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मुंबई में लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने चार लंबी दूरी की ट्रेनों का टर्मिनल CSMT से लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) शिफ्ट करने की मंजूरी दी है।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में सबसे व्यस्त कुर्ला–छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) रेल कॉरिडोर की भीड़ कम करने की दिशा में रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है। चार लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का टर्मिनल अब लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) किया जाएगा। इस बदलाव से लोकल ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ट्रेन पाथ उपलब्ध होंगे और खासतौर पर पीक आवर्स में लोकल सेवाओं की समयपालन क्षमता बेहतर होने की उम्मीद है।
किन ट्रेनों का टर्मिनल बदला जाएगा
रेलवे बोर्ड ने जिन चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं:
22629 दादर–तिरुनेलवेली एक्सप्रेस
16331 CSMT–तिरुवनंतपुरम (TVC) एक्सप्रेस
16351 CSMT–नागरकोइल (ईस्ट) एक्सप्रेस
16339 CSMT–नागरकोइल (वेस्ट) एक्सप्रेस
इन ट्रेनों के CSMT तक आने-जाने से कुर्ला–CSMT सेक्शन पर दबाव बढ़ता था।
क्यों जरूरी था यह फैसला
रेलवे अधिकारियों के अनुसार कुर्ला–CSMT रूट मुंबई रेल नेटवर्क का सबसे ज्यादा सैचुरेटेड सेक्शन है। इसी रूट पर लंबी दूरी की ट्रेनें और लगातार चलने वाली लोकल ट्रेनें एक ही सीमित लाइन क्षमता साझा करती हैं। जब कोई मेल या एक्सप्रेस ट्रेन देरी से आती है, तो उसका सीधा असर लोकल ट्रेनों पर पड़ता है। कई बार लोकल को रोकना या धीमा करना पड़ता है, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है।
लोकल ट्रेनों को क्या होगा फायदा
चार ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने से CSMT की ओर जाने वाली मेल-एक्सप्रेस मूवमेंट कम होगी। इससे:
लोकल ट्रेनों के लिए स्थिर और नियमित टाइम स्लॉट मिलेंगे
पीक आवर्स में ट्रेन रेगुलेशन कम करना पड़ेगा
देरी का “रिपल इफेक्ट” घटेगा
लोकल सेवाओं की पंक्चुअलिटी सुधरेगी
रेलवे का मानना है कि इससे बिना बड़े निर्माण कार्य के ही लोकल सिस्टम को राहत मिल सकेगी।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक मुंबई डिवीजन में लंबे समय से यह अध्ययन चल रहा था कि लंबी दूरी की ट्रेनों का बेहतर बंटवारा कैसे किया जाए। CSMT पर ज्यादा दबाव होने के कारण कुछ ट्रेनों को LTT जैसे बड़े टर्मिनल पर शिफ्ट कर ऑपरेशनल बैलेंस बनाया जा रहा है। इससे दोनों टर्मिनलों की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता का सही इस्तेमाल हो सकेगा।
कब से लागू होगा बदलाव
फिलहाल रेलवे ने केवल सैद्धांतिक मंजूरी दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेबलिंग, क्रू लिंक, प्लेटफॉर्म आवंटन और यात्रियों की सूचना व्यवस्था जैसे ऑपरेशनल इंतजाम पूरे होने के बाद ही इसकी तारीख घोषित की जाएगी। यात्रियों को समय रहते संशोधित शेड्यूल और प्लेटफॉर्म की जानकारी दी जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. कितनी ट्रेनों को LTT शिफ्ट किया जा रहा है? 👉 कुल 4 लंबी दूरी की मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को LTT शिफ्ट करने की मंजूरी मिली है।
Q2. क्या इससे लोकल यात्रियों को फायदा होगा? 👉 हां, कुर्ला–CSMT रूट पर भीड़ कम होने से लोकल ट्रेनों की समयपालन बेहतर होगी।
Q3. बदलाव कब से लागू होगा? 👉 अभी तारीख घोषित नहीं हुई है, ऑपरेशनल तैयारी के बाद रेलवे इसकी घोषणा करेगा।
मुंबई के Borivali में एक ज्वेलर से नकली सोने की ईंटें देकर ₹1.60 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है। एलटी मार्ग पुलिस ने हैदराबाद के ज्वेलर समेत दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
मुंबई: बोरीवली इलाके में रहने वाले एक ज्वेलर के साथ ₹1.60 करोड़ की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नकली गोल्ड बार देकर असली सोना हड़पने वाले दो आरोपी फिलहाल फरार हैं। एलटी मार्ग पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
💎 Borivali के ज्वेलर के साथ कैसे हुई ठगी?
पीड़ित ज्वेलर का नाम अजय धरमजी वाया है, जो बोरीवली में “कृषा आर्ट” नाम से ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग का कारोबार करते हैं। अजय लंबे समय से सुरेश वैष्णव नाम के सप्लायर से सोना खरीदते थे, जो हैदराबाद का रहने वाला बताया जा रहा है।
🤝 भरोसे का खेल और नई पहचान
पिछले साल अक्टूबर महीने में सुरेश वैष्णव ने अजय वाया की पहचान रामलाल गुर्जर से करवाई। गुर्जर ने सस्ते और फायदे वाले गोल्ड डील्स का लालच दिया।
शुरुआत में:
एक लेन-देन सही तरीके से हुआ
असली गोल्ड बार दिए गए
भरोसा मजबूत हो गया
इसी भरोसे के चलते आगे बड़ा सौदा किया गया।
📦 21 अक्टूबर का सौदा, फिर 25 दिसंबर की ठगी
21 अक्टूबर को अजय ने 👉 1.8 किलो सोने के मंगलसूत्र रामलाल को भेजे 👉 बदले में असली गोल्ड बार मिले
लेकिन 25 दिसंबर को 👉 अजय ने 2,045 ग्राम सोने के गहने, कीमत करीब ₹1.60 करोड़, 👉 सुरेश वैष्णव के जरिए होटल में एक्सचेंज के लिए भेजे
होटल में वैष्णव ने दो गोल्ड बार दिए, लेकिन जांच में वे पूरी तरह नकली निकले।
शिवसेना नेता संजय राउत को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया; कुर्ला में ऑटो स्पेयर हब में भीषण आग; तमिलनाडु ने Coldrif कंपनी की लाइसेंस रद्द की; बिकानेर, गुड़गाँव, कोयंबटूर, प्रयागराज, कानपुर और दिल्ली से ताज़ा अपडेट्स — पढ़िए शहरवार पूरा हाल।
संजय राउत अस्पताल में भर्ती
शिवसेना नेता संजय राउत को आज मुंबई के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। वे पिछले हफ़्ते एंजियोग्राफी करवा चुके थे और छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) यात्रा के दौरान असहज महसूस करने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तनाव और रूटीन मॉनिटरिंग की बात कही है; उनकी हालत फिलहाल निगरानी में बताई जा रही है।
मुंबई — कुर्ला वेस्ट में ऑटो स्पेयर पार्ट्स हब में बड़ी आग
कुर्ला आगजनी की तस्वीर
कुर्ला (वेस्ट) के कपाडिया नगर के पास सुबह-सुबह ऑटो स्पेयर पार्ट्स की दुकानों और गोदामों में आग लगी। आग करीब 3,000 वर्ग फुट तक फैली और 15–20 दुकानें/यूनिट प्रभावित हुईं; दमकल ने काफी प्रयास कर आग पर काबू पाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक आसपास के कुछ रिहायशी ब्लॉक्स में लोगों को सुरक्षित निकाला भी गया।
तमिलनाडु — Coldrif कफ सिरप निर्माता कंपनी की लाइसेंस रद्द, फैक्टरी बंद
तमिलनाडु सरकार ने Coldrif (Sresan Pharmaceuticals) के मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और कंपनी को बंद करने का आदेश दिया है। यह कदम तब आया जब Coldrif से जुड़े मामलों की जांच और सुरक्षा चिंताओं के बाद प्रशासन ने कड़ाई दिखाई। मामलों की जांच और कानूनन कार्रवाई जारी है।
राजस्थान (बिकानेर) — कार-ट्रक टक्कर, आग लगने से 2 की मौत
राजस्थान सड़क हादसे की तस्वीर
बिकानेर के रायसर के पास भारत-माला रोड पर एक कार और ट्रक की टक्कर के बाद कार में आग लग गई। घटना में दो लोगों की मौत हुई; मौके पर बचाव व जांच जारी है। स्थानीय पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है।
गुड़गाँव (गुरुग्राम) — निर्माण साइट पर लोहे की छड़ों के नीचे दबकर 21 वर्षीय मजदूर की मौत
गुडगाँव हादसे की तस्वीर
DLF-3 के पास Ambience Mall के नज़दीक एक निर्माण साइट पर ट्रेलर के टकराने से लोहे की छड़ें गिर गईं और एक 21 साल के मजदूर की मौत हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
कोयम्बटूर/वल्पाराई — जंगली हाथी का हमला, दादी और नन्ही बच्ची की दर्दनाक मौत
कोयंबटूर
वल्पाराई (कोयम्बटूर) के पास एक जंगली हाथी ने मजदूर क्वार्टर में घुसकर हमला किया — इसमें दादी और 2 साल 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन स्थिति नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं; कुमकी हाथियों को तैनात करने जैसी कार्रवाई शुरू की जा रही है।
प्रयागराज (प्रयागराज) — दारियाबाद इलाके के गोदाम में आग
प्रयागराज आगजनी की तस्वीर
प्रयागराज के दारियाबाद इलाके में एक गोदाम में आग लगी; दमकल मौके पर रवाना हुई और आग बुझाने का कार्य जारी है। अभी सूचना के मुताबिक बचाव कार्य जारी है और कोई बड़ी हानी की पुष्टि होना बाकी है।
कानपुर — कपड़े के गोदाम में आग का ताज़ा दृश्य
कानपुर आगजनी की तस्वीर
कानपुर में भी एक कपड़ा गोदाम में आग लगने की खबर है — स्थानीय दमकल टीम आगजनी पर काबू पा रही है और जांच जारी है। सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, प्रशासनized कार्रवाई में जुटा है।
हैदराबाद — बारिश अलर्ट और सुरक्षित ड्राइविंग के निर्देश
हैदराबाद व आसपास के ज़िलों के लिए IMD ने बारिश/थंडरस्टॉर्म अलर्ट जारी किया है; यात्रियों को धीमी गति से चलने, हेडलाइट ऑन रखने और अचानक ब्रेकिंग से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आवश्यक सतर्कता के निर्देश जारी किए हैं।
दिल्ली — AQI बढ़ा, सर्दी ने पकड़ा रुख — स्वास्थ्य सावधानियाँ जरूरी
दिल्ली की तस्वीर
दिल्ली में सर्दी के शुरुआती असर के साथ वायु गुणवत्ता ‘Moderate’ श्रेणी में बनी हुई है; शाम तक AQI ~160–185 के बीच रिपोर्ट हुईं। नागरिकों को मास्क/बच्चों-बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
संक्षेप — क्या देखें और किससे सावधान रहें
अगर आप अस्पताल या राजनैतिक कार्यक्रम से जुड़े हैं — संजय राउत के स्वास्थ्य अपडेट के लिए आधिकारिक बयान और फोर्टिस की प्रेस नोट देखें।
बारिश वाले इलाकों में सड़क सुरक्षा अपनाएँ: धीमी ड्राइव, हेडलाइट, दूरी बनाये रखें।
जहरीले या संदिग्ध दवाओं/कफ़ सिरप के मामलों पर ध्यान दें — संबंधित कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Quick, clear answers)
Q1: संजय राउत की हालत अभी कैसी है? A: अस्पताल रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें मॉनिटर किया जा रहा है और हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है; आगे की मेडिकल रिपोर्ट फोर्टिस या उनके ऑफिस द्वारा जारी की जाएगी।
Q2: कुर्ला आग में कितने दुकान/यूनिट प्रभावित हुए? A: शुरुआती रिपोर्ट्स में लगभग 15–20 यूनिट/दुकानों के प्रभावित होने और करीब 3,000 वर्ग फुट तक आग फैलने की बात सामने आई है। दमकल ने घटना पर काबू पाया।
Q3: Coldrif के मामले में क्या कार्रवाई हुई? A: तमिलनाडु सरकार ने Coldrif निर्माता Sresan Pharmaceuticals की मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस रद्द कर कंपनी को बंद करने का आदेश दिया है; मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Q4: गुड़गाँव और बिकानेर हादसों में क्या कारण बताये जा रहे हैं? A: शुरुआती रिपोर्ट्स दुर्घटनात्मक कारणों को दर्शाती हैं — गुड़गाँव में ट्रेलर-टकराव से लोहे की छड़ें गिरने से मजदूर दबा; बिकानेर में कार-ट्रक टक्कर के बाद आग लगी। दोनों जगह जांच जारी है।
Q5: दर्शकों के लिए क्या सावधानी? A: आग या सड़क हादसे वाले इलाकों से दूरी रखें, मौसम अलर्ट पर अमल करें (हैदराबाद), और संवेदनशील लोगों (बच्चे/बुजुर्ग) के लिए AQI/हवा की रिपोर्ट देखें।
कैनरा बैंक ने 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका है ₹15,000 मासिक स्टाइपेंड और बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का। आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।
डिजिटल डेस्क मुंबई: अगर आप हाल ही में ग्रेजुएशन पूरी कर चुके हैं और बैंकिंग सेक्टर में अपना करियर शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। Canara Bank ने पूरे भारत में 3500 अप्रेंटिस पदों के लिए भर्ती निकाली है। यह मौका सिर्फ एक साल का अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम नहीं, बल्कि एक सुनहरा गेटवे है बैंकिंग सेक्टर में करियर की शुरुआत का।
प्रोफाइल 100% पूरी करें और एनरोलमेंट नंबर प्राप्त करें।
कैनरा बैंक की वेबसाइट पर जाएं – [canarabank.com → Careers → Recruitment]
“Engagement of Graduate Apprentices 2025” लिंक पर क्लिक करें।
“New Registration” पर जाकर बेसिक जानकारी भरें।
आवेदन फॉर्म भरें और सभी दस्तावेज़ अपलोड करें।
₹500 फीस ऑनलाइन पे करें (General/OBC/EWS के लिए)।
फाइनल सबमिट कर आवेदन प्रिंट निकाल लें।
आवेदन शुल्क (Application Fees)
कैटेगरी
फीस
SC/ST/PwBD
NIL
General/OBC/EWS
₹500/-
FAQ
1- कैनरा बैंक अप्रेंटिस भर्ती 2025 के लिए आवेदन कब तक कर सकते हैं? आवेदन की आखिरी तारीख 12 अक्टूबर 2025 है।
2- इस भर्ती के लिए परीक्षा होगी या नहीं? नहीं, चयन मेरिट (12वीं/डिप्लोमा मार्क्स) के आधार पर होगा।
3- क्या अप्रेंटिस को परमानेंट नौकरी मिलेगी? यह एक साल का अप्रेंटिस प्रोग्राम है, लेकिन प्रदर्शन अच्छा होने पर भविष्य में स्थायी अवसरों की संभावना बढ़ सकती है।
4- स्टाइपेंड कितना मिलेगा? कुल ₹15,000 प्रति माह — जिसमें ₹10,500 बैंक और ₹4,500 सरकार की तरफ से मिलेगा।
5- कौन आवेदन नहीं कर सकता? जिनके पास पहले से एक साल से ज़्यादा का जॉब अनुभव है या जिन्होंने पहले अप्रेंटिसशिप की है, वे आवेदन नहीं कर सकते।
दुनिया की निगाहों में भारत की गवाही और भारत के बीच हुए लगातार आतंकी हमलों पर विदेश नीति और संसद में खड़े होकर छपरी और टपरी जैसे भाषण कि “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” और पाकिस्तानी हमले पर ट्रम्प का सीजफायर। भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत ही नहीं दे पा रहा।
डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र चल रहा। बिहार में वोट काटने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा। रोहिंग्या बांग्लादेश और नेपाली के नाम पर लाखों नाम काट डाले गए। blo लोगों के घर जाकर सत्यापन करने की जगह ऑफिस में बैठकर फॉर्म में नाम लिखकर खुद ही वोटर के हस्ताक्षर कर रहे। विपक्षी उनके वोटरों के नाम काटने के आरोप लगाए। पत्रकार अजीत अंजुम ने मोबाइल द्वारा चुनाव आयोग के खेल को सबूत सहित सार्वजनिक किया तो उनपर एफआईआर कर दी गई यानी सच दिखाने का दंड दिया गया।
लोकतंत्र का हिस्सा
संसद में ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा में सत्ता विपक्ष में वाक्युद्ध चल ही रहा था, कि सीजफायर की भी बात हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 25 बार कहे गये वक्तव्य, कि “हमने ट्रेड की धमकी देकर युद्ध रुकवा दी।” पर विपक्ष ने हमला बोला। यही जीवंत लोकतंत्र है। ट्रंप ने खुद अपने एक्स हैंडल पर शाम 5.35 पर सीजफायर की घोषणा की। भारत की तरफ से नहीं। संसद में सत्ता ने उत्तर नहीं दिया। विपक्ष मांग करता रहा कि पीएम आकर कहें कि ट्रंप ने वॉर नहीं रुकवाई। रक्षामंत्री ने कहा पीओके लेना हमारा मकसद नहीं फिर भाजपा ने बार बार कांग्रेस और नेहरू पर आरोप क्यों लगाए?
संसद में होती है गुंडो की भाषा
पहलगाम में कथित तौर पर पाकिस्तानी आतंकी आए और धर्म पूछकर मारा जिसके प्रमाण नहीं। संसद के मानसून सत्र के समय ही सेना ने घोषित किया कि मुठभेड़ में सारे आतंकी मारे गए। इससे पूर्व जिन कथित आतंकियों के स्क्रेच जारी किए गए गवाह ने उसे गलत कहा। अहम बात यह कि सत्ता के दंभ में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “पहले मुझसे निपटो फिर मोदीजी का नाम लो।” क्या ऐसे स्पीकर और राज्यसभा के सभापति सदन की मर्यादा बचाने की कोशिश करेंगे? “मुझसे निपट लो।” क्यों भाई पीएम हो क्या? ऐसी भाषा किसी गली का गुंडा या फिर माफिया ही बोल सकता है। लेकिन विपक्ष को टोकने वाले सत्ता की असंसदीय भाषा की अनसुनी करते हुए पद की गरिमा खो चुके हैं।
मोदी सरकार वर्तमान में अपने से संबंधित बात पर चर्चा करने से भागती है। मोदी दिल्ली में ही है लेकिन सदन में आ नहीं सकते। ऐसा मणिपुर मामले में किया था। अंतिम समय में आए भी तो क्या कुछ कहा दुनिया जानती है। प्रधानमंत्री होने के नाते कभी मणिपुर गए ही नहीं। इसी तरह उरी, पठानकोट, पुलवामा और पहलगाम भी नहीं गए। यह सही है कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। 27 भारतीयों को जान गंवानी पड़ी। विपक्ष सवाल पूछता रहा, सवा सौ किलोमीटर दूर पाकिस्तानी आतंकवादी कैसे आए? लोगों से कथित रूप से धर्म पूछा। पेंट खुलवाकर देखा कौन सा धर्म है। बीजेपी के मंत्रियों में तनिक भी विधवा हुई महिलाओं के प्रति सम्मान भाव नहीं देखा गया। बड़ी बेशर्मी से कहा गया, महिलाओं में वीरांगना भाव नहीं था। एक ने तो कर्नल सोफिया के लिए आतंकवादियों की बहन तक कह दिया। यही है इनका सेना के प्रति सम्मान भाव।
कांग्रेस पर सवाल उठाने का नतीजा
अब सेशन में ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल जवाब हो रहे हैं। इसी बीच उन दरिंदे आतंकवादियों को सेना द्वारा मुठभेड़ में मारे जाने की बात कही गई। यहां टाइमिंग का सवाल जरूर उठता है। विपक्ष के प्रधान की पुलवामा में उपयुक्त आरडीएक्स कहां से आया सत्ता के पास कोई उत्तर है ही नहीं। कांग्रेस फोबिया से पीड़ित बीजेपी सरकार ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया। मुंबई आतंकी हमले का आरोप लगाकर अपने आरोप ढकने और जायज़ ठहराने की नाकाम कोशिश की। जिस पर प्रियंका गांधी ने आड़े हाथों लेते हुए जवाब दिया। मुंबई हमले के सारे आतंकियों को भून दिया गया। एक जीवित आतंकी कसाब को पकड़कर फांसी दी गई। जिसे दुनिया ने देखा और भारत के साथ पूरी दुनिया खड़ी दिखाई दी। आतंकवाद की सर्वत्र आलोचना की गई।
यही नहीं कांग्रेस में दायित्वबोध जवाबदेही होने के कारण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया और गृहमंत्री ने खुद को दोषी समझकर इस्तीफा दे दिया। लेकिन यह भूल गई प्रियंका कि बीजेपी में दायित्व बोध जवाबदेही और इस्तीफा देने की समझ है ही नही। अगर नैतिकता होती तो मणिपुर मामले में इस्तीफा दिया गया होता। उरी, पठानकोट और पुलवामा की असफलता पर इस्तीफे की झड़ी लग गई होती। प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन से इस्तीफा मांगने वाले क्यों नहीं अपने गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने की मांग करते?
सरकार ने दिया सेना को धोखा
इस्तीफा तो विदेश मंत्री को भी देना चाहिए था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के पूर्व पाकिस्तान को सूचना दे दी, जिससे हमारे विमान मार गिराए गए। पीएम मोदी से इस गलत बयानी और प्रचार पर इस्तीफा मांगते कि उन्होंने दावा किया था सेना को खुली छूट दी है समय और स्थान सेना तय करे जबकि फौजी अधिकारियों ने बार बार मोदी के दावे की पोल खोली है। यही नहीं एयर मार्शल भी कह चुके हैं कि “जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो वादा क्यों करते हो?”
आज तक सत्ता का कोई भी उन मारे गए पर्यटकों के घर जाने की जरूरत नहीं समझी जब कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जाकर उनके जख्मों पर मरहम लगा चुके हैं। राहुल गांधी की राजनीति सर्व ग्राही है। इसीलिए वे मणिपुर जाकर पीड़ितों के ज़ख्म सहला चुके हैं उनके विपरीत पीएम मोदी शहीदों के नाम पर वोट ही नहीं मांगे बल्कि कानून नियम के विरुद्ध सेना की वर्दी पहनकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का श्रेय लेते हुए अपनी फोटो डालकर पोस्टर चिपकवा चुके हैं। पाकिस्तान के दो टुकड़े करने और 95 हजार सैनिकों के आत्मसमर्पण की सफलता का श्रेय लेने की कोशिश इंदिरा गांधी ने कभी भी नहीं की।
टैक्स का बोझ सुविधा के नाम पर भ्रष्टाचार
दरअसल हिंदू-मुस्लिम कर चुनाव आयोग द्वारा छल कपट और गलत काम कराकर चुनाव जीतना ही मोदी का एकमात्र लक्ष्य है। फर्जी वोटर बढ़वाकर हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली चुनाव जीतने के बाद बिहार में वोटरों को बाहर करने का खेल चुनाव आयोग खेल रहा है। मोदी सरकार अपने 11 साल के शासन में किए गए कार्य पर वोट मांगने की हिम्मत कर ही नहीं सकते। क्योंकि किसान, मजदूर, युवाओं, छात्रों, गृहिणियों के जीवन को दूभर बना दिया है। टैक्स का इतना भार दुनिया के किसी भी देश में नहीं है। सुविधा के नाम पर सर्वत्र भ्रष्टाचार ही हुआ है।
सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे ताकि गरीबों के बच्चे पढ़ न सकें। परीक्षा में अनियमितता के विरोध में छात्र हितों के खातिर जब शिक्षक दिल्ली में रैली कर रहे थे तब पुलिस द्वारा शिक्षकों को घसीट कर बस में जबरन बिठाकर दूर ले जाकर छोड़ा गया। इस कार्य में दिल्ली पुलिस सिद्धहस्त है, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी से न्याय मांगने महिला पहलवान जब दिल्ली के जंतर मंतर पर रैली निकाले हुए धरने पर बैठी थी तब भी अमित शाह के आदेश पर उन्हें घसीटा और बसों में जबरन लादकर दूर ले जाकर छोड़ा गया था।
विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने दावा?
दिल्ली पुलिस वही है जो हाईकोर्ट के जस्टिस वर्मा के घर आग लगने से जली झुलसी नोटो की गाड़ियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं कर सकी। जांच करना तो बड़ी दूर की बात, जिस राष्ट्र में शिक्षकों को अपमानित किया जाए। उन्हें घसीटकर बसों में ठूंसा जाए। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर चालीस पचास लाख रुपयों में बेचा जाए। सड़कें पहली ही बरसात में बहने लगें। पुल बनते समय या उदघाटन के पहले ही जल समाधि लेने लगें। ये सारे करतूतें भ्रष्टाचार सामने दिखता ही नहीं बल्कि चीख-चीख कर बोलता भी है। उस देश को वहां की सरकार जो विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था होने का दावा करे, जहां की अस्सी करोड़ जनता को गरीबी रेखा से नीचे रखने का षडयंत्र रचा जाए, क्या कहा जा सकता है?
ऐसी विदेशनीति को क्या कहा जाए कि अरबों रुपए जनता के पैसे फूंककर विश्व की यात्रा की जाए। लेकिन पाकिस्तान युद्ध के समय दुनिया का एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आए। अमेरिका का राष्ट्रपति धमकी देता रहे। राष्ट्र को अपमानित करता रहे लेकिन सत्ता में हिम्मत नहीं जो कह सके ट्रंप झूठ बोल रहा है। उसी ट्रंप ने रूस से तेल खरीदना बंद करा दे जबकि हमारा पड़ोसी चीन अमेरिका के आंखों में आँखें डालकर जवाब देता हो। सबसे विश्वसनीय देश रूस को भी दूर कर दे ऐसी विदेशनीति जो अमेरिका की गोद में बैठी हो क्या कहा जाएगा?
दुनिया की निगाहों में भारत?
भारत ने डेलिगेशन भेजे बताने के लिए कि पाकिस्तान ने पहलगाम में आतंकी हमला करके 27 बेकसूरों को गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके लिए जीरो टॉलरेंस अपनाकर हमने पाकिस्तानी आतंकवादियों के अड्डों पर सीमित हमले कर सौ आतंकियों को मार गिराया। लेकिन कोई राष्ट्र यकीन नहीं कर रहा। क्योंकि हमारे पास कोई सबूत नहीं जैसा कि मणिशंकर ने कहा है जिसका अर्थ दुनिया समझती है भारत ने स्वार्थवश खुद हमला कराया होगा जिससे सबूत नहीं दे पा रहा। मुंबई हमले में कसाब को जिंदा सबूत दिखाया गया था। यानी पाकिस्तानी आतंकवाद की गुहार कोई सुनने के लिए तैयार नहीं उलटे ट्रंप हम पर 25% टैरिफ और रूस से तेल खरीदने पर 100% पेनल्टी लगाने की घोषणा कर दी। संसद में भले दावा किया गया हो कि पाकिस्तानी आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। दुनिया की निगाहों में भारत झूठ बोल रहा।
ज्यादा पैसों की लालच में बिहार का कपड़ा व्यापारी मुंबई के मालवनी में ड्रग्स की तस्करी करते गिरफ्तार। बताया कि आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से लाया था ड्रग्स
मुंबई: मालाड़ पश्चिम के मालवनी पुलिस ने लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये के गांजा नामक नशीले पदार्थ के साथ बिहार के कपड़ा व्यापारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप हैं कि 48 वर्षीय परवेज़ अहमद अमिरुद्दीन सैय्यद लगभग 6 किलो 398 ग्राम गांजा लेकर मालवनी में किसी को बेचने आया था। पुलिस को उसके हाल-चाल पर संदेह हुआ तो आरोपी के लाले पड़ गए।
पुलिस का संदेश और खुल गया राज
मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र रघुनाथ नागरकर ने बताया, कि शुक्रवार 4 जुलाई को मालवनी गेट नंबर 1 के पास लगभग शाम 4 बजे के करीब जनकल्याण नगर के रोड़ पर जब पुलिस हमेशा की तरह गश्त लगा रही थी, तो पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे को इस व्यक्ति पर संदेह हुआ, वह अपनी थैली में कुछ लिपट कर यहां वहां घूम रहा था। पहले तो पुलिस ने इग्नोर किया। लेकिन जब गाड़ी घुमाकर वापस उसकी तरफ देखा तो उसे पसीने छूटने लगे। ताबड़तोड़ पुलिस को पूरा यकीन हो गया, कि हो न हो लेकिन कुछ तो गडबड है।
गांजे की महक ने खोले राज
जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ दीपक हांडे ने बताया, कि जब हमने उसे बुलाकर पूछताछ की तो वो हडबडाने लगा और जब सामान की तलाशी ली तो कहने लगा साहब ये खाद है। ये खेती के लिए इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस ने कहा, कि गांजा और उसकी महक तुरंत पहचान में आ गई। हमने इसकी सूचना पुलिस निरीक्षक रकमजी को दी और पुलिस थाने ला कर पूछताछ की तो सारा हकीकत सामने आ गया। हांडे ने बताया कि पुलिस निरीक्षक रकमजी मार्गदर्शन में अपराध दर्ज किया।
पुलिस ने जब थाने लेजाकर पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी बिहार का रहने वाला है और वहां भोजपुर जिले के संदेश तालुका में कपड़े का व्यापार करता है। ज्यादा पैसे कमाने के लालच में उसने आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम से मुंबई में गांजा बेचने के लिए आया था। पुलिस अब यह पता करने मे जुटी है कि इस आरोपी से मुंबई में कितने लोगों का संपर्क था और क्या इसने इससे पहले भी ऐसी तस्करी की है। पुलिस आंध्रप्रदेश के विशाखापटनम भी जाने की तैयारी कर रही है।
राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश
मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं।
बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग
वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।
केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है।
ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।
उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है।
Hyderabad Mumbai ED Raid: ईडी ने हैदराबाद मुंबई और के 13 ठिकानों पर छापामारी करते हुए अबतक 32 करोड़ रुपए से अधिक के बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। वसई विरार शहर महानगरपालिका के डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के कई ठिकानों पर रेड हुई है।
मुंबई/हैदराबाद: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार कोवसई विरार शहर महानगर पालिका से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के घरों में रेड कर करोड़ों रुपये के अचल संपत्तियों का खुलासा किया है। डिपार्टमेंट ने कथित अवैध भूमि विकास और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की चल रही जांच के तहत मुंबई और हैदराबाद के 13 ठिकानों पर छापेमारी के बाद 32 करोड़ रुपए से अधिक की बेहिसाब संपत्ति जब्त की है। धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत 14 और 15 मई को की गई छापेमारी में 9.04 करोड़ रुपए नकद और लगभग 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के हीरे जड़ित आभूषण और सोना बरामद किया गया है। कालाबाजारी के खिलाफ काफी सारे ऐसे दस्तावेज अधिकारियों के हाथ लगे हैं जिससे इनके अपराधों को साबित करना अधिकारियों के लिए आसान बन गया है।
डिप्टी डायरेक्टर के घर छापा
जब्त की गई संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा 8.6 करोड़ रुपये नकद और 23.25 करोड़ रुपए मूल्य के आभूषण और सोना वसई विरार शहर महानगर पालिका (vvcmc) के नगर नियोजन डिप्टी डायरेक्टर वाई.एस. रेड्डी के मुंबई और हैदराबाद स्थित आवासों से बरामद किया गया है। जांचकर्ताओं ने ऐसे डॉक्यूमेंट्स भी बरामद किए हैं जिनसे वसई विरार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण घोटाले का खुलासा हो सकता है, जिसे कथित तौर पर वीवीएमसी अधिकारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था।
यह मामला वसई विरार शहर महानगरपालिका के अधिकार क्षेत्र में सरकारी और निजी जमीन पर 2009 से रेसिडेंशियल और कमर्शियल गालों के अवैध निर्माण से संबंधित है। ईडी के अनुसार, महानगर पालिका ने विकास योजना के तहत एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और एक डंपिंग ग्राउंड को मंजूरी दी थी। समय के साथ, यहां 41 अवैध इमारतें बन गईं। ईडी का कहना है कि इमारतों का निर्माण इस बात को ध्यान में रखते हुए किया गया था कि उन्हें आखिर में विकास कार्य के लिए ध्वस्त कर दिया जाएगा। बिल्डरों ने आम जनता को गुमराह किया और धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों अरबों रुपये का हेराफेरी कर डाली।
ईडी की जांच में नगरपालिका के दो अधिकारियों सीताराम गुप्ता और अरुण गुप्ता के अलावा अन्य लोगों का नाम भी शामिल है। उनका आरोप है कि इमारतों का निर्माण भ्रष्ट महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ था, जिन्होंने अवैध निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने महानगर पालिका के टाउन प्लानिंग के उप निदेशक वाई एस रेड्डी के प्रॉपर्टी को भी जब्त कर लिया है और हीरे के आभूषण और बुलियन के साथ 8.6 करोड़ रुपए जब्त किया। पिछले साल 8 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 41 अवैध इमारतों को गिराने का आदेश दिया था। जब निवासियों ने रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो शीर्ष अदालत ने इनकार कर दिया और 20 फरवरी को सभी इमारतों को गिरा दिया गया।
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।
Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।
रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?
वक्फ कानून अधिनियम 40
वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।
इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।
यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।
सरकारी हस्तक्षेप नहीं
सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।
इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।
सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा
वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।
इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।
केंद्र सरकार का तर्क
केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।
वक्फ कानून मे संशोधन का असर
विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
The preliminary report on Pushpa 2’s second-day box office receipts: On day two, the movie made over Rs 62 crore in India across all languages, according to Sacnilk’s preliminary projections.
Early update on Pushpa 2’s second day of box office receipts: On its first day of release, Pushpa 2: The Rule shattered all previous records with a global box office receipt of an incredible Rs 294 crore. In just two days since its debut, Pushpa 2 has already surpassed the Rs 62 crore milestone at the Indian box office, bringing its total to nearly Rs 400 crore worldwide.
The Sukumar-directed film’s ticket sales are only increasing thanks to special government authority to sell them for more money till December 22.
As part of the Telangana premiere, Pushpa 2 brought in Rs 10.65 crore on Wednesday night, according to trade tracker Sacnilk. Allu Arjun’s film made an incredible Rs 164.25 crore in all Indian languages on the day of its release, December 5. With an opening day total of Rs 70.3 crore, the Hindi version of the film also outperformed Jawan, starring Shah Rukh Khan, in terms of Day 1 earnings. The movie made 7.7 crore in Tamil, 1 crore in Kannada, and 4.95 crore in Malayalam.
In addition to Rashmika Mandanna and Allu Arjun, Malayalam actor Fahadh Faasil plays a significant part in Pushpa 2: The Rule.
The overall occupancy rate in Telugu at Pushpa 2 as of 8 p.m. was 46.39 percent. On Friday, 2782 Telegu screenings are planned in India. The occupancy rate for the Hindi language was 41.15%. On the second day, 7,253 screenings of the Hindi version of the movie are planned throughout India. The Tamil language has more than 900 shows, Kannada has around 200, and Malayalam has almost 400.
The 2021 movie Pushpa: The Rise has a follow-up called Pushpa: The Rule. Allu Arjun won his first-ever National Film Award for the film. Additionally, he became the first Telugu actor to win the Best Actor National Film Award.
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