चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।
सुरेंद्र राय मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)
आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?
आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)
एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)
आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर
पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)
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बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)
इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है?
एक दूसरे के घोर विरोधी सब एक हो गए हैं।
INDIA गठबंधन के 28 दलों के नेताओं का मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
वी बी माणिक नई दिल्ली- कल पूरा विपक्षी पार्टियों के कुल 28 दलों के नेताओ ने मोदी के विरुद्ध लोकसभा चुनाव में इज्जत और परिवार बचाओ रैली निकाल कर सभी से चुनाव में मतदान करने के लिए आह्वान किया है। जिसमें मुख्य आकर्षण सुनीता केजरीवाल, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, फारूक अब्दुल्ला, लालू प्रसाद यादव, सीताराम येचुरी, शरद पवार, महबूबा मुफ्ती, अखिलेश यादव एवं अन्य नेता उपस्थित हुए सभी ने एक स्वर में अरविंद केजरीवाल को जेल से छुड़ाने के लिए आवाज उठाया। (india political news)
आप को बता दें, कि इसी रामलीला मैदान में 2012 में केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर राजनीति नहीं करने की शपथ ली थी। पर हजारे को धोखा देकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा कर लिया और घोटाले में जेल की यात्रा पर चले गए। वही राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि मोदी ने क्रिकेट में मैच फिक्सिंग की तरह ईडी, सीबीआई और इनकमटैक्स डिपार्टमेंट जैसे सरकारी विभागों को लगाकर चुनाव जीतने की तैयारी में लगे है। (india political news)
राहुल क्या क्या बोलते है ये किसी भी जनता के समझ मे नही आता है। ईवीएम तो कांग्रेस ही लायी थी। आज उसका विरोध कर रहे हैं। संविधान समाप्त हो जाएगा बीजेपी से जनता को छुटकारा पाने का चुनाव है। सुनीता ने कहा कि केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। इस इंडिया गठबंधन में आधे से ज्यादा नेता बेल पर है और कुछ जेल में है। क्या सत्ता धारी पार्टी के नेता ही भ्रष्टाचार में लिप्त है। यहां तो हर छोटे से बड़ा नेता किसी न किसी घोटाले में लिप्त है। (india political news)
दिल्ली के रामलीला मैदान से विरोध प्रदर्शन की तस्वीर
भाजपा नेताओं ने कहा इस गठबंधन में भ्रष्टाचारी सब एक हो गए है जो कभी एक दूसरे के घोर विरोधी थे। आज सब एक दूसरे की गोद मे बैठे है क्या केवल चुनाव जीतकर जनता को लूटने का संकल्प ले रखा है? अभी तक सीट बंटवारा नही हो सका है बात एकता की कर रहे है। जनता इनको जिताने वाली नही है। क्या करेंगे ? (india political news)
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अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उत्तरप्रदेश में जो जंगल राज की सरकार चला रहे थे इनके कार्यकर्ता पुलिस थानों, सरकारी कार्यालयों में दलाली करते थे। महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती थी। पुलिस शिकायत नही सुनती थी। पुलिस कर्मी थानों में बैठकर खुलेआम शराब पीते थे। इस पर कितना कंट्रोल किया था। वही मानसिकता पुलिस वालों की आज भी है। भले योगी की सरकार हो। क्योंकि अखिलेश वाली मानसिकता अभी तक गयी नही है। सारे नेता लोकतंत्र की बात करते है इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है? (india political news)
इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल सामने आते शुरू हुआ देश में राजनैतिक भूचाल।
कौन से दल ने कितना किया झोल?
रिपोर्ट अभी और बाकी है..
Electoral Bond Indian Government Political News
सुरेन्द्र राय मुंबई- हम भारतीय अपने जहन में कई वर्षो से लगातार एक जटिल समस्या का हल ढूंढ रहे है और वह जटिल समस्या यह है, कि इंसान अंततः भ्रस्ट क्यों हो रहा है? जबकि हमारे भारतीय समाज में भ्रस्टाचार के वर्चस्व का एक नया स्तंभ स्थापित हो चुका है और हमने इसमें ज्ञान, दौलत और हिंसा की एक ऐसी मिसाल इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे को खड़ी कर दी है, जो भ्रस्टाचार और सत्ता के मध्य अटुट और अतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है। (Electoral Bond Indian Government Political News)
हालांकि यह सत्ता विमर्श एक गंभीर जिरह की मांग करता है, जो सामाजिक विकास कार्य में अवरुद्ध करने वाला घटक के रूप में साबित हो रहा है, जो एक भ्रस्ट आचरण की पहचान है। जिसकी हमें घोर निंदा की जानी चाहिए। अब ऐसे में पिछले पांच वर्षों में कंपनियों ने अपने फ़ायदे के लिए सरकार को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कितना पैसा दिया यह पूरी तरह से अभी खुला नहीं है। घाघ लोगों का खुलासा एस बी आई ने नहीं किया। पांच वर्षों में किस कंपनी ने कितना चंदा दिया? (Electoral Bond Indian Government Political News)
‘बिजनेस टाइम्स’ मैगज़ीन में छपी खबर के अनुसार भारती एयरटेल में 241 करोड़, तता स्टील ने 175 करोड़, एल एन्ड टी ने 85 करोड़, महेंद्रा एन्ड महिंद्रा ने 39 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 23 करोड़, बजाज फाईनैंस ने 20 करोड़, मारुति सुज़ुकी ने 20 करोड़, टेक एम ने 15 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे। बीजेपी को पिछले दो वर्षों में यानी 2019 में 216.9 करोड़, 2023/24 में 296.12 करोड़ मिले। जबकि कांग्रेस को 2019 में मात्र 15.85 करोड़ और 2023/24 में 81.1 करोड़ मिले। इसके साथ ही दूसरे दलों को 2019 में 4.55 करोड़ और 2023/24 में 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)
पिछले पांच साल इलेक्टोरल बॉन्ड में कितने पैसे मिले हैं इसपर नज़र डालें तो पता चलता है, कि 2019 में 237 करोड़ , 2020 में 46 करोड़, 2021 में 40 करोड़ रुपए मिले। जबकि 2022 में 563 करोड़ और 2023 में 347 करोड़ के साथ दो वर्षों का भारी उछाल देखने को मिला। 2024 में सिर्फ 65 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
कांग्रेस के चारों एकाउंट आई टी ने फ्रीज किए हैं। इसलिए सुप्रीमकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गैरसंवैधानिक बताए जाने पर बीजेपी के भी खाते सीज करने की मांग की ज़ा रही है। यही न्याय का तकाज़ा भी है। प्रकाशित खबर के मुताबिक, फ्यूचर जेमिंग कंपनी द्वारा 149 करोड़ 2020 में, 324 करोड़ 2021 में, 440 करोड़ 2022 में, 321 करोड़ 2023 में और 2024 में 63 करोड़ क्षेत्रीय दलो जिसमें डी एम के, टी एम सी, वाई एस आर कांग्रेस और अन्य को दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
जबकि 2019 में बीजेपी को 125 करोड़ 2021 में, 33 करोड़ 2022 में, 129 करोड़ और 2023 में, 297 करोड़ रुपये मेघा इंजीनियरिंग ने दिए। क्विक ने भाजपा को 325 करोड़ 2022 में, शिवसेना को 25 करोड़, 2023 में बीजेपी को 50 करोड़ दिए। इसके साथ ही लिस्टेड कंपनियों से बीजेपी को 2019 और 2023/24 में 216.9 करोड़ और 298.12 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 15.85 और 81.1 करोड़, अन्य दलों को 4.55 और 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)
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टॉप 10 डोनर्स के 9.6 करोड़ मूल्य के इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गए। जिनमे फ्यूचर जेमिंग के 3, ई सी एल के 2, पैसिफिया इंडिया के 1.25, सिलवेनस बिल्डर के 1, सी मेकर्तिच के 0.4, वेदांता लिमिटेड के 0.3, सुधा कमर्शियल के 0.3, जुपिटर के 0.25, उत्कल अलमुनियम के 0.2 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गया। अकेले जालान ग्रुप की कंपनी केवेंटर फूडपार्क ने बीजेपी को 144.5, कांग्रेस को 20, अकाली दल को 0.5, यस पी को 10, टी एम सी को 20 करोड़ रुपये दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
जबकि मदनलाल लिमिटेड ने बीजेपी को एकमुश्त 175 करोड़, कांग्रेस को 10 करोड़ और एम के जे ने कांग्रेस को 69.35, आप को 7, टी एम सी को 18.5, बी आर एस को 10, बीजेपी को 12.5, और बी जे डी को 10 करोड़ रुपए दिए। इसके साथ ही एम के जे ने कांग्रेस को 22.25, टी एम सी को 27.4, बीजेपी को 14.07 करोड़ दिए। सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर ने कांग्रेस को 39 करोड़ और बीजेपी को 5 करोड़ दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में मोबाइल टावर रेडियो रिमोट यूनिट चोरी के 63 मामलों का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशन में दिल्ली और युपी से कुल 15 लोगों को किया गिरफ्तार।
मोबाइल टावर के साथ ये गिरोह जो करता था, उससे इमरजेंसी सेवाएं ही हो जाती थी बंद।
मोबाइल टावर टेक्नीशियन ही निकले चोर।
कम समय में आसानी से मोटी रकम कमाने का लालच।
विशेष संवाददाता नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर से महंगे उपकरणों को चुराने वाले बड़े गैंग का भांडाफोड़ किया है। मामले से जुड़े दो गैंग के लीडर और उनके 13 साथियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में नामी टेली कम्युनिकेशन कंपनी में काम करने वाले मोबाइल टॉवर टेक्नीशियन और स्क्रैप डीलर शामिल हैं। ये गैंग अब तक 250 से ज्यादा चोरियां कर चुके हैं। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने 33 आरआरयू, 20 बीबीयू, 15 जियो की पावर बैटरी, 20 बंडल केबल, 2 आरएसपी, रेडियो यूनिट समेत डेढ़ करोड़ से ज्यादा के मोबाइल टावर उपकरण बरामद किए हैं।
मोबाइल टावर से महंगे उपकरणों की चोरी ..
टावरों के इन महत्वपूर्ण पार्ट्स के चोरी होने के बाद इमरजेंसी सेवाओं को कॉल नहीं जाती थी, जिसकी वजह से टावर के आसपास के लोगों को परेशानी होती थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में मोबाइल टावर उपकरणों की चोरी के 63 मामलों का खुलासा किया गया। क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशन में कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की गिरफ़्तारी से कुल 33 RRU (बहुत महंगी कीमत की रेडियो रिमोट यूनिट), 20 BBU, 15 JIO बैटरी, दो RSP कार्ड, 12 हाई-टेक हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर उपकरण और 20 बंडल टावर केबल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में दर्ज चोरी के 17 मामलों का भी खुलासा हुआ है। अपराध में शामिल एक फोर्ड फिगो कार और एक स्कूटी भी बरामद की गई है।
एयरटेल ने की थी शिकायत
दरअसल एयरटेल के राष्ट्रीय नोडल अधिकारी ने देश के अलग अलग हिस्सों में स्थापित मोबाइल टावरों से बड़ी संख्या में आरआरयू, बीबीयू और उससे संबंधित सामान चोरी होने की सूचना दी थी। इन महंगे पार्ट्स की चोरी से ग्राहकों को कॉल करने और इंटरनेट सेवाओं का उपयोग करने में परेशानी हो रही थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक इस केस में 2 लोग नाजिम और सलमान इस गैंग को ऑपरेट कर रहे थे।
पता चला कि वे अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोगों से चोरी की गई आरआरयू/बीबीयू खरीदत कर उन्हें दिल्ली के रोहिणी स्थित अपने गोदाम में छिपा देते थे। इसके बाद वे इन सामानों को ऊंचे दामों पर दूसरे लोगों को बेच देते थे।
क्राइम ब्रांच टीम के इंस्पेक्टर शिवराज बिष्ट को सूचना मिली थी, कि सनी राजपूत नाम का एक शख्स मोबाइल टावर से चुराए गए RRU पार्ट्स लेकर उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर आने वाला है। जिसके बाद डीसीपी अमित गोयल और एसीपी रमेश लांबा की देखरेख में टीम बनाकर पुलिस का जाल बिछाया गया। इस धरपकड़ में सनी और सलमान को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ के बाद सलमान की रोहिणी स्थित दुकान पर छापा मारा गया, जहां से चोरी के कई महंगे मोबाईल टावर के पार्ट्स बरामद हुए।
यूपी से भी हुई गिरफ्तारी
फिर सलमान से पूछताछ में नाजिम नाम के युवक को यूपी के मुजफ्फरनगर से हिरासत में लिया गया, जो एक भंगार खरीदने और बेचने वालि डीलर था। जांच के दौरान आरोपी नाजिम ने खुलासा किया कि वह चोरी की गई आरआरयू/बीबीयू नदीम और इजहार और उसके भाई मोहम्मद नईम को बेचता था। इसके अलावा नाजिम की गवाही पर मोहम्मद नईम को मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया गया और आरोपी मोहम्मद नईम की गवाही पर 6 आरआरयू और 12 बीबीयू और JIO कंपनी की 5 बैटरियां बरामद की गईं।
पूछताछ के दौरान आरोपी सनी राजपूत ने खुलासा किया कि वह एयरटेल कंपनी का कर्मचारी है और आरआरयू और बीबीयू को इंस्टॉल और अनइंस्टॉल करने में माहिर है। वह अपने अन्य कर्मचारियों महेंद्र, मोरपाल, इरफान के साथ मिलकर दिल्ली में अलग अलग मोबाइल नेटवर्क टावरों पर लगे लाइन केबल के साथ-साथ आरआरयू/बीबीयू की चोरी करता था, ताकि आसानी से और मोटी रकम कमा सके।
मुंबई के बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास एवं रखरखाव संबंधित उपाय योजना पर सांसद गोपाल शेट्टी ने पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से की चर्चा।
इस्माईल शेख मुंबई– संसद सत्र के दौरान पुरातत्व विभाग महानिदेशक यदुबीर सिंह रावत से उत्तर मुंबई के भाजपा सांसद गोपाल शेट्टी ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बोरीवली पश्चिम स्थित प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्य संबंधित निवेदन पत्र दिया। साथ ही इस प्राचीन ऐतिहासिक गुफा के रखरखाव पर ठोस चर्चा की।
सांसद गोपाल शेट्टी ने जानकारी देते हुए बताया, कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत को उन्होंने वर्तमान चल रहे मंडपेश्वर गुफा के विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही इस कार्य में आ रही अड़चनों के निराकरण की भी चर्चा की। उन्होंने कहा, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा में पीने के पानी और शौचालय की समस्या है। इसकी सुविधा और आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चर्चा हुई है।
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प्राचीन मंडपेश्वर गुफा का सौंदर्यकरण ..
सांसद गोपाल शेट्टी के साथ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक यदूबीर सिंह रावत की तस्वीर ..
सांसद गोपाल शेट्टी ने बताया, कि प्राचीन मंडपेश्वर गुफा के रखरखाव और देखभाल संबंधीत उपाय योजना पर भी हमें काम करने की जरूरत है। जिसके लिए हमनें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग महानिदेशक रावत जी से चर्चा की है। साथ ही उन्हें वर्तमान गुफा के सौंदर्यकरण के चल रहे कार्य की जानकारी देते हुए, इस कार्य को तीव्र गति से पूर्ण करने की विनती की गई है। गोपाल शेट्टी ने बताया, कि “महानिदेशक श्री यदूबीर सिंह रावत ने इस मुलाकात के दौरान सकारात्मक एवं प्रतिभाव उत्तर दिए हैं।”
14 जनवरी को कोहरे मे रास्ता दिखाई नहीं देने के कारण गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 को मुंबई एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया था। यह तब विवाद का केंद्र बन गया जब सड़क पर बैठे यात्रियों के खानपान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
इस्माईल शेख मुंबई– नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों द्वारा सड़क पर खाना खाने की घटना को लेकर बुधवार को मुंबई एयरपोर्ट संचालक एमआईएएल (मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। 60 लाख रुपये ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) और 30 लाख रुपये डीजीसीए, कुल 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा घटना के संबंध में इंडिगो पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
14 जनवरी को कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 को मुंबई की ओर मोड़ दिया गया था। यह तब विवाद का केंद्र बन गया जब सड़क पर बैठे यात्रियों के जलपान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
मुंबई एयरपोर्ट सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहा..
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा, कि कारण बताओ नोटिस का जवाब 17 जनवरी को मिला और यह संतोषजनक नहीं पाया गया क्योंकि एमआईएएल द्वारा प्रस्तुत जवाब से पता चलता है कि वे सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहे हैं।
नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने घटना के संबंध में इंडिगो और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) को नोटिस दिया था। नोटिस में स्थिति को संभालने और हवाई अड्डे पर यात्री आराम की सुविधा प्रदान करने में सक्रिय उपायों की कमी के लिए इंडिगो और एमआईएएल की आलोचना की गई। डायवर्ट किए गए विमान को संपर्क स्टैंड के बजाय एक रिमोट बे (सी-33) को सौंपा गया था, जिसने टर्मिनल पर टॉयलेट और जलपान जैसी सुविधाओं तक यात्रियों की पहुंच को सीमित करके स्थिति को और जटिल बना दिया।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यात्री सुविधा, सुरक्षा मानदंडों और परिचालन संबंधी मुद्दों की अनदेखी के लिए एयरलाइन की आलोचना की। अधिकारी ने कहा, ”थके हुए और परेशान यात्रियों के लिए यह घटना एक प्रतिकूल और अस्वीकार्य अनुभव था।” इसके अलावा डीजीसीए ने एयर इंडिया और स्पाइसजेट पर 30-30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एयरलाइंस को यह सुनिश्चित नहीं करने के लिए नोटिस भेजा गया था कि दिल्ली में घने कोहरे की स्थिति में उतरने के लिए प्रशिक्षित पायलट ही पिछले कुछ दिनों में कम दृश्यता (Low Visibility) वाले घंटों के दौरान उड़ानें संचालित कर रहे थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में उड़ानें बदलनी पड़ीं।
जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
2 साल पहले भी कर चूका है कांड।
इस्माईल शेख मुंबई – कांदिवली पुलिस से 23 जुलाई 2023 को मिली जानकारी के मुताबिक, गरुड़ा पैट्रोल पंप के सामने, मरीडियन बीयर बार, लिंक रोड, कांदिवली पश्चिम, के फुटपाथ पर पुलिस ने जाल बिछाकर छापामारी की, जहां उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पहले ही खबर मिल चुकी थी, कि यहां कोई बनावटी पिस्तौल लेकर आने वाला है। यहां कांदिवली पुलिस के क्राइम डिटेक्शन ऑफिसर सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गीते को आरोपी के पास से एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
2 साल पहले भी कर चूका है कांड।
कांदीवली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव ने बताया कि 28 वर्षीय मीरा भयंदर, नवघर विलेज, मीरा रोड पूर्व इलाके का रहने वाला फरहान हनीफ कुरैशी उर्फ सोनू एक पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस कीमत लगभग 2 हजार 500 रुपये, एक नीले रंग की एक्सेस मोटरसाइकिल अंदाजन कीमत लगभग 50 हजार रुपये, एक सफेद रंग की अर्टिगा कार अंदाज़न कीमत लगभग 5 लाख रुपये और एक हौंडा कंपनी की सफेद कार अंदाजन कीमत लगभग 4 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया है।
Indian fasttrack newsकांदिवली पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी के पास से जप्त सामान के साथ पुलिस टीम की तस्वीर ..
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जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कांदीवली पुलिस के गुनाह रजिस्टर क्रमांक 485/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 3, 25 हथियार बंदी कायदा के साथ 37 (1) (अ) 135 महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत आरोपी का गुनाह दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि इसके पहले भी आरोपी के खिलाफ कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज है। 2 साल पहले यह वहां भी पिस्तौल के साथ एक साजिश के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।
डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network) एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।
Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।
Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-
Step 1:एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें। Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें। Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें
आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
अपना आवासीय पता लिखें।
Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें। Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें। Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।
एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।
Voter ID Card में पता बदलना..
क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-
Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें। Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें। Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें। Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें। Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।
यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।
Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें। Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:
एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।
Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।
इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं। इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।
Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?
इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं। आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।
NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A
अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।
आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?
एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।
मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?
एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।
Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें। Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।
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आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।
इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।
डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network) उडुपी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने मिडिल क्लॉस को कई टैक्स बेनिफिट प्रदान किए हैं। इसके तहत हर साल 7.27 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को किसी प्रकार का टैक्स नहीं देना होगा। उन्होंने कहा, सरकार ने समाज के किसी भी वर्ग को नहीं छोड़ा है। कुछ लोगों ने इस पर संदेह किया, जब साल 2023-24 के केंद्रीय बजट में 7 लाख रुपये तक की आमदनी के लिए आयकर छूट प्रदान करने का फैसला किया गया था।
7 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई का क्या होगा?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां जानकारी देते हुए बताया, कि “लोगों को संदेह इस बात को लेकर था कि 7 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई का क्या होगा? इसके बाद हम एक टीम के रूप में बैठे और डिटेल में गए। हमने यह पता लगाया कि आप प्रत्येक अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्स का भुगतान करते हैं। उदाहरण के लिए 7.27 लाख रुपये के लिए, अब आप किसी प्रकार का टैक्स नहीं देते। केवल 27 हजार रुपये पर ही ब्रेक ईवन आता है। इसके बाद आप टैक्स देना शुरू करते हैं।”
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50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन।
निर्मला सीतारमण ने कहा, “अब आपके पास 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी है। न्यू टैक्स रिजीम के तहत यह शिकायत थी कि कोई स्टैंडर्ड डिडक्शन नहीं है। यह इस बार दिया गया है।” उन्होंने कहा, कि “हम भुगतान में सरलता लाए हैं।” सरकार की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, कि “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का कुल बजट 2013-14 के 3,185 करोड़ रुपये की तुलना में 2023-24 के लिए बढ़कर 22,138 करोड़ रुपये हो गया है।
मोदी सरकार का बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।
उन्होंने कहा नौ साल के दौरान बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह एमएसएमई (MSME) सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद नीति योजना के तहत, 158 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा की गई कुल खरीद का 33 प्रतिशत एमएसएमई (MSME) से किया गया है। उन्होंने कहा, कि यह अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है।
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दुनियाभर में हुई भारत की तारीफ..
उन्होंने कहा, “हमने टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म (Trade Receivables Discounting System) लॉन्च किया। ताकि एमएसएमई (MSME) और अन्य निगमों को अपने खरीदार द्वारा भुगतान न करने के कारण लिक्विडिटी की कमी का सामना न करना पड़े।” सीतारमण ने कहा, कि “ओएनडीसी (ONDC) ने एमएसएमई (MSME) कारोबार को बड़े संभावित ग्राहक आधार तक पहुंचने में सक्षम बनाया है।” साथ ही उन्होंने कहा, कि “दुनिया इस बात की तारीफ करती है, कि भारत ने बिजनेस सेक्टर के लिए अच्छा काम किया है।”
उन्होंने यह भी बताया, कि “व्यापार करना भारत में पहले से आसान हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा, कि “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142 से बढ़कर 2019 में 63 हो गई है। हमने 1,500 से ज्यादा पुराने कानूनों और करीब 39 हजार अनुपालनों को निरस्त करके जरूरी अनुपालन बोझ को कम किया है।” उन्होंने कहा, कंपनी अधिनियम को अपराधमुक्त कर दिया गया है।
महाराष्ट्र दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणुस का स्वाभिमान जागा।
बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- मोदी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। बौखलाहट साफ दिख रही है। लेकिन उनकी हर चाल उन्हीं पर भारी पड़ेगी। महाराष्ट्र में पहले शिंदे एंड कंपनी के भ्रष्टाचार की जांच में जेल जाना था मगर शिंदे दंडवत मुद्रा में आ गए। मुख्यमंत्री बन गए। फिर बारी आई अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और छगनभूजबल जैसे भ्रष्टाचारियों की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो चुकी है।
भोपाल में दो दिन पहले कहा था, सारे भ्रष्टाचारी जेल जाएंगे। राकांपा ने किया है सत्तर हजार करोड़ के घोटाले का खेल। बस अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी कर मोदी का चरण रज ले बैठे और उपमुख्यमंत्री बन गए। अन्य भ्रष्ट मंत्री पद की शपथ ले लिए। बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं। क्योंकि मोदी खुद बिना रीढ़ के हो चुके हैं। जिनमें स्वाभिमान शेष है, झुकना नहीं चाहेंगे वे ही जेल जाएंगे।
Indian fasttrack newsमहाराष्ट्र वोटिंग की फाइल तस्वीर
गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग..
लेकिन देश में दूसरे नंबर के सांसद देने वाले महाराष्ट्र के नागरिकों का मराठी माणूस जाग चुका है। मराठी बनाम गुजराती का भाव बढ़ रहा है। तत्कालीन रूप से भले ही मोदी की कूटनीति जीत रही हो, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो मोदी के सिपहसालार जो सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बन चुके हैं उन्हें और उनके भ्रष्ट गद्दार साथियों को मराठी माणूस उनकी जमानत जब्त कराकर शिक्षा देंगे।
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इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छः से ज्यादा सीटें बीजेपी को मिलने वाली नहीं है और न हीं महाराष्ट्र में कभी बीजेपी की सरकार ही बनने देंगे मराठी माणूस। गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो गई है। जिस तरह एक मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणूस का स्वाभिमान जागा था। वैसे ही आज भी जाग चुका है और एक बार फिर गुजरात की हार सुनिश्चित है।