Category: BMC Updates

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  • Andheri West Demolition Video Viral: Seven Bungalows में ‘Earthquake Like’ Tremors से दहशत

    Andheri West Demolition Video Viral: Seven Bungalows में ‘Earthquake Like’ Tremors से दहशत

    Andheri West के Seven Bungalows इलाके में Ratan Kunj building demolition का shocking video viral। Residents ने महसूस किए ‘earthquake like tremors’, BMC पर उठे safety norms और illegal construction के सवाल।

    मुंबई: Andheri West के Seven Bungalows इलाके में रविवार को एक demolition drive ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। Ratan Kunj building को गिराते वक्त का एक shocking viral video सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें इमारत का बड़ा हिस्सा एक ही झटके में नीचे गिरता दिख रहा है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि गिरने के समय उन्हें “earthquake like tremors” महसूस हुए।

    📹 Viral Video में क्या दिखा?

    वायरल वीडियो, जिसे Instagram अकाउंट Andheriloca ने शेयर किया है, उसमें Ratan Kunj building के ऊपरी हिस्से का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिरता दिख रहा है। वीडियो में कहीं भी साफ तौर पर protective barricading, safety net या dust control measures नजर नहीं आ रहे।

    Debris सीधे नीचे गिरता दिखाई दे रहा है, जिससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या demolition के दौरान BMC safety guidelines और controlled dismantling norms का पालन किया गया था या नहीं।

    🏢 Residents बोले – ‘भूकंप जैसा लगा’

    घटना के बाद कई लोकल residents ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक निवासी ने लिखा,

    “हम यहीं पास में रहते हैं। गिरने के वक्त सच में tremors महसूस हुए, ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। ये सिर्फ demolition नहीं, इसकी construction भी illegal लगती है, क्योंकि इसे बने ज्यादा समय भी नहीं हुआ।”

    दूसरे यूज़र ने civic body को टैग करते हुए लिखा कि गिरने के impact से “earthquake-like effect” हुआ और यह परिवारों के लिए बेहद डरावना अनुभव था।

    🌫️ Dust Pollution और Sunday Work पर भी सवाल

    स्थानीय लोगों ने सिर्फ demolition की safety पर ही नहीं, बल्कि excessive dust pollution और रविवार को भी construction activities जारी रहने पर भी आपत्ति जताई।
    एक कमेंट में लिखा गया,

    “ये आसपास रहने वाले लोगों के लिए बिल्कुल safe नहीं है। Sunday को भी काम कैसे चल रहा है? BMC इसे कैसे allow कर रही है?”

    🏛️ BMC पर उठे सवाल, कोई आधिकारिक बयान नहीं

    वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि demolition “dangerous manner” में किया गया और BMC द्वारा तय norms का खुला उल्लंघन हुआ।

    फिलहाल, खबर लिखे जाने तक BMC की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    ⚠️ Densely Populated Area में Safety Concerns

    Seven Bungalows जैसे densely populated residential area में इस तरह की demolition ने एक बार फिर Mumbai demolition safety norms, illegal construction और public safety को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    Residents का साफ कहना है कि accountability तय होनी चाहिए और developer के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।


    ❓ FAQ Section

    Q1. Andheri West में कौन सी बिल्डिंग का demolition हुआ?
    Seven Bungalows इलाके में स्थित Ratan Kunj building का demolition किया जा रहा था।

    Q2. Viral video में क्या दिख रहा है?
    वीडियो में बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा एक ही बार में गिरता दिख रहा है, जहां कोई साफ safety barricading नजर नहीं आती।

    Q3. Residents ने क्या आरोप लगाए?
    लोगों का कहना है कि उन्हें “earthquake like tremors” महसूस हुए और demolition safety norms का पालन नहीं हुआ।

    Q4. क्या BMC ने इस मामले में बयान दिया है?
    खबर लिखे जाने तक BMC की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

    Q5. लोगों की मुख्य चिंता क्या है?
    Safety norms का उल्लंघन, dust pollution, Sunday को काम और illegal construction को लेकर चिंता जताई गई है।

  • Andheri Subway Waterlogging खत्म करने की तैयारी, ₹197 करोड़ का प्लान

    Andheri Subway Waterlogging खत्म करने की तैयारी, ₹197 करोड़ का प्लान

    Andheri Subway Waterlogging की समस्या से राहत देने के लिए Maharashtra Government ने ₹197 करोड़ का Permanent Drainage Project प्रस्तावित किया है। BMC के Pumping System, Gokhale Bridge Alternative Route और Traffic Diversion Plan की पूरी जानकारी पढ़ें।

    मुंबई: अंधेरी ईस्ट और अंधेरी वेस्ट को जोड़ने वाला Andheri Subway हर मानसून में Waterlogging और Traffic Congestion का बड़ा कारण बन जाता है। अब Maharashtra Government ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ₹197 करोड़ का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया है। विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार ने साफ किया कि अब Temporary नहीं बल्कि Permanent Fix पर काम होगा।

    🚧 विधानसभा में उठा मुद्दा

    विधानसभा में यह मामला विधायक Murji Patel ने Calling Attention Motion के जरिए उठाया। उन्होंने बताया कि Andheri Subway East-West Connectivity का इकलौता सीधा लिंक है और Heavy Rainfall के दौरान अक्सर बंद हो जाता है, जिससे हजारों commuters को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।

    इस पर राज्य मंत्री Madhuri Misal ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार और BMC मिलकर इस समस्या का स्थायी हल निकालने की दिशा में काम कर रहे हैं।

    🌧️ आखिर क्यों भर जाता है पानी?

    सरकार के अनुसार Andheri Subway एक Low-Lying Area में स्थित है। इसके ऊपर से Western Railway की Suburban Rail Network गुजरती है, जिस कारण सबवे को चौड़ा (Widening) या गहरा (Deepening) करना तकनीकी रूप से बेहद कठिन है।

    जानकारी के मुताबिक जब बारिश 19 mm प्रति घंटा से ज्यादा होती है तो पानी की निकासी धीमी हो जाती है और Subway में Water Accumulation शुरू हो जाता है। यही कारण है कि Moderate Rainfall में भी यहां Flooding की स्थिति बन जाती है।

    🚨 अभी क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

    Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) फिलहाल Monsoon Season में अस्थायी उपाय कर रही है:

    • 3 High-Capacity Dewatering Pumps तैनात किए गए हैं
    • इनकी Combined Drainage Capacity करीब 2,250 Cubic Metres Per Hour है
    • लगातार Monitoring की जाती है ताकि पानी जल्द निकाला जा सके

    इसके बावजूद, Cloudburst या Heavy Rainfall (55 mm/hour से ज्यादा) में मौजूदा सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है।

    🌉 Gokhale Bridge बना Alternative Route

    जब भी Andheri Subway बंद होता है, ट्रैफिक को Gokhale Bridge की ओर डायवर्ट किया जाता है। हाल ही में Renovated Gokhale Bridge को ट्रैफिक के लिए खोला गया है, जिससे Andheri West की ओर जाने वाले वाहनों को राहत मिलती है।

    SV Road से आने वाले वाहनों को भी इसी ब्रिज की तरफ मोड़ दिया जाता है ताकि Subway के पास जाम की स्थिति न बने।

    💰 ₹197 करोड़ का Permanent Drainage Project

    सरकार ने बताया कि लगभग ₹197 करोड़ की लागत से एक Parallel Drainage Channel Project प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना के तहत:

    • High-Intensity Rainfall (55 mm/hr से ज्यादा) में भी पानी की तेज निकासी संभव होगी
    • आधुनिक Storm Water Drainage System तैयार किया जाएगा
    • Flood-Resistant Infrastructure विकसित किया जाएगा

    सरकार ने यह भी कहा कि सभी संबंधित विभागों की Joint Meeting बुलाई जाएगी, जिसमें तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

    📊 क्यों जरूरी है यह प्रोजेक्ट?

    • Andheri Subway रोजाना हजारों Office-Goers, School Students और Business Traffic के लिए महत्वपूर्ण है
    • Monsoon Traffic Updates में यह जगह हमेशा Trending रहती है
    • Waterlogging के कारण Fuel Loss, Time Loss और Economic Impact भी पड़ता है

    इस Permanent Solution के बाद उम्मीद है कि Mumbai Monsoon और Traffic Management में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।


    🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. Andheri Subway में हर साल पानी क्यों भरता है?
    ➡️ यह Low-Lying Area में है और 19 mm/hr से ज्यादा बारिश होने पर Drainage Capacity कम पड़ जाती है।

    Q2. क्या Subway को चौड़ा या गहरा नहीं किया जा सकता?
    ➡️ नहीं, क्योंकि इसके ऊपर Western Railway की रेल लाइन है, जिससे Structural Changes करना मुश्किल है।

    Q3. BMC अभी क्या कर रही है?
    ➡️ 3 Dewatering Pumps (2250 Cubic Metres/Hour Capacity) से पानी निकालने का काम किया जा रहा है।

    Q4. Permanent Solution क्या है?
    ➡️ ₹197 करोड़ की लागत से नया Parallel Drainage Channel बनाया जाएगा।

    Q5. Subway बंद होने पर कौन सा रास्ता इस्तेमाल होता है?
    ➡️ Gokhale Bridge को Alternative Route के रूप में उपयोग किया जाता है।

  • गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    गोरेगांव BMC मीटिंग में हड़कंप! 30+ मुद्दों पर चर्चा, वृद्धाश्रम निर्माण जल्द पूरा करने का आदेश

    मुंबई नॉर्थ वेस्ट के सांसद रवींद्र वायकर ने पी दक्षिण Bmc बैठक में घास बाजार गोरेगांव पूर्व के वृद्धाश्रम निर्माण को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। पानी, ट्रैफिक और आरे सड़क कार्य पर भी बड़ी चर्चा।

    मुंबई: गोरेगांव में पी दक्षिण BMC कार्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में 30 से ज्यादा ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद रवींद्र वायकर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पानी, ट्रैफिक जाम, आरे कॉलोनी सड़क और अन्य लंबित विकास कार्यों पर भी गंभीर मंथन हुआ।

    घास बाजार वृद्धाश्रम निर्माण पर सख्त निर्देश

    सांसद वायकर ने स्पष्ट कहा कि गोरेगांव पूर्व के घास बाजार में रिजर्व जमीन पर बन रहे वृद्धाश्रम का काम तेजी से पूरा किया जाए।

    उन्होंने संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन सहायक आयुक्त पाटणे के साथ मौके पर जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया।

    पूर्व नगरसेवक साधना माने द्वारा इस वृद्धाश्रम का प्रस्ताव दिया गया था, जिसके बाद बीएमसी ने 11 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया।

    पी दक्षिण BMC में संयुक्त बैठक

    गोरेगांव विधानसभा क्षेत्र के लंबित मुद्दों को लेकर पी दक्षिण bmc (गोरेगांव) कार्यालय में संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

    बैठक में उपायुक्त भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त अनिरुद्ध कुलकर्णी, आरे के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिपुरकर, गोरेगांव, दिंडोशी, वनराई और बांगुरनगर पुलिस स्टेशनों के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मौजूद थे।

    इसके अलावा ट्रैफिक शाखा, आरे पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, अग्निशमन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।

    पानी और ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या

    बैठक में 30 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा की गई।

    जीवन ज्योत सोसायटी, अरुणा सोसायटी, निरलॉन, कृष्णा सोसायटी, वसंत गैलेक्सी, ओबेरॉय सोसायटी, बेस्ट नगर, अंकुर सोसायटी समेत कई इलाकों के निवासियों ने पानी की कमी और ट्रैफिक जाम की समस्या उठाई।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि रोजाना की ट्रैफिक समस्या और जल आपूर्ति की अनियमितता से जीवन प्रभावित हो रहा है।

    आरे कॉलोनी सड़क का फेज-1 पूरा

    आरे के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि आरे कॉलोनी की अंदरूनी सड़क का फेज-1 का काम पूरा हो चुका है।

    फेज-2 का काम फिलहाल जारी है और इसे अप्रैल तक पूरा करने का आश्वासन दिया गया।

    यह परियोजना इलाके के ट्रैफिक दबाव को कम करने में अहम मानी जा रही है।

    सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट पर भी निर्देश

    सांसद वायकर ने सहायक आयुक्त को निर्देश दिए कि सिद्धार्थ हॉस्पिटल और टोपीवाला मार्केट के लंबित कार्यों को लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित की जाए और प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा किया जाए।

    विकास कार्यों पर फोकस, जनता को राहत का भरोसा

    इस बैठक को गोरेगांव के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें स्थानीय बुनियादी समस्याओं से लेकर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तक पर चर्चा हुई।

    सांसद ने साफ कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होना चाहिए और विकास कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. बैठक कहां आयोजित की गई थी?
    पी दक्षिण बीएमसी कार्यालय, गोरेगांव में।

    Q2. मुख्य मुद्दा क्या था?
    घास बाजार स्थित वृद्धाश्रम निर्माण कार्य को जल्द पूरा करना।

    Q3. कितनी लागत का प्रोजेक्ट है?
    करीब 11 करोड़ रुपये का।

    Q4. आरे कॉलोनी सड़क का क्या अपडेट है?
    फेज-1 पूरा हो चुका है, फेज-2 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।

    Q5. किन समस्याओं पर चर्चा हुई?
    पानी की कमी, ट्रैफिक जाम, हॉस्पिटल और मार्केट के लंबित कार्य।

  • होली पर ‘घरपोच पुरणपोळी’ का बड़ा खुलासा! मुंबई में शुरू हुआ खास महोत्सव 2026

    होली पर ‘घरपोच पुरणपोळी’ का बड़ा खुलासा! मुंबई में शुरू हुआ खास महोत्सव 2026

    मुंबई में होली 2026 पर घर बैठे मिलेगी पारंपरिक पुरणपोळी! बृहन्मुंबई महानगरपालिका समर्थित महिला बचत गटों का ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’ शुरू। जानिए ऑनलाइन बुकिंग, होम डिलीवरी डेट और पूरी डिटेल।

    मुंबई: मुंबई में होली का त्योहार आते ही “होळी रे होळी, पुरणाची पोळी” की गूंज सुनाई देने लगती है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। होली 2026 के मौके पर मुंबईकरों के लिए एक खास इंतज़ाम किया गया है, जहां पारंपरिक पुरणपोळी सीधे घर तक पहुंचेगी। यह पहल बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आर्थिक सहयोग से चल रहे महिला बचत गटों द्वारा की जा रही है, जिसने शहर में हलचल मचा दी है।

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    क्या है ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’?

    होली के अवसर पर 26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक ‘पुरणपोळी महोत्सव 2026’ आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान मुंबई के नागरिक https://shgeshop.com वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

    ऑनलाइन ऑर्डर कन्फर्म होने के बाद 3 मार्च 2026 (मंगलवार) यानी होली के दिन पुरणपोळी की घरपोच डिलीवरी की जाएगी।

    महिला बचत गटों की बड़ी पहल

    मुंबई की जरूरतमंद और होनहार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए महानगरपालिका द्वारा महिला बचत गटों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

    इन समूहों को सिर्फ नियमित काम तक सीमित न रखते हुए, बिज़नेस आधारित और इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स से जोड़ने की कोशिश लगातार की जा रही है। यही वजह है कि त्योहारों के समय ऐसे खास फूड फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं।

    पिछले आयोजनों को मिला था जबरदस्त रिस्पॉन्स

    गौरतलब है कि पिछले साल गुढीपाडवा के मौके पर भी पुरणपोळी महोत्सव आयोजित किया गया था, जिसे मुंबईकरों ने हाथोंहाथ लिया।

    इसके बाद सार्वजनिक गणेशोत्सव 2025 के दौरान महिला बचत गटों द्वारा ‘मोदक महोत्सव 2025’ भी आयोजित किया गया था, जिसे शानदार प्रतिक्रिया मिली थी।

    इसी सफलता को देखते हुए इस साल फिर से होली पर यह महोत्सव आयोजित किया गया है।

    होली पर क्यों बढ़ती है पुरणपोळी की डिमांड?

    होली के दिन महाराष्ट्र में पुरणपोळी की खास परंपरा है। हर घर में इसे बनाने की परंपरा रही है, लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी में कई परिवारों के लिए इसे बनाना आसान नहीं होता।

    बढ़ती मांग को देखते हुए महिला बचत गटों ने यह पहल की है ताकि लोगों को पारंपरिक स्वाद भी मिले और महिलाओं को रोजगार भी।

    कैसे करें ऑनलाइन बुकिंग?

    • वेबसाइट: https://shgeshop.com
    • बुकिंग तारीख: 26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026
    • डिलीवरी डेट: 3 मार्च 2026 (होली के दिन)
    • डिलीवरी: घरपोच

    संचालक (नियोजन) डॉ. डॉ. प्राची जांभेकर ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद संबंधित ग्राहकों को होली के दिन सीधे घर पर पुरणपोळी उपलब्ध कराई जाएगी।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. पुरणपोळी महोत्सव 2026 कब तक चलेगा?
    26 फरवरी 2026 से 1 मार्च 2026 तक ऑनलाइन बुकिंग की जा सकती है।

    Q2. डिलीवरी कब होगी?
    3 मार्च 2026, होली के दिन घरपोच डिलीवरी होगी।

    Q3. बुकिंग कहां से करें?
    https://shgeshop.com वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा।

    Q4. यह पहल किसकी है?
    बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा आर्थिक सहयोग प्राप्त महिला बचत गटों की पहल है।

    Q5. क्या पहले भी ऐसा आयोजन हुआ है?
    हां, गुढीपाडवा और गणेशोत्सव 2025 में भी सफल आयोजन हो चुके हैं।

  • कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व में हंगामा: व्हाइट सिटी की बाउंड्री वॉल टूटी, पेड़ों को नुकसान का आरोप — लोढ़ा के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता

    कांदिवली पूर्व के Lokhandwala White City में बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और BMC द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के आरोप पर बड़ा बवाल। लोढ़ा ग्रुप के खिलाफ स्थानीय रहिवासी सड़कों पर, Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग, BJP नगरसेवक भी विरोध में।

    मुंबई: कांदिवली पूर्व स्थित Lokhandwala White City में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अचानक बाउंड्री वॉल तोड़े जाने और बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया। देखते ही देखते शांत रिहायशी इलाका विरोध और नारेबाजी का केंद्र बन गया। स्थानीय लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए बिल्डर समूह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    🔥 सुबह की शांति टूटी, अचानक शुरू हुआ तोड़फोड़ का काम

    स्थानीय रहिवासियों के मुताबिक, सुबह इलाके में भारी मशीनरी और मजदूरों की आवाजाही देखी गई। कुछ ही देर में सोसायटी की बाउंड्री वॉल के एक हिस्से को तोड़ा जाने लगा। लोगों का आरोप है कि यह काम बिना पूर्व सूचना और सहमति के किया गया।

    जैसे ही दीवार टूटी, वहां मौजूद कुछ पेड़ों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। रहिवासियों का दावा है कि ये पेड़ बीएमसी द्वारा मान्यता प्राप्त थे और इन्हें संरक्षित श्रेणी में रखा गया था।

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    🌳 “पेड़ों को क्यों तोड़ा?” — पर्यावरण को लेकर भड़का गुस्सा

    घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल पेड़ों को लेकर उठा। लोगों ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर हरियाली खत्म की जा रही है।

    मुंबई जैसे शहर में जहां ग्रीन कवर लगातार कम हो रहा है, वहां बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना लोगों को नागवार गुजरा।

    स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और सोसायटी सदस्यों ने मौके पर ही काम रुकवाने की कोशिश की और जिम्मेदारों से जवाब मांगा।

    📢 लोढ़ा के खिलाफ जोरदार नारेबाजी

    कुछ ही घंटों में मामला गरमा गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए।

    लोगों ने बिल्डर के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि नियमों की अनदेखी कर मनमानी की जा रही है। “दीवार तोड़ी क्यों?”, “पेड़ों का हिसाब दो”, “नियम सबके लिए बराबर” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे।

    स्थिति इतनी गर्म हो गई कि आसपास पुलिस की मौजूदगी भी बढ़ानी पड़ी।

    🚔 Samta Nagar पुलिस स्टेशन में FIR की मांग

    विरोध कर रहे स्थानीय रहिवासी सीधे Samta Nagar Police Station पहुंचे।

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    वहां उन्होंने लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की। लोगों का कहना है कि

    • बिना अनुमति बाउंड्री वॉल तोड़ना,
    • बीएमसी से मान्यता प्राप्त पेड़ों को नुकसान पहुंचाना,
    • स्थानीय निवासियों को पूर्व सूचना न देना —

    ये सब गंभीर उल्लंघन हैं और इस पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

    🏛️ भाजपा नगरसेवक भी विरोध में?

    इस घटनाक्रम ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के कुछ नगरसेवक भी मौके पर पहुंचे और निवासियों के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।

    हालांकि आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन चर्चा है कि उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

    ⚖️ अब आगे क्या?

    पूरा मामला अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर पहुंच चुका है।

    • क्या पुलिस FIR दर्ज करेगी?
    • क्या बीएमसी इस पर कार्रवाई करेगी?
    • क्या बिल्डर पक्ष अपनी सफाई देगा?

    इन सवालों के जवाब आने बाकी हैं, लेकिन इतना तय है कि कांदिवली पूर्व का यह मामला अब सिर्फ एक दीवार या कुछ पेड़ों का नहीं रहा — यह नागरिक अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और बिल्डर जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है।


    📌 FAQ

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 कांदिवली पूर्व, Lokhandwala White City परिसर का।

    Q2. लोगों की मुख्य मांग क्या है?
    👉 बाउंड्री वॉल तोड़ने और पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में FIR दर्ज हो।

    Q3. शिकायत कहां की गई?
    👉 Samta Nagar Police Station, कांदिवली पूर्व।

    Q4. क्या राजनीतिक समर्थन मिला है?
    👉 स्थानीय स्तर पर भाजपा नगरसेवकों के समर्थन की चर्चा है।

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  • मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई में फल पर ज़हर! मालाड वेस्ट में दो फेरीवाले गिरफ्तार, Video वायरल

    मुंबई के मालाड वेस्ट में फल बेचने वाले दो वेंडरों को केले पर रैट पॉइज़न (Ratol) लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने स्टॉल सील किया। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सड़क किनारे फल बेचने वाले दो वेंडरों को फलों पर चूहे मारने की दवा लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक स्थानीय निवासी ने वीडियो सबूत के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

    शिकायत और Video से खुला मामला

    बुधवार को Malad Police Station ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया। शिकायतकर्ता ने जो वीडियो दिया, उसमें एक वेंडर केले को संभालते हुए उन पर क्रीम जैसे पदार्थ को लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

    वीडियो सामने आते ही स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा फैल गया, खासकर स्ट्रीट फूड और सड़क किनारे बिकने वाले फलों की स्वच्छता को लेकर।

    स्टॉल से मिला ‘Ratol’ ज़हर

    पुलिस ने जब मौके पर जांच की तो आरोपियों के स्टॉल से ‘Ratol’ नाम का चूहे मारने वाला केमिकल बरामद किया। Ratol एक कमर्शियल रैट किलिंग प्रोडक्ट है, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले तत्व पाए जाते हैं।

    बरामदगी के बाद पुलिस ने सड़क किनारे लगे उस स्टॉल को तुरंत सील कर दिया।

    आरोपी कौन हैं?

    पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के नाम:

    • मनोज संगमलाल केसरवानी (42)
    • राहुल सदनलाल केसरवानी (25)

    दोनों मालाड वेस्ट के राजनपाड़ा इलाके के रहने वाले हैं।

    उन्हें उसी दिन बोरीवली स्थित Additional Chief Metropolitan Magistrate Court, Borivali में पेश किया गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक व्यक्ति केले के गुच्छे पर क्रीम जैसा पदार्थ लगा रहा है, जिसे बाद में रैट पॉइज़न बताया गया।

    मुंबई जैसे शहर में जहां लाखों लोग रोज सड़क किनारे फल खरीदते हैं, इस वीडियो ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

    स्थानीय लोगों की मांग: सख्त जांच हो

    मालाड वेस्ट के स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि फूड सेफ्टी को लेकर सख्त और नियमित निरीक्षण किए जाएं।

    लोगों ने Food and Drug Administration और Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) से अपील की है कि सड़क किनारे फल और खाने-पीने की चीजें बेचने वालों पर नियमित चेकिंग की जाए ताकि भविष्य में ऐसी खतरनाक हरकत दोबारा न हो।

    किस कानून के तहत केस दर्ज?

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हरकत कितने समय से की जा रही थी।

    जनता के लिए अलर्ट

    • सड़क किनारे फल खरीदते समय सावधानी बरतें
    • कटे या संदिग्ध फल बिल्कुल न खरीदें
    • कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें
    • वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें

    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. यह घटना कहां की है?
    यह मामला मुंबई के मालाड वेस्ट इलाके का है।

    Q2. आरोपियों ने किस चीज़ का इस्तेमाल किया?
    ‘Ratol’ नाम की चूहे मारने वाली दवा, जिसमें येलो फॉस्फोरस जैसे जहरीले केमिकल होते हैं।

    Q3. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
    दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर स्टॉल सील किया गया और केस दर्ज किया गया।

    Q4. वीडियो कैसे सामने आया?
    एक स्थानीय निवासी ने वीडियो बनाकर पुलिस में शिकायत की, जिसके बाद मामला सामने आया।

    Q5. क्या जांच जारी है?
    हां, पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    BMC Budget 2026-27: 25 फरवरी को पेश हुआ बीएमसी का बजट, शिक्षा विभाग का प्रस्ताव पहले हुआ पेश

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया गया। शिक्षा विभाग का बजट सुबह 11 बजे और मुख्य बजट दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में प्रस्तुत किया गया।

    मुंबई: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका मानी जाने वाली Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 25 फरवरी 2026 को पेश किया। बजट प्रस्तुति को लेकर मनपा मुख्यालय में दिनभर महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं।

    सुबह 11 बजे शिक्षा विभाग का बजट पेश

    सबसे पहले अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (पूर्व उपनगर) Dr. Avinash Dhakane ने शिक्षा विभाग का बजट अनुमान 25 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे शिक्षा समिति सभागृह, दूसरे मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में पेश किया।

    उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के शिक्षा विभाग के ‘ई’ बजट अनुमान को शिक्षा समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    शिक्षा समिति अध्यक्ष को सौंपा गया प्रस्ताव

    डॉ. अविनाश ढाकणे ने यह बजट प्रस्ताव शिक्षा समिति की अध्यक्ष Rajeshree Shirwadkar को सौंपा।

    इस दौरान शिक्षा समिति के सदस्य, उप आयुक्त (शिक्षण) Dr. Prachi Jambecker, महानगरपालिका सचिव Manjiri Deshpande सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

    दोपहर 2 बजे स्थायी समिति में मुख्य बजट पेश

    इसके बाद महानगरपालिका आयुक्त Bhushan Gagrani ने 25 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे स्थायी समिति सभागृह, पहली मंजिल, मुख्य इमारत, मनपा मुख्यालय में वर्ष 2026-27 का संपूर्ण बजट स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।

    मुंबईकरों के लिए यह बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बुनियादी सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी सप्लाई, सड़क, स्वच्छता और विकास परियोजनाओं के लिए प्रावधान शामिल हैं।

    दोपहर 3:30 बजे मीडिया से संवाद

    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने बजट पेश करने के बाद दोपहर 3:30 बजे आयुक्त सभागृह, दूसरे मंजिल, मनपा मुख्यालय, महापालिका मार्ग, मुंबई-400001 में मीडिया से संवाद किया।

    इस दौरान उन्होंने बजट के मुख्य बिंदुओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर जानकारी दी।

    क्यों अहम है BMC Budget 2026-27?

    मुंबई महानगरपालिका का बजट देश में सबसे बड़े नगर निकाय बजट में गिना जाता है। हर साल की तरह इस बार भी शिक्षा, जल आपूर्ति, बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाओं को लेकर अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है।

    मुंबईकरों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले साल में शहर के विकास और सुविधाओं को लेकर क्या नई योजनाएं लागू होंगी।


    FAQ

    Q1: BMC का बजट कब पेश किया गया?
    25 फरवरी 2026 को।

    Q2: शिक्षा विभाग का बजट किसने पेश किया?
    अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे ने।

    Q3: मुख्य बजट किसके द्वारा पेश किया गया?
    महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने स्थायी समिति में पेश किया।

    Q4: मीडिया से संवाद कब हुआ?
    25 फरवरी 2026 को दोपहर 3:30 बजे।

    Q5: यह बजट क्यों महत्वपूर्ण है?
    क्योंकि इसमें शिक्षा, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए वित्तीय प्रावधान तय किए जाते हैं।

  • मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    मुंबई में पर्यावरण बचाने और पानी संकट के लिए ‘वैधानिक समिति’ बनाने की मांग

    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने मुंबई में बढ़ते प्रदूषण, जंगल कटाई और पानी की किल्लत को देखते हुए BMC से पर्यावरण और जल प्रबंधन के लिए वैधानिक समिति बनाने की मांग की है।

    मुंबई: शहर में बढ़ते प्रदूषण, अनियंत्रित जंगल कटाई और जल संकट को लेकर अब राजनीतिक स्तर पर भी गंभीर पहल शुरू हो गई है। वार्ड क्रमांक 54 के नगरसेवक Ankit Sunil Prabhu ने 17 फरवरी 2026 को Brihanmumbai Municipal Corporation के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर पर्यावरण संरक्षण के लिए एक ‘वैधानिक समिति’ गठित करने की मांग की है।

    पर्यावरण संतुलन के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत

    नगरसेवक अंकित प्रभू ने अपने पत्र में कहा है कि मुंबई में बढ़ता वायु प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और जलवायु परिवर्तन की वजह से प्राकृतिक संतुलन बिगड़ता जा रहा है।

    उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल औपचारिक योजनाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि प्रशासन को आक्रामक और सुनियोजित कदम उठाने होंगे ताकि मुंबई को प्रदूषणमुक्त और सुरक्षित बनाया जा सके।

    प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी

    अंकित प्रभू ने यह भी बताया कि महानगरपालिका के अलग-अलग विभाग पर्यावरण से जुड़े काम तो कर रहे हैं, लेकिन उनमें आपसी तालमेल और नियोजन की भारी कमी है।

    प्रस्तावित ‘वैधानिक समिति’ में प्रशासनिक अधिकारी, लोकप्रतिनिधि और पर्यावरण विशेषज्ञों को शामिल किया जाए, ताकि सभी विभाग मिलकर रणनीतिक और दीर्घकालिक फैसले ले सकें।

    उनका मानना है कि इस समिति के माध्यम से मुंबई के कार्यक्षेत्र में पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रभावी नीति बनाई जा सकती है।

    मुंबई में गहराता पानी संकट

    नगरसेवक प्रभू ने तेजी से बढ़ती आबादी और उससे पैदा हो रही पानी की गंभीर किल्लत का मुद्दा भी उठाया है।

    उन्होंने कहा कि केवल नए जल स्रोत खोजने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि उपलब्ध पानी का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन जरूरी है।

    मुंबई में हर साल गर्मियों के दौरान पानी संकट एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, जिसे देखते हुए उन्होंने दीर्घकालिक जल प्रबंधन नीति की मांग की है।


    बर्बाद हुए पानी के पुन: उपयोग पर जोर

    अपने प्रस्ताव में अंकित प्रभू ने खास तौर पर मल-निस्सारण और बर्बाद हुए पानी (सीवेज जल) के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर दिया है।

    उनका कहना है कि यदि बर्बाद हुए पानी का शुद्धिकरण कर उसका पुन: उपयोग किया जाए, तो पीने के पानी की काफी बचत की जा सकती है। इससे भविष्य में पानी किल्लत की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    प्रशासन से सकारात्मक निर्णय की अपील

    नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने प्रशासन से अपील की है कि उनके इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार किया जाए और मुंबई को अधिक रहने योग्य, स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त शहर बनाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं।

    उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।


    FAQ

    Q1: किसने वैधानिक समिति बनाने की मांग की है?
    वार्ड 54 के नगरसेवक अंकित सुनील प्रभू ने यह मांग की है।

    Q2: यह मांग किस संस्था से की गई है?
    यह मांग बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सचिव और महापौर को पत्र लिखकर की गई है।

    Q3: समिति बनाने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    मुंबई में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और जल संकट के समाधान के लिए समन्वित नीति बनाना।

    Q4: पानी संकट को लेकर क्या सुझाव दिया गया है?
    सांडपानी के वैज्ञानिक शोधन और पुन: उपयोग पर जोर देने का सुझाव दिया गया है, ताकि पीने के पानी की बचत हो सके।

    Q5: यह प्रस्ताव कब दिया गया?
    17 फरवरी 2026 को पत्र के माध्यम से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।

  • BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    BMC में नाम बदलने पर जोर, मुंबईकरों के असली मुद्दे नजरअंदाज – अशरफ आज़मी का हमला

    मुंबई महानगरपालिका (BMC) की पहली बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव नामकरण से जुड़े होने पर कांग्रेस नेता अशरफ आज़मी ने भाजपा-शिंदे महायुति पर निशाना साधा। प्रदूषण, ट्रैफिक, पानी, गड्ढे और स्वास्थ्य जैसे मुंबई के बड़े मुद्दों पर ध्यान न देने का आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा और शिंदे गुट की महायुति सत्ता में है, लेकिन मुंबईकरों की बुनियादी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय नाम बदलने की राजनीति को प्राथमिकता दी जा रही है। यह आरोप मनपा में कांग्रेस के गटनेता अश्रफ आज़मी ने लगाया है। उन्होंने कहा कि पहली ही बैठक से साफ हो गया कि महायुति का फोकस विकास कार्यों से ज्यादा नामकरण पर है।

    पहली BMC बैठक में 27 में से 20 प्रस्ताव सिर्फ नामकरण के

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई महानगरपालिका की पहली सभा में कुल 27 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 20 प्रस्ताव सड़कों, चौकों और अन्य जगहों के नाम बदलने से जुड़े थे।
    उन्होंने सवाल उठाया कि जब शहर प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पानी संकट और गड्ढों से जूझ रहा है, तब नाम बदलना क्या सबसे बड़ी प्राथमिकता है?

    प्रदूषण बना बड़ा संकट, सांस लेना हुआ मुश्किल

    कांग्रेस नेता के मुताबिक इस समय मुंबई का सबसे बड़ा मुद्दा एयर पॉल्यूशन है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
    खासकर छोटे बच्चे और बुजुर्ग नागरिक श्वसन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर तत्काल चर्चा और ठोस एक्शन प्लान की जरूरत है।

    ट्रैफिक जाम, फुटपाथ अतिक्रमण और अधूरे मेट्रो प्रोजेक्ट

    मुंबई की सड़कों पर हालात बदतर होते जा रहे हैं।
    फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट कई सालों से जारी हैं, लेकिन समय पर पूरे नहीं हो पा रहे।
    साथ ही, सड़कों पर बड़े पैमाने पर गड्ढे होने से वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है। निर्माण कार्य, मेट्रो वर्क और खराब सड़कों के कारण ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ रही है।

    पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दे भी गंभीर

    अशरफ आज़मी ने कहा कि मुंबई में पीने के पानी की समस्या, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, झोपड़पट्टी में रहने वाले लोगों की परेशानियां और शिक्षा से जुड़े सवाल भी अहम हैं।
    लेकिन महायुति सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर गंभीर दिखाई नहीं दे रही।

    कांग्रेस करेगी जवाबतलबी

    उन्होंने कहा कि पहली ही कार्यवाही से यह दिखना चाहिए था कि सत्ता पक्ष मुंबईकरों की समस्याओं को लेकर संवेदनशील है।
    “मुंबईकरों को असली विकास चाहिए, सिर्फ नाम बदलना नहीं,” यह कहते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी BMC में इन मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी और महायुति से जवाब मांगेगी।


    🔎 FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: अशरफ आज़मी ने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि BMC की पहली बैठक में विकास कार्यों के बजाय नामकरण प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई।

    Q2: कितने प्रस्ताव नाम बदलने से जुड़े थे?
    कुल 27 प्रस्तावों में से 20 प्रस्ताव नामकरण से संबंधित थे।

    Q3: मुंबई के प्रमुख मुद्दे कौन से बताए गए?
    प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, पीने का पानी, गड्ढे, अतिक्रमण, स्वास्थ्य और शिक्षा।

    Q4: कांग्रेस की क्या रणनीति है?
    कांग्रेस ने कहा है कि वह BMC में इन मुद्दों पर महायुति से जवाब मांगेगी और मुंबईकरों के हक के लिए आवाज उठाएगी।

  • मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड ईस्ट में विजय साळसकर उद्यान आम लोगों के लिए खुला, 4600 स्क्वायर मीटर में आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार

    मालाड पूर्व के रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित विजय साळसकर उद्यान का नवीनीकरण पूरा, शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के प्रयास से आम जनता के लिए खोला गया। बच्चों के लिए रॉक क्लाइंबिंग, वॉकिंग ट्रैक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था।

    मुंबई: मालाड पूर्व के दिंडोशी क्षेत्र में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास स्थित स्वर्गीय विजय साळसकर उद्यान को अब आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। दिंडोशी से शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार प्रयासों के बाद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने इस उद्यान का नवीनीकरण कर इसे लोकाग्रह के चलते जनता को समर्पित किया।

    📍 दिंडोशी वॉर्ड 36 में था जर्जर हाल

    दिंडोशी विभाग के वॉर्ड क्रमांक 36, मालाड ईस्ट स्थित रहेजा कॉम्प्लेक्स इलाके के नागरिक लंबे समय से इस उद्यान की खराब स्थिति से परेशान थे। मॉर्निंग वॉक के लिए समुचित जगह नहीं थी और बच्चों के खेलने की भी कोई खास व्यवस्था नहीं थी। इससे स्थानीय रहवासियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।

    🏗️ विधायक सुनील प्रभू का लगातार फॉलोअप

    स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए विधायक सुनील प्रभू ने BMC के समक्ष लगातार पाठपुरावा किया। उन्होंने मुंबई महानगरपालिका के बजट में इस उद्यान के नवीनीकरण के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराने की मांग की।
    इसके बाद 29 अप्रैल 2025 को इस प्रोजेक्ट का काम आधिकारिक रूप से शुरू हुआ।

    🌳 4600 वर्गमीटर में तैयार हुआ आधुनिक गार्डन

    करीब 4600 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस मैदान को अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उद्यान को बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

    🛝 बच्चों और युवाओं के लिए खास सुविधाएं

    • रॉक क्लाइंबिंग गेम
    • आधुनिक व्यायाम उपकरण
    • सुरक्षित और आकर्षक खेल क्षेत्र

    🚶 मॉर्निंग वॉक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्यवस्था

    • सुगम वॉकिंग ट्रैक (पथ वे)
    • वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था
    • व्यूइंग गैलरी
    • हरे-भरे घास का मैदान
    • आकर्षक रंगरोगन से सजी उद्यान की दीवारें

    इन सुविधाओं से अब यह गार्डन स्थानीय परिवारों के लिए एक प्रमुख पिकनिक और फिटनेस स्पॉट बन गया है।

    👥 उद्घाटन के दौरान मौजूद रहे कई गणमान्य

    उद्यान के उद्घाटन अवसर पर पूर्व नगरसेवक प्रमुख सुधीर गुजर, शिवसेना की पूर्व नगरसेविका रीना सुर्वे, उपविधान संघटिका रुचिता आरोस्कर, उपशाखा प्रमुख अल्पेश चव्हाण, उपविभाग समन्वयक कृष्णकांत सुर्वे सहित रहेजा परिसर के अनेक नागरिक उपस्थित थे।

    स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए विधायक सुनील प्रभू का आभार व्यक्त किया।

    🌆 मालाड ईस्ट के लिए क्यों अहम है यह उद्यान?

    तेजी से विकसित हो रहे मालाड ईस्ट और दिंडोशी इलाके में ओपन स्पेस की कमी एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में विजय साळसकर उद्यान का पुनर्विकास स्थानीय निवासियों के लिए राहत की खबर है।
    यह उद्यान अब फिटनेस, बच्चों के मनोरंजन और सामुदायिक मेलजोल का प्रमुख केंद्र बनेगा।


    ❓ FAQ Section

    Q1: विजय साळसकर उद्यान कहाँ स्थित है?

    मालाड पूर्व के दिंडोशी वॉर्ड 36 में रहेजा कॉम्प्लेक्स के पास।

    Q2: उद्यान का नवीनीकरण कब शुरू हुआ?

    29 अप्रैल 2025 को काम शुरू हुआ।

    Q3: उद्यान में कौन-कौन सी सुविधाएं हैं?

    रॉक क्लाइंबिंग, व्यायाम उपकरण, वॉकिंग ट्रैक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैठने की व्यवस्था, व्यूइंग गैलरी और हरा-भरा लॉन।

    Q4: इस परियोजना के पीछे किसका प्रयास रहा?

    शिवसेना विधायक सुनील प्रभू के लगातार फॉलोअप से यह काम संभव हुआ।

    Q5: कुल क्षेत्रफल कितना है?

    करीब 4600 वर्गमीटर।