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Air India Crew Member Murder की साजिश में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने एक गैंगस्टर की महिला साथी, काजल खत्री को गिरफ्तार किया है, जो लेडी डॉन के नाम से मशहूर है। दो गैंग के बीच दुश्मनी ..
न्यूज़ डेस्क नई दिल्ली- इसी साल जनवरी में एयर इंडिया के एक क्रू मेंबर की हत्या (Air India Crew Member Murder) की साजिश रचने के मामले में जेल में बंद एक गैंगस्टर की महिला साथी को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है। नोएडा में जिम के बाहर 30 वर्षीय सूरज मान को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसी सिलसिले में लेडी डॉन के नाम से मशहूर काजल खत्री को गिरफ्तार किया गया है। काजल गैंगस्टर कपिल की साथी है। पुलिस के मुताबिक, कपिल के कहने पर ही एक दूसरे गैंगस्टर परवेश के भाई सूरज मान की हत्या की गई थी।
Air India Crew Member Murder
19 जनवरी को एयर इंडिया के कर्मचारी (Air India Crew Member) सूरज मान जब नोएडा में अपने घर के पास जिम जा रहे थे, तभी बाइक सवार तीन लोगों ने उन पर गोलियां चला दी। मृतक मकोका (MCOCA) के तहत गिरफ्तारी मामले में जेल में बंद नीरज बवाना गिरोह के एक सक्रिय सदस्य परवेश मान का भाई है। पुलिस ने पाया कि सूरज का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और हत्या जुलाई 2018 में शुरू हुए लॉरेंस बिश्नोई-गोल्डी बराड़ गिरोह के सदस्य परवेश और कपिल मान के बीच दुश्मनी का नतीजा था।
पुलिस ने कहा कि कपिल मान के पिता की हत्या के पीछे परवेश मान का हाथ था और बदला लेने के लिए ही हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने कहा कि काजल खत्री हत्या के मामले में वांछित थी और उसकी गिरफ्तारी के बारे में जानकारी देने वाले को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी। कपिल के फरार होने के बाद से गैंग का कामकाज काजल ही संभाल रही थी।
न्यूज़ डेस्क नई दिल्ली- एक महत्वपूर्ण फैसले में, केरल उच्च न्यायालय (High Court) ने वाहनों की खिड़कियों पर सन कंट्रोल फिल्मों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। बशर्ते वे स्वीकृत नियमों का पालन करें। फैसला सुनाते हुए, उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एन नागरेश ने स्पष्ट किया कि यदि वे निर्धारित दिशानिर्देशों को पूरा करते हैं तो अधिकारियों के पास ऐसी फिल्मों के उपयोग के लिए कानूनी कार्रवाई करने या जुर्माना लगाने का अधिकार नहीं है। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)
जानकारी के मुताबिक एक सन कंट्रोल फिल्म निर्माता और एक वाहन मालिक जिस पर सन कंट्रोल फिल्म का इस्तेमाल के खिलाफ जुर्माना लगाया गया था, इसके खिलाफ एक कंपनी की याचिकाओं के जवाब में कोर्ट ने फैसला सूनाया है। इस मामले में सन कंट्रोल फिल्म निर्माता कंपनी को मोटर वाहन विभाग (MVD) द्वारा एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें इन फिल्मों को बेचने के लिए उसका पंजीकरण रद्द करने की धमकी दी गई थी। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)
अदालत ने क्या कहा? High Court
अदालत ने 1 अप्रैल, 2021 से प्रभावी केंद्रीय मोटर वाहन (CMV) नियमों के 100वें संशोधन का हवाला दिया, जो वाहनों को आगे, पीछे और साइड की खिड़कियों के लिए सेफ्टी ग्लास के बजाय सेफ्टी ग्लेज़िंग का उपयोग करने की अनुमति देता है। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा 2019 में परिभाषित सुरक्षा ग्लेज़िंग में प्लास्टिक की फिल्मों के साथ सुरक्षा ग्लास शामिल है। संशोधन में कहा गया है कि आगे और पीछे की खिड़कियों में कम से कम 70 प्रतिशत पारदर्शिता होनी चाहिए, जबकि साइड विंडो में 50 प्रतिशत पारदर्शिता होनी चाहिए। इसके आधार पर, अदालत ने स्पष्ट किया कि इन पारदर्शिता स्तरों के अनुपालन में, सन कंट्रोल फिल्मों का उपयोग अनुमेय है। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)
विरोधी पक्ष की आपत्तियों के बावजूद, जिसने सूर्य कंट्रोल फिल्मों पर सुप्रीम कोर्ट के पिछले प्रतिबंध का हवाला दिया, उच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिबंध सीएमवी नियमों में संशोधन से पहले जारी किया गया था। अदालत ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि केवल वाहन निर्माता ही सुरक्षा ग्लेज़िंग लगाने के लिए अधिकृत हैं, वाहन मालिकों के ग्लेज़िंग को बनाए रखने के अधिकार को बरकरार रखते हुए कहा, कि जब तक यह पारदर्शिता आवश्यकताओं को पूरा करता है। वाहनों पर कार्यवाही को लेकर मोटर वाहन क़ानून कोई प्रावधान नहीं है। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)
क्यों रोका गया था सन कंट्रोल फिल्म का इस्तेमाल?
इसके साथ ही उच्च न्यायालय ने अलप्पुझा स्थित एक फर्म के पंजीकरण को रद्द करने के लिए एमवीडी द्वारा जारी नोटिस को भी रद्द कर दिया और सन कंट्रोल फिल्म का उपयोग करने के लिए एक वाहन मालिक पर लगाए गए जुर्माने को भी रद्द कर दिया है। इसके पहले सर्वोच्च न्यायालय ने 2012 में अविषेश गोयनका की एक याचिका पर सभी प्रकार की सूर्य नियंत्रण फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें आपराधिक गतिविधियों के लिए डार्क फिल्मों के उपयोग पर चिंता व्यक्त की गई थी। (HIGH COURT- Allowed the use of sun control film in vehicles)
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Mumbai- बोरीवली (पूर्व) के कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर एक ऐसे अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों के घरों में घुसकर चोरी किया कर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
इस्माईल शेख मुंबई- बोरीवली (पूर्व) के कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने लोगों के घरों में घुस कर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसकी जानकारी देते हुए मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मीता पाटील ने बताया कि कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने कुल 10 अपराधिक मामलों का खुलासा कर 11 लाख 70 हजार रुपये का माल जप्त किया है। गिरफ्तार सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं, जो मुंबई-गुजरात जैसे बड़े शहरों में चोरी को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त स्मीता पाटील ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस के जरिए इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि 13 अगस्त 2024 को बोरीवली (पूर्व) के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के नजदीक, टाटा पावर इलाके की, एक इमारत में रहने वाले फोटोग्राफर के फ्लैट का ताला तोड़कर लगभग 30 हजार रुपये का लैपटॉप चोरी कर लिया गया था। फरियादी की तहरीर पर गु.र.क्र. 585/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(अ), 331(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस उपनिरीक्षक धीरज वायकोस, विजयेंद्र आंबवडे और क्राइम डिटेक्शन की टीम ने घटना स्थल का जायजा लिया। जहां उन्हें सीसीटीवी कैमरा के कुछ फुटेज मिले। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
चोरी के लिए किराए की ऑटोरिक्शा ..
फुटेज में पुलिस ने देखा कि कुछ लोग किराए की ऑटोरिक्शा से आए और इमारत मे जाने के बाद कुछ ही समय में वापस आकर उसी ऑटोरिक्शा से निकल गए। पुलिस ने शक के आधार पर जब ऑटोरिक्शा के मालिक का पता लगाकर उससे पूछताछ की, तो उसने बताया कि कुछ दिनों पहले उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से 5 लोग आए और कुछ दिनों के लिए ऑटोरिक्शा किराए पर लिया था। और अधिक पूछताछ में उसने बताया, कि वो लोग दिल्ली पासिंग ग्रे कलर की होन्डा वेगनार कार से उत्तर प्रदेश की ओर निकल चुके हैं। पुलिस ने इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को देकर मार्गदर्शन एवं जांच की अनुमति प्राप्त की। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
पुलिस ने कैसे किया गिरफ्तार?
कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेश रुद्रमुनि नंदी मठ ने बताया, कि तांत्रिक विश्लेषण से पता चला कि आरोपी पालघर जिले के विक्रमगढ़, जव्हार और मोखाडा इलाके को पार करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। हमने वरिष्ठ अधिकारियों की मदद से पालघर जिले के मोखाडा की और क्राइम डिटेक्शन की टीम को रवाना किया और वहां मोखाडा पुलिस की मदद से कार को रोका और कार मे सवार पांचों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस थाने लाया गया और पूछताछ में आरोप सिद्ध होने के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
कैसे हुआ दूसरे अपराधों का खुलासा?
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से चोरी के लैपटॉप के अलावा सोने और चांदी के गहने भी बरामद हुए। इसकी पूछताछ में बताया कि ये लोग घाटकोपर के पंतनगर पुलिस थाने की हद मे चोरी की थी। जिसके खिलाफ पंतनगर पुलिस थाने में गु.र.क्र. 643/2024 में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 331(2), 331(1) दर्ज है। इसके अलावा कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में दर्ज गु.र.क्र 558/2024 का भी खुलासा हुआ इसमें भी भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 305(अ), 331(2), 331(3) के तहत यह गिरोह फरार चल रहा था। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ..
गिरफ्तार आरोपियों के नाम 38 वर्षीय एजाज रमजानी अन्सारी, 28 वर्षीय अमीर सोहेल शमीम अहमद, 28 वर्षीय सलमान तस्लीम नदाफ, 46 वर्षीय शकील इनामुल हक और 25 वर्षीय शादाब अकबर हरसेन बताया जा रहा है। ये सभी गिरफ्तार आरोपी बिजनौर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इमसे एजाज रमजानी के खिलाफ मुंबई, गुजरात और दिल्ली में कुल 14 मामले दर्ज हैं और अमीर सोहेल शमीम अहमद के खिलाफ गुजरात और मुंबई में कुल 4 मामले दर्ज है। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
10 लाख 70 हजार रुपये का सामना जप्त..
पुलिस ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों के पास से चोरी में इस्तेमाल हथियार और वाहनों के साथ चोरी के सामानों को जप्त कर लिया गया है। जिसकी बाजार मूल्यांकन लगभग 11 लाख 70 हजार रुपये आंकी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुंबई के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज़ कुल 10 मामलों का खुलासा हुआ है। जिसमें कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में दो, घाटकोपर के पंतनगर पुलिस थाने में एक और अंधेरी (पश्चिम) के ओशिवरा पुलिस थाने में कुल 7 अपराधिक मामले दर्ज है। ये लोग शहर के रिहायशी हाय प्रोफाइल इलाकों को टार्गेट करते थे और मौका पाते ही वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाया करते थे। (interstate gang of thieves busted in mumbai)
कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘बुर्का, हिजाब’ के संबंध में उसके अंतरिम आदेश का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा मुम्बई के कॉलेज को दुरुपयोग की स्थिति में अदालत का रुख करने की छूट दी गई है।
इस्माईल शेख मुम्बई- सुप्रीम कोर्ट ने मुम्बई कॉलेज बुर्का मामले में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने कहा कि लड़कियों को कक्षा में बुर्का पहनने और परिसर में कोई भी धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘बुर्का, हिजाब’ के संबंध में उसके अंतरिम आदेश का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
मामले में मुम्बई कॉलेज को दुरुपयोग की स्थिति में अदालत का रुख करने की छूट दी गई है। इसके साथ ही कोर्ट ने मुम्बई के एक कॉलेज के उस आदेश पर आंशिक रोक लगाई जिसमें परिसर में ‘हिजाब, बुर्का, टोपी और नकाब’ पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके साथ ही कॉलेज में ‘हिजाब’, ‘बुर्का’ पहनने पर प्रतिबंध संबंधी हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मुम्बई की ‘एजुकेशनल सोसाइटी’ से जवाब मांगा।
क्या है मामला?
बता दें कि मुम्बई के एक निजी कॉलेज में छात्रों के कैंपस में हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी आदि पहनने पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई।
यह मामला मुम्बई के एन. जी. आचार्य और डी. के. मराठे. कॉलेज का है, जहां के कॉलेज प्रशासन ने “हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल और टोपी” पहनने पर बैन लगाया हुआ था। इसके खिलाफ 9 लड़कियों ने पहले बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी और याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की गई थी।
कॉलेज प्रशासन का भेदभाव ..
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कॉलेज प्रशासन से कहा, “छात्रों को यह चुनने की आजादी होनी चाहिए कि वे क्या पहन सकती हैं। कॉलेज उन पर दबाव नहीं डाल सकता… यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको अचानक पता चलता है कि देश में कई धर्म हैं।” कोर्ट ने पूछा, कि “क्या आप यह कह सकते हैं कि किसी शख्स को तिलक लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी?”
चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को बचाने का सहारा।
सुरेंद्र राय मुंबई– आरएसएस बीजेपी की मदर संगठन है। लेकिन आज मोदी के सामने बौना हो गया। कारण मोदी ने अपना कद इतना बढ़ा लिया जो लोकतंत्र के दायरे में फिट नहीं बैठता। वैसे आरएसएस भी लोकतंत्र और भारतीय संविधान को नहीं मानता। मनुस्मृति और एक पार्टी का शासन के लिए मोदी कृतसंकल्प हैं। लेकिन आरएसएस को लोकसभा चुनाव में बीजेपी के हाथ से बाजी जाती दिखती है।आरएसएस की नज़र में मोदी का करिश्मा व ख्याति खत्म हो चुकी है। (RSS And Modi Government BJP Political News)
आरएसएस की सरकार में स्थिति क्या है?
आरएसएस एक बार कांग्रेस का पहले समर्थन कर चुकी है। बीजेपी की सत्ता में आरएसएस को सुविधाएं तो मिलीं। सत्रसूख भी मिला मगर अस्तित्वहीन हो चुका है आरएसएस। सरकार पर कोई प्रभाव नहीं रहा। हिंदू कार्ड भी राम मंदिर बन जाने से फेल हो गया है। आरएसएस का हिंदुत्व अंतिम स्वांस गिन रहा। महाराष्ट्र में एम एन एस से गठजोड़ होने की स्थिति में उत्तर भारतीय संगठन बीजेपी का साथ छोड़ने की घोषणा कर चुके हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)
एम एन एस से गठबंधन के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ लाखों वोटर्स बीजेपी से किनारा करेंगे। गुजरात के कच्छ में तेईस गांव के लोग चुनाव का बहिष्कार की घोषणा कर चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी ने दिल्ली के लोगों को नाराज़ कर दिया है। गिरफ्तारी का प्रभाव पंजाब और हरियाणा में भी पड़ेगा। (RSS And Modi Government BJP Political News)
आरएसएस संगठन की प्रतिकारात्मक फाइल तस्वीर
पूर्वोत्तर के मणीपुर, मिजोरम जैसे प्रदेशों में जाने की हिम्मत मोदी नहीं दिखा रहे। महिला खिलाडियों को जिस तरह दिल्ली पुलिस द्वारा सड़क पर घसीटा गया। बलात्कारी को बचाया गया। किसान आंदोलन दो के समय ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिराए गए। दुनिया में बैन पेयलेट गन चलाकर किसानों की आंखें फिफी गई। एम एस पी लागू करने के वादे से मोदी पीछे हटे, सड़क पर नुकीले कीलें जड़ी गई।किसान नाराज हैं। (RSS And Modi Government BJP Political News)
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बीजेपी को भी हार का भय सता रहा है। लोग टिकट मिलने पर भी चुनाव से कतरा रहे है। और भी नेता बीजेपी छोड़कर भाग रहे है। ए बी पी सर्वे में दो सौ सीटें भी बीजेपी पाने की स्थिति में नहीं है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा में देश भर से मिले समर्थन ने बीजेपी और आरएसएस की नींद उड़ा दी हैं।इंडिया गठबंधन और भी मज़बूत हुआ है। छोटे छोटे दलों को जिस तरह बीजेपी से जोड़ा जा रहा है उसकी हताशा ही झलकती है। चार सौ का नारा केवल कार्यकर्ताओं को ढाढस बंधाने के लिए दिया जा रहा है। तीनों चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कर मोदी ने संदेश दिया है कि वे आयोग द्वारा अपनी मर्ज़ी का चुनाव कराएंगे। (RSS And Modi Government BJP Political News)
इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है?
एक दूसरे के घोर विरोधी सब एक हो गए हैं।
INDIA गठबंधन के 28 दलों के नेताओं का मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
वी बी माणिक नई दिल्ली- कल पूरा विपक्षी पार्टियों के कुल 28 दलों के नेताओ ने मोदी के विरुद्ध लोकसभा चुनाव में इज्जत और परिवार बचाओ रैली निकाल कर सभी से चुनाव में मतदान करने के लिए आह्वान किया है। जिसमें मुख्य आकर्षण सुनीता केजरीवाल, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, फारूक अब्दुल्ला, लालू प्रसाद यादव, सीताराम येचुरी, शरद पवार, महबूबा मुफ्ती, अखिलेश यादव एवं अन्य नेता उपस्थित हुए सभी ने एक स्वर में अरविंद केजरीवाल को जेल से छुड़ाने के लिए आवाज उठाया। (india political news)
आप को बता दें, कि इसी रामलीला मैदान में 2012 में केजरीवाल ने अन्ना हजारे के साथ मिलकर राजनीति नहीं करने की शपथ ली थी। पर हजारे को धोखा देकर दिल्ली की सत्ता पर कब्जा कर लिया और घोटाले में जेल की यात्रा पर चले गए। वही राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा कि मोदी ने क्रिकेट में मैच फिक्सिंग की तरह ईडी, सीबीआई और इनकमटैक्स डिपार्टमेंट जैसे सरकारी विभागों को लगाकर चुनाव जीतने की तैयारी में लगे है। (india political news)
राहुल क्या क्या बोलते है ये किसी भी जनता के समझ मे नही आता है। ईवीएम तो कांग्रेस ही लायी थी। आज उसका विरोध कर रहे हैं। संविधान समाप्त हो जाएगा बीजेपी से जनता को छुटकारा पाने का चुनाव है। सुनीता ने कहा कि केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे। इस इंडिया गठबंधन में आधे से ज्यादा नेता बेल पर है और कुछ जेल में है। क्या सत्ता धारी पार्टी के नेता ही भ्रष्टाचार में लिप्त है। यहां तो हर छोटे से बड़ा नेता किसी न किसी घोटाले में लिप्त है। (india political news)
दिल्ली के रामलीला मैदान से विरोध प्रदर्शन की तस्वीर
भाजपा नेताओं ने कहा इस गठबंधन में भ्रष्टाचारी सब एक हो गए है जो कभी एक दूसरे के घोर विरोधी थे। आज सब एक दूसरे की गोद मे बैठे है क्या केवल चुनाव जीतकर जनता को लूटने का संकल्प ले रखा है? अभी तक सीट बंटवारा नही हो सका है बात एकता की कर रहे है। जनता इनको जिताने वाली नही है। क्या करेंगे ? (india political news)
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अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उत्तरप्रदेश में जो जंगल राज की सरकार चला रहे थे इनके कार्यकर्ता पुलिस थानों, सरकारी कार्यालयों में दलाली करते थे। महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती थी। पुलिस शिकायत नही सुनती थी। पुलिस कर्मी थानों में बैठकर खुलेआम शराब पीते थे। इस पर कितना कंट्रोल किया था। वही मानसिकता पुलिस वालों की आज भी है। भले योगी की सरकार हो। क्योंकि अखिलेश वाली मानसिकता अभी तक गयी नही है। सारे नेता लोकतंत्र की बात करते है इन नेताओं से पूछिए की लोकतंत्र की परिभाषा क्या है? (india political news)
इलेक्टोरल बॉन्ड का झोल सामने आते शुरू हुआ देश में राजनैतिक भूचाल।
कौन से दल ने कितना किया झोल?
रिपोर्ट अभी और बाकी है..
Electoral Bond Indian Government Political News
सुरेन्द्र राय मुंबई- हम भारतीय अपने जहन में कई वर्षो से लगातार एक जटिल समस्या का हल ढूंढ रहे है और वह जटिल समस्या यह है, कि इंसान अंततः भ्रस्ट क्यों हो रहा है? जबकि हमारे भारतीय समाज में भ्रस्टाचार के वर्चस्व का एक नया स्तंभ स्थापित हो चुका है और हमने इसमें ज्ञान, दौलत और हिंसा की एक ऐसी मिसाल इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे को खड़ी कर दी है, जो भ्रस्टाचार और सत्ता के मध्य अटुट और अतरंग संबंध स्थापित करती नजर आ रही है। (Electoral Bond Indian Government Political News)
हालांकि यह सत्ता विमर्श एक गंभीर जिरह की मांग करता है, जो सामाजिक विकास कार्य में अवरुद्ध करने वाला घटक के रूप में साबित हो रहा है, जो एक भ्रस्ट आचरण की पहचान है। जिसकी हमें घोर निंदा की जानी चाहिए। अब ऐसे में पिछले पांच वर्षों में कंपनियों ने अपने फ़ायदे के लिए सरकार को इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिए कितना पैसा दिया यह पूरी तरह से अभी खुला नहीं है। घाघ लोगों का खुलासा एस बी आई ने नहीं किया। पांच वर्षों में किस कंपनी ने कितना चंदा दिया? (Electoral Bond Indian Government Political News)
‘बिजनेस टाइम्स’ मैगज़ीन में छपी खबर के अनुसार भारती एयरटेल में 241 करोड़, तता स्टील ने 175 करोड़, एल एन्ड टी ने 85 करोड़, महेंद्रा एन्ड महिंद्रा ने 39 करोड़, अल्ट्राटेक सीमेंट ने 23 करोड़, बजाज फाईनैंस ने 20 करोड़, मारुति सुज़ुकी ने 20 करोड़, टेक एम ने 15 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे। बीजेपी को पिछले दो वर्षों में यानी 2019 में 216.9 करोड़, 2023/24 में 296.12 करोड़ मिले। जबकि कांग्रेस को 2019 में मात्र 15.85 करोड़ और 2023/24 में 81.1 करोड़ मिले। इसके साथ ही दूसरे दलों को 2019 में 4.55 करोड़ और 2023/24 में 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)
पिछले पांच साल इलेक्टोरल बॉन्ड में कितने पैसे मिले हैं इसपर नज़र डालें तो पता चलता है, कि 2019 में 237 करोड़ , 2020 में 46 करोड़, 2021 में 40 करोड़ रुपए मिले। जबकि 2022 में 563 करोड़ और 2023 में 347 करोड़ के साथ दो वर्षों का भारी उछाल देखने को मिला। 2024 में सिर्फ 65 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे गए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
कांग्रेस के चारों एकाउंट आई टी ने फ्रीज किए हैं। इसलिए सुप्रीमकोर्ट द्वारा गैरकानूनी गैरसंवैधानिक बताए जाने पर बीजेपी के भी खाते सीज करने की मांग की ज़ा रही है। यही न्याय का तकाज़ा भी है। प्रकाशित खबर के मुताबिक, फ्यूचर जेमिंग कंपनी द्वारा 149 करोड़ 2020 में, 324 करोड़ 2021 में, 440 करोड़ 2022 में, 321 करोड़ 2023 में और 2024 में 63 करोड़ क्षेत्रीय दलो जिसमें डी एम के, टी एम सी, वाई एस आर कांग्रेस और अन्य को दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
जबकि 2019 में बीजेपी को 125 करोड़ 2021 में, 33 करोड़ 2022 में, 129 करोड़ और 2023 में, 297 करोड़ रुपये मेघा इंजीनियरिंग ने दिए। क्विक ने भाजपा को 325 करोड़ 2022 में, शिवसेना को 25 करोड़, 2023 में बीजेपी को 50 करोड़ दिए। इसके साथ ही लिस्टेड कंपनियों से बीजेपी को 2019 और 2023/24 में 216.9 करोड़ और 298.12 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 15.85 और 81.1 करोड़, अन्य दलों को 4.55 और 33 करोड़ मिले। (Electoral Bond Indian Government Political News)
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टॉप 10 डोनर्स के 9.6 करोड़ मूल्य के इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गए। जिनमे फ्यूचर जेमिंग के 3, ई सी एल के 2, पैसिफिया इंडिया के 1.25, सिलवेनस बिल्डर के 1, सी मेकर्तिच के 0.4, वेदांता लिमिटेड के 0.3, सुधा कमर्शियल के 0.3, जुपिटर के 0.25, उत्कल अलमुनियम के 0.2 करोड़ रुपए का इलेक्टोरल बॉन्ड एकस्पायर हो गया। अकेले जालान ग्रुप की कंपनी केवेंटर फूडपार्क ने बीजेपी को 144.5, कांग्रेस को 20, अकाली दल को 0.5, यस पी को 10, टी एम सी को 20 करोड़ रुपये दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
जबकि मदनलाल लिमिटेड ने बीजेपी को एकमुश्त 175 करोड़, कांग्रेस को 10 करोड़ और एम के जे ने कांग्रेस को 69.35, आप को 7, टी एम सी को 18.5, बी आर एस को 10, बीजेपी को 12.5, और बी जे डी को 10 करोड़ रुपए दिए। इसके साथ ही एम के जे ने कांग्रेस को 22.25, टी एम सी को 27.4, बीजेपी को 14.07 करोड़ दिए। सस्मल इंफ्रास्ट्रक्चर ने कांग्रेस को 39 करोड़ और बीजेपी को 5 करोड़ दिए। (Electoral Bond Indian Government Political News)
क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में मोबाइल टावर रेडियो रिमोट यूनिट चोरी के 63 मामलों का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशन में दिल्ली और युपी से कुल 15 लोगों को किया गिरफ्तार।
मोबाइल टावर के साथ ये गिरोह जो करता था, उससे इमरजेंसी सेवाएं ही हो जाती थी बंद।
मोबाइल टावर टेक्नीशियन ही निकले चोर।
कम समय में आसानी से मोटी रकम कमाने का लालच।
विशेष संवाददाता नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मोबाइल टावर से महंगे उपकरणों को चुराने वाले बड़े गैंग का भांडाफोड़ किया है। मामले से जुड़े दो गैंग के लीडर और उनके 13 साथियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में नामी टेली कम्युनिकेशन कंपनी में काम करने वाले मोबाइल टॉवर टेक्नीशियन और स्क्रैप डीलर शामिल हैं। ये गैंग अब तक 250 से ज्यादा चोरियां कर चुके हैं। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम ने 33 आरआरयू, 20 बीबीयू, 15 जियो की पावर बैटरी, 20 बंडल केबल, 2 आरएसपी, रेडियो यूनिट समेत डेढ़ करोड़ से ज्यादा के मोबाइल टावर उपकरण बरामद किए हैं।
मोबाइल टावर से महंगे उपकरणों की चोरी ..
टावरों के इन महत्वपूर्ण पार्ट्स के चोरी होने के बाद इमरजेंसी सेवाओं को कॉल नहीं जाती थी, जिसकी वजह से टावर के आसपास के लोगों को परेशानी होती थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक दिल्ली एनसीआर में मोबाइल टावर उपकरणों की चोरी के 63 मामलों का खुलासा किया गया। क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग ऑपरेशन में कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की गिरफ़्तारी से कुल 33 RRU (बहुत महंगी कीमत की रेडियो रिमोट यूनिट), 20 BBU, 15 JIO बैटरी, दो RSP कार्ड, 12 हाई-टेक हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर उपकरण और 20 बंडल टावर केबल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर में दर्ज चोरी के 17 मामलों का भी खुलासा हुआ है। अपराध में शामिल एक फोर्ड फिगो कार और एक स्कूटी भी बरामद की गई है।
एयरटेल ने की थी शिकायत
दरअसल एयरटेल के राष्ट्रीय नोडल अधिकारी ने देश के अलग अलग हिस्सों में स्थापित मोबाइल टावरों से बड़ी संख्या में आरआरयू, बीबीयू और उससे संबंधित सामान चोरी होने की सूचना दी थी। इन महंगे पार्ट्स की चोरी से ग्राहकों को कॉल करने और इंटरनेट सेवाओं का उपयोग करने में परेशानी हो रही थी। क्राइम ब्रांच के मुताबिक इस केस में 2 लोग नाजिम और सलमान इस गैंग को ऑपरेट कर रहे थे।
पता चला कि वे अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोगों से चोरी की गई आरआरयू/बीबीयू खरीदत कर उन्हें दिल्ली के रोहिणी स्थित अपने गोदाम में छिपा देते थे। इसके बाद वे इन सामानों को ऊंचे दामों पर दूसरे लोगों को बेच देते थे।
क्राइम ब्रांच टीम के इंस्पेक्टर शिवराज बिष्ट को सूचना मिली थी, कि सनी राजपूत नाम का एक शख्स मोबाइल टावर से चुराए गए RRU पार्ट्स लेकर उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन पर आने वाला है। जिसके बाद डीसीपी अमित गोयल और एसीपी रमेश लांबा की देखरेख में टीम बनाकर पुलिस का जाल बिछाया गया। इस धरपकड़ में सनी और सलमान को हिरासत में लिया गया। उनसे पूछताछ के बाद सलमान की रोहिणी स्थित दुकान पर छापा मारा गया, जहां से चोरी के कई महंगे मोबाईल टावर के पार्ट्स बरामद हुए।
यूपी से भी हुई गिरफ्तारी
फिर सलमान से पूछताछ में नाजिम नाम के युवक को यूपी के मुजफ्फरनगर से हिरासत में लिया गया, जो एक भंगार खरीदने और बेचने वालि डीलर था। जांच के दौरान आरोपी नाजिम ने खुलासा किया कि वह चोरी की गई आरआरयू/बीबीयू नदीम और इजहार और उसके भाई मोहम्मद नईम को बेचता था। इसके अलावा नाजिम की गवाही पर मोहम्मद नईम को मुस्तफाबाद से गिरफ्तार किया गया और आरोपी मोहम्मद नईम की गवाही पर 6 आरआरयू और 12 बीबीयू और JIO कंपनी की 5 बैटरियां बरामद की गईं।
पूछताछ के दौरान आरोपी सनी राजपूत ने खुलासा किया कि वह एयरटेल कंपनी का कर्मचारी है और आरआरयू और बीबीयू को इंस्टॉल और अनइंस्टॉल करने में माहिर है। वह अपने अन्य कर्मचारियों महेंद्र, मोरपाल, इरफान के साथ मिलकर दिल्ली में अलग अलग मोबाइल नेटवर्क टावरों पर लगे लाइन केबल के साथ-साथ आरआरयू/बीबीयू की चोरी करता था, ताकि आसानी से और मोटी रकम कमा सके।
14 जनवरी को कोहरे मे रास्ता दिखाई नहीं देने के कारण गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 को मुंबई एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया था। यह तब विवाद का केंद्र बन गया जब सड़क पर बैठे यात्रियों के खानपान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
इस्माईल शेख मुंबई– नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों द्वारा सड़क पर खाना खाने की घटना को लेकर बुधवार को मुंबई एयरपोर्ट संचालक एमआईएएल (मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) पर 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। 60 लाख रुपये ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) और 30 लाख रुपये डीजीसीए, कुल 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा घटना के संबंध में इंडिगो पर 1.20 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
14 जनवरी को कम दृश्यता (Low Visibility) के कारण गोवा से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान 6E2195 को मुंबई की ओर मोड़ दिया गया था। यह तब विवाद का केंद्र बन गया जब सड़क पर बैठे यात्रियों के जलपान करने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
मुंबई एयरपोर्ट सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहा..
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने कहा, कि कारण बताओ नोटिस का जवाब 17 जनवरी को मिला और यह संतोषजनक नहीं पाया गया क्योंकि एमआईएएल द्वारा प्रस्तुत जवाब से पता चलता है कि वे सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करने में विफल रहे हैं।
नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) ने घटना के संबंध में इंडिगो और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) को नोटिस दिया था। नोटिस में स्थिति को संभालने और हवाई अड्डे पर यात्री आराम की सुविधा प्रदान करने में सक्रिय उपायों की कमी के लिए इंडिगो और एमआईएएल की आलोचना की गई। डायवर्ट किए गए विमान को संपर्क स्टैंड के बजाय एक रिमोट बे (सी-33) को सौंपा गया था, जिसने टर्मिनल पर टॉयलेट और जलपान जैसी सुविधाओं तक यात्रियों की पहुंच को सीमित करके स्थिति को और जटिल बना दिया।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यात्री सुविधा, सुरक्षा मानदंडों और परिचालन संबंधी मुद्दों की अनदेखी के लिए एयरलाइन की आलोचना की। अधिकारी ने कहा, ”थके हुए और परेशान यात्रियों के लिए यह घटना एक प्रतिकूल और अस्वीकार्य अनुभव था।” इसके अलावा डीजीसीए ने एयर इंडिया और स्पाइसजेट पर 30-30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एयरलाइंस को यह सुनिश्चित नहीं करने के लिए नोटिस भेजा गया था कि दिल्ली में घने कोहरे की स्थिति में उतरने के लिए प्रशिक्षित पायलट ही पिछले कुछ दिनों में कम दृश्यता (Low Visibility) वाले घंटों के दौरान उड़ानें संचालित कर रहे थे, जिसके कारण बड़ी संख्या में उड़ानें बदलनी पड़ीं।