Category: BMC Updates

  • Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ विस्तार करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मुंबई: मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/साऊथ विभाग ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ के विस्तार करने के बीएमसी द्वारा निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एक मनपा अधिकारी के अनुसार, इस पहल से गोरेगांव और कांदिवली के बीच आवागमन का समय कम होने की उम्मीद है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    बांद्रा से बोरीवली को जोड़ता है SV Road

    एसवी रोड, शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो बांद्रा से लेकर बोरीवली तक को जोड़ता है। मूल रूप से 90 फुट चौड़ी सड़क के लिए डिज़ाइन किया गया था, अब यह पूरा हिस्सा कई अतिक्रमणों के साथ-साथ व्यापारिक और आवासीय भवनों से भर गया है। खासकर मालाड़ और कांदिवली के बीच एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयास में बीएमसी अधिकारियों को वर्षों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मालाड़ में भीड़ की समस्या

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने कहा, कि “मालाड़ एसवी रोड़ पर यातायात की भीड़ के कारण अक्सर वाहनों को संकरी और आंतरिक सड़कों पर कई किलोमीटर तक पीछे चलना पड़ता है। सड़क के किनारे कई संरचनाएं 40 से 50 साल पुरानी हैं, जिनमें से कुछ 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही

    अभियान के हिस्से के रूप में, बीएमसी, आर/साउथ वार्ड की टीम ने मंगलवार को 50 मजदूरों, दो जेसीबी और दो डंपरों की सहायता से पोइसर मस्जिद के पास एसवी रोड पर 30 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया है। एक बीएमसी अधिकारी ने कहा, “इन संरचनाओं की पात्रता पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। पात्र दुकानों के मालिकों को क्षेत्र के भीतर वैकल्पिक स्थान की पेशकश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैकल्पिक स्थान के बजाय इसे पसंद करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन मुआवजे का प्रावधान भी है।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    Mumbai kandivali BMC demolition news
    कांदीवली पश्चिम के पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही की तस्वीर

    इस बीच, सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 90 फीट है, लेकिन कुछ हिस्सों में सड़क केवल 40 से 50 फीट चौड़ी है, जिससे पीक आवर्स के दौरान रुकावटें आती हैं। हाल ही में, बीएमसी ने एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयासों के तहत मालाड़ में लगभग 100 साल पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया था। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

  • Mumbai: महालक्ष्मी मंदिर का 60 करोड़ रुपये की लागत से होगा नवीनीकरण

    Mumbai: महालक्ष्मी मंदिर का 60 करोड़ रुपये की लागत से होगा नवीनीकरण

    मुम्बई के प्राचीन मंदिरों में से एक महालक्ष्मी मंदिर को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाने वाला है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धन आवंटित कर दिया था। अब कार्यान्वयन किया जाएगा। जानें मंदिर का इतिहास…  (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) जल्द ही महालक्ष्मी मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए कार्य आदेश जारी करेगा। इस परियोजना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मार्च 2024 में 60 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर आयुक्त के पास है। स्वीकृति मिलते ही कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मुम्बई के सर्वाधिक प्राचीन धर्मस्थलों में से एक है महालक्ष्मी मंदिर। समुद्र के किनारे बी. देसाई रोड़ पर स्थित यह मंदिर अत्यंत सुंदर, आकर्षक और लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे अब राज्य सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया जाने वाला है। इसके लिए बीएमसी कमिश्नर के हस्ताक्षर बाक़ी है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास

    मंदिर का इतिहास अत्यंत रोचक है। अंग्रेजों ने जब महालक्ष्मी क्षेत्र को वर्ली क्षेत्र से जोड़ने के लिए ब्रीच कैंडी मार्ग को बनाने की योजना बनाई थी, तब समुद्र की तूफानी लहरों के चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गई। उस समय देवी लक्ष्मी एक ठेकेदार रामजी शिवाजी के स्वप्न में प्रकट हुईं और उन्हें समुद्र तल से देवियों की तीन प्रतिमाएँ निकालकर मंदिर में स्थापित करने का आदेश दिया। रामजी ने ऐसा ही किया और ब्रीच कैंडी मार्ग का निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मंदिर में तीन देवियों की प्रतिमा

    मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली और महा-सरस्वती तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं। तीनों प्रतिमाओं को सोने एवं मोतियों के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है। यहाँ आने वाले हर भक्त का यह दृढ़ विश्वास होता है कि माता उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करेंगी। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सूत्रों के अनुसार, सौंदर्यीकरण का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मंदिर के ऐतिहासिक आकर्षण को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धन मुहैया करा दिया है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    इन कामो को किया जाएगा

    • मंदिर से एक स्काईवॉक बनाया जाएगा
    • पार्किंग से मंदिर तक एक कनेक्टिंग ब्रिज बनाया जाएगा।
    • फुटपाथ और बाक़ी रास्तों को बेहतर बनाया जाएगा।
    • बेहतर आवागमन के लिए स्टॉल को पुनर्गठित किया जाएगा।
    • पैदल यात्रियों की आवाजाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया जाएगा।

    लेजर लाइट का इस्तेमाल

    मंदिर के आसपास लेजर लाइटिंग होगी। चूंकि महालक्ष्मी मंदिर एक हेरिटेज स्थल है, इसलिए काम शुरू करने से पहले मुंबई हेरिटेज कमेटी से मंजूरी ली गई। मिट्टी की जांच भी की गई। डिजाइन में मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला को संरक्षित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र को बेहतर बनाया जाएगा। यह परियोजना प्रशासनिक मंजूरी के अंतिम चरण में है। बीएमसी कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

  • Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कोयले से चलने वाले तंदूर भट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुम्बई बीएमसी ने इस संबंध में होटलों, रेस्तरां और ढाबों को नोटिस भेजे हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुम्बई के होटलों, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर रोटियां बनाने के लिए तंदूरी भट्टी मे कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि अब होटलों में आप को तंदूरी रोटी नही मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके लिए अलग-अलग होटल मालिकों और संचालकों को भट्टियों के विकल्प का सुझाव दिया है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई महानगर पालिका की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    BMC का नोटिस जारी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने इस संबंध में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर कुछ होटल मालिकों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि लकड़ी और कोयले की भट्टियां बंद करने से तंदूरी रोटी का स्वाद बदल जाएगा। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, अब तंदूरी कोयला भट्टियों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    बीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?

    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी ने कोयला और लकड़ी के भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी ने कोयले से चलने वाले तंदूर ओवन का उपयोग करने वाले रेस्तरां, होटल और ढाबों को नोटिस जारी किया है। रसोईघर में कोयले से चलने वाली भट्टियों के स्थान पर बिजली उपकरण, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी ईंधन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    लायसेंस होगा रद्द ..

    बीएमसी ने होटल संचालकों को 7 जुलाई तक कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूर ओवन को इलेक्ट्रिक उपकरणों में बदलने का निर्देश दिया है। बीएमसी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास कर नोटिस में यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं किए जाने पर लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ऐसे में होटल मालिकों के पास बीएमसी के आदेशों का पालन करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

  • मुम्बई की सड़कों पर लग्जरी बस के भीतर महिलाओं के लिए फ्री में नहाने की सुविधा

    मुम्बई की सड़कों पर लग्जरी बस के भीतर महिलाओं के लिए फ्री में नहाने की सुविधा

    Mumbai Bus Mobile Bathroom: मुम्बई में सरकार की नई पहल, महिलाओं के लिए मोबाइल बाथरूम की शॉवर सेवा शुरू। यहाँ भारत का पहला अत्याधुनिक मोबाइल बाथरूम है, जिसका उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    Mobile Bus Bathroom in Mumbai: मुम्बई की सड़कों पर इन दिनों चलता-फिरता लग्जरी बस के भीतर बाथरूम देखने को मिल रहा है। इसकी शुरुआत एक महिने पहले कांदिवली पूर्व के इलाके में हुई थी। स्वच्छ भारत के तहत किए गए इस प्रयास के कारण झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली महिलाओं की स्वच्छ स्नान की जरूरत पूरी हो रही है। यह बाथरूम बस में बना हुआ है, जिसमें शॉवर, टब से लेकर कपड़े सुखाने की मशीन और मोबाइल फोन चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    इस मोबाइल बाथरूम की सुविधा सिर्फ महिलाओं के लिए और वो भी बिल्कुल मुफ्त है। मुम्बई में इस सुविधा को महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शुरू किया है। यह अनोखी पहल औरतों की जिदंगी को आसान बनाने के लिए शुरू की गई। इस सुविधा को शुरू हुए एक महीना हो चुका है और इसे इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    बाथरूम की खासियत

    इस मोबाइल बाथरूम में नहाने के लिए कई कमरे बने हुए हैं। जिसमें हर बाथरूम में हैंडवॉश, बॉडी वॉश, नल, बाल्टी, शावर, शैंपू, गीजर और टब की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा इसमें दो ड्रायर कपड़े सुखाने के लिए दिए गए हैं और पांच मोबाइल फोन चार्जिंग प्वाइंट भी दिए गए हैं। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    पानी बचत की सुविधा

    Mumbai luxury bus bathroom image
    लग्जरी बस के भीतर की तस्वीर

    इस मोबाइल बाथरूम में पानी बचाने के लिए एक खास सिस्टम भी लगा हुआ है। जिससे मात्र दस मिनट में बस का सारा पानी फ्लश हो जाता है। जिससे इस बस की साफ-सफाई भी आसान है। फिलहाल इस मोबाइल बाथरूम की सुविधा मुम्बई के कांदिवली इलाके में रहने वाली औरतों के लिए उपलब्ध है। इस अनोखी पहल से स्थानीय औरतें बहुत खुश हैं और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित भी कर रही हैं। कांदिवली विधानसभा क्षेत्र में मोबाइल बाथरूम प्रतिदिन 12 घंटे तक उपलब्ध रहता है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

    दूसरे इलाकों में शुरू करने की योजना

    खबर के मुताबिक, महाराष्ट्र के कौशल्य विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस इनोवेटिव आइडिया को पेश किया था। जिसे बीएमसी और जिला योजना समिति ने लागू किया। इस बस का संचालन “बी द चेंज” नामक संस्था कर रही है। जिसे तीन बहने मिलकर चला रही हैं। इस योजना की सफलता के बाद अब बीएमसी इसे शहर के दूसरे इलाकों में भी शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसको लेकर इस साल के मनपा बजट में भी जिक्र हो चुका है। (Free bathing facility for women inside luxury bus on the streets of Mumbai)

  • Mumbai: BMC अधिकारी हो गई डिजिटल अरेस्ट, 51 लाख की धोखाधड़ी

    Mumbai: BMC अधिकारी हो गई डिजिटल अरेस्ट, 51 लाख की धोखाधड़ी

    मुम्बई की एक पूर्व BMC अधिकारी डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गई। जालसाजों ने झूठी कहानी में फंसा कर पूरे 51 लाख रूपये ट्रांसफर करा लिए। अधिकारी ने किया साइबर अपराध का मामला दर्ज। (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

    मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के एक सेवानिवृत्त अधिकारी डिजिटल अरेस्ट का शिकार हो गई। धोखाधड़ी करते हुए एक घोटालेबाज ने उन्हें 51 लाख रुपये से अधिक का चूना लगा दिया। पुलिस के अनुसार, डोंबिवली की रहने वाली 59 वर्षीय शिकायतकर्ता पिछले साल बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त हुई थी। उन्हें जालसाज ने वाट्सएप के जरिए कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया और गिरफ्तारी के झूठे पेपर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करा लिये। बताया की “जांच के बाद आप के पैसे वापस कर दिए जाएंगे।” (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

    कैसे फंसाया?

    17 जनवरी को उन्हें एक व्यक्ति का वाट्सएप कॉल आया, जिसने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन से होने का दावा किया। कॉल करने वाले ने एक व्यक्ति की तस्वीर साझा की, जिसमें कहा गया कि यह एक साइबर अपराधी है और इसने अवैध पैसे ट्रांसफर करने के लिए शिकायतकर्ता (BMC अधिकारी) के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया है। इस वजह से उक्त गिरफ्तार व्यक्ति के संग बीएमसी अधिकारी पर भी अपराध में शामिल होने का आरोप दर्ज हो सकता है। (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

    फर्जी गिरफ्तारी वारंट और कोर्ट का समन

    कॉल करने वाले ने उन्हें यह भी बताया कि उनके परिवार को गिरफ्तार उक्त व्यक्ति से खतरा है। बाद में, शिकायतकर्ता को पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति का वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने पीड़िता से कहा कि उसके नाम पर कई मामले हैं और अगर वह उन मामलों को निपटाना चाहती है तो उसे पैसे देने होंगे। अगले दिन, घोटालेबाज ने वाट्सएप पर शिकायतकर्ता के साथ एक फर्जी गिरफ्तारी वारंट, कोर्ट का समन और लाभार्थी के बैंक खाते का विवरण साझा किया और कहां कि अपने अकाउंट में जमा सारे पैसे इस बैंक खाते में जांच के लिए ट्रांसफर कर दो। (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

    पैसे वापस करने का आश्वासन

    घोटालेबाज ने महिला को आश्वासन दिया था कि एक बार जांच प्रक्रिया पूरी होने पर अगर वह निर्दोष पाई गई, तो उसके खिलाफ मामले बंद हो जाऐंगे और उनके पैसे वापस कर दिए जाएंगे। हालांकि, कई बार कॉल करने के बावजूद जब जालसाज ने उनके कॉल का जवाब नहीं दिया, तो शिकायतकर्ता को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है और उन्होंने पिछले सप्ताह ठाणे पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66सी (पहचान की चोरी) और 66डी (कंप्यूटर संसाधन का उपयोग करके धोखाधड़ी) से संबंधित विभिन्न अधिनियमों के तहत मामला दर्ज कर मामले की पड़ताल कर रही है। (Mumbai BMC officer gets digital arrest, fraud of Rs 51 lakh)

  • Mumbai: BMC की घाटकोपर पश्चिम में बड़ी कार्यवाही

    Mumbai: BMC की घाटकोपर पश्चिम में बड़ी कार्यवाही

    मुंबई महानगर पालिका अतिक्रमण एवं निष्कासन को लेकर सख्त हो गई है। शहर भर में खास कर रेलवे स्टेशनों के बाहर ट्रेफिक की समस्या को दूस करने का मनपा ने बीड़ा उठाया है। (Mumbai BMC’s big action in Ghatkopar West)

    मुंबईबृहन्मुंबई महानगर पालिका रेलवे स्टेशनों के बाहर अतिक्रमण को लेकर सख्त हो गई है। घाटकोपर पश्चिम रेलवे लाइन के पास की कार्रवाई शहर भर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण से निपटने के लिए बीएमसी की बड़ी पहल का हिस्सा है, जिसके लिए अतिरिक्त नगर आयुक्त अश्विनी जोशी ने 31 मार्च की समय सीमा तय की है।

    कार्यवाही की जानकारी

    घाटकोपर मामले में स्थानीय निवासियों ने सार्वजनिक स्थान के अनधिकृत उपयोग की शिकायत बीएमसी से की थी। मनपा ने शिकायतों पर ध्यान देते हुए, घाटकोपर पश्चिम में रेलवे लाइन के किनारे अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़क कार्रवाई की है। यह कार्रवाई शहर भर में अवैध निर्माण और अतिक्रमण से निपटने के लिए बीएमसी की बड़ी पहल का हिस्सा है, जिसके लिए अतिरिक्त नगर आयुक्त अश्विनी जोशी ने 31 मार्च की समय सीमा तय की है।

    ज़ब्त किए सामानों का क्या होगा ?

    बता दें कि मनपा एम पश्चिम विभाग द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत एक अन्य कार्रवाई में, बीएमसी के अतिक्रमण और निष्कासन विभाग ने हाल ही में 544 ठेले, 968 सिलेंडर और 1251 अन्य सामान जैसे स्टोव, शोरमा बनाने की मशीन आदि जब्त किए है। अतिक्रमण एवं निष्कासन विभाग द्वारा ज़ब्त सामानों को नष्ट कर दिया जाता है और भंगार की हालत में नीलामी कर इनसे मिले पैसों को राजस्व खाते में जमा कर दिया जाता है।

  • Mumbai: 6, 200 करोड़ BMC संपत्ति टैक्स का घोटाला

    Mumbai: 6, 200 करोड़ BMC संपत्ति टैक्स का घोटाला

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने ठेकेदार जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड से 550 करोड़ रूपये से अधिक का संपत्ति कर की मांग की है। जो पिछले कई सालों से बकाया चल रहा है। इसके साथ ही 6, 200 करोड़ रुपये का टैक्स घोटाला उजागर हो रहा है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई- 
    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) को अपने ठेकेदार जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर बकाया 550 करोड़ रुपये के संपत्ति कर के बारे में पत्र लिखा है। इस मामले को लेकर एमएमआरडीए और जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड (J Kumar Infrastructure Limited) दोनों ही एक दूसरे पर जिम्मेदारी धकेलने की कोशिश कर रहे हैं। इसको लेकर समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने मनपा को सख्त रुख़ अपनाने का आग्रह किया है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    रेग्युलर पत्र व्यवहार के बावजूद, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने अपने समझौते में एक खंड का हवाला दिया, जो संपत्ति कर भुगतान की जिम्मेदारी एमएमआरडीए पर डालता है, ऐसी खबरें प्रकाशित हो रही है। पिछले महीने भेजे गए एक पत्र में, मूल्यांकन और संग्रह विभाग से बीएमसी के संयुक्त नगर आयुक्त ने इस विवाद को उजागर करते हुए समाधान की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही संपत्ति टैक्स के 6, 200 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हो रहा है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    कौन है जिम्मेवार ?

    आप को बता दें कि जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड को चल रहे मेट्रो निर्माण के लिए आवश्यक कास्टिंग यार्ड और रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लॉन्ट की स्थापना के लिए विभिन्न बीएमसी वार्डों-एच/ईस्ट, एच/वेस्ट, के/ईस्ट, पी/नॉर्थ और एम/वेस्ट में सात भूखंड आवंटित किए गए हैं। बीएमसी के अनुसार, निविदा के खंड 2.7 में कहा गया है कि एमएमआरडीए को कास्टिंग यार्ड के रूप में आवंटित भूमि के लिए संपत्ति कर वहन करना होगा, जबकि ठेकेदार अन्य करों के लिए जिम्मेदार है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    क्या है घोटाला ?

    हालांकि, लीज एग्रीमेंट की शर्त संख्या 5 में जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स पर टैक्स भुगतान की जिम्मेदारी रखी गई थी, जिसके कारण ठेकेदार के नाम पर मूल्यांकन किया गया। कंपनी वर्तमान में मुंबई मेट्रो लाइन 2बी (डी एन नगर से मंडले) सहित प्रमुख मेट्रो परियोजनाओं में शामिल है। कई फॉलो-अप के दौरान, जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स ने कहा कि एमएमआरडीए भुगतान के लिए उत्तरदायी है, जिसके कारण बीएमसी ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किए जाने की मांग की है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    6200 करोड़ रूपये का बकाया

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बकाया राशि को बिना किसी देरी के जिम्मेदार पक्ष द्वारा निपटाया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने बीएमसी से जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स सहित प्रमुख संपत्ति कर चूककर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है। “इस वित्तीय वर्ष के लिए बीएमसी का संपत्ति कर लक्ष्य 6,200 करोड़ रुपये है, जिसका भुगतान दिसंबर तक किया जाना है।” (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

    देरी से भुगतान पर जुर्माना

    विधायक रईस शेख ने कहा कि “देरी से भुगतान के लिए 2% जुर्माना के बावजूद, कई बड़े चूककर्ताओं ने अभी तक अपना बकाया नहीं चुकाया है। उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए जो भुगतान करने में सक्षम हैं, लेकिन टैक्स की चोरी करना जारी रखते हैं।” इस बीच, एमएमआरडीए के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मेट्रो कार्य के लिए जे कुमार इंफ्राप्रोजेक्ट्स को आवंटित खाली भूमि अस्थायी रूप से आवंटित की गई है और प्राधिकरण की शर्तों के अनुसार, ठेकेदार संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है। (Mumbai Rs 6,200 crore BMC property tax scam)

  • Mumbai: रानीबाग के पार्किंग शुल्क में छह गुना का इजाफा!

    Mumbai: रानीबाग के पार्किंग शुल्क में छह गुना का इजाफा!

    मुंबई के रानीबाग चिडियाघर में आने वाले वाहनों की पार्किंग को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने छह गुना शुल्क बढ़ा दिया है। पर्यटकों के जेबों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    भायखला (पूर्व), वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान और प्राणी संग्रहालय (रानीबाग) में वाहनों की पार्किंग शुल्क में बीएमसी ने बड़ा इजाफा कर दिया है। जनवरी से लागू किए गए नए पार्किंग शुल्क ने कार और बाइक सवारों को हैरान कर दिया है। कारों के लिए शुल्क चार गुना और दोपहिया वाहनों के लिए छह गुना बढ़ा दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस बडे हुए पार्किंग शुल्क से पर्यटकों को अपनी गाड़ी पार्किंग के लिए होनेवाली दिक्कतों में कमी आएगी और उनके सहूलियत पर भी असर पडेगा। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    कितना होगा पार्किंग का शुल्क?

    अब यहां आने वाले पर्यटकों को मोटर साइकिल के लिए प्रति तीन घंटे तक का शुल्क 30 रुपए और मोटर कार के लिए 80 रुपए होगा। इसके अलावा, बसों के लिए 120 से 150 रुपये तक का शुल्क तय किया गया है। तीन घंटे के बाद अतिरिक्त शुल्क 10 रुपए, 30 रुपए और 40 से 50 रुपए प्रति घंटा होगा। पहले यह शुल्क बाइक के लिए 5 रुपए, कार के लिए 20 रुपए और बस के लिए 100 रुपए हुआ करता था। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    सस्ता उपयोग पर रोक

    चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार, पार्किंग शुल्क में वृद्धि का मुख्य उद्देश्य आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को यहां के पार्किंग स्थल का सस्ता उपयोग करने से रोकना है। ‘पहले 5 रुपए और 20 रुपए की कम दरों की वजह से स्थानीय लोग पूरे दिन यहां गाड़ियां खड़ी कर देते थे। नए शुल्क से इस पर रोक लगेगी, ऐसा एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    बेहतर होगा, पर्यटकों को अनुभव

    रानीबाग, मुंबई के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। हर साल हजारों पर्यटकों, खासतौर पर बच्चों को यह चिड़ियाघर आकर्षित करता है। यहां के हम्बोल्ट पेंग्विन और बाघ जैसे प्राणियों का आकर्षण लोगों के बीच अच्छा-खासा लोकप्रिय है। हालांकि, बढ़े हुए गाड़ी पार्किंग शुल्क के कारण पर्यटक खासे नाराज हैं। एक स्थानीय पर्यटक ने शिकायत करते हुए कहा, कि “हम बच्चों को यहां घुमाने लाते हैं, लेकिन अब पार्किंग का खर्च ही टिकट के बराबर हो गया है।” वहीं चिड़ियाघर प्रशासन का दावा है कि शुल्क बढ़ा है, लेकिन यह अभी भी क्षेत्र के अन्य पार्किंग स्थलों की तुलना में कम है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और पर्यटकों को बेहतर अनुभव देने के लिए उठाया गया है। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    खास जानकारी

    रानी बाग एक उद्यान और डॉ. भाऊ दाजी लाड संग्रहालय वाला एक चिड़ियाघर है। यह हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। कुछ लोग आरामदायक जूते पहनने और पानी की बोतल लाने की सलाह देते हैं। जानवरों को खिलाने या परेशान करने की अनुशंसा नहीं की जाती है। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

    प्रवेश शुल्क का विवरण 

    वयस्क: 12-59 आयु वर्ग के लोगों के लिए 50 रुपये।
    बच्चे: 3-12 आयु वर्ग के लोगों के लिए 25 रुपये।
    वरिष्ठ नागरिक: 60 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए निःशुल्क।
    वैध विकलांगता प्रमाण पत्र वाले लोग: वैध विकलांगता प्रमाण पत्र वाले लोगों के लिए निःशुल्क।

    चार लोगों जैसे माता, पिता और दो बच्चों के परिवार के लिए 100 रुपया। प्रत्येक अतिरिक्त बच्चे के लिए अतिरिक्त 25 रुपया का शुल्क लिया जाएगा। जीजामाता उद्यान में पेंगुइन टिकट 100 रुपये। 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए रानी बाग टिकट का किराया 15 रुपये। (Six times increase in parking fee of Ranibagh)

  • BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    BMC: मुंबई की सरकारी अस्पतालों में अब नहीं मिलेगी दवाई

    बम्बई के सरकारी अस्पतालों में दवाओं को लेकर संकट गहरा रहा है। 120 करोड़ रूपये का बकाया नही मिलने के कारण दवाई आपूर्ति करने वाले कंपनियों ने सप्लाई पर रोक लगाने का ऐलान कर दिया है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    बम्बई शहर और आस-पास के गरीब तबके के लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं पर इलाज के लिए एक मात्र सरकारी अस्पताल इन दिनों दवाई संकट से जूझ रहा है। जबकि यहां बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा संचालित अस्पतालों की दवाइयां हमेशा से ही लोगों के इलाज में सटीक साबित हुई। प्राइवेट अस्पतालों के मुकाबले सरकारी अस्पताल के एक ही डोज से मरीज ठिक हो जाया करता है। लेकिन इन सरकारी अस्पतालों में दवाइयां उपलब्ध नही होने के कारण शहर भर के लोगों पर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा मंडराने लगा है। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    क्या है पूरा मामला?

    मुंबई के बीएमसी द्वारा संचालित अस्पतालों को दवा आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने 120 करोड़ रुपये के बकाया नही मिलने के कारण डिलीवरी को निलंबित (Suspended) करने की धमकी दी है। यह कृष्णा डायग्नोस्टिक्स द्वारा आपली चिकित्सा योजना के तहत अपनी पैथोलॉजी सेवाओं को बंद करने के कुछ समय बाद हुआ है, जिसमें बकाया भुगतान नही किए जाने का का हवाला दिया गया था। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    सोमवार से नही होगी दवाई की सप्लाई

    बीएमसी अस्पतालों में दवाई सप्लाई करने वाली 150 से अधिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली ऑल फूड एंड ड्रग्स लाइसेंस होल्डर फाउंडेशन (AFDLH Fondation) ने सोमवार 13 जनवरी यानी कल से दवाइयों की सप्लाई रोकने की घोषणा की है। कहा, कि यदि उनके चार महीने से लंबित 120 करोड़ रूपये का भुगतान नहीं किया जाता है। तो कोई भी कंपनी सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की सप्लाई नही करेगा। इस निर्णय के कारण बम्बई के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बुरी तरह से बाधित कर सकता है। इसमें बम्बई ही नही बम्बई और आस-पास को लोग भी स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करवा रहे हैं। (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    AFDLH Fondation के अध्यक्ष अभय पांडे ने आपूर्तिकर्ताओं के सामने मौजूद गंभीर वित्तीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमारे सदस्य वित्तीय बर्बादी के कगार पर हैं।” पश्चिमी उपनगरों के एक विक्रेता ने स्थिति पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा, “भुगतान में देरी असहनीय हो गई है। बीएमसी अस्पतालों को आपूर्ति करना एक निरंतर संघर्ष बन गया है, बार-बार याद दिलाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

    BMC ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी को लिखे एक औपचारिक पत्र में संस्था ने वित्तीय तनाव की रूपरेखा प्रस्तुत की। पत्र में कहा गया है, कि “बकाया राशि के कारण हमारे सदस्य भारी दबाव में हैं। बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ है। भुगतान पूरा होने तक आपूर्ति स्थगित करने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं है।” इस बीच, बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग के उपायुक्त संजय कुर्हाड़े ने आश्वासन दिया, कि “इस मुद्दे को सुलझाने और संकट को हल करने के लिए प्रयास जारी हैं।” (BMC News Medicines will no longer be available in government hospitals of Mumbai)

  • मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन को जोड़ने वाला ब्रिज क्यों तोडना है जरूरी?

    मालाड़ पश्चिम के मालवनी कच्चा रोड़ से एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को लेकर भारतीय जनता पार्टी बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए लोगों की मुलभुत सुविधाओं से खिलवाड़ कर रही है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    मालाड़ पश्चिम के एक छोटे से ब्रिज को लेकर राजनीती तेज हो गई है। लेकिन इस राजनीतिक खेल में अकेले भारतीय जनता पार्टी लोगों के मुलभुत सुविधाओं के साथ खेल कर रही है और दूसरी पार्टियों के स्थानीय दिग्गज नेता मुकदर्शी बने तमाशा देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि ये सारा खेल एवरशाइन नगर के किनारे खाली पड़ी जमीन के बिल्डर को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जबकि यही जमीन कभी मैंग्रोवस से भरी हुआ करती थी। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    भाजपा की दोहरी राजनीति से लोग परेशान

    खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा मुंबई अध्यक्ष तेजिंदर सिंह तिवाना एवरशाइन नगर के निवासियों की आवाज बनकर मालवनी कच्चा रोड़ और एवरशाइन नगर को जोड़ने वाले ब्रिज को तोड़ने की मांग कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर कहा जा रहा है कि इस ब्रिज पर बाइक सवारों की वजह से दुर्घटना का खतरा है। जबकि एक समाजसेवक को यह जानने की जरूरत है कि इस ब्रिज के कारण लाखों लोगों को सफर करने में सहूलियत मिलती है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो शहर में कोई भी किसी भी रोड़ और रास्ते को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन पर बैठ जाएगा और दूसरी तरफ अगर इस ब्रिज को तोड़ दिया गया तो लाखों लोगों को मालवनी से बाहर निकलने के लिए लंबा और ट्रेफिक से जाम का सफर तय करना पडेगा। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    आम लोगों ने क्या कहा?

    दूसरी तरफ लोगों का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी को मालवनी की जनता से कोई लेना देना नही है वो अपने फायदे के लिए कुछ भी कर सकती है। लेकिन हमारे इलाके के विधायक क्यों खामोश हैं। एक तरफ इसी ब्रिज को बनाने के लिए सरकारी खजाने का करोड़ों रूपया खर्च किया जाता है और दूसरी तरफ बेतूके कारण बता कर उसे तोड़कर आम लोगों का नुकसान किया जाता है। ये तो आम जनता के साथ सरासर अन्याय है। बता दें कि भाजपा के तेजिंदर सिंह तिवाना बेतूके कारण बताकर आंदोलन का इशारा दे रहे हैं। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    क्या है पूरा मामला?

    तेजिंदर सिंह ने बताया कि एवरशाइन नगर के निवासियों ने पुल पर अवैध रूप से बनाए गए रैंप को ध्वस्त करने के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम और मुंबई पुलिस को अल्टीमेटम देने का फैसला किया है। निवासियों ने इस पैदल यात्री पुल का उपयोग करने वाले दोपहिया वाहन सवारों के लिए खतरे पर चर्चा करने के लिए शनिवार शाम को एक सार्वजनिक बैठक का आयोजन किया। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    निवासियों द्वारा BMC और पुलिस को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि रैंप के कारण कई दुर्घटनाएँ हुई हैं, जिनमें से कई में वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं। निवासियों ने बाइकर्स को प्रवेश की अनुमति देने वाले रैंप को ध्वस्त करने, FOB पर बाइकर्स को इसका उपयोग करने से रोकने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को तैनात करने और बाइकर्स को पुल पर जाने से रोकने के लिए बोलार्ड लगाने की मांग की है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    विरोध प्रदर्शन की योजना

    निवासियों ने 20 जनवरी तक की समयसीमा तय की है, जिसके विफल होने पर वे एक बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं, जिसमें एवरशाइन नगर के निवासी और भाजपा कार्यकर्ता तजिंदर सिंह तिवाना द्वारा अनिश्चितकालीन अनशन भी शामिल है। बैठक में तिवाना ने कहा, “हमने इन अवैध रैंपों को गिराने के लिए बीएमसी और अन्य अधिकारियों को पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)

    समाज सेवकों से अपील

    इस ब्रिज को जबरन अगर प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। तो मालवनी और मालाड़ के लाखों समाजसेवकों और आरटीआइ कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि एवरशाइन से सटे रिक्त भूखंड पर क्या होने वाला है उस पर नजर बनाए रखें। बता दें कि इसके पहले यहाँ मैंग्रोवस की घनी झाडियां हुआ करती थी। कुछ साल पहले इसी ब्रिज के अचानक गिर जाने की वजह से काफी सारे लोग घायल हुए थे। उसी समय धडल्ले से यहा अवैध मिट्टी की भरनी कर मैंग्रोवस को नष्ट कर दिया गया। इस अवैध भरनी की शिकायत पर भरनी माफिया चौरसिया के खिलाफ मालवनी पुलिस थाने में एफआईआर भी दर्ज है। जबकि ध्यान देने बात यह है कि आज भी यहां मैंग्रोवस की झाड़ियां मौजूद है। (Why is it necessary to break the bridge connecting Malvani Kachha Road and Evershine?)