Category: BMC Updates

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  • Mumbai: BMC की नोटिस जारी होने के बाद पानी टैंकरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

    Mumbai: BMC की नोटिस जारी होने के बाद पानी टैंकरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

    Mumbai water supply tankers strike
    पानी सप्लाई टैंकर की फाइल तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने निजी कुओं के मालिकों को नोटिस जारी किया है। जिसके बाद गुरुवार को Mumbai Water Tanker Association ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर के निजी कुआ मालिकों को पानी सप्लाई से जुड़ी कुछ नियमों और शर्तों से संबंधित नोटिस जारी किया है। इसको लेकर मुंबई जल टैंकर संघ (MWTA) ने गुरुवार को शहर में पानी की आपूर्ति अनिश्चित काल के लिए रोक दी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    यह कदम टैंकरों को पानी की आपूर्ति करने वाले निजी कुओं के मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी नोटिस के विरोध में उठाया गया। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    टैंकर संघ ने क्या कहा?

    Mumbai Water Tanker Association के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि संघ के पास करीब 1,800 पंजीकृत टैंकर हैं, जिनकी क्षमता 500 से 20,000 लीटर की है। ये सभी टैंकर शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति करते हैं, जिसमें दक्षिण मुंबई के ऊंचाई वाले इलाके भी शामिल हैं। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    उन्होंने कहा कि सभी ने ‘अनिश्चितकालीन छुट्टी’ ले लिया है। साथ ही अपने कारोबार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    नोटिस में क्या कहा?

    शर्मा ने बताया कि बीएमसी अधिकारियों ने 200 वर्ग मीटर भूमि, कुएं के पट्टे या स्वामित्व का प्रमाण, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन, दैनिक जलग्रहण का सटीक माप और कुछ अन्य चीजों को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना अनिवार्य कर दिया है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    उन्होंने कहा, ‘मुंबई जैसे शहर में इन सभी नियमों को लागू करना मुश्किल है। जब तक सरकार इन शर्तों में कुछ ढील नहीं देती, टैंकर सेवाएं फिर से शुरू नहीं होंगी।’ (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    टैंकर कारोबार हुआ बंद

    उन्होंने कहा कि एमडब्ल्यूटीए ने अपने मुद्दों के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य प्राधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई उपनगरीय जिला संरक्षक मंत्री आशीष शेलार ने भी जल शक्ति बोर्ड को निजी कुओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के बारे में एक पत्र लिखा था, लेकिन उनके मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से लगातार नोटिस मिल रहे हैं। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

  • मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। अबतक किसी भी अवैध निर्माण के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार मुम्बई शहर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण के बढ़ते मुद्दे की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति गठित करेगी, राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधान परिषद को सूचित किया। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए मनपा अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    भ्रष्टाचार को बढ़ावा

    खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    समिति का गठण

    सामंत ने कहा, “मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठण किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “समिति का विवरण तैयार कर लिया गया है। जिसमें इसका दायरा और अधिदेश शामिल है, जल्द ही मिडिया के सामने साझा किया जाएगा।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    कहां हुआ है सबसे ज्यादा अतिक्रमण?

    कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

  • MHADA Mumbai Lottery: 12 लाख में 4700 घरों के लिए म्हाडा की बंपर लॉटरी

    MHADA Mumbai Lottery: 12 लाख में 4700 घरों के लिए म्हाडा की बंपर लॉटरी

    Mumbai MHADA Lottery Update: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। BMC अपने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को माहुल में सस्ते घर उपलब्ध करा रही है। घरों की कीमत लगभग 12 लाख रुपये है और इनकी बिक्री लॉटरी के माध्यम से होगी।आवेदन प्रक्रिया शुरू.. (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    मुंबई: दुनिया भर में सपनों के शहर या मायानगरी कहे जाने वाली मुम्बई में हर कोई अपना घर चाहता है, लेकिन मौजूदा घरों की कीमतों और महंगाई के कारण कई लोगों के सपने अधूरे रह जाते हैं। लेकिन, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कर्मचारियों का घर खरीदने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। बीएमसी के सफाई कर्मचारियों को उपनगरीय माहुल क्षेत्र में किफायती घर के लिए म्हाडा ने योजना बनाई है। इन मकानों के लिए जल्द ही लॉटरी निकाली जाएगी और आवेदन प्रक्रिया 17 मार्च से शुरू हो चुका है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    4700 मकानों के लिए लॉटरी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन म्हाडा के तहत अपने कर्मचारियों के लिए आवासीय लॉटरी आयोजित करने जा रहा है। बीएमसी के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाने वाले इन मकानों की कीमत 12 लाख रुपये होने वाली है। एक जानकारी के मुताबिक बीएमसी के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले इन 4700 मकानों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। इसके लिए 17 मार्च यानी सोमवार से ही आवेदन जमा किए जा सकेंगे। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    क्यों किया जा रहा है लॉटरी का आयोजित ?

    मुंबई के माहुल इलाके में 4700 घर बनाए गए हैं और इन घरों की कीमत 12.60 लाख रुपये है और इन घरों को लॉटरी के जरिए बेचा जाएगा। बीएमसी कर्मचारी अब इन मकानों के लिए आवेदन कर सकते हैं। पिछले कुछ दिनों से माहुल में 13,000 से अधिक मकान खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए बीएमसी ने म्हाडा के माध्यम से इन घरों के लिए लॉटरी आयोजित करने का निर्णय लिया है। काफी समय से खाली पड़े रहने वाले इन फ्लैटों के रखरखाव का खर्च नगर पालिका को उठाना पड़ता है, इसलिए इन फ्लैटों को कर्मचारियों को बेचने का निर्णय लिया गया है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं

    दरअसल मुंम्बई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के लिए ये घर बनाए थे। फिर इन्हें BMC को सौंप दिया गया था। अब BMC इन्हें अपने कर्मचारियों को बेचेगी। माहुल में बनी इन इमारतों में स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    BMC कर्मचारियों के लिए बड़ा अवसर

    यदि कोई कर्मचारी घर खरीदने के बाद उसे बेचना चाहे, तो वह पांच साल बाद ऐसा कर सकता है। यह योजना BMC कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अवसर है। मुम्बई जैसे महंगे शहर में अपना घर होना एक सपने जैसा है। BMC ने इस सपने को हकीकत में बदलने का रास्ता खोला है। यदि आप BMC कर्मचारी हैं, या आपके जानने वाले कोई BMC कर्मचारी हैं, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं। यह उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

  • मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई के सायन रेलवे स्टेशन के नजदीक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस मार्ग को जोड़ने वाला लगभग 110 साल पुराना ब्रिज तुटने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका इसकी जगह पुन:निर्माण के साथ पुल को चौडा भी करेगी। इस निर्माण कार्य मे होने वाली रोकावट को सुलझा लिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई: सायन के एलबीएस मार्ग को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जोड़ने वाला ब्रिज काफ़ी पुराना हो गया है। रेलवे ट्रैक के उपर से गुजने वाले इस ब्रिज के गिरने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके पुन:निर्माण का फैसला किया है। जबकि इस निर्माण कार्य मे एक सार्वजनिक शौचालय और कई पेड़ बांधा बन रही थी। हालांकि इन बाधाओं का निपटारा हो गया है। अब जल्द ही पुल को गिराने का काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई के सायन ब्रिज को गिराने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है, क्योंकि सार्वजनिक शौचालय, जो बाधा बना हुआ था, शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसे हटा दिया है। पुल के जमीनी स्लैब को हटाने का काम भी शुरू हो गया है, जिससे पुल को गिराने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। बाधा डालने वाले पेड़ों की छंटाई की अनुमति भी पहले से मिली हुई है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    आप को बता दें कि अगस्त 2024 में सायन ब्रिज को बंद करने के छह महीने बाद, चार पेड़ और एक शौचालय का स्ट्रक्चर तोडफोड प्रक्रिया में बाधा बन रहे थे। सूत्रों ने बताया कि अतिक्रमणकारी शौचालय के ऊपर रहकर समस्या पैदा कर रहे थे, लेकिन अब सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है और शौचालय के स्ट्रक्चर से बिजली कनेक्शन को भी हटा कर शौचालय के स्ट्रक्चर को गिरा दिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    50 करोड़ की लागत

    एक अधिकारी ने बताया, कि नीचे रेल यातायात को बाधित किए बिना स्ट्रक्चर को दो भागों में गिराया जा रहा है। ब्रिज को हटाने से पहले, रेलवे ट्रैक के दोनों ओर एक रिटेनिंग स्ट्रक्चर के साथ मजबूती से बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि ट्रैक पर कोई उल्लंघन न हो। तोडफोड का काम पूरा होने के 30 महीने बाद नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। रि-डेवलपमेंट के साथ-साथ एप्रोच रोड की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है, जिसे बीएमसी और रेलवे के बीच साझा किया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    कितना पुराना है ये ब्रिज?

    110 साल पुराना यह पुल ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड और धारावी रोड से जोड़ता है, जिसे कुछ साल पहले खतरनाक घोषित किया गया था। सायन रोड ब्रिज की आईआईटी ब्रिज ऑडिट रिपोर्ट में  2020 की शुरुआत में ही पुल की जर्जर स्थिति के बारे में चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था, कि इसे चलती रेल लाइनों के ऊपर लटकाए रखना बेहद खतरनाक है क्योंकि इसकी आयु समाप्त हो चुकी है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    अतिरिक्त रेलवे लाइन का निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) और बीएमसी संयुक्त रूप से पुल का पुन:र्निर्माण करेंगी और रेलवे क्षेत्र के नीचे कोई स्पैन नहीं होने से दो और रेल लाइनों के लिए जगह बनाई जाएगी, जो पांचवीं और छठी लाइनों का हिस्सा होने वाली है। रेलवे के हिस्से पर पुल की लंबाई 40 से बढ़ाकर 51 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किये जा रहे हैं। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    बनेगा आइलैंड प्लेटफॉर्म

    नई लाइनें बिछाने के लिए, मौजूदा सायन रेलवे स्टेशन को नई रेल लाइनों और प्लेटफार्मों को मिलाने के लिए थोड़ा पश्चिम की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। एलबीएस रोड के ठीक बगल में एक नया रेल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जबकि मौजूदा प्लेटफॉर्म जिस पर पुरानी हेरिटेज झोपड़ी खड़ी है, उसे एक आइलैंड प्लेटफॉर्म में बदल दिया जाएगा, जिसके दोनों तरफ ट्रेनें चलेंगी। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    फुट ओवरब्रिज का होगा निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले कुछ दिनों में बिजली के तारों को हटा दिया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए कुछ जमीन की आवश्यकता होगी। बीएमसी ने जमीन को पट्टे (किराए) पर दे दिया है और इस मुद्दे को सुलझाया जा रहा है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

  • महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने टेंडर जारी किया था जिसे 2026 में पूरे 5 साल होने पर 26 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने का निर्देश जारी किया है। मुम्बई के सात रास्ते को जोड़ने वाली है ये सबसे बड़ी परियोजना .. (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    मुम्बई: टेंडर जारी करने के पांच साल बाद बनकर तैयार होगा महालक्ष्मी और हाजी अली को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक परियोजना को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय की। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस परियोजना में एक केबल-आधारित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और एक फ्लाईओवर शामिल है जो इन दो बिंदुओं को शहर के सात रास्ता वाले सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन के साथ जोड़ेगा। इन दोनों पुल के सेंटर में सात रास्ता जंक्शन होने से महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच एक वी-आकार का रास्ता प्रदान करेंगा। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि “वर्तमान में, मौजूदा महालक्ष्मी पुल महालक्ष्मी से वर्ली हाजी अली तक पहुंचने का एकमात्र 100 साल पुराना लिंक है और वर्तमान यातायात भार के कारण पूरा मार्ग पूरे दिन भीड़भाड़ वाला रहता है। इसलिए, ये दो नए पुल न केवल महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच लापता लिंक कनेक्शन को पूरा करेगा, बल्कि सात रास्ता के साथ डायरेक्ट कनेक्ट भी  करेंगा।” (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    क्यों बनाया जा रहा है प्रोजेक्ट?

    दक्षिण मुंबई में यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, बीएमसी ने 2019 में मौजूदा महालक्ष्मी पुल से लोड को कम करने और महालक्ष्मी ईस्ट की ओर सात रास्ता तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें हाजी अली और महालक्ष्मी के बीच गायब लिंक को भी पूरा करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें देखा गया कि मौजूदा महालक्ष्मी पुल को ठोस विकल्प के बिना नहीं गिराया जा सकता। इसलिए बीएमसी ने इन दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 2020 में टेंडर निकाला गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    कैसी होगी योजना?

    केबल-रुका हुआ आरओबी ब्रिज महालक्ष्मी स्टेशन के पश्चिमी (West) हिस्से के पास केशव राव खद्ये मार्ग से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से पूर्व (East) की ओर गुजरेगा और फ्लाईओवर सात रास्ता से जुड़ेगा। चार लाईन लंबाई वाला यह आरओबी 803 मीटर लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 23 मीटर होगी, जबकि जमीन से ऊंचाई 63 मीटर होगी। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस बीच, दूसरा फ्लाईओवर सात रास्ता से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा और पश्चिम की ओर बढ़ेगा, अंत में महालक्ष्मी रेस कोर्स से सटे हाजी अली के पास डॉ. ई मूसा रोड के पास जुड़ जाएगा। यह फ्लाईओवर 639 मीटर लंबा होगा और इसमें चार वाहन लेन होंगे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पुल का संरेखण (Alignment) मौजूदा हरित क्षेत्र को न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    लगभग 500 करोड़ की लागत

    दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें केबल स्टे ब्रिज की लागत 400 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लागत 97 करोड़ रुपये है। अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय होने पर बुधवार सुबह पुल विभाग के वरिष्ठ बीएमसी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साइट का निरीक्षण किया। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज की नींव को सहारा देने के लिए 78 मीटर लंबा स्तंभ बनाया जाएगा और इस स्तंभ का निर्माण अगले सात महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुल के मुख्य मार्ग के शुभारंभ और निर्माण का कार्य भी एक साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण का मूल विचार विकास योजना (डीपी) 2034 मॉडल में रखा गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

  • Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक जीआर जारी कर पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मूर्तिकारों को फ्री परमीशन देने के साथ कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।

    मुम्बई: पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। माघी गणेशोत्सव में सार्वजनिक मंडलों द्वारा पीओपी की मूर्तियों को तलावों में विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण विवाद हुए। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए कुछ मंडलों को गणेश मूर्तियों का विसर्जन नहीं करने दिया। अब, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से शुरू होने वाले उत्सव में भी इसी प्रकार के प्रतिबंध लागू होने की संभावना जताई जा रही है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    कोर्ट के नियमों का असर

    मागी गणेशोत्सव के समान ही आगामी सार्वजनिक गणेशोत्सव पर भी कोर्ट के नियमों का असर देखा जाएगा। मुम्बई महानगरपालिका ने एक परिपत्रक (GR) जारी किया है, जिसमें आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव को पूरी तरह से पर्यावरण के मुताबिक मनाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत, मुम्बई में आगामी गणेशोत्सव में पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुमुम्बई महानगरपालिका ने यह निर्णय लिया है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    जुर्माने का प्रावधान ..

    परिपत्रक (Government Rules) के मुताबिक, पर्यावरण के अनुसार मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को मुफ्त में मंडप की अनुमति देगी। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर मंडप लगाने के लिए पिछले साल की अनुमति जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर गड्ढे खोदे गए, तो 2000 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    शर्ते लगाई गई है।

    मंडप के प्रवेश द्वार पर यह स्पष्ट रूप से दिखाना होगा कि यहां केवल पर्यावरण के मुताबिक मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही मूर्तियों के आकार में भी नियंत्रण रखा जाएगा ताकि विसर्जन और मूर्तियों की स्थापना में कोई परेशानी न हो। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

  • बम्बई हाईकोर्ट ने 65 इमारतों को तोड़ने का फैसला सूनाया, 3500 परिवार होंगे बेघर..

    बम्बई हाईकोर्ट ने 65 इमारतों को तोड़ने का फैसला सूनाया, 3500 परिवार होंगे बेघर..

    Bombay High Court On Kalyan Dombivli Bulldozer Action: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कल्याण डोंबिवली के 65 इमारतों पर एक साथ बुलडोजर चलाने का फैसला सूनाया है। इसमें रहने वाले लगभग 3500 परिवार अब बेघर होने वाले है। क्या है पूरा मामला आईये हम देखते हैं .. (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    Bombay High Court: गार्डन, मैदान और अस्पताल जैसे आरक्षित भूखंड पर अवैध इमारतों का मामला कल्याण, डोंबिवली में खूब गरमाया हुआ है। बम्बई हाईकोर्ट ने मुंबई से सटे कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका अंतर्गत आने वाली 65 इमारतों को तोड़ने का आदेश दे दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन एक साथ 65 अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रही है। वहीं 3500 परिवार के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    ये सभी अवैध इमारतें डोंबिवली पूर्व एवं पश्चिम के अलग-अलग भूखंडों में बनाई गई हैं। इनमें 35 भूखंड तो रिज़र्वेशन प्लाट थे जो गार्डन, मैदान और अस्पताल के लिए रिजर्व थे। बिल्डर्स में इन आरक्षित जमीनों पर अवैध इमारतों का निर्माण किया और इन्हें बेच दिया। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    नकली डॉक्यूमेंट के सहारे मिला लोन

    आरोप है कि कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी परमिशन लेटर बनाए गए और फर्जी नक्शे पास करवाए गए थे। इन फेक डॉक्यूमेंट के सहारे महारेरा अथॉरिटी से रेरा नंबर लेकर बैंक से होम लोन ग्राहकों को दिलवा दिए गए थे। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    कोर्ट में क्या हुआ?

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद इमारत में रह रहे लोग बेहद परेशान हो गए हैं। कोर्ट ने जब फैसला सूनाया तब वहां मौजूद सभी फ़्लैट धारकों की आंखों में आंसू थे। सबके हाथ में फ्लैट के कागजात थे, लेकिन फ्लैट्स अब उनके नहीं रहे। अब इन सभी 6500 लोगों का आशियाना छिनने वाला है। इसमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी हैं। डोंबिवली में एक-दो नहीं, बल्कि 3500 से ज्यादा फ्लैट के मालिक और उनका परिवार दुख और बेसहारों की जिंदगी जीने को मजबूर हो गया है। इनमें पीड़ितों की संख्या 6500 से ज्यादा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    कैसे हुआ खुलासा?

    मामला साल 2020 में सामने आया, जब पहली एफआईआर मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज हुई। 60 लोगों पर नकली दस्तावेज बनाकर अवैध तरीके 65 इमारतें से बनाने का आरोप लगा। इसी मामले में दूसरी एफआईआर साल 2022 में मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज की गई। इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद एसआईटी ने जांच कर एक तीसरी एफआईआर कल्याण पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

  • Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ विस्तार करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मुंबई: मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/साऊथ विभाग ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ के विस्तार करने के बीएमसी द्वारा निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एक मनपा अधिकारी के अनुसार, इस पहल से गोरेगांव और कांदिवली के बीच आवागमन का समय कम होने की उम्मीद है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    बांद्रा से बोरीवली को जोड़ता है SV Road

    एसवी रोड, शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो बांद्रा से लेकर बोरीवली तक को जोड़ता है। मूल रूप से 90 फुट चौड़ी सड़क के लिए डिज़ाइन किया गया था, अब यह पूरा हिस्सा कई अतिक्रमणों के साथ-साथ व्यापारिक और आवासीय भवनों से भर गया है। खासकर मालाड़ और कांदिवली के बीच एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयास में बीएमसी अधिकारियों को वर्षों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मालाड़ में भीड़ की समस्या

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने कहा, कि “मालाड़ एसवी रोड़ पर यातायात की भीड़ के कारण अक्सर वाहनों को संकरी और आंतरिक सड़कों पर कई किलोमीटर तक पीछे चलना पड़ता है। सड़क के किनारे कई संरचनाएं 40 से 50 साल पुरानी हैं, जिनमें से कुछ 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही

    अभियान के हिस्से के रूप में, बीएमसी, आर/साउथ वार्ड की टीम ने मंगलवार को 50 मजदूरों, दो जेसीबी और दो डंपरों की सहायता से पोइसर मस्जिद के पास एसवी रोड पर 30 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया है। एक बीएमसी अधिकारी ने कहा, “इन संरचनाओं की पात्रता पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। पात्र दुकानों के मालिकों को क्षेत्र के भीतर वैकल्पिक स्थान की पेशकश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैकल्पिक स्थान के बजाय इसे पसंद करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन मुआवजे का प्रावधान भी है।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    Mumbai kandivali BMC demolition news
    कांदीवली पश्चिम के पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही की तस्वीर

    इस बीच, सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 90 फीट है, लेकिन कुछ हिस्सों में सड़क केवल 40 से 50 फीट चौड़ी है, जिससे पीक आवर्स के दौरान रुकावटें आती हैं। हाल ही में, बीएमसी ने एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयासों के तहत मालाड़ में लगभग 100 साल पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया था। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

  • Mumbai: महालक्ष्मी मंदिर का 60 करोड़ रुपये की लागत से होगा नवीनीकरण

    Mumbai: महालक्ष्मी मंदिर का 60 करोड़ रुपये की लागत से होगा नवीनीकरण

    मुम्बई के प्राचीन मंदिरों में से एक महालक्ष्मी मंदिर को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण किया जाने वाला है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने धन आवंटित कर दिया था। अब कार्यान्वयन किया जाएगा। जानें मंदिर का इतिहास…  (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मुम्बई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) जल्द ही महालक्ष्मी मंदिर परिसर सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए कार्य आदेश जारी करेगा। इस परियोजना के लिए पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मार्च 2024 में 60 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर आयुक्त के पास है। स्वीकृति मिलते ही कार्य आदेश जारी कर दिया जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मुम्बई के सर्वाधिक प्राचीन धर्मस्थलों में से एक है महालक्ष्मी मंदिर। समुद्र के किनारे बी. देसाई रोड़ पर स्थित यह मंदिर अत्यंत सुंदर, आकर्षक और लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसे अब राज्य सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की लागत से नवीनीकरण कराया जाने वाला है। इसके लिए बीएमसी कमिश्नर के हस्ताक्षर बाक़ी है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास

    मंदिर का इतिहास अत्यंत रोचक है। अंग्रेजों ने जब महालक्ष्मी क्षेत्र को वर्ली क्षेत्र से जोड़ने के लिए ब्रीच कैंडी मार्ग को बनाने की योजना बनाई थी, तब समुद्र की तूफानी लहरों के चलते पूरी योजना खटाई में पड़ गई। उस समय देवी लक्ष्मी एक ठेकेदार रामजी शिवाजी के स्वप्न में प्रकट हुईं और उन्हें समुद्र तल से देवियों की तीन प्रतिमाएँ निकालकर मंदिर में स्थापित करने का आदेश दिया। रामजी ने ऐसा ही किया और ब्रीच कैंडी मार्ग का निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    मंदिर में तीन देवियों की प्रतिमा

    मंदिर के गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली और महा-सरस्वती तीनों देवियों की प्रतिमाएँ एक साथ विद्यमान हैं। तीनों प्रतिमाओं को सोने एवं मोतियों के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है। यहाँ आने वाले हर भक्त का यह दृढ़ विश्वास होता है कि माता उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करेंगी। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के सूत्रों के अनुसार, सौंदर्यीकरण का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मंदिर के ऐतिहासिक आकर्षण को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार होगा। इसके लिए राज्य सरकार ने धन मुहैया करा दिया है। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

    इन कामो को किया जाएगा

    • मंदिर से एक स्काईवॉक बनाया जाएगा
    • पार्किंग से मंदिर तक एक कनेक्टिंग ब्रिज बनाया जाएगा।
    • फुटपाथ और बाक़ी रास्तों को बेहतर बनाया जाएगा।
    • बेहतर आवागमन के लिए स्टॉल को पुनर्गठित किया जाएगा।
    • पैदल यात्रियों की आवाजाही को कुशलतापूर्वक प्रबंधित किया जाएगा।

    लेजर लाइट का इस्तेमाल

    मंदिर के आसपास लेजर लाइटिंग होगी। चूंकि महालक्ष्मी मंदिर एक हेरिटेज स्थल है, इसलिए काम शुरू करने से पहले मुंबई हेरिटेज कमेटी से मंजूरी ली गई। मिट्टी की जांच भी की गई। डिजाइन में मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला को संरक्षित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए क्षेत्र को बेहतर बनाया जाएगा। यह परियोजना प्रशासनिक मंजूरी के अंतिम चरण में है। बीएमसी कमिश्नर की मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai Mahalaxmi Temple will be renovated at a cost of Rs 60 crore)

  • Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    Mumbai News: मुम्बई में तंदूर भट्टियों पर लगी रोक, लाइसेंस होंगा रद्द

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कोयले से चलने वाले तंदूर भट्टियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। मुम्बई बीएमसी ने इस संबंध में होटलों, रेस्तरां और ढाबों को नोटिस भेजे हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) के आदेश के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने मुम्बई के होटलों, रेस्तरां और ढाबों में तंदूर रोटियां बनाने के लिए तंदूरी भट्टी मे कोयला और लकड़ी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसा नहीं है कि अब होटलों में आप को तंदूरी रोटी नही मिलेगी। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके लिए अलग-अलग होटल मालिकों और संचालकों को भट्टियों के विकल्प का सुझाव दिया है। दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्वयं इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद मुंबई महानगर पालिका की ओर से इस संबंध में कार्रवाई की जा रही है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    BMC का नोटिस जारी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने इस संबंध में सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों को नोटिस जारी कर दिया है। बीएमसी की इस कार्रवाई पर कुछ होटल मालिकों ने नाराजगी जताई है। कुछ लोगों का कहना है कि लकड़ी और कोयले की भट्टियां बंद करने से तंदूरी रोटी का स्वाद बदल जाएगा। हालांकि अदालत के आदेश के अनुसार, अब तंदूरी कोयला भट्टियों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    बीएमसी ने नोटिस में क्या कहा?

    बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद बीएमसी ने कोयला और लकड़ी के भट्टियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। बीएमसी ने कोयले से चलने वाले तंदूर ओवन का उपयोग करने वाले रेस्तरां, होटल और ढाबों को नोटिस जारी किया है। रसोईघर में कोयले से चलने वाली भट्टियों के स्थान पर बिजली उपकरण, सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी ईंधन का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)

    लायसेंस होगा रद्द ..

    बीएमसी ने होटल संचालकों को 7 जुलाई तक कोयला और लकड़ी से चलने वाले तंदूर ओवन को इलेक्ट्रिक उपकरणों में बदलने का निर्देश दिया है। बीएमसी ने नोटिस में चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय का पालन नहीं किया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। खास कर नोटिस में यह भी बताया गया है कि ऐसा नहीं किए जाने पर लायसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ऐसे में होटल मालिकों के पास बीएमसी के आदेशों का पालन करने के अलावा अब कोई विकल्प नहीं रह गया है। (Ban on tandoor furnaces in Mumbai, license will be canceled)