Category: Delhi

  • कांदीवली की महिला से 14 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान

    कांदीवली की महिला से 14 लाख रुपये ऑनलाइन भुगतान

    Digital Arrest Scam: मुंबई के कांदीवली से एक महिला को जालसाजों ने किया डिजिटल अरेस्ट, महिला को डरा धमका कर मजबूरन 14 लाख रुपये का करवाया ऑनलाइन भुगतान। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – कांदीवली पश्चिम के एक महिला को डिजिटल अरेस्ट करने का ताजा मामला सामने आया है। बता दें कि 1 सितंबर को एक व्यक्ति का फोन आया जिसने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया और उसके खिलाफ दिल्ली साइबर अपराध शाखा में मामला दर्ज होने की झूठी जानकारी देते हुए आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला से 14 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए और जांच पूरी होने के बाद पैसे वापस किए जाने का कहा। लेकिन महिला का अपने बेटे से बात होने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ और बाद मे महिला ने पुलिस को इसकी सूचना दी। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 67 वर्षीय एक महिला को ऑनलाइन धोखेबाजों ने “डिजिटल अरेस्ट” किया और एक गैर-मौजूद धन शोधन मामले (non-existent money laundering case) में अपना नाम साफ करने के बदले में उन्हे 14 लाख रुपये का भुगतान करने के लिए मजबूर किया। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    क्या होता है डिजिटल अरेस्ट ?

    साइबर सुरक्षा एजेंसी (cyber security agency) सीईआरटी-इन (CERT In) की सलाह के अनुसार, डिजिटल अरेस्ट उसे कहते है जिसमें पीड़ित को फोन कॉल या ई-मेल या संदेश प्राप्त होता है जिसमें दावा किया जाता है कि वे अवैध गतिविधियों, जैसे पहचान की चोरी या धन शोधन के लिए जांच के दायरे में हैं। इसमें धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति पीड़ित को तत्काल कार्रवाई न करने पर गिरफ्तारी या कानूनी परिणाम भुगतने की धमकी देता है। वे अक्सर तर्कसंगत सोच को रोकने के लिए घबराहट की भावना पैदा करते हैं। अपना नाम हटाने, जांच में सहायता करने या वापसी योग्य सुरक्षा जमा/एस्क्रो खाते की आड़ में, व्यक्तियों को निर्दिष्ट बैंक खातों या यूपीआई आईडी में बड़ी रकम स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया जाता है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    कांदीवली की महिला से जुड़े मामले को लेकर पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग और साइबर अपराध शाखा का कर्मचारी बताया। उन्होंने महिला पर एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का आरोप लगाकर उसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। यह अपराध 1 से 5 सितंबर के बीच हुआ। पीड़िता मुंबई के कांदिवली पश्चिम में अपनी भाभी के साथ रहती है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस ने बताया कि शनिवार को उत्तर क्षेत्र साइबर पुलिस स्टेशन में पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। शिकायत के अनुसार, महिला को 1 सितंबर को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को दिल्ली दूरसंचार विभाग का अधिकारी बताया। उसे बताया गया कि उसके खिलाफ दिल्ली साइबर अपराध शाखा में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने महिला से कहा कि अपराध में उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया है। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए, बताया कि इसके बाद आरोपी ने उसकी बात अपने साथी से कराई, जिसने खुद को साइबर अपराध शाखा का अधिकारी राकेश कुमार बताया। जब कुमार और एक महिला आरोपी, जिसने खुद को शोभा शर्मा बताया था। आरोपियों ने पीड़िता को दिल्ली पुलिस के तीन फर्जी पत्र दिखाए और बताया कि उसे तीन से पांच साल की जेल हो सकती है। यह देखते हुए महिला डर गई। इसके बाद शर्मा ने पीड़िता से उसके बैंक खातों और म्यूचुअल फंड, फिक्स डिपॉज़िट के बारे में पूछा और उसे बैंक जाकर आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में सभी निवेश जमा करने को कहा। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

    अधिकारी ने बताया, कि शर्मा के निर्देश पर पीड़िता बैंक गई, फिक्स डिपॉज़िट, म्यूचुअल फंड और बचत खाते तोड़ दिए और आरटीजीएस के जरिए दिए गए खाता नंबर में 14 लाख रुपये जमा कर दिया। फोन करने वाले ने वैरिफिकेशन के बाद पैसे वापस करने का वादा किया। महिला को अपने बेटे से बात करने के बाद एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया। (Digital Arrest: Online payment of Rs 14 lakh from Kandivali woman)

  • Mumbai Dating App: करोड़ों का फर्जीवाड़ा

    Mumbai Dating App: करोड़ों का फर्जीवाड़ा

    मुंबई में डेटिंग ऐप घोटाले के मास्टरमाइंड अंकुर मीना उर्फ “मीना डिफॉल्टर” ने बड़ा खुलासा किया है। मीना क्लबों के साथ मिलकर हर दिन लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा करता था। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    डेटिंग ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी अंकुर मीना उर्फ “मीना डिफॉल्टर” ने पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। मालाड़ पश्चिम के बांगुर नगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार मीना ने स्वीकार किया कि वह एक दिन में क्लबों के माध्यम से 20 लाख रुपये तक का कारोबार करता था। मीना बताया कि डेटिंग ऐप्स पर काम करने वाली लड़कियों को वह व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षण देता था। हर 10-15 दिनों में नए लड़कियों का एक समूह मुंबई लाया जाता था, जिनमें से कई लड़कियां इसके पहले दिल्ली और अन्य राज्यों में काम कर चुकी होती थीं। मीना इन लड़कियों को ग्राहकों से बातचीत करते हुए, उन्हें बड़े खर्च के लिए प्रेरित करने की कला सिखाता था। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

    टीम के सदस्यों ने की धोखाधड़ी

    गिरफ्तार आरोपी मीना के अनुसार, क्लब के मालिक धोखाधड़ी की गतिविधियों से पूरी तरह अवगत थे और मुनाफा बढ़ाने के उद्देश्य से डेटिंग एप घोटाले में शामिल रहते थे। उसने क्लब मालिकों के साथ बातचीत करते हुए, व्यावसायिक रणनीतियाँ तैयार की और इस घोटाले को अंजाम दिया। हर दिन का कामकाज उसकी टीम संभालती थी। हालाँकि, मीना ने दावा किया कि उसकी जानकारी के बिना, उसकी टीम के कुछ सदस्य लालच में आकर ग्राहकों से धोखाधड़ी करने लगे। उन्होंने ग्राहकों से अधिक कमीशन कमाने के लिए नकली बिल बनाए और क्लब मालिकों के साथ मिलकर ग्राहकों को ठगा। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

    मुंबई छोड़ने का निर्देश

    मीना ने कहा कि उसने अपनी टीम के सभी सदस्यों को समान रूप से पेमेंट किया जाता था। लेकिन कुछ लोगों ने क्लब मालिकों के साथ साजिश रचकर अपने निजी फायदे के लिए घोटाले को जारी रखा। पुलिस द्वारा रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद, मीना ने अपना ऑपरेशन बंद कर दिया और अपनी टीम के सदस्यों को मुंबई छोड़ने का निर्देश दिया। जबकि अधिकांश ने निर्देश का पालन किया। लेकिन कुछ सदस्य वहीं रहे और धोखाधड़ी जारी रखा। हाल ही में पुलिस ने इन सदस्यों में से छह को गिरफ्तार किया है। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

    गॉडफादर क्लब घोटाला

    मीना को 16 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखा गया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जोगेश्वरी पश्चिम की अंबोली पुलिस ने गॉडफादर क्लब मामले में उनकी संलिप्तता के कारण उन्हें हिरासत में लिया है। उन्हें बांद्रा की एक अदालत में पेश किया गया जहां से तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। गॉडफादर क्लब मामले में अंबोली पुलिस पूछताछ कर रही है। (Mumbai Dating App Fraud worth crores)

  • प्रचार से पहले भाजपा ने काटा 5 विधायकों का पत्ता

    प्रचार से पहले भाजपा ने काटा 5 विधायकों का पत्ता

    मुंबई के मौजूदा विधायकों की जगह भाजपा नए चेहरों को मौका देने जा रही है। चर्चा यह भी है कि इसमें भाजपा विधायक सुनील राणे के साथ राम कदम का भी नाम शामिल है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सभी पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गई है। सीट बंटवारे को लेकर महायुति और महाविकास अघाड़ी में मित्र पक्ष के बीच जबरदस्त रस्साकस्सी चल रही है। महायुति में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी भी गठबंधन में दरार बनी हुई है। ऐसे में कुछ विधायकों का मुंबई से टिकट कटने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार इन 5 विधायकों की जगह नए चेहरों को मौका दिए जाने की पार्टी के भीतर चर्चाएं आम हो रही है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    विधायकों का एड्रेस हुआ हैक ..

    महागठबंधन के नेताओं के बीच सीट बंटवारे को लेकर दिल्ली में बैठक हुई। इसके बाद अगला फॉर्मूला मुंबई में होने जा रहा है। वहीं, कुछ विधायकों का एड्रेस भी हैक होने की खबर है। मुंबई में 5 विधायकों का पत्ता कटेगा ऐसी जानकारियां सामने आ रही है। इसके साथ ही मौजूदा विधायकों की जगह नए चेहरों को मौका दिया जाने वाला है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    किसका पत्ता हुआ साफ ?

    चर्चा है कि इसमें भाजपा विधायक राम कदम का भी नाम है। पराग शाह की जगह प्रकाश मेहता का नाम सामने आया है। भारती लवकर की जगह संजय पांडे, तामीर सेलवन की जगह राजश्री शिरवाडकर और सुनील राणे की जगह गोपाल शेट्टी के नाम पर चर्चा हो रही है। हालांकि,अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मुंबई में जगह सीटों के आवंटन पर अभी भी चर्चा चल रही है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    किसको मिलेंगे कितने सीट ?

    मुंबई की 36 सीटों में सबसे ज्यादा सीटें भाजपा को मिलने वाली है और उसके बाद शिंदे गुट के शिवसेना को। अजित पवार के एनसीपी को तीन सीटें दी जाएंगी। सूत्रों ने जानकारी दी है कि भाजपा को 18 सीटें, शिवसेना को 15 सीटें और एनसीपी को 3 सीटें मिलेंगी। इसमें एनसीपी के हिस्से की अणुशक्ति नगर, बांद्रा पूर्व, शिवाजी नगर-मानखुर्द सीटें शामिल हैं। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

    महाराष्ट्र में सीटों का बंटवारा ..

    इस बीच यह भी खबर है, कि आज रात मुंबई में फिर से महागठबंधन की बैठक होगी। अभी भी महाराष्ट्र में 40 से 50 सीटों का अंतर बताया जा रहा है। अजित पवार की एनसीपी राज्य में 55 से 60 सीटें चाहती है। बताया गया है कि शिंदे की पार्टी 75 से 80 सीटें चाहती है, जबकि भाजपा 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। (BJP cuts of 5 MLAs before election campaign in Maharashtra)

  • हिंद पुलिस पर समर्पित तेजस भारत पत्रिका का विमोचन

    हिंद पुलिस पर समर्पित तेजस भारत पत्रिका का विमोचन

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के हाथों तेजस भारत मासिक पत्रिका का विमोचन। यह मैगजीन हिंद पुलिस को समर्पित है। हिंदुस्तान के जाबांज पुलिस से संबंधित किस्से इस मैंगनीज के माध्यम से प्रकाशित किए जा रहे हैं।

    न्यूज़ डेस्क
    नई दिल्ली-
    मुंबई के जानेमाने वकील विनय कुमार दुबे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर मुलाक़ात कर हिंद पुलिस को समर्पित ‘तेजस भारत’ मासिक पत्रिका जिसके वो राष्ट्रीय विधि सलाहकार है विमोचन किया और देश समाज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की। इस अवसर पर लखनऊ से पत्रिका के संपादक हिमांशु राय व प्रधान संपादक अखिलेश श्रीवास्तव मौजूद रहे।

    बता दें कि विनय कुमार दुबे मुंबई में मशहूर वकील और कई लॉ फर्म के मालिक होने के साथ साथ राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय – भारत सरकार में हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य भी है। जो की उनके निरंतर किए गए सामाजिक कार्यों को देखते हुए हाल फ़िलहाल में नामित किए गये। इस अवसर पर दुबे ने कहा यह पत्रिका भले ही लखनऊ से प्रकाशित होगी किंतु यह संपूर्ण देश भर में कार्यरत पुलिस और सेना के अधिकारियों पर समर्पित होगी और उनके कार्यों का ब्योरा होगा।

    इसके साथ ही आप को यह भी बता दें कि विनय कुमार दुबे ज्ञानोदय सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष है और कई सामाजिक संस्थाओं जैसे ‘ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट’, ‘प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संगठन’, ‘भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ’ से जुड़े हुए है और निरंतर लोगो की मदत करते रहते है। उत्तर प्रदेश में उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर काफ़ी कार्य किया है और निरंतर प्रयत्नशील रहते है।

    उनकी ‘कुमारी ममतादेवी चैरिटेबल ट्रस्ट’ शैक्षणिक कार्यों में मदत करती है और देशभर में कार्यरत है। दुबे वकील महकमें की समस्याओं को भी ले कर जुझारू रहते है, हाल ही में उन्होंने महाराष्ट्र में वकील सुरक्षा अधिनियम को लेकर सरकार से माँग की थी। मंत्री जी ने पत्रिका के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी।

  • दलालों के आगे मुजरा करती रेलवे सुरक्षा बल

    दलालों के आगे मुजरा करती रेलवे सुरक्षा बल

    उत्तरपूर्व रेल, उत्तर पश्चिम रेल, पश्चिम मध्य रेल, पूर्व रेल और अन्य रेलों में फर्जी आधार कार्ड पर फर्जी टिकट बनाकर दलाल धड़ल्ले से टिकट की काला बाज़ारी कर रहे है।

    वी बी माणिक
    नई दिल्ली-
    भारतीय रेल में अब दिन प्रति दिन रेल सुरक्षा बल अपना अस्तित्व गंवाती जा रही है। टिकट दलालों के हौसले दिन प्रति दिन बुलंद होते जा रहे। हर जगह दलालों की संख्या में बढोत्तरी होती जा रही है। उत्तर रेलवे के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दलालों में भारी बृद्धि हो गयी है। नई दिल्ली स्टेशन पर पहाड़गंज की तरफ दलाल राजेश के दस गुर्गे, दलाल पठान के पाँच गुर्गे, दलाल अनिल गाजियाबाद के करीब पंद्रह गुर्गे और दलाल मुन्ना चटक के दस गुर्गे खुलेआम टिकट दलाली का काम कर रहे है। ऐसे दलालों की रोकथाम में नाकाम यहां के निरीक्षक नरेंद्र कुमार क्या कर रहे है? ऐसे लोगों के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं। (Railway protection force performing mujra in front of brokers)

    फर्जी टिकट पर यात्रा..

    वही मुंबई के मध्यरेल एवं पश्चिम रेल में भी दलालों का वर्चस्व बढ़ता जा है। लेकिन रेल सुरक्षा बल के अधिकांश निरीक्षक अपनी ईमानदारी का गुणगान कर रहे है। कब बंद होगा दलालों का खेल? रेल सुरक्षा बल के महानिदेशक क्या कर रहे है? क्या निरीक्षको पर कंट्रोल करने के लिए अधिकारियों का अभाव है? वही उत्तरपूर्व रेल, उत्तर पश्चिम रेल, पश्चिम मध्य रेल, पूर्व रेल और अन्य रेलों में फर्जी आधार कार्ड पर फर्जी टिकट बनाकर दलाल धड़ल्ले से टिकट की काला बाज़ारी कर रहे है। जिसकी खबर लगाने पर प्रयागराज के पूर्व सीनियर डीएससी ने 8 लोगो को गिरफ्तार किया था। जो आज़मगढ़ से फर्जी टिकट पर यात्रा कर रहे थे अब मुंबई में दलाल प्रदीप सिंह, रमेश चौरसिया, महमूद, मुस्तफा, इमरान और इसका भतीजा जो चिंचबन्दर में काउंटर पर कब्जा जमा रखा है। इसी के साथ दीना नाथ, छोटू, तिवारी, धर्मेंद्र ये जीपीओ में कब्जा किया है। (Railway protection force performing mujra in front of brokers)

    लड़कियां भी उतरी दलाली में ..

    भायखला रेलवे स्टेशन पर कुछ लड़कियां दलाली में पूरी तरह शामिल है इनका गुरु उपेंद्र डागर है। फिर भी आरपीएफ की सीआई के लोग इनको पकड़ पाने में पूरी तरह फेल हो गए है या इनके सामने मुजरा कर रहे है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है। भायखला और चिंचबन्दर, जेजे अस्पताल के पोस्ट ऑफिस में भी दलालों का प्रभाव बना हुआ है। आरपीएफ कब तक दलालों के सामने मुजरा करते रहेंगे? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आरपीएफ में तैनात सीआई के लोग दलालों के साथ समझौता कर रखा है। कितनी भी खबर छपने दो तुम लोग धंधे में लगे रहो कुछ नही होगा। ऐसा दलालों को कहे जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। (Railway protection force performing mujra in front of brokers)

    कबतक होता रहेगा दलालों के सामने मुजरा?

    देश में त्यौहारी सीजन चल रहा है। ऐसे में भारतीय रेलवे टिकट काउंटर पर इस समय नवरात्रि और दीपावली को लेकर तत्काल टिकट की माँग जोरो पर बढ़ी है। मिल रही जानकारियों के मुताबिक, पहले से ही दलालों ने यात्रियों से टिकट का पैसा ले लिया है। फिलहाल ये अपने को सुरक्षित मानकर धंधे में लगे हुए है। अब देखना है कि आरपीएफ इन दलालों पर नकेल कसेगी या इनके सामने मुजरा करेगी? (Railway protection force performing mujra in front of brokers)

  • Air India Crew Member Murder- लेडी डॉन गिरफ्तार

    Air India Crew Member Murder- लेडी डॉन गिरफ्तार

    Air India Crew Member Murder की साजिश में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने एक गैंगस्टर की महिला साथी, काजल खत्री को गिरफ्तार किया है, जो लेडी डॉन के नाम से मशहूर है। दो गैंग के बीच दुश्मनी ..

    न्यूज़ डेस्क
    नई दिल्ली-
     इसी साल जनवरी में एयर इंडिया के एक क्रू मेंबर की हत्या (Air India Crew Member Murder) की साजिश रचने के मामले में जेल में बंद एक गैंगस्टर की महिला साथी को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है। नोएडा में जिम के बाहर 30 वर्षीय सूरज मान को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी सिलसिले में लेडी डॉन के नाम से मशहूर काजल खत्री को गिरफ्तार किया गया है। काजल गैंगस्टर कपिल की साथी है। पुलिस के मुताबिक, कपिल के कहने पर ही एक दूसरे गैंगस्टर परवेश के भाई सूरज मान की हत्या की गई थी। 

    Air India Crew Member Murder

    19 जनवरी को एयर इंडिया के कर्मचारी (Air India Crew Member) सूरज मान जब नोएडा में अपने घर के पास जिम जा रहे थे, तभी बाइक सवार तीन लोगों ने उन पर गोलियां चला दी। मृतक मकोका (MCOCA) के तहत गिरफ्तारी मामले में जेल में बंद नीरज बवाना गिरोह के एक सक्रिय सदस्य परवेश मान का भाई है। पुलिस ने पाया कि सूरज का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और हत्या जुलाई 2018 में शुरू हुए लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह के सदस्य परवेश और कपिल मान के बीच दुश्मनी का नतीजा था।

    पुलिस ने कहा कि कपिल मान के पिता की हत्या के पीछे परवेश मान का हाथ था और बदला लेने के लिए ही हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने कहा कि काजल खत्री हत्या के मामले में वांछित थी और उसकी गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देने वाले को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। कपिल के फरार होने के बाद से गैंग का कामकाज काजल ही संभाल रही थी।

  • HIGH COURT- वाहनों में सन कंट्रोल फिल्म के इस्तेमाल की अनुमति दे दी ..

    HIGH COURT- वाहनों में सन कंट्रोल फिल्म के इस्तेमाल की अनुमति दे दी ..

    यदि निर्धारित दिशानिर्देशों को पूरा करते हैं तो अधिकारियों के पास ऐसी फिल्मों के उपयोग के लिए कानूनी कार्रवाई करने या जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं है। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)

    न्यूज़ डेस्क
    नई दिल्ली-
    एक महत्वपूर्ण फैसले में, केरल उच्च न्यायालय (High Court) ने वाहनों की खिड़कियों पर सन कंट्रोल फिल्मों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। बशर्ते वे स्वीकृत नियमों का पालन करें। फैसला सुनाते हुए, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एन नागरेश ने स्पष्ट किया कि यदि वे निर्धारित दिशानिर्देशों को पूरा करते हैं तो अधिकारियों के पास ऐसी फिल्मों के उपयोग के लिए कानूनी कार्रवाई करने या जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं है। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)

    जानकारी के मुताबिक एक सन कंट्रोल फिल्म निर्माता और एक वाहन मालिक जिस पर सन कंट्रोल फिल्म का इस्तेमाल के खिलाफ जुर्माना लगाया गया था, इसके खिलाफ एक कंपनी की याचिकाओं के जवाब में कोर्ट ने फैसला सूनाया है। इस मामले में सन कंट्रोल फिल्म निर्माता कंपनी को मोटर वाहन विभाग (MVD) द्वारा एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें इन फिल्मों को बेचने के लिए उसका पंजीकरण रद्द करने की धमकी दी गई थी। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)

    अदालत ने क्या कहा? High Court

    अदालत ने 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी केंद्रीय मोटर वाहन (CMV) नियमों के 100वें संशोधन का हवाला दिया, जो वाहनों को आगे, पीछे और साइड की खिड़कियों के लिए सेफ्टी ग्लास के बजाय सेफ्टी ग्लेज़िंग का उपयोग करने की अनुमति देता है। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा 2019 में परिभाषित सुरक्षा ग्लेज़िंग में प्लास्टिक की फिल्मों के साथ सुरक्षा ग्लास शामिल है। संशोधन में कहा गया है कि आगे और पीछे की खिड़कियों में कम से कम 70 प्रतिशत पारदर्शिता होनी चाहिए, जबकि साइड विंडो में 50 प्रतिशत पारदर्शिता होनी चाहिए। इसके आधार पर, अदालत ने स्पष्ट किया कि इन पारदर्शिता स्तरों के अनुपालन में, सन कंट्रोल फिल्मों का उपयोग अनुमेय है। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)

    विरोधी पक्ष की आपत्तियों के बावजूद, जिसने सूर्य कंट्रोल फिल्मों पर सुप्रीम कोर्ट के पिछले प्रतिबंध का हवाला दिया, उच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंध सीएमवी नियमों में संशोधन से पहले जारी किया गया था। अदालत ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि केवल वाहन निर्माता ही सुरक्षा ग्लेज़िंग लगाने के लिए अधिकृत हैं, वाहन मालिकों के ग्लेज़िंग को बनाए रखने के अधिकार को बरकरार रखते हुए कहा, कि जब तक यह पारदर्शिता आवश्यकताओं को पूरा करता है। वाहनों पर कार्यवाही को लेकर मोटर वाहन क़ानून कोई प्रावधान नहीं है। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)

    क्यों रोका गया था सन कंट्रोल फिल्म का इस्तेमाल?

    इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने अलप्पुझा स्थित एक फर्म के पंजीकरण को रद्द करने के लिए एमवीडी द्वारा जारी नोटिस को भी रद्द कर दिया और सन कंट्रोल फिल्म का उपयोग करने के लिए एक वाहन मालिक पर लगाए गए जुर्माने को भी रद्द कर दिया है। इसके पहले सर्वोच्च न्यायालय ने 2012 में अविषेश गोयनका की एक याचिका पर सभी प्रकार की सूर्य नियंत्रण फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें आपराधिक गतिविधियों के लिए डार्क फिल्मों के उपयोग पर चिंता व्यक्त की गई थी। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)

  • Mumbai- लोगों के घरों में घुसकर चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

    Mumbai- लोगों के घरों में घुसकर चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

    Mumbai- बोरीवली (पूर्व) के कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों के घरों में घुसकर चोरी किया कर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    बोरीवली (पूर्व) के कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने लोगों के घरों में घुस कर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी देते हुए मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मीता पाटील ने बताया कि कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने कुल 10 अपराधिक मामलों का खुलासा कर 11 लाख 70 हजार रुपये का माल जप्त किया है। गिरफ्तार सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं, जो मुंबई-गुजरात जैसे बड़े शहरों में चोरी को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मीता पाटील ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि 13 अगस्त 2024 को बोरीवली (पूर्व) के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के नजदीक, टाटा पावर इलाके की, एक इमारत में रहने वाले फोटोग्राफर के फ्लैट का ताला तोड़कर लगभग 30 हजार रुपये का लैपटॉप चोरी कर लिया गया था। फरियादी की तहरीर पर गु.र.क्र. 585/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(अ), 331(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस उपनिरीक्षक धीरज वायकोस, विजयेंद्र आंबवडे और क्राइम डिटेक्शन की टीम ने घटना स्थल का जायजा लिया। जहां उन्हें सीसीटीवी कैमरा के कुछ फुटेज मिले। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    चोरी के लिए किराए की ऑटोरिक्शा ..

    फुटेज में पुलिस ने देखा कि कुछ लोग किराए की ऑटोरिक्शा से आए और इमारत मे जाने के बाद कुछ ही समय में वापस आकर उसी ऑटोरिक्शा से निकल गए। पुलिस ने शक के आधार पर जब ऑटोरिक्शा के मालिक का पता लगाकर उससे पूछताछ की, तो उसने बताया कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से 5 लोग आए और कुछ दिनों के लिए ऑटोरिक्शा किराए पर लिया था। और अधिक पूछताछ में उसने बताया, कि वो लोग दिल्ली पासिंग ग्रे कलर की होन्डा वेगनार कार से उत्तर प्रदेश की ओर निकल चुके हैं। पुलिस ने इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को देकर मार्गदर्शन एवं जांच की अनुमति प्राप्त की। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार?

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    कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेश रुद्रमुनि नंदी मठ ने बताया, कि तांत्रिक विश्लेषण से पता चला कि आरोपी पालघर जिले के विक्रमगढ़, जव्हार और मोखाडा इलाके को पार करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हमने वरिष्ठ अधिकारियों की मदद से पालघर जिले के मोखाडा की और क्राइम डिटेक्शन की टीम को रवाना किया और वहां मोखाडा पुलिस की मदद से कार को रोका और कार मे सवार पांचों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस थाने लाया गया और पूछताछ में आरोप सिद्ध होने के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    कैसे हुआ दूसरे अपराधों का खुलासा?

    पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से चोरी के लैपटॉप के अलावा सोने और चांदी के गहने भी बरामद हुए। इसकी पूछताछ में बताया कि ये लोग घाटकोपर के पंतनगर पुलिस थाने की हद मे चोरी की थी। जिसके खिलाफ पंतनगर पुलिस थाने में गु.र.क्र. 643/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 331(2), 331(1) दर्ज है। इसके अलावा कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र 558/2024 का भी खुलासा हुआ इसमें भी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 305(अ), 331(2), 331(3) के तहत यह गिरोह फरार चल रहा था। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ..

    गिरफ्तार आरोपियों के नाम 38 वर्षीय एजाज रमजानी अन्सारी, 28 वर्षीय अमीर सोहेल शमीम अहमद, 28 वर्षीय सलमान तस्लीम नदाफ, 46 वर्षीय शकील इनामुल हक और 25 वर्षीय शादाब अकबर हरसेन बताया जा रहा है। ये सभी गिरफ्तार आरोपी बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इमसे एजाज रमजानी के खिलाफ मुंबई, गुजरात और दिल्ली में कुल 14 मामले दर्ज हैं और अमीर सोहेल शमीम अहमद के खिलाफ गुजरात और मुंबई में कुल 4 मामले दर्ज है। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

    10 लाख 70 हजार रुपये का सामना जप्त..

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    पुलिस ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के पास से चोरी में इस्तेमाल हथियार  और वाहनों के साथ चोरी के सामानों को जप्त कर लिया गया है। जिसकी बाजार मूल्यांकन लगभग 11 लाख 70 हजार रुपये आंकी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज़ कुल 10 मामलों का खुलासा हुआ है। जिसमें कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में दो, घाटकोपर के पंतनगर पुलिस थाने में एक और अंधेरी (पश्चिम) के ओशिवरा पुलिस थाने में कुल 7 अपराधिक मामले दर्ज है। ये लोग शहर के रिहायशी हाय प्रोफाइल इलाकों को टार्गेट करते थे और मौका पाते ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)

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  • ‘परिसर में हिजाब, टोपी और नकाब’.., कोर्ट ने कॉलेज में लड़कियों के बुर्का पहनने पर सुनाया फैसला, तिलक, बिंदी को लेकर पूछा ये सवाल

    ‘परिसर में हिजाब, टोपी और नकाब’.., कोर्ट ने कॉलेज में लड़कियों के बुर्का पहनने पर सुनाया फैसला, तिलक, बिंदी को लेकर पूछा ये सवाल

    कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘बुर्का, हिजाब’ के संबंध में उसके अंतरिम आदेश का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा मुम्बई के कॉलेज को दुरुपयोग की स्थिति में अदालत का रुख करने की छूट दी गई है।

    इस्माईल शेख
    मुम्बई-
    सुप्रीम कोर्ट ने मुम्बई कॉलेज बुर्का मामले में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा कि लड़कियों को कक्षा में बुर्का पहनने और परिसर में कोई भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘बुर्का, हिजाब’ के संबंध में उसके अंतरिम आदेश का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

    मामले में मुम्बई कॉलेज को दुरुपयोग की स्थिति में अदालत का रुख करने की छूट दी गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने मुम्बई के एक कॉलेज के उस आदेश पर आंशिक रोक लगाई जिसमें परिसर में ‘हिजाब, बुर्का, टोपी और नकाब’ पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके साथ ही कॉलेज में ‘हिजाब’, ‘बुर्का’ पहनने पर प्रतिबंध संबंधी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मुम्बई की ‘एजुकेशनल सोसाइटी’ से जवाब मांगा।

    क्या है मामला?

    बता दें कि मुम्बई के एक निजी कॉलेज में छात्रों के कैंपस में हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी आदि पहनने पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई।

    यह मामला मुम्बई के एन. जी. आचार्य और डी. के. मराठे. कॉलेज का है, जहां के कॉलेज प्रशासन ने “हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल और टोपी” पहनने पर बैन लगाया हुआ था। इसके खिलाफ 9 लड़कियों ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की गई थी।

    कॉलेज प्रशासन का भेदभाव ..

    सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कॉलेज प्रशासन से कहा, “छात्रों को यह चुनने की आजादी होनी चाहिए कि वे क्या पहन सकती हैं। कॉलेज उन पर दबाव नहीं डाल सकता… यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको अचानक पता चलता है कि देश में कई धर्म हैं।” कोर्ट ने पूछा, कि “क्या आप यह कह सकते हैं कि किसी शख्स को तिलक लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी?”