Category: BMC Updates

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  • मुम्बई की सड़कों पर लग्जरी बस के भीतर महिलाओं के लिए फ्री में नहाने की सुविधा

    मुम्बई की सड़कों पर लग्जरी बस के भीतर महिलाओं के लिए फ्री में नहाने की सुविधा

    Mumbai Bus Mobile Bathroom: मुम्बई में सरकार की नई पहल, महिलाओं के लिए मोबाइल बाथरूम की शॉवर सेवा शुरू। यहाँ भारत का पहला अत्याधुनिक मोबाइल बाथरूम है, जिसका उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    Mobile Bus Bathroom in Mumbai: मुम्बई की सड़कों पर इन दिनों चलता-फिरता लग्जरी बस के भीतर बाथरूम देखने को मिल रहा है। इसकी शुरुआत एक महिने पहले कांदिवली पूर्व के इलाके में हुई थी। स्वच्छ भारत के तहत किए गए इस प्रयास के कारण झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली महिलाओं की स्वच्छ स्नान की जरूरत पूरी हो रही है। यह बाथरूम बस में बना हुआ है, जिसमें शॉवर, टब से लेकर कपड़े सुखाने की मशीन और मोबाइल फोन चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    इस मोबाइल बाथरूम की सुविधा सिर्फ महिलाओं के लिए और वो भी बिल्कुल मुफ्त है। मुम्बई में इस सुविधा को महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शुरू किया है। यह अनोखी पहल औरतों की जिदंगी को आसान बनाने के लिए शुरू की गई। इस सुविधा को शुरू हुए एक महीना हो चुका है और इसे इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    बाथरूम की खासियत

    इस मोबाइल बाथरूम में नहाने के लिए कई कमरे बने हुए हैं। जिसमें हर बाथरूम में हैंडवॉश, बॉडी वॉश, नल, बाल्टी, शावर, शैंपू, गीजर और टब की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा इसमें दो ड्रायर कपड़े सुखाने के लिए दिए गए हैं और पांच मोबाइल फोन चार्जिंग प्वाइंट भी दिए गए हैं। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    पानी बचत की सुविधा

    Mumbai luxury bus bathroom image
    लग्जरी बस के भीतर की तस्वीर

    इस मोबाइल बाथरूम में पानी बचाने के लिए एक खास सिस्टम भी लगा हुआ है। जिससे मात्र दस मिनट में बस का सारा पानी फ्लश हो जाता है। जिससे इस बस की साफ-सफाई भी आसान है। फिलहाल इस मोबाइल बाथरूम की सुविधा मुम्बई के कांदिवली इलाके में रहने वाली औरतों के लिए उपलब्ध है। इस अनोखी पहल से स्थानीय औरतें बहुत खुश हैं और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। कांदिवली विधानसभा क्षेत्र में मोबाइल बाथरूम प्रतिदिन 12 घंटे तक उपलब्ध रहता है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    दूसरे इलाकों में शुरू करने की योजना

    खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र के कौशल्य विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस इनोवेटिव आइडिया को पेश किया था। जिसे बीएमसी और जिला योजना समिति ने लागू किया। इस बस का संचालन “बी द चेंज” नामक संस्था कर रही है। जिसे तीन बहने मिलकर चला रही हैं। इस योजना की सफलता के बाद अब बीएमसी इसे शहर के दूसरे इलाकों में भी शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर इस साल के मनपा बजट में भी जिक्र हो चुका है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

  • Mumbai: BMC अधिकारी हो गई डिजिटल अरेस्ट, 51 लाख की धोखाधड़ी

    Mumbai: BMC अधिकारी हो गई डिजिटल अरेस्ट, 51 लाख की धोखाधड़ी

    मुम्बई की एक पूर्व BMC अधिकारी डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गई। जालसाजों ने झूठी कहानी में फंसा कर पूरे 51 लाख रूपये ट्रांसफर करा लिए। अधिकारी ने किया साइबर अपराध का मामला दर्ज। (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

    मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गई। धोखाधड़ी करते हुए एक घोटालेबाज ने उन्हें 51 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया। पुलिस के अनुसार, डोंबिवली की रहने वाली 59 वर्षीय शिकायतकर्ता पिछले साल बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हुई थी। उन्हें जालसाज ने वाट्सएप के जरिए कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और गिरफ्तारी के झूठे पेपर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करा लिये। बताया की “जांच के बाद आप के पैसे वापस कर दिए जाएंगे।” (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

    कैसे फंसाया?

    17 जनवरी को उन्हें एक व्यक्ति का वाट्सएप कॉल आया, जिसने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन से होने का दावा किया। कॉल करने वाले ने एक व्यक्ति की तस्वीर साझा की, जिसमें कहा गया कि यह एक साइबर अपराधी है और इसने अवैध पैसे ट्रांसफर करने के लिए शिकायतकर्ता (BMC अधिकारी) के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया है। इस वजह से उक्त गिरफ्तार व्यक्ति के संग बीएमसी अधिकारी पर भी अपराध में शामिल होने का आरोप दर्ज हो सकता है। (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

    फर्जी गिरफ्तारी वारंट और कोर्ट का समन

    कॉल करने वाले ने उन्हें यह भी बताया कि उनके परिवार को गिरफ्तार उक्त व्यक्ति से खतरा है। बाद में, शिकायतकर्ता को पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति का वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने पीड़िता से कहा कि उसके नाम पर कई मामले हैं और अगर वह उन मामलों को निपटाना चाहती है तो उसे पैसे देने होंगे। अगले दिन, घोटालेबाज ने वाट्सएप पर शिकायतकर्ता के साथ एक फर्जी गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट का समन और लाभार्थी के बैंक खाते का विवरण साझा किया और कहां कि अपने अकाउंट में जमा सारे पैसे इस बैंक खाते में जांच के लिए ट्रांसफर कर दो। (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

    पैसे वापस करने का आश्वासन

    घोटालेबाज ने महिला को आश्वासन दिया था कि एक बार जांच प्रक्रिया पूरी होने पर अगर वह निर्दोष पाई गई, तो उसके खिलाफ मामले बंद हो जाऐंगे और उनके पैसे वापस कर दिए जाएंगे। हालांकि, कई बार कॉल करने के बावजूद जब जालसाज ने उनके कॉल का जवाब नहीं दिया, तो शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है और उन्होंने पिछले सप्ताह ठाणे पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी (पहचान की चोरी) और 66डी (कंप्यूटर संसाधन का उपयोग करके धोखाधड़ी) से संबंधित विभिन्न अधिनियमों के तहत मामला दर्ज कर मामले की पड़ताल कर रही है। (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

  • Mumbai: BMC की घाटकोपर पश्चिम में बड़ी कार्यवाही

    Mumbai: BMC की घाटकोपर पश्चिम में बड़ी कार्यवाही

    मुंबई महानगर पालिका अतिक्रमण एवं निष्कासन को लेकर सख्त हो गई है। शहर भर में खास कर रेलवे स्टेशनों के बाहर ट्रेफिक की समस्या को दूस करने का मनपा ने बीड़ा उठाया है। (Mumbai BMC’s big action in Ghatkopar West)

    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका रेलवे स्टेशनों के बाहर अतिक्रमण को लेकर सख्त हो गई है। घाटकोपर पश्चिम रेलवे लाइन के पास की कार्रवाई शहर भर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण से निपटने के लिए बीएमसी की बड़ी पहल का हिस्सा है, जिसके लिए अतिरिक्त नगर आयुक्त अश्विनी जोशी ने 31 मार्च की समय सीमा तय की है।

    कार्यवाही की जानकारी

    घाटकोपर मामले में स्थानीय निवासियों ने सार्वजनिक स्थान के अनधिकृत उपयोग की शिकायत बीएमसी से की थी। मनपा ने शिकायतों पर ध्यान देते हुए, घाटकोपर पश्चिम में रेलवे लाइन के किनारे अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़क कार्रवाई की है। यह कार्रवाई शहर भर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण से निपटने के लिए बीएमसी की बड़ी पहल का हिस्सा है, जिसके लिए अतिरिक्त नगर आयुक्त अश्विनी जोशी ने 31 मार्च की समय सीमा तय की है।

    ज़ब्त किए सामानों का क्या होगा ?

    बता दें कि मनपा एम पश्चिम विभाग द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत एक अन्य कार्रवाई में, बीएमसी के अतिक्रमण और निष्कासन विभाग ने हाल ही में 544 ठेले, 968 सिलेंडर और 1251 अन्य सामान जैसे स्टोव, शोरमा बनाने की मशीन आदि जब्त किए है। अतिक्रमण एवं निष्कासन विभाग द्वारा ज़ब्त सामानों को नष्ट कर दिया जाता है और भंगार की हालत में नीलामी कर इनसे मिले पैसों को राजस्व खाते में जमा कर दिया जाता है।

  • Mumbai: 6, 200 करोड़ BMC संपत्ति टैक्स का घोटाला

    Mumbai: 6, 200 करोड़ BMC संपत्ति टैक्स का घोटाला

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने ठेकेदार जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड से 550 करोड़ रूपये से अधिक का संपत्ति कर की मांग की है। जो पिछले कई सालों से बकाया चल रहा है। इसके साथ ही 6, 200 करोड़ रुपये का टैक्स घोटाला उजागर हो रहा है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) को अपने ठेकेदार जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर बकाया 550 करोड़ रुपये के संपत्ति कर के बारे में पत्र लिखा है। इस मामले को लेकर एमएमआरडीए और जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड (J Kumar Infrastructure Limited) दोनों ही एक दूसरे पर जिम्मेदारी धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने मनपा को सख्त रुख़ अपनाने का आग्रह किया है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    रेग्युलर पत्र व्यवहार के बावजूद, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने अपने समझौते में एक खंड का हवाला दिया, जो संपत्ति कर भुगतान की जिम्मेदारी एमएमआरडीए पर डालता है, ऐसी खबरें प्रकाशित हो रही है। पिछले महीने भेजे गए एक पत्र में, मूल्यांकन और संग्रह विभाग से बीएमसी के संयुक्त नगर आयुक्त ने इस विवाद को उजागर करते हुए समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही संपत्ति टैक्स के 6, 200 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हो रहा है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    कौन है जिम्मेवार ?

    आप को बता दें कि जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड को चल रहे मेट्रो निर्माण के लिए आवश्यक कास्टिंग यार्ड और रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लॉन्ट की स्थापना के लिए विभिन्न बीएमसी वार्डों-एच/ईस्ट, एच/वेस्ट, के/ईस्ट, पी/नॉर्थ और एम/वेस्ट में सात भूखंड आवंटित किए गए हैं। बीएमसी के अनुसार, निविदा के खंड 2.7 में कहा गया है कि एमएमआरडीए को कास्टिंग यार्ड के रूप में आवंटित भूमि के लिए संपत्ति कर वहन करना होगा, जबकि ठेकेदार अन्य करों के लिए जिम्मेदार है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    क्या है घोटाला ?

    हालांकि, लीज एग्रीमेंट की शर्त संख्या 5 में जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स पर टैक्स भुगतान की जिम्मेदारी रखी गई थी, जिसके कारण ठेकेदार के नाम पर मूल्यांकन किया गया। कंपनी वर्तमान में मुंबई मेट्रो लाइन 2बी (डी एन नगर से मंडले) सहित प्रमुख मेट्रो परियोजनाओं में शामिल है। कई फॉलो-अप के दौरान, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने कहा कि एमएमआरडीए भुगतान के लिए उत्तरदायी है, जिसके कारण बीएमसी ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किए जाने की मांग की है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    6200 करोड़ रूपये का बकाया

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बकाया राशि को बिना किसी देरी के जिम्मेदार पक्ष द्वारा निपटाया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने बीएमसी से जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स सहित प्रमुख संपत्ति कर चूककर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है। “इस वित्तीय वर्ष के लिए बीएमसी का संपत्ति कर लक्ष्य 6,200 करोड़ रुपये है, जिसका भुगतान दिसंबर तक किया जाना है।” (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    देरी से भुगतान पर जुर्माना

    विधायक रईस शेख ने कहा कि “देरी से भुगतान के लिए 2% जुर्माना के बावजूद, कई बड़े चूककर्ताओं ने अभी तक अपना बकाया नहीं चुकाया है। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो भुगतान करने में सक्षम हैं, लेकिन टैक्स की चोरी करना जारी रखते हैं।” इस बीच, एमएमआरडीए के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मेट्रो कार्य के लिए जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स को आवंटित खाली भूमि अस्थायी रूप से आवंटित की गई है और प्राधिकरण की शर्तों के अनुसार, ठेकेदार संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

  • Mumbai: रानीबाग के पार्किंग शुल्क में छह गुना का इजाफा!

    Mumbai: रानीबाग के पार्किंग शुल्क में छह गुना का इजाफा!

    मुंबई के रानीबाग चिडियाघर में आने वाले वाहनों की पार्किंग को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने छह गुना शुल्क बढ़ा दिया है। पर्यटकों के जेबों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    भायखला (पूर्व), वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान और प्राणी संग्रहालय (रानीबाग) में वाहनों की पार्किंग शुल्क में बीएमसी ने बड़ा इजाफा कर दिया है। जनवरी से लागू किए गए नए पार्किंग शुल्क ने कार और बाइक सवारों को हैरान कर दिया है। कारों के लिए शुल्क चार गुना और दोपहिया वाहनों के लिए छह गुना बढ़ा दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस बडे हुए पार्किंग शुल्क से पर्यटकों को अपनी गाड़ी पार्किंग के लिए होनेवाली दिक्कतों में कमी आएगी और उनके सहूलियत पर भी असर पडेगा।

    कितना होगा पार्किंग का शुल्क?

    अब यहां आने वाले पर्यटकों को मोटर साइकिल के लिए प्रति तीन घंटे तक का शुल्क 30 रुपए और मोटर कार के लिए 80 रुपए होगा। इसके अलावा, बसों के लिए 120 से 150 रुपये तक का शुल्क तय किया गया है। तीन घंटे के बाद अतिरिक्त शुल्क 10 रुपए, 30 रुपए और 40 से 50 रुपए प्रति घंटा होगा। पहले यह शुल्क बाइक के लिए 5 रुपए, कार के लिए 20 रुपए और बस के लिए 100 रुपए हुआ करता था।

    सस्ता उपयोग पर रोक

    चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, पार्किंग शुल्क में वृद्धि का मुख्य उद्देश्य आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को यहां के पार्किंग स्थल का सस्ता उपयोग करने से रोकना है। ‘पहले 5 रुपए और 20 रुपए की कम दरों की वजह से स्थानीय लोग पूरे दिन यहां गाड़ियां खड़ी कर देते थे। नए शुल्क से इस पर रोक लगेगी, ऐसा एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।

    बेहतर होगा, पर्यटकों को अनुभव

    रानीबाग, मुंबई के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल हजारों पर्यटकों, खासतौर पर बच्चों को यह चिड़ियाघर आकर्षित करता है। यहां के हम्बोल्ट पेंग्विन और बाघ जैसे प्राणियों का आकर्षण लोगों के बीच अच्छा-खासा लोकप्रिय है। हालांकि, बढ़े हुए गाड़ी पार्किंग शुल्क के कारण पर्यटक खासे नाराज हैं। एक स्थानीय पर्यटक ने शिकायत करते हुए कहा, कि “हम बच्चों को यहां घुमाने लाते हैं, लेकिन अब पार्किंग का खर्च ही टिकट के बराबर हो गया है।” वहीं चिड़ियाघर प्रशासन का दावा है कि शुल्क बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी क्षेत्र के अन्य पार्किंग स्थलों की तुलना में कम है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए उठाया गया है।

    खास जानकारी

    रानी बाग एक उद्यान और डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय वाला एक चिड़ियाघर है। यह हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। कुछ लोग आरामदायक जूते पहनने और पानी की बोतल लाने की सलाह देते हैं। जानवरों को खिलाने या परेशान करने की अनुशंसा नहीं की जाती है।

    प्रवेश शुल्क का विवरण 

    वयस्क: 12-59 आयु वर्ग के लोगों के लिए 50 रुपये।
    बच्चे: 3-12 आयु वर्ग के लोगों के लिए 25 रुपये।
    वरिष्ठ नागरिक: 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए निःशुल्क।
    वैध विकलांगता प्रमाण पत्र वाले लोग: वैध विकलांगता प्रमाण पत्र वाले लोगों के लिए निःशुल्क।

    चार लोगों जैसे माता, पिता और दो बच्चों के परिवार के लिए 100 रुपया। प्रत्येक अतिरिक्त बच्चे के लिए अतिरिक्त 25 रुपया का शुल्क लिया जाएगा। जीजामाता उद्यान में पेंगुइन टिकट 100 रुपये। 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए रानी बाग टिकट का किराया 15 रुपये।

  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालाड़ पश्चिम के मालवनी कच्चा रोड़ से एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को लेकर भारतीय जनता पार्टी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए लोगों की मुलभुत सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड़ पश्चिम के एक छोटे से ब्रिज को लेकर राजनीती तेज हो गई है। लेकिन इस राजनीतिक खेल में अकेले भारतीय जनता पार्टी लोगों के मुलभुत सुविधाओं के साथ खेल कर रही है और दूसरी पार्टियों के स्थानीय दिग्गज नेता मुकदर्शी बने तमाशा देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये सारा खेल एवरशाइन नगर के किनारे खाली पड़ी जमीन के बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जबकि यही जमीन कभी मैंग्रोवस से भरी हुआ करती थी। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    भाजपा की दोहरी राजनीति से लोग परेशान

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना एवरशाइन नगर के निवासियों की आवाज बनकर मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर कहा जा रहा है कि इस ब्रिज पर बाइक सवारों की वजह से दुर्घटना का खतरा है। जबकि एक समाजसेवक को यह जानने की जरूरत है कि इस ब्रिज के कारण लाखों लोगों को सफर करने में सहूलियत मिलती है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो शहर में कोई भी किसी भी रोड़ और रास्ते को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ जाएगा और दूसरी तरफ अगर इस ब्रिज को तोड़ दिया गया तो लाखों लोगों को मालवनी से बाहर निकलने के लिए लंबा और ट्रेफिक से जाम का सफर तय करना पडेगा। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    आम लोगों ने क्या कहा?

    दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को मालवनी की जनता से कोई लेना देना नही है वो अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती है। लेकिन हमारे इलाके के विधायक क्यों खामोश हैं। एक तरफ इसी ब्रिज को बनाने के लिए सरकारी खजाने का करोड़ों रूपया खर्च किया जाता है और दूसरी तरफ बेतूके कारण बता कर उसे तोड़कर आम लोगों का नुकसान किया जाता है। ये तो आम जनता के साथ सरासर अन्याय है। बता दें कि भाजपा के तेजिंदर सिंह तिवाना बेतूके कारण बताकर आंदोलन का इशारा दे रहे हैं। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    क्या है पूरा मामला?

    तेजिंदर सिंह ने बताया कि एवरशाइन नगर के निवासियों ने पुल पर अवैध रूप से बनाए गए रैंप को ध्वस्त करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को अल्टीमेटम देने का फैसला किया है। निवासियों ने इस पैदल यात्री पुल का उपयोग करने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए खतरे पर चर्चा करने के लिए शनिवार शाम को एक सार्वजनिक बैठक का आयोजन किया। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    निवासियों द्वारा BMC और पुलिस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि रैंप के कारण कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें से कई में वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। निवासियों ने बाइकर्स को प्रवेश की अनुमति देने वाले रैंप को ध्वस्त करने, FOB पर बाइकर्स को इसका उपयोग करने से रोकने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात करने और बाइकर्स को पुल पर जाने से रोकने के लिए बोलार्ड लगाने की मांग की है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    विरोध प्रदर्शन की योजना

    निवासियों ने 20 जनवरी तक की समयसीमा तय की है, जिसके विफल होने पर वे एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, जिसमें एवरशाइन नगर के निवासी और भाजपा कार्यकर्ता तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन भी शामिल है। बैठक में तिवाना ने कहा, “हमने इन अवैध रैंपों को गिराने के लिए बीएमसी और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    समाज सेवकों से अपील

    इस ब्रिज को जबरन अगर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। तो मालवनी और मालाड़ के लाखों समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि एवरशाइन से सटे रिक्त भूखंड पर क्या होने वाला है उस पर नजर बनाए रखें। बता दें कि इसके पहले यहाँ मैंग्रोवस की घनी झाडियां हुआ करती थी। कुछ साल पहले इसी ब्रिज के अचानक गिर जाने की वजह से काफी सारे लोग घायल हुए थे। उसी समय धडल्ले से यहा अवैध मिट्टी की भरनी कर मैंग्रोवस को नष्ट कर दिया गया। इस अवैध भरनी की शिकायत पर भरनी माफिया चौरसिया के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज है। जबकि ध्यान देने बात यह है कि आज भी यहां मैंग्रोवस की झाड़ियां मौजूद है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

  • पवार गुट ‘विलय’ की चर्चा! आदित्‍य ठाकरे ने की फडणवीस से मुलाकात

    पवार गुट ‘विलय’ की चर्चा! आदित्‍य ठाकरे ने की फडणवीस से मुलाकात

    Ajit Pawar and Sharad Pawar: महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्‍य की राह बुन रहे हैं। दरअसल आने वाले नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारी कर रहे हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्‍ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार और शरद पवार गुट आपस में विलय करने की इस वक्‍त सबसे ज्‍यादा चर्चा और बहस का कारण बनी हुई है। अब इन चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट के नेता आदित्‍य ठाकरे ने एक बार फिर सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। कुछ दिन पहले भी नागपुर में उद्धव और आदित्‍य ठाकरे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उसके बाद उद्धव की पार्टी के मुखपत्र सामना में सीएम फडणवीस के कार्यों की तारीफ की गई थी। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?

    इस गर्म जोशी भरी मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “आज हमने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की और विनती की है कि जो ‘वॉटर फॉर ऑल’ योजना है, जिसे हम लेकर आए थे उस पर वे वापस अमल करें। पिछली एकनाथ शिंदे सरकार ने इस योजना को ‘स्थगित’ कर दिया था। हम चाहते हैं कि मुंबई के हर घर को पानी मिलना चाहिए। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    गठबंधन बन-बिगड़ सकते है।

    कामकाज के सिलसिले में मिलने-जुलने में कोई खास बात नहीं है लेकिन पवार परिवार में चल रही हलचल के बीच आदित्‍य ठाकरे की मुलाकात मायने रखती है। दरअसल महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्‍य की राह बुन रहे हैं। इसी बीच राज्य में आने वाले नगरनिगम एवं पंचायती चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारियां कर रहे हैं। वैसे भी महाराष्‍ट्र के जानकार कह रहे हैं क‍ि अब विधानसभा चुनाव के बाद यहां नए सिरे से गठबंधन बन-बिगड़ सकते हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    पवार का पावर गेम

    एक तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को एकजुट करने वाले राजनेता इस आधार पर पैरोकारी कर रहे हैं, कि महाराष्‍ट्र में यदि अजित पवार और शरद पवार की पार्टी का आपस में विलय हो जाए तो उनका वोट प्रतिशत बढ़कर 20% हो जाएगा। इसके साथ ही शरद पवार की पार्टी में 8 लोकसभा और चार राज्‍यसभा सांसद हैं। अजित गुट के पास एक लोकसभा सदस्‍य है। इन सबके एक साथ आने से केंद्र सरकार में एनसीपी का प्रतिनिधित्‍व होगा। इसके अलावा पूरे महाराष्‍ट्र में अजित पवार के पास 41 और शरद पवार के पास 10 विधायक हैं। इनके एकजुट होने से डिप्‍टी सीएम अजित पवार का महाराष्‍ट्र में दबदबा बढ़ेगा। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    इंडिया की जगह NDA की शरण

    इसी तरह उद्धव ठाकरे की शिवसेना के भीतर भी मंथन का दौर चल रहा है. पार्टी के कुछ नेता दबे स्‍वरों में राज ठाकरे की महाराष्‍ट्र नवर्निमाण सेना को एक साथ लाने की मांग कर रहे हैं। उनका मकसद ठाकरे परिवार को एकजुट करके शिवसेना की खोई हुई ताकत को फिर से हासिल करना है। एकनाथ शिंदे के अलग होने के बाद उद्धव की पार्टी कमजोर हुई है। उद्धव के पास केवल 20 विधायक हैं। वहीं कुछ नेता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से हटने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने के बाद ही शिवसेना अपनी फायरब्रांड हिंदू छवि को हासिल करने में सक्षम हो सकती है। ऐसे लोग इंडिया गठबंधन की जगह एनडीए में जाने के पक्षधर हैं। महाराष्‍ट्र और केंद्र में अगले पांच साल तक कोई चुनाव नहीं होने वाला है। उसको देखते हुए सियासी दल नए सिरे से अपनी तैयारियों में लग गए हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

  • Mumbai- समुद्री तट पर प्रॉपर्टी लीगल करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से हेरफेर, 4 गिरफ्तार 18 अधिकारियों से पूछताछ

    Mumbai- समुद्री तट पर प्रॉपर्टी लीगल करने के लिए सरकारी दस्तावेजों से हेरफेर, 4 गिरफ्तार 18 अधिकारियों से पूछताछ

    मुंबई समुद्र तटीय क्षेत्र में बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। 102 फर्जी प्रॉपर्टी नकशे के आधार पर अवैध निर्माण किए गए। चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बीएमसी तथा भूमि रिकॉर्ड विभाग के 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। एसआईटी ने जांच में खुलासा किया है कि उसने मुंबई समुद्र तटरेखा के किनारे मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड और वर्सोवा के तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) और नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) की जमीन पर बड़े स्तर पर कंस्ट्रक्शन पाया। इतना ही नहीं जमीन में निर्माण के लिए संपत्ति रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। जांच के बाद सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी के साथ बड़े स्तर पर जमीन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि समुद्र तट के किनारे कम से कम 102 प्रॉपर्टी नकशे से जुड़े घोटाले के लिए पिछले सप्ताह दो पूर्व सरकारी कर्मचारियों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कुल मिलाकर, बीएमसी और भूमि रिकॉर्ड अनुभाग के 18 सरकारी कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    कहाँ हुआ जमीन घोटाला

    इस घोटाले में कथित तौर पर एस्टेट एजेंट, सरकारी कर्मचारी और ठेकेदार शामिल हैं, जिन्होंने मालाड़ पश्चिम के मार्वे, मढ़ आइलैंड, वर्सोवा और अन्य पर्यावरण के लिए संवेदनशील स्थानों में भूमि रिकॉर्ड में बदलाव किया। मालाड़ पश्चिम एरंगल के एक किसान वैभव ठाकुर ने सबसे पहले इस हेराफेरी के मामले को उजागर किया। वैभव एक खानदानी किसान है और एक खेती की जमीन के मालिक भी हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    एफआईआर पर गिरफ्तारी नही हुई

    वैभव ठाकुर ने 2021 में अपने प्लॉट और आस-पास की जमीनों पर अवैध निर्माण के खिलाफ गोरेगांव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। ठाकुर ने पाया कि CRZ और NDZ भूखंडों को बनाने के लिए क्षेत्रों के रूप में वर्गीकृत करने के लिए सरकारी रिकॉर्ड में जालसाजी की गई थी। हालांकि, BMC और गोरेगांव पुलिस सहित अन्य अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    फिर से उछला मामला

    कुछ समय के बाद भूमि अभिलेख उपाधीक्षक नितिन सालुंखे ने 2021 में एक और FIR दर्ज कराइ। उन्होंने कहा कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए 2012 और 2020 के बीच नक्शे और दस्तावेजों में जालसाजी की गई है। यह मामला 2022 में विधानसभा में गूंजा और सरकार को एक जांच समिति गठित करनी पड़ी। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    समिति के निष्कर्ष बॉम्बे हाई कोर्ट में तब प्रस्तुत किए गए जब मूल शिकायतकर्ता वैभव ठाकुर ने सरकार के निष्कर्षों के बावजूद निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए एक याचिका दायर की। अक्टूबर 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर गठित SIT को कुल चार FIR की जांच करने का काम सौंपा गया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) लखमी गौतम के नेतृत्व में चार गिरफ्तारियां की हैं। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    आरटीआइ के आड़ मे घोटाले

    एसआईटी के अनुसार, चारों आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर पिछले कुछ वर्षों में 102 प्रॉपर्टी नकशे और अभिलेखों में हेराफेरी की। इसमें फर्जी सिटी सर्वे नंबर, गैर-मौजूद निर्माण और बदली हुई सीमाएं जैसे गलत विवरण शामिल थे। आरटीआई अनुरोध दाखिल करने की आड़ में जाली मानचित्र वितरित किए गए। बीएमसी अधिकारियों ने कथित तौर पर इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निर्माण और बिक्री को मंजूरी दी, इन सरकारी विभाग मे भ्रष्ट अधिकारियों के कारण सरकार को काफी हद तक राजस्व का नुकसान और पर्यावरण को क्षति पहुंचाने का काम हुआ है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    1955 से 1984 के दस्तावेजों में हेरफेर

    जांच में पाया गया कि उप अधीक्षक के कार्यालय में रखे गए 1955-1984 के 884 स्थायी गणना मानचित्रों में से 102 फर्जी थे। इन मानचित्रों के आधार पर निर्माण किया गया, जो 1964 से पहले अस्तित्व में ही नहीं थे। महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी के निष्कर्षों के बाद, शहरी विकास के प्रमुख सचिव और पुणे में भूमि अभिलेखों के निदेशक को सार्वजनिक अभिलेखों में हेराफेरी करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    नागपुर से मूल मानचित्र जब्त

    एसआईटी ने नागपुर में महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर से सभी 884 मूल मानचित्र और उनकी डिजिटल प्रतियां जब्त कर ली हैं। आगे की जांच में अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान करने और सभी दस्तावेजों की प्रामाणिकता की पुष्टि करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिछले गुरुवार को, एसआईटी ने 50 वर्षीय अवैध ठेकेदार नरशिम पुत्तवल्लू को गिरफ्तार किया, जो सभी चार एफआईआर में आरोपी है, साथ ही सिटी सर्वे ऑफिस के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों देवदास जाधव और मरडे और रियल एस्टेट एजेंट इमाम शेख को भी गिरफ्तार किया है। उन पर बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड में जालसाजी करने का मामला दर्ज किया गया था। (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

    पुलिस ने क्या कहा?

    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘सीआरजेड और एनडीजेड भूमि पर अवैध निर्माण ने पारिस्थितिकी संतुलन (ecological balance) को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। बीएमसी और भूमि अभिलेख विभाग के कुल 18 अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया के कारण जांच में देरी हुई।’ (Mumbai- Manipulation of government documents to legalize property on sea coast, 4 arrested, 18 officials interrogated)

  • मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़ से दहिसर के बीच होगा काया कल्प- पीयूष गोयल

    मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास कार्य को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित किया। उन्होंने इस मौके पर रेलवे स्टेशनों से लेकर सरकारी अस्पतालों और कोली समाज के लोगों के लिए वर्क शॉप और उसके साथ एलआईसी प्रशिक्षण पर जोर दिया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बीएमसी हेड क्वाटर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए उत्तर मुंबई के सार्वजनिक निर्माण कार्यों जानकारी दी। मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि मुंबईकरों की सेवा के लिए डबल इंजन सरकार तो पहले से ही काम कर रही है, लेकिन अब नए साल से नई ट्रिपल इंजन की सरकार काम करे, इसके लिए हम प्रयासरत हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    उत्तर मुंबई से सांसद पीयूष गोयल ने आगे कहा, हम चाहते हैं कि काम तीन गुना ज्यादा तेजी और मेहनत से हो, जिससे तीन गुना ज्यादा परिणाम आ सके और तीन गुना लोगों के जीवन पर इसका अच्छा प्रभाव पड़े। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    नवी मुंबई से बोरीवली तक का सफर

    पीयूष गोयल ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र मालाड़, कांदीवली, बोरीवली और दहिसर सहित सभी चार रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही अमृत भारत स्टेशन योजना (ABSS) के तहत काम शुरू हो जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक दृष्टि से स्टेशन का निरंतर विकास करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने पिछले साल बोरीवली तक हार्बर लाइन विस्तार की घोषणा की थी। इससे नवी मुंबई से उत्तरी मुंबई के बीच यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    60 हजार करोड़ का खर्च

    केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हमने संकल्प लिया था कि उत्तर मुंबई को उत्तम मुंबई बनाकर रहेंगे, जो पीएम मोदी के सपने का एक हिस्सा है। प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इसी दिशा में लंबी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, इस चर्चा की यह तीसरी बैठक है। 60 हजार करोड़ का खर्चा मुंबई को बेहतर बनाने के लिए होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोस्टल रोड जल्दी ही पूरा होने जा रहा है इसके लिए काम तेजी से चल रहा है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    झुग्गी बस्तियों का होगा काया कल्प

    केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उनके लोकसभा क्षेत्र के शहरी परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से बदलने के लिए इस साल कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया जाएगा। गोयल ने पिछले साल उत्तर मुंबई से अपना पहला लोकसभा चुनाव जीता है। उन्होंने कहा, इस साल हमारे पास अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए कई बड़ी योजनाएं हैं। हम देख रहे हैं कि हम कितनी जल्दी झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को उसी स्थान पर पक्के मकान उपलब्ध करा सकते हैं। यह एक ऐसी परियोजना है जिस पर काम जारी है। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    पर्यटन को बढ़ावा, स्किल यूनिवर्सिटी का निर्माण

    गोयल ने कहा कि वह इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। क्योंकि एक तरफ यहां संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान है और दूसरी तरफ खूबसूरत समुंदर फैला हुआ है। पीयूष गोयल ने कहा कि मगाठाणे का रोड तैयार है, बस थोड़ा काम बाकी है। साथ ही भगवती, भंसाली, और शताब्दी इन तीनों सरकारी अस्पतालों को और बेहतर बनाने का काम होने वाला है। उन्होंने कहा कि मैंने मालाड के लोगों से चुनाव के समय वादा किया था, कि एक बड़ा स्किल डेवलेपमेंट सेंटर बनाएंगे। इसके लिए वहां अब हम एक स्किल यूनिवर्सिटी बनाने जा रहे हैं। (There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)

    एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम

    उन्होंने कहा कि मालाड रेलवे स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की जाएगी। साथ ही बीमा सखी योजना को अब एक सेंटर तक सीमित नही रखकर, 40 स्थानों पर एलआईसी के साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम कराया जाएगा। पीयूष गोयल ने कहा, दहिसर, बोरिवली, मालाड के कोली समाज के लोगों के लिए भी वर्कशॉप कराया जाएगा, ताकि उनकी भी आमदनी बढ़े। वहीं बीएमसी चुनाव पर गोयल ने कहा कि यह चुनाव हम भारी बहुमत से जीत कर आएंगे और लोगों की सेवा करेंगे।(There will be Kaya Kalpa between Kandivali and Dahisar – Piyush Goyal)