Category: North India

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  • बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    बिल्डर पर फायरिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शूटर को दी सुपारी

    Mumbai Crime News: बिल्डर सदरुद्दीन को मारने के लिए आरोपी ने शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। बिल्डर पर पैसे गबन करने का आरोप .. (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    Mumbai Crime News: मुंबई के चेंबूर इलाके में बिल्डर पर फायरिंग के आरोप में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, बेलापुर के रहने वाले बिल्डर सदरुद्दीन खान पर चेंबूर के डायमंड गार्डन के पास बुधवार रात को गोलीबारी हुई थी। इस मामले को लेकर मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि फायरिंग पैसों के लेन-देन को लेकर हुई है। मिरारोड के रहने वाले फिरोज खान ने बिल्डर की हत्या करने के लिए शूटर अफसर खान को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले ही मुंबई में बुला लिया था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित 50 वर्षीय बिल्डर सदरुद्दीन खान पर भी कई अपराधिक रिकार्ड दर्ज है। खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। मिरारोड के रहने वाले मुख्य आरोपी फिरोज खान को मुंबई क्राईम ब्रांच ने उसके घर से गिरफ्तार किया है। जबकि, सदरुद्दीन पर गोलियां चलाने वाले शूटर अफसर खान को लोकल पुलिस ने धारावी इलाके से गिरफ्तार किया। 20 वर्षीय शूटर अफसर खान वारदात के बाद से ही धारावी में छिपा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    जमीन विवाद में की हत्या की साजिश

    मीरा रोड से गिरफ्तार फिरोज खान का दावा है कि मुंब्रा के शीलफाटा इलाके में उसकी एक एकर जमीन उसने सदरुद्दीन को 9 करोड़ रुपये में बेची थी। सदरुद्दीन ने वो जमीन खरीद तो ली लेकिन उसके बदले में पैसे नहीं दिए, बल्कि पैसों के लिए टाल-मटोल करता रहा। फिरोज ने आगे दावा किया कि इसी बीच सदरुद्दीन ने उस जगह पर बिल्डिंग बनाकर उसे बेच भी दिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    आरोपी ने ये भी दावा किया कि लगातार 2 सालों से पैसे की मांग पर भी सदरुद्दीन उसे पैसे नहीं दे रहा था, जिसकी वजह से उसने सदरुद्दीन को मारने की प्लानिंग की और शूटर अफसर को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद से 6 महीने पहले मुंबई बुला लिया। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    हमले से पहले इलाके की रेकी

    वहीं सूत्रों ने दावा किया है कि शूटर ने सदरुद्दीन पर हमला करने से पहले कई बार बिल्डर का पीछा किया और पूरे इलाके की रेकी भी की। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, फायरिंग वाली रात फिरोज बाइक चला रहा था और शूटर अफसर पीछे बैठा था। सायन इलाके से दोनों सदरुद्दीन का पीछा कर रहे थे और जैसे ही गाड़ी चेंबूर के डायमंड गार्डन के सिग्नल पर रुकी वैसे ही फिरोज ने शूटर को फायरिंग के लिए कहा। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

    कब हुई फायरिंग ?

    पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आरोप है कि 50 वर्षीय खान लंबे समय से तेल चोरी के मामलों में शामिल रहा हैं। इसके खिलाफ मुंबई, नवी मुंबई और ठाणे में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना उस समय हुई जब खान अपनी लग्जरी एसयूवी गाड़ी से धारावी स्थित कार्यालय से नवी मुंबई के लिए अपने घर लौट रहा था। (A contract was given to a shooter from Uttar Pradesh to shoot at the builder)

  • Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    देश भर के मुसलमान वक्फ संशोधन बील को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड संपत्ति का कामकाज मुसलमानों के ही हाथ में होना चाहिए। सरकार पारदर्शिता के नाम पर हमारी संपत्ति में हस्तक्षेप करना चाहती है।

    मुम्बई: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से इसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई की सुन्नी मस्जिद में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर संशोधित विधेयक के विरोध में नारे लगाए। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    इस बील को लेकर मुफ्ती मोहम्मद जुबैर बरकती ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में जो वक्फ बील पास हुआ है वो पूरी तरह से इस्लाम और मुसलमानों के हक में नहीं है। ये उनकी अपनी सोच है जो वो कह रहे हैं कि ये मुसलमानों के लिए बेहतर है लेकिन हम दूर तक देख रहे हैं कि ये मुसलमानों के खिलाफ है।

    सुप्रीम कोर्ट का रुख

    मुफ्ती जुबैर ने आगे कहा, “मुसलमान पूरी तरह से सुन्नी उलेमाओं पर भरोसा करते हैं, सुन्नी उलेमा जो भी बयान देंगे और जिसका सपोर्ट करेंगे वही सही माना जाएगा। हम देश में कानूनी दायरे में सुप्रीम कोर्ट के जरिए जो भी हमें हक मिल सकता है, हमारे हक के लिए हम पूरी कोशिश करेंगे।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सरकार ने नहीं मानी बात

    वहीं उत्तर प्रदेश में भी इस बील को लेकर मुसलमान विरोध करते नजर आ रहे हैं। संभल में एक युवक ने कहा, “हमें इस बात की नाराजगी है कि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी। लेकिन हम जो भी करेंगे, वह संविधान के दायरे में करेंगे। हम ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते कि हमारे परिवार, क्षेत्र और राज्य या देश में इसको लेकर शांति भंग हो। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    वक्फ का काम

    युवक ने आगे कहा, “हमारे पास सुप्रीम कोर्ट का भी रास्ता है। हम विधेयक का विरोध करने के लिए कानून का सहारा लेंगे। वक्फ की संपत्ति की देखभाल का काम मुसलमानों के हाथों में ही रहना चाहिए। सरकार हमारे हक में सेंधमारी का काम कर रही है। वक्फ बोर्ड संशोधन में अच्छी खासी खामी नजर आती है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

  • डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    Mumbai Crime Branch : ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य के युवाओं को टार्गेट किया गया था। भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये तक लेते और फर्जी वीज़ा और डंकी रूट का इस्तेमाल करते ..

    Mumbai Crime Branch : अमेरिका जाने का सपना दिखाकर मोटी रकम लेकर डंकी रूट से भेजे गए करीबन 80 भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच। इस बात की जानकारी लीगल चैनल के माध्यम से मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी और फिर उनके माध्यम से अमेरिकन अथॉरिटी से सांझा करेगी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी वीज़ा के जरिए भारतीय युवाओं को अमेरिका भेजने के लिए डंकी रूट का इस्तेमाल किया जाता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने करवाई करते हुए अबतक 8 दलालों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने 3 साल में करीबन 80 युवाओं को कनाडा, तुर्की, पोलैंड और UAE में फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर भेजा। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने उन देशों से (कनाडा, तुर्की, पोलैंड, UAE) भारतीय युवाओं को डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा है।

    वीज़ा नही मिल पाने का कारण क्या है?

    क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि ये युवा ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से हैं। आरोपियों ने भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये लिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कई ऐसे लोग होते हैं, जिन पर कोई न कोई केस या लीगल मामला होता है, जिसकी वजह से उन्हें वीजा नही मिलता। जांच में पता चला कि कनाडा भेजने के लिए ये एजेंट 50 लाख के करीब लेते थे। कनाडा का फर्जी वीजा बनाकर देते थे। इनका काम सिर्फ इतना होता था कि उन्हें एयरपोर्ट पर उतार दे। उसके बाद उन भारतीयों के साथ क्या होगा उससे कोई लेना देना नही। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कनाडा से अमेरिका डंकी रूट का इस्तेमाल

    इसके बाद एक बार युवा कनाडा पहुंच गया तो फिर वहां से आगे उसे डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा जाता है और कनाडा से अमेरिका डंकी रूट से जाने के लिए करीब 12 से 13 दिन लगते हैं। तुर्की भेजने के लिए एजेंट करीब 35 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका उसे डंकी रूट से भेजा जाता है, जिसमें लगभग 10 दिनों तक का समय लगता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    UAE के लिये 25 लाख

    पोलैंड भेजने के लिए दलाल करीबन 40 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका डंकी रूट से जाने में 20 से 25 दिनों का समय लगता है। वहीं UAE के वीज़ा के लिये एजेंट 25 लाख रुपये तक लेते हैं। वहां से भारतीयों को अमेरिका भेजने के लिए यूरोप और फिर मैक्सिको के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 80 भारतीयों में से 70 से 75 सीधे कनाडा भेजे गए हैं। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कौन है मुख्य आरोपी?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस केस का मुख्य आरोपी अजित पूरी और दूसरा आरोपी रोशन दुधवनकर है। इसमें रोशन के खिलाफ इसी तरह की मानव तस्करी करने के 12 मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले में अब BNS की धारा 111 (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) भी जोड़ने वाली है ताकि आरोपियों के खिलाफ केस और भी मजबूत बनाया जा सके।

    अबतक 344 भारतीय हुए वापस

    पिछले महीने भारत के लिए निर्वासन उड़ानें शुरू हुईं, जिसमें 104 अवैध अप्रवासियों का पहला जत्था, 5 फरवरी को अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर में उतरा। 15 फरवरी की रात को उतरी दूसरी उड़ान में 116 अवैध अप्रवासी थे, और 16 फरवरी को उतरी तीसरी उड़ान में 112 लोग थे। 12 निर्वासितों का अंतिम जत्था 23 फरवरी को पनामा से आने वाली एक वाणिज्यिक तुर्की एयरलाइंस की उड़ान से पहुंचा। यह उड़ान दिल्ली में उतरी थी। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

  • 13 साल के लड़के ने 6 साल की बच्ची को ऐसी दर्दनाक मौत दे दी कि हर कोई हैरान 

    13 साल के लड़के ने 6 साल की बच्ची को ऐसी दर्दनाक मौत दे दी कि हर कोई हैरान 

    Crime News: मुम्बई से सटे नालासोपारा में 13 वर्षीय लड़के ने जलन के कारण अपनी 6 साल की चचेरी बहन की हत्या कर दी। परिवार के प्यार से ईर्ष्या में उसने मासूम को दूर जंगल में लेजाकर पहले गला घोट कर हत्या कर दी और बाद में उसका सिर कुचल। दिया और आग लगा दी। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    Maharashtra: मुम्बई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पुलिस के साथ साथ सभी को हैरान कर दिया है, यहां 13 साल के लड़के ने अपनी 6 साल की चचेरी बहन की बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। हत्या की वजह जानकर भी हर कोई हैरान है। लड़के को लगता था कि उसकी छोटी बहन को परिवार में सबसे ज्यादा प्यार मिलता है। इस जलन ने उसे इस हद तक अंधा कर दिया कि महज 13 साल की उम्र में उसने अपनी मासूम बहन की हत्या कर दी। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    अचानक हुई गायब

    नालासोपारा पूर्व के श्रीराम नगर इलाके में रहने वाले मोहम्मद सलमान मोहम्मद रमजान खान की 6 साल की बेटी शिद्रा खातून शनिवार दोपहर स्कूल से घर आई थी। शाम को वह घर के बाहर खेल रही थी, लेकिन अचानक गायब हो गई। पहले तो परिवार ने उसे आसपास ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब वह कहीं नहीं मिली, तो पूरे घर में हड़कंप मच गया। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    CCTV फुटेज मे क्या मिला ?

    परिवार ने पुलिस की मदद ली और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करवाई। एक फुटेज में चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। इसमें शिद्रा को उसका ही 13 साल का चचेरा भाई बाथरूम की ओर ले जाता हुआ दिखा। जब परिवार ने लड़के से पूछताछ की, तो उसने झूठ बोलते हुए कहा कि दो अज्ञात लोगों ने शिद्रा की हत्या कर दी है। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    कैसे हुआ खुलासा ?

    घबराया परिवार रात 11:30 बजे पेल्हार पुलिस स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और पास के पहाड़ी इलाके में खोजबीन की। इस दौरान राख में जला हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस को लड़के की बातों में गड़बड़ी नजर आई, इसलिए उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। आखिरकार, उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    पुलिस को क्या बताया?

    13 साल के आरोपी ने पुलिस को बताया कि पूरे परिवार का प्यार शिद्रा को ही मिलता था, जिसके कारण उसे शिद्रा से नफरत होने लगी।इसी कारण उसने उसे पहाड़ी पर ले जाकर पहले गला घोंटा और फिर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी और वारदात को अंजाम देने के बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

  • हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर में और एक बार हिजाब को लेकर विवाद गरमा गया है। यहां परीक्षा केन्द्र ने हिजाब हटाने को लेकर सख्ती दिखाते हुए छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया। जबकि छात्राएँ महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को तैयार थी। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया।

    उत्तर प्रदेश: जौनपुर के खुदौली में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब (नकाब) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सर्वोदय इंटर कॉलेज में दसवीं की चार छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने हिजाब उतारने से इनकार किया था। नतीजतन, छात्राओं को घर वापस लौटना पड़ा। इसके बाद से मामला सोशल मीडिया पर खूब गरमाया हुआ है।

    क्या है पूरा मामला?

    सोमवार को यूपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की हिंदी परीक्षा थी। छात्राएं खेतासराय स्थित मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल की थीं। जब वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं, तो वहां की प्रशासनिक टीम ने हिजाब हटाने के लिए कहा। छात्राओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि छात्राओं ने महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को प्रशासन से अनुरोध किया। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया और उन्हें घर वापस लौटना पड़ा।

    मामले पर विरोध और समर्थन

    इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और हिजाब को लेकर नियमों की सख्ती पर सवाल उठने लगे। छात्राओं में से एक के पिता अहमदुल्लाह ने अपनी बेटी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि,
    “अगर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली, तो हमारी बेटी परीक्षा नहीं देगी।”

    उन्होंने दावा किया कि चार नहीं बल्कि दस छात्राओं को परीक्षा देने से रोका गया। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, कि “उन्होंने अनुरोध किया था कि लेडी टीचर से चेकिंग कराकर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति जाए, लेकिन बच्चियों की मांग को नहीं मानी गई।” उन्होंने कहा, कि “ये परीक्षा केन्द्र की हटगर्जी है जो धर्म के आधार पर बच्चों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। जो सरारस गलत है।”

    नियमों का गलत इस्तेमाल

    परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक दिनेश चंद्र गुप्ता ने कहा किया कि, “परीक्षा के दौरान बोर्ड के नियमों का पालन कराना अनिवार्य है। छात्राओं ने नियमों का पालन करने से इनकार किया, इसलिए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।” यहां स्कूल प्रशासन को हिजाब को लेकर नियमों का आकलन करना चाहिए था। जबकि नियम के मुताबिक सिर्फ पहचान पत्र की पृष्ठी करने के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे देना चाहिए था। लेकिन स्कूल प्रशासन ने ऐसा नही करके उन बच्चों का साल ही बरबाद कर दिया। यहां नियमों का गलत इस्तेमाल किए जाने के आरोप लग रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर गरमाया मुद्दा

    यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग छात्राओं के फैसले को सराहनीय बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे शिक्षा से समझौता मान रहे हैं। जबकि यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में पहचान सुनिश्चित करने के लिए चेहरा स्पष्ट दिखना चाहिए। हालांकि, हिजाब को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है। इसमें यह नहीं कहा गया है कि परीक्षा देते समय भी विद्यार्थी का चेहरा स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। तो सवाल है कि परीक्षा केन्द्र ने ऐसा क्यों किया?

    प्रशासन से मांग

    अब देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मुद्दे को लेकर कोई संज्ञान भी लेता है या नही? या इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कोई कदम उठाता भी है या नही? क्या इन छात्राओं को परीक्षा देने का कोई दूसरा मौका मिलेगा? या यह मामला सिर्फ एक विवाद बनकर रह जाएगा? ऐसा हुआ तो प्रदेश के अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात का आरोप लगता रहेगा और हो सकता है, मुस्लिम समाज की लाखों बच्चियां उच्च शिक्षा से महरूम रह जाएँ। ऐसे में प्रदेश का ही नुकसान होगा। प्रशासन को इस पर विचार करने की जरूरत है।

  • प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की।

    मुम्बई: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ मेला 2025 समाप्त होने के साथ ही, महाराष्ट्र में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों ने जोर पकड़ ली है, यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर आईएएस अधिकारियों ने भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए नासिक का दौरा करना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    कैसा रहेगा प्रबंधन?

    स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के समय निजी वाहनों को नासिक के बाहरी इलाके में कुछ किलोमीटर जैसे 7 से 12 किमी. पार्किंग स्थल की व्यवस्था के आधार पर रोक दिया जाएगा। वाहनों को मुख्य कुंभ स्थल से दूर रखा जाए। “धार्मिक स्थल और शहर की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इन पार्किंग स्थलों से, तीर्थयात्रियों के परिवहन के लिए तैनात विशेष बसों का उपयोग करके कुंभ स्थल तक पहुँचाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “इसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और भीड़ प्रबंधन में सुधार करना है।

    हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए महाकुंभ मेले में ट्रैफिक जाम की खबरों के बाद यह दृष्टिकोण और योजना महत्वपूर्ण हो गई है, जहां तीर्थयात्री घंटों तक वाहनों में फंसे रहे और ट्रैफिक जाम की स्थिति लगभग 60 से 100 किलोमीटर तक फैल गया। 17 जनवरी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक कुंभ की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्रालय में एक बैठक बुलाई। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    मुख्यमंत्री ने बताई अपनी योजना ..

    बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नासिक को वैश्विक कुंभ के मौके पर आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में स्पष्ट किया और प्रशासन से आग्रह किया कि वह नासिक कुंभ में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के आवास, आवागमन और सुरक्षा के मामले में तैयारियों को प्राथमिकता दे। आप को बता दें कि 2003 में नासिक कुंभ के मौके पर हुई भगदड़ के कारण 39 लोगों की जान चली गई थी। इस बार खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    धार्मिक स्थलों की यात्रा

    नासिक कुंभ मेला 2027 में लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। हर 12 साल में होने वाला यह आयोजन आखिरी बार 2015 में हुआ था। नासिक के अलावा, प्रशासन को उम्मीद है कि कुंभ के लिए आने वाले कई पर्यटक सर्पशृंगी, शिरडी और शनि शिंगणापुर जैसे अन्य नजदीकी धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे। मनीषा पाटनकर म्हैसकर के दौरे के समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कुंभ के तीर्थयात्रियों द्वारा कुंभ के आसपास के धार्मिक स्थलों और कुछ मामलों में नासिक से परे शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की संभावना पर चर्चा की।

    सड़कों की होगी मरम्मत

    अधिकारी ने कहा, “ऐसे पर्यटकों के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियां नासिक और आस-पास के क्षेत्रों में अन्य धार्मिक स्थलों पर सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।” अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कुंभ स्थल तक पहुंचने वाली और नासिक को जोड़ने वाली सभी सड़कें (चाहे आंतरिक हों या बाहरी) उचित स्थिति में हों। अधिकारी ने कहा, “राज्य राजमार्ग से संबंधित मुद्दों को सुलझाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों से संबंधित मुद्दों को विभाग और संबंधित अधिकारियों को बताया जाएगा।

    इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी लोगों ने कहा कि फडणवीस जल्द ही यातायात प्रबंधन, नदी की सफाई, भीड़ प्रबंधन और सिंहस्थ कुंभ मेले में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के प्रावधान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए कई दौर और बैठकें करेंगे। अधिकारी ने कहा, “जनवरी में अपनी बैठक के दौरान फडणवीस ने उल्लेख किया था कि अगली बैठक एक महीने के भीतर होगी। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों से उनके इनपुट और योजनाएँ प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।

    कुंभ मेले का महत्व

    26 फरवरी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ का समापन के बाद नासिक कुंभ मेले का महत्व भी आप को बताते चलें। नासिक शहर महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिमी भाग में मुंबई से 168 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। गोदावरी नदी के तट पर बसा यह शहर पवित्र माना जाता है, खासकर भगवान राम के इस स्थान से जुड़े होने और यहाँ मौजूद त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और कालाराम मंदिर सहित कई धार्मिक मंदिरों के कारण रामकुंड को एक दिव्य स्थान कहा जाता है। जहाँ भगवान राम स्नान करते थे और कुंभ मेले के दौरान इस तालाब में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

  • लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    ग्राहकों के लिए होम और कार लोन हुआ सस्ता। RBI के फैसले के बाद लोन के ब्याज दरों में कटौती की गई है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है। जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है।

    नई दिल्ली: बैंक से लोन लेने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने अपने होम लोन (Home Loan) और कार लोन (Car Loan) के साथ अन्य रिटेल लोन की ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस प्वाइंट) की कटौती की है। इससे होम और कार लोन सस्ता हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% कमी करने के बाद यह कटौती की गई है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    RBI के फैसले से मिली राहत ..

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 7 फरवरी को 5 साल बाद पहली बार रेपो रेट में 0.25% की कटौती की, जिसके बाद अब रेपो रेट 6.25% हो गया है। इसका सीधा फायदा बैंक के ग्राहकों को हो रहा है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    ब्याज दरों में बदलाव..

    होम लोन की नई ब्याज दर (Home Loan Interest Rate) 8.10% हो गई है, जो कि बैंकिंग सेक्टर में फिलहाल के लिए सबसे कम दरों में से एक माना जा रहा है। वहीं, कार लोन (Car Loan Interest Rate) अब 8.45% की दर पर मिलेगा। एजुकेशन लोन और अन्य लोन की ब्याज दरें भी 0.25% कम कर दी गई हैं। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    प्रोसेसिंग फीस भी नही लगेगा ..

    बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है, जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है। अब ग्राहकों को लोन लेने में और आसानी होगी। बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में और भी बैंकों द्वारा लोन सस्ता किया जा सकता है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    कैसे करें लोन अप्लाई?

    अगर आप बैंक ऑफ महाराष्ट्र से होम या कार लोन लेना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसका ऑनलाइन प्रोसीजर निम्नलिखित हैं:-

    • बैंक की वेबसाइट [bankofmaharashtra.in] पर जाएं।
    • होम/कार लोन के सेक्शन में जाएं।
    • अपनी जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
    • बैंक आपके आवेदन की रिव्यू कर लोन अप्रूव करेगा।
  • Mumbai: म्यूजिक डायरेक्टर के ऑफिस में 40 लाख की चोरी, मालाड़ पुलिस ने किया कश्मीर से गिरफ्तार

    Mumbai: म्यूजिक डायरेक्टर के ऑफिस में 40 लाख की चोरी, मालाड़ पुलिस ने किया कश्मीर से गिरफ्तार

    मालाड़ के एक म्यूजिक डायरेक्ट के ऑफिस में काम करने वाला ऑफिस बॉय 40 लाख रुपये लेकर फरार हो गया था। मालाड़ पुलिस ने जब छानबीन किया तो पता चला कि आरोपी कश्मीर फरार हो गया। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)

    मुम्बई: मालाड़ पुलिस ने 40 लाख रुपये की चोरी मामले में 32 वर्षीय आशीष बूटीराम सयाल को कश्मीर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बॉलीवुड म्यूजिक डायरेक्टर प्रीतम चक्रवर्ती के ऑफिस में काम करता था। 4 फरवरी को ऑफिस में रखे पैसों से भरा बैग लेकर फरार हो गया था। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)

    मालाड़ पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय कुमार पन्हाले ने बताया कि मैनेजर विनीत छेड़ा की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के मुताबिक बॉलीवुड म्युजिक डायरेक्ट प्रीतम चक्रवर्ती का मैनेजर विनीत छेड़ा ने किसी काम के सिलसिले में पैसे लेकर ऑफिस में रख दिया था। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)

    कब हुई चोरी?

    4 फरवरी को ऑफिस के कुछ पेपरों पर हस्ताक्षर करवाने के लिए मैनेजर प्रीतम के घर गया हुआ था। उसी वक्त ऑफिस में काम करने वाले आरोपी आशीष बूटीराम सयाल पैसों से भरा बैग लेकर रफूचक्कर हो गया। ऑफिस के बाकी लोगों ने पूछा तो बताया कि वह मालिक के घर पैसों से भरा बैग पहुंचाने के लिए जा रहा है। जबकि वह पैसे लेकर फरार हो गया। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)

    कश्मीर से गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया, कि तांत्रिक विश्लेषणों और गुप्तचरों की मदद से आरोपी के जम्मू-कश्मीर में होने की जानकारी मिली। पुलिस की एक टिम कश्मीर जाकर आशीष को हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने कुछ पैसे खर्च कर दिए थे। जबकि चोरी का लगभग 95 प्रतिशत पैसा बरामद कर लिया गया है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात मालाड़ पुलिस कर रही है। (40 lakh stolen in Mumbai music director’s office, Malad police arrested from Kashmir)

  • 3 बच्चियों का बलात्कारी करने गया महाकुंभ में स्नान, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हुआ रिहा

    3 बच्चियों का बलात्कारी करने गया महाकुंभ में स्नान, मौत की सजा भी मिली, लेकिन हर बार हुआ रिहा

    राजगढ़ पुलिस ने ऐसे सनकी शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने 22 सालों में हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। तीन बच्चियों से उसने रेप किया। 10 साल की सजा काटकर जब रिहा हुआ तो दुबारा एक बच्ची को हवस का शिकार बना दिया। निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई, लेकिन हाईकोर्ट से सजा खारिज हो गई। अब तीसरी बार फिर उसने एक मासूम बच्ची के साथ रेप किया, जिससे उसकी मौत ही हो गई।

    मध्य प्रदेश: राजगढ़ में एक ऐसा सनकी शख्स है, जिसने 22 सालों में तीन बच्चियों से रेप किया। पहला केस साल 2003 का था। दूसरा केस 2014 और तीसरा 2025 का। इस सनकी शख्स का नाम रमेश सिंह है। रमेश सिंह ने पहले केस में 10 साल जेल की सजा काटी। फिर रिहा होते ही दूसरी बार एक अन्य बच्ची से रेप किया। इस केस में हाईकोर्ट ने उसकी मौत की सजा को खारिज कर दिया। एक बार फिर रिहा होते ही अब उसने एक और बच्ची को हवस का शिकार बनाया, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस बार 9 पुलिस स्टेशन के प्रभारियों ने मिलकर 75 पुलिसकर्मियों के साथ 16 अलग-अलग टीमें बनाई और रमेश का पीछा किया तो पता चला कि रमेश महाकुंभ में अपने पाप धोने के लिए स्नान करने गया है। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    5 साल की बच्ची का बलात्कार

    जानकारी के मुताबिक, पोलयकला के दाबड़ीपुरा का रहने वाला रमेश सिंह 2003 में शाजापुर जिले के मुबारकपुर गांव में 5 साल की बच्ची के साथ बलात्कार किया था। इस केस में उसे दोषी ठहराया गया और 10 साल की सजा सुनाई गई। लेकिन 2023 में अपनी सजा काट कर रिहा होने के बाद उसने फिर से एक और 8 साल की बच्ची का बलात्कार कर दिया।

    अपहरण और बलात्कार

    2014 में उसने अष्टा (सीहोर) में 8 साल की बच्ची का अपहरण और बलात्कार किया। इस बार निचली अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई। लेकिन 2019 में हाईकोर्ट ने तकनीकी आधार पर फैसले को पलट दिया। इस फैसले ने रमेश को फिर से आजाद घूमने का मौका दिया, जिसके कारण एक और निर्दोष बच्ची को इस हैवान ने अपनी हवस का शिकार बनाया और उसकी मौत हो गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    बच्ची का रेप के बाद मौत

    1 से 2 फरवरी की रात को नरसिंहगढ़ में 11 साल की मूक-बधिर बच्ची अपने घर से लापता हो गई। अगली सुबह वह झाड़ियों में मिली। उसका शरीर बुरी तरह जख्मी था। मेडिकल जांच में हमले की पुष्टि हुई। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, जहां 8 फरवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में गहन जांच शुरू की। लगभग 46 स्थानों पर लगे 136 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच की गई। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)

    महाकुंभ मे स्नान, क्या फिर से हो जाएगा रिहा?

    लाल कलर का शॉल और नीले-काले स्पोर्ट्स शूज पहने एक संदिग्ध को अपराध स्थल के पास घूमते हुए देखा गया और बाद में उसकी पहचान रमेश सिंह के रूप में हुई। एक ऑटो चालक ने पुष्टि करते हुए बताया, कि उसने कुरावर से नरसिंहगढ़ तक उसके ऑटोरिक्शा से सफर किया था। रमेश के भागने के बाद, पुलिस ने उसे प्रयागराज में ट्रैक किया, जहां वह महाकुंभ स्नान के लिए गया था। पुलिस लगातार रमेश को ट्रैक कर रही थी, आखिरकार उसे जयपुर जाने वाली ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस पीछा करने में 16 पुलिस की टीमें, 75 कर्मियों में 9 पुलिस स्टेशनों के प्रभारी शामिल थे। अब देखना ये होगा कि क्या इस हैवान को कोर्ट सख्त सजा सुनाएगी या फिर कुछ साल की जेल के बाद इसे रिहा कर दिया जाएगा। (Rapist of 3 girls went to bathe in Mahakumbh, even got death sentence, but was released every time)