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  • विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 5 राज्यों के समीकरण | सेमीफाइनल या रिहर्सल

    विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान, 5 राज्यों के समीकरण | सेमीफाइनल या रिहर्सल

    देश के पांच राज्यों में 7 नवंबर से शुरू होकर 30 नवंबर तक कुल चार चरणों में मतदान होंगे। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में, जबकि बाकी राज्यों में एक ही दिन वोट डाले जाएंगे। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे। साल के ये आखिरी चुनाव सेमीफाइनल तो नहीं, लेकिन 2024 के आम चुनाव के लिए रिहर्सल जैसे जरूर हैं।

    वी बी माणिक
    नई दिल्ली
    – देश की राजनीति में सेमीफाइनल मैच का बिगुल बज चुका है। इसके तहत देश के पाँच राज्यो में सभी दलों के रण बाकुरो की टोली ताल ठोकना शुरू कर दिया है। इस चुनावी खेल में कौन पहलवान जीतेगा? कौन हारेगा? ये समय बतायेगा। इस समय जाति गणना की माँग जोरो पर चल रही है। पर अधिकांश नेता अपनी जाति के बारे में कुछ नही बोल रहे है।

    देश में महिलाओ के साथ बलात्कार की घटना में काफी बढ़ोतरी हुई है। जिस पर राज्य सरकारें चुप्पी साध कर बैठी है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह समाप्ति की ओर बढ़ती जा रही है। रणबाँकुरों की ओर से टिकट के लिये जोर आजमाइश की जा रही है। चाहे वह कितना बड़ा अपराधी हो, इसको पार्टियां नही देख रही है। जितने दोषी राजनीतिक पार्टियां है उससे ज्यादा दोषी चुनाव आयोग है।

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    देश के पांच राज्यों में चुनाव

    मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार से देश की जनता कई माध्यमों सवाल करती आ रही है, कि क्योंकि चुनाव आयोग इस बात की जाँच क्यों नही करता कि जो भी नेता चुनाव लड़ रहा है उस के खिलाफ आपराधिक कितने केस दर्ज है? न्यायालय में कितने में दोषी पाया गया है और कितने केस विचाराधीन है? अगर है तो चुनाव लड़ने के योग्य नही है। चुनाव आयोग एकदम निष्पक्ष नही है क्योंकि चुनाव आयोग से रिटायर्ड होने के बाद ये भी किसी राजनीतिक पार्टी से चुनाव लड़कर या पीछे के रास्ते से लोकसभा-राज्यसभा में पहुँच जाते है। और आजीवन मलाई खाते है।

    चुनाव,
    चुनावी समीकरण को दर्शाती हुई तस्वीर

    पांचो राज्यों में कुल चार चरणों में वोटिंग होगी। सिर्फ छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होंगे बाकी राज्यों में एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे। शुरुआत मिजोरम से 7 नवंबर को होगी, जबकि आखिरी चरण में तेलंगाना विधानसभा के लिए 30 नवंबर को वोट डाले जाएंगे – सभी राज्यों में मतगणना 3 नवंबर को होगी।

    अब राजीनीतिक पार्टीयो के पहलवानो मे से ये पहलवान चुनाव जीतने के बाद पाँच वर्ष तक अपने एरिया में अपने चमचो के साथ केवल दहशत पैदा करना। पुलिस थानों को अपनी रखैल बनाकर रखना। दुकानदारों व्यापारियों और अन्य कारोबारियों से अवैध धन उगाही का काम करते है और ठेकेदारों से हर कार्य का कमीशन लेना, सरकारी दफ्तरों में वसूली करना, कर्मचारियों को धमकी देना, यही काम करते है। चुनाव आयोग इसकी जाँच क्यों नही करवाता है? बहुत गरीब वर्ग इन विधायकों द्वारा ठगी के शिकार हुए होते है इस पर कोई कार्रवाई नही होती है। अब देखना है, कि 3 दिसंबर को इस सेमीफाइनल मुकाबले का क्या रिजल्ट आता है।

    चुनाव तारीखों की घोषणा तो अब हुई है, लेकिन राजनीतिक पार्टियां काफी पहले से ही चुनाव कैंपेन शुरू कर चुकी हैं। अब तक का हाल तो यही बता रहा है कि 3 राज्यों राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है, जबकि तेलंगाना और मिजोरम में क्षेत्रीय दलों का दबदबा है।

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  • मुंबई में कांड करने के लिए दिल्ली से चुराई 2 कार एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस के साथ बदमाश को किया पुलिस ने गिरफ्तार।

    मुंबई में कांड करने के लिए दिल्ली से चुराई 2 कार एक पिस्तौल और जिंदा कारतूस के साथ बदमाश को किया पुलिस ने गिरफ्तार।

    • जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।
    • 2 साल पहले भी कर चूका है कांड।

    इस्माईल शेख
    मुंबई –
    कांदिवली पुलिस से 23 जुलाई 2023 को मिली जानकारी के मुताबिक, गरुड़ा पैट्रोल पंप के सामने, मरीडियन बीयर बार, लिंक रोड, कांदिवली पश्चिम, के फुटपाथ पर पुलिस ने जाल बिछाकर छापामारी की, जहां उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से पहले ही खबर मिल चुकी थी, कि यहां कोई बनावटी पिस्तौल लेकर आने वाला है। यहां कांदिवली पुलिस के क्राइम डिटेक्शन ऑफिसर सहायक पुलिस निरीक्षक हेमंत गीते को आरोपी के पास से एक पिस्तौल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।

    2 साल पहले भी कर चूका है कांड।

    कांदीवली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप विश्वासराव ने बताया कि 28 वर्षीय मीरा भयंदर, नवघर विलेज, मीरा रोड पूर्व इलाके का रहने वाला फरहान हनीफ कुरैशी उर्फ सोनू एक पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस कीमत लगभग 2 हजार 500 रुपये, एक नीले रंग की एक्सेस मोटरसाइकिल अंदाजन कीमत लगभग 50 हजार रुपये, एक सफेद रंग की अर्टिगा कार अंदाज़न कीमत लगभग 5 लाख रुपये और एक हौंडा कंपनी की सफेद कार अंदाजन कीमत लगभग 4 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया है।

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    जमानत पर रिहा, कांड,
    कांदिवली पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी के पास से जप्त सामान के साथ पुलिस टीम की तस्वीर ..
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    जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कांदीवली पुलिस के गुनाह रजिस्टर क्रमांक 485/2023 में भारतीय दंड संहिता की धारा 3, 25 हथियार बंदी कायदा के साथ 37 (1) (अ) 135 महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत आरोपी का गुनाह दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच में उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि इसके पहले भी आरोपी के खिलाफ कांदिवली पूर्व समता नगर पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज है। 2 साल पहले यह वहां भी पिस्तौल के साथ एक साजिश के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी सुधारने का नाम नहीं ले रहा है।

  • Election Card में फोटो कैसे चेंज करे ?

    Election Card में फोटो कैसे चेंज करे ?

    इस आर्टिकल को पढ़कर आप भी घर बैठे इलेक्शन कार्ड (Election Card) में अपना फोटो, पता और बाकी जानकारियों में बदलाव कर सकेंगे। हम खास आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आए हैं।

    डिजिटल डेस्क (Indian Fasttrack News Network)
    एक मतदाता पहचान पत्र आपके भारतीय होने और पते के प्रमाण के लिए एक आवश्यक दस्तावेज के रूप में कार्य करता है। इसलिए, भविष्य में असुविधा से बचने के लिए, आपका नाम, पता, जन्म पत्र आदि जैसी जानकारी में किसी भी गड़बड़ी को ठीक करना आवश्यक है। अगर आप भी ऑनलाइन और ऑफलाइन वोटर आईडी (Election Card) में सुधार करना चाहते हैं तो इसकी प्रक्रियाओं की जांच के लिए पढ़ना जारी रखें।

    Election Card सुधार के लिए आवेदन कैसे करें

    संभावित मतदाता पहचान पत्र में अपना नाम, पता और अन्य जानकारी बदलने के लिए ऑनलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुन सकते हैं। आवेदक का नाम, पता और जन्म तिथि बदलने के लिए प्रत्येक चरण को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है। जो निम्नलिखित हैं।

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    Voter ID Card में नाम बदलना

    Election Card पर ऑनलाइन नाम बदलने के तरीके के बारे में निम्नलिखित चरणों पर एक नज़र डालें:-

    Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट या राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर जाएं। अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालकर पोर्टल पर खुद को रजिस्टर करें। यदि आप मौजूदा सदस्य हैं तो लॉगिन करें।
    Step 2: “निर्वाचक विवरण में सुधार” चुनें और फॉर्म 8 पर क्लिक करें।
    Step 3: आपको दूसरे पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा और निम्नलिखित विवरण दर्ज करें

    • आपका संसदीय क्षेत्र या राज्य विधानसभा।
    • अपना नाम, उम्र, लिंग और मतदाता सूची का भाग संख्या टाइप करें।
    • अपने परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी दर्ज करें, जैसे पति या पत्नी, पिता या माता।
    • अपना आवासीय पता लिखें।

    Step 4: आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, पासपोर्ट आदि अपलोड करें।
    Step 5: अपना गलत या गलत वर्तनी वाला नाम बदलने या संपादित करने के लिए “My Name” टैब चुनें। अपना आवासीय शहर, तिथि और संपर्क विवरण जैसे – ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
    Step 6: सभी विवरणों को सत्यापित करें और चुनाव कार्ड को अपडेट करने के लिए सबमिट करें।

    एक बार जब आपका आवेदन संसाधित और सत्यापित हो जाता है, तो आपको अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक सूचना (Massage) प्राप्त होगा। तदनुसार, इसे अपने निकटतम निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करें।

    Voter ID Card में पता बदलना..

    क्या आप एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं और सोच रहे हैं कि मतदाता पहचान पत्र ( Election Card) में पता कैसे बदला जाए, तो चिंता न करें। नीचे दिए गए सरल चरणों का पालन करें:-

    Step 1: एनवीएसपी पोर्टल पर लॉग इन करें। टैब “नए मतदाता के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें/एसी से स्थानांतरित होने के कारण” का चयन करें और यदि आप वर्तमान में एक नए निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हुए हैं तो Form 6 चुनें।
    Step 2: यदि आप एक ही निर्वाचन क्षेत्र के भीतर एक आवासीय क्षेत्र से दूसरे में स्थानांतरित हो गए हैं तो Form 8A चुनें।
    Step 3: आवश्यक जानकारी जैसे नाम, निर्वाचन क्षेत्र, राज्य, जन्म तिथि आदि के साथ संबंधित फॉर्म भरें। अपना संपर्क विवरण जैसे मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी आदि प्रदान करें।
    Step 4: प्रासंगिक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि अपलोड करें। संबंधित दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा करें।
    Step 5: घोषणा विकल्प का चयन करें। कैप्चर टाइप करें और सबमिट करें।

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    Election card,
    वोटर आईडी अपडेट पर प्रतिकारात्मक तस्वीर

    Voter ID Card में जन्म तारीख बदलना..

    यहां बताया गया है कि आप NVSP पोर्टल पर पहुंचकर voter ID पर अपनी जन्मतिथि ऑनलाइन कैसे बदल सकते हैं।

    Step 1: पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद, Form 8 चुनें।
    Step 2: अपना नाम, संसदीय क्षेत्र या राज्य या जिला विधानसभा से संबंधित जानकारी दर्ज करें। अन्य जानकारी में शामिल हैं:

    • एपिक या मतदाता का फोटो पहचान पत्र संख्या।
    • उस विकल्प का चयन करें जिसे आप अपडेट करना चाहते हैं, इस मामले में, आपकी जन्म तिथि।
    • अपनी सही जन्मतिथि दर्ज करें और आयु प्रमाण के लिए आधार कार्ड जैसे दस्तावेज प्रदान करें।

    Step 3: घोषणा विकल्प का चयन करें और सबमिट करें।

    इसके अतिरिक्त, आप वोटर पोर्टल के माध्यम से voter ID सुधार का विकल्प भी चुन सकते हैं। यह एक सरकारी पोर्टल है जहां आवेदक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं या मतदाता पहचान पत्र पर जानकारी बदल सकते हैं।
    इसे एक्सेस करने के लिए आपको एक अकाउंट बनाना होगा। लॉग इन करने के बाद, “voter ID में सुधार” का विकल्प चुनें। अन्य चरण ऊपर बताए गए चरणों के समान हैं।

    Voter ID सुधार ऑफलाइन कैसे करें?

    इंटरनेट एक्सेस के बिना आवेदक निर्वाचन कार्यालय में जाकर ऊपर उल्लिखित सभी सूचनाओं को बदल सकते हैं। Form 8, 8A या 6 के लिए पूछें। आप इसे NVSP की आधिकारिक वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
    आप इसे कैसे डाउनलोड कर सकते हैं, इसके चरण यहां दिए गए हैं।

    • NVSP पोर्टल पर जाएं। “फॉर्म” पर क्लिक करें।
    • राज्य चुनें”। अब “डाउनलोड” अनुभाग पर नेविगेट करें और “फ़ॉर्म” चुनें।
    • आवश्यक फॉर्म डाउनलोड करें – Form 6, 8, या 8A

    अपना नाम, आयु, निर्वाचन क्षेत्र इत्यादि जैसे अनिवार्य क्षेत्रों को भरें। इसे सहायक दस्तावेजों के साथ संबंधित निर्वाचन कार्यालय में जमा करें। इसमें आधार कार्ड, पासपोर्ट आदि शामिल हैं।

    आपको Voter ID सुधार का विकल्प क्यों और कब चाहिए?

    एक मतदाता पहचान पत्र चुनाव के दौरान आपके वोट डालने की अनुमति देता है। इसके अतिरिक्त, जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, यह एक आवश्यक पहचान प्रमाण भी है। इसलिए, इसमें कोई भी गड़बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने काम के लिए एक निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए हैं, तो अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन या ऑफलाइन मतदाता पहचान पत्र सुधार का विकल्प चुनें।

    मतदाता पहचान पत्र सुधार स्थिति की जांच कैसे करें?

    एक बार जब आप Voter Id सुधार के लिए आवेदन कर देते हैं, तो आपको एक संदर्भ संख्या प्राप्त होगी। वोटर आईडी सुधार के लिए अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक करने के लिए इसका इस्तेमाल करें।

    Step 1: एनवीएसपी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। नीचे उल्लिखित “ट्रैक एप्लिकेशन स्थिति” पर क्लिक करें।
    Step 2: संदर्भ आईडी दर्ज करें और आवेदन की स्थिति देखने के लिए “ट्रैक स्थिति” चुनें।

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    आवेदक 1950 पर कॉल करके भी मतदाता पहचान पत्र सुधार के लिए आवेदन की स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।
    आप दो आसान चरणों के साथ वोटर पोर्टल के माध्यम से भी स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं
    पंजीकृत सदस्य “Track Status” का चयन करके स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं।

    आवेदन की स्थिति देखने के लिए संदर्भ संख्या दर्ज करें।

    इस प्रकार, यह सब वोटर आईडी सुधार के बारे में है। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को सत्यापित करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, एक सुगम आवेदन प्रक्रिया के लिए दस्तावेजों को संभाल कर रखें।

  • कांग्रेस की छत्रछाया में विपक्षियों को आना ही होगा।

    कांग्रेस की छत्रछाया में विपक्षियों को आना ही होगा।

    कांग्रेस की छ

    • आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है।
    • देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    प्रायः हर प्रदेश में चंद क्षत्रप अवश्य हैं। जैसे यूपी में सपा, महाराष्ट्र में शिवसेना और राकांपा लेकिन टूट से परेशान विहार में नीतीश और लालू फेमिली, बंगाल में ममता दीदी, इसी तरह साउथ में डी एम के. और कुछ छुटपुट क्षेत्रों में दूसरे क्षत्रप। किसी में इतनी शक्ति नहीं कि अकेले बीजेपी और मोदी का मुकाबला कर सके। दूसरी ओर जहां आप पार्टी ने दिल्ली और पंजाब फतह किया। लेकिन दूसरे प्रांतों में अप्रभावी रही, जबकि कांग्रेस ने पहले बीजेपी की दौलत शोहरत के सम्मुख सीमा तने गर्व से खड़ी रही। कांग्रेस और हिमाचल प्रदेश के बाद कर्नाटक में भी जीत हासिल कर सरकार बना ली। यहां समझने की जरूरत है कि देशभर के आदिवासी और दलित जनता कांग्रेस के साथ होती दिखाई दे रही है।

    लोकसभा चुनाव पूर्व तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में होने वाली विधानसभाओं में अपना परचम लहराएगी कांग्रेस। महाराष्ट्र में भले जयचंदों की कमी नहीं है। अपने अपने बासों की पीठ में छुरा भोंककर सत्तासुख ले रहे यह सुख अस्थाई है। आगामी चुनाव और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राकांपा और शिवसेना मिलकर कब्जा कर लेंगे। हरियाणा में भी कांग्रेस की जीत बड़ी होगी। कुल मिलाकर आधे से ज्यादा प्रदेशों में कांग्रेस का शासन होने वाला है। यूपी में भी कांग्रेस आश्चर्य में डाल सकती है। जो बीजेपी और मोदी के सपनों पर तुषारापार करने के लिए काफी है।

    Indian fasttrack news
    आदिवासी, दलित,
    कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर

    उत्तम बात यह हुई कि पटना में सभी विरोधी दलों को लगा कि राहुल गांधी ही मोदी के सर्वोत्तम विकल्प होंगे। गुजरात में राहुल को न्याय मिल नहीं सकता इस बात को बहुत पहले रेखांकित किया जा चुका है। मान लें सुप्रीमकोर्ट में भी लोकसभा चुनाव पूर्व न्याय नहीं मिला और राहुल जेल चले गए तो विपक्षी दलों को एकमत होकर प्रियंका गांधी अथवा कांग्रेस अध्यक्ष को विकल्प के रूप में सोचना होगा।

    देश भर के आदिवासी और दलित एकजुट हो सकते हैं।

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    चूंकि मापन्ना मल्लिकार्जुन खड़गे आदिवासी समुदाय के हैं। इसलिए देश भर के आदिवासियों और दलित उनके नाम पर एकजुट हो सकते हैं। सिर्फ उनके नाम की औपचारिक घोषणा करने की जरूरत होगी। चुनाव प्रचार में सिर्फ उनका नाम दलित आदिवासी समुदाय से जोड़ने की जरूरत होगी। यदि ऐसा हुआ और क्षत्रप मिलकर ईमानदारी से एक के सामने एक प्रत्याशी खड़ा करने की नीति का पालन करते हैं। तो आराम से विपक्षी दलों का गठबंधन 400 + सीटें जीतकर केंद्र में मोदी और बीजेपी को हटा कर नया इतिहास लिखेंगे। अभी तक दलित आदिवासी कभी भी देश का प्रधान मंत्री नहीं बना। खड़गे के रूप में आदिवासियों दलितों को अपना पीएम मिलने का स्वप्न साकार हो जाएगा।

  • आयकर से राहत को लेकर मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम..

    आयकर से राहत को लेकर मोदी सरकार ने उठाया बड़ा कदम..

    • 7.27 लाख तक की आमदनी वालों को टैक्‍स नहीं।
    • अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्‍स का भुगतान करते हैं?
    • 50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन।
    • मोदी सरकार का 2023-24 के लिए बजट में बढ़ोतरी।
    • आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।

    डिजिटल डेस्क (Indian fasttrack News Network)
    उडुपी
    में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार ने म‍िड‍िल क्‍लॉस को कई टैक्‍स बेन‍िफ‍िट प्रदान किए हैं। इसके तहत हर साल 7.27 लाख रुपये तक की आमदनी वालों को क‍िसी प्रकार का टैक्‍स नहीं देना होगा। उन्‍होंने कहा, सरकार ने समाज के किसी भी वर्ग को नहीं छोड़ा है। कुछ लोगों ने इस पर संदेह क‍िया, जब साल 2023-24 के केंद्रीय बजट में 7 लाख रुपये तक की आमदनी के ल‍िए आयकर छूट प्रदान करने का फैसला क‍िया गया था।

    7 लाख रुपये से ज्‍यादा की कमाई का क्या होगा?

    केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यहां जानकारी देते हुए बताया, कि “लोगों को संदेह इस बात को लेकर था कि 7 लाख रुपये से ज्‍यादा की कमाई का क्या होगा? इसके बाद हम एक टीम के रूप में बैठे और ड‍िटेल में गए। हमने यह पता लगाया क‍ि आप प्रत्येक अतिरिक्त 1 रुपये के लिए किस स्तर पर टैक्‍स का भुगतान करते हैं। उदाहरण के लिए 7.27 लाख रुपये के लिए, अब आप क‍िसी प्रकार का टैक्‍स नहीं देते। केवल 27 हजार रुपये पर ही ब्रेक ईवन आता है। इसके बाद आप टैक्स देना शुरू करते हैं।”

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/15/announcement-of-departmental-allocation-with-reshuffle-in-state-cabinet
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    मोदी सरकार,
    भारतीय अर्थव्यवस्था पर फाइल तस्वीर

    50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन।

    न‍िर्मला सीतारमण ने कहा, “अब आपके पास 50 हजार रुपये का स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन भी है। न्‍यू टैक्‍स र‍िजीम के तहत यह शिकायत थी कि कोई स्‍टैंडर्ड ड‍िडक्‍शन नहीं है। यह इस बार दिया गया है।” उन्होंने कहा, कि “हम भुगतान में सरलता लाए हैं।” सरकार की उपलब्धियों के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा, कि “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का कुल बजट 2013-14 के 3,185 करोड़ रुपये की तुलना में 2023-24 के लिए बढ़कर 22,138 करोड़ रुपये हो गया है।

    मोदी सरकार का बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी।

    उन्होंने कहा नौ साल के दौरान बजटीय आवंटन में करीब सात गुना की बढ़ोतरी हुई है। यह एमएसएमई (MSME) सेक्‍टर को सशक्त बनाने के लिए सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद नीति योजना के तहत, 158 केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा की गई कुल खरीद का 33 प्रतिशत एमएसएमई (MSME) से किया गया है। उन्होंने कहा, कि यह अब तक का सबसे ज्‍यादा आंकड़ा है।

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    दुन‍ियाभर में हुई भारत की तारीफ..

    उन्होंने कहा, “हमने टीआरईडीएस प्लेटफॉर्म (Trade Receivables Discounting System) लॉन्च किया। ताकि एमएसएमई (MSME) और अन्य निगमों को अपने खरीदार द्वारा भुगतान न करने के कारण ल‍िक्‍व‍िड‍िटी की कमी का सामना न करना पड़े।” सीतारमण ने कहा, कि “ओएनडीसी (ONDC) ने एमएसएमई (MSME) कारोबार को बड़े संभावित ग्राहक आधार तक पहुंचने में सक्षम बनाया है।” साथ ही उन्‍होंने कहा, क‍ि “दुनिया इस बात की तारीफ करती है, क‍ि भारत ने ब‍िजनेस सेक्‍टर के ल‍िए अच्‍छा काम क‍िया है।”

    उन्‍होंने यह भी बताया, क‍ि “व्यापार करना भारत में पहले से आसान हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा, कि “ईज ऑफ डूइंग ब‍िजनेस इंडेक्‍स में भारत की रैंकिंग 2014 में 142 से बढ़कर 2019 में 63 हो गई है। हमने 1,500 से ज्‍यादा पुराने कानूनों और करीब 39 हजार अनुपालनों को निरस्त करके जरूरी अनुपालन बोझ को कम किया है।” उन्‍होंने कहा, कंपनी अधिनियम को अपराधमुक्त कर दिया गया है।

  • यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    यह देखो मोदी का खेल। जिनको जाना था जेल। बन गए सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री।

    • गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू।
    • महाराष्ट्र दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणुस का स्वाभिमान जागा।
    • बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मोदी के पैरों के नीचे से जमीन खिसक चुकी है। बौखलाहट साफ दिख रही है। लेकिन उनकी हर चाल उन्हीं पर भारी पड़ेगी। महाराष्ट्र में पहले शिंदे एंड कंपनी के भ्रष्टाचार की जांच में जेल जाना था मगर शिंदे दंडवत मुद्रा में आ गए। मुख्यमंत्री बन गए। फिर बारी आई अजित पवार, प्रफुल्ल पटेल और छगनभूजबल जैसे भ्रष्टाचारियों की। इसके साथ ही महाराष्ट्र में गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो चुकी है।

    भोपाल में दो दिन पहले कहा था, सारे भ्रष्टाचारी जेल जाएंगे। राकांपा ने किया है सत्तर हजार करोड़ के घोटाले का खेल। बस अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से गद्दारी कर मोदी का चरण रज ले बैठे और उपमुख्यमंत्री बन गए। अन्य भ्रष्ट मंत्री पद की शपथ ले लिए। बिना रीढ़ के नेता ही मोदी के सामने दंडवत करने लगते हैं। क्योंकि मोदी खुद बिना रीढ़ के हो चुके हैं। जिनमें स्वाभिमान शेष है,  झुकना नहीं चाहेंगे वे ही जेल जाएंगे।

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    गुजरात, महाराष्ट्र,
    महाराष्ट्र वोटिंग की फाइल तस्वीर

    गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग..

    लेकिन देश में दूसरे नंबर के सांसद देने वाले महाराष्ट्र के नागरिकों का मराठी माणूस जाग चुका है। मराठी बनाम गुजराती का भाव बढ़ रहा है। तत्कालीन रूप से भले ही मोदी की कूटनीति जीत रही हो, लेकिन जब लोकसभा और विधानसभा के चुनाव होंगे तो मोदी के सिपहसालार जो सीएम, डिप्टी सीएम और मंत्री बन चुके हैं उन्हें और उनके भ्रष्ट गद्दार साथियों को मराठी माणूस उनकी जमानत जब्त कराकर शिक्षा देंगे।

    जिस्म का कारोबार और शिवसेना का नेता! अड्डे पर मिलीं 44 लड़कियां

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    इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव में छः से ज्यादा सीटें बीजेपी को मिलने वाली नहीं है और न हीं महाराष्ट्र में कभी बीजेपी की सरकार ही बनने देंगे मराठी माणूस। गुजरात बनाम महाराष्ट्र की जंग शुरू हो गई है। जिस तरह एक मई को महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर मुंबई को लेकर मराठी माणूस का स्वाभिमान जागा था। वैसे ही आज भी जाग चुका है और एक बार फिर गुजरात की हार सुनिश्चित है।

  • गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    गुजरात मोडल और मोदी का डूबता सूरज

    • प्रचार तंत्र के आधार पर मोदी की गढ़ी गई छवि।
    • भोली भाली जनता ने मान लिया अपना नायक।
    • झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    कृत्रिम चमक वाले वास्तविकता से रहित, हिंसा अन्याय अत्याचार से पूर्ण गुजरात मॉडल, जो सदियों से विश्व व्यापार में अपना अहम स्थान बना चुका था। जिसमें मोदी का कोई हाथ नहीं था। उस धनी, व्यापारिक गुजरात को मोदी द्वारा निर्मित बताकर प्रायोजित किया गया था।
    गुजरात मॉडल से 2014 में उसी को गुजरात मॉडल बताकर पीएम उम्मीदवार बनाया गया था।

    Indian fasttrack news
    मोदी,
    गुजरात मॉडल के सवालों पर मोदी की एडिट तस्वीर

    प्रचार तंत्र के आधार पर गढ़ी गई छवि, जिनका नाम तक देश पहले नहीं जानता था, मोदी को भोली भाली जनता ने अपना नायक मान लिया। बीजेपी भारी बहुमत से जीती कांग्रेस के कथित वंशवाद से भारत मुक्त करने के नारे देकर कांग्रेसी घोटालों को बहु प्रचारित कर जीतकर केंद्र में मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी। राममंदिर का मुद्दा, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का मुद्दा फिर सबका साथ सबका विकास नारे में सबका विश्वास पर जनता ने मोदी को सिर माथे पर बिठाया। नतीजा हुआ कि बीजेपी पूरे देश में हर चुनाव चाहे विधानसभा हो या लोकसभा जीतती चली गई।

    मोदी का डूबता सूरज.

    भले बेरोजगारी को चुनावी मुद्दा बनाने, दो करोड़ लोगों को प्रति वर्ष रोजगार देने जैसे दर्जनों वादों में से कोई भी पूरा नहीं किया। धीरे- धीरे यह बात जनता को पता चलती गई जिसका परिणाम हुआ एक भी चुनाव विधानसभा का जीत पाने की स्थिति में नहीं हैं मोदी। सर्वे में लोकसभा में सरकार बनने के आसार भी धूमिल हो गए हैं।

    झूठ पर झूठ से जनता ऊब चुकी है और अब जनमानस अब मोदी को हटाने का मन बना कर अपने मन की बात सुनाना चाहती है जिसे कभी मोदी को सुनना गंवारा ही नहीं ।
    आर एस एस को चिंता में डाल दिया है। अब वह मोदी का विकल्प ढूंढ रही है। ऐसा क्यों हुआ? सोचना मोदी को है।

  • Vistara Airlines में Hijack की खबर यात्री हुआ गिरफ्तार।

    Vistara Airlines में Hijack की खबर यात्री हुआ गिरफ्तार।

    मुंबई से दिल्ली जाने वाली Vistara Airlines की फ्लाइट मे एक यात्री ने फोन पर Hijack से संबंधित बात की। शिकायत पर सहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

    इस्माईल शेख
    मुंबई- विस्तार एयरलाइन (Vistara Airlines) के विमान (Flight) में चालक दल के एक सदस्य ने एक यात्री को फोन पर ‘हाईजैक’ (Hijack) के बारे में बात करते हुए सुना जिसके बाद मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना गुरुवार रात को यहां छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुई।

    पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “दिल्ली जाने वाली विस्तार एयरलाइन की उड़ान के चालक दल के एक सदस्य ने यात्री को अपने फोन पर विमान ‘हाईजैक’ के बारे में बात करते सुना था। चालक दल के सदस्य ने तुरंत अधिकारियों को सूचित किया और पुलिस को भी इसकी सूचना मिली।”

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    Vistara Airlines में Hijack की खबर.

    Vistara Airlines, Hijack,
    मुंबई पुलिस बंदोबस्त की फाइल तस्वीर

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान रितेश संजयकुकर जुनेजा के रूप में हुई है। यह व्यक्ति विस्तारा एयरलाइंस (Vistara Airlines) की फ्लाइट में सवार था। सहार पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय गोविलकर ने जानकारी देते हुए बताया, कि “यात्री मानसिक रूप से अस्थिर है और 2021 से उसका उपचार चल रहा है।”

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    उन्होंने कहा, कि यात्री के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 336 (लापरवाही या गलत इरादे से लोगों के जीवन या व्यक्ति अथवा अन्य की सुरक्षा को खतरे में डालना) और 505(2) (जो अफवाहें फैलाने या चिंताजनक समाचार फैलाने जैसे अपराधों से संबंधित) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। मामले की अभी और अधिक तहकीकात सहार पुलिस कर रही है।

  • मणिपुर में सैकड़ों हत्या की जा चुकी है निरपराध लोगों की

    मणिपुर में सैकड़ों हत्या की जा चुकी है निरपराध लोगों की

    • लापता मोदी के लगे पोस्टर्स..
    • दंगो से बचने के लिए तमाम समुदाय के लोगों ने पड़ोसी राज्यों में शरण ली।
    • गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं।
    • अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?
    • चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए।
    • देश के भीतर हिंसा को रोकना सरकार का दायित्व।
    • बीजेपी नेताओं को खुद, अब केंद्र की डबल इंजन की सरकार पर भरोसा नहीं।
    • पीएम मोदी का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    बड़ी गजब की खबर है। जैसे रोम जल रहा था, तो वहां का राजा नीरो बंशी बजाने में तल्लीन था। कुछ हालत ठीक वैसे ही हमारे देश में है। मणिपुर महीने भर से सांप्रदायिक हिंसा से ग्रस्त है। लगभग तीन सौ गांव अग्नि की भेंट चढ़ चुके हैं। सैकड़ों निरपराध लोगों की हत्या की जा चुकी है। हजारों घायल हैं। तमाम समुदाय दंगों से बचने के लिए पड़ोसी राज्यों में शरण ली है। मणिपुर सरकार के हाथ पांव फूल रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री के पास सामुदायिक दंगे खत्म करने का कोई उपाय नहीं सूझ रहा है। आर्मी और पुलिस पर हमले हो रहे हैं।

    अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी?

    आर्मी के एक अधिकारी ने केंद्र सरकार को चेताया है। लेकिन मणिपुर को जलता छोड़ मोदी अमेरिका राजभोज में शामिल होने पहुंच गए हैं। अमेरिका जाने से पहले ही दो बिलियन अमेरिकी डॉलर्स के ड्रोन खरीदने का सौदा पक्का कर चुके हैं। कारण बताया जाता है, देश की सुरक्षा के लिए हथियार खरीदना ज़रूरी है। देश पर 155 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज है। यानी हर भारतीय एक लाख के कर्ज में है। 140 करोड़ में गिरवी रख दी गई है जनता।

    https://indian-fasttrack.com/2023/06/17/leaders-of-politics-like-nitish-kumar-sharad-yadav-lalu-yadav-mulayam-singh-yadav-emerged-in-the-jaiprakash-movement
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    मणिपुर, लापता मोदी,
    मणिपुर आगजनी की तस्वीर

    आजादी के बाद से 2014 तक भारत पर कुल विदेशी कर्ज मात्र 55 लाख डॉलर्स था। मोदी सीएम थे तब मन मोहन सिंह द्वारा लिए गए विदेशी कर्ज की बड़ी आलोचना की थी। उनके पीएम बनने से पूर्व 65 साल में 55 लाख डॉलर्स का कर्ज था। जिसकी आलोचना ही नहीं खिल्ली उड़ाने वाले मोदी ने मात्र 9 वर्षो में 100 लाख करोड़ का विदेशी कर्ज ले लिए जिसे कथित रूप से मुफ्त अनाज बांटने, किसान सम्मान निधि देने, पीएम आवास योजना और उज्वला योजना में मुफ्त सिलेंडर बांटने जिन्हे फिर कभी रीफिल कराया ही नहीं जाता।

    ऋण लेकर घी पीना शायद इसे ही कहते हैं।विदेशी ऋण केवल ऐसे उपयोग के लिए लिये  जाते हैं जिनसे राष्ट्र को आय हो लेकिन जब सवाल अपनी छवि बनाने की हो तो क्या कहा जाए?
    अमेरिकी ड्रोन से किसकी रक्षा होगी? चीन ने भारतीय भूभाग में सैकड़ों गांव बसा लिए है। पाकिस्तान आंखें तरेर रहा है। चीन के खिलाफ एक शब्द बोल नहीं सकते।

    मणिपुर भाजपा ने लगाए ‘लापता मोदी’ के पोस्टर्स..

    सरकार का दायित्व है कि देश के भीतर हिंसा को रोकना जरूरी है। यहां तो हिंसाग्रस्त मणिपुर छोड़कर पीएम दावत खाने पहुंच गए। मणिपुर की चिंता नहीं। वहां की सरकार में शामिल मंत्रियों की फिक्र नहीं। हिंसाग्रस्त मणिपुर का तीन गुट मोदी से मिलने आया।चिट्ठी भी लिखी गई। मणिपुर भाजपा में भगदड़ मची हुई है। मंत्री के घर फूंके गए हैं। बीजेपी के नेताओं को खुद अब केंद्र की डबल इंजिन सरकार पर भरोसा नहीं है। मणिपुर के बीजेपी नेताओं ने राज्यभर में मोदी मिसिंग के पोस्टर चिपकाए हैं।

    स्थानीय पुलिस और आर्मी में झड़प की खबर है। अरुणाचल प्रदेश जिसका भूभाग कब्जे में लेकर चीन ने सौ गांव बसा लिए हैं। उसके बाद भी मणिपुर दंगाग्रस्त राज्य बेहद ज़रूरी है शांति स्थापना के लिए। लेकिन पीएम लापता, गृहमंत्री मौन। मौन तो मोदी भी हैं। एक शब्द तक नहीं बोले। मणिपुर का नाम लेने से उसी तरह बचते रहे हैं जैसे महिला पहलवानों के यौन शोषण के खिलाफ धरना देने से उपजी स्थिति के संदर्भ में भी एक शब्द नहीं बोले जिससे यह संदेश विश्व भर में गया, कि मोदी का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा एकदम खोखला है।

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    देश की आर्थिक स्थिति डांवाडोल है। मंहगाई चरम सीमा पार कर गई है। टैक्स मनमाना, पेनाल्टी मनमानी लगाई जा रही। सच तो यह है कि देश चलाना, हिंसा रोकना मोदी सरकार के बूते का नहीं। अब मणिपुर वाले पूछ रहे हैं कि हम देश के नागरिक हैं या नहीं? वोटर हैं या नहीं? जिसका जवाब बीजेपी के किसी भी नेता के पास नहीं है।

  • भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    भाजपा मंत्री, बीजेपी सचिव के घर की आगजनी, बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा

    • मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।
    • दरअसल झूठ की भी अपनी हद होती है।
    • पीएम की छवि विदेशों में भी धूमिल।
    • मैती समुदाय को आरक्षण देना गुजरात लॉबी का वादा।
    • मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में..
    • कुकी, नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति होगी अत्यंत भयंकर।
    • गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के सांसद, मंत्री चुप।
    • आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मणिपुर की हिंसा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के हाथ पांव फूला देने के लिए काफी है। पीएम नरेंद्र मोदी मणिपुर जलता छोड़ विदेश चले गए। जो उन्हें देश की नहीं अपनी छवि बनाने की चिंता है। लेकिन छवि बनाते-बनाते कब मटिया मेट हो गई पता नहीं चला। दरअसल झूठ की भी हद होती है। महिला पहलवान अब उनकी और देश की बेटियां नहीं रही। वे अपने बाहुबली आरोपी सांसद को बचाने में लगे रहे इसी बीच विदेशों में भी उनकी छवि धूमिल हो गई।

    ये राहुल गांधी हैं कि अमेरिका में जाकर मोदी की यात्रा के पहले सारा गुड गोबर कर दिए। बीजेपी की ऐसी तैसी कर दी। दूसरी तरफ गुजरात लॉबी द्वारा महिला पहलवानों की उपेक्षा से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और माफियाओं बलात्कारियों को मटियामेट करने का एलान करने वाले यूपी से सीएम योगी आदित्यनाथ की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। उन्हे लगता है गुजरात लॉबी बीजेपी का सत्यानाश कर देगी।

    बाहुबली को पीएम, गृहमंत्री द्वारा दिल्ली पुलिस द्वारा नाबालिग पहलवान के यौनशोषण मामले में क्लीन चिट देकर पॉक्सो कानून से हटाने का असर देश की आधी आबादी यानी महिलाओं पर पड़ेगा। यदि उन्होंने बीजेपी को वोट नहीं दिया तो बीजेपी को खत्म होने से कोई रोक नहीं पाएगा।

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    मणिपुर, अमित शाह,
    मणिपुर आगजनी की तस्वीर

    गुजरात लॉबी का वादा..

    मणिपुर हिंसा बीजेपी की ही बोई गई है। मैती समुदाय को आरक्षण देने का वादा गुजरात लॉबी का था। तो मणिपुर हिंसा आगजनी का श्रेय भी इन्ही के माथे जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर दौरा कर चुके हैं। लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ। बीजेपी मंत्री एवं बीजेपी सचिव के घर की आगजनी बीजेपी के वादे से मुकरने का नतीजा है। आरक्षण का पेच कुछ इस तरह फंस गया है, कि अमित शाह के सम्मुख एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। अगर बीजेपी मैती समुदाय को आरक्षण देती है तो यह कुकी, नगा और अन्य आदिवासियों के लिए निर्धारित कोटे में से दिया जाएगा जिसे ये अपने हक पर डाका डालना समझेंगे।

    मणिपुर घटना में अमित शाह लाचार।

    अभी तो मैती समुदाय आक्रामक भूमिका में है। कल कुकी नगा और आदिवासी उतर गए तो स्थिति अत्यंत भयंकर होगी। गृहयुद्ध भीषण रूप से फैलेगा। अमित शाह को शायद इसी बात की चिंता हो। उनकी समझ में नहीं आ रहा, कि करें तो क्या करें? मणिपुर हिंसा की आग में जल रहा है। जिसमे खुद अब बीजेपी के घर भी जद में आ गए हैं। अमित शाह के बूते का नहीं रहा मणिपुर। पीएम तो विदेश यात्रा के द्वारा अपनी नष्ट हो चुकी छवि को सुधारने में लगे हैं।

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    आरएसएस के सामने अब नही तो कभी नहीं की विकट स्थिति।

    आश्चर्य नहीं होगा कि आज गुजरात लॉबी की तानाशाही के भय से बीजेपी के जो सांसद, मंत्री चुप हैं। मूक दर्शक बने हुए हैं कल सारे के सारे गुजरात लॉबी के विरुद्ध उठ खड़े हों। आसार तो यही नजर आते है, कि बीजेपी आत्मघात के रास्ते पर बहुत आगे निकल गई है जहां से लौटना असंभव है। आरएसएस के सामने अब नहीं तो कभी नहीं की विकट स्थिति आ खड़ी हुई है। देखना मजेदार होगा कि क्या आरएसएस गुजरात लॉबी को बीजेपी से अलग-थलग करेगी या बीजेपी को नष्ट होने देती है।