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  • Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    महाराष्ट्र की लाडकी बहनों को अब आर्थिक निर्भर बनाने के लिए उन्हें मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की तरफ से जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज देने की योजना बनाई गई है। बैंक अब उन लाभार्थी महिलाओं को खुद का व्यवसाय करने के लिए लोन देने जा रही है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Ladki Bahin Yojana:
    राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘लाड़की बहन योजना‘ के तहत अब महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलने जा रहा है। यह योजना मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक द्वारा लागू की जा रही है, जिसे राज्य सरकार की ब्याज सब्सिडी योजना के साथ जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार के चार महत्वपूर्ण महामंडलों के निदेशक और संबंधित विभागों के सचिव मौजूद थे। बैठक के बाद बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने योजना की जानकारी साझा की। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    बैठक में हुआ फैसला

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्षा निवास पर हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। बैठक में चार सरकारी महामंडलों के अधिकारी, संबंधित विभागों के सचिव और मुंबई जिला बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, कि “महिलाओं को बिना ब्याज के कर्ज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।” Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा ब्याज पर सब्सिडी

    आई योजना (पर्यटन महामंडल), अण्णासाहेब आर्थिक विकास महामंडल, भटक्या विमुक्त महामंडल, ओबीसी महामंडल इन सभी चार महत्वपूर्ण महामंडलों को इस योजना में ब्याज सब्सिडी के लिए शामिल किया गया है। इन योजनाओं से महिलाओं को 12% तक ब्याज की भरपाई की जाएगी। फायदा यह होगा कि इससे महिलाओं को ज़ीरो इंटरेस्ट पर लोन मिलेगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा 1 लाख तक का लोन

    एक महिला को 1 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 5 से 10 महिलाओं का समूह बनाकर भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। बैंक व्यवसाय की जांच-पड़ताल करने के बाद लोन को पास करेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को मुंबई जिला बैंक में आवेदन करना होगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    12 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा फायदा

    वर्तमान में 12 से 13 लाख महिलाएं ‘लाड़की बहन’ योजना की लाभार्थी हैं। इनमें से लगभग 1 लाख महिलाएं मुंबई जिला बैंक की सदस्य भी हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

  • बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    सरकार झुग्गी-झोपड़ियों पर जबरन तोड़क कार्रवाई नहीं कर सकती। बॉम्बे हाईकोर्ट में हुए ऐतिहासिक फैसले में न्यायाधीशों ने स्पष्ट कह दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि भारत का संविधान एक ‘जीवंत ढांचा’ है, साथ ही कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोगों को संविधान के तहत संरक्षण दिया जाता है। हाईकोर्ट ने विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जो DCPR 2034 के तहत ‘खुले स्थान’ के रूप में आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण किए गए झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते

    जस्टिस अमित बोरकर और ज‌स्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कहा, कि मुंबई में खुले स्थानों को बनाए रखने का एकमात्र समाधान कानूनों को सख्ती से लागू करना और अतिक्रमण करने वालों – झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को बेदखल करना है। जजों ने आदेश में कहा, “निश्चित रूप से, जनसंख्या दबाव, आर्थिक असमानता और शहरी गरीबी से मुक्त एक आदर्श दुनिया में, इस दृष्टिकोण को मजबूत संवैधानिक समर्थन मिल सकता है। लेकिन यह न्यायालय मुंबई में शहरी जीवन की वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    परिस्थितियों को समझना होगा

    संविधान केवल एक सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं है; यह एक जीवंत ढांचा है, और यह जिन अधिकारों की गारंटी देता है, खासकर अनुच्छेद 21 के तहत, उन्हें वास्तविक, रोजमर्रा की परिस्थितियों के प्रकाश में समझा जाना चाहिए। यह सच है कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। लेकिन यह भी उतना ही सच है, और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है कि आश्रय और पर्याप्त आवास का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित मानव सम्मान और व्यक्तिगत सुरक्षा का एक हिस्सा है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    हालांकि वह वैध नहीं है पर निंदा नहीं की जानी चाहिए

    अपने 191-पृष्ठ के फैसले में, न्यायाधीशों ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोग संविधान के संरक्षण से बाहर नहीं हैं। जस्टिस बोरकर की ओर से लिखे गए आदेश में कहा गया है, “उनके पास भूमि का कानूनी स्वामित्व नहीं हो सकता है, लेकिन उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। जब वे अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता और मजबूरी के कारण भूमि पर कब्जा करते हैं, तो उनके कृत्य की, हालांकि वह वैध नहीं है, निंदा नहीं की जानी चाहिए, बल्कि उसे सहानुभूति के साथ देखा जाना चाहिए। संविधान अपने मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक सिद्धांतों के माध्यम से यह मानता है कि गरीबी और असमानता संरचनात्मक समस्याएं हैं, और राज्य से उन्हें कम करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने के लिए कहता है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार

    जजों ने कहा कि पर्यावरण अधिकारों और आवास अधिकारों को एक दूसरे के विरोधी के रूप में मानने का याचिकाकर्ताओं का तर्क एक गलती होगी। पीठ ने कहा, “दोनों अनुच्छेद 21 का हिस्सा हैं और दोनों ही गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करते हैं। जिस तरह प्रदूषित हवा और पानी मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उसी तरह असुरक्षित, भीड़भाड़ वाले और अस्वास्थ्यकर रहने की स्थिति भी नुकसान पहुंचाती है। हरे-भरे स्थानों की इस तरह से रक्षा करना कानूनन गलत और सिद्धांत रूप में अनुचित होगा, जिससे हजारों परिवार बेघर हो जाएं और उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया या विकल्प न मिलें। इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 21 की रक्षा करने के बजाय उसका उल्लंघन कर सकती है।” Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    पुनर्वास की अनुमति

    ये टिप्पणियां विकास नियंत्रण एवं संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए की गईं, जो झुग्गी-झोपड़ियों द्वारा अतिक्रमण की गई मूल रूप से आरक्षित खुली भूमि का उपयोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए करने की अनुमति देता है। विनियमन ऐसी भूमि के केवल 65 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति देता है, यदि उक्त भूमि 500 ​​वर्ग मीटर से अधिक है और यह अनिवार्य करता है कि उक्त भूमि का 35 प्रतिशत हिस्सा खुली जगह, पार्क, उद्यान और/या मनोरंजन के मैदान आदि के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है

    हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि उनके निर्णय को शहर में खुली जगहों को कम करने के लिए राज्य को खुली छूट देने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने स्पष्ट कर दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

  • शिवसेना के डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर लोगों से की अपील

    शिवसेना के डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर लोगों से की अपील

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    शिवसेना शिंदे गुट के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. अभिषेक वर्मा ने योग दिवस पर योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया और लोगों से इसे अपने जीवन में उतारने की अपील की। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    21 जून 2025 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के राष्ट्रीय समन्वयक एवं चुनाव प्रभारी डॉ. अभिषेक वर्मा के तत्वावधान में नई दिल्ली स्थित उनके निजी आवास पर भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 110 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें योग साधक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं विशिष्ट अतिथि भी शामिल थे। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    योग का महत्व

    डॉ. वर्मा, श्रीमती अंका वर्मा, राजकुमारी निकोल वर्मा एवं युवराज आदितेश्वर वर्मा सहित वर्मा परिवार के सभी सदस्यों ने पारंपरिक सनातनी विधि से योग, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। प्रतिष्ठित योगाचार्यों ने उपस्थितजनों को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग की महत्ता बताई। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    योग की आवश्यकता

    अपने संबोधन में डॉ. अभिषेक वर्मा ने कहा, “योग भारत की सनातन परंपरा की वैज्ञानिक देन है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विश्व पटल पर स्थापित किया है। शिवसेना (NDA) के लोकप्रिय नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी योग को जन-जन तक पहुँचाने और इसे जनआंदोलन बनाने का कार्य कर रही है।” उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि “योग केवल एक दिन की क्रिया नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाना आज के युग की आवश्यकता है।” Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

    इसे भी पढ़े:- योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    श्रीमती अंका वर्मा ने कहा, “योग ने मुझे मातृत्व, व्यवसाय और अध्यात्म में संतुलन बनाना सिखाया—यह मेरे जीवन का आंतरिक मार्गदर्शक बन गया है।”

    राजकुमारी निकोल वर्मा ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “तेज़ और तनावपूर्ण जीवन में योग मुझे मानसिक शांति और स्थिरता देता है—यह मेरा आत्मबल है।”

    कार्यक्रम का समापन वैदिक मंत्रोच्चार, प्रसाद वितरण और योग को जीवन में अपनाने की प्रतिज्ञा के साथ हुआ। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत संगम साबित हुआ। Shiv Sena’s Dr. Abhishek Verma appealed to the people on Yoga Day

  • महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र की सरकार क्या करप्शन को खत्म करने के लिए काम कर रही है? भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद भी कैसे मिला मंत्री पद

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दुसरी बार जब से मुख्यमंत्री का पद भार संभाला है तब से ही भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर सख्त हो गए हैं। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि फडणवीस ने अतीत में जिनपर करप्‍शन के आरोप लगाए थे, अब वे नेता उनकी कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्‍ट्र में इस बार का विधानसभा मुख्‍य रूप से दो खेमों के बीच लड़ा गया था। एक तरफ भाजपा की अगुआई वाली महायुति और दूसरी ओर कांग्रेस के नेतृत्‍व में महाविकास अघाड़ी मैदान में थी। महायुति ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्‍ता में वापसी की और देवेंद्र फडणवीस को फिर से प्रदेश का मुख्‍यमंत्री बनने का मौका मिला। महाराष्‍ट्र में भ्रष्‍टाचार पर सीएम फडणवीस ने बड़ी बात कही है. उन्‍होंने कहा कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनके शासनकाल में करप्‍शन पर लगाम लगाने की कोशिश किया जाएगा और उस दिशा में काम भी महायुति की सरकार करेगी। जबकि महाराष्‍ट्र में करप्‍शन हमेशा से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा रहा है। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    खुद ने लगाया था भ्रष्टाचार के आरोप

    दरअसल, महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा गया था कि अतीत में उन्‍होंने जिनपर भ्रष्‍टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था। जैसे अजित पवार और छगन भुजबल जैसे और भी नेता अब महायुति गठबंधन की सरकार में कैबिनेट मंत्री कैसे बन गए हैं। ऐसे में भ्रष्‍टाचार पर लगाम कैसे लगाई जा सकता है? इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने अपनी तरफ से गारंटी देते हुए जोर दिया कि पहले जो हुआ वो हो गया लेकिन हमारी सरकार में भ्रष्टाचारी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    महाविकास अघाडी मे थे मंत्री

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि वे इस बात की गारंटी देते हैं कि उनकी सरकार भ्रष्‍टाचार को रोकने के लिए काम करेगी। बता दें कि अजित पवार और छगन भुजबल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। महाविकास अघाड़ी की सरकार के दौरान मंत्री रहे अजित पवार पर अनियमितता के आरोप लगे थे। अब अजित पवार महाराष्‍ट्र महायुति गठबंधन की मौजूदा सरकार में राज्य के उपमुख्यमंत्री का पदभार संभाल रहे हैं। Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    उद्धव ठाकरे ने दिया धोखा

    भ्रष्‍टाचार पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, कि “राजनीति की यही सच्चाई है। राजनीति में आप इन चीजों से मुंह मोड़कर आगे नहीं बढ़ सकते। साल 2019 में पूर्ण बहुमत मिलने के बाद और जब ये घोषणा हुई कि मैं मुख्यमंत्री बनूंगा, तो मेरे रास्ते में रोड़े अटकाए गए। घोषणा के बाद भी उद्धव ठाकरे ने हमें धोखा दिया। उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने हमें धोखा दिया।” उन्होंने कहा, राजनीति मे आपको टीके रहने के लिए रास्ता खोजना पड़ता है, तो हमने रास्ता निकाला। एक सही रास्ता था, लेकिन हमारे साथी उस रास्ते से भटक गए, तो हमने जिन्हें साथ ले सकते थे, उन्हें साथ लिया और आगे बढ़े।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    समझौता करना पड़ा

    उन्होंने यह भी कहा कि “मैंने राजनैतिक सिद्धांत का हमेशा से पालन किया है और हमेशा इसे कायम रखा है। इसलिए मैंने हमेशा अपनी राजनीति को पकड़े रखा। लेकिन जब आप राजनीति में काम करते हैं, तो कभी-कभी आपको समझौता करना पड़ता है। लेकिन, अगर मैं मुख्यमंत्री हूं, तो मैं अपने मंत्रिमंडल में किसी को भी गलत काम नहीं करने दूंगा। मैं आपको गारंटी देता हूं कि यह सरकार भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम करेगी।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीतिक अवसरवाद पर क्‍या बोले?

    मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से राजनीतिक अवसरवादिता पर भी सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या राजनीतिक अवसरवादिता तब से बदल गई है, जब आपने शुरुआत की थी? या यह हमेशा से ऐसा ही रहा है? सीएम फडणवीस ने कहा, “यह हमेशा से ऐसा ही था। इसे इस तरह के चक्र के रूप में देखें। जैसे 1978 में महाराष्ट्र की राजनीति में बदलाव हुआ था। उस वक्त शरद पवार ने ठीक इसी तरह सरकार बनाई, फिर अगर आप 1992 को देखें, तो शरद पवार की सरकार के पास बहुमत नहीं था और उन्होंने शिवसेना को तोड़कर सरकार बनाई।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

    राजनीति में गिरावट स्वीकार करना होगा

    फडणवीस ने जानकारी देते हुए बताया, कि “उस समय छगन भुजबल उनके साथ गए और शिवसेना को तोड़कर उन्होंने अपनी सरकार बनाई। मुझे लगता है कि राजनीतिक अवसरवादिता कोई नई बात नहीं है। यह हमेशा से होता आया है। मुझे लगता है कि राजनीतिक मूल्य में गिरावट आई है। हमें इसे स्वीकार करना होगा और हमें इसके बारे में सोचना भी होगा।” Is the Maharashtra government working to end corruption? How did someone get a ministerial position despite corruption charges?

  • बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

    बीन अनुभवी अब सुप्रीम कोर्ट में करेंगे वकालत, मोदी के आशीर्वाद से मंत्री की बेटियां बन गई सरकारी वकील

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    • वकालत का मौका बहुत ही कम मिलता है सुप्रीम कोर्ट में..!
    • गठबंधन करने वाले दल को ही खत्म कर देना बीजेपी की खासियत
    • नितीश कुमार की पार्टी को खत्म करने की चाल..
    • मोदी और शाह के अत्यंत करीबी संजय झा की दोनो बेटियों को सुप्रीम कोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति
    • झा ने स्वयं सोशल मिडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए किया पोस्ट
    • सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन

    मुंबई: सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट बनने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। वकालत का अनुभव या किसी सीनियर के अंडर में वर्षों तपस्या करने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत का मौका बहुत कम ही मिलता है लेकिन मोदी सरकार जिस पर मेहरबां हो जाए। जिस पर कृपा दृष्टि पड़ जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं होता।
    जेडीयू के सांसद ही नहीं कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं संजय झा और मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री भी।

    कौन है संजय झा?

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    मोदी शाह के अत्यंत विश्वसनीय भी हैं, इसलिए उन पर विशेष कृपा दृष्टि बरस रही है क्यों कि संजय झा और अन्य मंत्री जो जेडीयू के हैं मोदी को तीसरी बार बहुमत नहीं मिलने के बावजूद जेडीयू का समर्थन मिला, लेकिन मंत्रियों को तोड़ने के बाद नीतीश कुमार की पार्टी को ही खत्म करने की चाल चली गई है। सबको अपने कर्म का फल भोग मिलना निश्चित है।

    सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति

    नीतीश कुमार की पार्टी के सांसद बगावत पर उतर कर बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।बीजेपी की यही खासियत है। जिस दल के साथ गठबंधन करती है, उसे ही खत्म कर देती है। अकाली दल और शिवसेना का हश्र सभी को याद होगा। अब बारी नीतीश कुमार के जेडीयू पार्टी की है। इसीलिए सारी मान मर्यादा तोड़कर संजय झा की दो बेटियों जिनमें से एक ने 2023 में और दूसरी ने 2025 में एलएमएम किया है। जिन्हें वकालत का अनुभव भी नहीं है इनको सुप्रीमकोर्ट में सरकारी एडवोकेट की नियुक्ति मिल चुकी है।

    इसे भी पढ़े:- मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    संविधान की मर्यादा ही नही

    जिसका जिक्र स्वयं झा ने सोशल मीडिया पर बेटियों पर गर्व करते हुए पोस्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा का खुला उल्लंघन है यह। इसी मुद्दे पर जेडीएस नेता ने पूछा है, कि कितने ओबीसी और अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को सुप्रीमकोर्ट में सरकार की सेवा का अवसर दिया गया है? इसके पहले भी आरएसएस विचारधारा के लोगों को बिना आई ए एस परीक्षा उत्तीर्ण हुए ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष नियुक्त कर मोदी सरकार ने जता दिया था कि उसे संविधान की मर्यादा या कोर्ट और कानून व्यवस्था की कोई चिन्ता नहीं है।

  • गोरेगांव फिल्मसिटी में भ्रष्टाचार के आरोप, सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने किया था स्टूडियो का उद्घाटन

    गोरेगांव फिल्मसिटी में भ्रष्टाचार के आरोप, सांस्कृतिक कार्य मंत्री ने किया था स्टूडियो का उद्घाटन

    सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने हालही में मराठी भाषा दिवस पर बड़ी धूमधाम से जिस स्टूडियो का उद्घाटन किया वह पहली बारिश मे गलने लगा है। इस भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए आरपीआई ने जांच की मांग की है।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    गोरेगांव स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी स्टूडियो, जिसका उद्घाटन सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने मराठी भाषा दिवस पर बड़े धमाके के साथ किया था, भारी बारिश के दौरान टपकने लगा है। इसके कारण यहां की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।

    फिल्मसिटी पर निकलेगा मोर्चा

    स्टूडियो के निर्माण और नवीनीकरण कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के मुंबई महासचिव विशाल नावकर ने कार्य की जांच की मांग की है। यहां 2 जुलाई फिल्मसिटी पर मोर्चा निकालने का भी नावकर ने इशारा दिया है।

    कौन है जिम्मेदार ?

    विजय बापट, डिप्टी इंजीनियर (सिविल इंजीनियरिंग), गोरेगांव दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी में स्टूडियो नंबर 8,9,10,11 और 12 के रखरखाव, मरम्मत और नवीनीकरण के कामों को ठेकेदार कंपनी से करवाने के लिए जिम्मेदार थे। लेकिन उन्होंने अपनी पसंद की ठेकेदार कंपनी को मरम्मत का काम दे दिया और उसी से काम कराया है। इसमें भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए नावकर ने कहा, कि “यह काम सरकारी मानकों के अनुसार नहीं किया गया है और प्राक्कलन पत्र के प्रावधानों की भी इसमें अनदेखी की गई है।”

    इसे भी पढ़े:- बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    स्टूडियो में भरा पानी

    रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के मुंबई महासचिव विशाल नावकर ने मीडिया को बताया, कि इसी वजह से इस काम में गलती हुई और कुछ ही महीनों में पहली बारिश का पानी छत से रिसाव होने लग गया। आलम ऐसा है कि पूरे स्टूडियो में पानी भर गया। उन्होंने मंगलवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, मामले की गहन जांच की भी मांग की।

    नई टाइलों की जगह पूरानी लगी

    हालांकि अनुमान पत्र में स्टूडियो की छत पर नई टाइलें लगाने का प्रावधान शामिल था, लेकिन नई टाइलें लगाने के बजाय पुरानी टाइलें हटा कर वापस से उन्हीं पुरानी टाइलों को फिर से लगा दी गया। इससे साफ जाहिर होता है कि पैसों की लेनदेन के खातिर जिम्मेदार डिप्टी इंजीनियर ने अपनी जवाबदेही का गलत इस्तेमाल किया है।

  • Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    Mumbai Lake: महाराष्ट्र में बारिश से मिली राहत! मुंबई की सातों झीलों का जल स्तर 9.78 फीसदी बढ़ा

    महाराष्ट्र में 15 जून से ही तेज बरसात हो रही है। इस बरसात के पानी से यहां के सभी झीलें लबालब भर चुके हैं। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ा।

    Mumbai Lake Water Level:  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई सहित महाराष्ट्र में 15 जून से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। मुंबई और आसपास के इलाकों में हो रही बारिश की वजह से शहरवासियों के लिए खुशी की खबर है। मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाली सातों झीलों का जल स्तर 9.78 प्रतिशत तक बढ़ गया है।

    नहीं होगी पानी की कटौती!

    महाराष्ट्र में बारिश की रफ्तार अगर इसी तरह होती रही, तो मुंबई की इन सातों झीलों में जल्द ही जल स्तर और भी ज्यादा बढ़ सकता है। इससे मुंबई में पानी की किल्लत से निपटने में मदद मिलेगी। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने पहले ही स्पष्ट कर  दिया है कि उसके पास पानी का पर्याप्त भंडार है, जिससे मुंबई में पानी की कमी नहीं होगी।

    मुंबई को पानी सप्लाई करने वाली झीलें कौन सी हैं ?

    मुंबई को पानी की आपूर्ति सात झीलों से होती है। जिसमें अपर वैतरणा, मॉडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी से शहर वासियों को पानी की सप्लाई की जाती है।

    मुंबई के लिए कितना पानी लगता है?

    मुंबई को प्रतिदिन लगभग 4,000 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता होती है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) शहर को लगभग 3,850 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करती है, लेकिन शहर की कुल आवश्यकता लगभग 4,200 मिलियन लीटर है।

  • Maharashtra Breaking News LIVE Updates: पुलिस के साथ मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर ढेर; अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    Maharashtra Breaking News LIVE Updates: पुलिस के साथ मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर ढेर; अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    महाराष्ट्र सोमवार 16 जुन की ताज़ा खबरें एक साथ यहां अपडेट की गई हैं। जहां मौसम विभाग ने राज्य के इन जिलों को हाई अलर्ट पर रखा हुआ है। भारी बारिश के चलते रविवार को 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं।

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र: सोलापुर में मुठभेड़ के दौरान पुणे पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर को मार गिराया है। पुलिस ने उसके पास से दो पिस्तौल, दो चाकू और नौ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 23 वर्षीय शाहरुख उर्फ अत्ती रहीम एक आपराधिक गैंग का सक्रिय सदस्य था। उसके खिलाफ हत्या और जबरन वसूली के समेत 15 गंभीर आपराध दर्ज थे। पुणे पुलिस अपराध के अतिरिक्त आयुक्त पंकज देशमुख ने कहा, हमें सूचना मिली थी कि शाहरुख सोलापुर जिले के लाम्बोटी गांव में रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है। अपराध शाखा की एक टीम जब रविवार सुबह मौके पर पहुंची तो शाहरुख ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने दो राउंड फायरिंग के बाद तीसरी फायरिंग की तैयारी कर रहा था। तभी पुलिस की जवाबी फायरिंग में शाहरुख गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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    कांग्रेस सांसद ने BMC के फैसलों पर श्वेत पत्र लाने की मांग की

    कांग्रेस सांसद और मुंबई कांग्रेस की प्रमुख वर्षा गायकवाड़ ने महायुति सरकार के 2025 तक के कार्यकाल के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के फैसलों पर श्वेत पत्र लाने की मांग की है। गायकवाड़ ने कहा कि बीएमसी भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई है। चाहे वह सड़क मरम्मत हो, नाले की सफाई हो, स्वास्थ्य सेवाएं हो या शिक्षा। पिछले तीन वर्षों से स्थानीय निकाय चुनाव नहीं हुए हैं और बीएमसी एक प्रशासक के अधीन है।

    उन्होंने कहा कि हम 2025 तक बीएमसी के कामकाज पर श्वेत पत्र की मांग करते हैं। राज्य सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय और महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा केवल 2022 तक की जांच शुरू की है। उन्होंने कहा, मैंने हाल ही में देवनार डंपिंग ग्राउंड और भाभा अस्पताल का दौरा किया और पाया कि वहां बुनियादी सुविधाओं और अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया, कि बीएमसी के फंड का इस्तेमाल पार्टी फंड की तरह किया जा रहा है। इसे दलालों और ठेकेदारों को दिया जा रहा है। निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस की तैयारियों पर गायकवाड़ ने कहा कि पार्टी नियमित रूप से कांग्रेस पार्टी नागरिकों से संबंधित मुद्दे उठाती रही है। लेकिन चुनाव को लेकर गठबंधन पर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व ही तय करेगा।

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    ठाणे के गोदाम में आग लगने से एक की मौत

    ठाणे जिले के भिवंडी स्थित एक गोदाम परिसर में भीषण आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि शनिवार शाम 4.50 बजे लगी आग में आठ गोदाम क्षतिग्रस्त हो गए है। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। भिवंडी निजामपुर नगर निगम के अग्निशमन अधिकारी विजय जाधव ने बताया कि आग भिवंडी के दापोडी गांव में प्रेरणा कॉम्प्लेक्स के रासायनिक भंडारण क्षेत्र से लगी थी और ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण यह तेजी से फैल गई। मौके पर दूर से ही धुएं का घना गुबार देखा जा सकता था। जाधव ने बताया कि अग्निशमन दल ने रात में एक गोदाम से एक व्यक्ति का जला हुआ शव बरामद किया है। मृतक की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और स्थानीय पुलिस यातायात को डायवर्ट करने में मदद कर रही है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

    अमेरिकी दूतावास को मिली बम से उड़ाने की धमकी

    मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को बम धमाके से उड़ाने की धमकी भरे फोन कॉल मिली है। लेकिन तलाशी के दौरान कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला, पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात करीब 8 बजे अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर वाणिज्य दूतावास परिसर में बम विस्फोट करने की धमकी दी थी। इस कॉल के बाद पुलिस को तुरंत सतर्क किया गया और बम निरोधक दस्ते को मौके पर भेजा गया। हालांकि, पूरी तलाशी के बाद भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब कॉल करने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है।

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    मुंबई-रायगढ़ समेत महाराष्ट्र के इन जिलों में जमकर हुई बारिश, आकाशीय बिजली ने बरपाया कहर, 8 की मौत

    मौसम विभाग ने सोमवार को दिनभर भारी बारिश की पूर्वानुमान लगाते हुए महाराष्ट्र के विभिन्न इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। रायगढ़, रत्नागिरी, पुणे, मुंबई के अलावा विदर्भ के कई जिलों में आज जमकर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रायगढ़ जिले में रेड अलर्ट, रत्नागिरी, पुणे घाट खंड, सतारा घाट खंड, कोल्हापुर घाट खंड, सिंधुदुर्ग में ऑरेंज अलर्ट और मुंबई, ठाणे, पालघर, नासिक घाट खंड, नागपुर, भंडारा, गोंदिया, गड़चिरोली में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के मुताबिक विदर्भ के बुलढाणा, अकोला, अमरावती, यवतमाल, वाशिम, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, भंडारा, चंद्रपुर और गड़चिरोली जिलों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। भारी बारिश के चलते रविवार को 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई। मौसम विभाग ने रत्नागिरि और रायगढ़ जैसे तटीय जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ और पालघर, ठाणे, सिंधुदुर्ग तथा पुणे, सातारा और कोल्हापुर के घाट के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तैनात की गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में 8 लोगों की जान चली गई है और 10 लोग घायल हुए हैं। मुंबई, सिंधुदुर्ग, धुले, नासिक, संभाजीनगर, नंदुरबार और अमरावती में मौत की घटनाएं हुईं, जिनमें से अधिकतर मौत आसमानी बिजली गिरने के कारण हुईं।

  • योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, हमारी सनातन संस्कृति का मूल भी है- अभिषेक वर्मा

    नई दिल्ली मे अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की ओर से “योग महाकुंभ” कार्यक्रम का आयोजन कर ‘योग’ को जन-जन तक पहुंचाने का एक बड़ा और ऐतिहासिक प्रयास किया गया।

    नई दिल्ली: 15 जून 2025 को आयोजित “योग महाकुंभ” कार्यक्रम ने योग साधकों शिक्षकों एवं समाजसेवियों का विशाल संगम प्रस्तुत किया। यह ऐतिहासिक आयोजन अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ (ABYOGASMS Foundation) के तत्वावधान में लाजपत भवन ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे डॉ. अभिषेक वर्मा और उनकी सुपुत्री निकोल वर्मा आई। जो एक सनातनी राजनीतिज्ञ और उद्योगपति के रूप में विख्यात हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ और पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर अभिषेक वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि ‘योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं है, यह हमारी सनातन संस्कृति का मूल है।’

    उन्होंने वेद पुराणों से जानकारी देते हुए कहा, “भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं, “योगः कर्मसु कौशलम्”, यानि कर्म में कुशलता ही योग है। वेदों में योग को आत्मा की शुद्धि और चित्त की स्थिरता का माध्यम बताया गया है।”

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    योग का हमारे जीवन में महत्व को लेकर उन्होंने और भी जानकारियां दी, जिसमें उन्होंने कहा, “आज जब दुनिया तनाव और भौतिकता से जूझ रही है, तब योग ही वह साधन है जो शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करता है। स्वस्थ भारत, संस्कारवान समाज, और आत्मनिर्भर राष्ट्र की कल्पना बिना योग के अधूरी है।”

    देश की राजनीति पर बोलते हुए डॉ. अभिषेक वर्मा ने यह भी बताया, कि “शिवसेना (NDA) और हमारे पथप्रदर्शक बाला साहेब ठाकरे जी हमेशा इस विचार के पक्षधर रहे हैं कि राष्ट्र निर्माण आत्मनियंत्रण और संयम से ही संभव है, और योग उसका आधार है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक मंच पर स्थापित किया, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस इसका प्रमाण है। शिवसेना के पोर्टफोलियो में आयुष मंत्रालय, फिट इंडिया मूवमेंट, और डिजिटल योग अभियान, योग को हर घर तक पहुँचा रहे हैं। आइए, संकल्प लें: योग अपनाएँ, जीवन सजाएँ, और भारत को फिर से विश्वगुरु बनाएँ।” उन्होंने अपने वक्तव्यों की समाप्ति पर “जय सनातन”, “जय हिंद” की घोषणा भी की।

    कार्यक्रम के मौके पर विशिष्ट अतिथियों में राजर्षि वेदमूर्ति आचार्य पवन दत्त मिश्रा महाराज, स्वामी अमित देव, डॉ. ईश्वर तथा योग गुरु मंगेश त्रिवेदी शामिल रहे। योग गुरु मंगेश त्रिवेदी जो ABYOGASMS के संस्थापक हैं, उन्होंने कहा, यह आयोजन योग को जन-जन तक पहुंचाने का एक बड़ा प्रयास है।

    कार्यक्रम में विभिन्न योग संगठनों, विद्यालयों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इसे एक महाकुंभ की भांति मनाया गया।

  • ‘माथे का तिलक पोंछने से मना करने पर…’ मुंबई में मराठी माणूस के खिलाफ अन्याय

    ‘माथे का तिलक पोंछने से मना करने पर…’ मुंबई में मराठी माणूस के खिलाफ अन्याय

    भांडुप के एक मॉल में काम करने वाले मराठी कर्मचारी से उसके माथे पर लगे तिलक को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद मनसे कार्यकर्ताओं ने खूब हंगामा किया। ‘For refusing to wipe the Tilak from the forehead…’ Injustice against Marathi man in Mumbai

    मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी एवं मायानगरी में मराठी भाषी लोगों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। आरोप है कि भांडुप के क्रोमा मॉल में एक मराठी कर्मचारी का तबादला इसलिए कर दिया गया क्योंकि उसने अपने माथे पर लगे तिलक पोंछने से मना कर दिया। आरोप है कि इसी वजह से उसका तबादला कर दिया गया। इसके बाद मनसे ने शोरूम में जाकर हंगामा किया। क्या है यह घटना? आइए विस्तार से जानते हैं। ‘For refusing to wipe the Tilak from the forehead…’ Injustice against Marathi man in Mumbai

    आस्था से छेड़छाड़

    भांडुप में क्रोमा स्टोर पर मनसे विद्यार्थी सेना ने विरोध प्रदर्शन किया। आरोप है कि इस क्रोमा स्टोर पर काम करने वाले एक कर्मचारी ने अपने माथे पर तिलक लगाया था और स्टोर मैनेजर ने उसे इसे मिटाने के लिए कहा। लेकिन मराठी कर्मचारी ने माथे का तिलक इसलिए हटाने से मना कर दिया क्योंकि उसकी आस्था उससे जुड़ी हुई थी। कर्मचारी का तबादला दूसरे स्टोर में कर दिया गया। ‘For refusing to wipe the Tilak from the forehead…’ Injustice against Marathi man in Mumbai

    मनसे ने किया हंगामा

    इसके बाद कर्मचारी ने मनसे कार्यकर्ताओं से संपर्क किया। मनसे छात्र सेना के कार्यकर्ता क्रोमा स्टोर में घुस गए। उन्होंने वहां हंगामा किया। उन्होंने कर्मचारी को चेतावनी दी कि वह उसे काम पर वापस रख लें, नहीं तो मनसे स्टाइल में उसकी पिटाई की जाएगी। इसके बाद काम पर लौटने का आश्वासन मिलने पर मनसे कार्यकर्ता क्रोमा स्टोर से चले गए। ‘For refusing to wipe the Tilak from the forehead…’ Injustice against Marathi man in Mumbai