Category: BMC Updates

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  • Kandivali में “आग की भट्टी माफियाओं” का आतंक! BMC नोटिस के बाद भी धंधा चालू, लोगों की जान खतरे में

    Kandivali में “आग की भट्टी माफियाओं” का आतंक! BMC नोटिस के बाद भी धंधा चालू, लोगों की जान खतरे में

    Kandivali West Ekta Nagar illegal furnace factories causing fire hazards and pollution. Despite BMC notice, illegal burning of lead and scrap continues, locals allege inaction.

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के एकता नगर गली नंबर 10, प्रभाग क्रमांक 31 के झोपड़पट्टी इलाके में अवैध “आग की भट्टी” कारखानों ने स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। बार-बार शिकायतों के बावजूद BMC प्रशासन सिर्फ नोटिस देकर मामला ठंडा करता नजर आ रहा है, जबकि इलाके में कई बार आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं।

    🚨 Illegal Furnace Factories से खतरे में जान

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में खुलेआम अवैध भट्टियां चलाई जा रही हैं, जहां सीसा (Lead), कास्टिंग मेटल और कचरा जलाया जाता है। इससे जहरीला धुआं निकल रहा है, जो सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है।
    बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है।

    🔥 Fire Hazard: पहले भी हो चुकी हैं आग की घटनाएं

    प्रशासनिक और फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट के अनुसार, इन अवैध भट्टियों की वजह से इलाके में कई बार आग लग चुकी है। इसके बावजूद इन खतरनाक यूनिट्स को बंद कराने के लिए कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।
    यह स्थिति कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

    👥 कौन चला रहा है ये अवैध कारोबार?

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    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अजगर, जमाल, अज्जू, लड्डन, नसिबूल्ला और यादव नाम के लोग यहां बेखौफ होकर ये अवैध भट्टी का धंधा चला रहे हैं।
    इनके खिलाफ कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    🏚️ गाला मालिक का चौंकाने वाला बयान

    एक गाला मालिक चौहान से जब इस बारे में शिकायत की गई तो उसने साफ शब्दों में कहा:
    👉 “मुझे ये भट्टी वाले अच्छा खासा भाड़ा देते हैं, वो क्या करते हैं उससे मुझे कोई लेना-देना नहीं।”

    इस बयान ने साफ कर दिया कि पैसों के लालच में लोगों की जान जोखिम में डाली जा रही है।

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    🏛️ BMC की कार्रवाई पर सवाल

    कांदिवली BMC प्रशासन ने स्थल निरीक्षण के बाद नोटिस जरूर जारी किया, लेकिन उसके बाद कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
    स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि:
    👉 क्या सिर्फ नोटिस देना ही BMC की जिम्मेदारी है?
    👉 कब बंद होंगी ये खतरनाक अवैध भट्टियां?

    😡 स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी

    लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई ना होने से लोग हताश और गुस्से में हैं।
    लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।


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    ❓ FAQ Section

    Q1. कांदिवली में ये अवैध भट्टियां कहां चल रही हैं?
    👉 एकता नगर गली नंबर 10, प्रभाग क्रमांक 32 के झोपड़पट्टी इलाके में।

    Q2. इन भट्टियों में क्या जलाया जाता है?
    👉 सीसा (Lead), कास्टिंग मेटल और कचरा।

    Q3. क्या प्रशासन ने कोई कार्रवाई की है?
    👉 BMC ने नोटिस जारी किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    Q4. इससे क्या खतरा है?
    👉 आग लगने का खतरा और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं।

    Q5. स्थानीय लोग क्या चाहते हैं?
    👉 अवैध भट्टियों को तुरंत बंद कर सख्त कार्रवाई।

  • Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Kandivali Garbage Crisis: कचरे के ढेर से सड़क जाम, लोगों को रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी

    Mumbai के Kandivali East में कचरे का अंबार, road block और traffic chaos। BMC की लापरवाही से लोगों को बदबू, गंदगी और accident risk का सामना।

    मुंबई: कांदिवली ईस्ट (Kandivali East) में इन दिनों garbage crisis ने लोगों की जिंदगी मुश्किल कर दी है। लोखंडवाला (Lokhandwala) इलाके के क्रांति नगर रिक्शा स्टैंड के पास 60 फीट चौड़ी सड़क पर कचरे के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं, जिससे पूरा रास्ता लगभग बंद हो गया है। इस वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों को मजबूरी में रॉन्ग साइड से गुजरना पड़ रहा है।

    60 फीट सड़क पर कचरे का कब्जा

    यह सड़क दुर्गा नगर (Durga Nagar) और कुरार (Kurar) को जोड़ने वाला एक अहम मार्ग है, लेकिन पिछले कई दिनों से यहां रोजाना कचरे का अंबार लगा रहता है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, कचरे के ढेर इतने बड़े हैं कि सड़क का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह ब्लॉक हो गया है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही मुश्किल हो गई है।

    रॉन्ग साइड चलने की मजबूरी, बढ़ा हादसों का खतरा

    कचरे की वजह से वाहन चालकों को रॉन्ग साइड से आना-जाना पड़ रहा है, जिससे accident risk काफी बढ़ गया है।

    लोगों का कहना है कि रोजाना यहां छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

    सीवर लाइन की खुदाई से और बिगड़ी स्थिति

    स्थिति और ज्यादा खराब इसलिए हो गई है क्योंकि इसी सड़क पर sewer line के काम के नाम पर खुदाई भी की गई है।

    इससे सड़क और संकरी हो गई है और ट्रैफिक जाम की समस्या और बढ़ गई है।

    बस स्टॉप पर खड़े यात्रियों की मुश्किलें

    सबसे खराब हालात बस स्टॉप के पास देखने को मिलते हैं, जहां लोगों को कचरे के ढेर के बीच खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है।

    • लंबी कतारों में लोग खड़े रहते हैं
    • बदबू और गंदगी के बीच इंतजार करना पड़ता है
    • health risk भी बढ़ गया है

    यह स्थिति BMC की लापरवाही को साफ दिखाती है।

    रोजाना जमा हो रहा कचरा, कोई सुनवाई नहीं

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह समस्या पिछले कई दिनों से लगातार बनी हुई है।

    इसके बावजूद Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के किसी भी अधिकारी ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    स्थानीय नगरसेविका का बयान

    स्थानीय नगरसेविका नीलम गुरौव ने कहा:

    “यह कचरा ‘पी नॉर्थ’ यानी क्रांति नगर स्लम का है, लेकिन अधिकारी जिम्मेदारी टाल रहे हैं। मेरा मानना है कि कचरा कहीं का भी हो, पूरा इलाका साफ रहना चाहिए और इसमें BMC को मदद करनी चाहिए।”

    रिक्शा चालक ने उठाए सवाल

    एक स्थानीय रिक्शा चालक ने नाराजगी जताते हुए कहा:

    “BMC को कचरा पेटी को कहीं और शिफ्ट करना चाहिए। जब घर-घर से कचरा उठाया जाता है, तो इतना कचरा सड़क पर कैसे आ जाता है? BMC का काम संदिग्ध लग रहा है।”

    जनता की मांग: तुरंत समाधान चाहिए

    Residents की मांग है कि:

    • कचरा तुरंत हटाया जाए
    • कचरा पेटी को relocate किया जाए
    • सड़क की मरम्मत और सफाई की जाए
    • जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो

    जरूरी सरकारी लिंक


    FAQ Section

    Q1. Kandivali में garbage problem क्यों बढ़ रही है?
    कचरे का सही disposal न होना और BMC की लापरवाही इसकी मुख्य वजह है।

    Q2. क्या इससे accident risk बढ़ रहा है?
    हाँ, रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।

    Q3. शिकायत कहां करें?
    आप BMC के official portal पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

    Q4. क्या इसका जल्दी समाधान होगा?
    अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन लोगों का दबाव बढ़ रहा है।

  • Kandivali Shatabdi Hospital Upgrade: Piyush Goyal ने लॉन्च किए Advanced Medical Equipment

    Kandivali Shatabdi Hospital Upgrade: Piyush Goyal ने लॉन्च किए Advanced Medical Equipment

    Mumbai Health News: Kandivali के Shatabdi Hospital में Union Minister Piyush Goyal ने Digital C-Arm, Neonatal Ventilator और Anesthesia W6orkstation का उद्घाटन किया। NABH Accreditation की दिशा में बड़ा कदम।

    मुंबई: Kandivali स्थित Shatabdi Hospital में हेल्थकेयर सुविधाओं को बड़ा अपग्रेड मिला है। Piyush Goyal ने यहां Advanced Medical Equipment का उद्घाटन किया, जिससे अस्पताल की surgical care और neonatal treatment capabilities और मजबूत होंगी।

    इस अपग्रेड के बाद अस्पताल अब modern healthcare infrastructure और NABH Accreditation की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    कौन-कौन से नए उपकरण हुए लॉन्च

    इस मौके पर अस्पताल में कई महत्वपूर्ण मशीनें शुरू की गईं, जिनमें शामिल हैं:

    • Digital C-Arm Machine
    • Neonatal Ventilator
    • Anesthesia Workstation

    ये सभी उपकरण अस्पताल की emergency care, surgery और newborn treatment को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    Digital C-Arm से सर्जरी होगी और सटीक

    Digital C-Arm Machine अब ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों के लिए एक बड़ी मदद साबित होगी।

    यह मशीन real-time X-ray imaging देती है, जिससे खासतौर पर orthopaedic और trauma surgeries के दौरान सर्जरी ज्यादा सटीक और सुरक्षित हो सकेगी।

    इससे patient safety और surgical success rate दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।

    Neonatal Ventilator से नवजात बच्चों को मिलेगा जीवनदान

    अस्पताल में लगाया गया Neonatal Ventilator खास तौर पर premature और critically ill newborn babies के लिए बेहद जरूरी है।

    यह मशीन NICU (Neonatal Intensive Care Unit) में उन बच्चों को सांस लेने में मदद करेगी जिन्हें जन्म के तुरंत बाद medical support की जरूरत होती है।

    बता दें कि पिछले साल अगस्त में इस अस्पताल में एक दिन में 35 डिलीवरी हुई थीं, जिससे इसकी जरूरत और ज्यादा समझ आती है।

    Anesthesia Workstation से ऑपरेशन होंगे सुरक्षित

    नई Anesthesia Workstation ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों को anesthesia देने और patient monitoring में मदद करेगी।

    इससे सर्जरी के दौरान:

    • Oxygen supply
    • Anesthetic gases
    • Patient breathing

    इन सभी पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा, जिससे safe surgery environment सुनिश्चित होगा।

    अस्पताल दौरे के दौरान स्टाफ से मिले Piyush Goyal

    उद्घाटन के दौरान Piyush Goyal ने अस्पताल का दौरा किया और doctors, nurses, hospital staff और local representatives से बातचीत की।

    उन्होंने कहा कि अस्पतालों में patient care, cleanliness, discipline और quality standards को हमेशा बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    NABH Accreditation की दिशा में बड़ा कदम

    Shatabdi Hospital फिलहाल National Accreditation Board for Hospitals & Healthcare Providers (NABH) accreditation पाने की प्रक्रिया में है।

    इसके लिए Quality Council of India (QCI) के अधिकारियों ने अस्पताल का 3 महीने तक detailed evaluation किया है।

    इसके बाद एक comprehensive report और gap analysis भी तैयार किया गया है।

    महाराष्ट्र का पहला NABH सरकारी अस्पताल बनने की उम्मीद

    Piyush Goyal ने उम्मीद जताई कि Kandivali का Shatabdi Hospital महाराष्ट्र का पहला ऐसा सरकारी अस्पताल बन सकता है जिसे NABH Accreditation मिले।

    अगर ऐसा होता है, तो यह public healthcare system में quality standards का नया benchmark सेट करेगा।

    CSR के जरिए मिला आधुनिक उपकरणों का सहयोग

    इस मौके पर यह भी बताया गया कि private companies ने CSR (Corporate Social Responsibility) के तहत अस्पताल को ये आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    इससे सरकारी अस्पतालों में भी अब private-level healthcare facilities मिलने लगी हैं।

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    FAQ

    Q1: Shatabdi Hospital Kandivali में क्या नया शुरू हुआ?

    यहां Digital C-Arm, Neonatal Ventilator और Anesthesia Workstation जैसे advanced equipment शुरू किए गए हैं।

    Q2: इन उपकरणों से क्या फायदा होगा?

    इससे surgery, emergency care और newborn treatment की quality बेहतर होगी।

    Q3: NABH Accreditation क्या है?

    यह एक quality certification है जो अस्पतालों की सेवाओं और standards को मान्यता देता है।

    Q4: Piyush Goyal ने क्या कहा?

    उन्होंने patient care, cleanliness और quality standards बनाए रखने पर जोर दिया।

    Q5: क्या Shatabdi Hospital को NABH मिलेगा?

    अस्पताल evaluation process में है और उम्मीद है कि यह महाराष्ट्र का पहला NABH certified सरकारी अस्पताल बन सकता है।

  • Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai School Zones में Road Safety Alert: Andheri K-East के 34 स्कूलों के बाहर Missing Signage और टूटी Footpaths का खुलासा

    Mumbai Road Safety Audit में बड़ा खुलासा—Andheri K-East ward के 34 स्कूलों के बाहर missing school zone signage, damaged footpaths और heavy traffic congestion। UNICEF-BMC pilot project ने बच्चों की safety को लेकर कई बड़े infrastructure gaps उजागर किए।

    मुंबई: स्कूल जाने वाले बच्चों की road safety को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किए गए एक road safety audit में पता चला है कि Andheri के K-East ward में कई स्कूलों के बाहर बुनियादी सुरक्षा इंतज़ाम ही नहीं हैं।

    फरवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच किए गए इस pilot project “Strengthening Road Safety for Children and Adolescents” में 34 स्कूलों के आसपास की सड़कों का ऑडिट किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कई जगहों पर school zone signboards, speed limit signage और warning boards तक मौजूद नहीं हैं, जबकि कई फुटपाथ टूटे हुए या अतिक्रमण की वजह से इस्तेमाल लायक नहीं हैं।

    School Zones में Missing Signage बना बड़ा खतरा

    ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक कई स्कूलों के बाहर visible school zone signboards, distance warning boards और speed limit signage नहीं मिले।

    ऐसी स्थिति में तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के अनुसार स्कूलों के आसपास स्पष्ट road safety signage होना बेहद जरूरी है ताकि ड्राइवरों को पहले से सावधान किया जा सके।

    Damaged Footpaths और Encroachment से बच्चों को खतरा

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों के बाहर footpaths या तो मौजूद नहीं हैं, या फिर टूटे हुए हैं, जबकि कई जगहों पर encroachment की वजह से फुटपाथ बंद हो गए हैं।

    इस वजह से बच्चों को मजबूर होकर सड़क के बीच से चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

    School Timing पर Heavy Traffic Congestion

    ऑडिट में school arrival और dispersal hours के दौरान भारी ट्रैफिक जाम भी सामने आया।

    रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या मुख्य रूप से इन वजहों से होती है:

    • स्कूल गेट के बाहर unplanned parking
    • designated pick-up and drop-off zones का अभाव
    • ट्रैफिक मैनेजमेंट की कमी

    इन कारणों से स्कूल के बाहर ट्रैफिक पूरी तरह अव्यवस्थित हो जाता है।

    Teachers और Students को बनाया Road Safety Ambassador

    इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सर्वे नहीं किया गया बल्कि participatory approach भी अपनाई गई।

    इसके तहत:

    • 57 teachers को “Road Safety Ambassadors” के रूप में ट्रेनिंग दी गई
    • 94 students को “Road Safety Messengers” बनाया गया

    इनके जरिए 2,600 से ज्यादा छात्रों तक road safety awareness sessions पहुंचाए गए।

    School Safety Committees भी बनाई गई

    सुरक्षा सुधारने के लिए सभी 34 स्कूलों में School Safety Committees बनाई गई हैं।

    अब तक इन कमेटियों की 144 meetings हो चुकी हैं, जिनमें स्कूल के आसपास की सड़क सुरक्षा समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की गई।

    Nityanand Municipal School के पास हुआ बड़ा सुधार

    रिपोर्ट में Nityanand Municipal School, जो Western Express Highway के पास स्थित है, का उदाहरण भी दिया गया।

    यहां ऑडिट के दौरान पता चला कि:

    • speed breakers नहीं थे
    • स्कूल गेट के कारण traffic congestion हो रहा था

    इसके बाद प्रशासन ने वहां:

    • speed breakers लगाए
    • zebra crossings बनाए
    • school zone signboards लगाए
    • और separate entry-exit gates बनाए गए

    जिससे छात्रों की आवाजाही ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित हो गई।

    अब पूरे Mumbai में होगा Road Safety Audit

    अधिकारियों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट का second phase जल्द शुरू किया जाएगा।

    इसमें Mumbai के अन्य municipal wards में भी स्कूलों के आसपास road safety audit किया जाएगा और यह भी मॉनिटर किया जाएगा कि सुझाए गए सुरक्षा उपाय वास्तव में लागू हो रहे हैं या नहीं।

    K-East ward के Administrative Officer (Schools) Gorakhnath Bhavri के अनुसार:
    स्कूलों के आसपास सुरक्षित माहौल बनाना और school arrival-dispersal hours के दौरान traffic management को सुधारना बेहद जरूरी है। इस ऑडिट से साफ हुआ है कि कई स्कूलों के बाहर basic road safety infrastructure अभी भी inadequate है और इसके लिए ट्रैफिक पुलिस व स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है।


    FAQ

    Q1: Mumbai में Road Safety Audit कहाँ किया गया?

    यह ऑडिट Andheri के K-East ward में 34 स्कूलों के आसपास किया गया।

    Q2: Road Safety Audit किसने किया?

    यह ऑडिट UNICEF, BMC और Centre for Advocacy and Research (CACR) की साझेदारी में किया गया।

    Q3: रिपोर्ट में सबसे बड़ी समस्या क्या सामने आई?

    रिपोर्ट में missing school zone signage, damaged footpaths, encroachment और school timing पर traffic congestion को बड़ी समस्या बताया गया।

    Q4: इस प्रोजेक्ट में छात्रों और शिक्षकों की क्या भूमिका रही?

    57 teachers को Road Safety Ambassadors और 94 students को Road Safety Messengers बनाकर awareness campaign चलाया गया।

    Q5: क्या यह प्रोजेक्ट पूरे मुंबई में लागू होगा?

    हाँ, प्रोजेक्ट के second phase में इसे मुंबई के अन्य wards में भी लागू किया जाएगा।

  • कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    कांदिवली ईस्ट में BMC की बड़ी कार्रवाई: Hawkers के बाद अब सड़कों से हटाए जा रहे खटारा गाडियाँ

    Kandivali East Lokhandwala Township में BMC ने abandoned vehicles यानी ‘खटारे’ के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। 48 घंटे का notice देने के बाद luxury bus, motorcycles और autorickshaw हटाए गए। Pay-and-Park सिस्टम लाने की भी तैयारी।

    मुंबई: Kandivali East Lokhandwala Township में illegal hawkers पर बड़ी कार्रवाई के कुछ ही दिनों बाद अब Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने सड़कों पर महीनों से खड़े abandoned vehicles यानी स्थानीय भाषा में कहे जाने वाले ‘khataras’ के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

    बुधवार को R-South ward की टीम ने traffic police के साथ मिलकर कई ऐसे वाहनों को हटाया जो लंबे समय से सड़क किनारे पड़े थे और residents के लिए परेशानी का कारण बन रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक, इन वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice चिपकाया गया था, लेकिन मालिकों के सामने न आने के बाद उन्हें जब्त कर लिया गया।

    🚧 48 घंटे का नोटिस, फिर सीधी कार्रवाई

    BMC-major-action-Kandivali-hawke-junk-vehicles-removed-roads-news

    R-South ward के assistant engineer (maintenance) Hemant Pant ने बताया कि मुंबई में abandoned vehicles हटाने के लिए BMC ने तीन अलग-अलग contractors नियुक्त किए हैं —

    • एक Mumbai city के लिए
    • एक Eastern suburbs के लिए
    • और एक Western suburbs के लिए

    Pant के मुताबिक, स्थानीय लोगों की मदद से ऐसे वाहनों की पहचान की गई। इसके बाद उन पर 48-hour warning notice लगाया गया था।

    उन्होंने कहा,
    “अगर 48 घंटे में वाहन मालिक सामने नहीं आते हैं, तो BMC उन्हें seize कर लेती है। Lokhandwala Township में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। किसी ने वाहन claim नहीं किया, इसलिए उन्हें सड़क से हटा दिया गया।”

    🔧 जब्त वाहनों को किया जाएगा dismantle

    BMC अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए इन वाहनों को आगे dismantle किया जाएगा।

    उनके spare parts को बेचकर इस ऑपरेशन में आने वाला खर्च recover किया जाएगा। यह प्रक्रिया मुंबई में abandoned vehicles हटाने के standard civic rules के तहत की जाती है।

    🚌 पहले चरण में luxury bus समेत कई वाहन हटाए गए

    स्थानीय corporator Neelam Gurav ने बताया कि बुधवार को शुरू हुए इस अभियान के पहले चरण में कई वाहनों पर कार्रवाई की गई।

    इसमें शामिल थे:

    • 1 Luxury Bus
    • 6 से 7 Motorcycles
    • 1 Autorickshaw

    उन्होंने कहा कि आने वाले चरण में heavy vehicles पर भी कार्रवाई होगी जो सड़क पर जगह घेरकर nuisance पैदा कर रहे हैं।

    ⚠️ abandoned bus बन गया था असामाजिक गतिविधियों का अड्डा

    Neelam Gurav ने बताया कि Lokhandwala में खड़ी एक बड़ी बस लंबे समय से abandoned थी।

    उन्होंने कहा,
    “उस बस का इस्तेमाल कुछ anti-social elements पेशाब करने और गंदगी फैलाने के लिए कर रहे थे, जिससे आसपास के लोगों को बहुत बदबू और परेशानी हो रही थी। ऐसे abandoned vehicles इलाके की safety के लिए भी खतरा बन जाते हैं।”

    उन्होंने यह भी कहा कि इन वाहनों के हटने के बाद अब BMC sweepers को सड़क साफ करने में भी आसानी होगी।

    🧹 Residents ने कहा – अब सड़कें होंगी साफ और सुरक्षित

    Lokhandwala Township के निवासी Manish Bhatnagar ने बताया कि उनके building के पीछे वाली सड़क अक्सर abandoned vehicles की वजह से blocked रहती थी।

    उन्होंने कहा,
    “सुबह walk करते समय कई बार सड़क पर शराब की बोतलें, needles और यहां तक कि condoms भी पड़े दिखते थे। यह जगह धीरे-धीरे unsafe बन रही थी। अच्छा है कि अब BMC ने कार्रवाई शुरू कर दी है।”


    ⚡ Hawkers drive के बाद अब vehicles पर BMC की कार्रवाई

    गौरतलब है कि हाल ही में Lokhandwala Township में illegal hawkers और shop extensions के खिलाफ बड़ा anti-encroachment drive चलाया गया था।

    उस दौरान कुछ hawkers ने civic team पर हमला भी कर दिया था और उनके equipment को नुकसान पहुंचाया था।

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए 5 आरोपियों को अदालत ने 20 मार्च तक judicial custody में भेज दिया है।

    🚗 Street Parking बनी बड़ी समस्या

    Samata Nagar traffic division के Senior Police Inspector Jagdish Bhopale ने बताया कि Kandivali East में abandoned vehicles हटाना आसान नहीं है।

    उन्होंने कहा कि इलाके में street parking बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है।

    “कई residents के पास एक से ज्यादा cars हैं, लेकिन society parking में जगह नहीं होने के कारण वे उन्हें सड़क पर पार्क कर देते हैं।”

    💰 Kandivali East में Pay-and-Park योजना की तैयारी

    Traffic police अब Pay-and-Park system लागू करने की सिफारिश कर रही है।

    यह योजना इन इलाकों में लागू हो सकती है:

    • Lokhandwala Township
    • Thakur Complex
    • Thakur Village
    • Ashok Nagar

    अधिकारियों के मुताबिक, इससे

    • सड़क पर parking व्यवस्थित होगी
    • traffic congestion कम होगा
    • और सरकार को revenue generation में भी मदद मिलेगी।

    📌 FAQ

    1. BMC ने Kandivali East में क्या कार्रवाई शुरू की है?

    BMC ने Lokhandwala Township में abandoned vehicles (khataras) हटाने का अभियान शुरू किया है।

    2. वाहन हटाने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है?

    वाहनों पर पहले 48 घंटे का notice लगाया जाता है। अगर मालिक नहीं आते तो वाहन जब्त कर लिए जाते हैं।

    3. जब्त किए गए वाहनों का क्या होता है?

    उन्हें dismantle करके उनके spare parts बेच दिए जाते हैं।

    4. पहले चरण में कितने वाहन हटाए गए?

    पहले चरण में 1 luxury bus, 6-7 motorcycles और 1 autorickshaw हटाए गए।

    5. Kandivali East में parking समस्या का समाधान क्या हो सकता है?

    Traffic police ने Pay-and-Park system लागू करने का सुझाव दिया है।

  • Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    Goregaon में BMC की बड़ी कार्रवाई, 13 अवैध दुकानों पर चला बुलडोजर

    मुंबई के Goregaon West में BMC ने Encroachment Removal Drive के तहत 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। SV Road और 5D Road पर फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेरकर बनाए गए ढांचे हटाए गए।

    मुंबई: Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Goregaon West में 13 अवैध दुकानों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई 10 मार्च को की गई, जिसे नगर निगम के P South Ward ने अपने Encroachment Removal Drive के तहत अंजाम दिया।

    नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक इन दुकानों ने सड़क और सार्वजनिक जगह पर कब्जा कर रखा था, जिससे पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही थी।

    SV Road और 5D Road पर कार्रवाई

    कार्रवाई के दौरान Swami Vivekanand Road (SV Road) पर बनी 3 अवैध दुकानों को पूरी तरह तोड़ दिया गया।

    BMC-major-action-Goregaon-bulldozers-13-illegal-shops-news

    इसके अलावा Goregaon West के 5D Road पर बनी 10 दुकानों के अवैध बढ़े हुए हिस्सों को हटाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन दुकानों ने फुटपाथ और सार्वजनिक जगह घेर रखी थी, जिससे लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही थी।

    अवैध फेरीवालों पर भी हुई कार्रवाई

    नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दुकानों के अलावा आसपास illegal hawkers के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    इन फेरीवालों की वजह से सड़क और फुटपाथ पर भीड़ बढ़ रही थी और यातायात तथा पैदल चलने वालों के लिए रास्ता बाधित हो रहा था।

    कई विभागों ने मिलकर चलाया अभियान

    यह कार्रवाई Deputy Municipal Commissioner (Zone 4) Bhagyashree Kapse के मार्गदर्शन में की गई। वहीं अभियान का नेतृत्व P South Ward के Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    इस कार्रवाई में Maintenance Department, Encroachment Removal Department और Licensing Department के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।

    मशीनरी और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था

    इस अभियान में नगर निगम के 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    कार्रवाई के दौरान 1 JCB मशीन, 1 ट्रक, 1 मालवाहक वाहन और गैस कटर का इस्तेमाल किया गया।

    अभियान के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए Bangur Nagar Police Station की ओर से पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।

    अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि illegal construction और encroachment के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    नगर निगम का कहना है कि सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।

    मुलुंड में भी हाल ही में हुई थी बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले फरवरी महीने में Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर भी नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया था।

    उस दौरान 61 अवैध निर्माणों को तोड़ा गया और रेलवे स्टेशन के पास लगभग 1100 वर्ग मीटर अतिक्रमित जमीन खाली कराई गई।

    इस कार्रवाई में 4 JCB मशीनें, 7 डंपर और अन्य उपकरण इस्तेमाल किए गए थे। करीब 70 नगर निगम अधिकारी और कर्मचारी तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद था।


    FAQ

    1. BMC ने Goregaon में कितनी दुकानों पर कार्रवाई की?

    BMC ने 13 अवैध दुकानों पर कार्रवाई की है।

    2. यह कार्रवाई कहां की गई?

    यह कार्रवाई Goregaon West के SV Road और 5D Road इलाके में की गई।

    3. इस अभियान का नेतृत्व किसने किया?

    अभियान का नेतृत्व Assistant Commissioner Aniruddha Kulkarni ने किया।

    4. कार्रवाई में कितने कर्मचारी शामिल थे?

    इस अभियान में 5 अधिकारी और 25 कर्मचारी शामिल थे।

    5. क्या आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी?

    नगर निगम के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

  • Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Vendor Action: BMC कमिश्नर भूषण गगराणी सख्त, अवैध फेरीवालों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई के आदेश

    Kandivali Lokhandwala Circle में BMC की कार्रवाई के दौरान भीड़ ने अधिकारियों पर हमला किया। इसके बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और illegal vendors पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुंबई: कांदिवली इलाके में illegal hawkers और footpath encroachment को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) की टीम जब Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई कर रही थी, उसी दौरान भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने 8 मार्च 2026 को खुद मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की और सख्त निर्देश जारी किए।

    कमिश्नर भूषण गगराणी ने किया घटनास्थल का दौरा

    घटना की गंभीरता को देखते हुए BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने रविवार (8 मार्च 2026) को Kandivali Lokhandwala Circle पहुंचकर पूरे इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने उस जगह का जायजा लिया जहां नगर निगम की टीम पर हमला हुआ था।

    Kandivali-Vendor-Action-BMC-Commissioner-Bhushan-Gagrani-illegal-hawkers-news

    इस दौरान उन्होंने कार्रवाई में शामिल BMC officers और staff से भी मुलाकात की और उनसे पूरी घटना की जानकारी ली।

    अधिकारी और कर्मचारियों से की बातचीत

    कमिश्नर गगराणी ने उस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मुलाकात की जिन्हें कार्रवाई के दौरान भीड़ के हमले का सामना करना पड़ा था। उन्होंने उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली और उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।

    अवैध फेरीवालों और अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई के आदेश

    निरीक्षण के दौरान BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने साफ निर्देश दिया कि इलाके में मौजूद सभी illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ immediate और strict action लिया जाए।

    उन्होंने कहा कि फुटपाथ और सड़कों पर इस तरह का अतिक्रमण होने से traffic congestion और pedestrian movement दोनों पर असर पड़ता है।

    7 मार्च को हुई थी BMC की निष्कासन कार्रवाई

    दरअसल 7 मार्च 2026 को BMC के R South Ward की टीम ने Kandivali के Vishwakarmanye Chowk (Lokhandwala Circle) इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ encroachment removal drive चलाई थी।

    कार्रवाई के दौरान अचानक भीड़ ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, भीड़ ने BMC के वाहन और मशीनरी में भी तोड़फोड़ की।

    सड़क और फुटपाथ से हटवाए गए अवरोध

    Kandivali-Vendor-Action-BMC-Commissioner-Bhushan-Gagrani-illegal-hawkers-mumbai

    निरीक्षण के दौरान कमिश्नर गगराणी ने मौके पर खड़े होकर सड़क और फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए।

    उन्होंने खास तौर पर देखा कि फुटपाथ पर खड़ी गाड़ियों और अन्य सामान से पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही थी।

    पिज्जा दुकान को तुरंत बंद करने का आदेश

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि एक pizza shop के बाहर delivery bikes खड़ी होने की वजह से सड़क पर ट्रैफिक बाधित हो रहा था।

    इस पर BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने तुरंत उस pizza shop को बंद करने का आदेश दे दिया।

    हमले में कॉलेज छात्रों की भी भूमिका

    कमिश्नर गगराणी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि illegal vendors के साथ कुछ local college students भी इस हमले में शामिल थे।

    इसको देखते हुए संबंधित कॉलेजों को सूचना भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    BMC की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी

    गगराणी ने साफ कहा कि illegal hawkers, footpath encroachment और unauthorized construction के खिलाफ BMC anti-encroachment drive आगे भी लगातार जारी रहेगी।

    उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार काम कर रहे अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करना पूरी तरह निंदनीय और अस्वीकार्य है।


    FAQ

    1. कांदिवली में BMC की कार्रवाई कब हुई?

    BMC ने 7 मार्च 2026 को Kandivali Lokhandwala Circle इलाके में अवैध फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

    2. BMC कमिश्नर कब मौके पर पहुंचे?

    8 मार्च 2026 को BMC Commissioner Bhushan Gagrani ने घटनास्थल का दौरा किया।

    3. कार्रवाई के दौरान क्या हुआ था?

    कार्रवाई के दौरान भीड़ ने BMC अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला किया और वाहन व मशीनरी में तोड़फोड़ की।

    4. कमिश्नर ने क्या निर्देश दिए?

    उन्होंने illegal hawkers, footpath encroachment और रास्ते में बाधा पैदा करने वाले दुकानदारों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया।

    5. क्या इस घटना में छात्र भी शामिल थे?

    प्रारंभिक जांच में पता चला कि कुछ स्थानीय कॉलेज के छात्र भी भीड़ के साथ शामिल थे।

  • Malad West Bridge Project पर सवाल: ₹1,666 करोड़ के BMC Tender में ROFR Clause से उठा विवाद

    Malad West Bridge Project पर सवाल: ₹1,666 करोड़ के BMC Tender में ROFR Clause से उठा विवाद

    Mumbai News: Malad West में बनने वाले bridge और elevated road project के ₹1,666 करोड़ के BMC tender पर विवाद खड़ा हो गया है। ROFR clause के जरिए J Kumar-RPS को कॉन्ट्रैक्ट मिलने पर fairness और competitive bidding पर सवाल उठे हैं। जानिए पूरा मामला।

    मुंबई: Malad West bridge project और elevated road project को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करीब ₹1,666 करोड़ के BMC tender पर अब पारदर्शिता और competitive bidding को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह कॉन्ट्रैक्ट J Kumar–RPS joint venture को मिलने जा रहा है, जिसने Right of First Refusal (ROFR) clause का इस्तेमाल कर सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी की कीमत को मैच कर दिया।

    Malad West Bridge Project पर क्यों उठे सवाल

    मुंबई के Malad West infrastructure project के लिए Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) ने जो tender जारी किया था, अब उसकी प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि bidding process पूरी तरह से fair और transparent नहीं रही।

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    यह project bridge और elevated road के निर्माण से जुड़ा है, जिसकी कुल लागत ₹1,666 करोड़ बताई जा रही है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य इलाके में traffic congestion कम करना और connectivity बेहतर बनाना है।

    ROFR Clause से J Kumar-RPS को मिला फायदा

    जब financial bids खोले गए तो Larsen & Toubro (L&T) सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी निकली। उसने ₹1,666 करोड़ की बोली लगाई, जो BMC के अनुमान से करीब 1.8% ज्यादा थी।

    लेकिन tender में मौजूद Right of First Refusal (ROFR) clause के कारण J Kumar-RPS joint venture को प्राथमिकता दी गई। इस clause के तहत कंपनी को मौका दिया गया कि वह किसी तीसरी कंपनी की सबसे कम बोली को match कर सके।

    J Kumar-RPS ने L&T की कीमत को match कर दिया और इसी वजह से अब contract उन्हें दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

    2024 का पहला Tender क्यों रद्द हुआ

    इस project के लिए BMC ने पहली बार October 2024 में ₹1,928 करोड़ का tender जारी किया था।

    लेकिन July 2025 में यह tender bids खोले जाने से पहले ही रद्द कर दिया गया। उस समय MLA Aslam Shaikh ने एक पत्र लिखकर tender में cartelisation और bid rigging का आरोप लगाया था।

    Malad-West-Bridge-Project-Controversy-ROFR-clause-BMC-tender-news-1

    इसी वजह से BMC ने पूरा tender process रोक दिया और नया tender जारी करने का फैसला किया।

    नया Tender और बढ़ा Project Scope

    इसके बाद September 2025 में नया tender जारी किया गया, जिसमें project का scope बढ़ा दिया गया।

    • Revised estimated cost: ₹2,250 करोड़
    • Model: Design and Build
    • Special clause: J Kumar-RPS के पक्ष में ROFR clause

    यह बदलाव भी विवाद की वजह बन गया, क्योंकि इससे bidding process में preferential advantage मिलने का आरोप लगा।

    BMC ने ROFR देने की वजह बताई

    BMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ROFR clause देने का कारण एक पुराना financial claim था।

    दरअसल, J Kumar कंपनी ने ₹350 करोड़ का claim किया था, जो उन्होंने एक दूसरे project के लिए mobilization और preliminary work में खर्च होने का दावा किया था।

    यह project था Eastern Freeway (Orange Gate) से Grant Road elevated road project, जिसे पहले J Kumar को दिया गया था लेकिन बाद में BMC ने इसे रद्द कर दिया।

    अधिकारी के मुताबिक अगर ROFR नहीं दिया जाता तो मामला arbitration में चला जाता और BMC को बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती।


    Claim Verification पर भी उठे सवाल

    कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि J Kumar के ₹350 करोड़ के claim की ठीक से verification नहीं की गई।

    आलोचकों का कहना है कि बिना सही जांच के ROFR देना competitive bidding process को प्रभावित कर सकता है।


    Cost Estimate पर भी बनी बहस

    दिलचस्प बात यह है कि project का revised estimate ₹2,250 करोड़ था, लेकिन सबसे कम बोली ₹1,666 करोड़ ही आई।

    इससे यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या project cost estimate ज्यादा रखा गया था।

    MLA Aslam Shaikh के पत्र के अनुसार, पहले tender में भी सबसे कम बोली अनुमानित लागत से 13.6% कम थी।


    Engineering Contracts में कम बोली कैसे संभव

    BMC अधिकारियों का कहना है कि Engineering, Procurement and Construction (EPC) contracts में कम बोली आना सामान्य बात है।

    इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे:

    • बेहतर design planning
    • economies of scale
    • contractor की internal cost efficiency

    इसी वजह से कई बार contractors अनुमानित लागत से कम कीमत में भी project पूरा करने की पेशकश कर देते हैं।


    Tender Cancel होने पर भी उठे सवाल

    एक private company के अधिकारी, जो BMC के साथ काम करती है, ने कहा कि पहला tender बिना स्पष्ट कारण बताए रद्द कर दिया गया था।

    हालांकि BMC अधिकारियों ने सफाई दी कि tender administrative reasons से रद्द किया गया था, जिसमें project scope बढ़ाने की जरूरत भी शामिल थी।


    दूसरी Tender प्रक्रिया में कौन-कौन कंपनियां थीं

    दूसरे tender में चार कंपनियां technical bid round तक पहुंची थीं

    • Larsen & Toubro (L&T)
    • J Kumar-RPS
    • Ashoka Buildcon
    • NCC Ltd

    लेकिन L&T को छोड़कर बाकी सभी कंपनियों की बोली BMC के अनुमान से ज्यादा थी।


    FAQ

    1. Malad West bridge project की लागत कितनी है?

    इस project की सबसे कम बोली ₹1,666 करोड़ की आई है, जो L&T ने लगाई थी।

    2. ROFR Clause क्या होता है?

    Right of First Refusal (ROFR) एक clause होता है जिसमें किसी कंपनी को यह अधिकार मिलता है कि वह किसी अन्य bidder की सबसे कम कीमत को match करके contract हासिल कर सकती है।

    3. पहला BMC tender क्यों रद्द हुआ था?

    MLA Aslam Shaikh ने tender में cartelisation और bid rigging के आरोप लगाए थे, जिसके बाद BMC ने tender रद्द कर दिया।

    4. J Kumar कंपनी को ROFR क्यों दिया गया?

    BMC के अनुसार कंपनी ने ₹350 करोड़ का claim किया था, जो पहले रद्द हुए elevated road project से जुड़ा था। arbitration से बचने के लिए ROFR दिया गया।

    5. दूसरे tender में किन कंपनियों ने भाग लिया था?

    L&T, J Kumar-RPS, Ashoka Buildcon और NCC Ltd technical round में qualified हुई थीं।

  • Versova–Bhayander Coastal Road पर विवाद: 45,000 Mangroves बचाने के लिए Kandivali में नागरिकों का ‘March for Mangroves’

    Versova–Bhayander Coastal Road पर विवाद: 45,000 Mangroves बचाने के लिए Kandivali में नागरिकों का ‘March for Mangroves’

    Mumbai में प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project के खिलाफ Kandivali के Turzon Point पर नागरिकों ने ‘March for Mangroves’ निकाला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो शहर को बाढ़ से बचाने वाली प्राकृतिक ढाल हैं।

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रस्तावित Versova–Bhayander Coastal Road Project को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। Kandivali के Charkop इलाके में शुक्रवार (6 मार्च 2026) को बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक Turzon Point पर जुटे और “March for Mangroves” नाम से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस हाई-स्पीड कोस्टल कॉरिडोर के निर्माण से करीब 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं, जो मुंबई के लिए Natural Flood Protection System की तरह काम करते हैं।

    BMC का 26 किमी हाई-स्पीड कॉरिडोर प्लान

    इस प्रोजेक्ट को Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) विकसित करना चाहती है। योजना के मुताबिक Versova से Bhayander तक 26 किलोमीटर लंबा Coastal Road Corridor बनाया जाएगा।

    BMC का दावा है कि इस हाई-स्पीड सड़क से Versova-Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर सिर्फ 18 मिनट रह जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे Traffic Congestion कम होगा और Fuel Consumption भी घटेगा।

    45,000 Mangroves कटने की आशंका

    लेकिन पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट की कीमत 45,000 mangroves के विनाश के रूप में चुकानी पड़ेगी।

    Controversy-Versova-Bhayander-Coastal-Road-Citizens-Kandivali-March-Mangroves-news

    Mangroves को Mumbai की Natural Coastal Defence माना जाता है, जो समुद्री लहरों और बाढ़ के असर को कम करने में मदद करते हैं।

    “यह सड़क कुछ अमीर कार मालिकों के लिए”

    प्रदर्शन में शामिल Gaurang Vora ने कहा कि यह प्रोजेक्ट आम लोगों के हित में नहीं है।

    उनका कहना था:
    “Mangroves are life. आखिर यह coastal road क्यों बनाई जा रही है? यह सिर्फ कुछ कार मालिकों के लिए है, जबकि इसका नुकसान लाखों लोगों को झेलना पड़ेगा।”

    Inland Afforestation को बताया गलत विकल्प

    सरकार ने इस प्रोजेक्ट के बदले Compensatory Afforestation यानी दूसरे इलाकों में पेड़ लगाने की योजना पेश की है।

    बताया गया है कि 1.3 लाख से ज्यादा पौधे Palghar और Chandrapur जैसे दूरदराज क्षेत्रों में लगाए जाएंगे।

    लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Inland Forest कभी भी Coastal Mangroves का विकल्प नहीं हो सकता।

    गौरंग वोरा ने कहा:
    “आप यहां mangroves काटकर कहीं और पेड़ नहीं लगा सकते। Inland forest कभी भी Coastal Shield नहीं बन सकता।”

    Mumbai में पहले ही घट चुके हैं Mangroves

    विशेषज्ञों के मुताबिक 1970 से 2000 के शुरुआती वर्षों के बीच Mumbai अपने 40% से ज्यादा mangroves खो चुका है।

    हालांकि Bombay High Court ने 2000 के दशक में कई आदेश देकर mangroves के संरक्षण को बढ़ावा दिया, लेकिन नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण फिर से इन जंगलों पर खतरा मंडराने लगा है।

    Sea Level Rise और Flooding की चिंता

    प्रदर्शन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने कहा कि Mumbai में हर साल लगभग 4.5 mm Sea Level Rise दर्ज किया जा रहा है।

    ऐसे में अगर mangroves खत्म होते हैं, तो शहर को भविष्य में और ज्यादा गंभीर Flooding का सामना करना पड़ सकता है।

    स्थानीय लोगों ने महसूस किए ‘Tremors’

    प्रदर्शन में मौजूद Chandrakant Suvarna ने एक और गंभीर चिंता जताई।

    उन्होंने बताया कि mangrove क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों को इमारतों में हल्के झटके (Tremors) महसूस हो रहे हैं।

    उनका आरोप है कि यह Land Filling और Construction Activity के कारण हो सकता है, जिससे जमीन की स्थिरता प्रभावित हो रही है।

    ‘Builder Nexus’ के आरोप

    चंद्रकांत सुवर्णा ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में Builder-Nexus काम कर रहा है।

    उनका कहना था कि
    “अधिकारियों को लोगों की चिंता नहीं है। उन्हें सिर्फ पैसा और प्रोजेक्ट दिखाई देता है।”

    Turzon Point पर बनी मानव श्रृंखला

    शाम ढलते-ढलते Turzon Point पर नागरिकों ने Human Chain बनाकर mangroves को बचाने का संदेश दिया।

    यह विरोध सिर्फ पेड़ों के लिए नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य, सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन के लिए था।

    लड़ाई अभी खत्म नहीं

    “March for Mangroves” खत्म हो गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि Mangroves Protection Movement अभी शुरू हुआ है।

    उनका सवाल है कि कुछ लोगों के 18 मिनट के सफर के लिए क्या लाखों लोगों की सुरक्षा से समझौता किया जा सकता है?


    FAQ (People Also Ask)

    1. Versova–Bhayander Coastal Road Project क्या है?

    यह 26 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड कोस्टल रोड प्रोजेक्ट है, जिसे BMC प्रस्तावित कर रही है।

    2. इस प्रोजेक्ट से कितना समय बचेगा?

    BMC के अनुसार Versova से Bhayander का सफर 120 मिनट से घटकर 18 मिनट हो जाएगा।

    3. प्रदर्शन क्यों हुआ?

    स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 45,000 mangroves नष्ट हो सकते हैं।

    4. सरकार का समाधान क्या है?

    सरकार ने Compensatory Afforestation के तहत 1.3 लाख पौधे लगाने का प्रस्ताव दिया है।

    5. प्रदर्शन कहां हुआ?

    यह विरोध Kandivali के Turzon Point और Charkop क्षेत्र में आयोजित किया गया।

  • Kandivali Hawker Clash: BMC कर्मचारियों पर हमले के बाद सियासत गरम, 5 गिरफ्तार

    Kandivali Hawker Clash: BMC कर्मचारियों पर हमले के बाद सियासत गरम, 5 गिरफ्तार

    Mumbai के Kandivali East स्थित Lokhandwala Complex में Anti-Hawker Drive के दौरान BMC कर्मचारियों पर हमला हुआ। Samta Nagar Police ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी और जातिवाद की राजनीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।

    मुंबई: Kandivali East स्थित Lokhandwala Complex Kandivali इलाके में फेरीवालों के अवैध कब्जे को हटाने पहुंचे Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) के कर्मचारियों पर हमला होने के बाद मामला अब सियासी रंग लेता जा रहा है।

    घटना के बाद Mumbai Police की Samta Nagar Police Station टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद जहां एक तरफ अवैध फेरीवालों पर कार्रवाई की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक बयानबाजी और जातिवाद की राजनीति को लेकर विवाद बढ़ गया है।

    Anti-Hawker Drive के दौरान हुआ हमला

    जानकारी के मुताबिक कांदिवली (पूर्व) के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स इलाके में BMC के R/South विभाग की टीम अवैध फेरीवालों को हटाने के लिए Anti-Hawker Drive चला रही थी।

    इसी दौरान कार्रवाई का विरोध करते हुए कुछ लोगों का एक समूह अचानक भड़क गया और उन्होंने BMC अधिकारियों का पीछा करते हुए उन पर हमला कर दिया।

    अंधेरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मंदिर–मस्जिद में दान के बहाने ठगी करने वाला ईरानी आरोपी गिरफ्तार, 30 केस का खुलासा

    मौके पर मची अफरा-तफरी

    हमले के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    बताया जा रहा है कि भीड़ के गुस्से को देखते हुए मनपा अधिकारियों को अपनी सुरक्षा के लिए वहां से हटना पड़ा।

    Samta Nagar Police ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

    घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:

    • Kuldeep Singh (27)
    • Mahendra Singh Chudavat (31)
    • Shaurya Shailesh Charla (29)
    • Jas Hitesh Charla (25)
    • Aslam Imtiaz Shaikh (27)

    पुलिस के अनुसार इस मामले की Further Investigation अभी जारी है।

    विधायक के बयान से बढ़ा विवाद

    इस घटना के बाद स्थानीय विधायक Atul Bhatkhalkar ने अपने बयान में कहा कि हमला करने वाले फेरीवाले बांग्लादेशी मुस्लिम हो सकते हैं और उनकी पहचान कर उन्हें मुंबई से बाहर निकाला जाएगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ हमलावर अन्य क्षेत्रों से बुलाए गए थे, जिनकी जांच कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    गिरफ्तार आरोपी निकले भारतीय नागरिक

    हालांकि पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि गिरफ्तार किए गए फेरीवाले हिंदू हैं और भारतीय नागरिक हैं।

    इसके बाद सवाल उठने लगे कि बांग्लादेशी और मुस्लिम का मुद्दा क्यों उठाया गया।

    Kandivali में BMC का बुलडोज़र एक्शन: महावीर नगर में अवैध ढांचे हटाए, भारी पुलिस बंदोबस्त

    स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

    इस पूरे मामले पर स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक बयानबाजी से माहौल को अनावश्यक रूप से भड़काया जा रहा है।

    लोगों का कहना है कि मनपा कर्मचारियों पर हमला करना निंदनीय है, लेकिन उसकी आड़ में जातीय या धार्मिक मुद्दा उठाना भी उतना ही गलत है।

    भाजपा पर नफरत की राजनीति का आरोप

    कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि Bharatiya Janata Party (BJP) के नेता इस मुद्दे को जातिवाद और नफरत की राजनीति में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।

    उनका कहना है कि विधायक को यह भी याद रखना चाहिए कि Narendra Modi सरकार ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को भारत में शरण दी हुई है।

    ऐसे में बिना तथ्यों के बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाना उचित नहीं है, ऐसा स्थानीय लोगों का कहना है।

    “हमला निंदनीय, लेकिन राजनीति उससे भी ज्यादा”

    स्थानीय लोगों ने कहा कि मनपा कर्मचारियों पर हमला करना निश्चित रूप से निंदनीय है और कानून के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

    लेकिन उनका यह भी कहना है कि इस घटना की आड़ में वर्षों से धंधा कर रहे फेरीवालों को हटाने की साजिश करना उससे भी ज्यादा निंदनीय है।


    FAQ

    1. घटना कहां हुई?

    यह घटना Mumbai के Kandivali East के Lokhandwala Complex इलाके में हुई।

    2. हमला किस पर हुआ?

    Anti-Hawker Drive के दौरान BMC कर्मचारियों पर हमला किया गया।

    3. कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?

    इस मामले में 5 आरोपियों को Samta Nagar Police ने गिरफ्तार किया है।

    4. विवाद क्यों बढ़ गया?

    स्थानीय विधायक के बांग्लादेशी और मुस्लिम होने के बयान के बाद मामला राजनीतिक और सामाजिक विवाद का रूप लेता जा रहा है।

    5. क्या पुलिस जांच जारी है?

    हाँ, पुलिस के अनुसार मामले की Further Investigation अभी जारी है।