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Mumbai के Kandivali इलाके में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC अधिकारियों पर हमला करने के आरोप में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। Lokhandwala Circle के पास हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। Samta Nagar Police मामले की जांच कर रही है।
मुंबई: शहर में Illegal Hawkers के खिलाफ चलाए जा रहे Anti-Encroachment Drive के दौरान बड़ा बवाल हो गया। Kandivali इलाके में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के अधिकारियों पर कथित तौर पर हमला किया गया।
इस मामले में Mumbai Policeने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से Viral Video के रूप में फैल रहा है।
Lokhandwala Circle के पास चल रहा था Anti-Hawker Drive
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात Kandivali के Lokhandwala Circle इलाके में BMC की टीम अवैध फेरीवालों के खिलाफ Anti-Hawker Drive चला रही थी।
इस दौरान अधिकारियों की टीम Illegal Street Vendors को हटाने और Encroachment हटाने की कार्रवाई कर रही थी।
भीड़ ने अधिकारियों का पीछा कर किया हमला
पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया।
इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से हटना पड़ा।
Earthmover के ड्राइवर के साथ भी मारपीट
पुलिस ने बताया कि Anti-Encroachment Operation में इस्तेमाल किए जा रहे Earthmover Machine के ड्राइवर को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा।
आरोप है कि भीड़ ने ड्राइवर के साथ भी मारपीट की, जिससे स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई।
Mumbai के BMC R/South Ward 31 के Ekta Nagar इलाके में बिना बारिश के ही नाले और गटर ओवरफ्लो होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने Corporator Manisha Yadav, Executive Engineer Amol Gavit और ठेकेदार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुंबई:Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के R South Ward के अंतर्गत आने वाले वार्ड नंबर 31 में गटर और नालों की खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। Ekta Nagar इलाके में बिना बारिश के ही चेंबर टाइप गटर और नाले गंदे पानी और कीचड़ से भरकर ओवरफ्लो होने लगे हैं, जिससे इलाके में बदबू और गंदगी फैल रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह स्थिति स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav की अनदेखी और BMC अधिकारियों की लापरवाही के कारण पैदा हुई है।
बिना बारिश के ही गटर और नाले लबालब
एकता नगर के निवासियों के अनुसार इलाके में बिना बरसात के ही गटर और नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं।
चेंबर टाइप गटरों में कीचड़ मिला गंदा पानी ऊपर तक भर गया है, जिसके कारण सड़कों पर गंदगी फैल रही है और आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि अगर अभी यह हालत है, तो मॉनसून (Monsoon Season) में हालात और भी खराब हो सकते हैं।
“जुम्मा-जुम्मा 8 दिन में ही दिखा असली रंग” – स्थानीय लोग
इलाके में चर्चा है कि स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav को पद संभाले अभी सिर्फ कुछ ही दिन हुए हैं, लेकिन लोगों का आरोप है कि उन्होंने अभी से “तेरा-मेरा” की राजनीति शुरू कर दी है।
कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब वे समस्या लेकर उनके पास पहुंचे तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “आप लोगों ने मुझे वोट नहीं दिया, फिर मेरे पास शिकायत क्यों लेकर आते हैं?”
लोगों का कहना है कि इस तरह का रवैया लोकतांत्रिक भावना (Democratic Values) के बिल्कुल खिलाफ है।
Maintenance Department की जिम्मेदारी
जानकारी के मुताबिक वार्ड नंबर 31 के Ekta Nagar क्षेत्र की देखरेख की जिम्मेदारी BMC के Maintenance Department के पास है।
इस क्षेत्र की तकनीकी जवाबदेही Assistant Engineer Amol Gavit के पास बताई जाती है, जिन्हें Executive Engineer का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है।
लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि Amol Gavit अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में असफल साबित हो रहे हैं या फिर जानबूझकर लापरवाही कर रहे हैं।
इलाके में यह भी चर्चा है कि Executive Engineer Amol Gavit का ध्यान सिर्फ ठेकेदारों से मिलने वाले कमीशन पर है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार, इंजीनियर और नगरसेविका की मिलीभगत के कारण क्षेत्र की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि काम के नाम पर पैसा तो मिल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं दिख रहा।
भ्रष्टाचार चरम पर होने का आरोप
एकता नगर में रहने वाले लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि Executive Engineer Amol Gavit, ठेकेदार और स्थानीय नगरसेविका Manisha Yadav की तिकड़ी का भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है।
लोगों का कहना है कि तीनों की आपसी सेटिंग के कारण इलाके की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
BMC के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की तैयारी
स्थानीय निवासियों ने अब इस मामले को लेकर BMC के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी शुरू कर दी है।
लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही गटर और नालों की सफाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को उच्च स्तर तक उठाएंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे।
FAQ (People Also Ask)
1. मामला किस इलाके का है?
यह मामला मुंबई के BMC R South Ward 31 के Ekta Nagar इलाके का बताया जा रहा है।
2. लोगों की मुख्य शिकायत क्या है?
स्थानीय लोगों के अनुसार बिना बारिश के ही गटर और नाले ओवरफ्लो हो रहे हैं और इलाके में गंदगी फैल रही है।
3. आरोप किन पर लगाए गए हैं?
लोगों ने Corporator Manisha Yadav, Executive Engineer Amol Gavit और ठेकेदार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
4. BMC का कौन सा विभाग जिम्मेदार है?
इस क्षेत्र की देखरेख BMC Maintenance Department के पास बताई जा रही है।
5. अब आगे क्या होगा?
स्थानीय लोग BMC के उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
Mumbai के Malad इलाके में BMC ने Dust Pollution Rules के उल्लंघन पर 149 Construction Sites को Stop-Work Notice जारी किया। RTI Data में 224 Sites की जांच में बड़े पैमाने पर नियमों की अनदेखी सामने आई।
मुंबई: शहर में तेजी से बढ़ रहे Construction Projects और Redevelopment Boom के बीच अब Dust Pollution बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। इसी को देखते हुए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने Malad के P North Ward में बड़ा एक्शन लिया है। धूल नियंत्रण (Dust Control Norms) का पालन नहीं करने वाले 149 Construction Projects को Stop-Work Notice जारी किया गया है।
यह जानकारी RTI (Right to Information) के जरिए Fight for Right Foundation के अध्यक्ष Vinod Gholap को मिली है, जिससे Malad इलाके में चल रहे बड़े पैमाने पर नियम उल्लंघन का खुलासा हुआ है।
Malad में Dust Pollution पर BMC की बड़ी कार्रवाई
RTI से सामने आए आंकड़ों के अनुसार P North Ward (Malad) में BMC ने कुल 224 Construction Sites का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगह Dust Control Norms की अनदेखी पाई गई।
Inspection Data:
Ward: P North (Malad)
Total Construction Sites Inspected: 224
Stop-Work Notices Issued: 149
Violations Corrected After Notice: 44 Projects
यानी लगभग हर तीन में से एक प्रोजेक्ट ने BMC के एक्शन के बाद नियमों का पालन शुरू किया।
Construction Sites पर क्या-क्या नियम अनिवार्य हैं
BMC के अनुसार मुंबई में चल रहे हर Construction Project को Dust Pollution Control Rules का पालन करना अनिवार्य है।
Mandatory Dust Control Measures:
Construction Site के चारों तरफ MS Sheet Barricading
ऊंची इमारतों पर Green Safety Net
धूल कम करने के लिए Regular Water Sprinkling
मलबा और निर्माण सामग्री के लिए Covered Storage
ट्रकों के लिए Wheel Washing Facility
BMC Approved AQI Monitoring Sensors
ज्यादा धूल वाले काम के लिए Enclosed Work Areas
अगर कोई भी साइट इन नियमों का पालन नहीं करती तो BMC तुरंत Stop-Work Notice जारी कर सकती है।
Activists का सवाल – क्या सिर्फ Notice से समस्या खत्म होगी?
Environmental Activists का कहना है कि सिर्फ नोटिस देने से समस्या खत्म नहीं होगी।
सामाजिक कार्यकर्ता Sayyed Waseem के मुताबिक मुंबई में हजारों Redevelopment Projects, Metro Works, Road Concretisation जैसे बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं।
उनका कहना है कि जब तक Contractors, Departments और Officials की स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं होगी और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक Dust Pollution Violations जारी रहेंगे।
BMC के रिकॉर्ड के अनुसार सबसे ज्यादा नियम उल्लंघन Private Redevelopment Projects में सामने आया है।
Category-wise Notice Data:
Project Category
Notices
Private Projects
107
SRA Projects
26
MMRDA Projects
03
MHADA Projects
05
BMC Projects
01
Ready-Mix Concrete Plants
07
इससे साफ है कि कुल उल्लंघनों में तीन-चौथाई से ज्यादा मामले Private Construction Projects के हैं।
Enforcement में बड़ी समस्या – कई एजेंसियां
Activist Vinod Gholap का कहना है कि मुंबई में Construction Regulation कई एजेंसियों में बंटा हुआ है।
इनमें शामिल हैं:
Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA)
Slum Rehabilitation Authority (SRA)
Maharashtra Housing and Area Development Authority (MHADA)
समस्या यह है कि BMC इन एजेंसियों के प्रोजेक्ट्स पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकती। ऐसे मामलों में BMC को नोटिस संबंधित एजेंसी को भेजना पड़ता है, जिससे कार्रवाई में देरी और जिम्मेदारी की कमी देखने को मिलती है।
Redevelopment Boom के बीच Pollution चिंता
मुंबई में इस समय Redevelopment Projects, Metro Construction और Road Concretisation तेजी से चल रहे हैं।
Environmental Experts का कहना है कि अगर Dust Control Measures सख्ती से लागू नहीं किए गए, तो आने वाले समय में Air Quality Index (AQI) और खराब हो सकता है।
FAQ (People Also Ask)
1. Malad में BMC ने कितने Construction Projects पर कार्रवाई की?
BMC ने 149 Construction Sites को Stop-Work Notice जारी किया है।
2. कुल कितनी Sites की जांच की गई?
RTI Data के अनुसार 224 Construction Sites का निरीक्षण किया गया।
3. कितने Projects ने बाद में नियमों का पालन किया?
करीब 44 Projects ने Dust Control Norms का पालन किया, जिसके बाद उनका Notice वापस लिया गया।
4. Dust Control के लिए BMC के मुख्य नियम क्या हैं?
MS Sheet Barricading, Water Sprinkling, Green Net, Covered Debris Storage, Wheel Washing System और AQI Sensors जरूरी हैं।
5. सबसे ज्यादा नियम उल्लंघन किस Category में मिला?
सबसे ज्यादा Private Redevelopment Projects (107) में उल्लंघन पाया गया।
Mumbai में Dahisar और Borivali को पानी सप्लाई करने वाला Borivali Hill Reservoir 30 साल पुराना हो चुका है। BMC ने Structural Audit के बाद 37 करोड़ रुपये की लागत से तुरंत RepairWork शुरू करने का फैसला लिया है।
मुंबई:Dahisar और Borivali इलाके में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने साफ किया है कि Borivali Tekdi पर बना पुराना जलाशय अब जर्जर हालत में हो चुका है और उसमें से Water Leakage हो रहा है। यही वजह है कि अब नगर निगम ने Immediate Structural Repair Work शुरू करने का फैसला लिया है।
🏗️ 30 साल पुराने Reservoir का Structural Audit
BMC के मुताबिक, मध्य क्षेत्र में स्थित Borivali Hill Reservoir No. 2 और No. 3 से Borivali और Dahisar के कई इलाकों में Drinking Water Supply की जाती है।
Reservoir No. 2 का निर्माण वर्ष 1992 में हुआ था। 👉 Storage Capacity: 36.2 Million Litres
Reservoir No. 3 का निर्माण वर्ष 1996 में हुआ था। 👉 Storage Capacity: 36.4 Million Litres
दोनों Reservoir अब 30 साल से ज्यादा पुराने हो चुके हैं। इसी वजह से BMC के Technical Advisors ने इनका Structural Audit किया।
📉 Water Leakage और Low Pressure Supply की बड़ी वजह
Structural Audit रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि दोनों जलाशयों को Immediate Comprehensive Structural Repair की जरूरत है।
अधिकारियों के अनुसार:
Reservoir से Water Seepage हो रहा है
Expected Level तक Water Storage Capacity नहीं बढ़ाई जा सकती
Dahisar और Borivali में Low Water Pressure की समस्या सामने आ रही है
इसी वजह से इन दोनों Reservoir की मरम्मत को अनिवार्य माना गया है।
Reservoir की छत पर लगी Waterproofing Layer हटाई जाएगी
Cement Concrete Structure को Iron Rods (Reinforcement) तक खोला जाएगा
जंग लगी लोहे की छड़ों की सफाई और Anti-Rust Treatment
आवश्यक जगहों पर Valve Installation
Structural Strengthening Measures
इस पूरे Project पर लगभग ₹37 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
🏢 किस कंपनी को मिला ठेका?
Reservoir Repair Project के लिए API Civilcon Private Limited को चुना गया है।
BMC Water Engineering Department के अधिकारियों के अनुसार, यह काम प्राथमिकता पर शुरू किया जाएगा ताकि Dahisar–Borivali Water Supply System को स्थिर और सुरक्षित बनाया जा सके।
❓ FAQ Section
1. Borivali Reservoir कितने साल पुराना है?
Reservoir No. 2 (1992) और Reservoir No. 3 (1996) में बने थे, यानी 30 साल से ज्यादा पुराने हैं।
2. Water Supply में दिक्कत क्यों आ रही थी?
Water Leakage और कम Storage Capacity की वजह से Low Pressure Supply हो रही थी।
3. Repair Work पर कितनी लागत आएगी?
करीब 37 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
4. किस कंपनी को ठेका मिला है?
API Civilcon Private Limited को Repair Contract दिया गया है।
Kandivali Lokhandwala Township के पास बनने वाले 120-ft Road Project पर mid-March से demolition शुरू होगा। BMC ने 192 eligible families को alternativehousing allot कर दिया है। Akurli Road traffic congestion कम करने के लिए projectMay 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य।
मुंबई:Kandivali इलाके में लंबे समय से चर्चा में चल रहा 120-ft Road Project अब ज़मीन पर उतरने जा रहा है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने Lokhandwala Township से सटे इस प्रस्तावित रोड के लिए 192 eligible families को alternative housing allot कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, board examinations खत्म होते ही mid-March से demolition की कार्रवाई शुरू होगी। यह कदम residents की request पर लिया गया है ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
🏘️ 192 परिवारों को मिला Alternative Housing – Lottery Process पूरा
BMC ने बताया कि proposed road alignment में आने वाले 192 eligible परिवारों को नए घर allot कर दिए गए हैं। Allotment lottery process के जरिए किया गया।
📍 Allotment Details:
120 परिवार – Mahaveer Building
47 परिवार – Bitcon Building
27 परिवार – Paton Building
फिलहाल beneficiaries का relocation process जारी है। हालांकि allotment letters जारी हो चुके हैं, कुछ परिवार renovation के चलते अभी शिफ्ट नहीं हुए हैं।
प्रकाश गायकवाड़, जिन्हें Mahaveer Building में flat allot हुआ है, ने बताया, “हमारे नए घर में renovation चल रहा है। जल्द ही shift करेंगे।”
🚦 Akurli Road Traffic Relief: Project क्यों है Important?
यह 120-ft Road Project खास तौर पर Akurli Road traffic congestion कम करने के लिए बनाया जा रहा है। अभी Akurli Road Kandivali East की सबसे भीड़भाड़ वाली सड़कों में से एक है। Peak hours में यहां heavy traffic jam आम बात है।
Civic officials के अनुसार, नई 120-ft चौड़ी सड़क residents को एक alternative route देगी, जिससे daily commuters को बड़ी राहत मिलेगी।
🏚️ Demolition Mid-March से – Exams के बाद Action
R-South Ward की Assistant Municipal Commissioner Aarti Golekar ने बताया:
“Residents ने request की थी कि board exams खत्म होने तक demolition टाल दिया जाए ताकि students disturb न हों। Humanitarian grounds पर यह request accept की गई है। Mid-March से demolition शुरू होगा।”
यानी civic body ने students की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए sensitive approach अपनाई है।
👥 310 परिवार रहते हैं Stretch पर, सभी प्रभावित नहीं
Local social activist Nitin Jha के मुताबिक, कुल 310 परिवार उस stretch पर रहते हैं, लेकिन road widening से सभी प्रभावित नहीं हैं। सिर्फ alignment में आने वाले 192 परिवारों को ही relocation की जरूरत पड़ी है।
⚖️ 34 Post-2011 Tenements का मामला Court में Pending
सबसे पेचीदा मामला 34 post-2011 tenements का है। मौजूदा norms के अनुसार ये residents rehabilitation के लिए Chembur में eligible हैं।
लेकिन इन परिवारों ने court का दरवाजा खटखटाया है और मांग की है कि उन्हें अपने वर्तमान इलाके के पास ही accommodation दिया जाए।
Court ने निर्देश दिया है कि अगर पास में Project Affected Persons (PAP) tenements उपलब्ध हों, तो उन्हें वहीं shift किया जाए। फिलहाल इस relocation पर final decision pending है।
🗳️ MLA की मांग, लेकिन BMC का फैसला Final
Local MLA Prakash Surve ने civic body से demolition को 30 April के बाद तक टालने की मांग की थी।
हालांकि BMC ने साफ संकेत दिया है कि वह scheduled timeline के अनुसार mid-March से demolition शुरू करेगी।
📅 May 2026 तक Project Complete करने का Target
Civic officials का लक्ष्य है कि demolition के बाद road development का काम तेजी से किया जाए और May 2026 तक 120-ft road stretch पूरी तरह तैयार हो जाए।
यह project Mumbai infrastructure development का अहम हिस्सा माना जा रहा है, खासकर Western Suburbs में traffic management के लिहाज से।
❓ FAQ Section
Q1. Kandivali 120-ft Road Project कब शुरू होगा?
Mid-March से demolition शुरू होगा, board exams खत्म होने के बाद।
Q2. कितने परिवारों को alternative housing मिला है?
192 eligible families को allotment दिया गया है।
Q3. सभी 310 परिवार relocate होंगे?
नहीं। केवल 192 परिवार alignment में आते हैं।
Q4. 34 tenements का क्या होगा?
उनका मामला court में pending है। Final relocation decision अभी बाकी है।
Bandra (W) की St Andrew’s Road एक बार फिर खुदाई की वजह से चर्चा में। Bandra Gymkhana के बाहर carriageway का हिस्सा excavate, traffic single lane पर। BMC ने Chimbai pumping stationupgradation और micro-tunnelling बताया कारण।
मुंबई: शहर के पॉश इलाकों में गिने जाने वाले Bandra (West) में एक बार फिर सड़क खुदाई को लेकर residents में गुस्सा देखने को मिल रहा है। Bandra Gymkhana के बाहर स्थित StAndrew’s Road का एक हिस्सा दोबारा खोद दिया गया है, जिससे traffic single lane तक सिमट गया है और रोजाना आने-जाने वाले motorists को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क पहले भी कई बार मरम्मत और निर्माण के नाम पर खोदी जा चुकी है, और अब फिर से excavation शुरू होने से “never-ending road work” जैसा हाल बन गया है।
📍 St Andrew’s Road पर क्या हुआ?
ताजा घटनाक्रम में St Andrew’s Road के एक हिस्से, खासकर Bandra Gymkhana के बाहर के stretch को दोबारा excavate किया गया। carriageway का बड़ा हिस्सा खोद दिए जाने के कारण गाड़ियों की आवाजाही सिर्फ एक लेन तक सीमित हो गई है।
इस वजह से peak hours में लंबा traffic jam लग रहा है और local commuters को देरी का सामना करना पड़ रहा है। Residents का कहना है कि बिना proper advance notice और clear signage के खुदाई शुरू कर दी गई।
😡 Residents का गुस्सा: “कब खत्म होगा ये road work?”
Bandra (W) के कई स्थानीय निवासियों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह सड़क पिछले कुछ सालों से बार-बार खोदी जा रही है। एक resident ने कहा,
“हर कुछ साल में यही सड़क खोद दी जाती है। पहले repair, फिर concretisation, अब pumping station का काम। आखिर planning है या नहीं?”
लोगों का कहना है कि यह इलाका पहले से ही narrow roads और heavy traffic के लिए जाना जाता है। ऐसे में एक लेन कम हो जाने से हालात और बिगड़ जाते हैं।
अगर पीछे की कहानी देखें तो May 2018 में Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने St Andrew’s Road पर paver blocks हटाकर asphalt बिछाने का काम शुरू किया था।
लेकिन यह काम पूरा नहीं हो पाया। Residents की शिकायतों के बाद contractor की services terminate कर दी गई थीं। आरोप था कि काम की quality shoddy थी और execution में कई खामियां थीं।
यानी 2018 में शुरू हुआ road repair project अधूरा ही छूट गया, जिससे लोगों में पहले से ही नाराज़गी थी।
🛣️ 2021 में Concretisation का प्लान
इसके बाद 2021 में civic body ने इस सड़क को concretise करने की योजना बनाई थी। यानी asphalt की जगह पूरी concrete road बनाने की बात कही गई थी ताकि लंबे समय तक durability बनी रहे।
हालांकि, अब जो खुदाई हो रही है, वह उस concretisation plan से जुड़ी नहीं बताई जा रही है।
🏭 BMC का स्पष्टीकरण: Road Repair नहीं, Pumping Station Upgrade
Civic officials का कहना है कि वर्तमान excavation का road repair या resurfacing से कोई संबंध नहीं है।
BMC अधिकारियों के अनुसार, यह काम Chimbai pumping station upgradation project का हिस्सा है। इसमें micro-tunnelling तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है और जो हिस्सा खोदा गया है, वह एक chamber बनाने के लिए है।
यानी, सड़क को पूरी तरह से तोड़ने के बजाय एक specific section में chamber construction के लिए excavation किया गया है।
🔧 Micro-Tunnelling क्या है और क्यों जरूरी?
Micro-tunnelling एक modern underground construction technique है, जिसमें बिना पूरी सड़क तोड़े जमीन के नीचे pipeline या drainage system बिछाया जाता है।
Chimbai pumping station upgrade का मकसद reportedly drainage और stormwater management system को बेहतर बनाना है। Bandra जैसे coastal और low-lying areas में monsoon के दौरान waterlogging बड़ी समस्या रहती है।
Officials का दावा है कि यह project long-term flood mitigation के लिए जरूरी है।
🚗 Traffic Impact और Daily Commuters की परेशानी
हालांकि BMC का तर्क है कि काम जरूरी है, लेकिन ground reality यह है कि traffic single lane पर आ जाने से रोजाना सैकड़ों motorists प्रभावित हो रहे हैं।
School buses को देरी
Office commuters को लंबा जाम
Local deliveries पर असर
Residents का कहना है कि अगर यह project unavoidable है, तो proper traffic management plan और clear timeline दी जानी चाहिए।
📣 Transparency और Coordination पर सवाल
Local नागरिकों का सवाल है कि जब 2018 में asphalt work अधूरा रह गया और contractor terminate हुआ, और 2021 में concretisation plan आया, तो क्या इन projects के बीच proper coordination हुआ था?
Experts का मानना है कि Mumbai में multiple infrastructure projects अक्सर अलग-अलग departments के बीच coordination की कमी के कारण overlapping हो जाते हैं।
Residents की मांग है कि future planning में integrated approach अपनाई जाए ताकि एक ही सड़क बार-बार न खोदी जाए।
🌧️ Monsoon से पहले काम पूरा होगा?
Bandra (W) के लोग इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि अगर excavation लंबा चला तो monsoon के दौरान हालात और खराब हो सकते हैं।
Waterlogging और potholes का खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल BMC ने work completion timeline को लेकर कोई सार्वजनिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
🏙️ Bigger Urban Issue: Mumbai Road Digging Cycle
St Andrew’s Road का मामला सिर्फ एक isolated incident नहीं है। Mumbai के कई इलाकों में residents अक्सर “dig, repair, re-dig” cycle की शिकायत करते रहे हैं।
Urban infrastructure experts का कहना है कि long-term planning, utility mapping और centralized approval system से इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
❓ FAQ Section
Q1. St Andrew’s Road को फिर से क्यों खोदा गया है? BMC के अनुसार यह road repair नहीं, बल्कि Chimbai pumping station upgradation project का हिस्सा है, जिसमें micro-tunnelling और chamber construction शामिल है।
Q2. 2018 में क्या हुआ था? BMC ने paver blocks हटाकर asphalt बिछाने का काम शुरू किया था, लेकिन quality issues की शिकायत के बाद contractor की services terminate कर दी गईं और काम अधूरा रह गया।
Q3. 2021 में क्या योजना थी? Civic body ने सड़क को concretise करने की योजना बनाई थी।
Q4. अभी traffic पर क्या असर है? Carriageway का हिस्सा खोद दिए जाने से traffic single lane तक सीमित है, जिससे जाम और देरी हो रही है।
Q5. Residents की मुख्य मांग क्या है? Proper planning, transparency, timeline और बेहतर traffic management।
Andheri West के Seven Bungalows इलाके में Ratan Kunj building demolition का shocking videoviral। Residents ने महसूस किए ‘earthquake like tremors’, BMC पर उठे safety norms और illegalconstruction के सवाल।
मुंबई:Andheri West के Seven Bungalows इलाके में रविवार को एक demolition drive ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। Ratan Kunj building को गिराते वक्त का एक shocking viral video सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें इमारत का बड़ा हिस्सा एक ही झटके में नीचे गिरता दिख रहा है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि गिरने के समय उन्हें “earthquake like tremors” महसूस हुए।
📹 Viral Video में क्या दिखा?
वायरल वीडियो, जिसे Instagram अकाउंट Andheriloca ने शेयर किया है, उसमें Ratan Kunj building के ऊपरी हिस्से का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिरता दिख रहा है। वीडियो में कहीं भी साफ तौर पर protective barricading, safety net या dust control measures नजर नहीं आ रहे।
Debris सीधे नीचे गिरता दिखाई दे रहा है, जिससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या demolition के दौरान BMC safety guidelines और controlled dismantling norms का पालन किया गया था या नहीं।
🏢 Residents बोले – ‘भूकंप जैसा लगा’
घटना के बाद कई लोकल residents ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक निवासी ने लिखा,
“हम यहीं पास में रहते हैं। गिरने के वक्त सच में tremors महसूस हुए, ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। ये सिर्फ demolition नहीं, इसकी construction भी illegal लगती है, क्योंकि इसे बने ज्यादा समय भी नहीं हुआ।”
दूसरे यूज़र ने civic body को टैग करते हुए लिखा कि गिरने के impact से “earthquake-like effect” हुआ और यह परिवारों के लिए बेहद डरावना अनुभव था।
स्थानीय लोगों ने सिर्फ demolition की safety पर ही नहीं, बल्कि excessive dust pollution और रविवार को भी construction activities जारी रहने पर भी आपत्ति जताई। एक कमेंट में लिखा गया,
“ये आसपास रहने वाले लोगों के लिए बिल्कुल safe नहीं है। Sunday को भी काम कैसे चल रहा है? BMC इसे कैसे allow कर रही है?”
🏛️ BMC पर उठे सवाल, कोई आधिकारिक बयान नहीं
वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि demolition “dangerous manner” में किया गया और BMC द्वारा तय norms का खुला उल्लंघन हुआ।
फिलहाल, खबर लिखे जाने तक BMC की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
⚠️ Densely Populated Area में Safety Concerns
Seven Bungalows जैसे densely populated residential area में इस तरह की demolition ने एक बार फिर Mumbai demolition safety norms, illegal construction और public safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Residents का साफ कहना है कि accountability तय होनी चाहिए और developer के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
❓ FAQ Section
Q1. Andheri West में कौन सी बिल्डिंग का demolition हुआ? Seven Bungalows इलाके में स्थित Ratan Kunj building का demolition किया जा रहा था।
Q2. Viral video में क्या दिख रहा है? वीडियो में बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा एक ही बार में गिरता दिख रहा है, जहां कोई साफ safety barricading नजर नहीं आती।
Q3. Residents ने क्या आरोप लगाए? लोगों का कहना है कि उन्हें “earthquake like tremors” महसूस हुए और demolition safety norms का पालन नहीं हुआ।
Q4. क्या BMC ने इस मामले में बयान दिया है? खबर लिखे जाने तक BMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Q5. लोगों की मुख्य चिंता क्या है? Safety norms का उल्लंघन, dust pollution, Sunday को काम और illegal construction को लेकर चिंता जताई गई है।
Andheri Subway Waterlogging की समस्या से राहत देने के लिए MaharashtraGovernment ने ₹197 करोड़ का Permanent Drainage Project प्रस्तावित किया है। BMC के Pumping System, Gokhale Bridge Alternative Route और Traffic Diversion Plan की पूरी जानकारी पढ़ें।
मुंबई: अंधेरी ईस्ट और अंधेरी वेस्ट को जोड़ने वाला Andheri Subway हर मानसून में Waterlogging और Traffic Congestion का बड़ा कारण बन जाता है। अब Maharashtra Government ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ₹197 करोड़ का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया है। विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार ने साफ किया कि अब Temporary नहीं बल्कि Permanent Fix पर काम होगा।
🚧 विधानसभा में उठा मुद्दा
विधानसभा में यह मामला विधायक Murji Patel ने Calling Attention Motion के जरिए उठाया। उन्होंने बताया कि Andheri Subway East-West Connectivity का इकलौता सीधा लिंक है और Heavy Rainfall के दौरान अक्सर बंद हो जाता है, जिससे हजारों commuters को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
इस पर राज्य मंत्री Madhuri Misal ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार और BMC मिलकर इस समस्या का स्थायी हल निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं।
🌧️ आखिर क्यों भर जाता है पानी?
सरकार के अनुसार Andheri Subway एक Low-Lying Area में स्थित है। इसके ऊपर से Western Railway की Suburban Rail Network गुजरती है, जिस कारण सबवे को चौड़ा (Widening) या गहरा (Deepening) करना तकनीकी रूप से बेहद कठिन है।
जानकारी के मुताबिक जब बारिश 19 mm प्रति घंटा से ज्यादा होती है तो पानी की निकासी धीमी हो जाती है और Subway में Water Accumulation शुरू हो जाता है। यही कारण है कि Moderate Rainfall में भी यहां Flooding की स्थिति बन जाती है।
🚨 अभी क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) फिलहाल Monsoon Season में अस्थायी उपाय कर रही है:
3 High-Capacity Dewatering Pumps तैनात किए गए हैं
इनकी Combined Drainage Capacity करीब 2,250 Cubic Metres Per Hour है
लगातार Monitoring की जाती है ताकि पानी जल्द निकाला जा सके
इसके बावजूद, Cloudburst या Heavy Rainfall (55 mm/hour से ज्यादा) में मौजूदा सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है।
जब भी Andheri Subway बंद होता है, ट्रैफिक को Gokhale Bridge की ओर डायवर्ट किया जाता है। हाल ही में Renovated Gokhale Bridge को ट्रैफिक के लिए खोला गया है, जिससे Andheri West की ओर जाने वाले वाहनों को राहत मिलती है।
SV Road से आने वाले वाहनों को भी इसी ब्रिज की तरफ मोड़ दिया जाता है ताकि Subway के पास जाम की स्थिति न बने।
💰 ₹197 करोड़ का Permanent Drainage Project
सरकार ने बताया कि लगभग ₹197 करोड़ की लागत से एक Parallel Drainage Channel Project प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के तहत:
High-Intensity Rainfall (55 mm/hr से ज्यादा) में भी पानी की तेज निकासी संभव होगी
आधुनिक Storm Water Drainage System तैयार किया जाएगा
Flood-Resistant Infrastructure विकसित किया जाएगा
सरकार ने यह भी कहा कि सभी संबंधित विभागों की Joint Meeting बुलाई जाएगी, जिसमें तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
📊 क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?
Andheri Subway रोजाना हजारों Office-Goers, School Students और Business Traffic के लिए महत्वपूर्ण है
Monsoon Traffic Updates में यह जगह हमेशा Trending रहती है
Waterlogging के कारण Fuel Loss, Time Loss और Economic Impact भी पड़ता है
इस Permanent Solution के बाद उम्मीद है कि Mumbai Monsoon और Traffic Management में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. Andheri Subway में हर साल पानी क्यों भरता है? ➡️ यह Low-Lying Area में है और 19 mm/hr से ज्यादा बारिश होने पर Drainage Capacity कम पड़ जाती है।
Q2. क्या Subway को चौड़ा या गहरा नहीं किया जा सकता? ➡️ नहीं, क्योंकि इसके ऊपर Western Railway की रेल लाइन है, जिससे Structural Changes करना मुश्किल है।
Q3. BMC अभी क्या कर रही है? ➡️ 3 Dewatering Pumps (2250 Cubic Metres/Hour Capacity) से पानी निकालने का काम किया जा रहा है।
Q4. Permanent Solution क्या है? ➡️ ₹197 करोड़ की लागत से नया Parallel Drainage Channel बनाया जाएगा।
Q5. Subway बंद होने पर कौन सा रास्ता इस्तेमाल होता है? ➡️ Gokhale Bridge को Alternative Route के रूप में उपयोग किया जाता है।
मुंबई नॉर्थ वेस्ट के सांसद रवींद्र वायकर ने पी दक्षिण Bmc बैठक में घास बाजार गोरेगांव पूर्व के वृद्धाश्रम निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पानी, ट्रैफिक और आरे सड़क कार्य पर भी बड़ी चर्चा।
मुंबई: गोरेगांव में पी दक्षिण BMC कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में 30 से ज्यादा ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद रवींद्र वायकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पानी, ट्रैफिक जाम, आरे कॉलोनी सड़क और अन्य लंबित विकास कार्यों पर भी गंभीर मंथन हुआ।
घास बाजार वृद्धाश्रम निर्माण पर सख्त निर्देश
सांसद वायकर ने स्पष्ट कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार में रिजर्व जमीन पर बन रहे वृद्धाश्रम का काम तेजी से पूरा किया जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन सहायक आयुक्त पाटणे के साथ मौके पर जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया।
पूर्व नगरसेवक साधना माने द्वारा इस वृद्धाश्रम का प्रस्ताव दिया गया था, जिसके बाद बीएमसी ने 11 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया।
पी दक्षिण BMC में संयुक्त बैठक
गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र के लंबित मुद्दों को लेकर पी दक्षिण bmc (गोरेगांव) कार्यालय में संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त अनिरुद्ध कुलकर्णी, आरे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिपुरकर, गोरेगांव, दिंडोशी, वनराई और बांगुरनगर पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मौजूद थे।
इसके अलावा ट्रैफिक शाखा, आरे पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।
पानी और ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या
बैठक में 30 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा की गई।
जीवन ज्योत सोसायटी, अरुणा सोसायटी, निरलॉन, कृष्णा सोसायटी, वसंत गैलेक्सी, ओबेरॉय सोसायटी, बेस्ट नगर, अंकुर सोसायटी समेत कई इलाकों के निवासियों ने पानी की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या उठाई।
स्थानीय लोगों ने कहा कि रोजाना की ट्रैफिक समस्या और जल आपूर्ति की अनियमितता से जीवन प्रभावित हो रहा है।
आरे के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि आरे कॉलोनी की अंदरूनी सड़क का फेज-1 का काम पूरा हो चुका है।
फेज-2 का काम फिलहाल जारी है और इसे अप्रैल तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया।
यह परियोजना इलाके के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम मानी जा रही है।
सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट पर भी निर्देश
सांसद वायकर ने सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट के लंबित कार्यों को लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित की जाए और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए।
विकास कार्यों पर फोकस, जनता को राहत का भरोसा
इस बैठक को गोरेगांव के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्थानीय बुनियादी समस्याओं से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक पर चर्चा हुई।
सांसद ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए और विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. बैठक कहां आयोजित की गई थी? पी दक्षिण बीएमसी कार्यालय, गोरेगांव में।
Q2. मुख्य मुद्दा क्या था? घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य को जल्द पूरा करना।
Q3. कितनी लागत का प्रोजेक्ट है? करीब 11 करोड़ रुपये का।
Q4. आरे कॉलोनी सड़क का क्या अपडेट है? फेज-1 पूरा हो चुका है, फेज-2 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।
Q5. किन समस्याओं पर चर्चा हुई? पानी की कमी, ट्रैफिक जाम, हॉस्पिटल और मार्केट के लंबित कार्य।
मुंबई में होली 2026 पर घर बैठे मिलेगी पारंपरिक पुरणपोळी! बृहन्मुंबई महानगरपालिका समर्थित महिला बचत गटों का ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’ शुरू। जानिए ऑनलाइन बुकिंग, होम डिलीवरी डेट और पूरी डिटेल।
मुंबई: मुंबई में होली का त्योहार आते ही “होळी रे होळी, पुरणाची पोळी” की गूंज सुनाई देने लगती है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। होली 2026 के मौके पर मुंबईकरों के लिए एक खास इंतज़ाम किया गया है, जहां पारंपरिक पुरणपोळी सीधे घर तक पहुंचेगी। यह पहल बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आर्थिक सहयोग से चल रहे महिला बचत गटों द्वारा की जा रही है, जिसने शहर में हलचल मचा दी है।
क्या है ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’?
होली के अवसर पर 26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’ आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान मुंबई के नागरिक https://shgeshop.com वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
ऑनलाइन ऑर्डर कन्फर्म होने के बाद 3 मार्च 2026 (मंगलवार) यानी होली के दिन पुरणपोळी की घरपोच डिलीवरी की जाएगी।
महिला बचत गटों की बड़ी पहल
मुंबई की जरूरतमंद और होनहार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महानगरपालिका द्वारा महिला बचत गटों को आर्थिक सहायता दी जाती है।
इन समूहों को सिर्फ नियमित काम तक सीमित न रखते हुए, बिज़नेस आधारित और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स से जोड़ने की कोशिश लगातार की जा रही है। यही वजह है कि त्योहारों के समय ऐसे खास फूड फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं।
पिछले आयोजनों को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स
गौरतलब है कि पिछले साल गुढीपाडवा के मौके पर भी पुरणपोळी महोत्सव आयोजित किया गया था, जिसे मुंबईकरों ने हाथोंहाथ लिया।
इसके बाद सार्वजनिक गणेशोत्सव 2025 के दौरान महिला बचत गटों द्वारा ‘मोदक महोत्सव 2025’ भी आयोजित किया गया था, जिसे शानदार प्रतिक्रिया मिली थी।
इसी सफलता को देखते हुए इस साल फिर से होली पर यह महोत्सव आयोजित किया गया है।
होली के दिन महाराष्ट्र में पुरणपोळी की खास परंपरा है। हर घर में इसे बनाने की परंपरा रही है, लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में कई परिवारों के लिए इसे बनाना आसान नहीं होता।
बढ़ती मांग को देखते हुए महिला बचत गटों ने यह पहल की है ताकि लोगों को पारंपरिक स्वाद भी मिले और महिलाओं को रोजगार भी।
संचालक (नियोजन) डॉ. डॉ. प्राची जांभेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित ग्राहकों को होली के दिन सीधे घर पर पुरणपोळी उपलब्ध कराई जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. पुरणपोळी महोत्सव 2026 कब तक चलेगा? 26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।
Q2. डिलीवरी कब होगी? 3 मार्च 2026, होली के दिन घरपोच डिलीवरी होगी।
Q3. बुकिंग कहां से करें? https://shgeshop.com वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।
Q4. यह पहल किसकी है? बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्त महिला बचत गटों की पहल है।
Q5. क्या पहले भी ऐसा आयोजन हुआ है? हां, गुढीपाडवा और गणेशोत्सव 2025 में भी सफल आयोजन हो चुके हैं।