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  • अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू छूट अब सिर्फ 12 महिने के लिए कर दिया गया है।

    अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू छूट अब सिर्फ 12 महिने के लिए कर दिया गया है।

    48 महिनों की वीज़ा इंटरव्यू छूट अमेरिकी सरकार ने अब घटाकर मात्र 12 महिने के लिए कर दिया गया है। इससे बाहर नौकरी व्यापार के लिए जानेवाले भारतीयों के लिए बड़ी दिक्कत होने वाली है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका ने वीज़ा इंटरव्यू छूट के लिए पात्रता विंडो, जिसे आमतौर पर ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है। इसे अब 48 महीने से घटाकर 12 महीने के लिए कर दिया है। इस बदलाव से हजारों नोन इमीग्रेंट वीजा धारकों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें एच-1बी, एफ-1 और बी1/बी2 वीजा धारक भी शामिल हैं। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    जबकि भारत में अमेरिकी दूतावास ने बदलाव की पुष्टि नहीं की है, ऑनलाइन वीज़ा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलिस से पता चलता है, कि उसने पिछले सप्ताह अपने पात्रता मानदंड को अपडेट किया है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    एटलिस के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया, कि “हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बदलाव अब लागू किया जा रहा है और 12 महीने से अधिक समय से समाप्त हो चुके आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    वीज़ा प्रोसेसिंग पर दबाव

    पहले, यदि व्यक्ति का पिछला वीज़ा 48 महीनों के भीतर समाप्त हो जाता था, तो वह ड्रॉपबॉक्स प्रणाली का उपयोग करके अपने वीज़ा को नवीनीकृत कर सकता था। यह विस्तारित नीति कांसुलर बैकलॉग को कम करने के लिए महामारी के दौरान पेश की गई थी। नवीनतम बदलाव का मतलब है कि कई आवेदकों को अब व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए उपस्थित होना होगा, जिससे वीज़ा प्रणाली पर और दबाव पड़ सकता है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    द नेशनल लॉ रिव्यू के अनुसार, इस बदलाव से नोन इमीग्रेंट वीज़ा धारकों के लिए देरी और यात्रा में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है, जिनमें निम्नलिखित परेशानियां शामिल हैं:

    • एच-1बी – विशिष्ट क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों के लिए एक कार्य वीजा, जिसके लिए अमेरिकी नियोक्ता से नौकरी की पेशकश की आवश्यकता होती है।
    • एफ-1 – अमेरिका में शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए एक छात्र वीजा, जो परिसर में सीमित रोजगार की अनुमति देता है।
    • बी1/बी2 – व्यापार (बी1) या पर्यटन (बी2) के लिए एक अल्पकालिक वीजा, जो रोजगार की अनुमति नहीं देता है।
    • एल-1 – एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के भीतर अमेरिकी कार्यालय में स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों के लिए एक वीजा, जो अधिकारियों, प्रबंधकों या विशेष ज्ञान वाले श्रमिकों पर लागू होता है।
    • O-1 – विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यवसाय या एथलेटिक्स में असाधारण क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए वीज़ा।

    क्या बदल गया है?

    आवेदक अब ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के लिए तभी अर्हता प्राप्त करते हैं, जब उनका वीज़ा पिछले 12 महीनों के भीतर समाप्त हो गया हो और उसी श्रेणी में हो। जो लोग इस आवश्यकता को पूरा नहीं करते हैं उन्हें एक व्यक्तिगत इंटरव्यू निर्धारित करना होगा, जिसके कारण ये हो सकते हैं:

    • अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में व्यक्तिगत नियुक्तियों की मांग में वृद्धि।
    • विशेष रूप से उच्च मात्रा वाले शहरों में वीज़ा इंटरव्यू के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करना।
    • व्यावसायिक यात्रियों और तेजी से नवीनीकरण की आवश्यकता वाले पेशेवरों के लिए संभावित व्यवधान।
    • इस बदलाव का असर अमेरिका में भारतीय छात्रों पर भी पड़ने की उम्मीद है।

    वनस्टेप ग्लोबल के मुख्य परिचालन अधिकारी सिद्धार्थ अय्यर ने जानकारी देते हुए बताया, “छात्रों (एफ-1) के लिए अमेरिकी वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया में हालिया नीति बदलाव खासकर भारत में आवेदकों के लिए एक महत्वपूर्ण समायोजन का प्रतिनिधित्व करता है। इंटरव्यू छूट की पात्रता अब पिछले 48 महीनों से घटकर 12 महीने हो गई है, कुछ छात्रों को अपने वीजा को नवीनीकृत करते समय लंबे समय तक इंतजार और अतिरिक्त कदमों का अनुभव हो सकता है। हालांकि यह समायोजन पूर्व-महामारी नियमों की वापसी को दर्शाता है, यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की मांग अधिक है।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    उन्होंने कहा, “इस बदलाव का उद्देश्य प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, लेकिन यह उन छात्रों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है जो अद्यतन पात्रता विंडो से बाहर हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कई छात्रों के पास अभी भी नियमित प्रक्रिया के माध्यम से अपने वीजा को नवीनीकृत करने के पर्याप्त अवसर होंगे।” “जो लोग इस परिवर्तन से प्रभावित हैं, उन्हें सूचित रहना चाहिए, अपने नवीनीकरण की योजना पहले से बना लेनी चाहिए, और मार्गदर्शन के लिए अपने विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय कार्यालयों या वीज़ा सलाहकारों तक पहुँचना जारी रखना चाहिए।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    भारत में वीज़ा अपाइंटमेंट में देरी

    भारत में वीज़ा अपॉइंटमेंट प्राप्त करना पहले से ही एक लंबी प्रक्रिया है। 2022 में B1/B2 (व्यवसाय और पर्यटन) वीज़ा इंटरव्यू के लिए प्रतीक्षा समय 999 दिनों से अधिक हो गया। हालाँकि अब इसमें सुधार हुआ है, लेकिन प्रतीक्षा समय अभी भी लंबा है:

    • दिल्ली और मुंबई: 440 दिन से अधिक
    • चेन्नई: 436 दिन
    • हैदराबाद: 429 दिन
    • कोलकाता: 415 दिन

    वीज़ा नीति में बदलाव क्यों?

    दिल्ली में एक सवाल के जवाब में, अमेरिकी दूतावास ने कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग कार्यकारी आदेश 14161 के तहत निर्देशित सभी वीजा कार्यक्रमों की पूर्ण समीक्षा कर रहा है। इस समय हमारे पास यही सारी जानकारी है।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    20 जनवरी, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश 14161 का शीर्षक है “संयुक्त राज्य अमेरिका को विदेशी आतंकवादियों और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा खतरों से बचाना।” आदेश संघीय एजेंसियों को इमीग्रेशन स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं को मजबूत करने का निर्देश देता है। यह पिछले ट्रम्प प्रशासन की कुछ नीतियों को बहाल करता है और सुरक्षा जोखिमों के लिए वीज़ा और इमीग्रेशन नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    इसमें शामिल है:

    • संभावित प्रवेश प्रतिबंधों के लिए उच्च जोखिम वाले देशों की पहचान करना।
    • शरणार्थी स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं को मजबूत करना।
    • सुरक्षा कमजोरियों के लिए वीज़ा कार्यक्रमों का मूल्यांकन करना।
    • अमेरिका में पहले से मौजूद विदेशी नागरिकों पर निगरानी बढ़ाना।
    • अमेरिकी समाज में आप्रवासी समावेशन को प्रोत्साहित करने के उपायों को लागू करना।

  • Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    Mumbai News: महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया – सीतारमण

    केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने शुरू की एमएसएमई का ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’। योजना के तहत मिलेगा 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’। सीतारमण ने मुम्बई एक कार्यक्रम में कहा कि देश के बजट सेशन में महाराष्ट्र की औद्योगिक भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया।

    Mumbai News: माइक्रो स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) को प्रोत्साहन देने और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्त मंत्री ने ‘म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना’ का शुभारंभ मुम्बई के एक कार्यक्रम में किया। इसके तहत प्लांट, मशीनरी या उपकरणों की खरीद के लिए 100 करोड़ रुपए तक का ‘कोलैटरल-फ्री लोन’ प्रदान किया जाएगा। इस योजना की केंद्रीय बजट में घोषणा की गई थी। जबकि महाराष्ट्र की औद्योगिक नीति को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसे कभी नजरअंदाज नहीं किया गया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    मुम्बई में कार्यक्रम का आयोजन

    बजट के बाद महाराष्ट्र के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के साथ मुलाकात एवं चर्चा के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण सोमवार को मुम्बई में थीं। यहां एक कार्यक्रम में उन्होंने महाराष्ट्र की उद्योग हितैषी भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत महाराष्ट्र के हर उद्योग को अनुकूल नीतियों के माध्यम से समर्थन दिया है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    शेयर बाजार की स्थिति

    मौजूदा शेयर बाजार की स्थिति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत में निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिल रहे हैं और विदेशी निवेशक इस समय मुनाफा वसूली के लिए भारतीय शेयर बेच रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और यह उथल-पुथल अस्थाई हो सकती है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

    लाभार्थियों को सौंपी फ्लैट की चाबी

    इस दौरान सीतारमण और चौधरी ने ‘स्पेशल विंडो फॉर अफोर्डेबल एंड मिड-इनकम हाउसिंग’ फंड के तहत लाभान्वित होने वाले घर खरीदारों को चाबियां सौंपीं। 24 जनवरी 2025 तक ‘स्वामीह फंड’ के माध्यम से 50,000 से अधिक घर वितरित किए जा चुके हैं और अगले तीन वर्षों में हर साल 20, 000 अतिरिक्त घर देने की योजना बनाई गई है। वित्त सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि भारत का रक्षा उपकरण निर्यात 24, 000 करोड़ के पार पहुंच गया है। जो इस क्षेत्र में देश की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है। (Mumbai News, Never ignored the industrial role of Maharashtra)

  • Maharashtra: उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर’, दिल्ली में हो गया खेला?

    Maharashtra: उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर’, दिल्ली में हो गया खेला?

    Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे की शिवसेना को एकनाथ शिंदे तोड़ने की कोशिश में हैं। उद्धव गुट के सांसदों को शिंदे गुट में शामिल करने की योजना है ‘ऑपरेशन टाइगर’।4 ठाकरे सांसद शिंदे के संपर्क में? (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    Maharashtra Politics:  उद्धव ठाकरे की मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है. ‘ऑपरेशन टाइगर’ वाला खतरा टला नहीं है। एकना शिंदे उद्धव ठाकरे की सेना का शिकार करने में लगे हुए हैं। पहले विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को झटका लगा। अब एकनाथ शिंदे और भाजपा मिलकर उद्धव ठाकरे को तगड़ा झटका देने की कोशिशों में जुटे हैं। नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के समर्थन पर टिकी केंद्र की मोदी सरकार को मजबूती देने के लिए अब उद्धव की शिवसेना को तोड़ने की प्लानिंग चल रही है। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    बीते दिनों खबर आई कि उद्धव ठाकरे ने ऑपरेशन टाइगर को फेल कर दिया। मगर ताज़ा अपडेट है कि उद्धव के सामने खतरा पूरी तरह अभी टला नहीं है। शिवसेना ठाकरे गुट के सांसदों को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली के राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ऑपरेशन टाइगर को गति एकनाथ शिंदे समूह दे रहा है। चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के चार सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    क्या है ऑपरेशन टाइगर?

    दरअसल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तोड़ने में पूरी तरह से जुट चुके हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को अपने पाले में लाने के लिए ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू किया है। ऑपरेशन टाइगर के अनुसार, उद्धव गुट के नेताओं को शिंदे गुट में शामिल कराने की कोशिश हो रही है। उद्धव ठाकरे के पास अभी 9 सांसद हैं। उनमें 6 से 7 सांसदों को तोड़कर शिंदे गुट में मिलाने की कवायद चल रही है। इसकी हलचल मुंबई से लेकर दिल्ली तक देखने को मिल रही है। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    ठाकरे के सांसद शिंदे गुट के करीब?

    आप को बता दें, कि संसदीय बजट सत्र इस समय दिल्ली में चल रहा है। सांसद संजय दीना पाटिल ने सांसद और शिंदे गुट के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे के घर आयोजित लंच में शामिल हुए। श्रीकांत शिंदे के घर लंच में शिंदे गुट के सांसद श्रीरंग अप्पा बारणे और संजय दीना पाटिल भी पहुंचे। इस लंच के बाद से ही सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। दिल्ली की हलचल से महाराष्ट्र की सियासत में खलबली मच गई है। इस वजह से अब उद्धव की शिवसेना के कान खड़े हो गए हैं। चर्चा है कि क्या शिंदे वाली शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ वाला दांव चल दिया? (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    दिल्ली में क्या हुआ?

    एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे के घर उद्धव सेना के सांसद संजय दीना पाटिल की मौजूदगी से राजनीतिक हलकों में चर्चा छिड़ गई है। दूसरी ओर श्रीरंग बारणे ने इस पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि “संजय दीना पाटिल मुझे कार से श्रीकांत शिंदे के घर छोड़ने आए थे। फिर उनकी मुलाकात श्रीकांत शिंदे से हुई।” श्रीरंग अप्पा बारणे ने स्पष्ट किया कि यह कोई योजनाबद्ध बैठक नहीं थी। इस बीच संजय दीना पाटिल दिल्ली में विपक्षी सांसदों के शक्ति प्रदर्शन में नहीं पहुंचे थे। वह उसी दिन संजय राउत के साथ थे। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    दिल्ली में और एक मुलाकात

    दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के घर पर आयोजित डिनर में उद्धव ठाकरे के सांसदों की मौजूदगी से चर्चाएं तेज हो गईं। बुधवार रात शिंदे गुट के सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के घर पर सभी सांसदों के लिए डिनर का आयोजन किया गया था। शिवसेना ठाकरे गुट के तीन सांसद संजय जाधव, नागेश पाटिल अष्टीकर और भाऊसाहेब वाघचौरे इस डिनर में शामिल हुए। इसके बाद से ही चर्चा है कि क्या ऑपरेशन टाइगर ने रफ्तार पकड़ ली, और ये भी कहा जा रहा है कि “क्या ठाकरे के चार सांसद शिंदे वाली शिवसेना के संपर्क में हैं?” (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

  • कई जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देना वाला हुआ गिरफ्तार

    कई जगहों को बम से उड़ाने की धमकी देना वाला हुआ गिरफ्तार

    बम्बई से पहले दिल्ली के 400 से अधिक स्कूलों, अस्पतालों, एयरपोर्ट और यहां तक की आरबीआई मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल का मुंबई साइबर सेल ने खुलासा कर दिया है। एक सरकारी स्कूल के छात्र को हिरासत में लेकर पुलिस जांच कर रही है। (The person who threatened to bomb several places was arrested)

    न्यूज़ डेस्क
    बम्बई
    – अंधेरी के नजदीक जोगेश्वरी के ओशिवरा इलाके में गुरूवार को एक निजी स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी भरे मेल ने बम्बई पुलिस की नींद उडाकर रख दी। हजारों के तादाद में यहां बच्चे पड़ रहे थे ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर बम्बई पुलिस की हालत खराब हो गई थी। रेयान इंटरनेशनल स्कूल को उडाने की धमकी के बाद स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते के जवानों ने कार्रवाई करते हुए इलाके की तलाशी ली। (The person who threatened to bomb several places was arrested)

    अफजल गैंग के नाम से मिली धमकी

    पिछले साल जनवरी में बम्बई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में बम की धमकी मिली थी। जुलाई से अब तक कई अस्पतालों, बम्बई एयरपोर्ट, कई फ्लाइट्स और यहां तक ​​कि RBI मुख्यालय को भी ईमेल के जरिए बम की धमकी दी जा चुकी है। मुंबई के रेयान ग्लोबल स्कूल में अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। लेकिन पुलिस तलाशी ले रही है। यह धमकी ‘अफजल गैंग’ नाम के एक गिरोह ने दी ऐसी जानकारियां सामने आ रही थी। (The person who threatened to bomb several places was arrested)

    सरकारी स्कूल का छात्र निकला आरोपी

    दक्षिण मुंबई पुलिस की साइबर सेल द्वारा गहन तकनीकी जांच के बाद सरकारी स्कूल के छात्र आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी फोरेंसिक जांच की गई। डिजिटल साक्ष्यों से पता चला कि आरोपी दिल्ली के कई स्कूलों को धमकी भरे ईमेल भेजने में शामिल था। (The person who threatened to bomb several places was arrested)

    पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए गुमनाम और एन्क्रिप्टेड ईमेल सेवाओं का इस्तेमाल किया, लेकिन हाईटेक तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर उसे पकड़ लिया गया है। पुलिस ने कहा कि बरामद डिजिटल उपकरणों और आरोपी के कबूलनामे के आगे के विश्लेषण से यह स्थापित हुआ कि वह दिल्ली के 400 से अधिक स्कूलों को भेजे गए इसी तरह के धमकी भरे ईमेल के कई पिछले मामलों में शामिल था। (The person who threatened to bomb several places was arrested)

    करीब 23 स्कूलों को मिली धमकी

    8 जनवरी, 2025 को दिल्ली के करीब 23 स्कूलों को उनके परिसर में बम रखे जाने की धमकी भरे ईमेल मिले थे, जिसके कारण व्यापक स्तर पर दहशत फैल गई, स्कूल बंद कर दिए गए और शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हुई। पिछले साल जनवरी में मुंबई के धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल में बम की धमकी मिली थी। (The person who threatened to bomb several places was arrested)

    दिल्ली की स्कूलों को भी मिली धमकी

    इससे पहले दिसंबर में दिल्ली के रेयान इंटरनेशनल स्कूल को ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई थी। यह बम की धमकी पाने वाले कई अन्य स्कूलों में से एक था। पिछले हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के 400 से ज्यादा स्कूलों को भेजी गई फर्जी बम से उड़ाने की धमकियों पर कार्रवाई की थी। धमकी भरे ईमेल के लिए जिम्मेदार एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया था। मामले पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, “सामाजिक सद्भाव और देश की प्रगति को अस्थिर करना भ्रष्ट दिमागों का काम है। हमें सतर्क रहना चाहिए और भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी अलगाववादी ताकतों के खिलाफ लड़ना चाहिए।” (The person who threatened to bomb several places was arrested)

  • Maharashtra: परली में आंदोलन, संजय राउत का हमला, PM मोदी मुंबई दौरे पर।

    Maharashtra: परली में आंदोलन, संजय राउत का हमला, PM मोदी मुंबई दौरे पर।

    Narendra Modi in Mumbai: पीएम मोदी की मुंबई यात्रा पर टिप्पणी करते हुए शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने उम्मीद जताई कि PM यहां के विकास को लेकर घोषणा करेंगे। उन्होंने परली में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी सरकार की आलोचना की। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई- 
    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई दौरे पर हैं। ऐसे में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने इस पर राज्य मे विकास और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। राउत ने कहा, कि “देखते हैं कि मोदी धारावी के लिए कोई घोषणा करते हैं या नहीं। यदि मोदी मुंबई के विकास के लिए आ रहे हैं तो उनका स्वागत है।” इस दौरान बड़ा खुलासा करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि “बालासाहेब ठाकरे ही वह व्यक्ति थे जो मोदी के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे।” राउत ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी के जल्द ही मणिपुर जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही राउत ने महाराष्ट्र के बीड जिले में परली आंदोलन को लेकर कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार की आलोचना की। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    विरोध प्रदर्शन से कानून व्यवस्था पर चिंता

    संजय राउत ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में बीड जिले के परली में विरोध प्रदर्शन कानून व्यवस्था का मुद्दा है। लोग बड़ी संख्या पर आपत्ति जता रहे हैं। कल परली में वाल्मीकि कराड पर मकोका लगाए जाने के बाद समर्थकों ने पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। इस अवसर पर वाल्मीकि कराड की मां भी उपस्थित थीं। समर्थक बहुत आक्रामक लग रहे थे। इस दौरान कुछ गंभीर आरोप भी लगाए गए। अब संजय राउत ने इस पर महाराष्ट्र सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    बीजेपी भ्रष्ट लोगों बना अड्डा

    संजय राउत ने बीजेपी की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीजेपी किसी को भी पार्टी में स्वीकार करे लेती है। महायुति में कई लोग दागी हैं। बीजेपी भ्रष्ट लोगों का अड्डा बन गई है। अमित शाह गुजरात के बर्खास्त गृह मंत्री थे। मुझे शाह को दी गई मदद के बारे में भी पता है। कुछ बातें गोपनीय होती हैं। कहने की जरूरत नहीं कि किसको किससे मदद मिली। ईवीएम को आज महागठबंधन के मंच पर रखा जाना चाहिए। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

    https://indian-fasttrack.com/mob-lynching-in-mumbai-dispute-over-overtake-dindoshi-police-station-malad-news

    विधायकों के साथ मीटिंग

    संजय राउत ने यह बयान पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से आज महायुति के विधायकों को निर्देश दिए जाने के बाद दिया। परली की स्थिति को देखते हुए धनंजय मुंडे परली गए। हालांकि इससे पहले उन्होंने उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की और उनकी अनुमति लेकर परली के लिए रवाना हो गए। वह आज नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन के लिए परली में अनुपस्थित रहेंगे। राज्य में महायुति के सभी विधायक मुंबई में हैं। (Movement in Parli Maharashtra, Sanjay Raut’s attack, PM Modi on Mumbai tour)

  • पवार गुट ‘विलय’ की चर्चा! आदित्‍य ठाकरे ने की फडणवीस से मुलाकात

    पवार गुट ‘विलय’ की चर्चा! आदित्‍य ठाकरे ने की फडणवीस से मुलाकात

    Ajit Pawar and Sharad Pawar: महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्‍य की राह बुन रहे हैं। दरअसल आने वाले नगरपालिका एवं पंचायत चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारी कर रहे हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्‍ट्र की सियासत में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अजित पवार और शरद पवार गुट आपस में विलय करने की इस वक्‍त सबसे ज्‍यादा चर्चा और बहस का कारण बनी हुई है। अब इन चर्चाओं के बीच उद्धव ठाकरे की शिवसेना गुट के नेता आदित्‍य ठाकरे ने एक बार फिर सीएम देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। कुछ दिन पहले भी नागपुर में उद्धव और आदित्‍य ठाकरे ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। उसके बाद उद्धव की पार्टी के मुखपत्र सामना में सीएम फडणवीस के कार्यों की तारीफ की गई थी। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?

    इस गर्म जोशी भरी मुलाकात के बाद आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “आज हमने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की और विनती की है कि जो ‘वॉटर फॉर ऑल’ योजना है, जिसे हम लेकर आए थे उस पर वे वापस अमल करें। पिछली एकनाथ शिंदे सरकार ने इस योजना को ‘स्थगित’ कर दिया था। हम चाहते हैं कि मुंबई के हर घर को पानी मिलना चाहिए। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    गठबंधन बन-बिगड़ सकते है।

    कामकाज के सिलसिले में मिलने-जुलने में कोई खास बात नहीं है लेकिन पवार परिवार में चल रही हलचल के बीच आदित्‍य ठाकरे की मुलाकात मायने रखती है। दरअसल महाराष्‍ट्र में विधानसभा चुनावों के बाद सभी दल अपने हिसाब से भविष्‍य की राह बुन रहे हैं। इसी बीच राज्य में आने वाले नगरनिगम एवं पंचायती चुनाव को लेकर सभी दल नए सिरे से तैयारियां कर रहे हैं। वैसे भी महाराष्‍ट्र के जानकार कह रहे हैं क‍ि अब विधानसभा चुनाव के बाद यहां नए सिरे से गठबंधन बन-बिगड़ सकते हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    पवार का पावर गेम

    एक तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को एकजुट करने वाले राजनेता इस आधार पर पैरोकारी कर रहे हैं, कि महाराष्‍ट्र में यदि अजित पवार और शरद पवार की पार्टी का आपस में विलय हो जाए तो उनका वोट प्रतिशत बढ़कर 20% हो जाएगा। इसके साथ ही शरद पवार की पार्टी में 8 लोकसभा और चार राज्‍यसभा सांसद हैं। अजित गुट के पास एक लोकसभा सदस्‍य है। इन सबके एक साथ आने से केंद्र सरकार में एनसीपी का प्रतिनिधित्‍व होगा। इसके अलावा पूरे महाराष्‍ट्र में अजित पवार के पास 41 और शरद पवार के पास 10 विधायक हैं। इनके एकजुट होने से डिप्‍टी सीएम अजित पवार का महाराष्‍ट्र में दबदबा बढ़ेगा। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

    इंडिया की जगह NDA की शरण

    इसी तरह उद्धव ठाकरे की शिवसेना के भीतर भी मंथन का दौर चल रहा है. पार्टी के कुछ नेता दबे स्‍वरों में राज ठाकरे की महाराष्‍ट्र नवर्निमाण सेना को एक साथ लाने की मांग कर रहे हैं। उनका मकसद ठाकरे परिवार को एकजुट करके शिवसेना की खोई हुई ताकत को फिर से हासिल करना है। एकनाथ शिंदे के अलग होने के बाद उद्धव की पार्टी कमजोर हुई है। उद्धव के पास केवल 20 विधायक हैं। वहीं कुछ नेता कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से हटने की बात कह रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने के बाद ही शिवसेना अपनी फायरब्रांड हिंदू छवि को हासिल करने में सक्षम हो सकती है। ऐसे लोग इंडिया गठबंधन की जगह एनडीए में जाने के पक्षधर हैं। महाराष्‍ट्र और केंद्र में अगले पांच साल तक कोई चुनाव नहीं होने वाला है। उसको देखते हुए सियासी दल नए सिरे से अपनी तैयारियों में लग गए हैं। (Discussion of ‘merger’ of Pawar groups! Aditya Thackeray met Fadnavis)

  • Car Project: मुंबई में केबल कार प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

    Car Project: मुंबई में केबल कार प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

    Mumbai Cable Car project: महाराष्ट्र राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर केबल कार प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की। इसके बाद प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई-
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुंबई महानगरीय क्षेत्र में रोपवे के माध्यम से केबल कार परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसकी जानकारी राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक आयोजित की थी। मौके पर महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने केंद्र सरकार द्वारा मुंबई महानगरीय क्षेत्र में “केबल कार परियोजना” को लागू करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ अलग से बैठक की। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    प्रताप सरनाईक ने क्या कहा?

    प्रताप सरनाईक ने कहा, ”विकसित भारत 2047 के लिए नितिन गडकरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुझे महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त हुआ। इस मौके पर हमने मुंबई के शहरी परिवहन को आसान बनाने के लिए “केबल कार परियोजना” का प्रस्ताव रखा। इसमें हमने पीपीपी के माध्यम से पर्वतमाला परियोजना के तहत डीपीआर तैयार करने की मंजूरी का अनुरोध किया। प्रताप सरनाईक ने इस मौके पर केबल कार परियोजना को विकसित महाराष्ट्र के लिए पर्यावरण-अनुकूल परिवहन बताया। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    सरनाईक ने कहा कि मुंबई महानगरीय क्षेत्र में बढ़ते शहरीकरण, वाहनों की बढ़ती संख्या, यातायात जाम की समस्या हल करने के लिए एक ठोस प्रयास किया जा रहा है। पश्चिमी देशों में “केबल कार परियोजना” के महत्व को समझाने के बाद इस परियोजना का सर्वेक्षण कर विकास योजना तैयार करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

    विकास की जरूरत क्यों है ?

    परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए इस परियोजना का भी सर्वेक्षण किया जाना चाहिए ताकि हवाई अड्डे से आने-जाने में कम से कम समय लगे। पालघर से रायगढ़ जिले के उरण-पेन तक फैले कुल क्षेत्र में शहरीकरण की गति बढ़ रही है। उन्होंने कहा, कि “सड़क परिवहन, रेलवे, मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर दिन-ब-दिन बढ़ते तनाव को देखते हुए भविष्य में “केबल कार” जैसी हवाई सेवाओं का विकास करना आवश्यक है।” (Cable Car Project Approval for cable car project in Mumbai)

  • अमित शाह की शव यात्रा में हजारों की तादाद में भीम सेना

    अमित शाह की शव यात्रा में हजारों की तादाद में भीम सेना

    मुंबई के कांदीवली पूर्व भीम सैनिकों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विरोध में आक्रोश मोर्चा निकाला। मौके पर हजारों की तादाद में भीम सैनिकों ने अमित शाह की शव यात्रा निकाल कर निषेध व्यक्त किया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – लोकसभा अधिवेशन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाहा ने भारतरत्न डाॅं.बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ बेबुनियाद बयानबाजी की जिसको लेकर मंगलवार को कांदिवली में हजारों की संख्या में भीम सैनिक सड़क पर उतर आए। इस समय अंबेडकरवादियों ने अमित शाह की अस्थियां कंधे पर लेकर विरोध जताया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    अंबेडकरवादी जन आंदोलन

    Kandivali Thousands of Bhim Sena in Amit Shah's funeral procession
    आंदोलन की तस्वीर

    अंबेडकरवादी जन आंदोलन की ओर से कांदिवली पूर्वी दामुंगर के नालंदा बुद्ध विहार से समतानगर पुलिस स्टेशन तक जन आक्रोश मार्च निकाला गया। मौके पर मार्च में शामिल भीम सैनिक कह रहे थे, इस अमित शाह का क्या करें, सिर नीचे, पैर ऊपर, इतने लोग क्यों, अमित शाह की लाश, धिक्कार है, धिक्कार है अमित शाह जैसे नारे लगाते हुए पूरे मोर्चे को उग्र कर दिया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    इसेभी पढ़े- मुंबई में गुरुद्वारा विध्वंस पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान मनपा अधिकारियों को नोटिस जारी

    बड़ी संख्या में अनुयायी

    Mumbai Thousands of Bhim Sena in Amit Shah's funeral procession

    इस अवसर पर दामुंगर, भीमनगर, लक्ष्मीनगर, लाहुगढ़, गौतमनगर, क्रांतिनगर, हनुमान नगर और कांदिवली के अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा, युवतियां और महिला अंबेडकरी अनुयायी मोर्चे में शामिल हुए। उपस्थित प्रदर्शनकारियों ने समतानगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को अपना विरोध बयान दिया और मांग की कि अमित शाह को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ दिए गए बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

  • Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Om Prakash Chautala, the former Chief Minister of Haryana and leader of the INLD, has passed away. He served as a Member of the Legislative Assembly seven times and held the position of Chief Minister on five occasions.

    News Desk
    Hariyana
    – Om Prakash Chautala, the former chief minister of Haryana and leader of the Indian National Lok Dal (INLD), died on Friday afternoon at his home in Gurugram. He was 89 years old.

    Chautala served as the chief minister of Haryana for an unprecedented five terms and was the son of former deputy prime minister Devi Lal. Family representatives announced that Chautala’s cremation will take place at Teja Khera in Sirsa district on Saturday afternoon, with his body available for public viewing from 8 am to 2 pm for those wishing to pay their respects.

    Chautala is survived by his two sons, Ajay Singh Chautala and Abhay Singh Chautala, along with three daughters.

    Abhay previously served as the Leader of the Opposition in the Haryana Assembly. His son, Arjun Chautala, is presently a legislator representing the Rania constituency in Haryana. Dushyant Chautala, the son of Ajay Chautala, held the position of Deputy Chief Minister of Haryana under the BJP-JJP alliance government led by Manohar Lal Khattar.

    Rakesh Sihag, spokesperson for the INLD, informed a news reporter that the former chief minister was in good health earlier in the day. However, he tragically suffered a cardiac arrest, experiencing hiccups just before his passing, Sihag noted.

    Chautala was found guilty in a corruption case linked to recruitment in 2013 and received a 10-year prison sentence. His elder son, Ajay Chautala, was one of 55 individuals convicted in the same case.

    This ruling significantly impacted his political career, preventing him from running in elections following the verdict. Chautala was released from Tihar jail in July 2021.

    Since his release, he has dedicated himself to establishing a third political front in the country after severing his connections with the National Democratic Alliance. In pursuit of this goal, he engaged with key political figures, including Bihar Chief Minister Nitish Kumar, former Prime Minister HD Deve Gowda, and former Uttar Pradesh Chief Minister Mulayam Singh Yadav in 2021. During a rally organized by Chautala in Fatehabad in September 2022, notable attendees included Nitish Kumar, NCP leader Sharad Pawar, Akali Dal’s Sukhbir Singh Badal, RJD leader and then Bihar Deputy Chief Minister Tejaswi Yadav, CPM General Secretary Sitaram Yechury, and Shiv Sena MP Arvind Sawant.

  • भारत का GDP ग्रोथ रेट घटने के कारण क्या है?

    भारत का GDP ग्रोथ रेट घटने के कारण क्या है?

    भारत की GDP ग्रोथ रेट दो साल में सबसे नीचे 5.4% पर आ गई है। यह पिछले अनुमानों क्रमशः 6.9 फीसदी और 5 फीसदी से कम है। राहुल गांधी ने इसके लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। कहा, कि स्थिति में सुधार के लिए बिना समय गंवाए एक नई सोच और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील की भारत को ज़रूरत है। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    उन्होंने कहा, बात साफ है, कि भारतीय अर्थव्यवस्था तब तक तरक्की नहीं कर सकती, जब तक इसका फ़ायदा सिर्फ़ गिने-चुने अरबपतियों को मिल रहा हो और किसान, मज़दूर, मध्यमवर्ग और ग़रीब तरह-तरह की आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हों। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)

    इन तथ्यों पर एक नज़र डालिए, देखिए स्थिति कितनी चिंताजनक है:

    • खुदरा महंगाई दर बढ़कर 14 महीने के उच्चतम स्तर 6.21% पर पहुंच गई है। पिछले साल अक्टूबर की तुलना में इस वर्ष आलू और प्याज़ की क़ीमत लगभग 50% बढ़ गई है।
    • रुपया 84.50 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
    • बेरोज़गारी पहले ही 45 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ चुकी है।
    • पिछले 5 सालों में मज़दूरों, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों की आमदनी या तो ठहर गई है या काफी कम हो गई है।
    • आमदनी कम होने से मांग में भी कमी आई है। 10 लाख से कम क़ीमत वाले कारों की बिक्री में हिस्सेदारी घटकर 50% से कम हो गई है, जो 2018-19 में 80% थी।
    • सस्ते घरों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी घटकर क़रीब 22% रह गई है, जो पिछले साल 38% थी। FMCG प्रोडक्ट्स की मांग पहले से ही कम होती जा रही है।
    • कॉरपोरेट टैक्स का हिस्सा पिछले 10 सालों में 7% कम हुआ है, जबकि इनकम टैक्स 11% बढ़ा है।
    • नोटबंदी और GST की मार से अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग का हिस्सा घटकर 50 वर्षों में सबसे कम सिर्फ़ 13% रह गया है। ऐसे में नई नौकरियों के अवसर कैसे बनेंगे?

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    राहुल गांधी ने भारत सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा, कि भारत की अर्थव्यवस्था के सुधार के लिए एक नई सोच चाहिए और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील उसका अहम भाग है। सबको समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा, तभी हमारी अर्थव्यवस्था का पहिया आगे बढ़ेगा।

    अर्थव्यवस्था का बुरा हाल, जनता का हाल बेहाल – इस स्थिति में सुधार के लिए बिना समय गंवाए एक नई सोच और बिज़नेसेस के लिए एक नई डील की ज़रूरत है।

    S&P ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.8 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। रेटिंग एजेंसी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027-28 में जीडीपी ग्रोथ रेट 5 फीसदी रहेगी। (What is the reason for the decline in India’s GDP growth rate?)