उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अराजकता की नई तस्वीर सामने आ रही है। योगी जी के राज में यहां अवैध रूप से जमीन कब्जा करने के लिए वकीलों को गुंडागर्दी करते विडियो रिकार्ड किया गया। महिलाओं की सुरक्षा चोरी लेकर पुलिस प्रशासन निकम्मी साबित हुई। (Yogi’s slogan in Uttar Pradesh is women are destitute)
वी.बी. माणिक उत्तर प्रदेश/प्रयागराज– अब योगी जी का महिलाओ की सुरक्षा का नारा खोखला साबित होता जा रहा है। महिलाएं अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रह गयी है। कल प्रयागराज के गंगापार सरायइनायत के रेठिया गाँव में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडों और वकीलों के करीब 25 से 30 लोग एक सोनी परिवार के घर मे घुसकर महिलाओ और बच्चों के साथ अश्लील हरकत और जमकर मारपीट किया। इसकी जानकारी सरायइनायत थाने के थानाध्यक्ष पंकज राय को दिया गया। जिस पर अभी तक कोई भी केस दर्ज नही किया गया और न ही घटना स्थल पर पुलिस गयी। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)
इस विषय पर पुलिस के कमिश्नर रोनित शर्मा को फोन किया गया तो शर्मा ने फोन नही उठाया। एसपी गंगापार अभिषेक भारती ने फोन पर कार्रवाई का आश्वसन देकर मौन हो गए। लेकिन कार्रवाई कुछ नही किया। इसके बाद डीजी लखनऊ को फोन किया तो फोन नही उठाया। कल पूरे दिन प्रयाराज जिला कचहरी में हड़ताल जारी रहा। वकीलों में दो ग्रुप हो गया था। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)
पुलिस थाने के बाहर न्याय के लिए इंतजार करता पीड़ित परिवार की तस्वीर
योगी आदित्य के राज में अराजकता का माहौल
अब उत्तरप्रदेश में वकील वकालत कम गुंडागर्दी ज्यादा करने लगे है। क्योंकि प्रशासन इन गुंडों पर कार्रवाई करने से डरता है। योगी महिलाओ की सुरक्षा और भूमाफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते है। पर यहां पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह निर्लज्ज और कामचोर है। केवल लोगों से अवैध वसूली में व्यस्त रहता है। योगी का शिकायत सेल भी पूरी तरह निष्क्रिय है। योगी सरकार को भी अखिलेश सरकार की हवा लगी है। यहां गुंडा राज कायम है। यहां महिलाओ को अकेले घर मे छोड़ने लायक नही है। क्योंकि कब गुंडे घर मे घुस जाएंगे इसकी कोई गारंटी नही है। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)
एसीपी थरवई सीपी सिंह तो पूरा लापरवाह है। ऐसा लगता है, कि ये केवल पुलिस विभाग में वसूली के लिए भर्ती हुआ है। दूसरी ओर प्रयागराज के जिला कचहरी में वकील कम वकील के भेष में गुंडे माफिया और वसूली मास्टर ज्यादा है। इस पर उच्चन्यायालय उत्तरप्रदेश कब संज्ञान लेगा ? कब इनका रजिस्ट्रेशन नंबर रदद् करेगा ? न्यायपालिका का डर धीरे धीरे कम होता जा रहा है। पुलिस फर्जी केस बनाने में ज्यादा व्यस्त है। गरीब और मध्य्यम वर्ग के लोगो को अब योगी राज में न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। लोगो मे भारी भय व्याप्त है। पीड़ित परिवार केस दर्ज करने को लेकर समय का इंतजार कर रहा है। (Uttar Pradesh prayagraaj yogi news)
मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास एवं रखरखाव संबंधित उपाय योजना पर सांसद गोपाल शेट्टी ने पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से की चर्चा।
इस्माईल शेख मुंबई– संसद सत्र के दौरान पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से उत्तर मुंबई के भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्य संबंधित निवेदन पत्र दिया। साथ ही इस प्राचीन ऐतिहासिक गुफा के रखरखाव पर ठोस चर्चा की।
सांसद गोपाल शेट्टी ने जानकारी देते हुए बताया, कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत को उन्होंने वर्तमान चल रहे मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इस कार्य में आ रही अड़चनों के निराकरण की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा में पीने के पानी और शौचालय की समस्या है। इसकी सुविधा और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई है।
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प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सौंदर्यकरण ..
सांसद गोपाल शेट्टी के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत की तस्वीर ..
सांसद गोपाल शेट्टी ने बताया, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के रखरखाव और देखभाल संबंधीत उपाय योजना पर भी हमें काम करने की जरूरत है। जिसके लिए हमनें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग महानिदेशक रावत जी से चर्चा की है। साथ ही उन्हें वर्तमान गुफा के सौंदर्यकरण के चल रहे कार्य की जानकारी देते हुए, इस कार्य को तीव्र गति से पूर्ण करने की विनती की गई है। गोपाल शेट्टी ने बताया, कि “महानिदेशक श्री यदूबीर सिंह रावत ने इस मुलाकात के दौरान सकारात्मक एवं प्रतिभाव उत्तर दिए हैं।”
14 जनवरी को कोहरे मे रास्ता दिखाई नहीं देने के कारण गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 को मुंबई एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया था। यह तब विवाद का केंद्र बन गया जब सड़क पर बैठे यात्रियों के खानपान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
इस्माईल शेख मुंबई– नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों द्वारा सड़क पर खाना खाने की घटना को लेकर बुधवार को मुंबई एयरपोर्ट संचालक एमआईएएल (मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। 60 लाख रुपये ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) और 30 लाख रुपये डीजीसीए, कुल 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा घटना के संबंध में इंडिगो पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
14 जनवरी को कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 को मुंबई की ओर मोड़ दिया गया था। यह तब विवाद का केंद्र बन गया जब सड़क पर बैठे यात्रियों के जलपान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
मुंबई एयरपोर्ट सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहा..
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा, कि कारण बताओ नोटिस का जवाब 17 जनवरी को मिला और यह संतोषजनक नहीं पाया गया क्योंकि एमआईएएल द्वारा प्रस्तुत जवाब से पता चलता है कि वे सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहे हैं।
नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने घटना के संबंध में इंडिगो और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) को नोटिस दिया था। नोटिस में स्थिति को संभालने और हवाई अड्डे पर यात्री आराम की सुविधा प्रदान करने में सक्रिय उपायों की कमी के लिए इंडिगो और एमआईएएल की आलोचना की गई। डायवर्ट किए गए विमान को संपर्क स्टैंड के बजाय एक रिमोट बे (सी-33) को सौंपा गया था, जिसने टर्मिनल पर टॉयलेट और जलपान जैसी सुविधाओं तक यात्रियों की पहुंच को सीमित करके स्थिति को और जटिल बना दिया।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यात्री सुविधा, सुरक्षा मानदंडों और परिचालन संबंधी मुद्दों की अनदेखी के लिए एयरलाइन की आलोचना की। अधिकारी ने कहा, ”थके हुए और परेशान यात्रियों के लिए यह घटना एक प्रतिकूल और अस्वीकार्य अनुभव था।” इसके अलावा डीजीसीए ने एयर इंडिया और स्पाइसजेट पर 30-30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एयरलाइंस को यह सुनिश्चित नहीं करने के लिए नोटिस भेजा गया था कि दिल्ली में घने कोहरे की स्थिति में उतरने के लिए प्रशिक्षित पायलट ही पिछले कुछ दिनों में कम दृश्यता (Low Visibility) वाले घंटों के दौरान उड़ानें संचालित कर रहे थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में उड़ानें बदलनी पड़ीं।
शोहरतगढ़ को शोहरत की बुलंद उंचाईयों तक लेजाने की इच्छा जाहिर करने वाले अपना दल पार्टी के विधायक हकीकत में अपने समर्थकों को ही चूना लगा रहे हैं।
वी बी माणिक लखनऊ– उत्तर प्रदेश, सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ निर्वाचित अपनादल के विधायक सुधरने को तैयार नही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार में जगह हासिल करने के बाद से ही इनके तेवर बदल गए हैं। गरीबों का पैसा चुनाव के समय डकार कर बैठे विनय आज तक देने को तैयार नही है। जिन लोगो ने अपना खून पसीना बहाकर और नगद उधारी के तौर पर पैसे दिए हैं वो त्राहि-त्राहि कर रहे है। एक ग्राम प्रधान का भी करीब पच्चीस लाख लेकर बैठे है।
योगी आदित्यनाथ की सरकार ..
समाजवादी पार्टी से हाथ झटक कर भाजपा के सहारे उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में जगह हासिल करने वाली अपनादल की सुप्रीमो एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी क्या बेईमानो, लुटेरों की पार्टी है? जो गरीबों का खून पीने का काम करती है। बड़ा दुर्भाग्य है ये गरीब पुलिस में शिकायत भी दर्ज नही करवा पा रहे है। विनय वर्मा द्वारा इनको खुली धमकी दी जाती है, कि तुमको जो करते बने कर लो हम पैसा नही देंगे। पत्रकार ने अनुप्रिया पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया। उनसे मुलाकात नही हो सका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल पार्टी की मुखिया अनुप्रिया पटेल की तस्वीर
राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ऐसी पार्टीयो के समर्थन से सरकार चला रहे है। योगी जी घोषणाएं अच्छी-अच्छी कर रहे है पर जो उनकी सरकार में कुछ लुटेरे विधायक बैठे है। उन पर कार्रवाई कब होगी ? कब गरीबो का पैसा मिलेगा ? यही कारण है ठग लुटेरे नेता योगी जी से सहयोग माँगकर चुनाव जीतकर जनता को गुमराह करए है। इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकता है।
वैसे भी अपना दल पार्टी का नारा है ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिसदारी’ इसका विधायक विनय वर्मा भरपूर फायदा उठा रहे हैं। लोगों को इनके इरादों को समझने में समय लग गया। नहीं तो धोखा और नुकसान नहीं होता। बता दें कि लोग कहते हैं, कि ये विनय वर्मा अपनी जरूरत के वक़्त हाथ जोड़कर मदद मांग रहे थे। अभी वही उधार के पैसे वापस करने के बजाय सत्ता का रौब झाड़ते हुए धमका रहे हैं। ये राजनीति का गंदा चहरा है। जो इनसे धोखा खाने वालों को देखने को मिल रहा है।
देश के पांच राज्यों में 7 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक कुल चार चरणों में मतदान होंगे। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में, जबकि बाकी राज्यों में एक ही दिन वोट डाले जाएंगे। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। साल के ये आखिरी चुनाव सेमीफाइनल तो नहीं, लेकिन 2024 के आम चुनाव के लिए रिहर्सल जैसे जरूर हैं।
वी बी माणिक नई दिल्ली– देश की राजनीति में सेमीफाइनल मैच का बिगुल बज चुका है। इसके तहत देश के पाँच राज्यो में सभी दलों के रण बाकुरो की टोली ताल ठोकना शुरू कर दिया है। इस चुनावी खेल में कौन पहलवान जीतेगा? कौन हारेगा? ये समय बतायेगा। इस समय जाति गणना की माँग जोरो पर चल रही है। पर अधिकांश नेता अपनी जाति के बारे में कुछ नही बोल रहे है।
देश में महिलाओ के साथ बलात्कार की घटना में काफी बढ़ोतरी हुई है। जिस पर राज्य सरकारें चुप्पी साध कर बैठी है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह समाप्ति की ओर बढ़ती जा रही है। रणबाँकुरों की ओर से टिकट के लिये जोर आजमाइश की जा रही है। चाहे वह कितना बड़ा अपराधी हो, इसको पार्टियां नही देख रही है। जितने दोषी राजनीतिक पार्टियां है उससे ज्यादा दोषी चुनाव आयोग है।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से देश की जनता कई माध्यमों सवाल करती आ रही है, कि क्योंकि चुनाव आयोग इस बात की जाँच क्यों नही करता कि जो भी नेता चुनाव लड़ रहा है उस के खिलाफ आपराधिक कितने केस दर्ज है? न्यायालय में कितने में दोषी पाया गया है और कितने केस विचाराधीन है? अगर है तो चुनाव लड़ने के योग्य नही है। चुनाव आयोग एकदम निष्पक्ष नही है क्योंकि चुनाव आयोग से रिटायर्ड होने के बाद ये भी किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव लड़कर या पीछे के रास्ते से लोकसभा-राज्यसभा में पहुँच जाते है। और आजीवन मलाई खाते है।
चुनावी समीकरण को दर्शाती हुई तस्वीर
पांचो राज्यों में कुल चार चरणों में वोटिंग होगी। सिर्फ छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होंगे बाकी राज्यों में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। शुरुआत मिजोरम से 7 नवंबर को होगी, जबकि आखिरी चरण में तेलंगाना विधानसभा के लिए 30 नवंबर को वोट डाले जाएंगे – सभी राज्यों में मतगणना 3 नवंबर को होगी।
अब राजीनीतिक पार्टीयो के पहलवानो मे से ये पहलवान चुनाव जीतने के बाद पाँच वर्ष तक अपने एरिया में अपने चमचो के साथ केवल दहशत पैदा करना। पुलिस थानों को अपनी रखैल बनाकर रखना। दुकानदारों व्यापारियों और अन्य कारोबारियों से अवैध धन उगाही का काम करते है और ठेकेदारों से हर कार्य का कमीशन लेना, सरकारी दफ्तरों में वसूली करना, कर्मचारियों को धमकी देना, यही काम करते है। चुनाव आयोग इसकी जाँच क्यों नही करवाता है? बहुत गरीब वर्ग इन विधायकों द्वारा ठगी के शिकार हुए होते है इस पर कोई कार्रवाई नही होती है। अब देखना है, कि 3 दिसंबर को इस सेमीफाइनल मुकाबले का क्या रिजल्ट आता है।
चुनाव तारीखों की घोषणा तो अब हुई है, लेकिन राजनीतिक पार्टियां काफी पहले से ही चुनाव कैंपेन शुरू कर चुकी हैं। अब तक का हाल तो यही बता रहा है कि 3 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है, जबकि तेलंगाना और मिजोरम में क्षेत्रीय दलों का दबदबा है।
अपनादल के विधायक विनय कुमार वर्मा स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।
वी बी माणिक लखनऊ- उत्तरप्रदेश के शोहरतगढ़ से अपनादल अनुप्रिया पटेल गुट के विधायक विनय कुमार वर्मा ने अपने स्वर्णकार समाज के कई लोगो से चुनाव लड़ने के नाम पर उधारी के तौर पर लिए गए करोड़ो रूपये का घपला कर दिया है। जिन-जिन लोगो ने पैसा दिया है, वह अपना पैसा मांगते है, तो वर्मा धमकी देकर सीधा कहता है, “मैं पैसा नही दूंगा। जो करते बने कर लो।”
इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान अपनादल के वर्मा ने जिससे अपने लिए चार बॉडी गार्ड लिया था। उसका भी लाखों रुपये डकार गया है। उन सभी चारो बॉडी गार्डो का भी पैसा नही दिया है। कुल 4 महीना इक्कीस दिन तक बॉडीगार्डों ने चौबीसों घंटे अपनादल के वर्मा की सुरक्षा में तैनात थे। सभी बॉडीगार्ड अपने मालिक से पैसे के लिए झगड़ा कर रहे है। मालिक ने समाज के ठेकेदारों से इसकी शिकायत किया, कि ऐसे समाज के नेता जो गरीबो का ही खून पीकर विधायक बने है।
अब सुरक्षा गार्ड कंपनी का मालिक दर-दर भटक कर समाज के ठेकेदारों के सामने गुहार लगा रहा है। ऐसे विधायक को चुल्लूभर पानी मे डूब मरना चाहिए। विनय कुमार वर्मा स्वर्णकार समाज की लुटिया डूबा रहे है और समाज के कथित ठेकेदार वर्मा की जय जय कार कर रहे है।
क्या ऐसे लोग समाज के लिए योग्य है? क्या समाज ऐसे लोगो का सामाजिक बहिष्कार करेगा? या ऐसे विधायको का सत्कार करेगा और अवैध कारोबार को बढ़ावा देगा? इस पर समाज को विचार करना है। समाज के अंदर काफी तोश व्याप्त है। लोग अपनादल के विधायक के नाम से डर रहे है। क्या अनुप्रिया पटेल इस विधायक पर कार्रवाई करेंगी या ऐसे विधायको का सत्कार करेंगी? जो लूटपाट, बेईमानी, ठगी में माहिर हो खबर लिखने के बाद क्या कार्रवाई होगी? ये नागरिकों और समाज को जानकारी मिलनी चाहिए सुर सभी गरीबो का पैसा वापस मिलना चाहिए।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) राष्ट्रीय- सोमवार, 31 जुलाई को हरियाणा (Hariyana) के नूंह जिले में शोभा यात्रा के दौरान धार्मिक समुदायों के बीच झड़प के बाद एक होम गार्ड की मौत हो गई। एक अधिकारी ने कहा कि लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गए और उनमें से आठ को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों में होडल के पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह के सिर में और एक इंस्पेक्टर के पेट में गोली लगी। इस यात्रा का आयोजन दक्षिणपंथी संगठन विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने किया था। इंटरनेट सेवाएं बुधवार तक के लिए निलंबित कर दी गई और यहां धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी कर दी गई है।
Indian fasttrack newsहरियाणा सांप्रदायिक हिंसा की तस्वीर
मुख्यमंत्री एमएल खट्टर ने शांति और सद्भाव की अपील की है। उन्होंने कहा “नूंह में जिस तरह की स्थिति सामने आई है, उससे राज्य के सभी लोगों के लिए और अधिक जिम्मेदार होना और भाईचारा सुनिश्चित करना और भी महत्वपूर्ण हो गया है। सभी मुद्दे बातचीत के जरिये हल किये जा सकते हैं। किसी को भी गलत सूचना/संदेश भेजने/प्रसारित करने में शामिल नहीं होना चाहिए। कोई भी भारत के संविधान से ऊपर नहीं है।” उन्होंने और अधिक जानकारी देते हुए कहा, “महिलाओं और बच्चों सहित 2000 से अधिक लोगों ने बर्बरता से बचने के लिए गुरुग्राम के एक मंदिर में शरण ली।”
Viral video से भड़की हिंसा..
इससे पहले मोनू मानेसर ने अपने सोशल मीडिया (Social Media) अकाउंट पर एक वीडियो अपलोड (Video upload) कर मेवात में शोभा यात्रा की जानकारी दी थी और अपने अनुयायियों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया था। रिपोर्टों से पता चलता है, कि बजरंग दल कार्यकर्ता का वायरल वीडियो (Viral video) सोमवार की झड़प का ट्रिगर बिंदु था। मानेसर मुस्लिम भाइयों 35 वर्षीय जुनैद और 25 वर्षीय नासिर की हत्या का मुख्य संदिग्ध है, जिन्हें गौ तस्करी के संदेह में अपहरण कर लिया गया, पीटा गया और जलाकर मार दिया गया। उनके जले हुए शव 16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी जिले में एक जले हुए वाहन के अंदर पाए गए थे।
गैंगरेप की घटना ने फिर एक बार रिश्तो को तार-तार कर दिया है। शराब और डेढ़ हजार के लिए पति ने पत्नी को किया दोस्तों के हवाले..
डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network) उत्तर प्रदेश- रिश्तो को तार-तार करता एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। एक युवक ने शराब और डेढ़ हजार रुपए के लिए अपनी पत्नी को दोस्तों के हवाले कर दिया। इसके बाद उसके तीन दोस्त ने महिला के साथ गैंगरेप किया। पीड़िता ने अपने पति और उसके तीन दोस्तों के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया है।
देश में एक बार फिर गैंगरेप की घटना..
पति-पत्नी के रिश्ते को तार-तार कर देने वाला मामला संभल जिले का है। नखासा पुलिस थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला का आरोप है कि 1 जून को देर रात उसका पति शराब के नशे में घर पहुंचा। पति ने कहा, कि उसके साथियों ने उसे शराब पिलाई है और एक हजार पांच सौ रुपए भी दिए हैं। मेरे दोस्तों को खुश कर दो।
इसके बाद आरोप है कि पति ने अपने पत्नी को तीनों दोस्तों के हवाले कर दिया। बाद में तीनों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। उसके बाद तीनों आरोपी आए दिन महिला के घर पहुंच जाते हैं और महिला के साथ जबरन संबंध बनाते हैं। महिला ने पति व उसके तीनों दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
2 साल पहले भी कर चूका है कांड।
इस्माईल शेख मुंबई – कांदिवली पुलिस से 23 जुलाई 2023 को मिली जानकारी के मुताबिक, गरुड़ा पैट्रोल पंप के सामने, मरीडियन बीयर बार, लिंक रोड, कांदिवली पश्चिम, के फुटपाथ पर पुलिस ने जाल बिछाकर छापामारी की, जहां उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पहले ही खबर मिल चुकी थी, कि यहां कोई बनावटी पिस्तौल लेकर आने वाला है। यहां कांदिवली पुलिस के क्राइम डिटेक्शन ऑफिसर सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गीते को आरोपी के पास से एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
2 साल पहले भी कर चूका है कांड।
कांदीवली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव ने बताया कि 28 वर्षीय मीरा भयंदर, नवघर विलेज, मीरा रोड पूर्व इलाके का रहने वाला फरहान हनीफ कुरैशी उर्फ सोनू एक पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस कीमत लगभग 2 हजार 500 रुपये, एक नीले रंग की एक्सेस मोटरसाइकिल अंदाजन कीमत लगभग 50 हजार रुपये, एक सफेद रंग की अर्टिगा कार अंदाज़न कीमत लगभग 5 लाख रुपये और एक हौंडा कंपनी की सफेद कार अंदाजन कीमत लगभग 4 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया है।
Indian fasttrack newsकांदिवली पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी के पास से जप्त सामान के साथ पुलिस टीम की तस्वीर ..
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जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कांदीवली पुलिस के गुनाह रजिस्टर क्रमांक 485/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 3, 25 हथियार बंदी कायदा के साथ 37 (1) (अ) 135 महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत आरोपी का गुनाह दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि इसके पहले भी आरोपी के खिलाफ कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज है। 2 साल पहले यह वहां भी पिस्तौल के साथ एक साजिश के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।