Category: Jobs & Education

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  • मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई में एग्जाम पेपर लीक, फर्जी पहचान पत्र देकर छात्र को परीक्षा में बैठाने का आरोप

    मुंबई के बोरीवली में एग्जाम पेपर लीक का मामला सामने आया है। एक ट्यूशन टीचर ने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान से गणित की परीक्षा में बैठाया। पुलिस ने FIR दर्ज की है।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में परीक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक सामने आई है। बोरीवली की एक ट्यूशन टीचर पर आरोप है कि उसने 14 साल के छात्र को फर्जी पहचान के साथ परीक्षा में बैठाया और उससे गणित का प्रश्नपत्र लीक करवाया। मामला सामने आने के बाद बोरीवली पुलिस ने टीचर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    📚 किस परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा?

    यह मामला एक प्रतिष्ठित मैथ्स फोरम द्वारा आयोजित की जाने वाली मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम से जुड़ा है।
    यह परीक्षा हर साल
    👉 कक्षा 5, 7 और 8 के छात्रों के लिए आयोजित की जाती है।

    परीक्षा के लिए:

    • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है
    • फीस जमा करनी होती है
    • उम्मीदवार को हॉल टिकट दिया जाता है

    🏫 गोराई परीक्षा केंद्र पर कैसे खुला राज?

    रविवार को बोरीवली के गोराई स्थित परीक्षा केंद्र पर

    • दोपहर 12 से 2 बजे तक परीक्षा थी
    • चार कमरों में 139 छात्र परीक्षा दे रहे थे

    करीब 1:30 बजे एक कमरे के सुपरवाइजर को
    👉 एक छात्र की हरकतें संदिग्ध लगीं
    👉 वह बार-बार प्रश्नपत्र लेकर वॉशरूम जा रहा था

    तलाशी लेने पर:

    • छात्र के पास मोबाइल फोन मिला
    • मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप पर दोपहर 12 बजे से प्रश्नपत्र भेजे जा रहे थे

    📱 “राखी बहन” को भेज रहा था पेपर!

    फोन चेक करने पर छात्र ने दावा किया कि
    👉 वह प्रश्नपत्र अपनी “राखी बहन” को भेज रहा है

    लेकिन जब उसकी जानकारी ली गई तो:

    • हॉल टिकट पर नाम फर्जी निकला
    • माता-पिता के फोन नंबर गलत थे
    • स्कूल का नाम भी झूठा बताया
    • जन्मतिथि बताने से इनकार कर दिया

    इसके बाद केंद्र के प्रिंसिपल छात्र को लेकर सीधे बोरीवली पुलिस स्टेशन पहुंचे।

    👩‍🏫 पुलिस स्टेशन पहुंची ‘मां’, निकली ट्यूशन टीचर

    पुलिस स्टेशन में एक महिला पहुंची और
    👉 खुद को छात्र की मां बताने लगी

    लेकिन जब पुलिस ने

    • आधार कार्ड या पहचान पत्र मांगा
      तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सकी।

    जांच में खुलासा हुआ कि:

    • छात्र मालाड के एक स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता है
    • महिला उसकी ट्यूशन टीचर है
    • वह गणित और अंग्रेजी पढ़ाती थी

    🚔 टीचर ने रची पूरी साजिश

    पुलिस के मुताबिक:
    👉 ट्यूशन टीचर ने ही छात्र को
    👉 फर्जी पहचान से परीक्षा में बैठने को कहा
    👉 और प्रश्नपत्र बाहर भेजने की योजना बनाई

    चौंकाने वाली बात यह है कि
    ❗ छात्र के माता-पिता को इस पूरे मामले की कोई जानकारी नहीं थी

    ⚖️ पुलिस की कार्रवाई

    बोरीवली पुलिस ने

    • परीक्षा में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है
    • मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है
    • व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड की जांच जारी है

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि
    👉 क्या पहले भी इस तरह से परीक्षा में धांधली की गई है।

    ⚠️ शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

    इस घटना ने

    • परीक्षा केंद्र की सुरक्षा
    • पहचान जांच की प्रक्रिया
      पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि
    👉 ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई
    👉 और तकनीकी निगरानी जरूरी है।


    ❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. मामला कहां का है?
    👉 मुंबई के बोरीवली इलाके का।

    Q2. छात्र की उम्र कितनी है?
    👉 14 साल।

    Q3. किस परीक्षा का पेपर लीक हुआ?
    👉 मैथ्स प्रॉफिशिएंसी एग्जाम।

    Q4. आरोपी कौन है?
    👉 छात्र की ट्यूशन टीचर।

  • WordCamp Bhopal 2025: सेंट्रल इंडिया में WordPress कम्युनिटी का सबसे बड़ा टेक इवेंट

    WordCamp Bhopal 2025: सेंट्रल इंडिया में WordPress कम्युनिटी का सबसे बड़ा टेक इवेंट

    WordCamp Bhopal 2025 भोपाल में आयोजित होने वाला सेंट्रल इंडिया का प्रमुख WordPress सम्मेलन है, जहां 400+ डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स और डिजिटल प्रोफेशनल्स एक मंच पर जुटेंगे।

    मध्यप्रदेश: सेंट्रल इंडिया के टेक इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी खबर है। WordCamp Bhopal 2025 इस साल भोपाल में आयोजित होने जा रहा है, जो WordPress कम्युनिटी के लिए एक खास और बहुप्रतीक्षित इवेंट माना जा रहा है। यह एक volunteer-driven WordPress conference है, जहां टेक्नोलॉजी, ओपन-सोर्स और कम्युनिटी की ताकत एक ही मंच पर देखने को मिलेगी।

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    इस साल के WordCamp Bhopal में 400 से ज्यादा प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, ब्लॉगर, स्टार्टअप फाउंडर्स, डिजिटल एंटरप्रेन्योर और WordPress के शौकीन लोग शामिल होंगे।

    🌐 WordPress: दुनिया का सबसे लोकप्रिय CMS

    WordPress आज दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला open-source content management system है, जो लाखों वेबसाइट्स को पावर करता है। ब्लॉगिंग से लेकर बड़े कॉर्पोरेट पोर्टल, ई-कॉमर्स साइट्स और सरकारी वेबसाइट्स तक — WordPress हर जगह मौजूद है।

    WordCamp जैसे इवेंट्स इसी ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म की ताकत और कम्युनिटी स्पिरिट को सेलिब्रेट करने के लिए आयोजित किए जाते हैं।

    👥 कौन-कौन होंगे शामिल?

    WordCamp Bhopal 2025 में हिस्सा लेने वालों में शामिल होंगे:

    • WordPress Developers
    • Web & UI/UX Designers
    • Bloggers और Content Creators
    • Digital Entrepreneurs
    • Educators और Students
    • Open-source Contributors

    यह इवेंट टेक एक्सपर्ट्स और नए सीखने वालों — दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा। यह इवेंट टेक एक्सपर्ट्स और नए सीखने वालों — दोनों के लिए फायदेमंद रहेगा। इस इवेंट को बुक करने के लिए यहां क्लिक करें — https://bhopal.wordcamp.org/

    🎤 टॉक्स, वर्कशॉप्स और नेटवर्किंग का शानदार मौका

    इस सम्मेलन में inspiring talks, hands-on workshops और real-world case studies पेश की जाएंगी। WordPress सिक्योरिटी, परफॉर्मेंस, SEO, थीम और प्लगइन डेवलपमेंट जैसे अहम विषयों पर एक्सपर्ट्स अपने अनुभव साझा करेंगे।

    इसके अलावा, यह इवेंट नेटवर्किंग के लिहाज से भी बेहद खास है, जहां लोग इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से सीधे जुड़ सकते हैं।

    🌱 भोपाल की बढ़ती WordPress कम्युनिटी

    भोपाल की WordPress कम्युनिटी पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है। WordCamp Bhopal 2025 इसी बढ़ती हुई कम्युनिटी की ताकत को दिखाता है। यह इवेंट पूरी तरह inclusive और welcoming atmosphere में आयोजित किया जाएगा, जहां हर किसी को सीखने और जुड़ने का मौका मिलेगा।

    🚀 सेंट्रल इंडिया के टेक इकोसिस्टम को मिलेगा फायदा

    WordCamp Bhopal 2025 सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि सेंट्रल इंडिया के डिजिटल और टेक इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने का एक मजबूत कदम है। इससे नए स्टार्टअप्स, फ्रीलांसर्स और टेक टैलेंट को पहचान मिलेगी।


    ❓ FAQ Section

    Q1. WordCamp Bhopal 2025 क्या है?
    ➡️ यह एक WordPress-focused टेक कॉन्फ्रेंस है, जो भोपाल में आयोजित होगी।

    Q2. इसमें कितने लोग शामिल होंगे?
    ➡️ लगभग 400+ प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।

    Q3. यह इवेंट किसके लिए है?
    ➡️ डेवलपर्स, डिज़ाइनर्स, ब्लॉगर, एंटरप्रेन्योर और WordPress यूजर्स के लिए।

    Q4. WordCamp क्यों खास होता है?
    ➡️ क्योंकि यह पूरी तरह कम्युनिटी-ड्रिवन और ओपन-सोर्स स्पिरिट पर आधारित होता है।

  • मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड में स्कूल विवाद: बच्चों को क्लासरूम की जगह हो रही है गलियारे में पढ़ाई

    मालाड पूर्व के स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में ट्रस्टी विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए। छात्रों को चार दिनों से स्कूल की गैलरी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। अभिभावक और शिक्षक नाराज़, प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग।

    मुंबई: मालाड पूर्व में स्थित स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल में छात्रों को बीते चार दिनों से क्लासरूम के बजाय गलियारे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। बताया जा रहा है कि स्कूल के दो ट्रस्टियों के बीच विवाद बढ़ने के बाद कुछ क्लासरूम को ताला लगा दिया गया, जिसके कारण सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इस घटना से अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों में भारी नाराज़गी है।

    🏫 क्या है पूरा मामला?

    स्वामी विवेकानंद हाईस्कूल, आप्पा पाड़ा (मालाड पूर्व) के दो ट्रस्टियों के बीच पिछले कुछ दिनों से कब्जे और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद बढ़ते-बढ़ते इतना गंभीर हो गया कि एक ट्रस्टी ने स्कूल के कई क्लासरूम पर ताले जड़ दिए

    इसके बाद स्कूल के पास कोई विकल्प न बचने के कारण कई कक्षाओं के छात्रों को खुले गलियारे, मेन हॉल और खुले प्रांगण में बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।

    👨‍👩‍👧‍👦 छात्रों और अभिभावकों की परेशानी

    अभिभावक संघ का कहना है कि—

    “बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं, न कि बदइंतज़ामी झेलने के लिए। यह स्कूल है या राजनीतिक अखाड़ा?”

    छात्रों का कहना है कि गलियारे में—

    • शोर होता है
    • ठंडी हवा लगती है
    • बैठने की व्यवस्था खराब है
    • ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो रहा है

    परीक्षाओं का समय क़रीब होने के कारण यह स्थिति उनकी पढ़ाई को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है।

    🧑‍🏫 शिक्षक और प्रिंसिपल ने प्रशासन को बुलाया

    शिक्षकों और स्कूल प्रशासन ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्कूल प्रिंसिपल ने कहा—

    “हमारा उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सुरक्षित रखना है, लेकिन ट्रस्टी विवाद के चलते हालात हाथ से बाहर हो रहे हैं।”

    ⚖️ मामला अब कहाँ पर है?

    सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्टी विवाद की शिकायत चैरिटी कमिश्नर कार्यालय में पहले से लंबित है।

    अब इस नई स्थिति को देखते हुए कमिश्नर ऑफिस को आपात बैठक बुलानी पड़ सकती है।

    🌐 सोशल मीडिया पर गरमा गया मुद्दा

    यह खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही कई स्थानीय लोग, पालक मंडल और राजनीतिक संगठन स्कूल के बाहर इकठ्ठा हुए।
    लोगों का कहना है—

    “शिक्षा बच्चों का अधिकार है, ट्रस्टियों का अहंकार नहीं।”


    ❓ FAQ सेक्शन

    प्रश्नउत्तर
    क्या स्कूल ने आधिकारिक नोटिस जारी किया है?अभी तक किसी आधिकारिक नोटिस की जानकारी सामने नहीं आई है।
    बच्चों को गलियारे में क्यों पढ़ाया जा रहा है?ट्रस्टियों के विवाद के चलते कई क्लासरूम बंद कर दिए गए हैं।
    क्या शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की?अब तक विभाग की ओर से जांच शुरू होने की संभावना जताई गई है।
    क्या स्कूल बंद कराया जा सकता है?अगर स्थिति नहीं सुधरी तो प्रशासन अस्थायी बंदिश लगा सकता है।
  • गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    गोरेगांव कॉलेज में हिजाब विवाद, 3 छात्रों पर FIR दर्ज, कॉलेज बोला — हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं

    मुंबई के गोरेगांव स्थित विवेक कॉलेज में कथित हिजाब प्रतिबंध को लेकर छात्रों और AIMIM कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन। कॉलेज प्रशासन ने जारी किया लिखित स्पष्टीकरण—”हिजाब पर कोई पाबंदी नहीं”। पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर तीन छात्रों पर FIR दर्ज की।

    मुंबई: गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक विद्याालय एंड जूनियर कॉलेज में हिजाब को लेकर विवाद ने गुरुवार को तूल पकड़ लिया। कुछ छात्राओं और AIMIM मुंबई यूनिट के सदस्यों ने कॉलेज प्रशासन पर हिजाब पहनने पर रोक लगाने का आरोप लगाते हुए कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। मामला बढ़ने पर पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ बिना अनुमति प्रदर्शन और सरकारी आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में FIR दर्ज की। वहीं कॉलेज प्रबंधन ने लिखित बयान जारी कर स्पष्ट किया कि हिजाब पहनने पर कोई रोक नहीं है और पूरा मामला “गलतफहमी” के कारण हुआ।

    🎓 कैसे शुरू हुआ विवाद?

    सूत्रों के मुताबिक, कुछ छात्राओं ने AIMIM से शिकायत की कि कॉलेज में उन्हें कक्षा में प्रवेश करने से पहले हिजाब उतारने के लिए कहा गया। छात्राओं ने इसे धार्मिक आस्था का उल्लंघन बताते हुए आपत्ति जताई।

    इसके बाद AIMIM मुंबई अध्यक्ष फ़ारूक मक़बूल शबदी छात्रों के साथ कॉलेज आए और उन्होंने कॉलेज गेट पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया।

    🏫 कॉलेज प्रबंधन का स्पष्टीकरण

    विवाद बढ़ता देख कॉलेज की प्रिंसिपल शीजा मेनन ने लिखित बयान जारी करते हुए कहा:

    “हमारे संस्थान में छात्राओं के हिजाब पहनने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। ऐसा कोई आदेश कॉलेज की तरफ से जारी नहीं किया गया है। शायद कुछ गलतफहमी के कारण यह विवाद खड़ा हुआ, जिसकी आवश्यकता नहीं थी।”

    कॉलेज प्रशासन ने यह भी कहा कि वे विविध समुदायों का सम्मान करते हैं और संस्थान में सभी छात्रों के लिए समान और सुरक्षित माहौल बनाए रखना उनका उद्देश्य है।

    👮 पुलिस की कार्रवाई

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    गोरेगांव पुलिस स्टेशन ने बताया कि प्रदर्शन बिना अनुमति के किया गया था, इसलिए तीन छात्रों के खिलाफ BNSS की धारा 35(3) के तहत FIR दर्ज की गई। हालांकि किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

    बाद में पुलिस स्टेशन में बैठक हुई, जिसमें:

    • प्रबंधन का लिखित स्पष्टीकरण पढ़ा गया
    • AIMIM प्रतिनिधियों और छात्राओं को जानकारी दी गई
    • सभी पक्ष सहमत हुए कि मामला समझौते के साथ शांतिपूर्वक समाप्त किया जाए

    पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में कोई तनाव या सांप्रदायिक असहमति नहीं है

    🧾 राजनीतिक प्रतिक्रिया

    विवाद की जानकारी मिलते ही पूर्व बीजेपी पार्षद ज्ञानमूर्ति शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे। पुलिस ने उन्हें स्थिति समझाई, जिसके बाद वे वापस लौट गए।

    📍 सोशल मीडिया में बहस

    यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा। कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसे “धार्मिक आज़ादी का मामला” बताया, जबकि कुछ ने छात्रों द्वारा बिना परमिशन प्रदर्शन करने पर सवाल उठाए।

    जमीनी हकीकत

    जबकि प्रदर्शन से पहले जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ वीडियो सामने आया। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई दी। कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    1 दिसंबर को एआईएमआईएम की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी स्थित गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक, “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।” इसके बाद कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नही किया गया। उसके बाद ही छात्रों ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया।


    FAQs

    Q1: विवाद किस कॉलेज में हुआ?
    ➡ गोरेगांव वेस्ट स्थित विवेक कॉलेज में।

    Q2: FIR क्यों दर्ज की गई?
    ➡ बिना अनुमति प्रदर्शन करने और सरकारी आदेश की अवहेलना के आरोप में।

    Q3: क्या कॉलेज ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था?
    ➡ कॉलेज ने लिखित में स्पष्ट किया—हिजाब पर कोई प्रतिबंध नहीं।

    Q4: क्या किसी को गिरफ्तार किया गया है?
    ➡ नहीं, सिर्फ नोटिस देकर मामला शांतिपूर्वक सुलझाया गया।

    Q5: प्रदर्शन कौन आयोजित कर रहा था?
    ➡ AIMIM कार्यकर्ताओं और कुछ छात्राओं ने भाग लिया।

  • मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    मुंबई के कॉलेज में बुर्का बैन पर हंगामा

    गोरगांव के विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षा के अंदर बुर्का पहनने पर पाबंदी लगाने के फैसले के बाद छात्रों ने कड़ा विरोध जताया। AIMIM की मदद के बाद मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा।

    मुंबई: गोरगांव स्थित विवेक विद्यालय जूनियर कॉलेज में कक्षाओं के अंदर बुर्का पहनने पर नया नियम लागू होने के बाद विवाद बढ़ गया है। पहले जहां इस कॉलेज में बुर्का पहनकर कक्षाओं में प्रवेश की अनुमति थी, वहीं अब अचानक इस ड्रेस कोड में बदलाव किया गया है। इस निर्णय के खिलाफ कई छात्राओं ने आपत्ति जताई है और विरोध के लिए आवाज भी उठाई है।

    🔹 विरोध क्यों शुरू हुआ?

    कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी नए नियमों के अनुसार अब छात्राएं क्लास रुम के अंदर बुर्का नहीं पहन सकेंगी। प्रशासन का कहना है कि किसी भी धार्मिक पहचान को दर्शाने वाली पोशाक कॉलेज के माहौल और ड्रेस कोड के खिलाफ है। हालांकि, हिजाब और सिर पर दुपट्टा पहनने की अनुमति अब भी जारी है।

    कुछ छात्राओं ने बताया कि उन्हें कॉलेज आने पर पहले बुर्का उतारना पड़ता है और क्लास खत्म होने के बाद फिर से पहनना पड़ता है। इससे वे खुद को असहज और असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

    🔹 वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ा

    स्थानीय न्यूज़ पोर्टल द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें बुर्का पहनकर कॉलेज पहुंची छात्राओं को गेट पर रोका जाता हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में छात्राओं और कॉलेज प्रशासन के बीच बहस होती भी दिखाई देती है।

    कुछ छात्राओं का दावा है कि जब उन्होंने इस नियम पर सवाल उठाया, तो कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि अगर नियम पसंद नहीं है, तो प्रवेश रद्द करा दें।

    🔹 मामला अब पुलिस स्टेशन पहुंचा

    1 दिसंबर को AIMIM की एडवोकेट जाहानारा शेख के साथ कई छात्राएं गोरगांव वेस्ट के टीन डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचीं और शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कॉलेज की प्रिंसिपल को बातचीत के लिए थाने बुलाया गया।

    एडवोकेट जाहानारा शेख के मुताबिक:

    “हमने नियम वापस लेने की मांग रखी है, लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि वह प्रबंधन से बात करने के बाद ही फैसला लेंगी।”

    इस मामले पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    🔹 सिर्फ जूनियर कॉलेज सेक्शन को नियम लागू

    ध्यान देने योग्य बात यह है कि बुर्का बैन का यह नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है, जबकि सीनियर कॉलेज की छात्राओं पर इसका कोई असर नहीं होगा।
    इससे छात्रों और अभिभावकों के बीच और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।

    🔍 इस फैसले पर सामाजिक बहस

    मुंबई में सामान्य तौर पर कॉलेज ड्रेस कोड जींस, शॉर्ट्स या ट्रेंडी फैंशन तक सीमित होते हैं, लेकिन धार्मिक पहचान पर प्रतिबंध का यह मामला अब ड्रेस कोड बनाम धार्मिक स्वतंत्रता की बड़ी बहस में बदल चुका है।


    ❓ FAQ सेक्शन

    1️⃣ क्या कॉलेज में पूरी तरह बुर्का पहनना बंद है?
    नहीं, कॉलेज कैंपस में आने पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध नहीं है। पाबंदी सिर्फ कक्षाओं के अंदर है।

    2️⃣ हिजाब पहनने की अनुमति है?
    हाँ, कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हिजाब और साधारण हेडस्कार्फ की अनुमति दी जाएगी।

    3️⃣ क्या मामला कानूनी स्तर पर गया है?
    फिलहाल मामला पुलिस स्टेशन पहुंचा है, पर कोई कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है।

    4️⃣ क्या नियम पूरे कॉलेज में लागू है?
    नहीं, अभी नियम सिर्फ जूनियर कॉलेज पर लागू किया गया है।

  • मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल बहाली शुरू, MSSC गार्ड्स की विदाई

    मुंबई पुलिस में नए कॉन्स्टेबलों की तैनाती शुरू होने के बाद दो साल से तैनात MSSC के 3,000 गार्ड्स को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। MSSC को 2023 में पुलिस बल की कमी के चलते शामिल किया गया था।

    मुंबई: नए कॉन्स्टेबलों की नियुक्ति मुंबई पुलिस में शुरू होते ही राज्य गृह विभाग ने महाराष्ट्र स्टेट सिक्योरिटी कॉरपोरेशन (MSSC) के 3,000 गार्ड्स को चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाने का निर्णय लिया है। जुलाई 2023 में मुंबई पुलिस में 7,000 से ज्यादा कॉन्स्टेबलों की कमी को पूरा करने के लिए MSSC गार्ड्स को अस्थायी रूप से तैनात किया गया था। अब ट्रेनिंग पूरी कर चुके नए पुलिस जवान ड्यूटी पर पहुंच रहे हैं, जिसके बाद MSSC की सेवाएं समाप्त की जा रही हैं।

    🔹 2023 में 7,000 से अधिक कॉन्स्टेबलों के पद खाली थे

    कोविड-19 महामारी और बजट संकट के कारण 2019 के बाद से कॉन्स्टेबल भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही थी। ऐसे में 2023 तक मुंबई पुलिस में 7,076 पद खाली हो गए थे, जो कुल स्वीकृत पदों का लगभग 10% था। सुरक्षा और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए MSSC के 3,000 गार्ड्स को अस्थायी आधार पर शामिल किया गया

    🔹 नए कॉन्स्टेबल फोर्स में शामिल होना शुरू — MSSC को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा

    पहला बैच 700 कॉन्स्टेबलों का हाल ही में ड्यूटी पर शामिल किया जा चुका है।
    अगले तीन बैच हर छह महीने में शामिल होंगे।
    इसी अनुरूप MSSC गार्ड्स को भी चरणबद्ध तरीके से वापस भेजा जाएगा।

    🔹 MSSC नियमित सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित, लेकिन सड़कों पर भी तैनाती हुई

    MSSC गार्ड्स मूल रूप से सरकारी कार्यालयों, मेट्रो लाइनों जैसी संरक्षित इमारतों की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित होते हैं, लेकिन मजबूरी में उन्हें शहर में ट्रैफिक नियंत्रण, चौक और संवेदनशील क्षेत्रों में भी तैनात किया गया था।

    🔹 “आउटसोर्सिंग पुलिस” विवाद भी हुआ था

    MSSC गार्ड्स की नियुक्ति पर विपक्ष ने सरकार पर
    पुलिस सेवाओं को आउटसोर्स करने” का आरोप लगाया था,
    जिससे यह मामला राजनीतिक बहस में भी बदल गया था।

    🔹 आर्थिक प्रस्ताव, अंतिम मंज़ूरी अभी बाकी

    गृह विभाग ने वित्त विभाग की उप-समिति को प्रस्ताव भेजा है —

    • 700 MSSC गार्ड्स की सेवा तुरंत समाप्त
    • बाकी 2,300 गार्ड्स को 11 महीने का विस्तार देने का प्रस्ताव

    अंतिम निर्णय गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति लेगी।


    FAQs

    प्रश्नउत्तर
    MSSC गार्ड्स कब से तैनात थे?जुलाई 2023 से, पुलिस बल की कमी पूरी करने के लिए।
    क्या सभी MSSC गार्ड्स को तुरंत हटाया जाएगा?नहीं, बैच-वाइज हटाया जाएगा, जैसे-जैसे नए कॉन्स्टेबल ज्वाइन करेंगे।
    कितने नए कॉन्स्टेबल शामिल हो रहे हैं?पहला बैच 700 शामिल हो चुका है, और कुछ महीनों में तीन बैच और आएंगे।
    MSSC गार्ड्स को वापस क्यों भेजा जा रहा है?क्योंकि अब कॉन्स्टेबल भर्ती पूरी होकर जवान ड्यूटी में आ रहे हैं।
  • एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    एनयूएचएम कर्मचारियों को सीधे BMC में शामिल करने की मांग तेज

    मुंबई में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) के 1200 कर्मचारियों ने बीएमसी में सीधी नियुक्ति की मांग उठाई। ठेकेदार पर वेतन, सुविधाओं और भत्तों में लापरवाही के आरोप।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधीन राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान (NUHM) में 2016 से काम कर रहे करीब 1200 कर्मचारियों ने ठेकेदार डी.एस. इंटरप्रायज़ेस को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल करने की मांग की है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें न वेतनवृद्धि, न पीएफ, न मेडिकल सुविधा और न ही कोरोना काल में मिला भत्ता नही दिया गया है।

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    🔹 क्या है पूरा मामला?

    महाराष्ट्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे राज्य में एनयूएचएम चलाया जाता है। मुंबई में यह सभी कर्मचारी बीएमसी के अधीन स्वास्थ्य सेवाओं में तैनात हैं।

    लेकिन दूसरी महानगरपालिकाओं की तरह सीधे नियुक्ति करने की बजाय बीएमसी ने डी.एस. इंटरप्रायज़ेस नामक ठेकेदार को जिम्मेदारी दी, जिसने निविदा के अनुसार कर्मचारी रखे।

    कर्मचारियों का कहना है कि—

    • 2016 से लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान
    • कोरोना महामारी में राउंड द क्लॉक काम
    • कम वेतन में मुंबई जैसे महंगे शहर में गुज़ारा बेहद मुश्किल
    • ठेकेदार की ओर से किसी भी प्रकार की सहयोग सुविधा नहीं
    • मासिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा खर्च पूरा करना कठिन

    🔹 सुविधाओं को लेकर गंभीर आरोप

    कर्मचारियों ने बताया कि डी.एस. इंटरप्रायज़ेस ने श्रम कानून और कॉन्ट्रैक्ट शर्तों का पालन नहीं किया।

    कर्मचारियों को नहीं मिल रही ये सुविधाएँ—

    • वेतनवृद्धि
    • प्रसूति अवकाश
    • पीएफ (Provident Fund)
    • स्वास्थ्य बीमा योजना
    • कोरोना भत्ता (विशेषकर डेटा ऑपरेटरों के लिए)

    कर्मचारियों ने कहा कि कोरोना के दौरान कई साथी बीमार हुए, फिर भी प्रशासन और ठेकेदार की ओर से न कोई आर्थिक सहायता और न ही विशेष सुविधा दी गई।

    🔹 ‘मुंबई में इतने कम वेतन में जीना मुश्किल’

    कर्मचारियों का कहना है कि मुंबई जैसे महंगे शहर में इतनी कम तनख्वाह पर परिवार चलाना लगभग नामुमकिन हो रहा है। हर महीने—

    • घर किराया
    • बच्चों की फीस
    • मेडिकल खर्च
    • रोजमर्रा का खर्च

    इन सबके बीच गुज़ारा मुश्किल होता जा रहा है।

    🔹 यूनियन की मांग— बीएमसी में सीधी नियुक्ति

    म्युनिसिपल कर्मचारी कामगार सेना द्वारा उठाई गई मुख्य मांग—

    ठेकेदार हटाकर 1200 कर्मचारियों को बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में सीधे शामिल किया जाए।

    यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों ने हमेशा ईमानदारी से काम किया है, इसलिए उन्हें स्थाई या कम से कम सीधे नगरपालिका ढांचे में शामिल किया जाना चाहिए।


    ❓ FAQ SECTION

    Q1. एनयूएचएम कर्मचारी बीएमसी से क्या मांग कर रहे हैं?

    वे चाहते हैं कि ठेकेदार को हटाकर उन्हें सीधे बीएमसी के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट में शामिल किया जाए।

    Q2. कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें क्या हैं?

    पीएफ, मेडिकल सुविधा, वेतनवृद्धि, प्रसूति अवकाश और कोरोना भत्ता जैसी मूलभूत सुविधाएँ न मिलना।

    Q3. कितने कर्मचारी इस अभियान के तहत काम करते हैं?

    करीब 1200 कर्मचारी 2016 से लगातार सेवा दे रहे हैं।

    Q4. कोरोना काल में उन्हें क्या दिक्कतें आईं?

    उन्होंने बिना रुके काम किया लेकिन कोरोना भत्ता नहीं मिला, और बीमारी के समय सहायता भी नहीं मिली।

  • मालवणी में लगेगा DIGNITY JOB FAIR 2025 — युवाओं और महिलाओं के लिए नया मौका!

    मालवणी में लगेगा DIGNITY JOB FAIR 2025 — युवाओं और महिलाओं के लिए नया मौका!

    मुंबई के मलाड (वेस्ट) में 2 नवंबर 2025 को DIGNITY JOB FAIR 2025 होने जा रहा है। सादिक पठान की पहल पर आयोजित इस जॉब फेयर में युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगों को रोजगार और ट्रेनिंग के नए अवसर मिलेंगे।

    मुंबई: मलाड (वेस्ट) के मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद ग्राउंड में इस साल का सबसे बड़ा रोजगार मेला — “DIGNITY JOB FAIR 2025 – Powering Futures” — आयोजित होने जा रहा है। स्थानीय कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री असलम शेख के जन्मदिन के शुभ अवसर पर ये पहल सादिक पठान द्वारा की गई है, जिसका मकसद है मालवनी के स्थानीय युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगों और रोजगार के लिए परेशान लोगों को रोजगार, स्किल ट्रेनिंग और कैरियर गाइडेंस के जरिए नई दिशा देना।

    💼 कब और कहाँ होगा जॉब फेयर?

    📅 तारीख: रविवार, 2 नवंबर 2025
    📍 जगह: मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद ग्राउंड,
    स्वराज बिल्डिंग के पीछे, बस डिपो के पास,
    मालवणी गेट नं. 8, मलाड (वेस्ट), मुंबई – 400095
    🕙 समय: सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक

    🎯 जॉब फेयर में क्या-क्या मिलेगा?

    • देश की टॉप कंपनियाँ और एम्प्लॉयर्स यहां मौजूद रहेंगे
    • ट्रेनिंग पार्टनर्स और कैरियर मेंटर्स से मिलने का मौका
    • ऑन-द-स्पॉट इंटरव्यू और जॉब ऑफर की संभावना
    • स्किल डेवलपमेंट और पर्सनैलिटी ग्रोथ पर सेशन
    • युवाओं और महिलाओं के लिए अलग Guidance Booths

    स्थानीय कांग्रेसी विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री असलम शेख के जन्मदिन के शुभ अवसर पर यह जॉब फेयर खासकर मिलेनियल्स, Gen-Z, जॉबसीकर्स और वर्किंग वुमन के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म बनने जा रहा है, जहां उन्हें रोजगार और आत्मविश्वास दोनों मिलेगा।

    🪪 जरूरी डाक्यूमेंट्स साथ लाना न भूलें:

    • आधार कार्ड
    • पैन कार्ड
    • अपडेटेड रेज़्यूमे (Resume)

    एंट्री बिल्कुल फ्री है, और स्पॉट रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी। साथ ही त्वरित ऑनलाइन आवेदन के लिए लिंक भी शेयर किया जा रहा है। (यहां क्लिक करें)

    🗣️ सादिक पठान बोले:

    “हम चाहते हैं कि हर युवा और हर महिला को बिना झिझक और बिना सिफारिश, इज़्जत के साथ रोजगार का अवसर मिले। Dignity Job Fair 2025 इसी सोच से शुरू किया गया है — ताकि हर टैलेंट को उसका सही प्लेटफॉर्म मिले।”

    🌠 क्यों खास है ये जॉब फेयर?

    • यह मुंबई के सबसे बड़े कम्युनिटी-ड्रिवन जॉब इवेंट्स में से एक है।
    • यहां विभिन्न सेक्टर्स — IT, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, एजुकेशन, और BPO — के जॉब्स मौजूद होंगे।
    • दिव्यांग उम्मीदवारों (PWDs) के लिए समावेशी रोजगार अवसर (Inclusive Hiring) पर खास फोकस होगा।
    • आयोजन में कैरियर काउंसलिंग ज़ोन भी होगा, जहाँ उम्मीदवार अपने स्किल्स के अनुसार जॉब प्रोफाइल चुन सकते हैं।

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. क्या एंट्री के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है?
    ➡️ नहीं, आप स्पॉट रजिस्ट्रेशन करके भी फेयर में शामिल हो सकते हैं।

    Q2. क्या कोई फीस देनी होगी?
    ➡️ नहीं, एंट्री पूरी तरह फ्री है।

    Q3. किन सेक्टर्स में जॉब्स मिलेंगी?
    ➡️ IT, कस्टमर सर्विस, हेल्थकेयर, एजुकेशन, BPO, रिटेल, और हॉस्पिटैलिटी जैसे कई सेक्टर्स में मौके मिलेंगे।

    Q4. क्या महिलाएँ और दिव्यांग उम्मीदवार भी शामिल हो सकते हैं?
    ➡️ बिल्कुल! यह इवेंट खासतौर पर महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगों के लिए ही डिजाइन किया गया है।

  • 2028 तक 500 रुपये में एयर टैक्सी का सफर संभव

    2028 तक 500 रुपये में एयर टैक्सी का सफर संभव

    पंजाब के स्टार्टअप Nalwa Aero ने स्वदेशी eVTOL एयर टैक्सी विकसित की है। यह 2028 तक दिल्ली-एनसीआर में शुरू होने की दिशा में है, 10-12 मिनट में 3 घंटे का सफर पूरा कर सकती है।

    नई दिल्ली: एनसीआर में 2028 से एयर टैक्सी सेवा शुरू हो सकती है। पंजाब के मोहाली स्थित स्टार्ट अप Nalwa Aero ने इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) एयर टैक्सी विकसित की है और Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से डिजाइन ऑर्गनाइजेशन अप्रूवल (DOA) सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया है। इन टैक्सियों से 3 घंटे के सफर को मात्र 10-12 मिनट में पूरा करना संभव होगा एवं शुरुआती किराया लगभग ₹500 रहने का अनुमान है।

    विकास-परिदृश्य

    Nalwa Aero के सीईओ Kuljeet Singh Sandhu के अनुसार, कोविड-19 के दौरान एक मित्र के मेडिकल इमरजेंसी के समय न एयर एम्बुलेंस थी न हेलीपैड। यही कारण बना कि उन्होंने ऐसी मशीन विकसित करने का विचार किया जो कहीं से कहीं वर्टिकल टेक-ऑफ कर सके।

    तकनीकी विशेषताएँ

    • यह टैक्सी 8 रोटर सिस्टम से लैस है, यदि दो फेल भी हों तो सुरक्षित लैंडिंग संभव है।
    • क्रूज स्पीड लगभग 350 किमी/घंटा है, और बैटरी मॉडल में 300 किमी या 90 मिनट की उड़ान संभव है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल मॉडल में 800 किमी तक की रेंज की योजना है।
    • रनवे की जरूरत नहीं; इमारतों की छत या छोटे वर्टिपोर्ट से टेक-ऑफ और लैंडिंग संभव होगी।

    अनुमानित सेवा एवं किराया

    Nalwa Aero ने बताया है कि शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सेवा होगी। उदाहरण-स्वरूप, Indira Gandhi International Airport (IGI) से आनंद विहार, नोएडा, गाजियाबाद या पानीपत तक सड़क से 1-3 घंटे लगते हैं, लेकिन एयर टैक्सी द्वारा यह सफर 10-12 मिनट में पूरा हो सकता है और शुरुआती किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति होगा।

    चुनौतियाँ और आगे का रास्ता

    हालाँकि DOA मिल चुका है, लेकिन व्यावसायिक उड़ान शुरू करने के लिए प्रकार प्रमाणन (type-certification), वर्टिपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग नेटवर्क, वायु-यातायात प्रबंधन तथा परिचालन लागत जैसे कई बिंदुओं पर काम बाकि है।

    भविष्य की दिशा

    Nalwa Aero ने 2028 तक इस सेवा को लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली के बाद मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे बड़े मेट्रो शहरों में भी इसे लागू करने की योजना है।


    FAQs

    Q1. एयर टैक्सी सेवा कब शुरू हो सकती है?
    A1. Nalwa Aero ने 2028 तक व्यावसायिक सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

    Q2. इस टैक्सी की उड़ान दूरी और गति क्या होगी?
    A2. बैटरी मॉडल में लगभग 300 किमी रेंज और 90 मिनट का उड़ान समय; क्रूज स्पीड लगभग 350 किमी/घंटा।

    Q3. इसमें किराया कितना रहने का अनुमान है?
    A3. शुरुआती अनुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में किराया लगभग ₹500 प्रति व्यक्ति हो सकता है।

    Q4. यह सेवा सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में होगी या अन्य शहरों में भी?
    A4. शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च की जाएगी, बाद में मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में विस्तार की योजना है।

  • RRC NER में 1104 अप्रेंटिस की भर्ती, मौका यूपी के युवाओं के लिए

    RRC NER में 1104 अप्रेंटिस की भर्ती, मौका यूपी के युवाओं के लिए

    रेलवे भर्ती सेल (RRC) नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे, गोरखपुर ने अप्रेंटिस के 1104 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। ITI पास उम्मीदवार 16 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    उत्तर प्रदेश: रेलवे में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है! नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (NER), गोरखपुर ने Act Apprentice भर्ती 2025 के लिए आवेदन मंगाए हैं। इस भर्ती में कुल 1104 पद हैं और आवेदन 16 अक्टूबर से 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन लिए जाएंगे। अगर आपने ITI किया है और रेलवे में ट्रेनिंग लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं, तो ये आपके लिए बढ़िया मौका है।

    🚉 RRC NER Apprentice Recruitment 2025: ज़रूरी जानकारी

    रेलवे भर्ती सेल (RRC) नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे की यह भर्ती अप्रेंटिस एक्ट 1961 के तहत की जा रही है।
    इस प्रोग्राम में कैंडिडेट्स को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वो रेलवे या दूसरे टेक्निकल सेक्टर्स में काम के लिए तैयार हो सकें।

    📍 पोस्ट का नाम: Act Apprentice
    📊 कुल पद: 1104
    💰 स्टाइपेंड: सरकारी अप्रेंटिस नियमों के अनुसार
    📍 लोकेशन: उत्तर प्रदेश – गोरखपुर, इज़्ज़तनगर, लखनऊ, गोंडा और वाराणसी
    📅 आवेदन शुरू: 16 अक्टूबर 2025
    📅 लास्ट डेट: 15 नवंबर 2025

    🧾 RRC NER Apprentice Vacancy 2025: कितने पद कहाँ

    यूनिट / वर्कशॉपपदों की संख्या
    मेकैनिकल वर्कशॉप, गोरखपुर390
    सिग्नल वर्कशॉप, गोरखपुर कैंट63
    ब्रिज वर्कशॉप, गोरखपुर कैंट35
    मेकैनिकल वर्कशॉप, इज़्ज़तनगर142
    डीज़ल शेड, इज़्ज़तनगर60
    कैरिज एंड वैगन, इज़्ज़तनगर64
    कैरिज एंड वैगन, लखनऊ जंक्शन149
    डीज़ल शेड, गोंडा88
    कैरिज एंड वैगन, वाराणसी73
    TRD, वाराणसी40
    कुल1104

    🎓 योग्यता और उम्र सीमा (Eligibility Criteria)

    शैक्षणिक योग्यता:

    • कैंडिडेट ने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं पास (कम से कम 50% मार्क्स) किया हो।
    • संबंधित ट्रेड में ITI सर्टिफिकेट होना ज़रूरी है।

    उम्र सीमा (Age Limit):

    • न्यूनतम उम्र: 15 साल
    • अधिकतम उम्र: 24 साल (16 अक्टूबर 2025 तक)

    आरक्षण के अनुसार छूट:

    • SC/ST: 5 साल
    • OBC: 3 साल
    • दिव्यांग (PwBD): 10 साल

    💸 सैलरी नहीं, मिलेगा ट्रेनिंग स्टाइपेंड

    ये भर्ती ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत है, इसलिए सैलरी नहीं बल्कि स्टाइपेंड दिया जाएगा।
    स्टाइपेंड की राशि सरकारी अप्रेंटिसशिप नियमों के हिसाब से तय की जाएगी।
    ये ट्रेनिंग आपके करियर के लिए बड़ी स्किल डेवलपमेंट ऑपर्च्युनिटी है — बाद में रेलवे की दूसरी भर्तियों (जैसे Group D) में फायदा भी मिल सकता है।

    🧾 सेलेक्शन प्रोसेस: बिना एग्ज़ाम, सिर्फ मेरिट से भर्ती

    • इसमें कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं होगा।
    • सेलेक्शन 10वीं और ITI के मार्क्स के औसत प्रतिशत के आधार पर किया जाएगा।
    • मेरिट लिस्ट के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा।
    • डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन गोरखपुर में होगा।

    जरूरी डॉक्यूमेंट्स:
    10वीं की मार्कशीट, ITI सर्टिफिकेट, फोटो, सिग्नेचर, कास्ट सर्टिफिकेट (अगर लागू हो), डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट आदि।

    🖥️ आवेदन कैसे करें (Apply Online Guide)

    1. RRC NER की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
    2. “Act Apprentice Recruitment 2025” लिंक पर क्लिक करें।
    3. नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें।
    4. “Apply Online” पर क्लिक करें और अपनी बेसिक डिटेल भरें।
    5. लॉगिन करें और बाकी डिटेल्स, एजुकेशन वगैरह भरें।
    6. फोटो व सिग्नेचर अपलोड करें।
    7. फीस भरें (अगर लागू हो)।
    8. सबमिट करने से पहले फॉर्म चेक करें।
    9. सबमिट करने के बाद उसका प्रिंट निकाल लें।

    📅 जरूरी डेट्स

    इवेंटतारीख
    आवेदन शुरू16 अक्टूबर 2025
    आखिरी तारीख15 नवंबर 2025
    डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशनजल्द घोषित होगी

    💳 आवेदन फीस

    कैटेगरीफीस
    General / OBC₹100
    SC / ST / PwBD / महिला उम्मीदवारकोई फीस नहीं

    ❓ FAQ सेक्शन

    Q1. RRC NER अप्रेंटिस 2025 में कितने पद हैं?
    👉 कुल 1104 पदों पर भर्ती निकली है।

    Q2. आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
    👉 15 नवंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    Q3. क्या इसमें कोई परीक्षा होगी?
    👉 नहीं, सेलेक्शन मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा।

    Q4. कौन आवेदन कर सकता है?
    👉 जिसने 10वीं और ITI पास किया हो और उम्र 15 से 24 साल के बीच हो।

    Q5. ट्रेनिंग कहाँ होगी?
    👉 गोरखपुर, इज़्ज़तनगर, लखनऊ, गोंडा और वाराणसी में विभिन्न वर्कशॉप्स में।