थी। अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया है और चोरी की रकम व सामान की बरामदगी की कोशिशें जारी हैं।

    कई मामलों का खुलासा

    कांदिवली पुलिस के मुताबिक, मोनू की गिरफ्तारी के बाद अब तक 10 चोरी के मामले सुलझाए जा चुके हैं, जिनमें छह मामले कांदिवली के, जबकि बाकी मालाड और बांगुर नगर के हैं। पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी मामले खुल सकते हैं।


    FAQ सेक्शन

    1. मोनू कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?

    मोनू उर्फ़ आज़न खान पर मुंबई में 100 से ज़्यादा दुकानों में चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने उसे मलवानी इलाके से रंगे हाथों पकड़ा।

    2. वह किस तरह की दुकानों को निशाना बनाता था?

    वह सिर्फ़ मेडिकल स्टोर, हार्डवेयर दुकानें, मिठाई और किराना दुकानों में सेंध लगाता था और सिर्फ़ नकदी चुराता था।

    3. पुलिस ने उसे कैसे पकड़ा?

    करीब 10 दिन की निगरानी और CCTV फुटेज की मदद से उसकी हर रात की मूवमेंट ट्रैक की गई। अंत में उसे शटर उठाते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।

    4. क्या चोरी का सामान बरामद हुआ है?

    पुलिस ने उसकी चोरी की बाइक बरामद की है, और बाकी चोरी की रकम व सामान की तलाश जारी है।

    5. आरोपी पर अब तक कितने केस दर्ज हैं?

    कांदिवली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के साथ 10 चोरी के केस सुलझा लिए हैं, और संख्या बढ़ सकती है।

  • मालाड में विकास कार्य बना सिरदर्द, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    मालाड में विकास कार्य बना सिरदर्द, लोगों की बढ़ी मुश्किलें

    मालाड में चल रहे बीएमसी के विकास प्रोजेक्ट से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुल, सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों से ट्रैफिक जाम और धूल-मिट्टी से नागरिकों का जीना मुश्किल हुआ। करोड़ों के प्रोजेक्ट के बावजूद सुविधाओं की जगह बढ़ी दिक्कतें।

    मुंबई: मालाड इलाके में चल रही कई विकास परियोजनाएं अब स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन चुकी हैं। सड़कों की खुदाई, अधूरे पुल और धूल-मिट्टी के बीच नागरिकों का रोजमर्रा का जीवन कठिन हो गया है। बीएमसी ने यातायात सुधारने और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 2,200 करोड़ रुपए के टेंडर जारी किए हैं, लेकिन काम की धीमी रफ्तार और खराब प्लानिंग से जनता नाराज़ है।

    🏗️ एक साथ कई प्रोजेक्ट, जनता बेहाल

    मालाड पश्चिम में इस समय कई बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट चल रहे हैं — जिनमें नए पुलों का निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, और पुराने ब्रिज का पुनर्निर्माण शामिल है।
    बीएमसी का दावा है कि ये काम मुंबई के पश्चिमी उपनगरों की ट्रैफिक समस्या को कम करेंगे, लेकिन फिलहाल इसका उल्टा असर दिख रहा है। कई जगहों पर ट्रैफिक जाम, रास्तों की खुदाई और डाइवर्जन के चलते यात्रियों को रोज घंटों की देरी झेलनी पड़ रही है।

    🌉 लगून रोड पुल: बड़ा सपना, बड़ी मुसीबत

    मालाड-पश्चिम में इंफिनिटी मॉल से अंधेरी तक के मालवनी कच्चा रोड़ यानी लगून रोड को जोड़ने के लिए एक केबल-स्टेयड वाहन पुल बनाया जा रहा है।
    इसकी लागत लगभग ₹1,700 करोड़ और लंबाई 380 मीटर है।
    बीएमसी का कहना है कि इससे लिंक रोड और एस.वी. रोड का ट्रैफिक कम होगा, मगर स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुल के काम ने रोजमर्रा की ज़िंदगी को मुश्किल बना दिया है।

    🏞️ रामचंद्र लेन नाले पर एलिवेटेड रोड का काम अटका

    रामचंद्र लेन नाले के ऊपर बन रही एलिवेटेड रोड जो रायन इंटरनेशनल स्कूल से एमडीपी रोड को जोड़ेगी, फिलहाल अधर में लटकी है।
    करीब ₹400 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट से एवरशाइन नगर और अथर्व कॉलेज के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद थी, मगर लोगों का कहना है कि “काम चल रहा है, लेकिन खत्म होने का कोई टाइम नहीं दिखता।”

    🛣️ तटीय सड़क और चौड़ीकरण कार्य से बढ़ी दिक्कतें

    तटीय सड़क (Coastal Road) से जोड़ने के लिए मार्वे रोड पर नया लिंक बनाया जा रहा है।
    साथ ही मालाड-मार्वे रोड को महाकाली जंक्शन से चारकोप नाका तक चौड़ा किया जा रहा है, लेकिन महीनों से ये काम अधूरा पड़ा है।
    पुराने पुलों को गिराकर नए बनाने की योजना ने भी स्थानीय नागरिकों की नींद उड़ा दी है।

    🏚️ दुकानदारों का विरोध और नागरिकों की नाराज़गी

    नवंबर 2022 में एसवी रोड पर पुल बंद करने की मनपा की योजना के खिलाफ दुकानदारों ने विरोध किया था।
    उनका कहना था कि अचानक नोटिस देकर कुछ ही दिनों में दुकानें खाली करने को कहा गया, जिससे कई व्यापारियों का रोज़गार खतरे में पड़ गया।
    स्थानीय निवासी सुखदेव सिंह ने कहा —

    “हर बार मनपा विकास का नाम लेकर सड़कें खोद देती है, लेकिन काम कभी टाइम पर पूरा नहीं होता। अच्छी-भली सड़कों को तोड़कर लोगों को परेशान किया जा रहा है।”

    ⚙️ परियोजना 2028 तक पूरी करने का लक्ष्य

    बीएमसी ने इन सभी प्रोजेक्ट्स को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन शहर के अनुभव बताते हैं कि शायद ही कोई प्रोजेक्ट समय पर पूरा हुआ हो।
    लोगों का कहना है कि ‘टेंडर तो पास हो जाते हैं, लेकिन काम जनता को राहत नहीं देते।’


    FAQ सेक्शन

    Q1. मालाड में कौन-कौन से बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं?
    👉 मालवनी लगून रोड पुल, रामचंद्र लेन नाले पर एलिवेटेड रोड, तटीय सड़क लिंक और मालाड-मार्वे रोड चौड़ीकरण जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
    Q2. बीएमसी ने इन प्रोजेक्ट्स पर कितना खर्च तय किया है?
    👉 लगभग ₹2,200 करोड़ का टेंडर जारी किया गया है।
    Q3. क्या इन प्रोजेक्ट्स से ट्रैफिक समस्या कम होगी?
    👉 फिलहाल उल्टा असर दिख रहा है। निर्माण कार्यों से सड़कों पर भारी ट्रैफिक और नागरिकों को असुविधा हो रही है।
    Q4. प्रोजेक्ट कब तक पूरे होंगे?
    👉 बीएमसी का लक्ष्य 2028 तक पूरा करने का है, लेकिन लोगों को देरी की चिंता है।

  • जोगेश्वरी की 14 मंजिला इमारत में आग, बड़ा हादसा टला — कोई हताहत नहीं

    जोगेश्वरी की 14 मंजिला इमारत में आग, बड़ा हादसा टला — कोई हताहत नहीं

    मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में स्थित 14 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग ‘JNS बिज़नेस सेंटर’ में गुरुवार सुबह आग लग गई। दमकल विभाग की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    मुंबई: जोगेश्वरी (पश्चिम) में गुरुवार सुबह एक 14 मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। आग की लपटें 9वें से 12वें माले तक फैल गईं। मौके पर फायर ब्रिगेड की 20 से ज्यादा गाड़ियां पहुंचीं और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया।
    सौभाग्य से इस हादसे में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है।

    🏢 JNS बिज़नेस सेंटर में लगी आग

    यह घटना जोगेश्वरी पश्चिम के एस.वी. रोड, बेहरामपाड़ा स्थित JNS बिज़नेस सेंटर की है, जो गांधी स्कूल के पास स्थित है।
    मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) के अनुसार आग की सूचना सुबह 10:51 बजे मिली थी।
    लपटें बिल्डिंग के 9वें से 12वें माले तक पहुंच चुकी थीं और कांच की दीवारों से आग साफ़ दिखाई दे रही थी।

    🚨 फायर ब्रिगेड ने बढ़ाया अलर्ट लेवल

    दमकल विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए 10:46 बजे लेवल-1 अलर्ट से शुरू किया और कुछ ही मिनटों में इसे लेवल-3 तक बढ़ा दिया।
    मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के नेतृत्व में कई फायर स्टेशन अधिकारी, डिप्टी सीएफओ, असिस्टेंट डीएफओ और दर्जनों दमकलकर्मी राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे।

    घटना स्थल पर पहुंचे फायर इंजन, टैंकर, क्विक रेस्क्यू व्हीकल, जेट टेंडर, एरियल हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और 108 एम्बुलेंस सेवाएं तैनात की गईं।
    सभी फायर कर्मियों ने ब्रिदिंग अपरेटस (BA सेट) के साथ अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    🧯 कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू

    कई घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
    फायर डिपार्टमेंट के अनुसार किसी के घायल या झुलसने की जानकारी नहीं मिली है।
    हालांकि, इमारत के ऊपरी हिस्से में कई दफ्तरों को नुकसान पहुंचा है।
    आग लगने के कारणों की जांच बीएमसी और फायर ब्रिगेड की टीम कर रही है।

    🔥 मालाड और बोरिवली में भी लगी आग

    बुधवार सुबह मालाड पश्चिम के लिंक रोड स्थित ‘भूमि क्लासिक’ नामक सात मंजिला रिहायशी इमारत में भी आग लगी थी।
    यह घटना सुबह 5:06 बजे हुई, जिसमें छठे और सातवें माले के फ्लैट्स जलकर खाक हो गए।
    इस हादसे में 24 वर्षीय निवासी शुभम अघोटारिया और एक दमकलकर्मी को मामूली चोटें आईं।
    दोनों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    उसी दिन बोरिवली (गोराई इलाके) में भी दोपहर को आग लगने की घटना सामने आई, लेकिन इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।

    🧩 शहर में बढ़ती आग की घटनाएं

    पिछले कुछ महीनों में मुंबई में इमारतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ी हैं।
    विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने वायरिंग सिस्टम, एयर कंडीशन यूनिट्स में शॉर्ट सर्किट और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी इसका मुख्य कारण है।
    बीएमसी ने अब सभी कमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर ऑडिट कराने का आदेश दिया है।

    🧱 नागरिकों से अपील

    फायर ब्रिगेड ने अपील की है कि सभी बिल्डिंग्स में नियमित रूप से फायर सिस्टम की जांच की जाए और आपात स्थिति में सही एग्जिट रूट्स की जानकारी सभी को होनी चाहिए।


    FAQ सेक्शन

    Q1. जोगेश्वरी की इमारत में कब और कहां आग लगी?
    👉 गुरुवार सुबह 10:51 बजे जोगेश्वरी पश्चिम के JNS बिज़नेस सेंटर में आग लगी।
    Q2. क्या इस हादसे में कोई घायल हुआ है?
    👉 नहीं, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
    Q3. फायर ब्रिगेड ने कितनी देर में आग पर काबू पाया?
    👉 कई घंटों की मेहनत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर नियंत्रण पा लिया।
    Q4. क्या अन्य जगहों पर भी आग लगी थी?
    👉 हां, मालाड पश्चिम और बोरिवली के गोराई इलाके में भी बुधवार को आग लगी थी।
    Q5. आग लगने का कारण क्या बताया जा रहा है?
    👉 प्रारंभिक अनुमान के अनुसार शॉर्ट सर्किट की आशंका है, जांच जारी है।

  • BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को ठंडी प्रतिक्रिया, सिर्फ 855 ने किया डिपॉज़िट पेमेंट

    BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को ठंडी प्रतिक्रिया, सिर्फ 855 ने किया डिपॉज़िट पेमेंट

    मुंबई में BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी को उम्मीद के मुताबिक रिस्पॉन्स नहीं मिला। 23,704 लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन सिर्फ 855 ने ही डिपॉज़िट जमा किया। जानिए क्यों नहीं बिक रहे 55 लाख से 1 करोड़ तक के ये फ्लैट्स।

    मुंबई: बॉम्बे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी 2024 को इस बार कमजोर रिस्पॉन्स मिला है। कुल 23,704 नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन किया, लेकिन सिर्फ 855 लोगों ने ही ₹11,000 का डिपॉज़िट पेमेंट किया है। जबकि आवेदन की अंतिम तारीख में अब केवल चार दिन बाकी हैं।
    यह फ्लैट्स डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन (DCPR), 2034 के तहत विकसित किए गए हैं। कुल 426 फ्लैट्स में से 381 EWS (Economically Weaker Section) और 45 LIG (Low Income Group) के लिए रखे गए हैं।

    🏠 महंगे दामों से खरीदार पीछे हटे

    BMC ने 16 अक्टूबर को इन 426 फ्लैट्स की बिक्री की घोषणा की थी, जिनकी कीमतें ₹55 लाख से ₹1.07 करोड़ के बीच रखी गई हैं।
    इन फ्लैट्स से BMC को करीब ₹308 करोड़ की आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन उच्च दामों के कारण खरीदारों की रुचि कम देखी जा रही है।
    BMC के मुताबिक, कीमतें स्थानीय रेडी रेकनर रेट से लगभग 10% ज़्यादा हैं, जो मिडल क्लास और लो-इनकम परिवारों के लिए भारी पड़ रही हैं।

    स्थान:
    इन फ्लैट्स के लोकेशन में मरोल (अंधेरी), मजास गांव (जोगेश्वरी ईस्ट), गोरेगांव वेस्ट, कांदिवली वेस्ट, भांडुप वेस्ट, भायखला, दहिसर और कांजुरमार्ग शामिल हैं।

    📉 BMC कर सकती है फ्लैट के रेट्स में कमी

    एक वरिष्ठ BMC अधिकारी के अनुसार —

    “अगर खरीदार नहीं मिलते हैं, तो हम कीमतों में कमी पर विचार कर सकते हैं। लेकिन उससे पहले हम मार्केट की स्थिति और अन्य सरकारी हाउसिंग इन्वेंटरी का रिव्यू करेंगे।”

    यह फ्लैट्स DCPR 2034 की रेग्युलेशन 15 और 33(20)(b) के तहत डेवेलपर्स से लिए गए हैं, जिसमें उन्हें 4000 वर्ग मीटर से बड़े प्लॉट पर बने प्रोजेक्ट का कुछ हिस्सा अफोर्डेबल हाउसिंग के लिए देना होता है।

    पहले ऐसे फ्लैट्स MHADA लॉटरी के जरिए अलॉट किए जाते थे, लेकिन इस बार BMC ने खुद यह प्रक्रिया संभाली है।

    🗓️ ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी का शेड्यूल

    • अंतिम तारीख: 14 नवंबर 2025 (रात 11:59 बजे तक)
    • योग्य आवेदकों की सूची: 18 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • लॉटरी ड्रॉ: 20 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • सफल आवेदकों की घोषणा: 21 नवंबर (शाम 5 बजे)
    • आधिकारिक वेबसाइट: https://housing.mcgm.gov.in

    📊 BMC आवेदन डेटा (16 अक्टूबर – 10 नवंबर तक)

    विवरणसंख्या
    कुल रजिस्टर्ड आवेदक23,704
    रजिस्ट्रेशन फीस (₹1,180) भरने वाले1,644
    डिपॉज़िट (₹11,000) जमा करने वाले855

    🧩 क्यों नहीं मिल रही है जनता की रुचि?

    • फ्लैट्स की कीमतें आमदनी के मुकाबले ज्यादा
    • 269 से 489 वर्गफुट के छोटे आकार
    • EMI और ब्याज दरों में बढ़ोतरी
    • निजी बिल्डर्स के सस्ते ऑफर्स से मुकाबला
    • जगहों की सीमित कनेक्टिविटी

    🏡 EWS और LIG के लिए उम्मीदें अभी बाकी

    हालांकि शुरुआत धीमी रही है, लेकिन BMC को उम्मीद है कि जैसे-जैसे अंतिम तिथि करीब आएगी, आवेदकों की संख्या बढ़ेगी।
    इसके अलावा, अगर कीमतों में कमी की घोषणा होती है, तो यह मिडल क्लास खरीदारों के लिए बड़ा मौका बन सकता है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. BMC की अफोर्डेबल हाउसिंग लॉटरी क्या है?
    यह एक सरकारी योजना है जिसमें मुंबई के अलग-अलग इलाकों में बने सस्ते घरों को लॉटरी सिस्टम के जरिए पात्र नागरिकों को आवंटित किया जाता है।
    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    14 नवंबर 2025 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन और डिपॉज़िट किया जा सकता है।
    Q3. किन इलाकों में फ्लैट्स उपलब्ध हैं?
    मरोल, जोगेश्वरी, गोरेगांव, कांदिवली, भांडुप, बायकुला, दहिसर और कांजुरमार्ग में।
    Q4. फ्लैट्स की कीमतें कितनी हैं?
    ₹55 लाख से ₹1.07 करोड़ के बीच, क्षेत्र और साइज के अनुसार।
    Q5. क्या BMC दरें घटा सकती है?
    हां, BMC ने संकेत दिए हैं कि अगर खरीदार नहीं मिलते हैं तो दरों में कमी पर विचार किया जाएगा।

  • गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निरीक्षण पर पहुंचे MLA सुनील प्रभु, बीएमसी अधिकारियों को दी कई अहम निर्देश

    गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निरीक्षण पर पहुंचे MLA सुनील प्रभु, बीएमसी अधिकारियों को दी कई अहम निर्देश

    शिवसेना नेता और पूर्व महापौर सुनील प्रभु ने गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निर्माण कार्य का बीएमसी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। उन्होंने आदिवासी पाड़ा के लोगों की सुविधाओं और भविष्य में होने वाली ट्रैफिक समस्याओं पर तत्काल समाधान के निर्देश दिए।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर चल रहे विकास कार्यों का शिवसेना नेता और विधायक सुनील प्रभु ने सोमवार को बीएमसी अधिकारियों के साथ स्थल निरीक्षण किया।
    निरीक्षण के दौरान उन्होंने नागरिकों को हो रही समस्याओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को कई सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

    🏗️ स्थानीय नागरिकों की समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश

    विधायक सुनील प्रभु ने बताया कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के निर्माण से श्रमसाफल्य सोसायटी, श्रीकृष्ण नगर, जयभीम नगर और दिंडोशी महानगरपालिका वसाहत जैसे इलाकों के नागरिकों को असुविधा हो रही है।
    उन्होंने बीएमसी के रस्ता विभाग, पूल विभाग और परिरक्षण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि

    • श्रीकृष्ण नगर के नागरिकों के लिए संतोष नगर बस स्टॉप तक पहुंचने के लिए अंडरपास (भुयारी मार्ग) बनाया जाए।
    • पर्जन्य जल वाहिनी (ड्रेनेज लाइन) को सड़क के एक ओर स्थानांतरित कर नया निर्माण किया जाए।
    • गणेश मंदिर-इंदिरा विकास केंद्र मार्ग पर नागरिकों और वाहनों को सुगम आवागमन की सुविधा दी जाए।
    • बीएसटी बसों के लिए टर्मिनल पॉइंट तैयार किया जाए ताकि यातायात में बाधा न आए।

    🚧 आदिवासी पाड़ा के लोगों की सुविधा के लिए भी निर्देश

    निरीक्षण के दौरान सुनील प्रभु ने यह भी बताया कि गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के टनल निर्माण कार्य के चलते बालासाहेब फालके चित्रनगरी के हबाले आदिवासी पाड़ा में लोगों का मुख्य मार्ग बंद हो गया था, जिससे उन्हें आवाजाही में भारी दिक्कतें हो रही थीं।
    अब बीएमसी ने इस “मिसिंग लिंक रोड” का काम शुरू कर दिया है, जिसका शुभारंभ स्वयं सुनील प्रभु ने किया।

    🚦 भविष्य की ट्रैफिक समस्या पर भी होगी बैठक

    दादासाहेब फालके चित्रनगरी के मुख्य प्रवेश द्वार के पास उड्डाणपुल का एग्जिट पॉइंट बनने वाला है।
    विधायक ने बताया कि इस क्षेत्र में भविष्य में वाहन जाम की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
    इसलिए उन्होंने बीएमसी के पूल विभाग, रस्ते विभाग और परिरक्षण विभाग को नियोजन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि पहले से योजना बनाई जा सके।

    👥 अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

    निरीक्षण के दौरान विधायक सुनील प्रभु के साथ
    ** पूर्व उपमहापौर सुहास वाडकर**,
    *पूर्व नगरसेवक तुलसीराम शिंदे*,
    ** उद्धव ठाकरे गुट के शाखाप्रमुख संपत मोरे**,
    तथा बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

    💬 सुनील प्रभु ने क्या कहा

    “हमारा उद्देश्य सिर्फ सड़क और पुल नहीं बनाना है, बल्कि आसपास के नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। बीएमसी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानीय लोगों की जरूरतें पूरी हों और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रहे।”
    सुनील प्रभु, विधायक (शिवसेना – उद्धव बालासाहेब ठाकरे गट)


    FAQ सेक्शन:

    Q1. गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का निरीक्षण किसने किया?
    विधायक और शिवसेना नेता सुनील प्रभु ने बीएमसी अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
    Q2. निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था?
    स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को समझना, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारना और निर्माण कार्य में आवश्यक बदलाव के निर्देश देना।
    Q3. कौन-कौन से इलाके प्रभावित हैं?
    श्रीकृष्ण नगर, दिंडोशी, जयभीम नगर और हबाले आदिवासी पाड़ा जैसे इलाके इस परियोजना से प्रभावित हैं।
    Q4. ट्रैफिक को लेकर क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
    फालके चित्रनगरी के पास संभावित ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए नियोजन बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
    Q5. इस मौके पर और कौन मौजूद थे?
    उपमहापौर सुहास वाडकर, पूर्व नगरसेवक तुलसीराम शिंदे और बीएमसी अधिकारी।

  • मुंबई के वेस्टर्न उपनगरों में अब लगेंगे वॉटर मीटर, BMC करेगी सप्लाई मॉनिटरिंग शुरू

    मुंबई के वेस्टर्न उपनगरों में अब लगेंगे वॉटर मीटर, BMC करेगी सप्लाई मॉनिटरिंग शुरू

    मुंबई के गोरेगांव से दहिसर तक अब बीएमसी लगाएगी वॉटर मीटर। पानी की सप्लाई में दबाव की कमी और लीकेज की पहचान होगी आसान। पश्चिमी उपनगरों में पानी की कमी पर अब सख्ती से नज़र रखी जाएगी।

    मुंबई: शहर में पानी की सप्लाई से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अब एक नई पहल शुरू करने जा रही है।
    गोरेगांव से लेकर दहिसर तक के वेस्टर्न उपनगरों (Western Suburbs) में अब वॉटर मीटर (Water Meter) लगाए जाएंगे, जिससे न सिर्फ पानी का दबाव (Water Pressure) मॉनिटर किया जा सकेगा, बल्कि लीकेज और कंटैमिनेशन जैसी दिक्कतों का तुरंत पता चल सकेगा।

    बीएमसी का मानना है कि इन वॉटर मीटरों से न्यायसंगत जल वितरण (Equitable Water Distribution) सुनिश्चित किया जा सकेगा और लंबे समय से परेशान इलाकों में राहत मिलेगी।

    🚰 गोरेगांव से दहिसर तक वॉटर मीटर लगाने की योजना

    बीएमसी अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में गोरेगांव, कांदिवली, बोरीवली, दहिसर और मलाड (Marve क्षेत्र सहित) जैसे इलाकों में वॉटर मीटर लगाए जाएंगे।
    इन इलाकों में पिछले चार महीनों से लगातार कम दबाव की पानी की सप्लाई (Low Water Pressure) की शिकायतें मिल रही हैं।

    हालांकि मुंबई के सात झीलों में पर्याप्त पानी का भंडार मौजूद है, लेकिन पश्चिमी उपनगरों में पाइपलाइन दबाव और लीकेज की समस्या की वजह से कई सोसायटियों को अब भी कम सप्लाई मिल रही है।

    📉 कम दबाव की समस्या बनी बड़ी चुनौती

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने हाल ही में उत्तर मुंबई के पानी संकट की समीक्षा बैठक की थी।
    उन्होंने बताया कि दहिसर, मागाठाणे और कांदिवली जैसे इलाकों में पानी का दबाव 40-45 लेवल तक ही रह जाता है, जबकि आदर्श स्तर 60-65 होना चाहिए।

    गोयल ने बीएमसी को सुझाव दिया कि ऐसे इलाकों में जोनल प्रेशर मीटर (Zonal Pressure Meter) लगाकर सप्लाई को ट्रैक किया जाए ताकि तुरंत सुधार किया जा सके।

    🧾 प्रदूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज पर सख्त निगरानी

    बैठक में मंत्री ने कहा कि सबसे पहले प्रदूषित पानी और पाइपलाइन लीकेज जैसी शिकायतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
    उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों का डिजिटल मैप तैयार किया जाए और सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएं।

    हालांकि कुल सप्लाई बढ़ाने में समय लगेगा, लेकिन यह मॉनिटरिंग सिस्टम तत्काल राहत देने में मदद करेगा।

    🗣️ स्थानीय नेताओं की मांग – ‘बराबर पानी सप्लाई हो’

    बोरीवली के विधायक संजय उपाध्याय ने कहा,

    “शहर के दक्षिण हिस्से से बड़ी आबादी उपनगरों में शिफ्ट हो चुकी है, लेकिन पानी का वितरण उसी पुराने पैटर्न पर है। पश्चिमी उपनगरों को अब भी कम सप्लाई दी जा रही है, जो अनुचित है।”

    स्थानीय नेताओं ने मांग की है कि बीएमसी सप्लाई की रफ्तार बढ़ाए और वॉटर मीटर के जरिए पारदर्शी सिस्टम लाए।

    🏙️ बीएमसी की उम्मीद – अगले साल तक बड़ा बदलाव

    बीएमसी इंजीनियरिंग विभाग का कहना है कि अगले छह से आठ महीनों में यह वॉटर मीटरिंग प्रोजेक्ट पूरा कार्यान्वित (Implemented) हो जाएगा।
    इसके बाद हर ज़ोन में डिजिटल डेटा के ज़रिए पानी की खपत, दबाव और लीकेज की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी।


    FAQ सेक्शन

    Q1. बीएमसी कहां-कहां वॉटर मीटर लगाएगी?
    👉 पहले चरण में गोरेगांव से दहिसर तक के वेस्टर्न उपनगरों में।
    Q2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    👉 पानी का दबाव मॉनिटर करना, लीकेज पकड़ना और न्यायसंगत सप्लाई सुनिश्चित करना।
    Q3. कौन-कौन से इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
    👉 मागाठाणे, दहिसर, कांदिवली (वेस्ट) और मलाड (वेस्ट) के मार्वे क्षेत्र।
    Q4. क्या केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस पर कोई कदम उठाया है?
    👉 हां, उन्होंने बीएमसी को मीटर लगाने और पाइपलाइन लीकेज पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
    Q5. यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा?
    👉 बीएमसी का लक्ष्य है कि अगले 6–8 महीनों में इसे पूरी तरह लागू किया जाए।

  • फिल्म अभिनेता प्रेम चोपड़ा वायरल इंफेक्शन के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर बोले– “3-4 दिन में होंगे ठीक

    फिल्म अभिनेता प्रेम चोपड़ा वायरल इंफेक्शन के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर बोले– “3-4 दिन में होंगे ठीक

    92 वर्षीय बॉलीवुड अभिनेता प्रेम चोपड़ा को वायरल इंफेक्शन और उम्र संबंधी तकलीफों के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत स्थिर है और वे जल्द ठीक होकर घर लौटेंगे।

    📍 मुंबई | एंटरटेनमेंट डेस्क

    बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा को वायरल इंफेक्शन के चलते मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    92 साल की उम्र में भी बेहद सक्रिय रहने वाले प्रेम चोपड़ा फिलहाल स्थिर हैं और डॉक्टरों का कहना है कि वह अगले 3 से 4 दिनों में पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो जाएंगे।

    🏥 डॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य अपडेट

    प्रेम चोपड़ा का इलाज लीलावती अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन गोकले और डॉ. जलील पारकर की निगरानी में चल रहा है।
    डॉ. पारकर ने बताया —

    “प्रेम चोपड़ा cardiac ailment (हृदय रोग) के पुराने मरीज हैं। हाल ही में उन्हें वायरल इंफेक्शन हुआ था, जिसकी वजह से फेफड़ों पर असर पड़ा। वे ICU में नहीं हैं, बल्कि वार्ड में भर्ती हैं और धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं।”

    डॉ. पारकर ने आगे कहा,

    “उनकी उम्र 92 वर्ष है, इसलिए रिकवरी में थोड़ा समय लगता है। लेकिन वे खतरे से बाहर हैं और अगले तीन-चार दिनों में घर लौट जाएंगे।”

    👪 परिवार ने दी जानकारी

    प्रेम चोपड़ा के दामाद और अभिनेता शरमन जोशी, जो उनकी बेटी प्रेरणा चोपड़ा के पति हैं, ने मीडिया से बातचीत में कहा —

    “सब कुछ ठीक है, कुछ रूटीन टेस्ट्स चल रहे हैं। वो कल तक घर आ जाएंगे।”

    परिवार के अनुसार, अभिनेता की तबीयत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं।

    🎬 60 साल से ज्यादा का करियर, 380 से अधिक फिल्में

    प्रेम चोपड़ा हिंदी सिनेमा के सबसे पहचानने योग्य चेहरों में से एक हैं।
    उन्होंने 1960 और 70 के दशक में विलन के रोल्स से अपनी अलग पहचान बनाई।
    उनकी यादगार फिल्मों में शामिल हैं:

    • “वो कौन थी?” (1964)
    • “उपकार” (1967)
    • “दो रास्ते” (1969)
    • “कटी पतंग” (1970)
    • “बॉबी” (1973)
    • “दो अंजाने” (1976)
    • “त्रिशूल” (1978)
    • “दोस्ताना” (1980)
    • “क्रांति” (1981)

    6 दशकों से भी ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने करीब 380 फिल्मों में अभिनय किया है और हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित खलनायकों में गिने जाते हैं।

    🕊️ फैन्स कर रहे हैं जल्द स्वस्थ होने की दुआ

    सोशल मीडिया पर प्रेम चोपड़ा के प्रशंसक उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहे हैं।
    कई फिल्म स्टार्स और फैन पेजों ने ट्वीट कर कहा —

    “आप हमारे दिलों के विलन हैं लेकिन असल ज़िंदगी में बहुत प्यारे इंसान हैं। जल्दी ठीक हो जाइए, सर!”


    FAQ सेक्शन

    Q1. प्रेम चोपड़ा को अस्पताल में क्यों भर्ती किया गया?
    👉 उन्हें वायरल इंफेक्शन और उम्र संबंधी जटिलताओं के चलते लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    Q2. क्या उनकी हालत गंभीर है?
    👉 नहीं, डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर है और वे कुछ दिनों में घर लौट जाएंगे।
    Q3. प्रेम चोपड़ा की उम्र कितनी है?
    👉 वे 92 वर्ष के हैं।
    Q4. कौन से डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं?
    👉 कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नितिन गोकले और फेफड़ों के विशेषज्ञ डॉ. जलील पारकर।
    Q5. प्रेम चोपड़ा ने कितनी फिल्मों में काम किया है?
    👉 उन्होंने 380 से अधिक हिंदी फिल्मों में अभिनय किया है।

  • Mumbai: ओशिवारा पुलिस स्टेशन में हंगामा — 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 पर जांच शुरू

    Mumbai: ओशिवारा पुलिस स्टेशन में हंगामा — 2 पुलिसकर्मी सस्पेंड, 5 पर जांच शुरू

    मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में 4 नवंबर को बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सस्पेंड कर दिए गए हैं, जबकि पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच शुरू की गई है। मामला अब जांच के घेरे में है।

    मुंबई: जोगेश्वरी पश्चिम के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों के कथित “अशोभनीय व्यवहार” के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि पांच अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है। यह कार्रवाई 4 नवंबर को बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हुए विवाद के बाद की गई है।

    ⚖️ ओशिवारा थाने में तनाव: क्या हुआ था उस दिन

    4 नवंबर की शाम को बजरंग दल के जिला अधिकारी शंकर उर्फ़ वृशभ जाधव करीब 10–15 कार्यकर्ताओं के साथ ओशिवारा पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
    उन्होंने आरोप लगाया कि जोगेश्वरी (पश्चिम) के गुप्ता किराना स्टोर के पास एक परिवार पर दूसरे परिवार ने हमला किया है।
    उसी वक्त एक नाबालिग लड़की और उसकी मां भी छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने पहुंचीं।

    पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन माहौल अचानक गरम हो गया।
    इसी दौरान कुछ पुलिस अधिकारियों पर “गलत व्यवहार” और “कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने” के आरोप लगे।

    🚨 दो पुलिस अधिकारी सस्पेंड, पांच पर जांच आदेश

    घटना के बाद डीसीपी (ज़ोन 9) दिक्षित गेडाम ने इसकी पुष्टि की।
    उन्होंने बताया कि दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है, हालांकि उनके नाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
    साथ ही, पांच अन्य पुलिसकर्मियों —
    एपीआई रमेश केंगर, एपीआई गणेश गायके, पीएसआई बाबू तोत्रे, पीएसआई दीपक बारवे और कॉन्स्टेबल अज़ीम ज़री — पर जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

    🕵️ सात दिन में स्पष्टीकरण रिपोर्ट देनी होगी

    सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सात दिनों के अंदर स्पष्टीकरण रिपोर्ट (Self-Explanatory Report) जमा करें।
    अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
    आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ अशोभनीय व्यवहार किया और कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई।

    📢 प्रशासन सख्त, जांच जारी

    घटना के बाद से ही ओशिवारा पुलिस स्टेशन में माहौल तनावपूर्ण है।
    वरिष्ठ अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं।
    सूत्रों के मुताबिक, यह जांच केवल व्यवहारिक नहीं बल्कि प्रक्रियात्मक लापरवाही पर भी केंद्रित है — यानी क्या पुलिस ने शिकायत दर्ज करने और कार्रवाई करने में देरी की थी या नहीं।


    FAQ सेक्शन:

    Q1. ओशिवारा पुलिस स्टेशन में क्या हुआ था?
    👉 4 नवंबर की शाम बजरंग दल कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस पर अशोभनीय व्यवहार का आरोप लगा।
    Q2. कितने पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए हैं?
    👉 दो असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया गया है और पांच पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच शुरू है।
    Q3. जांच की निगरानी कौन कर रहा है?
    👉 डीसीपी (ज़ोन 9) दिक्षित गेडाम पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।
    Q4. क्या पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए हैं?
    👉 हां, पांच पुलिसकर्मियों के नाम जांच आदेश में दर्ज हैं — रमेश केंगर, गणेश गायके, बाबू तोत्रे, दीपक बारवे और अज़ीम ज़री।

  • दहिसर टोल हटाओ या मैं खुद तोड़ दूंगा – परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की सख्त चेतावनी

    दहिसर टोल हटाओ या मैं खुद तोड़ दूंगा – परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की सख्त चेतावनी

    महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दहिसर टोल प्लाजा का निरीक्षण कर अधिकारियों को 13 नवंबर तक टोल हटाने की अंतिम चेतावनी दी। कहा – “समयसीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो मैं खुद टोल उखाड़ दूंगा।”

    मुंबई: दहिसर टोल प्लाजा को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है।
    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने शनिवार को टोल प्लाजा का निरीक्षण करते हुए 13 नवंबर तक इसे हटाने की डेडलाइन दी।
    उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी —

    “अगर तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं खुद जाकर टोल प्लाजा उखाड़ दूंगा।”

    इस बीच भाजपा ने टोल को हाईवे पर शिफ्ट करने का विरोध किया है, जिससे शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

    🔹 टोल प्लाजा हटाने पर विवाद क्यों?

    दहिसर टोल प्लाजा पर लगातार ट्रैफिक जाम और भीड़भाड़ की समस्या बनी हुई है।
    इसी वजह से टोल को स्थानांतरित करने की मांग उठ रही थी।
    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अधिकारियों को यह टोल हटाने और इसे वर्सोवा हाईवे या खाड़ी ब्रिज पार शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे।

    लेकिन इस प्रस्ताव का भाजपा और मंत्री गणेश नाईक ने खुलकर विरोध किया।
    इससे सरकार के अंदर ही मतभेद उभर आए हैं।

    🔹 निरीक्षण में भड़के सरनाईक

    शनिवार सुबह प्रताप सरनाईक दहिसर टोल प्लाजा पहुंचे।
    निरीक्षण के दौरान मुंबई पुलिस, MSRDC, मनपा, टोल कंपनी और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
    लेकिन सरनाईक ने देखा कि एक तरफ से फ्रेम हटाने के अलावा कोई ठोस काम नहीं हुआ।
    जब अधिकारियों ने और वक्त मांगा, तो मंत्री नाराज़ हो गए और कहा —

    “13 नवंबर को मैं फिर आऊंगा। अगर तब भी यही हाल रहा, तो खुद टोल बूथ तोड़ दूंगा।”

    🔹 निरीक्षण के दौरान विरोध प्रदर्शन

    सरनाईक जब टोल को वर्सोवा क्रीक ब्रिज के पार स्थानांतरित करने का निरीक्षण करने पहुंचे,
    तो कांग्रेस नेता विजय पाटिल और उनके समर्थकों ने विरोध जताया।
    विरोधियों ने कहा —

    “मुंबई का टोल प्लाजा वसई क्षेत्र में नहीं लाया जा सकता। यहां पहले से सड़कों की हालत खराब है, ट्रैफिक भी है। यह स्वीकार्य नहीं होगा।”

    🔹 सड़क साफ करने और डिवाइडर हटाने के आदेश

    निरीक्षण के बाद मंत्री सरनाईक ने मुंबई की ओर आने वाले मार्ग पर बने डिवाइडर हटाने और
    वाहनों के लिए रास्ता खोलने का आदेश दिया।
    उन्होंने कहा कि

    • क्रेन, बेंच और अन्य बाधाएं हटाई जाएं।
    • अनावश्यक होर्डिंग, लोहे के खंभे और अतिरिक्त बूथ तोड़े जाएं।
    • केवल व्यावसायिक वाहनों के लिए जरूरी बूथ ही रहें।

    साथ ही, मीरा-भायंदर की ओर आने वाले टोल बूथ को भी शिफ्ट करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।


    FAQ सेक्शन

    1. दहिसर टोल हटाने की आखिरी तारीख क्या है?
    → परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने 13 नवंबर तक की डेडलाइन दी है।
    2. उन्होंने क्या चेतावनी दी?
    → सरनाईक ने कहा, “अगर कार्रवाई नहीं हुई तो मैं खुद टोल तोड़ दूंगा।”
    3. टोल को कहां शिफ्ट करने का प्रस्ताव है?
    → वर्सोवा हाईवे या खाड़ी ब्रिज के पार स्थानांतरित करने की बात चल रही है।
    4. किसने विरोध किया है?
    → भाजपा और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने प्रस्तावित शिफ्टिंग का विरोध किया है।

  • मालाड आर्मी कैंप में चोरी: क्राइम ब्रांच ने तीन चोरों को पकड़ा, बंदूक और 9 जिंदा कारतूस बरामद

    मालाड आर्मी कैंप में चोरी: क्राइम ब्रांच ने तीन चोरों को पकड़ा, बंदूक और 9 जिंदा कारतूस बरामद

    मालाड के आर्मी कैंप में चोरी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 ने तीन चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से एक बंदूक, 9 जिंदा कारतूस, 450 ग्राम चांदी के गहने और नकद रकम बरामद हुई है। एक नाबालिग भी शामिल है।

    मुंबई: मालाड पूर्व इलाके में स्थित सीओडी (Central Ordnance Depot) आर्मी कैंप में हुई चोरी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 ने तीन चोरों को गिरफ्तार किया है।
    गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने इनके पास से एक पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस, 450 ग्राम चांदी के गहने बरामद किए हैं। हालांकि नगदी भी चोरी हुआ था लेकिन पुलिस को गिरफ्तारी में नगद बरामद नहीं हुए हैं।

    🔹 कैसे हुई थी चोरी

    यह वारदात 1 नवंबर की दोपहर की है, जब मालाड पूर्व के आर्मी कैंप में स्थित एक बंद क्वार्टर की कुंडी तोड़कर चोरी की गई।
    कमरा कुछ समय से बंद था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने अंदर घुसकर गहने, नकद और हथियार उड़ा लिए।
    घटना सामने आने के बाद दिंडोशी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

    🔹 पुलिस ने ऐसे पकड़ा गिरोह

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस के नेतृत्व में जांच शुरू की गई।
    पुलिस टीम ने घटनास्थल की जांच, CCTV कैमरों की पड़ताल, और तकनीकी विश्लेषण (technical analysis) की मदद से संदिग्धों की पहचान की।
    मुखबिरों की जानकारी के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    🔹 बरामदगी और आगे की जांच

    पुलिस की पूछताछ में आरोपियों से एक पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस और लगभग 450 ग्राम चांदी के गहने बरामद हुए हैं।
    दोनों वयस्क आरोपियों को दिंडोशी पुलिस के हवाले किया गया है, जबकि नाबालिग को उसके माता-पिता के सुपुर्द किया गया है।
    फिलहाल दिंडोशी पुलिस आगे की जांच कर रही है कि क्या ये गिरोह किसी और चोरी में भी शामिल था।

    🔹 वरिष्ठ अधिकारी का बयान

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस ने बताया —

    “यह मामला संवेदनशील था क्योंकि चोरी आर्मी कैंप क्षेत्र में हुई थी। हमारी टीम ने तेजी और प्रोफेशनल अंदाज़ में काम करते हुए आरोपी पकड़ लिए।”

    🔹 कानूनी कार्रवाई

    इस मामले में दिंडोशी पुलिस ने गुनाह रजिस्टर क्रमांक 699/2025 के तहत
    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(अ) और 331(3) के तहत अपराध दर्ज किया है।


    FAQ सेक्शन

    1. चोरी कब और कहां हुई थी?
    → चोरी 1 नवंबर को मालाड पूर्व के सीओडी आर्मी कैंप के बंद कमरे में हुई थी।
    2. पुलिस ने क्या बरामद किया?
    → पुलिस ने एक पिस्तौल, 9 जिंदा कारतूस, 450 ग्राम चांदी के गहने और नकद रकम बरामद की है।
    3. कितने आरोपी पकड़े गए हैं?
    → तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
    4. आगे की जांच कौन कर रहा है?
    → आगे की जांच दिंडोशी पुलिस कर रही है।