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  • Mulund West में BMC की बड़ी कार्रवाई, स्टेशन के पास 61 अवैध निर्माण ध्वस्त

    Mulund West में BMC की बड़ी कार्रवाई, स्टेशन के पास 61 अवैध निर्माण ध्वस्त

    BMC T Ward ने Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर 61 अनधिकृत निर्माण तोड़े। 1100 स्क्वायर मीटर जमीन हुई खाली, JCB और भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ कार्रवाई।

    मुंबई: मुलुंड पश्चिम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल रोड पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 61 अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। 11 फरवरी 2026 को ‘T’ वार्ड द्वारा की गई इस कार्रवाई में करीब 1100 वर्ग मीटर क्षेत्र खाली कराया गया। ऑपरेशन के दौरान 4 JCB, 7 डंपर और 70 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के साथ भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात रहा।

    कहाँ हुई कार्रवाई? Mulund Station के पास बड़ा Encroachment Drive

    यह कार्रवाई Mulund West, Sardar Vallabhbhai Patel Road पर की गई, जो Mulund Railway Station के नजदीक का इलाका है। लंबे समय से यहां अवैध झोपड़ियां, अस्थायी ढांचे और अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं।

    BMC T Ward ने संयुक्त रूप से विभिन्न विभागों के साथ मिलकर यह Anti-Encroachment Drive चलाया।

    1100 Square Meter जमीन हुई खाली

    इस अभियान के बाद करीब 1100 स्क्वायर मीटर (चौरस मीटर) सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में अवैध निर्माणों की वजह से ट्रैफिक जाम और पैदल यात्रियों को दिक्कतें हो रही थीं।

    BMC प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक जगहों और फुटपाथ पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    किसकी निगरानी में हुई कार्रवाई?

    • उपायुक्त (परिमंडल-6): संतोषकुमार धोंडे
    • सहायक आयुक्त (T Ward): योगिता कोल्हे

    इनके नेतृत्व में T Ward प्रशासन के विभिन्न विभागों ने संयुक्त कार्रवाई की।

    JCB, डंपर और पुलिस फोर्स के साथ चला ऑपरेशन

    कार्रवाई के दौरान:

    • 04 JCB मशीन
    • 07 डंपर
    • 70 अधिकारी और कर्मचारी
    • पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त

    तैनात किया गया था, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

    आगे भी जारी रहेगा Encroachment Removal Drive

    BMC प्रशासन ने साफ किया है कि मुंबई में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    हाल ही में मुंबई के कई इलाकों में Encroachment Removal, Illegal Construction Demolition, Anti-Encroachment Drive Mumbai जैसे अभियान तेज किए गए हैं।

    क्यों जरूरी है ऐसी कार्रवाई?

    • फुटपाथ और सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त रखना
    • ट्रैफिक जाम कम करना
    • रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा बढ़ाना
    • सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से बचाना

    Mulund West जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में इस तरह की कार्रवाई को शहरी व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी माना जा रहा है।


    FAQ Section

    Q1. BMC ने Mulund में कितने अवैध निर्माण हटाए?

    कुल 61 अनधिकृत निर्माणों को हटाया गया।

    Q2. कार्रवाई कब हुई?

    11 फरवरी 2026 को।

    Q3. कितनी जमीन खाली कराई गई?

    करीब 1100 वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई।

    Q4. कौन सा वार्ड जिम्मेदार था?

    BMC का T Ward (टी विभाग)।

    Q5. क्या आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी?

    हाँ, BMC प्रशासन ने कहा है कि अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

  • Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    मुंबई के Malad में हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में SUV ने 4 साल के बच्चे को कुचला। आरोपी ने कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए चला गया। पुलिस ने पहले लापरवाही का केस दर्ज किया, बाद में BNS की सख्त धाराएं लगाकर दोबारा गिरफ्तार किया।

    मुंबई: Malad East में नीलयोग विराट हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में 7 फरवरी को तेज रफ्तार SUV ने 4 साल के मासूम लक्ष सिंह को कुचल दिया। आरोपी व्यवसायी रमेश जतारा (45) ने बच्चे को टक्कर मारने के बाद कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए वहां से चला गया। घायल बच्चे को परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। पहले पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे छुट्टी अदालत से जमानत मिल गई थी। बाद में परिवार की शिकायत पर पुलिस ने BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की गंभीर धाराएं जोड़कर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया।

    📍 Malad East की सोसायटी में दर्दनाक हादसा

    यह हादसा मालाड ईस्ट, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास स्थित नीलयोग विराट हाईराइज सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में हुआ। बताया जा रहा है कि यहां दो सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे और सोसायटी के बच्चे अक्सर बेसमेंट में खेलते थे।

    7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे लक्ष अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी एक SUV तेज रफ्तार से नीचे उतरी और बच्चे को टक्कर मारते हुए घसीटती चली गई।

    🚗 आरोपी ने कार पार्क की और चला गया

    ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड सुनील जायसवाल (38) ने बताया कि टक्कर के बाद बच्चे की चीख सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि SUV ने बच्चे को टक्कर मारकर आगे बढ़ा दिया था।

    गार्ड के मुताबिक,

    “ड्राइवर ने पहले कार पार्क की और फिर हमें कहा कि बच्चे के घरवालों को बुलाकर उसे घर छोड़ दो। इसके बाद वह वहां से चला गया।”

    यह लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब पूरे मुंबई में गुस्से का कारण बना हुआ है।

    🏥 अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगड़ी हालत

    गार्ड बच्चे के घर का पता नहीं जानते थे। कुछ देर बाद बच्चे का चचेरा भाई उसे ढूंढते हुए बेसमेंट में पहुंचा और घायल हालत में पाया। परिवार तुरंत उसे पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत की सटीक वजह सामने आएगी।

    👨‍👩‍👦 20 साल बाद घर में आई थी खुशियां

    लक्ष सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पिता जयप्रकाश सिंह होलसेल किराना व्यापारी हैं। परिवार के मुताबिक, शादी के करीब 20 साल बाद उनके घर में बच्चे का जन्म हुआ था।

    पिता ने रोते हुए कहा:

    “अगर आरोपी मेरे बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाता तो शायद वह बच सकता था।”

    ⚖️ पहले जमानत, फिर दोबारा गिरफ्तारी

    दिंडोशी पुलिस ने पहले आरोपी पर लापरवाही से मौत (Negligence) का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। छुट्टी अदालत ने अगले ही दिन जमानत दे दी।

    हालांकि, बाद में परिवार के रिश्तेदार ने बयान दिया कि आरोपी को पहले भी सोसायटी में तेज गाड़ी चलाने को लेकर चेतावनी दी गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की गंभीर धाराएं जोड़ दीं और आरोपी को ठाणे जेल से दोबारा गिरफ्तार किया।

    🔎 सोसायटी में पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी

    परिवार का दावा है कि आरोपी रमेश जतारा पहले भी सोसायटी परिसर में तेज गाड़ी चलाता था और उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके उसने अपनी आदत नहीं सुधारी।

    अब यह मामला Mumbai Road Safety, Society Basement Accident, Rash Driving Case in Mumbai जैसे कीवर्ड्स के साथ सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

    📌 परिवार की मांग: सख्त से सख्त सजा

    लक्ष की मां ने कहा:

    “वो हमारी आंखों का तारा था। इतनी छोटी उम्र में हमसे छीन लिया गया।”

    परिवार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। रविवार को अंतिम संस्कार के बाद परिजन पुलिस स्टेशन के बाहर न्याय की मांग को लेकर जुटे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड ईस्ट हादसा कब हुआ?
    यह घटना 7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे हुई।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी का नाम रमेश जतारा (45) है, जो एक व्यवसायी बताया गया है।

    Q3. पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    पहले लापरवाही की धारा लगाई गई थी, बाद में BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई।

    Q4. बच्चा कहां खेल रहा था?
    बच्चा सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में दोस्तों के साथ खेल रहा था।

    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिल गई थी?
    हाँ, पहले जमानत मिली थी, लेकिन बाद में गंभीर धाराएं जोड़ने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया।

  • Mumbai Coastal Road पर India का पहला Musical Road लॉन्च, 60-80 kmph पर बजेगा ‘Jai Ho’

    Mumbai Coastal Road पर India का पहला Musical Road लॉन्च, 60-80 kmph पर बजेगा ‘Jai Ho’

    Mumbai Coastal Road पर भारत का पहला Musical Road शुरू। Nariman Point से Worli जाते समय 60-80 kmph स्पीड पर बजेगी ‘Jai Ho’ की धुन। CM Devendra Fadnavis और Dy CM Eknath Shinde ने किया उद्घाटन।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में धर्मवीर, स्वराज्यरक्षक छत्रपती संभाजी महाराज किनारी मार्ग (Mumbai Coastal Road) पर भारत का पहला Musical Road (Melody Road) शुरू कर दिया गया है। Nariman Point से Worli की तरफ जाने वाली उत्तर लेन पर 500 मीटर के हिस्से में खास grooves और rumble strips टेक्नोलॉजी लगाई गई है। 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर गाड़ी चलाने पर ‘Slumdog Millionaire’ फिल्म का मशहूर गाना ‘Jai Ho’ की धुन सुनाई देती है। इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 11 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में किया गया।

    क्या है Mumbai का Musical Road या Melody Road Concept?

    Musical Road एक ऐसी आधुनिक सड़क तकनीक है जिसमें सड़क की सतह पर खास पैटर्न में grooves (धारियां) बनाई जाती हैं। जब वाहन इन पट्टियों से गुजरता है तो टायर और सड़क के घर्षण से ध्वनि तरंगें बनती हैं और एक तय धुन सुनाई देती है।

    यह टेक्नोलॉजी पहले Hungary, Japan, South Korea और UAE में इस्तेमाल की जा चुकी है। भारत में यह पहली बार मुंबई में लागू की गई है।

    कहाँ बनाया गया है यह Musical Road?

    • स्थान: Mumbai Coastal Road (Dharmveer, Swarajya Rakshak Chhatrapati Sambhaji Maharaj Coastal Road)
    • दिशा: Nariman Point से Worli (North Bound Lane)
    • लंबाई: लगभग 500 मीटर
    • स्पीड कंडीशन: 60-80 kmph पर साफ सुनाई देगी धुन

    यह प्रोजेक्ट मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का नया उदाहरण माना जा रहा है।

    CM Devendra Fadnavis और Dy CM Eknath Shinde ने किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि Coastal Road के पहले चरण में 500 मीटर पर यह प्रयोग किया गया है और भविष्य में इसे और विस्तार दिया जा सकता है।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि इस तरह के Musical Roads आगे चलकर अन्य हाईवे जैसे Samruddhi Mahamarg (समृद्धि महामार्ग) पर भी ट्रायल बेसिस पर शुरू किए जा सकते हैं।

    उद्घाटन के दौरान दोनों नेताओं ने खुद वाहन में बैठकर ‘Jai Ho’ की धुन सुनी।

    कैसे बजेगी ‘Jai Ho’ की धुन?

    Musical Road Technology Explained

    • सड़क पर विशेष दूरी और गहराई में grooves काटी गई हैं
    • गाड़ी के टायर जब इन grooves पर चलते हैं तो vibration पैदा होता है
    • यह vibration sound frequency में बदलकर धुन का रूप ले लेता है
    • सही स्पीड (60-80 kmph) पर ही सही म्यूजिक सुनाई देता है

    अगर गाड़ी बहुत धीमी या बहुत तेज चलेगी तो धुन साफ नहीं सुनाई देगी।

    देशभक्ति और टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

    सरकार का मानना है कि यह प्रयोग न केवल ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाएगा बल्कि ड्राइविंग एक्सपीरियंस को भी बेहतर बनाएगा। ‘Jai Ho’ जैसी देशभक्ति भावना जगाने वाली धुन से यह मार्ग खास बन गया है।

    मुंबई Coastal Road पहले ही एक इंजीनियरिंग मार्वल माना जाता है, अब Musical Road की वजह से यह पर्यटकों और ड्राइवर्स के लिए और आकर्षण का केंद्र बनेगा।


    FAQ Section

    Q1. भारत का पहला Musical Road कहाँ बना है?

    मुंबई के Coastal Road पर Nariman Point से Worli जाने वाले मार्ग पर।

    Q2. किस स्पीड पर ‘Jai Ho’ गाना सुनाई देगा?

    60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर।

    Q3. Musical Road टेक्नोलॉजी क्या है?

    यह सड़क की सतह पर बने grooves से टायर के घर्षण द्वारा ध्वनि उत्पन्न करने की तकनीक है।

    Q4. इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन कब हुआ?

    11 फरवरी 2026 को।

    Q5. क्या यह टेक्नोलॉजी भारत में पहली बार इस्तेमाल हुई है?

    हाँ, यह भारत का पहला Musical Road है।

  • मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई लाखों की रात की घरफोड़ चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 40 से ज्यादा मामलों में शामिल शातिर चोर स्टैलिन कोंडर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात के समय घरफोड़ चोरी कर लाखों के गहने और नकदी उड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्टैलिन कोंडर को अहमदाबाद से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ पहले से 40 से अधिक चोरी और घरफोड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

    🏙️ रात के समय घरफोड़ी चोरी की वारदात

    आरे पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयगणेश कृष्णमूर्ति (उम्र 32 वर्ष) ने बताया कि 18 जनवरी 2026 की रात 7:30 बजे से 19 जनवरी 2026 दोपहर 12:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला और कुंडी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

    Mumbai aare police Station crime news

    💰 चोरी हुआ माल: लाखों का नुकसान

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—

    • सोने के दो कंगन (5 और 4 ग्राम)
    • 15 ग्राम की आठ सोने की अंगूठियां
    • 10 ग्राम का एक सोने का लॉकेट
    • 13 ग्राम की दो सोने की बालियां
    • चार चांदी के पायल
    • चांदी के तीन कमरबंद
    • चांदी के तीन जोड़वे
    • चांदी के दो बेसलेट
    • नकद 2,000 रुपये

    चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई।

    🚔 आरे पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दस्ते ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से मिला बड़ा सुराग

    जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह वारदात एक कुख्यात और शातिर चोर ने की है, जो पहले भी कई ऐसे अपराधों में शामिल रहा है। जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी स्टैलिन चालीस कोंडर फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में छिपा हुआ है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर आरे पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और आरोपी को दबोच लिया।

    🔗 पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी

    पुलिस पूछताछ के दौरान स्टैलिन कोंडर ने कबूल किया कि उसने यह चोरी अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी—

    1. अनिल लहान्या जिंबल उर्फ अल्बर्ट (उम्र 23 वर्ष)
    2. अब्दुल रफीक हमीद अंसारी उर्फ अप्पू खोटे (उम्र 29 वर्ष)

    इसके बाद पुलिस ने दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    💎 चोरी का माल बरामद

    आरे पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से—

    • इस केस से जुड़ा 1,85,000 रुपये का सोना-चांदी
    • आरे और दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अन्य चोरी मामलों से जुड़ी नकदी
      बरामद की है।

    📂 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    🔴 स्टैलिन चालीस कोंडर (29 वर्ष)

    • आरे पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • कुल: 20 अपराध

    🔴 अब्दुल रफीक अंसारी उर्फ अप्पू खोटा (29 वर्ष)

    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 39 मामले
    • आरे पुलिस स्टेशन: 1 मामला
    • कुल: 40 अपराध

    पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पेशेवर घरफोड़ और चोरी करने वाले अपराधी हैं।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. चोरी की घटना कहां हुई थी?
    आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में।

    Q2. मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया?
    अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    करीब 1.85 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति।

    Q4. आरोपियों पर पहले कितने मामले थे?
    एक आरोपी पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने STP परियोजना के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध ट्रांजिट कैंप बनाने और आर्थिक फर्जीवाड़े के मामले में मुंबई के प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ FIR दर्ज की है। सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। BMC ने STP यानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और आर्थिक फर्जीवाड़े के आरोप में लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत और RTI से सामने आई जानकारी के बाद की गई है। यह पहली बार हुआ है कि झोपडपट्ट पुनर्वसन प्राधिकरण के किसी अधिकारी के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।

    🏙️ मुंबई में BMC की बड़ी कार्रवाई

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शहर के रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा देने वाली कार्रवाई की है। प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर सरकारी जमीन के दुरुपयोग और आर्थिक धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है।

    BMC के अनुसार, जिस जमीन पर अवैध रूप से ट्रांजिट कैंप बनाया जा रहा था, वह जमीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित थी, जो मुंबई जैसे महानगर के लिए बेहद जरूरी बुनियादी परियोजना है।

    🏗️ STP जमीन पर कैसे हुआ अवैध निर्माण?

    जांच में सामने आया कि STP परियोजना के लिए सुरक्षित की गई जमीन पर बिना महापालिका की अनुमति के ट्रांजिट कैंप और अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर दी गईं। यह काम नियमों के खिलाफ था और इसके लिए जरूरी मंजूरी भी नहीं ली गई थी।

    आरोप है कि बिल्डर को SRA के कार्यकारी अभियंता द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अनुमति दी गई, जिससे महापालिका को आर्थिक नुकसान हुआ और सरकारी परियोजना बाधित हुई।

    ⚠️ सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी जमीन हड़पने की सुनियोजित कोशिश थी। STP प्लांट के लिए आरक्षित जमीन पर निर्माण होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता था।

    इस पूरे मामले को आर्थिक फर्जीवाड़ा और अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा गया है।

    🧑‍⚖️ SRA इंजीनियर की भूमिका सवालों के घेरे में

    इस मामले में SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने बिना अधिकार और नियमों के खिलाफ जाकर बिल्डर को अनुमति दी।

    बृहन्मुंबई महापालिका ने इसे आंतरिक मिलीभगत (Collusion) का मामला मानते हुए पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। साथ ही, संबंधित अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

    🧾 सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत से खुला मामला

    इस पूरे घोटाले का खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने लगातार इस प्रोजेक्ट को लेकर शिकायतें कीं और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेज हासिल कर बृहन्मुंबई महापालिका के सामने तथ्य रखे।

    लगातार फॉलो-अप और सबूतों के आधार पर आखिरकार BMC को कार्रवाई करनी पड़ी।

    🚓 क्या होगी आगे की कार्रवाई?

    ✔️ पुलिस जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू
    ✔️ अवैध निर्माण पर स्टॉप-वर्क नोटिस
    ✔️ संबंधित बिल्डर कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई
    ✔️ SRA अधिकारी के खिलाफ विभागीय और आपराधिक केस
    ✔️ जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी और चार्जशीट

    आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    🔍 STP क्यों है मुंबई के लिए जरूरी?

    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में STP परियोजनाओं में देरी या जमीन विवाद सीधे तौर पर स्वास्थ्य, पर्यावरण और समुद्री प्रदूषण से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
    लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ।

    Q2. मामला किस जमीन से जुड़ा है?
    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित महापालिका की जमीन से।

    Q3. शिकायत किसने की थी?
    सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर ने।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
    गिरफ्तारी, चार्जशीट, अवैध निर्माण हटाना और विभागीय कार्रवाई।

  • Borivali Sky City Mall Rooftop बंद, बढ़ती भीड़ और सेफ्टी को लेकर मैनेजमेंट का बड़ा फैसला

    Borivali Sky City Mall Rooftop बंद, बढ़ती भीड़ और सेफ्टी को लेकर मैनेजमेंट का बड़ा फैसला

    Mumbai News: बोरीवली के Sky City Mall का Rooftop Area अस्थायी रूप से बंद, भीड़ और सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला, जानिए कब और कैसे खुलेगा दोबारा।

    मुंबई: बोरीवली स्थित Sky City Mall का बेहद पॉपुलर Rooftop Area फिलहाल आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। मॉल मैनेजमेंट ने यह फैसला बढ़ती भीड़, सेफ्टी कंसर्न और क्राउड मैनेजमेंट की दिक्कतों को देखते हुए लिया है। हालांकि मॉल के बाकी शॉपिंग, फूड कोर्ट और एंटरटेनमेंट ज़ोन पूरी तरह खुले रहेंगे। अधिकारियों का कहना है कि नए कंट्रोल्ड एंट्री सिस्टम के तहत हालात की समीक्षा के बाद ही रूफटॉप दोबारा खोला जाएगा।

    🌆 क्यों बंद किया गया Sky City Mall का Rooftop

    Sky City Mall का Rooftop एरिया अपने ओपन-एयर डिजाइन, चमकदार फर्श और शानदार सिटी व्यू के लिए जाना जा रहा था। बीते कुछ समय में, खासकर शाम के वक्त और वीकेंड पर, यहां लोगों की भीड़ अचानक काफी बढ़ गई थी। स्थिति ऐसी हो गई थी कि आरामदायक मूवमेंट और सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल हो रहा था।

    👥 बढ़ती भीड़ से मैनेजमेंट की बढ़ी चिंता

    मॉल सूत्रों के मुताबिक, रूफटॉप पर आने वाले विज़िटर्स की संख्या तय सीमा से ज्यादा हो गई थी। सोशल मीडिया पर वायरल रील्स और फोटो के चलते यह जगह युवाओं और फैमिली विज़िटर्स के बीच हॉटस्पॉट बन चुकी थी। इसी वजह से सेफ्टी, इमरजेंसी मैनेजमेंट और ओवरक्राउडिंग को लेकर चिंता बढ़ गई।

    📋 पहले लागू किया गया था नया एंट्री रूल

    रूफटॉप को बंद करने से पहले मॉल मैनेजमेंट ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए एक नया नियम लागू किया था। इसके तहत केवल उन्हीं लोगों को Rooftop Area में एंट्री दी जा रही थी, जिनके पास रूफटॉप रेस्टोरेंट्स की कन्फर्म रिज़र्वेशन थी।
    इस कदम का मकसद विज़िटर्स की संख्या सीमित रखना और बेहतर अनुभव देना था।

    🗣️ मॉल मैनेजमेंट का आधिकारिक बयान

    Sky City Mall की ओर से जारी बयान में कहा गया:

    “हमें Sky City Mall Rooftop को लेकर लोगों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। हमारी प्राथमिकता ग्राहकों को सुरक्षित, आरामदायक और हाई-क्वालिटी अनुभव देना है। इसी को ध्यान में रखते हुए 5 फरवरी 2026 से Rooftop Area में केवल रिज़र्वेशन वाले ग्राहकों को ही एंट्री देने का फैसला लिया गया था।”

    मैनेजमेंट ने यह भी साफ किया कि यह कदम भीड़ कम करने और मूवमेंट को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

    🛍️ मॉल के बाकी हिस्से पूरी तरह चालू

    रूफटॉप एरिया भले ही अस्थायी रूप से बंद किया गया हो, लेकिन Sky City Mall के बाकी सभी सेक्शन — शॉपिंग स्टोर्स, रेस्टोरेंट्स, कैफे और एंटरटेनमेंट ज़ोन — पहले की तरह खुले हैं। विज़िटर्स बिना किसी रुकावट के मॉल की अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं।

    🔍 दोबारा कब खुलेगा Rooftop?

    फिलहाल मॉल अथॉरिटी और मैनेजमेंट क्राउड मैनेजमेंट और सेफ्टी प्लान की समीक्षा कर रहे हैं। उम्मीद है कि नए कंट्रोल्ड एंट्री सिस्टम के तहत हालात सामान्य होने पर Rooftop Area को दोबारा खोला जाएगा। हालांकि इसकी तारीख अभी तय नहीं की गई है।

    📸 सोशल मीडिया फेम बना कारण

    Sky City Mall का Rooftop अपनी लाइटिंग, ओपन डिजाइन और Instagram-friendly लुक के चलते तेजी से फेमस हुआ था। बड़ी संख्या में लोग सिर्फ फोटो और वीडियो बनाने के लिए यहां पहुंच रहे थे, जिससे लगातार भीड़ बढ़ती चली गई और अंततः यह एहतियाती कदम उठाना पड़ा।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. Sky City Mall का Rooftop क्यों बंद किया गया है?
    ➡️ ज्यादा भीड़, सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट की समस्याओं के कारण।

    Q2. क्या पूरा मॉल बंद है?
    ➡️ नहीं, केवल Rooftop Area बंद है, बाकी मॉल पूरी तरह खुला है।

    Q3. Rooftop पर एंट्री का नया नियम क्या था?
    ➡️ सिर्फ उन्हीं लोगों को एंट्री, जिनके पास रूफटॉप रेस्टोरेंट की कन्फर्म बुकिंग हो।

    Q4. Rooftop कब दोबारा खुलेगा?
    ➡️ फिलहाल समीक्षा चल रही है, तारीख तय नहीं हुई है।

  • विरार स्टेशन बनेगा बोरीवली जैसा, इंटरकनेक्टेड प्लेटफॉर्म और एलिवेटेड लेन से बदलेगी तस्वीर

    विरार स्टेशन बनेगा बोरीवली जैसा, इंटरकनेक्टेड प्लेटफॉर्म और एलिवेटेड लेन से बदलेगी तस्वीर

    Virar Railway Station Redevelopment: विरार स्टेशन के प्लेटफॉर्म होंगे आपस में इंटरकनेक्टेड, एलिवेटेड डेक और रिक्शा लेन से कम होगी भीड़, जानिए MRVC के पूरे प्लान की डिटेल।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार रेलवे स्टेशन पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुंबई की वेस्टर्न रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (MRVC) द्वारा MUTP-III के तहत स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में विरार स्टेशन को बोरीवली स्टेशन की तर्ज पर तैयार किया जाएगा, जहां सभी प्लेटफॉर्म आपस में इंटर-कनेक्टेड होंगे। इसके साथ ही ऊंचा डेक, नए प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर-लिफ्ट और एलिवेटेड ऑटो लेन जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और स्टेशन के बाहर लगने वाला जाम भी कम होगा।

    📈 विरार में बढ़ती आबादी और बढ़ता यात्री दबाव

    विरार में पिछले कुछ वर्षों में आबादी तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिलता है। पीक आवर्स में स्टेशन पर यात्रियों का भारी जमावड़ा रहता है। सुबह-शाम प्लेटफॉर्म, एफओबी और स्टेशन के बाहर की सड़कों पर भीड़ संभालना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विरार स्टेशन के रीडेवलपमेंट का काम शुरू किया गया है।

    🏗️ MRVC का बड़ा रीडेवलपमेंट प्लान

    मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (MRVC) द्वारा MUTP-III प्रोजेक्ट के तहत विरार स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस योजना में नए डेक, चौड़े प्लेटफॉर्म, एस्केलेटर, एलिवेटर और बेहतर स्टेशन एरिया डेवलपमेंट शामिल है। स्टेशन परिसर को दोबारा डिजाइन कर यात्रियों के लिए ज्यादा जगह बनाई जा रही है।

    🔁 बोरीवली की तरह इंटरकनेक्टेड होंगे प्लेटफॉर्म

    इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि विरार स्टेशन को बोरीवली स्टेशन की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। यहां एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने के लिए यात्रियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सभी प्लेटफॉर्म इंटर-कनेक्टेड होंगे, जिससे ट्रेन बदलना और प्लेटफॉर्म शिफ्ट करना काफी आसान हो जाएगा। इसके साथ ही एक नया प्लेटफॉर्म भी बनाया जा रहा है।

    🚧 नए प्लेटफॉर्म और चौड़ीकरण का काम तेज

    पहले चरण का काम 2025 में शुरू हुआ था और अब इसमें तेजी आ गई है। फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर 3A को चौड़ा किया जा रहा है और विरार स्टेशन पर नया होम प्लेटफॉर्म 5A बनाया जा रहा है। इससे लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन ज्यादा सुचारू होगा।

    🚆 दो बड़े रेलवे प्रोजेक्ट को मिलेगी रफ्तार

    विरार स्टेशन का रीडेवलपमेंट दो अहम रेलवे प्रोजेक्ट्स को भी गति देगा।

    • बोरीवली-विरार पांचवीं और छठी लाइन
    • विरार-दहानू रेलवे लाइन का चौपदीकरण

    इन प्रोजेक्ट्स से सबअर्बन और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग-अलग डेडिकेटेड लाइन बनाना आसान होगा।

    📦 फ्रेट कॉरिडोर से कम होगा ट्रैक पर दबाव

    कुछ समय पहले नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विरार पार करते हुए भिवंडी तक पहुंच गया है। अब मालगाड़ियां विरार स्टेशन को बायपास कर सकेंगी। इससे मौजूदा ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव कम होगा और लोकल ट्रेनों की टाइमिंग बेहतर हो सकेगी।

    ⬆️ ऊंचा डेक बनेगा भीड़ कम करने का समाधान

    यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए MRVC एक बड़ा ऊंचा डेक बना रही है।

    • डेक का साइज: 280 x 25 मीटर
    • यह प्लेटफॉर्म नंबर 2, 3, 4 और प्रस्तावित 5B को कवर करेगा
    • डेक तक पहुंचने के लिए 4 एस्केलेटर और 2 लिफ्ट होंगी

    इसके अलावा प्लेटफॉर्म 5, 6 और बुकिंग ऑफिस को जोड़ने वाला नया एफओबी भी इसी डेक से जुड़ेगा।

    🏢 डेक पर बुकिंग ऑफिस और ऑटो सुविधा

    इस ऊंचे डेक पर एक नया बुकिंग ऑफिस बनाया जाएगा। साथ ही वसई-विरार महानगरपालिका (VVMC) द्वारा प्रस्तावित S+3 बिल्डिंग भी यहीं बनेगी, जिससे यात्रियों को ऑटो-रिक्शा की सुविधा एक ही जगह मिल सके।

    🛺 एलिवेटेड होगा ऑटो-रिक्शा स्टैंड

    विरार स्टेशन के बाहर लगने वाले ट्रैफिक जाम को खत्म करने के लिए VVMC एक एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाएगी।
    इसमें एक लेन में ऑटो-रिक्शा और अन्य वाहन खड़े हो सकेंगे। इससे स्टेशन के बाहर होने वाली अव्यवस्था और जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. विरार स्टेशन का रीडेवलपमेंट कौन कर रहा है?
    ➡️ मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (MRVC)।

    Q2. विरार स्टेशन किस मॉडल पर तैयार होगा?
    ➡️ बोरीवली स्टेशन की तरह इंटर-कनेक्टेड प्लेटफॉर्म मॉडल पर।

    Q3. नया प्लेटफॉर्म कौन-सा बन रहा है?
    ➡️ नया होम प्लेटफॉर्म नंबर 5A।

    Q4. ऑटो-रिक्शा की समस्या कैसे हल होगी?
    ➡️ एलिवेटेड ऑटो लेन और स्टैंड बनाकर।

  • मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मुंबई के मालाड ईस्ट में कुरार पुलिस और ATC की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 4 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को ये कार्रवाई विश्वसनीय मुखबिर की सूचना के आधार पर करनी पड़ी। आरोपियों के पास से बांग्लादेश के नागरिकता से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिसके बाद अब उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    कैसे मिली पुलिस को सूचना

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 2, 5 और 6 फरवरी को कुरार पुलिस स्टेशन में तैनात अधिकारी रफीक मुजावर को एक भरोसेमंद मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं और मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके में लगातार मूवमेंट कर रहे हैं।

    ATC और कुरार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

    सूचना के आधार पर कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) की टीम ने मालाड़ पूर्व पठान वाड़ी के हुमेरा पार्क गार्डन, टूबा होटल और साहिल होटल जैसे संवेदनशील इलाकों में जाल बिछाया। सतर्कता के साथ की गई इस कार्रवाई में एक संदिग्ध को बिना भागने का मौका दिए हिरासत में लिया गया।

    पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अपनी पहचान और नागरिकता को लेकर गोलमोल जवाब दिए। लेकिन सख्त पूछताछ में उसने अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के नाम और ठिकानों का खुलासा कर दिया, जो कथित तौर पर मुंबई में अवैध रूप से रह रहे थे।

    गिरफ्तार किए गए आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने कुल चार बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान इस प्रकार है:

    • तूहिनुर जयनाल सरदार (30) – चिकन शॉप संचालक
    • मोहम्मद अब्दुल मोमिन लतीफ सरदार (52) – व्यवसायी
    • नज़रुल इस्लाम शोर अली बिस्वास (41) – कबाड़ व्यापारी
    • मोहम्मद इमामुल हक तैबुर रहमान (46) – व्यवसायी

    बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र और बांग्लादेश नेशनल आइडेंटिटी कार्ड बरामद किए हैं, जिससे उनकी विदेशी नागरिकता की पुष्टि हुई।

    डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके खिलाफ डिपोर्टेशन ऑर्डर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

    मुंबई में अवैध घुसपैठ पर बढ़ी सख्ती

    इस कार्रवाई के बाद मुंबई पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। खासकर संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी और तेज की जा रही है।


    FAQ

    Q1. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके से।

    Q2. कार्रवाई किसने की?
    कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने संयुक्त रूप से।

    Q3. आरोपियों के पास कौन से दस्तावेज मिले?
    बांग्लादेशी नागरिकता और पहचान से जुड़े सरकारी दस्तावेज।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई होगी?
    कानूनी प्रक्रिया के बाद डिपोर्टेशन।

  • मुंबई की ये सोसाइटी देती है कमाई, मेंटेनेंस जीरो और सालाना लाखों का फायदा

    मुंबई की ये सोसाइटी देती है कमाई, मेंटेनेंस जीरो और सालाना लाखों का फायदा

    मुंबई के कफ परेड की जॉली मेकर 1 सोसाइटी जहां रहने वालों को मेंटेनेंस नहीं देना पड़ता, उल्टा हर साल लाखों रुपये का डिविडेंड मिलता है। जानिए कैसे बनी ये सोसाइटी फायदे का सौदा।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई जैसे महंगे शहर में जहां सोसाइटी मेंटेनेंस हर महीने जेब ढीली कर देती है, वहीं कफ परेड की जॉली मेकर 1 सोसाइटी एक ऐसा अनोखा उदाहरण है, जहां रहने वालों को न तो मेंटेनेंस देना पड़ता है और न ही प्रॉपर्टी टैक्स। बल्कि यहां के फ्लैट ओनर्स को हर साल लाखों रुपये का डिविडेंड मिलता है। यह सोसाइटी सिर्फ लग्जरी नहीं, बल्कि एक स्मार्ट रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट मानी जाती है।

    🏙️ मुंबई में मेंटेनेंस का बोझ और जॉली मेकर 1 की कहानी

    आमतौर पर मुंबई की हाई-फाई सोसाइटियों में 2 से 25 रुपये प्रति वर्गफुट तक मेंटेनेंस देना पड़ता है। नई सोसाइटियों में यह दर 8 से 15 रुपये प्रति वर्गफुट तक पहुंच चुकी है। लेकिन जॉली मेकर 1 सोसाइटी इस ट्रेंड को पूरी तरह तोड़ती है।

    🏢 क्या है जॉली मेकर 1 सोसाइटी?

    कफ परेड स्थित जॉली मेकर अपार्टमेंट 1 में दो 25 मंजिला टावर (A और B) और करीब 10 बंगले हैं। कुल 180 फ्लैट्स वाली यह सोसाइटी मुंबई की सबसे पॉश और महंगी हाउसिंग सोसाइटियों में गिनी जाती है।
    यहां फ्लैट साइज 1,285 से 2,590 वर्गफुट तक हैं और कई फ्लैट्स से सीधा अरब सागर का नज़ारा मिलता है।

    https://www.instagram.com/reel/DT13MH-Eb6k/?l=1

    💸 क्यों नहीं देना पड़ता मेंटेनेंस और टैक्स?

    इस सोसाइटी की सबसे बड़ी खासियत इसका मजबूत फाइनेंशियल मॉडल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉली मेकर 1 के पास करीब 25 से 30 करोड़ रुपये का रिजर्व और सिंकिंग फंड है।
    यही नहीं, सोसाइटी नगर निगम टैक्स, सिक्योरिटी, स्टाफ सैलरी, लिफ्ट, बिजली और पानी जैसे सभी खर्च खुद उठाती है। रहवासी सिर्फ 1 पैसा प्रति वर्गफुट नाममात्र का चार्ज देते हैं।

    🏦 डिविडेंड की असली वजह क्या है?

    जब इस सोसाइटी के फ्लैट्स बेचे गए थे, तब हर खरीदार को नरीमन पॉइंट की एक कमर्शियल बिल्डिंग में हिस्सेदारी भी दी गई थी।
    आज उस कमर्शियल बिल्डिंग से करीब 50 लाख रुपये महीना किराया आता है। इसी इनकम से सोसाइटी का पूरा मेंटेनेंस चलता है और बचे पैसे रहवासियों को डिविडेंड के तौर पर दिए जाते हैं।

    📈 कितनी होती है सालाना कमाई?

    • 2003 में: डिविडेंड 100 रुपये प्रति वर्गफुट
    • 2,500 वर्गफुट फ्लैट: करीब 2.5 लाख रुपये सालाना
    • 2012 में: डिविडेंड बढ़कर 300 रुपये प्रति वर्गफुट
    • सालाना कमाई: करीब 7.5 लाख रुपये

    हालांकि पिछले कुछ सालों में डिविडेंड बढ़ा या नहीं, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    🏠 फ्लैट की कीमतें और रियल एस्टेट वैल्यू

    2012 में यहां एक फ्लैट 1.11 लाख रुपये प्रति वर्गफुट के हिसाब से करीब 29 करोड़ रुपये में बिका था।
    आज भी प्रॉपर्टी पोर्टल्स के अनुसार जॉली मेकर 1 में फ्लैट की कीमत 75,000 रुपये प्रति वर्गफुट से ज्यादा है, जो इसे मुंबई की सबसे वैल्यूएबल प्रॉपर्टीज में शामिल करता है।

    💡 घर नहीं, बल्कि लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट

    जॉली मेकर 1 सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक ऐसा मॉडल है जहां

    • जीरो मेंटेनेंस
    • नो प्रॉपर्टी टैक्स
    • सालाना लाखों की कमाई
    • हाई रीसैल वैल्यू

    यही वजह है कि यह सोसाइटी मुंबई की सबसे अनोखी और चर्चित हाउसिंग सोसाइटी मानी जाती है।

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या सच में जॉली मेकर 1 में मेंटेनेंस नहीं देना पड़ता?
    हाँ, यहां सोसाइटी सभी खर्च खुद उठाती है।

    Q2. डिविडेंड किस वजह से मिलता है?
    नरीमन पॉइंट की कमर्शियल बिल्डिंग से मिलने वाले किराए से।

    Q3. क्या आज भी डिविडेंड मिलता है?
    पहले मिलता था, मौजूदा दर की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं है।

    Q4. क्या आम आदमी यहां फ्लैट खरीद सकता है?
    कीमतें बहुत ज्यादा हैं, इसलिए यह सीमित लोगों के लिए संभव है।

  • मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड वेस्ट में स्कूल के पास 5 साल की बच्ची से कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्कूल के चपरासी को गिरफ्तार किया है, जबकि कार्रवाई में देरी के आरोप में स्कूल के CEO पर भी केस दर्ज किया गया है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक स्कूल के पास 5 साल की मासूम बच्ची से कथित यौन दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। मालाड पुलिस ने इस मामले में स्कूल के 30 वर्षीय चपरासी अनिल पांचाळ को गिरफ्तार किया है। बच्ची की मां का आरोप है कि आरोपी ने बच्ची को धमकाया और गलत तरीके से छुआ। शिकायत स्कूल प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO अनंत यज्ञीक के खिलाफ भी लापरवाही का केस दर्ज किया है।

    कहां और कैसे हुआ मामला

    यह कथित घटना मालाड वेस्ट के एसवी रोड स्थित एक शैक्षणिक संस्थान के पास हुई। पीड़ित बच्ची रोज़ की तरह स्कूल जा रही थी, तभी आरोपी कर्मचारी ने उसे डरा-धमकाकर उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की, ऐसा मां का आरोप है।

    स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की डिटेक्शन टीम ने शुक्रवार को 30 साल के आरोपी स्कूल चपरासी को उसके रिहायशी इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी स्कूल में निचले स्तर पर काम करता था और बच्चों की आवाजाही से अच्छी तरह वाकिफ था।

    स्कूल प्रशासन पर भी सवाल

    पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले स्कूल प्रशासन को इस घटना की जानकारी दी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, उन पर समय पर कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने का आरोप है।

    पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने क्या कदम उठाए और कहां-कहां लापरवाही हुई। पूरे मामले में जवाबदेही तय करने के लिए जांच जारी है।

    कानूनी धाराएं और बच्चों की सुरक्षा

    इस मामले में POCSO Act की धारा 10, 17 और 21(2) एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ

    Q1. यह घटना कहां हुई है?
    मालाड वेस्ट, एसवी रोड के पास एक स्कूल के नजदीक।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी 30 वर्षीय स्कूल का चपरासी है।

    Q3. क्या स्कूल प्रशासन पर भी केस दर्ज हुआ है?
    हां, स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. मामला किस कानून के तहत दर्ज है?
    POCSO Act और IPC की संबंधित धाराओं के तहत।

    Q5. पुलिस आगे क्या कार्रवाई कर रही है?
    पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है।